मुख्य सुर्खियां
अलॉटमेंट रद्द करना मनमाना : एनसीडीआरसी ने ई-होम इंफ्रास्ट्रक्चर को जमा की गई राशि लौटाने का निर्देश दिया
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की पीठ ने ई-होम्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ताओं द्वारा जमा की गई पूरी राशि का भुगतान करे जिसमें स्टांप पेपर खरीदने के लिए खर्च किए गए 410000 रुपये और आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड द्वारा दी गई राशि को 9 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज के साथ भुगतान करना शामिल है। आयोग 18 प्रतिश वार्षिक दर से ब्याज के साथ शेष मूल राशि वापस करने के लिए प्रतिवादी पक्ष को निर्देश देने के लिए दायर एक शिकायत पर सुनवाई कर रहा था,जिसमें कुछ अन्य...
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी के 12 साल बाद पत्नी की हत्या के आरोपी सिपाही को जमानत दी, कहा पुलिस ट्रायल को लंबा खींच रही है
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने यह कहते हुए कि ट्रायल के समापन की उम्मीद के बिना एक अभियुक्त की कैद की लंबी अवधि सीआरपीसी की धारा 437 के पहले प्रावधान की कठोरता को कम करती है, हाल ही में अपनी पत्नी की हत्या के आरोपी एक व्यक्ति को जमानत दे दी।जस्टिस संजय धर ने कहा कि अभियुक्त ने 12 साल से अधिक समय तक अपनी लंबी कैद के और इस तथ्य के कारण कि अभियोजन पक्ष और पुलिस विभाग के आचरण से शायद ही कोई निकट भविष्य में ट्रायल के निष्कर्ष की संभावना है, जमानत देने के लिए एक मामला तैयार किया है।अदालत ने...
सांसद राजन विचारे ने सुरक्षा बहाली के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया, शिंदे नेतृत्व वाली सरकार पर ठाकरे गुट के नेताओं को डराने का आरोप लगाया
उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) शिवसेना खेमे के सांसद राजन विचारे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य के खिलाफ कांस्टेबल की सुरक्षा कम करने के फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।याचिका में कहा गया कि सीएम शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार सरकारी खजाने की कीमत पर निजी सहायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं और कुछ ऐसे लोगों को दोहरी पुलिस सुरक्षा प्रदान कर रही है, जो किसी पद पर भी नहीं हैं, लेकिन सीएम एकनाथ शिंदे के करीबी हैं। यूबीटी शिवसेना के साथ जुड़े...
दिल्ली हाईकोर्ट ने खानपुर मार्केट में DUSIB की दुकान-विध्वंस कार्रवाई पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने खानपुर मार्केट एसोसिएशन के सदस्यों के कब्जे वाली लगभग 34 दुकानों को गिराने के दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) के फैसले पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया।जस्टिस अमित महाजन की अवकाशकालीन पीठ ने खानपुर मार्केट एसोसिएशन द्वारा 27 दिसंबर, 2022 को DUSIB द्वारा पारित आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें निर्देश दिया गया कि सात दिनों के भीतर दुकानों से सामान हटा दिया जाए।नोटिस में आरोप लगाया गया कि दुकानों का निर्माण DUSIB की जमीन पर अनधिकृत रूप से किया...
आंसर की ((key) की शुद्धता के संबंध में संदेह का लाभ एग्जाम अथॉरिटी के पक्ष में जाता है, उम्मीदवार के पक्ष में नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि एग्जाम की आंसर की (key) की शुद्धता के बारे में हमेशा एक धारणा होती है, कहा कि आंसर की की शुद्धता पर संदेह की स्थिति में लाभ उम्मीदवार के बजाय एग्जाम अथॉरिटी को जाना चाहिए।जस्टिस जे जे मुनीर की पीठ ने ज्ञान प्रकाश सिंह की वह रिट याचिका खारिज कर दी, जिसमें उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा संस्थान शिक्षा सेवा आयोग (UPHESC) द्वारा आयोजित कंपीटिशन एग्जाम में सहायता प्राप्त गैर-सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर (कैमिस्ट्री) के रूप में उनका चयन न करने के निर्णय को...
हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को गरीबी रेखा से नीचे एचआईवी पॉजिटिव व्यक्तियों को मुफ्त भोजन, इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को ऐसे एचआईवी पॉजिटिव व्यक्तियों को मुफ्त भोजन और चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, जो गरीबी रेखा से नीचे हैं और राष्ट्रीय राजधानी में इसके खर्च को वहन करने में असमर्थ हैं। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस और एक्वायर्ड इम्यून डेफिसिएंसी सिंड्रोम (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम 2017 और उसके तहत बनाए गए नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित...
यदि देयता स्वीकार की जाती है, तो बकाया भुगतान न करने के संबंध में विवाद को आर्बिट्रेशन के लिए नहीं भेजा जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि जहां अनुबंध के तहत देय राशि का भुगतान पक्षकारों द्वारा स्वीकार किया जाता है, उनके बीच भुगतान न करने से संबंधित विवाद को विवाद नहीं कहा जा सकता है, जो 'से उत्पन्न' या 'संबंध में' अनुबंध के तहत हुआ है। इस प्रकार इसे आर्बिट्रेशन के लिए नहीं भेजा जा सकता है।जस्टिस निधि गुप्ता की पीठ ने यह मानते हुए कि यह अनुबंध के तहत देय अंतिम राशि का भुगतान न करने का साधारण मामला है, फैसला सुनाया कि सिविल जज ने मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 (ए एंड सी एक्ट) की धारा 8...
कांग्रेस विधायकों का सामूहिक इस्तीफा: राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पीकर सीपी जोशी से 10 दिनों में अपना निर्णय स्पष्ट करने को कहा
राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने राजस्थान विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी को सितंबर 2022 में उनके समक्ष 91 कांग्रेस विधायकों द्वारा दिए गए इस्तीफे पर अपना रुख / निर्णय स्पष्ट करने के लिए 10 दिन का समय दिया।चीफ जस्टिस पंकज मिथल और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने एडवोकेट जनरल को स्पीकर से निर्देश प्राप्त करने और अदालत में अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए कहा।मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी को होगी।हाईकोर्ट वर्तमान में राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के उप नेता और भाजपा विधायक राजेंद्र राठौड़ द्वारा...
NCLAT ने अपील दायर करने की परिसीमा की गणना के लिए नए निर्देश जारी किए
नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने 24.12.2022 के आदेश के तहत NCLAT के समक्ष अपील दायर करने की परिसीमा की गणना के लिए नए निर्देश जारी किए। परिसीमा की अवधि की गणना ई-फाइलिंग की तारीख से की जाएगी और हार्ड कॉपी ई-फाइलिंग के 7 दिनों के भीतर फाइल करनी होगी।हालांकि, सक्षम प्राधिकारी किसी भी अप्रत्याशित आकस्मिकता के मामले में हार्ड कॉपी दाखिल करने की अवधि बढ़ाने के लिए स्वतंत्र है। यदि हार्ड कॉपी 7 दिनों के बाद दायर की जाती है तो उचित आदेश के लिए अपील अधिकरण के समक्ष रखी जाएगी। इसके अलावा,...
धारावी प्रोजेक्ट- ‘जब तक विकास योजना इसे एक ‘नेचर पार्क’ के रूप में दिखाती है, तब तक कोई अन्य गतिविधि नहीं की जा सकती’: बॉम्बे हाईकोर्ट ने माहिम नेचर पार्क पर कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने सोमवार को कहा कि माहिम नेचर पार्क (एमएनपी) का तब तक विकास के लिए दोहन नहीं किया जा सकता जब तक कि यह विकास योजना में "नेचर पार्क" के रूप में आरक्षित है।अदालत ने कहा,"जब तक विकास योजना इसे एक नेचर पार्क के रूप में दिखाती है, तब तक कोई अन्य गतिविधि नहीं की जा सकती है।"डिप्टी कलेक्टर और विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी द्वारा स्पष्ट किए जाने के बाद कि नेचर पार्क को धारावी पुनर्विकास परियोजना से बाहर रखा गया है। एसीजे एसवी गंगापुरवाला की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने...
चार्जशीट दाखिल करने के बाद कर्मचारी के निलंबन को बढ़ाने के आदेश में कारण दर्ज होने चाहिए: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में दोहराया कि एक बार निलंबित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच में चार्जशीट दाखिल हो जाने के बाद निलंबन केवल सुविचारित आदेश के आधार पर बढ़ाया जा सकता है।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की पीठ ने अजय कुमार चौधरी बनाम भारत संघ और अन्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भरोसा करते हुए यह टिप्पणी की,पूर्वोक्त के मद्देनजर, यह स्पष्ट है कि चार्जशीट दायर करने के बाद प्रतिवादियों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने निलंबन की अवधि बढ़ाने के लिए तर्कपूर्ण आदेश पारित करें।...
जब प्राइवेट एंटिटी रिट क्षेत्राधिकार के अधीन होती है तो न्यायिक पुनर्विचार सार्वजनिक कार्यों तक सीमित होता है: जम्मू एंड कश्मीर एंड एल हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड एल हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि जिन मामलों में प्राइवेट एंटिटी रिट क्षेत्राधिकार के अधीन है, न्यायिक पुनर्विचार की शक्तियां उन कार्यों तक सीमित हैं, जिनमें सार्वजनिक कर्तव्य का तत्व शामिल है।जस्टिस संजय धर ने उस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की, जिसके संदर्भ में याचिकाकर्ता प्रतिवादी जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का घटक) को निर्देश देने के लिए प्रार्थना कर रहा है कि वह छह करोड़ रुपये की अपनी स्वीकृत देयता को जारी करे।याचिका का...
'बम विस्फोट करना आधिकारिक कर्तव्य नहीं' : बॉम्बे हाईकोर्ट ने मालेगांव ब्लास्ट मामले में आरोप मुक्त करने की मांग वाली लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित की याचिका खारिज की
Bombay High Court Dismisses Lt Col Prasad Purohit's Plea For Discharge In Malegaon Blast Case बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को मालेगांव ब्लास्ट मामले में मुख्य आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें 2008 के मालेगांव विस्फोट के मामले में आरोप मुक्त करने की मांग की गई थी। मालेगांव ब्लास्ट में छह लोग मारे गए थे और 101 से अधिक घायल हुए थे।जस्टिस एएस गडकरी और जस्टिस प्रकाश नाइक की खंडपीठ ने यह आदेश सुनाया। अदालत ने कहा, "बम विस्फोट करना आधिकारिक कर्तव्य नहीं...
सर्विस प्रोवाइडर के बीच विवाद को आर्बिट्रेशन के लिए नहीं भेजा जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 (ट्राई एक्ट) स्व-निहित कोड है, जिसका उद्देश्य देश में प्रोवाइड की गई दूरसंचार सर्विसेज से उत्पन्न होने वाले सभी विवादों से निपटना है। इसलिए सर्विस प्रोवाइडर के बीच उपभोक्ताओं/सब्सक्राइबरों को प्रभावित कर सकने वाले विवाद को आर्बिट्रेशन के लिए नहीं भेजा जा सकता।इस प्रकार, न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि ट्राई एक्ट की धारा 14(ए)(ii) के मद्देनजर सर्विस प्रोवाइडर के बीच विवाद दूरसंचार विवाद निपटान और अपीलीय न्यायाधिकरण...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक दिन से कम समय का नोटिस देने वाले अधिकारियों को संपत्ति गिराने से रोका
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ हाल ही में याचिकाकर्ता के बचाव में आई, जिसकी संपत्ति को संबंधित अधिकारियों द्वारा एक दिन से भी कम समय में नोटिस देकर ध्वस्त करने का आदेश दिया गया।जस्टिस सत्येंद्र कुमार सिंह ने कहा कि पक्षों को सुनने के बाद यह तभी उचित होगा जब याचिकाकर्ता को उपयुक्त अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए उचित समय दिया जाए।कोर्ट ने कहा,इसलिए प्रतिवादियों को निर्देश के साथ याचिका का निस्तारण किया जाता है कि वे 3 दिनों के भीतर याचिकाकर्ताओं को भूमि के सीमांकन के संबंध...
प्रोविजनल एंटी-डंपिंग ड्यूटी की अधिसूचना और फाइनल एंटी-डंपिंग ड्यूटी की अधिसूचना की समाप्ति के बीच की अवधि के दौरान किए गए आयात पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी नहीं लगेगी: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने कहा कि प्रोविजनल एंटी-डंपिंग ड्यूटी (एडीडी) लगाने की अधिसूचना की समाप्ति और फाइनल एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने वाली अधिसूचना के बीच की अवधि के दौरान किए गए आयात पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी नहीं लगेगी।कोर्ट ने राजस्व विभाग द्वारा किए गए तर्क को खारिज कर दिया कि चूंकि फाइनल एंटी-डंपिंग ड्यूटी की अधिसूचना, प्रोविजनल एंटी-डंपिंग ड्यूटी की अधिसूचना के दिन से लागू की गई थी इसलिए आयातित माल पर प्रोविजनल एंटी-डंपिंग ड्यूटी के रेट की ड्यूटी ही लागू होगी।जस्टिस एन.वी....
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने महबूबा मुफ्ती की मां को पासपोर्ट देने से इनकार करने पर अधिकारियों को फटकार लगाई
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने पासपोर्ट अधिकारी को जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की मां के नए सिरे से पासपोर्ट जारी करने के आवेदन पर विचार करने का निर्देश देते हुए कहा कि प्राधिकरण को "सीआईडी का माउथपीस" के रूप में कार्य नहीं करना चाहिए।कोर्ट ने फैसला सुनाया कि पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 6 के वैधानिक प्रावधानों को ओवरराइड नहीं कर सकती है।मुफ्ती की मां गुलशन नजीर को पासपोर्ट देने से इनकार करने के आदेश को खारिज करते हुए जस्टिस एम ए चौधरी ने कहा कि...
ट्रायल कोर्ट को डाइंग डेक्लरेशन’ के मनगढ़ंत दस्तावेज तुरंत खारिज कर देने चाहिए थे : बॉम्बे हाईकोर्ट ने पत्नी की हत्या के दोषी व्यक्ति को बरी किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महिला के मृत्यु-पूर्व बयान (डाइंग डेक्लरेशन) पर परिस्थितियों की वजह से विश्वास न करते हुए पत्नी की हत्या के आरोपी पति की दोषसिद्धि को निरस्त कर दिया। उस व्यक्ति को मार्च 2015 में दोषी ठहराया गया था। कोर्ट ने इस बात का संज्ञान लिया कि मृत्यु-पूर्व बयान पर सामान्यतया बाएं अंगूठे के निशान के बजाय दाहिने अंगूठे का निशान था, जिसे लेकर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया था और इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि बयान से पहले उसे कोई सीडेटिव (दर्द निवारक) दिया गया था या नहीं।...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (26 दिसंबर, 2022 से 30 दिसंबर, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।सीबीएफसी अध्यक्ष के पास फिल्म को दूसरी पुनरीक्षण समिति को भेजने की शक्ति नहीं है; कार्रवाई अवैध, सिनेमैटोग्राफ अधिनियम का उल्लंघन: केरल हाईकोर्टकेरल हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष का फिल्म 'पुझा मुथल पूझा वारे' को दूसरी पुनरीक्षण समिति को संदर्भित...
मारुति सुजुकी को कार में दोषों को ठीक न कर पाने के कारण उपभोक्ता को 3 लाख रुपये का भुगतान करना चाहिएः दिल्ली राज्य आयोग
दिल्ली स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन बेंच, जिसमें जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल अध्यक्ष और सुश्री पिंकी सदस्य थीं, ने जिला आयोग, शालीमार बाग के आदेश को बरकरार रखा। जिला आयोग ने मारुति सुजुकी इंडिया को 3,41,000/- 10% प्रति वर्ष के ब्याज के साथ, सेवा प्रदान करने में कमी के लिए शिकायत दर्ज करने की तिथि से, मुआवजा देने का निर्देश दिया था।जिला फोरम ने शिकायतकर्ता को 1000 रुपये हर्जाने का निर्देश दिया। 50,000/- उनके द्वारा झेले गए दर्द और पीड़ा के मुआवजे के रूप में 5,000 / रुपये मुकदमेबाजी की...
















