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‘100% दक्षता की अपेक्षा नहीं कर सकते; राज्य का प्रयास सराहनीय’: कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रैंक कॉल से बचने के लिए अनिवार्य पैनिक बटन के खिलाफ जनहित याचिका का निस्तारण किया
‘100% दक्षता की अपेक्षा नहीं कर सकते; राज्य का प्रयास सराहनीय’: कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रैंक कॉल से बचने के लिए अनिवार्य 'पैनिक' बटन के खिलाफ जनहित याचिका का निस्तारण किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को उन नागरिकों द्वारा उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया समर्थन प्रणाली प्रदान करने में राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की जिन्हें सहायता की आवश्यकता है या संकट में हैं।चीफ जस्टिस प्रसन्ना बी वराले और जस्टिस अशोक एस किनागी की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि उपाय नागरिक अनुकूल, उत्तरदायी और कुशल हैं।कोर्ट ने ये अवलोकन एक अरुणकुमार एनटी द्वारा दायर एक जनहित याचिका का निपटान करते हुए किया, जिसने राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर 112 या अन्य त्वरित...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
बरी होने से संतुष्ट न होने पर शिकायतकर्ता पुलिस द्वारा कर्तव्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मानवाधिकार आयोग के समक्ष कार्यवाही शुरू नहीं कर सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि शिकायत की जांच करने वाले और मामले में चार्जशीट दायर करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ कर्नाटक राज्य मानवाधिकार आयोग (KHRC) के समक्ष आरोपी को बरी किए जाने के बाद शिकायतकर्ता द्वारा कार्यवाही शुरू करना कानून के तहत टिकने योग्य नहीं है।जस्टिस ज्योति मुलिमणि की एकल न्यायाधीश पीठ ने पुलिस इंस्पेक्टर सिद्दलिंगप्पा एसटी द्वारा दायर याचिका स्वीकार करते हुए अवलोकन किया और आयोग द्वारा दिनांक 20.06.2015 को पारित आदेश रद्द कर दिया, जिसमें ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में 10,000...

वन घोटाला: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार मामले में आईएफएस अधिकारी विशाल चौहान को जमानत दी
वन घोटाला: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार मामले में आईएफएस अधिकारी विशाल चौहान को जमानत दी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को पंजाब वन घोटाला और डब्ल्यूडब्ल्यूआईसीएस रिसॉर्ट जबरन वसूली मामले में आईएफएस अधिकारी विशाल चौहान और अन्य को जमानत दे दी।चौहान को पिछले साल एफआईआर में नामित किया गया, जब सतर्कता विभाग ने मोहाली के मंडल वन अधिकारी (डीएफओ) गुरमनप्रीत सिंह और वन विभाग के ठेकेदार हरमिंदर सिंह की गिरफ्तारी के साथ वन घोटाले का भंडाफोड़ किया।जस्टिस अनूप चितकारा की पीठ ने यह आदेश पारित किया, क्योंकि यह कहा गया कि अभियुक्तों को आगे सुनवाई से पहले कैद करना न्यायोचित नहीं है।पीठ ने...

यदि मोटर दुर्घटना में लगी चोट से संबंध स्थापित हो तो मृत्यु के लिए मुआवजा देय: राजस्थान हाईकोर्ट
यदि मोटर दुर्घटना में लगी चोट से संबंध स्थापित हो तो मृत्यु के लिए मुआवजा देय: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के फैसले में संशोधन किया, जिसने जयपुर के 58 वर्षीय व्यक्ति की मृत्यु के मुआवजे को इस आधार पर अस्वीकार कर दिया था कि मोटर दुर्घटना के दौरान लगी चोटों और उसके बाद की मौत के बीच कोई संबंध नहीं था।जस्टिस बीरेंद्र कुमार की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा:"रिकॉर्ड में ऐसी कोई सामग्री नहीं है जो यह साबित करे कि 15.12.2008 को अपनी मृत्यु से पहले टी.पी. विश्वनाथ नैय्यर अपने पैर के फ्रैक्चर से पहले ही ठीक हो चुके थे, जो दुर्घटना के कारण हुआ था। इसलिए...

शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के संवैधानिक अधिकार को कैसे कम किया जा सकता है? कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीपीआई (एम) नेता की याचिका पर पुलिस से पूछा
शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के संवैधानिक अधिकार को कैसे कम किया जा सकता है? कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीपीआई (एम) नेता की याचिका पर पुलिस से पूछा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल पुलिस से पूछा कि उसने माकपा नेता तुषार कांति घोष को दक्षिण 24 परगना जिले के भांगोर इलाके में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति क्यों नहीं दी।जस्टिस राजशेखर मंथा की एकल पीठ ने भांगोर पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया,"कैसे याचिकाकर्ता द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के संवैधानिक अधिकार में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत आदेश जारी करके हस्तक्षेप किया जा सकता है। वर्तमान कानून और व्यवस्था की स्थिति पर दोबारा गौर किया जाएगा...

Gauhati High Court
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सेना के रिटायर्ड अधिकारी की नागरिकता का निर्धारण करने के लिए मामले को फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल को भेजने पर निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी पर जुर्माना लगाया

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सोमवार को 52 डिब्रूगढ़ विधानसभा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकेशन अधिकारी (ईआरओ) पर 10,000/- रूपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने यह जुर्माना रिटायर्ड सेना अधिकारी को फॉरनर्स ट्रिब्यूनल को भेजने करने के लिए लगाया कि क्या वह भारतीय नागरिक है? हालांकि, उक्त रिटायर्ड अधिकारी ने भारतीय सेना में 38 वर्ष सेवा की है।अदालत ने देखा कि संदर्भ के आदेश में ही यह प्रावधान है कि ईआरओ ने मामले को मौके पर स्थानीय सत्यापन द्वारा सत्यापित किया। इससे यह पाया गया कि जगत बहादुर छेत्री की जन्म तिथि 1937 है...

तलाशी के दौरान कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विभाग की अपील खारिज की
तलाशी के दौरान कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विभाग की अपील खारिज की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने विभाग की अपील को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि तलाशी के दौरान कोई आपत्तिजनक दस्तावेज नहीं मिला।जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस प्रकाश चंद्र गुप्ता की खंडपीठ ने कहा कि अपील में दिए गए आदेश में ऐसी कोई अवैधता नहीं है, जो कानून के प्रस्तावित पर्याप्त प्रश्न को उल्लेख करे।विभाग ने इस मुद्दे को उठाया कि क्या तलाशी के दौरान जब्त किए गए किसी भी आपत्तिजनक दस्तावेजों के अभाव में निर्धारण अधिकारी इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 153 ए के तहत गैर-निरंतर...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जजों के खिलाफ अपमानजनक वीडियो सर्कुलेट करने वाले बर्खास्त डीएसपी को गिरफ्तार करने का आदेश दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जजों के खिलाफ 'अपमानजनक' वीडियो सर्कुलेट करने वाले बर्खास्त डीएसपी को गिरफ्तार करने का आदेश दिया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को लुधियाना पुलिस आयुक्त को बर्खास्त डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों और प्रदीप शर्मा नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने और 24 फरवरी को अवमानना ​​के आरोप का जवाब देने के लिए अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।उन पर हाईकोर्ट के जजों की न्यायिक कार्यवाही से संबंधित दुर्भावानपूर्ण, आपत्तिजनक और 'अपमानजनक' वीडियो सोशल मीडिया पर सर्कूलेट करने का आरोप है।जस्टिस जीएस संधावालिया और जस्टिस हरप्रीत कौर जीवन की पीठ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब को निर्देश...

अंडरट्रायल कैदियों के लिए NALSA की योजना जमानत देने या इनकार करने के अदालत के विवेक को दूर नहीं कर सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट
अंडरट्रायल कैदियों के लिए NALSA की योजना जमानत देने या इनकार करने के अदालत के विवेक को दूर नहीं कर सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि विचाराधीन कैदियों की रिहाई के लिए NALSA की योजना का उद्देश्य हितधारकों यानी अदालतों का ध्यान जेल में बंद विचाराधीन व्यक्तियों की ओर आकर्षित करना है, लेकिन यह ऐसे कैदियों को मेरिट पर जमानत देने या अस्वीकार करने के अदालत के विवेक को ओवरराइड नहीं कर सकता है।जस्टिस एसएम मोदक ने एक हत्या के आरोपी को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि जमानत देने में अदालत के विवेक को कुछ भी नहीं छीन सकता है।“यह सच है कि यह संबंधित न्यायालय का विवेक है कि जमानत देनी है या नहीं। इस तरह के...

धारा 243 सीआरपीसी | ट्रायल कोर्ट अभियुक्त द्वारा प्रस्तावित गवाह को प्रक्रिया जारी करने के लिए बाध्य है, जब तक कि यह न्याय के लक्ष्य को विफल करने का प्रयास न हो: केरल हाईकोर्ट
धारा 243 सीआरपीसी | ट्रायल कोर्ट अभियुक्त द्वारा प्रस्तावित गवाह को प्रक्रिया जारी करने के लिए बाध्य है, जब तक कि यह न्याय के लक्ष्य को विफल करने का प्रयास न हो: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें अभियुक्त की ओर से उद्धृत किए गए एक गवाह को बुलाने की प्रार्थना को खारिज कर दिया गया था, जहां यह इंगित करने के लिए कुछ भी नहीं था कि अभियुक्त ने इस तरह के प्रस्तावित गवाह की जांच की मांग करके न्याय के उद्देश्यों को विफल करने का प्रयास किया था।जस्टिस के बाबू की सिंगल जज बेंच ने न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट, प्रथम श्रेणी, कलामसेरी के आक्षेपित आदेश को खारिज करते हुए कहा,"जब तक यह स्थापित नहीं हो जाता है कि किसी गवाह को बुलाने का...

पृथ्वी शॉ सेल्फी केस : मुंबई कोर्ट ने आरोपी इन्फ्लुएंसर सपना गिल और तीन अन्य को जमानत दी
पृथ्वी शॉ सेल्फी केस : मुंबई कोर्ट ने आरोपी इन्फ्लुएंसर सपना गिल और तीन अन्य को जमानत दी

पृथ्वी शॉ सेल्फी मामले में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर सपना गिल और तीन अन्य को सोमवार को अंधेरी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने जमानत दे दी। मजिस्ट्रेट सीपी काशिद ने आदेश पारित किया। इन चारों को पिछले हफ्ते ओशिवारा पुलिस ने गिरफ्तार किया था और एक दूसरी सेल्फी लेने से इनकार करने पर भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ और उनके दोस्तों के साथ विवाद के बाद मारपीट, जबरन वसूली और आपराधिक धमकी के आरोप में मामला दर्ज किया था।चारों आरोपी सपना गिल, शोभित ठाकुर, साहिल सिंह और रुद्र सोलंकी हैं। चारों आरोपियों को आज...

सीआरपीसी की धारा 482 के तहत एनआई एक्ट की धारा 138 को रद्द करने की याचिका सुनवाई योग्य नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 482 के तहत एनआई एक्ट की धारा 138 को रद्द करने की याचिका सुनवाई योग्य नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत दायर याचिका, जिसमें निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत एक अभियुक्त को दी गई सजा को रद्द करने की मांग की गई है, सुनवाई योग्य नहीं है।याचिकाकर्ता वुप्पलप्ति सतीश कुमार ने निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दंडनीय अपराध के लिए दो जनवरी, 2023 को दी गई सजा को रद्द करने की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।कार्यालय (रजिस्ट्री) ने याचिका के सुनवाई योग्य होन के संबंध में एक आपत्ति उठाई क्योंकि याचिकाकर्ता को...

दत्तक ग्रहण के पंजीकृत विलेख के मौजूद होने पर अधिकारी जन्म रिकॉर्ड में बदलाव के लिए सिविल कोर्ट के फैसले पर जोर नहीं दे सकते: गुजरात हाईकोर्ट
दत्तक ग्रहण के पंजीकृत विलेख के मौजूद होने पर अधिकारी जन्म रिकॉर्ड में बदलाव के लिए सिविल कोर्ट के फैसले पर जोर नहीं दे सकते: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि दत्तक ग्रहण का पंजीकृत विलेख (registered deed of adoption) हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के तहत एक बच्चे को गोद लेने की वैधता को साबित करने के लिए पर्याप्त है, और जन्म रिकॉर्ड में परिवर्तन के लिए इस प्रकार के विलेख पर जोर देने के लिए सिविल कोर्ट की डिक्री की कोई आवश्यकता नहीं है।अदालत याचिकाओं के एक समूह पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अदालत के सामने यह सवाल था कि क्या सक्षम अधिकारी सक्षम अदालत की डिक्री के अभाव में जन्म रिकॉर्ड को...

कर्नाटक हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 102 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी को बकाया पेंशन मिलेगी
कर्नाटक हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 102 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी को बकाया पेंशन मिलेगी

कर्नाटक हाईकोर्ट 102 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी की मदद के लिए आगे आया और गृह मंत्रालय को पेंशन के बकाया का भुगतान करने का निर्देश दिया, जो एक साल के लिए रोक दिया गया था, क्योंकि वह बैंक में लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने में असमर्थ था।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल न्यायाधीश की पीठ ने कहा,"उम्र के कारण मानसिक कौशल और शारीरिक अक्षमता का कम होना उन प्रमुख कारणों में से एक है, जिसके कारण सर्टिफिकेट समय पर जमा नहीं किया जा सका। यह इस मामले के अजीबोगरीब तथ्यों में किसी भी तरह की कल्पना से याचिकाकर्ता के पेंशन...

आकस्मिक पुलिस पूछताछ के हर उदाहरण को मानवाधिकारों का उल्लंघन नहीं कहा जा सकता: मद्रास हाईकोर्ट
आकस्मिक पुलिस पूछताछ के हर उदाहरण को मानवाधिकारों का उल्लंघन नहीं कहा जा सकता: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि हालांकि पुलिस स्टेशनों में मानवाधिकारों के उल्लंघन के उदाहरण हैं, आकस्मिक पुलिस जांच के हर उदाहरण को मानवाधिकार उल्लंघन नहीं कहा जा सकता।जस्टिस वीएम वेलुमणि और जस्टिस आर हेमलता की पीठ ने कहा कि पुलिस अधिकारियों पर सीधे तौर पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाना पूरे पुलिस बल का मनोबल गिराने वाला हो सकता है।कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हालांकि उन्हें ऐसे मामलों से निपटने में सावधानी बरतने की जरूरत है, लेकिन उन पर सीधे...

मुकदमे में बहुत ज्यादा देरी हो रही है, अब तक केवल 2 गवाहों की जांच हुई: दिल्ली दंगों का आरोपी शाहरुख पठान जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा
मुकदमे में बहुत ज्यादा देरी हो रही है, अब तक केवल 2 गवाहों की जांच हुई: दिल्ली दंगों का आरोपी शाहरुख पठान जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा

2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान एक पुलिसकर्मी पर बंदूक तानने वाले शाहरुख पठान ने अपनी जमानत याचिका पर शीघ्र सुनवाई के हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। दिल्ली हाईकोर्ट को उसने सोमवार को बताया कि मुकदमे के निष्कर्ष में बहुत देरी हो रही है और अब तक केवल दो गवाहों की जांच की गई है, जिसमें एक साल और तीन महीने का समय लगा।जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा सशस्त्र भीड़ द्वारा दंगा करने और रोहित शुक्ला सहित पुलिस कर्मियों को घायल करने के मामले में पठान की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। पठान की जमानत...

पंजाब केसरी ने ट्रेडमार्क उल्लंघन का आरोप लगाया, दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्रकार को केसरी टीवी मार्क का इस्तेमाल कर न्यूज प्रकाशित करने से रोका
पंजाब केसरी ने ट्रेडमार्क उल्लंघन का आरोप लगाया, दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्रकार को 'केसरी टीवी' मार्क का इस्तेमाल कर न्यूज प्रकाशित करने से रोका

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने एक स्वतंत्र रिपोर्टर को अगले आदेश तक प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मोड में समाचार सेवाएं प्रदान करने के लिए 'केसरी टीवी' मार्क और संबंधित लोगो का इस्तेमाल करने से रोक दिया है।अदालत ने डोमेन नाम 'www.kesaritv.com' को निलंबित करने का भी आदेश दिया।ये आदेश पंजाब केसरी अखबार के मालिकों द्वारा दायर एक मुकदमे में पारित किया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि प्रतिवादी ने अपने पक्ष में डोमेन नाम पंजीकृत करवाया है और 'केसरी टीवी' नाम से एक इंटरनेट उपस्थिति दर्ज की थी,...

अदालतें अस्पतालों में उपकरणों की खरीद पर निर्णय नहीं ले सकतीं: दिल्ली हाईकोर्ट
अदालतें अस्पतालों में उपकरणों की खरीद पर निर्णय नहीं ले सकतीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने कहा है कि अदालतें अस्पतालों में उपकरणों की खरीद पर निर्णय नहीं ले सकती हैं क्योंकि यह नीति का विषय है।हालांकि कोर्ट ने कहा कि भारत ने सुलभ कीमत पर नवीनतम तकनीकों और योग्य पेशेवरों के साथ चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने में प्रगति की है।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की एक खंडपीठ ने एक परमिंदर सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कठिन इंट्यूबेशन सिस्टम का प्रबंधन करने के लिए स्वास्थ्य प्रणाली में वीडियो लैरींगोस्कोप की...