मुख्य सुर्खियां

सीआरपीसी की धारा 107 के तहत मजिस्ट्रेट को संपत्ति के कब्जे को प्रभावित करने का  अधिकार नहीं: झारखंड हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 107 के तहत मजिस्ट्रेट को संपत्ति के कब्जे को प्रभावित करने का अधिकार नहीं: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि सीआरपीसी की धारा 107 के तहत संपत्ति के कब्जे के वितरण को प्रभावी करना का मजिस्ट्रेट को अधिकार नहीं है।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी ने यह टिप्पणी की:"यदि व्यक्ति अपने अधिकार क्षेत्र में है या शांति या अशांति के संभावित उल्लंघन का स्थान उसके अधिकार क्षेत्र की स्थानीय सीमा के भीतर है तो सीआरपीसी की धारा 107 को देखते हुए यह स्पष्ट है कि मजिस्ट्रेट मामले में आगे कार्रवाई को बढ़ा सकता है। मजिस्ट्रेट सीआरपीसी की धारा 107 के तहत आदेश पारित कर सकता है, लेकिन मजिस्ट्रेट...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बीजेपी नेता तजिंदर बग्गा की गिरफ्तारी पर 10 मई तक रोक लगाई
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बीजेपी नेता तजिंदर बग्गा की गिरफ्तारी पर 10 मई तक रोक लगाई

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा की गिरफ्तारी पर 10 मई तक रोक लगा दी है। बग्गा ने शनिवार को पहले मोहाली कोर्ट द्वारा अपने खिलाफ जारी वारंट को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जस्टिस अनूप चितकारा की बेंच ने पंजाब पुलिस को निर्देश दिया कि वह सुनवाई की अगली तारीख तक बग्गा के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न करे।हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष मामले का उल्लेख किए जाने के बाद याचिका की तत्काल सुनवाई के लिए एक आदेश जारी किया गया और सुनवाई जस्टिस अनूप चितकारा...

यूपी कोर्ट ने नाबालिग का यौन शोषण के आरोपी महंत को जमानत देने से इनकार किया
यूपी कोर्ट ने नाबालिग का यौन शोषण के आरोपी महंत को जमानत देने से इनकार किया

लखनऊ की एक स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को बड़ी काली मंदिर के महंत/मुख्य पुजारी ओम भारती को जमानत देने से इनकार कर दिया। महंत को नाबालिग लड़की और उसके भाई के यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश, आरबी प्रसाद ने जमानत देने से इनकार करते हुए इस प्रकार टिप्पणी की:"बच्चों के शोषण के संबंध में मानवाधिकार आयोग ने कहा कि बच्चों को स्वतंत्र और सम्मानजनक वातावरण में उनके स्वस्थ विकास के अवसर और सुविधाएं दी जानी चाहिए। बच्चों और युवाओं को शोषण और नैतिक और आर्थिक...

झारखंड हाईकोर्ट
कठोर/साधारण कारावास देने के लिए आईपीसी में कोई दिशानिर्देश नहीं, शमनकारी और समग्र कारकों के आधार पर विवेक का प्रयोग किया जाना चाहिए: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि हालांकि भारतीय दंड संहिता कोई दिशानिर्देश प्रदान नहीं करती है कि किसी व्यक्ति को साधारण कारावास या कठोर कारावास से गुजरने का निर्देश कब दिया जा सकता है, ‌फिर भी कोर्ट को एक अवॉर्ड पारित करते समय अपने विवेक का प्रयोग न्यायपूर्ण ढंग से करना चाहिए।जस्टिस श्री चंद्रशेखर ने कहा,"अदालतों को मुकदमे में पेश की गई सामग्र‌ी के आधार पर सजा की मात्रा तय करने की आवश्यकता होती है, जिसका अर्थ यह है कि अदालतों को शमनकारी और समग्र परिस्थितियों का आकलन करना चाहिए। दोनों प्रकार...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
POCSO अधिनियम के तहत दोषी के पैरोल मांगने पर रोक नहीं, 'विशेष परिस्थितियों' के तहत सक्षम प्राधिकारी के पास इसे देने का 'विवेक': दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने दोहराया है कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के तहत एक दोषी को पैरोल मांगने से रोक नहीं है। सक्षम प्राधिकारी के पास ऐसे दोषी को "विशेष परिस्थितियों" में पैरोल देने का विवेक मौजूद है।जस्टिस आशा मेनन ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि कानूनी सेवा प्राधिकरण जेल में बंद लोगों को सभी स्तरों पर उत्कृष्ट कानूनी सहायता प्रदान करने का प्रयास करते हैं, हालांकि अपराधी को अन्य वकील के साथ जुड़ने, ताकि वह स्वतंत्र रूप से तय कर सके कि वह किसके साथ जुड़ना चाहता है, का अवसर...

गुजरात हाईकोर्ट
"एडवोकेट की निष्क्रियता के कारण पार्टी को नुकसान नहीं उठाना चाहिए": गुजरात हाईकोर्ट ने लिखित बयान दाखिल करने में 3330 दिनों की देरी को माफ किया

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में ‌‌टिप्‍पणी की, "एक पक्ष को वकील की ओर से निष्क्रियता के कारण नुकसान नहीं होना चाहिए और मामला योग्यता के आधार पर तय किया जाना चाहिए, न कि तकनीकी आधार पर।" हाईकोर्ट अनुच्छेद 227 के तहत एक याचिका की सुनवाई कर रहा था, जिसमें लिखित बयान दर्ज करने के अधिकार को खोलने की मांग की गई थी, जिसे एक मई 2012 को बंद कर दिया गया था।याचिकाकर्ता ने प्रस्तुत किया कि प्रतिवादी पक्ष ने घोषणा और स्थायी निषेधाज्ञा के लिए 2010 में एक दीवानी मुकदमा दायर किया था। समन के अनुसरण में,...

एडवोकेट जनरल का पद खाली नहीं छोड़ा जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को 16 मई तक एजी की नियुक्त पर निर्णय लेने का निर्देश दिया
"एडवोकेट जनरल का पद खाली नहीं छोड़ा जा सकता": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को 16 मई तक एजी की नियुक्त पर निर्णय लेने का निर्देश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य में एडवोकेट जनरल की नियुक्ति से संबंधित जनहित याचिका (PIL) याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को इस संबंध में 16 मई, 2022 तक निर्णय लेने का निर्देश दिया।जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने जोर देकर कहा कि एडवोकेट जनरल ऑफिस खाली छोड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती।बेंच ने आगे टिप्पणी की,"संवैधानिक पदाधिकारी के कार्यालय में कोई भी रिक्तता बहुत ही अप्रिय स्थिति पैदा कर सकती है और यह न केवल हमारे संविधान की योजना के संबंध में...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने NOIDA सीईओ रितु माहेश्वरी के खिलाफ अवमानना याचिका में गैर ज़मानती वारंट जारी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने NOIDA सीईओ रितु माहेश्वरी के खिलाफ अवमानना याचिका में गैर ज़मानती वारंट जारी किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (NOIDA) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी और आईएएस अधिकारी रितु माहेश्वरी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। रितु माहेश्वरी भूमि अधिग्रहण से संबंधित अवमानना ​​​​मामले में अदालत में पेश नहीं होने के बाद अदालत ने यह वारंट जारी किया।जस्टिस सरल श्रीवास्तव की खंडपीठ ने पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करने और 13 मई को अगली सुनवाई के लिए अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है। यह आदेश मनोरमा कुच्छल और एक अन्य व्यक्ति द्वारा दायर अवमानना ​​याचिका...

राजस्थान हाईकोर्ट ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत इच्छित विवाह की सूचना के अनिवार्य प्रकाशन के‌ खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत "इच्छित विवाह की सूचना" के अनिवार्य प्रकाशन के‌ खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने अंतर-धार्मिक जोड़े की ओर से दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें विशेष विवाह अधिनियम, 1954 की धारा 6 (2) और 6 (3) को प्रकृति में निर्देशिका के रूप में घोषित करने की मांग की गई है, जहां तक कि विशेष विवाह अधिनियम, 1954 की धारा 5 के तहत प्रस्तुत इच्छित विवाह की लिखित सूचना के प्रकाशन का प्रावधान है।याचिका में विशेष विवाह अधिनियम, 1954 की धारा 7 और 8 को प्रकृति में निर्देशिका के रूप में घोषित करने की भी मांग की गई, जहां तक ​​कि विशेष विवाह अधिनियम, 1954 की धारा 6 (2) और...

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के चक्कर में न पड़ें: केरल हाईकोर्ट ने बच्चों को जबरदस्ती वैक्सीन लगाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की
'व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के चक्कर में न पड़ें': केरल हाईकोर्ट ने बच्चों को जबरदस्ती वैक्सीन लगाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इस याचिका में राज्य भर में बच्चों के कथित जबरदस्ती वैक्सीनेशन को रोकने की मांग की गई थी। याचिका में पाया गया कि याचिकाकर्ता ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर अदालत का रुख किया था।जस्टिस देवन रामचंद्रन और जस्टिस सोफी थॉमस की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता द्वारा नाबालिगों के जबरदस्ती वैक्सीनेशन का कोई विशेष उदाहरण दर्ज करने में विफल रहने के बाद दिलचस्प टिप्पणियों के साथ याचिका खारिज कर दी।खंडपीठ...

तजिंदर बग्गा गिरफ्तारी मामला: पंजाब सरकार ने हरियाणा पुलिस द्वारा कथित रूप से हिरासत में लिए गए अपने पुलिस अधिकारियों की रिहाई के लिए हाईकोर्ट का रुख किया
तजिंदर बग्गा गिरफ्तारी मामला: पंजाब सरकार ने हरियाणा पुलिस द्वारा कथित रूप से हिरासत में लिए गए अपने पुलिस अधिकारियों की रिहाई के लिए हाईकोर्ट का रुख किया

पंजाब पुलिस ने हरियाणा पुलिस की कथित अवैध हिरासत से अपने अधिकारियों की रिहाई के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus Plea) दायर कर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया। यह घटनाक्रम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा की गिरफ्तारी मामले में सामने आया है।गौरतलब है कि बग्गा को शुक्रवार सुबह पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि हरियाणा पुलिस के हस्तक्षेप और दिल्ली कोर्ट के आदेश के तहत दिल्ली पुलिस शाम को बग्गा को वापस दिल्ली लाने में सफल रही। बग्गा को थानेसर पुलिस...

समय बीतने के साथ रिश्ते में संदेह पुख्ता होने के बावजूद पीड़िता की सहमति विकृत नहीं हुईः झारखंड हाईकोर्ट
समय बीतने के साथ रिश्ते में संदेह पुख्ता होने के बावजूद पीड़िता की सहमति विकृत नहीं हुईः झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 90 के तहत पीड़िता की सहमति विकृत नहीं हुई। रिश्ते में आया संदेह समय बीतने के साथ मजबूत हो गया, इसके बावजूद पीड़िता की सहमति विकृत नहीं हुई। भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत आरोपी की दोषसिद्धि को रद्द करते हुए, जस्टिस रोंगोन मुखोपाध्याय और जस्टिस राजेश कुमार की खंडपीठ ने कहा कि, ''अगर पीडब्ल्यू-4 के मन में कोई गलतफहमी थी, तो वह रिश्ते के शुरुआती चरण में थी, लेकिन बाद में पीडब्ल्यू-4 का विश्वास मजबूत हो गया, क्योंकि अपीलकर्ता की...

पटना हाईकोर्ट ने भष्टाचार के मामले में मगध यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति की गिरफ्तारी पर रोक लगाई
पटना हाईकोर्ट ने भष्टाचार के मामले में मगध यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति की गिरफ्तारी पर रोक लगाई

पटना हाईकोर्ट ने मगध यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति (वीसी) राजेंद्र प्रसाद उर्फ ​​डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भ्रष्टाचार के एक मामले में तत्काल राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर 9 मई 2022 तक रोक लगा दी।जस्टिस आशुतोष कुमार की एकल पीठ ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया,"इन मामलों की सुनवाई की अगली तारीख (9 मई) तक याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी।"विशेष सतर्कता इकाई के लिए पीपी राणा विक्रम सिंह ने जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय...

कलकत्ता हाईकोर्ट
कोलकाता में मृत मिला भाजपा कार्यकर्ता: हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की

कलकत्ता हाईकोर्ट में शुक्रवार को जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई। उक्त याचिका में 26 वर्षीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ता की मौत के संबंध में अदालत के हस्तक्षेप की मांग की गई है, जो शुक्रवार की सुबह इमारत के अंदर लटका हुआ पाया गया।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मृतक की पहचान अर्जुन चौरसिया के रूप में हुई है, जो उत्तरी कोलकाता के घोष बागान इलाके में एक इमारत के अंदर लटका हुआ पाया गया। वह भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारी थे।एडवोकेट सुबीर सान्याल द्वारा दायर जनहित याचिका में अप्राकृतिक मौत की...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
अवमानना शुरू होने तक निर्देशों का पालन नहीं करना यूपी सरकार की आदत : शीर्ष अधिकारियों के समन के खिलाफ राज्य की अपील पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्‍पणी

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल उत्तर प्रदेश के एक अस्पताल से कथित तौर पर लापता 82 वर्षीय कोविड रोगी के मामले में शुक्रवार को कड़ी टिप्पणी की।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमाना ने उत्तर प्रदेश की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता से कहा, "आप निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, आखिरी मिनट में जब अवमानना ​​​​की मांग ली जाती है तो आप आते हैं। यह आपके राज्य की आदत है!"उल्लेखनीय है कि मामले में बुजुर्ग के बेटे बेटे ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी जिसमें बुजुर्ग को अस्पताल की...

P&H High Court Dismisses Protection Plea Of Married Woman Residing With Another Man
पत्नी को गंभीर खतरे के तहत तलाक की कार्यवाही में भाग लेने के लिए 55 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती हैः पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रांसफर याचिका को अनुमति दी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने (28 अप्रैल, 2022) पिछले सप्ताह तलाक के एक मामले में एक पत्नी द्वारा दायर ट्रांसफर याचिका को अनुमति देते हुए कहा है कि एक नाबालिग बच्चे की मां/पत्नी के लिए 55 किमी की दूरी तय करना मुश्किल है। इसलिए इस आधार पर उसकी ट्रांसफर याचिका को स्वीकार किया जाता है। जस्टिस फतेह दीप सिंह की खंडपीठ ने कहा कि यह निश्चित रूप से असाधारण प्रकृति की अनुचित कठिनाई का मामला है, जिसमें न्यायालय द्वारा हस्तक्षेप की आवश्यकता है। इस मामले में आवेदक-पत्नी ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश,...

अनुच्छेद 227 के तहत अधीक्षण की शक्ति सीमित, दूसरी अदालत के दृष्टिकोण को प्रतिस्‍थापित करने भर के लिए हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट का वाद संपत्ति की मरम्मत का निर्देश देने से इनकार
अनुच्छेद 227 के तहत अधीक्षण की शक्ति सीमित, दूसरी अदालत के दृष्टिकोण को प्रतिस्‍थापित करने भर के लिए हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट का वाद संपत्ति की मरम्मत का निर्देश देने से इनकार

गुजरात हाईकोर्ट ने यह कहते हुए कि संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत शक्तियों का प्रयोग केवल ट्रिब्यूनल/ अधीनस्थ न्यायालयों को अधिकार की सीमा के भीतर रखने के दृष्टिकोण से ही संयम से किया जाना चाहिए।उक्‍त टिप्‍पणियों के साथ हाईकोर्ट ने एक याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें प्रतिवादी को यह निर्देश देने की प्रार्थना की गई थी वह वाद संपत्ति में आवश्यक मरम्मत करा दे। सिटी सिविल कोर्ट ने याचिकाकर्ता की प्रार्थनका आस्वीकार कर दिया था, जिसके बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।जस्टिस अशोक कुमार जोशी की...