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छात्रों की गलती नहीं: हाईकोर्ट ने कलकत्ता यूनिवर्सिटी को राजकीय सहायता प्राप्त कॉलेज के वनस्पति विज्ञान के छात्रों को रजिस्टर्ड करने का निर्देश दिया
'छात्रों की गलती नहीं': हाईकोर्ट ने कलकत्ता यूनिवर्सिटी को राजकीय सहायता प्राप्त कॉलेज के वनस्पति विज्ञान के छात्रों को रजिस्टर्ड करने का निर्देश दिया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में कलकत्ता यूनिवर्सिटी को B.Sc. के उन छात्रों को शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए बेहाला कॉलेज के वनस्पति विज्ञान (ऑनर्स) में रजिस्ट्रेशन नंबर और एडमिट कार्ड देने का निर्देश दिया, जिन्हें इस आधार पर अस्वीकार कर दिया गया कि उक्त कॉलेज यूनिवर्सिटी से 'संबद्धता के विस्तार' की शर्त को पूरा नहीं कर सका।जस्टिस कौशिक चंदा की पीठ ने याचिका को स्वीकार करते हुए कहा,“छात्रों की कोई गलती नहीं है। चूंकि कोर्स राजकीय सहायता प्राप्त कॉलेज द्वारा पेश किया गया, इसलिए हो सकता है कि...

COVID-19 ड्यूटी के दौरान कांस्टेबल अमित कुमार की मौत, पत्नी के मुआवजे के मामले में दिल्ली सरकार का फैसला तर्कसंगत नहीं: हाईकोर्ट
COVID-19 ड्यूटी के दौरान कांस्टेबल अमित कुमार की मौत, पत्नी के मुआवजे के मामले में दिल्ली सरकार का फैसला तर्कसंगत नहीं: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि दिल्ली सरकार के मंत्रियों के समूह द्वारा COVID-19 के दौरान जान गंवाने वाले कांस्टेबल अमित कुमार की पत्नी को 1 करोड़ रुपये का अनुग्रह भुगतान प्रथम दृष्टया टिकाऊ नहीं है। कोर्ट ने यह टिप्पणी 28 वर्षीय कांस्टेबल अमित कुमार का अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए COVID-19 की पहली लहर के दौरान हुए निधन पर उसके परिवार को दिए जाने वाले मुआवजा के मामले पर सुनवाई करते हुए की। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह कुमार की पत्नी द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही थीं, जो उस समय...

बस कंडक्टर के यात्री को एक रुपया नहीं लौटाया,  कंज्यूमर कोर्ट ने बैंगलोर मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन को 2000 रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया
बस कंडक्टर के यात्री को एक रुपया नहीं लौटाया, कंज्यूमर कोर्ट ने बैंगलोर मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन को 2000 रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया

बेंगलुरु के उपभोक्ता आयोग ने उपभोक्ता के प्रयास की सराहना की, जिसने बैंगलोर मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (BMTC) के बस कंडक्टर के एक रुपया कम देने पर फोरम का दरवाजा खटखटाया।जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने 31 जनवरी के आदेश के तहत एडवोकेट रमेश नाइक एल द्वारा दायर शिकायत को आंशिक रूप से स्वीकार किया और निगम को निर्देश दिया कि वह उसे 45 दिनों के भीतर 1 रुपये वापस करे और सेवा में कमी के लिए 2,000 रुपये का मुआवजा और मुकदमेबाजी की लागत के लिए 1,000 रुपये का भुगतान करे।इसके अलावा, आयोग ने कहा कि...

राज्य मानवाधिकार आयोग मानवाधिकारों के उल्लंघन पर मुआवजे का आदेश देने का अधिकार क्षेत्र रखता है : केरल हाईकोर्ट
राज्य मानवाधिकार आयोग मानवाधिकारों के उल्लंघन पर मुआवजे का आदेश देने का अधिकार क्षेत्र रखता है : केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) के पास मानवाधिकारों के उल्लंघन होने पर मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश देने अधिकार हैचीफ जस्टिस एस. मणिकुमार और जस्टिस मुरली पुरुषोत्तमन की खंडपीठ ने ऐसे मामले में आदेश पारित किया, जिसमें कोट्टायम नगर पालिका द्वारा भेदभावपूर्ण तरीके से और नोटिस जारी किए बिना स्ट्रीट वेंडर को बेदखल कर दिया गया।अदालत ने कहा,"संविधान द्वारा गारंटीकृत सड़क पर वेंडिंग करने के लिए तीसरे प्रतिवादी का अधिकार केरल नगर पालिका अधिनियम, 1994 द्वारा लगाए गए...

रेस्तरां में हुक्का सेवाओं पर कोई रोक नहीं अगर नामित धूम्रपान क्षेत्र कानून के अनुसार प्रदान किया जाता है: मद्रास हाईकोर्ट
रेस्तरां में हुक्का सेवाओं पर कोई रोक नहीं अगर नामित धूम्रपान क्षेत्र कानून के अनुसार प्रदान किया जाता है: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने एक होटल मालिक को राहत देते हुए कहा कि रेस्तरां में हुक्का सेवाएं प्रदान करने के लिए कानून के तहत कोई निषेध नहीं है, अगर वह सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों (विज्ञापन का निषेध और व्यापार और वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2003 और सार्वजनिक स्थानों में धूम्रपान निषेध नियम, 2008 के प्रावधानों के अनुरूप चलाया जाता है।अदालत ने कहा कि कानून के अनुसार, एक अलग धूम्रपान क्षेत्र, यानी एक अलग हवादार धूम्रपान क्षेत्र जिसमें अंग्रेजी या एक भारतीय...

समान आधारों और सामग्रियों के आधार पर बाद के डिटेंशन ऑर्डर में डिटेनू की पिछली नजरबंदी का उल्लेख नहीं होने पर आदेश टिकाऊ नहीं: जेकेएल हाईकोर्ट
समान आधारों और सामग्रियों के आधार पर बाद के डिटेंशन ऑर्डर में डिटेनू की पिछली नजरबंदी का उल्लेख नहीं होने पर आदेश टिकाऊ नहीं: जेकेएल हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में डिटेंशन ऑर्डर खारिज करते हुए कहा कि वास्तव में यह उल्लेख किए बिना कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति को पहले से ही इसी सामग्री के आधार पर हिरासत में लिया गया, बाद के डिटेंशन ऑर्डर को पारित करने के लिए उन्हीं आधारों और सामग्री का उपयोग करना, न केवल अवैधता है, साथ ही हिरासत में लेने वाले प्राधिकरण की ओर से विवेक के उपयोग की कमी को भी दर्शाता है।जस्टिस संजय धर ने उस याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की, जिसके संदर्भ में याचिकाकर्ता ने डिटेंशन ऑर्डर को...

गुजरात हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारी को धमकाने के आरोपी वकील के खिलाफ चार्जशीट दायर करने से पुलिस को रोका
गुजरात हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारी को धमकाने के आरोपी वकील के खिलाफ चार्जशीट दायर करने से पुलिस को रोका

गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने सरकारी अधिकारी को धमकाने के आरोपी वकील के खिलाफ चार्जशीट दायर करने पर रोक लगा दी। इसमें आरोप लगाया गया है कि जब वे अपने आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे तो उसने अधिकारियों को धमकी दी थी।अदालत ने कहा,"वर्तमान मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के संबंध में, प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि पेशेवर वकील होने के नाते, उन्हें नोटिस की तारीख तय करने के लिए बुलाया गया था और अन्य व्यक्तियों के साथ वहां मौजूद थे।"जस्टिस इलेश जे. वोरा ने जांच अधिकारी को अदालत...

मणिपुर हाईकोर्ट ने दो महिलाओं, अजन्मे बच्चे की हत्या के आरोपी को जमानत दी, कहा विचाराधीन कैदियों को लंबे समय तक हिरासत में रखना अनुच्छेद 21 का उल्लंघन
मणिपुर हाईकोर्ट ने दो महिलाओं, अजन्मे बच्चे की हत्या के आरोपी को जमानत दी, कहा विचाराधीन कैदियों को लंबे समय तक हिरासत में रखना अनुच्छेद 21 का उल्लंघन

मणिपुर हाईकोर्ट ने वर्ष 2017 में दो महिलाओं और एक अजन्मे बच्चे की हत्या करने के आरोपी एक व्यक्ति को जमानत दे दी है। एक्टिंग चीफ जस्टिस एम वी मुरलीधरन ने अपने आदेश में कहा कि, ‘‘जमानत आवेदन से निपटने के दौरान एक न्यायाधीश द्वारा एक मानवीय रवैया अपनाने की आवश्यकता होती है। भले ही अपराध एक गंभीर अपराध है, अदालत द्वारा मानवीय उपचार की आवश्यकता है, एक अभियुक्त सहित सभी के लिए मानवीय उपचार कानून की आवश्यकता है।’’ अदालत ने यह भी कहा कि आपराधिक न्यायशास्त्र का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जमानत देना...

कोर्ट मध्यस्थता निर्णय में हस्तक्षेप न करने के सिद्धांतों का सख्ती से पालन कर रहे हैं; मध्यस्थता के पक्षकारों को अवार्ड स्वीकार करना चाहिए: जस्टिस एसके कौल
कोर्ट मध्यस्थता निर्णय में हस्तक्षेप न करने के सिद्धांतों का सख्ती से पालन कर रहे हैं; मध्यस्थता के पक्षकारों को अवार्ड स्वीकार करना चाहिए: जस्टिस एसके कौल

दिल्ली आर्बिट्रेशन वीकेंड (DAW) के समापन सत्र में बोलते हुए सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संजय किशन कौल ने कहा कि भारतीय न्यायालय मध्यस्थता निर्णयों में हस्तक्षेप न करने के सिद्धांतों का सख्ती से पालन कर रहे हैं।उन्होंने यह भी कहा कि मध्यस्थता के पक्षकारों को केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए अवार्ड को स्वीकार करना और बहु-स्तरीय मुकदमेबाजी से बचना सीखना चाहिए।आगे कहा,"मैं अक्सर कहता हूं कि पार्टियों को अवार्ड स्वीकार करना सीखना चाहिए। दुर्भाग्य से, सार्वजनिक क्षेत्रों को इसकी अधिक आवश्यकता है। केवल...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारत के खिलाफ पाकिस्तान क्रिकेट टीम की जीत का जश्न मनाने के आरोपी जम्मू-कश्मीर के छात्रों के खिलाफ केस आगरा से सहारनपुर ट्रांसफर किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारत के खिलाफ पाकिस्तान क्रिकेट टीम की जीत का जश्न मनाने के आरोपी जम्मू-कश्मीर के छात्रों के खिलाफ केस आगरा से सहारनपुर ट्रांसफर किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में 2021 में भारत के खिलाफ टी20 क्रिकेट विश्व कप मैच में पाकिस्तान की जीत के बाद पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने के आरोपी जम्मू-कश्मीर के तीन छात्रों के खिलाफ मुकदमे को सीजेएम, आगरा की अदालत से सीजेएम, सहारनपुर की अदालत में ट्रांसफर कर दिया। जस्टिस ओम प्रकाश त्रिपाठी की पीठ ने यह आदेश छात्रों द्वारा अदालत के समक्ष उनके वकील द्वारा प्रस्तुत किए जाने के बाद स्थानांतरित याचिका पर पारित किया कि जिला बार एसोसिएशन, आगरा ने एक प्रस्ताव पास किया है कि वे आवेदकों के मामले का बचाव...

जमानत अर्जी पर फैसला सुनाने के स्तर पर साक्ष्य की गुणवत्ता या मात्रा पर ध्यान नहीं दिया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
जमानत अर्जी पर फैसला सुनाने के स्तर पर साक्ष्य की गुणवत्ता या मात्रा पर ध्यान नहीं दिया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि जमानत अर्जी पर फैसला देने के चरण में वह सबूत की गुणवत्ता या मात्रा पर विचार नहीं कर सकता है। वह केवल इस बात पर विचार कर सकता है कि क्या ऐसा लग रहा है कि आरोपित ने अपराध किया है और क्या वह जमानत का हकदार है?जस्टिस कृष्ण पहल की पीठ ने उक्त टिप्पणियों के साथ एक ऐसे व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिस पर अपनी पत्नी को जलाकर मार डालने का आरोप लगाया गया है। बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष के कई गवाहों ने अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं...

Gauhati High Court
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम राइफल्स द्वारा मारे गए दो कथित उल्फा कैडरों के परिजनों को मुआवजा दिया, सीबीआई जांच से इनकार

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने यूनियन ऑफ इंडिया को दो कथित उल्फा कैडरों (यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असोम) की मांओं को 4 लाख रुपये मुआवजा प्रदान करने का निर्देश दिया है। दोनों कैडरों को न्हें असम राइफल्स के जवानों ने सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम के तहत अपनी शक्ति का प्रयोग करते हुए मार डाला था।रिट याचिका को स्वीकार करते हुए चीफ जस्टिस श्री आरएम छाया और जस्टिस सौमित्र सैकिया की खंडपीठ ने कहा,"तथ्यों की समग्रता में, रिकॉर्ड पर दलीलों के अनुसार, यह स्पष्ट है कि दोनों मृतकों से असम राइफल्स के जवानों को रुकने...

कपड़े या शरीर के किसी भी अंग के संदर्भ के बिना किसी व्यक्ति की शक्ल का उल्लेख करना यौन टिप्पणी नहीं: दिल्ली कोर्ट
कपड़े या शरीर के किसी भी अंग के संदर्भ के बिना किसी व्यक्ति की शक्ल का उल्लेख करना 'यौन टिप्पणी' नहीं: दिल्ली कोर्ट

दिल्ली की एक अदालत ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि पोशाक या किसी व्यक्ति के शरीर के किसी भी हिस्से के विशेष संदर्भ के बिना किसी व्यक्ति के रूप और चाल-चलन का उल्लेख करना यौन संबंधित टिप्पणी नहीं माना जाएगा।पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजिंदर सिंह ने भारतीय दंड संहिता की धारा 509 (किसी महिला की गर‌िमा का हनन करने के इरादे से कहे गए शब्द, हावभाव या कार्य) के तहत एक पुरुष को डिस्चार्ज करने के खिलाफ एक महिला की याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। दो अन्य पुरुषों के खिलाफ धारा...

सेक्‍शन 52ए एनडीपीएस एक्ट के कारण सीआरपीसी की धारा 457 के तहत जब्त वाहनों की अंतरिम हिरासत प्रदान करने पर रोक नहीं: केरल हाईकोर्ट
सेक्‍शन 52ए एनडीपीएस एक्ट के कारण सीआरपीसी की धारा 457 के तहत जब्त वाहनों की अंतरिम हिरासत प्रदान करने पर रोक नहीं: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि न्यायिक अदालतों, जैसे कि विशेष अदालत और मजिस्ट्रेट कोर्ट, को धारा 457 सीआरपीसी के तहत नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस एक्ट (एनडीपीएस) के तहत अपराधों के संबंध में जब्त वाहनों की अंतरिम कस्टडी देने की शक्ति दी गई है। यह अधिनियम की धारा 52ए में निर्धारित निस्तारण प्रक्रिया के बावजूद है।जस्टिस वीजी अरुण उपरोक्त साइनाबा बनाम केरल राज्य और अन्य (2022) में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर उक्त टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में शाहजहां बनाम...

कानून के बारे में बोलने के लिए वकीलों की स्वतंत्रता खोना गंभीर मुद्दा: आदित्य सोंधी ने बार के लचीला होने पर चिंता जताई
'कानून के बारे में बोलने के लिए वकीलों की स्वतंत्रता खोना गंभीर मुद्दा': आदित्य सोंधी ने बार के लचीला होने पर चिंता जताई

सीनियर एडवोकेट आदित्य सोंधी ने इस धारणा के बारे में चिंता व्यक्त की कि बार के सदस्यों के बीच यह धारणा बन रही है कि उन्हें न्यायपालिका के लिए विचार करने के लिए विशेष राजनीतिक तरीके से संरेखित होना होगा।उन्होंने कहा,"हमें उस धारणा को देखने की जरूरत है जो ज़मीन हासिल कर रही है कि कार्यकारी सभी शक्तिशाली है, कि पात्र होने के लिए बार को विशेष तरीके से होना चाहिए। मुझ पर विश्वास करें, यह धारणा बहुत गहरी है।"उन्होंने यह बात न्यायिक जवाबदेही और सुधार अभियान (सीजेएआर) द्वारा "न्यायिक नियुक्तियों में...

दुर्लभ बीमारियों वाले बच्चों के इलाज के लिए एम्स दिल्ली को तुरंत 5 करोड़ रूपये जारी करें: हाईकोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया
दुर्लभ बीमारियों वाले बच्चों के इलाज के लिए एम्स दिल्ली को तुरंत 5 करोड़ रूपये जारी करें: हाईकोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने भारत सरकार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को तुरंत 5 करोड़ रुपये यह सुनिश्चित करने के लिए जारी करने का निर्देश दिया कि दुर्लभ बीमारियों वाले बच्चों का इलाज, जहां यह पहले ही शुरू हो चुका है, धन की कमी के कारण बंद नहीं हुआ।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने फंड को दो सप्ताह के भीतर जारी करने का निर्देश दिया और कहा कि इसके खर्च का रखरखाव एम्स द्वारा दुर्लभ रोग समिति के प्रमुख डॉक्टर की सीधी निगरानी में किया जाएगा।अदालत डचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (डीएमडी), हंटर सिंड्रोम जैसी...

हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के खिलाफ YouTube वीडियो: केरल हाईकोर्ट ने अवमानना ​​मामले में केएम शाहजहां को व्यक्तिगत रूप से उपस्थिति होने के लिए कहा
हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के खिलाफ YouTube वीडियो: केरल हाईकोर्ट ने अवमानना ​​मामले में केएम शाहजहां को व्यक्तिगत रूप से उपस्थिति होने के लिए कहा

केरल हाईकोर्ट ने YouTube वीडियो में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन के प्राइवेट सेक्रेटरी रहे के एम शाहजहां को हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने के लिए उनके खिलाफ शुरू की गई अवमानना ​​कार्यवाही में अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा।जस्टिस अनिल के. नरेंद्रन और जस्टिस पी.जी. अजित कुमार की खंडपीठ ने शाहजहां को तत्काल नोटिस जारी करने का निर्देश दिया, जिसमें उसे 13 मार्च, 2023 को अदालत में पेश होने के लिए कहा गया।यह मामला पहली बार 3 फरवरी को अन्य खंडपीठ...

गुजरात हाईकोर्ट ने कथित नाबालिग बलात्कार पीड़िता को अपने जोखिम पर टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी पर जोर देने की अनुमति दी
गुजरात हाईकोर्ट ने कथित नाबालिग बलात्कार पीड़िता को 'अपने जोखिम पर' टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी पर जोर देने की अनुमति दी

गुजरात हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कथित बलात्कार पीड़िता (नाबालिग) को अपने जोखिम पर टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी करने की अनुमति दी। इस पीड़िता ने मेडिकल बोर्ड द्वारा बताए गए जोखिमों के बावजूद 19 सप्ताह और 4 दिनों के अपनी टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी पर जोर दिया, जिसके बाद कोर्ट ने उसे अपनी रिस्क पर ऐसा करने कीअनुमति दी।जस्टिस इलेश जे वोरा ने कहा कि मेडिकल बोर्ड का गठन करने वाले डॉक्टर इस मामले में किसी भी मुकदमे की स्थिति में सुरक्षित रहेंगे।कोर्ट ने कहा,"याचिकाकर्ता और उसके वकील को इसमें शामिल जोखिम कारकों...