मुख्य सुर्खियां
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फ्लैट मालिक को हाउसिंग सोसाइटी से 46 लाख से अधिक छत मरम्मत खर्च वसूलने की अनुमति दी
बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने हाल ही में एक फ्लैट मालिक को भवन की छत की मरम्मत के खर्च के रूप में एक सहकारी हाउसिंग सोसाइटी से 46 लाख रुपये से अधिक की वसूली करने की अनुमति दी, जिसे सोसायटी ने 1992 से उपेक्षित किया था।कोर्ट ने कहा,"कोर्ट का विचार है, अगर सोसायटी ने 8 वीं मंजिल पर ऊपरी छत की मरम्मत और रखरखाव किया होता तो फ्लैट मालिक को 1992 से आज तक की अवधि में नुकसान नहीं उठाना पड़ता। निर्विवाद रूप से, सोसाइटी के कार्यों और चूक ने शांतिपूर्वक रहने और फ्लैटों का आनंद लेने के फ्लैट मालिक...
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के मंत्री अनीता राधाकृष्णन के खिलाफ ईडी की जांच पर अंतरिम रोक की अवधि बढ़ाई
मद्रास हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि मामले में पर्याप्त कानूनी मुद्दे उठाए गए हैं, हाल ही में अगले आदेश तक तमिलनाडु के मत्स्य मंत्री अनीता राधाकृष्णन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच पर अंतरिम रोक लगा दी।जस्टिस पीएन प्रकाश और जस्टिस आनंद वेंकटेश की खंडपीठ ने कहा कि न्यायाधीशों में से एक (जे. प्रकाश) जल्द ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं और वे इस मामले को अंतिम निपटान के लिए नहीं ले पाएंगे, क्योंकि अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल को ईडी की कार्यवाही रद्द करने की मांग वाली याचिका में याचिकाकर्ता के वकील...
आर्बिट्रेशन अवार्ड के तहत देय राशि की वसूली के लिए आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने माना कि आर्बिट्रेशन अवार्ड के तहत देय राशि की वसूली के लिए आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती।जस्टिस तीर्थंकर घोष की खंडपीठ ने कहा कि पोस्ट अवार्ड सेटलमेंट एग्रीमेंट के तहत देय राशि का भुगतान न करने से पीड़ित पक्ष को दीवानी विवाद को आपराधिक रंग देकर आपराधिक मामला दायर करने का सहारा नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। न्यायालय ने कहा कि पक्षकार के लिए सही उपाय निर्णय को अमल में लाना होगा।मामले के तथ्यपक्षकारों ने तीस्ता नदी में पाइपलाइनों लगाने...
मद्रास हाईकोर्ट में असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) एक्ट के प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिका दायर
मद्रास हाईकोर्ट में महिलाओं के एक समूह ने असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) 2022 की धारा 27(2) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए याचिका दायर की। इसके तहत भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दिशा-निर्देशों के अनुसार दाताओं को अपने जीवनकाल में कम से कम 6 ओसाइट दान करने होंगे।एक्टिंग चीफ जस्टिस टी राजा और जस्टिस भरत चक्रवर्ती की खंडपीठ ने शुक्रवार को मामले को स्थगित कर दिया और याचिकाकर्ताओं को अपने दावों का समर्थन करने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्य की प्रकृति में अतिरिक्त...
अकाउंट्स और फाइनेंस का कुछ ज्ञान सेना के ग्रेजुएश सर्टिफिकेट को विशिष्ट योग्यता के समकक्ष नहीं बनाता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय सेना के पूर्व सैनिक द्वारा भारतीय रेलवे की सहायक कंपनी में सेना द्वारा जारी किए गए ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट के आधार पर पूर्व सैनिकों के तहत जूनियर असिस्टेंट (फाइनेंस कोटा) के रूप में नियुक्ति की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।पूर्व सैनिक राज कुमार का तर्क था कि चूंकि उसके पास "सेना में प्रशासन/लेखा/वित्त/बजट/रसद में काम करने का अनुभव" है, इसलिए उनके पास जूनियर असिस्टेंट (फाइनेंस) के पद के लिए आवश्यक योग्यता है। राइट्स द्वारा पद के लिए मांगी गई योग्यता बी.कॉम/बीबीए...
"अपरिहार्य परिस्थितियों में ही हाईकोर्ट में पेश होने के लिए विशेष वकीलों को नियुक्त करें": यूपी सरकार ने अपने विभागों, एजेंसियों से कहा
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने विभाग और एजेंसियों को हाईकोर्ट में मामलों की पैरवी करने के लिए केवल पैनल वकीलों को नियुक्त करने के लिए कहा है और यह भी निर्देश दिया है कि अगर निजी/विशेष वकीलों को अपरिहार्य परिस्थितियों में लगाया जाना है, तो उसके लिए तथ्य/परिस्थितियां महाधिवक्ता कार्यालय को सूचित किया जाना चाहिए।राज्य सरकार के न्याय विभाग के विशेष सचिव इंद्रजीत सिंह ने आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है,"हाईकोर्ट में सामान्य रूप से राज्य द्वारा नियुक्त विधि अधिकारियों में से केवल एक को ही नियुक्त किया...
सभी भौतिक तथ्यों का खुलासा करने में विफल रहने के बाद ही पुनर्मूल्यांकन नोटिस जारी किया जा सकता है : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने माना कि पूरी तरह से और सही मायने में सभी भौतिक तथ्यों का खुलासा करने में विफलता आवश्यक अधिकार क्षेत्र का मानदंड है, जिसे प्रासंगिक अवधि के अंत से चार साल की समाप्ति के बाद मूल्यांकन की कार्यवाही को फिर से खोलने के लिए किसी भी नोटिस को जारी करने से पहले पूरा किया जाना चाहिए।जस्टिस एम.एस. सोनाक और जस्टिस भरत पी. देशपांडे ने कहा कि किसी भी आरोप के अभाव में या अधिकार क्षेत्र के मानदंड के अनुपालन के बारे में स्पष्ट बयान के अभाव में पुनर्मूल्यांकन नोटिस को सामान्य रूप...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गोवा के पोरवोरिम में वकील पर पुलिस की बर्बरता का स्वत: संज्ञान लिया
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने पोरवोरिम पुलिस स्टेशन के कांस्टेबलों द्वारा वकील पर कथित हमले की घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और पुलिस जनरल डायरेक्टर, गोवा को नोटिस जारी किया।जस्टिस एम एस सोनाक और जस्टिस भारत देशपांडे की खंडपीठ ने राज्य को निर्देश दिया कि वह इस मामले में उठाए गए कदमों और एडवोकेट गजानन सावंत के संबंधित मामले के मेडिकल कागजात से न्यायालय को अवगत कराते हुए प्रारंभिक हलफनामा दाखिल करे।गोवा पुलिस से "तत्काल और शीघ्र कार्रवाई" की मांग करने वाले गोवा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन...
अदालत को ए एंड सी एक्ट की धारा 9 के तहत स्वीकृत दावे के आधार पर धन का दावा मंजूर करने की शक्ति दी गई है : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने दोहराया कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 (ए&सी एक्ट) की धारा 9 के तहत संरक्षण के अंतरिम उपाय प्रदान करने की न्यायालय की शक्ति नागरिक प्रक्रिया संहिता, 1908 (सीपीसी) के प्रावधानों के तहत शक्ति से अधिक व्यापक है।कोर्ट ने फैसला सुनाया कि ए&सी एक्ट की धारा 9 के तहत आवेदन पर निर्णय लेते समय सीपीसी में शामिल प्रक्रियात्मक प्रावधानों को अंतरिम राहत के अनुदान को विफल करने के लिए लागू नहीं किया जा सकता है।जस्टिस भारती डांगरे की पीठ ने निष्कर्ष निकाला कि अदालत ए एंड सी एक्ट की...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संपत्ति बिक्री-खरीद विज्ञापन पर अपना नाम छापने पर वकील के खिलाफ जांच के आदेश दिए
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने राज्य बार काउंसिल को एक वकील के खिलाफ जांच करने का आदेश दिया जिसका नाम संपत्ति की बिक्री, खरीद, विवादों के समाधान आदि के विज्ञापन पत्रक पर उल्लेख किया गया था। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के नियम 47 के अनुसार एक वकील व्यक्तिगत रूप से कोई व्यवसाय नहीं चला सकता है और न ही लाभ कमा सकता है।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने आदेश दिया कि उसके आदेश की एक प्रति बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को पत्रक की एक प्रति के साथ जांच कर मामले में आवश्यक कार्रवाई करने...
'धारा 153-ए लागू करने के लिए अशांति पैदा करने का इरादा आवश्यक': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता को जमानत दी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि धारा 153-ए के तहत अपराध के लिए अव्यवस्था पैदा करने या लोगों को हिंसा के लिए उकसाने का इरादा अनिवार्य है, एक कांग्रेसी नेता करमजीत सिंह गिल को जमानत दे दी है। गिल को गोल्डन टेंपल में 1984 के दंगों के आरोपी जगदीश टाइटलर की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनने के आरोप में अगस्त में गिरफ्तार किया गया था। अमृतसर पुलिस द्वारा धारा 153-ए के तहत दर्ज मामले में गिल पर अपने कार्यों से सिख भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया है। जस्टिस संदीप मोदगिल ने गिल को जमानत...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (12 दिसंबर, 2022 से 16 दिसंबर, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।धारा 37 एनडीपीएस एक्ट की कठोरता उन मामलों में लागू नहीं होती है, जहां वर्जित नमूने का संग्रह खुद दोषपूर्ण हो: दिल्ली हाईकोर्टनारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में एक व्यक्ति को जमानत देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अधिनियम की धारा 37 की कठोरता उन मामलों में लागू...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवमानना के मामले में आयकर उपायुक्त को दी सजा, एक हफ्ते की कैद के साथ जुर्माना भी लगाया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा कि आवेदक/निर्धारिती के खिलाफ वेब पोर्टल पर दिखायी गई बकाया राशि को फैसले के तुरंत बाद हटा दिया जाना चाहिए था, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से फैसले का उल्लंघन करते हुए बकाया राशि को वेब पोर्टल पर सात महीने तक रहने दिया।जस्टिस इरशाद अली की सिंगल बेंच ने अवमाननकर्ता पर 25,000 रुपये के जुर्माना के साथ एक सप्ताह की अवधि के लिए साधारण कारावास की सजा दी। आरोपी आयकर उपायुक्त है। चूक की स्थिति में, अवमाननाकर्ता को एक दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना...
सबरीमाला मेलशांति के रूप में मलयाला ब्राह्मण की नियुक्ति परंपरा का हिस्सा, अदालत को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए: हस्तक्षेपकर्ताओं ने केरल हाईकोर्ट से कहा
केरल हाईकोर्ट ने शनिवार को अपनी विशेष बैठक में सबरीमाला-मलिकप्पुरम मंदिरों के मेलशांति (मुख्य पुजारी) के रूप में नियुक्ति के लिए केवल मलयाला ब्राह्मणों से आवेदन आमंत्रित करने वाली त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई जारी रखी।यह मामला जस्टिस अनिल के नरेंद्रन और जस्टिस पीजी अजित कुमार की खंडपीठ के समक्ष लंबित है।अधिसूचनाओं को इस आधार पर चुनौती दी गई थी कि यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 15 (1) और 16 (2) के तहत गारंटीकृत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।आज...
प्रोबेट या लेटर्स ऑफ एडमिनेस्ट्रेशन के लिए विवादित आवेदन में कोर्ट फीस के भुगतान के लिए कौन सा कानून लागू होता है? केरल हाईकोर्ट ने बताया
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि जब भारतीय उत्तराधिकार नियम (केरल), 1968 के नियम 26 के तहत एक मूल याचिका को एक मुकदमे में परिवर्तित किया जाता है तो अदालत शुल्क का भुगतान कोर्ट फीस अधिनियम की अनुसूची II के अनुच्छेद 11 (के) के तहत किया जाना चाहिए।एक ट्रायल कोर्ट ने पहले एक वादी को निर्देश दिया था कि यदि मूल याचिका को वाद में बदल दिया गया हो तो भी वह अधिनियम की धारा 25 (ए) सहपठित न्यायालय शुल्क अधिनियम के अनुच्छेद 1 अनुसूची I के तहत कोर्ट फीस जमा करें। हालांकि, जस्टिस सीएस डायस ने कहा कि यह...
'पठान' फिल्म के गाने को लेकर शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण के खिलाफ बिहार कोर्ट में शिकायत
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के एक वकील ने पठान फिल्म 'बेशर्म रंग' के एक गाने को लेकर शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण के खिलाफ स्थानीय अदालत में निजी शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि यह हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।मुजफ्फरपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष सुधीर कुमार ओझा नाम के वकील ने शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने अपनी याचिका में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के आदेश की मांग की है।इसके अलावा, शिकायत में आरोपी व्यक्तियों - खान, पादुकोण, आदित्य चोपड़ा...
पटना हाईकोर्ट ने एक लोक अभियोजक, जिसकी अनुपस्थिति के कारण 90 से अधिक जमानत मामलों का निस्तारण नहीं हो सका, के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया
पटना हाईकोर्ट एक महत्वपूर्ण आदेश में हाल ही में राज्य के महाधिवक्ता को एक लोक अभियोजक के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जो न्यायालय के समक्ष अनुपस्थित रहे, जिसके कारण 90 से अधिक जमानत मामलों का न्यायालय निस्तारण नहीं कर सका।जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की खंडपीठ ने आदेश में कहा,"आदेश की प्रति विद्वान महाधिवक्ता के कार्यालय को भेजी जाए कि वह संबंधित विद्वान पीपी प्रभारी, जो ड्यूटी करने में विफल रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करें और जो कार्रवाई की जाए, वह न केवल नियमों के तहत बल्कि अनुच्छेद 51...
अर्धसैनिक बलों के सभी कर्मी अलग रैंक के बावजूद एचआरए के हकदार; मौजूदा पॉलिसी भेदभावपूर्ण : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) के लाभ को केवल ऑफिसर रैंक (पीबीओआर) से नीचे के कर्मियों तक सीमित रखने के गृह मंत्रालय के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि अर्धसैनिक बलों में हर कर्मी अलग रैंक के बावजूद लाभ का हकदार होगा।जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस सौरभ बनर्जी की खंडपीठ ने ऐसे कर्मियों को एचआरए का लाभ देने के लिए केंद्र और अन्य प्राधिकरणों को गृह मंत्रालय के साथ-साथ वित्त मंत्रालय के परामर्श से छह सप्ताह के भीतर आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।अदालत ने कहा,"हम इस बात का कोई कारण...
"कौशल को विशेष आयु तक सीमित नहीं किया जा सकता": जेकेएल हाईकोर्ट ने आयु के आधार पर फोटोग्राफरों को लाइसेंस देने को विनियमित करने वाला सरकारी आदेश निरस्त किया
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि सरकार किसी विशेष व्यापार के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक प्रतिबंध लगा सकती है। हालांकि, इस तरह के प्रतिबंध विशेष रूप से अनुचित नहीं होने चाहिए, जब इसका उद्देश्य किसी देश के बेरोजगार कुशल युवाओं के व्यापार को विनियमित करना हो।जस्टिस मोक्ष काज़मी खजुरिया ने उस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की, जिसके अनुसार याचिकाकर्ताओं ने पेशे से फोटोग्राफर होने के कारण पर्यटन विभाग जम्मू-कश्मीर के साथ रजिस्टर्ड होने के नाते सरकार के आयुक्त-सचिव,...
आम सहमति की कमी के कारण अब अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के लिए कोई प्रस्ताव नहीं: कानून मंत्री ने लोकसभा को बताया
संसद के दो सदस्यों में किए गए सवाल के जवाब में कि क्या केंद्र सरकार अखिल भारतीय न्यायिक सेवा (एआईजेएस) बनाने पर विचार कर रही है ताकि निचली न्यायिक सेवा में भर्ती प्रक्रिया को और अधिक कुशल, समान और नियमित बनाया जा सके और इसका समाधान भी किया जा सके।न्यायपालिका में रिक्तियों को समय पर भरने से न्यायाधीशों की कमी के बारे में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इस समय अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के लिए कोई प्रस्ताव नहीं है।कानून मंत्री द्वारा इस समय इस तरह का प्रस्ताव न रखने का कारण...


















