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इलाहाबाद हाईकोर्ट
सरकारी कर्मचारी के सेवानिवृत्ति के बाद गंभीर कदाचार का दोषी पाए जाने पर सीएसआर के अनुच्छेद 351 के तहत केवल राज्यपाल ही कार्रवाई कर सकते हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद, यदि किसी सरकारी कर्मचारी को गंभीर कदाचार का दोषी पाया जाता है या यह पाया जाता है कि उसने सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है तो राज्यपाल सिविल सेवा विनियमों के अनुच्छेद 351-ए में दिए प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई कर सकते हैं।जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस श्री प्रकाश सिंह की खंडपीठ ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद बर्खास्तगी की सजा नहीं दी जा सकती है, हालांकि पेंशन रोकना या वापस लेना और पेंशन की र‌िकवरी का आदेश देना अनुमेय है,...

राहुल गांधी, भारत जोड़ो यात्रा
केरल हाईकोर्ट ने ट्रैफिक जाम का आरोप लगाते हुए भारत जोड़ो यात्रा के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज की

केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से राज्य में ट्रैफिक जाम का आरोप लगाया गया है।चीफ जस्टिस एस मणिकुमार और जस्टिस शाजी पी. चाली की खंडपीठ ने याचिका खारिज कर दी क्योंकि याचिकाकर्ता याचिका में लगाए गए आरोपों को साबित करने वाले दस्तावेजों को पेश करने में विफल रहा।कोर्ट ने पहले याचिकाकर्ता को यह पता लगाने का निर्देश दिया था कि क्या भारत जोड़ी यात्रा के दौरान यातायात नियमों का पालन करने के संबंध में दिए गए पुलिस...

आरोपी और पीड़ित के बीच समझौता/विवाह के आधार पर पोक्सो अधिनियम के अपराध को रद्द नहीं कर सकते: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
आरोपी और पीड़ित के बीच समझौता/विवाह के आधार पर पोक्सो अधिनियम के अपराध को रद्द नहीं कर सकते: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि पोक्सो अधिनियम के तहत एक अपराध को अभियुक्त और अभियोक्ता के बीच किसी भी समझौते या विवाह के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता है। जस्टिस सुवीर सहगल की पीठ ने इस बात पर भी जोर दिया कि आरोपी की बाद में पीड़िता के साथ शादी करने से पोक्सो अधिनियम या धारा 376, आईपीसी के तहत अपराध कम नहीं होगा।हाईकोर्ट ने कहा,"अभियोक्ता के साथ बाद में शादी करने से पोक्सो अधिनियम या धारा 376, आईपीसी के तहत अपराध कम नहीं होगा। बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन शोषण, पोर्नोग्राफी के अपराधों...

आम आदमी पार्टी
भ्रष्टाचार के आरोप: हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी को दिल्ली एलजी के खिलाफ अपमानजनक बयान देने से रोका

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के पक्ष में और आम आदमी पार्टी और उसके पांच नेताओं के खिलाफ उनके खिलाफ उनके भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित मामले में अंतरिम निषेधाज्ञा आदेश पारित किया।जस्टिस अमित बंसल ने यह आदेश सक्सेना द्वारा दायर अंतरिम आवेदन पर पारित किया, जिसमें आप और उसके पांच सीनियर नेताओं पर अस्थायी रोक लगाने की मांग की गई।अदालत ने कहा,"मैंने वादी और टेक डाउन ऑर्डर के पक्ष में अंतरिम निषेधाज्ञा आदेश पारित किया है। विस्तृत निर्देश हैं।"पांच नेताओं में...

केरल हाईकोर्ट
धारा 163ए एमवी एक्ट | व्यक्तिगत दुर्घटना कवरेज न होने पर वाहन उधार लेने वाला बीमाकर्ता से मुआवजे का दावा नहीं कर सकता: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि ऐसे मृतक के उत्तराधिकारियों को मुआवजा नहीं दिया जा सकता, जिसने उधार लेकर 'मालिक' के रूप में वाहन चलाया, जिसकी जल्दबाजी और लापरवाही के कारण खुद उसकी मौत हो गई।जस्टिस सोफी थॉमस ने मृतक के उत्तराधिकारियों को मुआवजा देने के मोटर दुर्घटना न्यायाधिकरण के आदेश को खारिज करते हुए कहा, "चूंकि उसने स्वयं अपकृत्य किया था, उसके कानूनी उत्तराधिकारी दावा नहीं कर सकते हैं"।मौजूदा मामले में मृतक 19 फरवरी 2007 को एक सड़क दुर्घटना में शामिल था। वह 5वें प्रतिवादी की मोटरसाइकिल...

राजद्रोह पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से शरजील इमाम की जमानत याचिका पर नए सिरे से विचार करने को कहा
राजद्रोह पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से शरजील इमाम की जमानत याचिका पर नए सिरे से विचार करने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2019 के राजद्रोह मामले में नियमित जमानत के लिए अपना आवेदन वापस लेने की अनुमति देते हुए निचली अदालत से कहा कि वह जेएनयू के पूर्व छात्र शारजील इमाम के आवेदन पर विचार करे, जिसमें सीआरपीसी की धारा 436-ए के तहत राहत की मांग की गई है कि वह एफआईआर में 31 महीने से हिरासत में है।सीआरपीसी की धारा 436-ए में प्रावधान है कि जब किसी व्यक्ति को मुकदमे की समाप्ति से पहले उसके खिलाफ कथित अपराध के लिए निर्दिष्ट अधिकतम सजा के आधे तक कारावास हो चुका हो तो उसे अदालत द्वारा जमानत पर रिहा किया जा...

डोमेक्स के टीवी विज्ञापन की अनुमति नहीं दे सकते, प्रतिस्पर्धी के प्रोडक्ट को बदनाम नहीं किया जा सकता : दिल्ली हाईकोर्ट
डोमेक्स के टीवी विज्ञापन की अनुमति नहीं दे सकते, प्रतिस्पर्धी के प्रोडक्ट को बदनाम नहीं किया जा सकता : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि 'पफरी' और 'हाइपरबोले' में असत्यता का तत्व हो सकता है, सोमवार को कहा कि विज्ञापनदाता तुलनात्मक विज्ञापन करते समय प्रतिस्पर्धी के सामान को नीचा या बदनाम नहीं कर सकता।जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ ने यह देखते हुए कि इस तरह के विज्ञापनों में हमेशा यह कथन शामिल होता है कि विज्ञापनदाता का सामान प्रतियोगी की तुलना में बेहतर है, जोर देकर कहा कि ऐसी रेखा है, जिसे विज्ञापनदाता पार नहीं कर सकता।पीठ ने फैसला सुनाया,"ऐसे मामले हो सकते हैं जहां किसी...

केरल हाईकोर्ट
वैवाहिक जीवन में तीक्ष्‍ण परिवर्तन एक गर्भवती महिला को 24 सप्ताह तक टर्मिनेशन के लिए पात्र बनाते हैं: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में सोमवार को कहा कि एक गर्भवती महिला के वैवाहिक जीवन में तीखे बदलाव मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) रूल्‍स के नियम 3बी में 'उसकी वैवाहिक स्थिति में बदलाव' की शर्त को पूरा करता है, जो उसे 24 सप्ताह तक के गर्भ के मेडिकल टर्मिनेशन का पात्र बनाता है।सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए, जिसमें यह कहा गया था कि एक महिला की रिप्रोडक्टिव (प्रजनन) च्वाइस भी उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का एक पहलू है और एमटीपी मामले में सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश पर...

पीड़ित की जाति का ज्ञान एससी/एसटी अधिनियम को आकर्षित नहीं करता, जब तक कि जाति की पहचान के आधार पर अपराध नहीं किया जाता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दोहराया
पीड़ित की जाति का ज्ञान एससी/एसटी अधिनियम को आकर्षित नहीं करता, जब तक कि जाति की पहचान के आधार पर अपराध नहीं किया जाता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दोहराया

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दोहराया कि केवल इसलिए कि आरोपी को पीड़ित की जाति पहचान पता है, उसे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दोषी ठहराने का आधार नहीं बनाया जा सकता। इसमें कहा गया कि पीड़ित पक्ष को यह दिखाने के लिए अलग-अलग सबूत देने होंगे कि हिंसा का कार्य पीड़ित के खिलाफ जाति आधारित पूर्वाग्रह के कारण हुआ।जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत ने टिप्पणी करते हुए कहा:"हालांकि यह माना जा सकता है कि अपीलकर्ता जानता है कि पीड़ित अनुसूचित जनजाति समुदाय से...

दिल्ली हाईकोर्ट
केवल ईमेल और फॉर्म 16A नियोक्ता-कर्मचारी संबंध स्थापित करने के लिए पर्याप्त नहीं है: फ्रीलांसिंग पर दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि फ्रीलांसिंग में मालिक-नौकर का कोई ‌रिश्ता नहीं होता। फ्रीलांसर अपना मालिक खुद होता है। उसके पास अपने असाइनमेंट चुनने की क्षमता होती है, जिससे वह कई नियोक्ताओं के लिए भी काम कर सकता है।जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा ने कहा कि एक फ्रीलांसर वह होता है, जो किसी संगठन से संबद्ध या अधिकृत हुए बिना स्वतंत्र रूप से कार्य करता है और इस प्रकार अंशकालिक, पूर्णकालिक या संविदा कर्मचारियों से अलग होता है।कोर्ट ने कहा, "फ्रीलांसर या फ्रीलांसिंग शब्द का प्रयोग मौजूदा दौर में एक ऐसे...

दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने आईपीएस अधिकारी सतीश वर्मा की बर्खास्तगी पर रोक लगाने से किया इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को गुजरात के आईपीएस अधिकारी सतीश चंद्र वर्मा की बर्खास्तगी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और केंद्र को बर्खास्तगी के खिलाफ उनकी याचिका पर जवाब देने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया। जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कहा, "हम इस स्तर पर बर्खास्तगी दिनांक 30.08.2022 के आदेश पर रोक लगाने या उस पर रोक लगाने के इच्छुक नहीं हैं।"सुप्रीम कोर्ट ने 19 सितंबर को वर्मा की बर्खास्तगी के आदेश को एक हफ्ते के लिए टाल दिया था और स्टे को जारी रखने या नहीं करने पर...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO पीड़ित की गवाही की समय पर रिकॉर्डिंग की मांग वाली जनहित याचिका पर हाईकोर्ट की समिति से संपर्क करने को कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को पोक्सो अधिनियम को उचित रूप से लागू करने की मांग करने वाले एक जनहित याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह अपने सुझावों के साथ पॉक्सो मामलों पर हाईकोर्ट की समिति से संपर्क करे। याचिका में विशेष रूप से विशेष अदालतों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई कि पोक्सो अधिनियम की धारा 35(1) के तहत नाबालिग पीड़िता की गवाही एक महीने के भीतर दर्ज की जाए। पॉक्सो मामलों की देखरेख करने वाली एडहॉक कमेटी में जस्टिस रेवती मोहिते डेरे,जस्टिस एएस गडकरी और जस्टिस भारती डांगरे...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
अगर पहली जमानत याचिका को खारिज करने का कारण समाप्त हो गया है तो कोर्ट दूसरी अग्रिम जमानत याचिका पर विचार कर सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने कहा कि अगर पहली जमानत याचिका को खारिज करने का कारण समाप्त हो गया है तो अदालत दूसरी अग्रिम जमानत याचिका पर विचार कर सकती है।इसके साथ ही जस्टिस राजेश सिंह चौहान की खंडपीठ ने अनुराग दुबे नाम के एक व्यक्ति को अग्रिम जमानत दी, जिस पर आईपीसी की धारा 147, 148, 149 और 307 के तहत मामला दर्ज किया गया है।उसकी पहली जमानत याचिका को अदालत ने इस तथ्य के मद्देनजर खारिज कर दिया था कि सीआरपीसी की धारा 82 के तहत एक उद्घोषणा जारी करके उसे भगोड़ा घोषित किया गया था।हालांकि,...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएलएसए को 12 वर्षीय बलात्कार पीड़िता को मुआवजे के भुगतान के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएलएसए को 12 वर्षीय बलात्कार पीड़िता को मुआवजे के भुगतान के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह सचिव, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, बहराइच को 12 वर्षीय बलात्कार पीड़िता को मुआवजा देने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। पीड़िता की अवांछित गर्भावस्था को इस महीने की शुरुआत में हाईकोर्ट के आदेश के बाद समाप्त कर दिया गया था।जस्टिस अत्ताउर्रहमान मसूदी और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने डीएलएसए के सचिव को इस मामले को जिला प्राधिकरण के साथ उठाने और पीड़ित या उसके परिवार को मुआवजे की प्रचलित योजना यानि यूपी पीड़ित मुआवजा योजना, 2014, के अनुसार भुगतान के लिए...

मामले पुराने और बासी, अपराधों और निर्वासन आदेश के बीच कोई लाइव लिंक नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने निर्वासन आदेश को रद्द किया
मामले 'पुराने और बासी', अपराधों और निर्वासन आदेश के बीच कोई लाइव लिंक नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने निर्वासन आदेश को रद्द किया

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पारित एक आदेश को रद्द करते हुए कहा कि जिन मामलों को प्राधिकरण ने फैसले के लिए ध्यान में रखा था, वे पुराने और बासी थे और ऐसे अपराधों प्रशासनिक कार्रवाई के बीच कोई कोई लाइव लिंक नहीं है।जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी और जस्टिस दीपक कुमार तिवारी की खंडपीठ ने कहा,"यह स्पष्ट है कि निर्वासन का आदेश (Order of Externment) एक सामान्य उपाय नहीं है और इसे संयम से और असाधारण परिस्थितियों में इसका सहारा लिया जाना चाहिए। निर्वासन का आदेश पारित करने से एक व्यक्ति के...

कसेंट डिक्री का उपयोग सेल डीड के पंजीकरण और स्टाम्प शुल्क के भुगतान से बचने के लिए नहीं किया जाना चाहिए: जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट
कसेंट डिक्री का उपयोग सेल डीड के पंजीकरण और स्टाम्प शुल्क के भुगतान से बचने के लिए नहीं किया जाना चाहिए: जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में दीवानी अदालतों को आगाह किया कि उन्हें अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते समय यह सुनिश्चित करने के लिए अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए कि बिक्री विलेखों के पंजीकरण या स्टांप शुल्क का भुगतान करने से बचने के लिए कंसेंट डिक्री की मांग न की जाए।ज‌स्टिस संजीव कुमार ने कहा,"मिलीभगत से ली गई डिक्री को बिक्री विलेख के लिए एक लबादे के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। ऐसे कई मौके हो सकते हैं जहां पक्ष एक-दूसरे की मिलीभगत से कानून के उल्लंघन में और...

मद्रास हाईकोर्ट
एससी/एसटी एक्ट| धारा 3(1)(यू) के तहत अपराध तभी आकर्षित होगा जब यह सदस्यों के खिलाफ 'समूह के रूप में' किया जाए: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा एक प्रोफेसर की शिकायत पर जांच का आदेश न देने के फैसले के खिलाफ दर्ज याचिका को खारिज करते हुए हाल ही में कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धारा 3 (1) (यू) तभी लागू होती है, जब कोई व्यक्ति अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति समुदाय के सदस्यों के खिलाफ एक समूह के रूप में दुष्प्रचार करने का प्रयास कर रहा हो।धारा 3 (1) (यू) अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों के खिलाफ शत्रुता, घृणा या द्वेष की भावनाओं को बढ़ावा देने के प्रयास करने वाले किसी...

ट्रैफिक जाम
हाईकोर्ट परिसर के आसपास ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान संयुक्त बैठक में करें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकीलों-पुलिस अधिकारियों से कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट के वकीलों के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों को वाहनों की पार्किंग के साथ-साथ अन्य प्रासंगिक कारकों के कारण हाईकोर्ट परिसर के आसपास यातायात की भीड़ की समस्या को हल करने के लिए संयुक्त बैठक आयोजित करने के लिए कहा।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने दोनों पक्षों से मिलने और इस मुद्दे पर चर्चा करने और सर्वसम्मत निर्णय लेने की अपेक्षा की, जो हाईकोर्ट परिसर में वकीलों, वादियों और अन्य लोगों के प्रवेश और बाहर जाने को प्रभावित करने वाले यातायात की समस्या के कारकों को हल कर सकता...