मुख्य सुर्खियां
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (26 दिसंबर, 2022 से 30 दिसंबर, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।सीबीएफसी अध्यक्ष के पास फिल्म को दूसरी पुनरीक्षण समिति को भेजने की शक्ति नहीं है; कार्रवाई अवैध, सिनेमैटोग्राफ अधिनियम का उल्लंघन: केरल हाईकोर्टकेरल हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष का फिल्म 'पुझा मुथल पूझा वारे' को दूसरी पुनरीक्षण समिति को संदर्भित...
मारुति सुजुकी को कार में दोषों को ठीक न कर पाने के कारण उपभोक्ता को 3 लाख रुपये का भुगतान करना चाहिएः दिल्ली राज्य आयोग
दिल्ली स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन बेंच, जिसमें जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल अध्यक्ष और सुश्री पिंकी सदस्य थीं, ने जिला आयोग, शालीमार बाग के आदेश को बरकरार रखा। जिला आयोग ने मारुति सुजुकी इंडिया को 3,41,000/- 10% प्रति वर्ष के ब्याज के साथ, सेवा प्रदान करने में कमी के लिए शिकायत दर्ज करने की तिथि से, मुआवजा देने का निर्देश दिया था।जिला फोरम ने शिकायतकर्ता को 1000 रुपये हर्जाने का निर्देश दिया। 50,000/- उनके द्वारा झेले गए दर्द और पीड़ा के मुआवजे के रूप में 5,000 / रुपये मुकदमेबाजी की...
यह स्वीकार करना मुश्किल की घनी आबादी के बीच दो बच्चों की विधवा मां के साथ कई मौकों पर जबरन बलात्कार किया जा सकता है: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल में एक महिला से बलात्कार के आरोपी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा, यह स्वीकार करना मुश्किल है कि दो बच्चों की विधवा मां के साथ घनी आबादी के इलाके में कई बार बलात्कार किया जा सकता है।“दरअसल, आवेदक और आरोपी के बीच लंबे समय से जान-पहचान थी। यह स्वीकार करना मुश्किल है कि घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में रहने वाली दो बच्चों वाली विधवा के साथ एक बार नहीं बल्कि कई मौकों पर जबरन बलात्कार किया जा सकता है। ”जस्टिस विभा कंकनवाड़ी और जस्टिस अभय वाघवासे की...
वैध वीजा के बावजूद यौन अपराध के दोषी अमेरिकी नागरिक को भारत में प्रवेश से इनकार, गुजरात हाईकोर्ट ने यूनियन ऑफ इंडिया को नोटिस जारी किया
गुजरात हाईकोर्ट ने भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक द्वारा दायर एक याचिका पर यूनियन ऑफ इंडिया और अन्य को नोटिस जारी किया है। अमेरिका में बाल यौन शोषण मामले में दोषी ठहराए जाने के कारण वैध वीजा होने के बावजूद उसे भारत में प्रवेश से वंचित कर दिया गया था।एएसजी देवांग व्यास द्वारा याचिका की विचारणीयता का मुद्दा उठाए जाने के बाद जस्टिस गीता गोपी की पीठ ने नोटिस का जवाब 3 जनवरी, 2023 तक देने का निर्देश दिया।मामलामामला धनराज पटेल नामक एक व्यक्ति से संबंधित है, जो भारत में पैदा हुआ था, लेकिन 17 साल की उम्र...
भ्रष्टाचार के मामले में केवल इसलिए पूरी कार्यवाही रद्द नहीं की जा सकती, क्योंकि शिकायतकर्ता जांच के दौरान पक्षद्रोही हो गया: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने माना कि भ्रष्टाचार के मामले में पूरी कार्यवाही केवल इसलिए रद्द नहीं की जा सकती, क्योंकि रिश्वत की मांग के संबंध में जाल में भाग लेने वाले शिकायतकर्ता ने जांच के दौरान अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं किया।जस्टिस राधा कृष्ण पटनायक की एकल न्यायाधीश पीठ ने इस तरह के मामले को रद्द करने के लिए दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा:"इसमें कोई संदेह नहीं कि आरोप को समर्थन में लाने के लिए मांग और स्वीकृति के आवश्यक तत्वों को स्थापित करना होगा, लेकिन यहां तक कि जब भौतिक गवाह कथित जाल...
'अब तक लिस्टिंग में बहुत समय बर्बाद हुआ': जस्टिस गौतम पटेल की अध्यक्षता वाली बॉम्बे हाईकोर्ट की बेंच ने पेपर इनफ्लो को कम करने के निर्देश जारी किए, लिस्टिंग प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया
जस्टिस गौतम पटेल की अध्यक्षता वाली बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) की बेंच ने प्रायोगिक आधार पर पेपर इनफ्लो को कम करने और उनकी बेंच के समक्ष मामलों को लिस्ट करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रशासनिक पक्ष पर कई निर्देश जारी किए हैं।अभी दो हफ्ते पहले जस्टिस अभय ओक ने सभी संवैधानिक अदालतों में पारदर्शिता लाने के लिए मामलों की लिस्टिंग में किसी भी तरह के मानवीय हस्तक्षेप को खत्म करने की बात कही थी।28 दिसंबर के नोटिस के अनुसार, लिस्टिंग के लिए एक स्वचालित प्रणाली लागू की जाएगी। ...
'अंधा अंधे का नेतृत्व कर रहा है?' मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि प्रशिक्षित न्यायिक अधिकारी प्रक्रिया से अनभिज्ञ हैं, एकेडमी को रिफ्रेशर कोर्स आयोजित करने का आदेश
मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में तमिलनाडु राज्य न्यायिक अकादमी को न्यायिक अधिकारियों के लिए "रिफ्रेशर कोर्स" आयोजित करने का निर्देश दिया, जिसमें गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA), यौन अपराधों से बच्चों की रोकथाम (POCSO) अधिनियम, SC/ST अधिनियम और एनडीपीएस अधिनियम जैसे विशेष अधिनियमों पर ध्यान केंद्रित किया जाए।जस्टिस पी.एन. प्रकाश और जस्टिस एन. आनंद वेंकटेश की पीठ ने यह निर्देश यह देखते हुए दिया कि निचली अदालतें आईपीसी और यूएपीए के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोपी व्यक्ति की जमानत याचिका से...
डिटेंशन ऑर्डर की अनुवादित प्रति की आपूर्ति करने में विफलता हिरासत में लेने वाले प्राधिकरण के निर्णय को प्रभावित नहीं करती है: जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज करते हुए शुक्रवार को कहा कि डिटेंशन ऑर्डर की अनुवादित प्रति की आपूर्ति करने के लिए डिटेनिंग अथॉरिटी की ओर से विफलता निरोध को समाप्त नहीं करती है।जस्टिस वसीम सादिक नरगल की पीठ ने कहा,"भारत के संविधान के अनुच्छेद 22(5) के तहत संवैधानिक शासनादेश के साथ प्रिवेंटिव डिटेंशन से निपटने वाले सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम, 1978 के प्रावधानों के एक मात्र अवलोकन से मुझे नहीं लगता कि ऐसी आवश्यकता अनिवार्य है और आंशिक रूप से विफल है। सभी...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने आपराधिक मामलों, मध्यस्थता याचिकाओं के लिए ई-फाइलिंग को अनिवार्य बनाया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 9 जनवरी, 2023 से नए आपराधिक मामलों, मध्यस्थता याचिकाओं और नागरिक अवमानना याचिकाओं की ई-फाइलिंग अनिवार्य कर दी है।जिन कैटेगरी के लिए ई-फाइलिंग को अनिवार्य किया गया है, वे इस प्रकार हैं:1) आपराधिक रिट याचिका2) सीआरपीसी की धारा 482 के तहत आपराधिक आवेदन।3) आपराधिक आवेदन4) आपराधिक अपील5) आपराधिक एएलपी6) क्रिमिनल रिवीजन7) दूसरी अपील8) विविध नागरिक आवेदन9) मध्यस्थता याचिका10) अवमानना याचिका (सिविल)अदालत ने नोटिस में कहा,"इन वर्गों में नए मामलों की ई-फाइलिंग में सभी...
NCDRC ने दोहराया, अपील में देरी की माफी की मांग करना अधिकार नहीं, प्रत्येक दिन की व्याख्या की जानी चाहिए
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) की सदस्य सी. विश्वनाथ और सुभाष चंद्रा वाली खंडपीठ ने हाल ही में कहा कि देरी की माफी का अधिकार के रूप में दावा नहीं किया जा सकता है और देरी के हर दिन के लिए स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए।पीठ ने आंध्र प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के फैसले के खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 (The Consumer Protection Act) की धारा 21 के तहत दायर पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए यह बात कही। राज्य आयोग ने देखा कि याचिकाकर्ता देरी के लिए कोई कारण बताने में विफल...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने SC/ST Act मामले में हबीब ग्रुप ट्रस्ट के अध्यक्ष को अग्रिम जमानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने SC/ST Act मामले में हबीब ग्रुप ट्रस्ट मुंबई के अध्यक्ष जावेद श्रॉफ को अग्रिम जमानत दे दी। श्रॉफ पर ट्रस्ट में कार्यरत एक शिक्षक के खिलाफ यौन उत्पीड़न और जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया गया था।हाईकोर्ट ने श्रॉफ को जमानत देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) के तहत मामलों में अग्रिम जमानत देने पर रोक लागू नहीं होगी, क्योंकि उसके खिलाफ आरोप प्रेरित और बाद में लगाए गए प्रतीत होते हैं।SC/ST Act की धारा 18ए के तहत प्रतिबंध तभी...
यूएस फेडरल कोर्ट ने मरीन कॉर्प्स के बूट कैंप में सिख रंगरूटों को बाल और दाढ़ी रखने की अनुमति दी
अमेरिका की एक संघीय अदालत ने शुक्रवार को मरीन कॉर्प्स को आदेश दिया कि जब तक एक जिला अदालत एलीट यूनिट में प्रचलित बूट कैंप ग्रूमिंग रूल्स को दी गई चुनौतियों का पूरी तरह से आकलन करती है, तब तक वे बाल और दाढ़ी के साथ सिख रंगरूटों को प्रारंभिक उपचार के रूप में तुरंत बुनियादी प्रशिक्षण आरंभ करने की अनुमति दें।कोर्ट का यह निर्णय धार्मिक स्वतंत्रता और प्लैंटिफ रिक्रूट, दोनों के लिए एक बड़ी जीत का प्रतीक है। उल्लेखनीय है कि केस रखना सिख धर्म के पंच ककार का हिस्स है, यह उन पांच प्रतीकों में से एक है,...
सीबीएफसी अध्यक्ष के पास फिल्म को दूसरी पुनरीक्षण समिति को भेजने की शक्ति नहीं है; कार्रवाई अवैध, सिनेमैटोग्राफ अधिनियम का उल्लंघन: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष का फिल्म 'पुझा मुथल पूझा वारे' को दूसरी पुनरीक्षण समिति को संदर्भित करने का निर्णय अवैध है और सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 और सिनेमैटोग्राफ (प्रमाणन) नियमों, 1983 का उल्लंघन है।जस्टिस एन नागरेश ने कहा कि नियम 24(12) विशेष रूप से अनिवार्य करता है कि जहां अध्यक्ष पुनरीक्षण समिति के बहुमत के निर्णय से असहमत हैं, बोर्ड स्वयं फिल्म की जांच करेगा या फिल्म की जांच एक अन्य पुनरीक्षण समिति द्वारा करवाएगा और यह कि बोर्ड...
दसवीं कक्षा के बाद 3 वर्षीय डिप्लोमा/पॉलिटेक्निक वाले छात्र बीए एलएलबी प्रवेश के लिए पात्र हैं, प्रॉस्पेक्टस में शामिल करें: टीएनडीएएलयू से मद्रास हाईकोर्ट ने कहा
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु डॉ अंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी को निर्देश दिया है कि 10वीं कक्षा के बाद तीन वर्षीय डिप्लोमा करने वाले छात्र को पांच वर्षीय बीए एलएलबी पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी जाए।कोर्ट ने कहा कि उसे सिर्फ इस आधार पर अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता कि उसने 10वीं पास करने के बाद तीन साल का डिप्लोमा कोर्स किया है।बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने पहले स्पष्ट किया था कि सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान द्वारा जारी किए गए 3 वर्षीय डिप्लोमा / पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रम को 5...
समुद्री पेंट पोत का भाग? बॉम्बे हाईकोर्ट ने एएएआर के फैसले की पुष्टि की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अग्रिम निर्णय के लिए महाराष्ट्र अपीलीय प्राधिकरण (एएआर) द्वारा दिए गए अग्रिम फैसले के खिलाफ दायर एक रिट याचिका को खारिज कर दिया है।जस्टिस नितिन जामदार और जस्टिस गौरी गोडसे की खंडपीठ ने कहा कि प्राधिकरण और अपीलीय प्राधिकरण ने पूरी प्रक्रिया का पालन किया और याचिकाकर्ता को पूरा अवसर दिया गया। सुनवाई के अवसर की कमी के कारण प्राकृतिक न्याय सिद्धांतों के उल्लंघन का कोई सबूत नहीं था।याचिकाकर्ता द्वारा एंटी-फॉउलिंग पेंट को जहाज का हिस्सा क्यों माना जाना चाहिए, इस पर सभी बिंदुओं पर...
मुस्लिम पर्सनल लॉ के प्रावधानों को केरल हाईकोर्ट में चुनौती, निर्वसीयती उत्तराधिकार में लैंगिक भेदभाव का आरोप
केरल हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की गई है, जिसमें मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) एप्लीकेशन एक्ट, 1937 और मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) एप्लीकेशन (केरल एमेंडमेंट) एक्ट, 1963 के विभिन्न प्रावधानों को इस आधार पर चुनौती दी गई थी कि वे पुरुषों और महिला मुस्लिम निर्वसीयत उत्तराधिकारी में भेदभाव करते हैं।जस्टिस वीजी अरुण ने हाल ही में याचिका को स्वीकार किया और सरकारी वकील को निर्देश प्राप्त करने के लिए कहा। छुट्टी के तुरंत बाद मामले को उठाया जाएगा।एडवोकेट अतुल सोहन के माध्यम से दायर याचिका में मुस्लिम...
गुजरात हाईकोर्ट ने प्राकृतिक न्याय का पालन नहीं करने पर 101 करोड़ रुपये के इनकम टैक्स असेसमेंट ऑर्डर रद्द किया
गुजरात हाईकोर्ट ने नेशनल फेसलेस असेसमेंट सेंटर द्वारा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के उल्लंघन के आधार पर 101 करोड़ रुपये का आयकर का असेसमेंट ऑर्डर रद्द कर दिया।जस्टिस एन.वी. अंजारिया और जस्टिस भार्गव डी. करिया की खंडपीठ ने कहा कि प्रतिवादी/विभाग आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 144बी के प्रावधानों के तहत मूल्यांकन के साथ आगे बढ़ने के लिए स्वतंत्र होगा। विभाग को कार्यवाही में आगे बढ़ने से पहले कारण बताओ नोटिस और ड्राफ्ट असेसमेंट ऑर्डर जारी करने के लिए कहा जिससे याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर दिया जा...
ओडिशा में रेस्तरां द्वारा पानी की बोतल पर एमआरपी से अधिक वसूले जाने पर कंज्यूमर कमीशन ने लॉ स्टूडेंट को 3000 रुपये का मुआवजा दिया
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, खुर्दा, भुवनेश्वर ने उस लॉ स्टूडेंट को 3000 रुपये का अवॉर्ड देने का निर्देश दिया, जिससे रेस्तरां ने 20 रुपये कीमत की मिनरल वाटर बोतल के लिए अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक मूल्य 40 रुपये वसूल किये थे।शिकायत को स्वीकार करते हुए कमीशन ने कहा कि सुविधाएं और सेवाएं प्रदान करने के नाम पर प्रिट एमआरपी से अधिक कीमत लेना उचित नहीं है और यह अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस है।कमीशन ने कहा,“यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) वह उच्च मूल्य है जिस पर प्रोडक्ट...
'धर्म के नाम पर लोगों से पैसे लूट रहे पाखंडी': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पुजारी की पत्नी को अग्रिम जमानत देने से किया इनकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में जबरन वसूली और आपराधिक विश्वासघात मामले में एक पुजारी की पत्नी को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।जस्टिस अनिल वर्मा ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि धर्म के नाम पर लोगों से पैसे लूट रहे हैं।आगे कहा,"आजकल समाज में ऐसी कठोर स्थिति प्राय: देखने को मिलती है कि अनेक ढोंगी धर्म के नाम पर भोले-भाले लोगों के फैसे लूट रहे हैं और उन्हें ठग रहे हैं। इस प्रकार के धोखेबाज धर्म के नाम पर कलंक हैं। समाज को ऐसे विश्वासघाती लोगों से सावधान रहना...
पक्षकारों के बीच पत्राचार ऑप्शनल आर्बिट्रेशन के एग्रीमेंट के तहत उनके स्पष्ट इरादे को खत्म नहीं कर सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि जहां एक क्लाज निर्धारित करता है कि पक्षकारों को 'आर्बिट्रेशन' के लिए भेजा जा सकता है, उक्त क्लाज आर्बिट्रेशन एग्रीमेंट का गठन नहीं करता है, इस तथ्य के बावजूद कि क्लाज आर्बिट्रेटर के निर्णय पर बाध्यकारी प्रकृति प्रदान करता है।न्यायालय ने कहा कि उक्त क्लाज ने केवल भविष्य की संभावना और विवादों को आर्बिट्रेशन के लिए संदर्भित करने के विकल्प पर विचार किया।जस्टिस भारती डांगरे की पीठ ने कहा कि एक बार पक्षकार को आर्बिट्रेशन के लिए नहीं भेजे जाने का विकल्प उपलब्ध कराया...















