मुख्य सुर्खियां

गुजरात हाईकोर्ट
नीति दिशानिर्देशों की व्याख्या से जुड़े विवाद को मध्यस्थता के लिए संदर्भित किया जा सकता है: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने फैसला सुनाया है कि मामले को मध्यस्थता के लिए संदर्भित करने की याचिका को इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता है कि विवाद में नीतिगत दिशानिर्देशों की व्याख्या शामिल है।चीफ जस्टिस अरविंद कुमार की एकल पीठ ने माना कि कोई मध्यस्थता विवाद है या नहीं और क्या विवाद को तय करने के लिए मध्यस्थ न्यायाधिकरण का अधिकार क्षेत्र है, यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे मध्यस्थ स्वयं मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 16 के तहत तय कर सकता है।याचिकाकर्ता भारमल इंडेन सर्विस को...

झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 'मासूम' आदिवासी को 50 हजार रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया, डीजीपी को निर्दोषों के उत्पीड़न को रोकने का निर्देश दिया

झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने बुधवार को राज्य के पुलिस महानिदेशक को यह सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त कदम उठाने का निर्देश दिया कि निर्दोष व्यक्तियों बिना मतलब के परेशान नहीं किया जाएगा और जांच अधिकारियों की इच्छा पर उनकी स्वतंत्रता का उल्लंघन या कटौती नहीं की जाएगी।यह निर्देश जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ ने एक आदिवासी व्यक्ति को 50,000 रुपये का मुआवजा देते हुए दिया। यह पाया गया कि उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एक आरोपी बनाया गया था और उसकी ओर से बिना किसी गलती के हिरासत में...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
'कम से कम पैसा सरकार के पास आएगा': सुप्रीम कोर्ट ने उड़ीसा खनिज विकास निगम को अयस्कों के निस्तारण की अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उड़ीसा मिनरल्स डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड को ओडिशा में खदानों से लौह अयस्क को निस्तारित करने की अनुमति दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमाना, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ उड़ीसा मिनरल्स डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (बेलकुंडी आयरन ओर माइन एंड बगाइबुरु आयरन माइन्स के संबंध में) की ओर से दायर आवेदनों पर विचार कर रही थी, जिसमें अनिस्तारित पड़ी खनन सामग्री के निस्तारण की मांग की गई थी। आवेदन एनजीओ कॉमन कॉज की ओर से 2014 में दायर एक जनहित याचिका में दायर किए गए...

पटना हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार असुरक्षित गवाहों के साक्ष्य दर्ज करने के लिए दिशानिर्देश तैयार किए
पटना हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार असुरक्षित गवाहों के साक्ष्य दर्ज करने के लिए दिशानिर्देश तैयार किए

पटना हाईकोर्ट ने कमजोर गवाहों के साक्ष्य दर्ज करने के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से असुरक्षित (vulnerable) गवाहों के साक्ष्य की रिकॉर्डिंग के लिए दिशानिर्देश तैयार और अधिसूचित किए।सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्मृति तुकाराम बडाडे बनाम महाराष्ट्र राज्य और 2022 लाइव लॉ (एससी) 80 में जारी निर्देशों के आलोक में दिशानिर्देशों को अधिसूचित किया गया।स्मृति तुकाराम बाबाडे (सुप्रा) में यह देखते हुए कि "विशेष सुविधाओं की स्थापना की आवश्यकता और महत्व जो असुरक्षित गवाहों के साक्ष्य...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
'शेर के साथ लड़ाई में मेमने की रक्षा की जानी चाहिए': बॉम्बे हाईकोर्ट ने एमएसआरटीसी कर्मचारियों के लिए 22 अप्रैल तक ड्यूटी फिर से शुरू करने की समय सीमा बढ़ाई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्रवाई के डर के बिना 22 अप्रैल तक काम फिर से शुरू करने का आदेश देगा। वहीं एमएसआरटीसी द्वारा उनके खिलाफ काम नहीं करने के लिए अवमानना ​​​​याचिका पर फिर से सुनवाई फिर शुरू करने के लिए आवेदन किया गया है।चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जीएस कुलकर्णी की पीठ ने कहा,"जब शेर और मेमने के बीच लड़ाई होती है तो मेमने की रक्षा करनी चाहिए।"अदालत ने कहा कि वह विरोध करने वाले कर्मचारियों के...

जम्मू-कश्मीर लोकल कोर्ट ने एनडीपीएस के आरोपी की मौत की न्यायिक जांच के आदेश दिए
जम्मू-कश्मीर लोकल कोर्ट ने एनडीपीएस के आरोपी की मौत की न्यायिक जांच के आदेश दिए

जम्मू-कश्मीर की स्थानीय अदालत ने एनडीपीएस के एक आरोपी अब्दुल लतीफ की मौत की न्यायिक जांच का आदेश दिया। लतीफ ने पिछले महीने किश्तवाड़ के तहसील-चतरू के पुलिस स्टेशन में कथित तौर पर एक लॉक-अप में खुद को फांसी लगा ली थी।प्रधान सत्र न्यायाधीश, किश्तवाड़, वाई.पी. कोतवाल ने जम्मू-कश्मीर जिला बार एसोसिएशन, किश्तवाड़ की ओर से दायर एक याचिका पर सीआरपीसी की धारा 176 (1ए) के तहत न्यायिक जांच के आदेश दिए।लतीफ को फरवरी, 2022 में नशीले पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया गया था। तदनुसार उसके खिलाफ थाना चटरू में...

बीसीआई ने 500 लॉ कॉलेजों को उप-मानक के रूप में चिह्नित किया; निरीक्षण के दौरान कमी पाए जाने पर बंद किया जाएगा: कानून मंत्रालय
बीसीआई ने 500 लॉ कॉलेजों को 'उप-मानक' के रूप में चिह्नित किया; निरीक्षण के दौरान कमी पाए जाने पर बंद किया जाएगा: कानून मंत्रालय

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने देश भर में ऐसे 500 संस्थानों को चिन्हित किया है जो घटिया हैं और कुछ पूर्व न्यायाधीशों/वरिष्ठ अधिवक्ताओं और प्रसिद्ध शिक्षाविदों के नेतृत्व में एक टीम ऐसे संस्थानों का औचक दौरा करने की योजना बना रही है।यदि ऐसा कोई संस्थान मानक से नीचे पाया जाता है, जिसमें पर्याप्त संख्या में संकाय / बुनियादी ढांचा नहीं है, तो बीसीआई की कानूनी शिक्षा समिति ऐसे संस्थानों को बंद करने के लिए तत्काल कदम उठाएगी।कानून और न्याय मंत्रालय ने सांसद एम. षणमुगम और वाई.एस. चौधरी ने राज्यसभा...

एनडीपीएस अधिनियम | एफएसएल रिपोर्ट के बिना चार्जशीट दोषपूर्ण नहीं, सीआरपीसी की धारा 167(2) के तहत डिफ़ॉल्ट जमानत का आधार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
एनडीपीएस अधिनियम | एफएसएल रिपोर्ट के बिना चार्जशीट दोषपूर्ण नहीं, सीआरपीसी की धारा 167(2) के तहत डिफ़ॉल्ट जमानत का आधार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत आरोपित व्यक्ति को सीआरपीसी की धारा 167 (2) के तहत डिफ़ॉल्ट जमानत का अधिकार सिर्फ इसलिए नहीं मिलता कि जांच के बाद पुलिस द्वारा एफएसएल रिपोर्ट के बिना आरोप पत्र / अंतिम रिपोर्ट दायर की गई है।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने कहा,"एफएसएल रिपोर्ट न दाखिल करने से आरोप पत्र सीआरपीसी की धारा 173(2) के विपरीत नहीं हो जाएगा।"पीठ ने तदनुसार पूरी कार्यवाही को रद्द करने तथा जांच के बाद दोषपूर्ण चार्जशीट...

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने का कोई प्रस्ताव लंबित नहीं: केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने का कोई प्रस्ताव लंबित नहीं: केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया

कानून और न्याय मंत्रालय ने राज्यसभा में बताया कि वर्तमान में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के संबंध में कोई भी पूर्ण प्रस्ताव सरकार के पास लंबित नहीं है।यह जानकारी केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिज्जू ने मेरठ में हाईकोर्ट की बेंच की स्थापना के संबंध में सांसद विजय पाल सिंह तोमर द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में दी।सांसद तोमर द्वारा निम्नलिखित तीन सवाल पूछे गए-(क) क्या सरकार का पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से मेरठ में हाईकोर्ट की बेंच बनाने का कोई विचार है;(ख)...

[बीरभूम नरसंहार] कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई को टीएमसी नेता भादु शेख की हत्या मामले में जांच के आदेश दिए
[बीरभूम नरसंहार] कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई को टीएमसी नेता भादु शेख की हत्या मामले में जांच के आदेश दिए

कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को टीएमसी नेता भादु शेख की हत्या के मामले में जांच का आदेश दिया है।कोर्ट ने इससे पहले पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हुई हिंसा की जांच सीबीआई को सौंप दी थी, जिसमें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के स्थानीय नेता भादु शेख की हत्या के प्रतिशोध में कथित तौर पर 8 लोग मारे गए थे।अदालत ने गुरुवार को टीएमसी नेता भादु शेख की हत्या की सीबीआई जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।मुख्य न्यायाधीश प्रकाश...

लखनऊ में कुत्ते के काटने से नाबालिग लड़के की मौत: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आवारा कुत्तों से पैदा हुए खतरे पर स्वत: संज्ञान लिया
लखनऊ में कुत्ते के काटने से नाबालिग लड़के की मौत: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आवारा कुत्तों से पैदा हुए खतरे पर स्वत: संज्ञान लिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य की राजधानी लखनऊ की सड़कों पर फिरते आवारों कुत्तों से पैदा हुए खतरे पर स्वत: संज्ञान मामला दर्ज किया। हाईकोर्ट ने यह मामला एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना को ध्यान में रखते हुए दर्ज किया। इस घटना में एक आवारा कुत्ते के काटने से आठ साल के लड़के की मौत हो गई थी और उसकी बहन 20 से अधिक आवारा कुत्तों द्वारा हमला किए जाने के बाद गंभीर रूप से घायल हो गई थी।जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने घटना से संबंधित मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए मामले का...

मद्रास हाईकोर्ट
टीईटी पास नहीं करने वाले शिक्षक स्कूलों में सेवा जारी नहीं रख सकते: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया कि जिन शिक्षकों के पास आरटीई एक्ट, 2009 से पहले टीईटी की न्यूनतम योग्यता नहीं थी, उन्हें नौ साल की अवधि के भीतर यानी 31.03.2019 तक इसे हासिल करना अनिवार्य था। इस प्रकार, जिन शिक्षकों के पास टीईटी में पास की न्यूनतम योग्यता नहीं है, वे स्कूलों/शैक्षणिक संस्थानों में अपनी सेवा जारी रखने के हकदार नहीं हैं।जस्टिस डी कृष्णकुमार की पीठ एक शिक्षक की ओर से बीटी सहायक पदों में वार्षिक वेतन वृद्धि को मंजूरी और सभी परिणामी और अन्य परिचर लाभों के साथ शिक्षक पात्रता...

मामला मौत की सजा की आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता, राजस्थान हाईकोर्ट ने 4 दोषियों की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदला
'मामला मौत की सजा की आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता', राजस्थान हाईकोर्ट ने 4 दोषियों की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदला

राजस्थान हाईकोर्ट ने भूमि विवाद में चार लोगों और एक नाबालिग की हत्या के आरोपी चार दोषियों की मौत की सजा को कम कर दिया है।अदालत ने आदेश दिया कि निचली अदालत द्वारा आरोपी अपीलकर्ताओं को दी गई मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया जाए, जो स्थायी पैरोल/समयपूर्व रिहाई की किसी भी संभावना के बिना आरोपी अपीलकर्ताओं के प्राकृतिक जीवन तक सुनिश्चित होगा।जस्टिस विनोद कुमार भरवानी और जस्टिस संदीप मेहता ने आंशिक रूप से अपील की अनुमति देते हुए कहा,"हालांकि, लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद के कारण सभी को...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
भगोड़ा आरोपी अग्रिम जमानत का हकदार नहीं : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने POCSO के आरोपी को राहत देने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक नाबालिग लड़की और उसकी मां के साथ कथित रूप से बलात्कार करने वाले एक आरोपी (पॉक्सो) को अग्रिम जमानत से इनकार करते हुए कहा कि यदि किसी आरोपी को सीआरपीसी की धारा 82 के तहत भगोड़ा/ उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया गया है तो वह अग्रिम जमानत की राहत पाने का हकदार नहीं है।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की खंडपीठ ने प्रेम शंकर प्रसाद बनाम बिहार राज्य एलएल 2021 एससी 579 के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले पर भरोसा करते हुए यह टिप्पणी की है। इस मामले में जस्टिस एमआर शाह...

हाईकोर्ट ने दिल्ली बार काउंसिल से कहा, 29 नवंबर तक अधिवक्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही में कोई आदेश पारित न करें
हाईकोर्ट ने दिल्ली बार काउंसिल से कहा, 29 नवंबर तक अधिवक्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही में कोई आदेश पारित न करें

दिल्ली हाईकोर्ट ने पेशेवर आचरण और शिष्टाचार के मानकों के नियम 8 के कथित उल्लंघन के लिए अधिवक्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्यवाही में दिल्ली बार काउंसिल (बीसीडी) को कोई आदेश पारित करने से रोक दिया।अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 49 (1) (सी) के तहत बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा बनाया गया उक्त नियम एक वकील को एक ऐसे संगठन की ओर से एक जनहित मामले में पेश होने से रोकता है, जिसका वह एक पदाधिकारी या इसकी कार्यकारी समिति का सदस्य होता है।भूषण अपने शासी निकाय में रहते हुए तीन गैर...

कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्कूलों को फीस का भुगतान न करने पर छात्रों की पदोन्नति से इनकार नहीं करने या रिपोर्ट कार्ड नहीं रोकने आदेश दिया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को आदेश दिया कि महामारी के दौरान मनमाने ढंग से शुल्क वृद्धि के आरोपों के संबंध में जिन निजी गैर सहायता प्राप्त स्कूलों के नाम सामने आए हैं, वे किसी भी छात्र को पदोन्नति से इनकार नहीं कर सकते हैं या फीस का भुगतान न करने के लिए रिपोर्ट कार्ड नहीं रोक सकते हैं।कोर्ट ने आगे कोर्ट द्वारा नामित दो संयुक्त विशेष अधिकारियों को महामारी के दौरान स्कूल फीस में मनमानी वृद्धि की किसी भी शिकायत को देखने और उन अभिभावकों/ छात्रों द्वारा वास्तव में देय शुल्क के संबंध में निर्णय लेने का...

दिमाग का इस्तेमाल न करने का उत्कृष्ट उदाहरण , राजस्थान हाईकोर्ट ने एमबीबीएस में एडमिशन के लिए विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करने की मांग वाली विकलांग उम्मीदवार की याचिका को अनुमति दी
'दिमाग का इस्तेमाल न करने का उत्कृष्ट उदाहरण ', राजस्थान हाईकोर्ट ने एमबीबीएस में एडमिशन के लिए विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करने की मांग वाली विकलांग उम्मीदवार की याचिका को अनुमति दी

राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court), जोधपुर ने हाल ही में एडमिशन के उद्देश्य के लिए NEET UG-2021 परीक्षा और काउंसलिंग में भाग लेने के परिणाम के अनुसार विकलांग व्यक्तियों (PwD) की श्रेणी में अपनी पात्रता का दावा करने वाले याचिकाकर्ता द्वारा दायर याचिका को अनुमति दी।अदालत ने कहा कि वर्तमान मामला अधिकारियों द्वारा दिमाग का इस्तेमाल न करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो विकलांगता प्रमाण पत्र देने के ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे से निपटते हैं। न्यायालय का विश्वास इस तथ्य से समाप्त होता है कि इस न्यायालय...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
"हम सब यहां जनता की सेवा करने के लिए हैं, अदालत में अपने मतभेद क्यों लाते हैं?" बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने कांजूर डिपो मुद्दे में केंद्र और राज्य से कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से कांजुरमार्ग स्थिति मुंबई मेट्रो कार शेड निर्माण पर गतिरोध के संबंध में "पिछले केंद्रर्षों को भूलकर नई शुरुआत करने" के लिए कहा। राज्य सरकार ने 11 अक्टूबर, 2020 को आरे मिल्क कॉलोनी में कार शेड को खत्म करने की घोषणा की थी और कहा था कि परियोजना के लिए आरे के बजाय कांजुरमार्ग में बनाई जाएगी।चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ केंद्र सरकार के दावे, जिसे ड‌िप्टी साल्ट कमिश्‍नर (उप नमक आयुक्त ) के माध्यम से पेश किया गया...