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खुद को अलग करना इतना आसान नहीं होना चाहिए, हालांकि सवाल पूर्वाग्रह की धारणा, जज के कम्फर्ट लेवल का है: जी न्यूज के खिलाफ मामले में जस्टिस भंभानी ने कहा
खुद को अलग करना इतना आसान नहीं होना चाहिए, हालांकि सवाल पूर्वाग्रह की धारणा, जज के 'कम्फर्ट लेवल' का है: जी न्यूज के खिलाफ मामले में जस्टिस भंभानी ने कहा

दिल्ली हाईकोर्ट जज जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने मंगलवार को कहा कि किसी मामले से खुद को अलग करना जज के लिए आसान नहीं होना चाहिए, हालांकि जब फैसला करने की बात आए तो जज के 'कम्फर्ट लेवल' पर भी विचार किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा,"खुद को अलग करना इतना आसान नहीं होना चाहिए... किसी को कभी भी यह महसूस नहीं होना चाहिए कि यह मामला एक या दूसरे तरीके से चला गया ... यह वास्तविक पूर्वाग्रह नहीं बल्कि पूर्वाग्रह की धारणा है। यहां तक ​​कि एक आवेदन पर निर्णय लेते हुए मेरे पास कम्फर्ट लेवल होना चाहिए। मैं कभी...

वाइल्ड लाइफ स्टॉक नियमों की घोषणा के नियम 4(2) के तहत समय सीमा में ढील नहीं दी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट
वाइल्ड लाइफ स्टॉक नियमों की घोषणा के नियम 4(2) के तहत समय सीमा में ढील नहीं दी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि वाइल्ड लाइफ स्टॉक रूल्स 2003 के अनुसार किसी भी जंगली जानवर या पशु के कब्जे की घोषणा करने के समय में ढील नहीं दी जा सकती। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 40 के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति जिसके पास इस अधिनियम के प्रारंभ में अनुसूची I या अनुसूची II या पशु के भाग II में निर्दिष्ट किसी भी बंदी जानवर का नियंत्रण, कस्टडी या कब्ज़ा है, इसके प्रारंभ से तीस दिनों के भीतर, मुख्य वन्य जीव संरक्षक या अधिकृत अधिकारी को इसकी घोषणा करें। ऐसा न करना अपराध की श्रेणी में आएगा।धारा...

यूएपीए ट्रिब्यूनल ने पीएफआई और उसके सहयोगी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र के फैसले को सही ठहराया
यूएपीए ट्रिब्यूनल ने पीएफआई और उसके सहयोगी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र के फैसले को सही ठहराया

दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता वाले यूएपीए ट्रिब्यूनल ने केंद्र सरकार द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उससे जुड़े संगठनों पर लगाए गए प्रतिबंध को बरकरार रखा है। 28 सितंबर को गृह मंत्रालय ने पीएफआई और उसके सहयोगी संगठनों या मोर्चों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम) की धारा 3 (1) के तहत शक्तियों के प्रयोग में 5 साल की अवधि के लिए तत्काल प्रभाव से "गैरकानूनी संघ" घोषित किया था। आतंकवादी संगठनों के साथ संबंध और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का...

टेंपरामेंट जजों को बुनियादी गुण, वादियों, कानून की प्रवर्तनकारी एजेंसियों के खिलाफ दुर्भावना नहीं दिखा सकते: कलकत्ता हाईकोर्ट
टेंपरामेंट जजों को बुनियादी गुण, वादियों, कानून की प्रवर्तनकारी एजेंसियों के खिलाफ दुर्भावना नहीं दिखा सकते: कलकत्ता हाईकोर्ट

जलपाईगुड़ी स्थिति कलकत्ता हाईकोर्ट की बेंच ने हाल ही में न्यायिक मजिस्ट्रेट के एक आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक पुलिस अधिकारी को निर्देश दिया गया था कि वह एक चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ कारण बताओ और गिरफ्तारी के वारंट की निष्पादन रिपोर्ट दायर करने के लिए व्यक्तिगत रूप से उसकी अदालत में उपस्थित हों। और अगर वह उपस्थ‌ित नहीं होते हैं तो उन्हें दंडात्मक परिणामों का सामना करना होगा।आदेश को रद्द करते हुए जस्टिस बिबेक चौधरी की सिंगल जज बेंच ने कहा कि टेंपरामेंट एक जज की बुनियादी विशेषता है। अगर कोर्ट...

मनीष सिसोदिया को जमानत देने से जांच प्रभावित होगी, सबूत नष्ट होने की आशंका: सीबीआई ने दिल्ली कोर्ट से कहा
मनीष सिसोदिया को जमानत देने से जांच प्रभावित होगी, सबूत नष्ट होने की आशंका: सीबीआई ने दिल्ली कोर्ट से कहा

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत से कहा कि कथित शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जमानत देने से जांच प्रभावित होगी मामले में सबूतों को नष्ट होने की आशंका बढ़ जाएगी। विशेष लोक अभियोजक डीपी सिंह ने दिल्ली में वर्ष 2021-22 के लिए आबकारी नीति से संबंधित भ्रष्टाचार के आरोप में आप नेता की जमानत याचिका का विरोध करते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल के समक्ष यह दलील दी।सिसोदिया सीबीआई मामले...

[आरटीआई एक्ट] पीआईओ की दूसरी अपील सुनवाई योग्य, भले ही उसने धारा 19(1) के तहत पहली अपील दायर ना की हो: कर्नाटक हाईकोर्ट
[आरटीआई एक्ट] पीआईओ की दूसरी अपील सुनवाई योग्य, भले ही उसने धारा 19(1) के तहत पहली अपील दायर ना की हो: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कर्नाटक राज्य सूचना आयुक्त के एक आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें उन्होंने जन सूचना अधिकारी की ओर से दायर दूसरी अपील को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि पीआईओ होने के कारण याचिकाकर्ता सूचना अधिनियम अधिकार की धारा 19(3) के तहत दूसरी अपील को कायम नहीं रख सकता।जस्टिस केएस हेमलेखा की सिंगल जज बेंच ने आंशिक रूप से कर्नाटक लोकायुक्त से जुड़े पीआईओ द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया और आयुक्त द्वारा चार जनवरी 2018 को पारित आदेश को रद्द कर दिया।याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने तर्क...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुणरतन सदावर्ते के खिलाफ बार काउंसिल की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार किया, कहा- वह एक वकील हैं, केवल इसलिए उन्हें स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं दे सकते
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुणरतन सदावर्ते के खिलाफ बार काउंसिल की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार किया, कहा- वह एक वकील हैं, केवल इसलिए उन्हें स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं दे सकते

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र एंड गोवा की ओर से एडवोकेट गुणरतन सदावर्ते के खिलाफ कथित कदाचार के आरोप में शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।जस्टिस गौतम पटेल और जस्टिस नीला गोखले की खंडपीठ ने कहा कि सदावर्ते को केवल इसलिए कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं दिया जाएगा, क्योंकि वह एक वकील हैं और चूंकि उन्होंने आरोप लगाया है कि शिकायत राजनीति से प्रेरित है। प्रथम दृष्टया अदालत को बार काउंसिल के नोटिस में कोई प्रक्रियागत खामी नहीं मिली।एडवोकेट सुशील...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी की एक साल की जेल की सजा सस्पेंड की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी की एक साल की जेल की सजा सस्पेंड की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' को 9 साल पुराने मारपीट के मामले में इस साल जनवरी में इलाहाबाद की एक सांसद / विधायक अदालत द्वारा सुनाई गई एक साल की जेल की सजा सस्पेंड कर दी। अदालत ने संबंधित अदालत की संतुष्टि के अनुसार जुर्माना जमा करने और इतनी ही राशि के में दो-दो जमानतदार पेश करने के साथ एक व्यक्तिगत मुचलका प्रस्तुत करने पर गुप्ता को रिहाई के निर्देश जारी किये।जस्टिस राजीव गुप्ता की खंडपीठ ने मारपीट के मामले में अपनी दोषसिद्धि को चुनौती...

न्यायिक हिरासत में पहले से ही बंद व्यक्ति के खिलाफ निवारक हिरासत आदेश पारित करने के लिए ट्रिपल टेस्ट आवश्यक, आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया
न्यायिक हिरासत में पहले से ही बंद व्यक्ति के खिलाफ निवारक हिरासत आदेश पारित करने के लिए "ट्रिपल टेस्ट" आवश्यक, आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में कथित चंदन तस्कर के निवारक निरोध आदेश को रद्द कर दिया। वह न्यायिक हिरासत में था। कोर्ट ने कहा कि निरोध आदेश में ट्रिपल टेस्ट के अनुसार आवश्यक निरोध प्राधिकरण की संतुष्टि को दर्ज नहीं किया गया था।जस्टिस डीवीएसएस सोमयाजुलु और जस्टिस वी श्रीनिवास की खंडपीठ ने दोहराया कि न्यायिक हिरासत में एक व्यक्ति के खिलाफ निवारक निरोध का आदेश वैध रूप से पारित किया जा सकता है (1) यदि प्राधिकरण के पास पेश की गई सामग्री के आधार पर भरोसा करने का कारण है क‌ि अभियुक्त को जमानत पर...

मीडिया और सरकारी एजेंसी बिना किसी वजह के नागरिकों के जीवन में ताकझांक नहीं कर सकतीं: केरल हाईकोर्ट
मीडिया और सरकारी एजेंसी बिना किसी वजह के नागरिकों के जीवन में ताकझांक नहीं कर सकतीं: केरल हाईकोर्ट

"मीडिया और सरकारी एजेंसी को बिना किसी वजह के नागरिकों के निजी जीवन में ताकझांक करने का अधिकार नहीं है।" ये टिप्पणी केरल हाईकोर्ट ने एक न्यूज चैनल के दो मीडियाकर्मियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए की।जस्टिस वीजी अरुण की सिंगल बेंच ने कहा कि कुछ मामलों में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ यानी मीडिया अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर रहा है।बेंच ने आगे कहा कि कुछ मीडिया चैनलों को न्यूज से ज्यादा अनैतिक चीजें पब्लिश करने की आदत है। हो सकता है समाज का एक तबका ऐसी सनसनी और गंदी खबरें देखता हो। ऐसे न्यूज को...

हाईकोर्ट ने COVID-19 ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग वाली जनहित याचिका पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा
हाईकोर्ट ने COVID-19 ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग वाली जनहित याचिका पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने मंगलवार को एक जनहित याचिका पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है, जिसमें COVID-19 महामारी के दौरान ड्यूटी पर मारे गए पुलिस अधिकारियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग की गई है।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने दो वकीलों और एक कानून के छात्र की याचिका पर नोटिस जारी किया और इसे 19 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।जनहित याचिका में प्रतिवादी दिल्ली सरकार, मुख्यमंत्री, संभागीय आयुक्त (राजस्व) और पुलिस आयुक्त...

शादीशुदा गर्लफ्रेंड को पाने के लिए हाईकोर्ट पहुंचा शख्स, कोर्ट ने 5 हजार का लगाया जुर्माना (वीडियो)
शादीशुदा गर्लफ्रेंड को पाने के लिए हाईकोर्ट पहुंचा शख्स, कोर्ट ने 5 हजार का लगाया जुर्माना (वीडियो)

गुजरात हाईकोर्ट में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया। मामले में प्रेमी ने अपनी शादीशुदा प्रेमिका की कस्टडी दिलाने की अपील की। अपील करने वाला कथित प्रेमी लिव-इन को लेकर किए गए एग्रीमेंट के आधार पर ये कस्टडी मांग रहा था। चौंकाने वाली बात ये है कि जिस गर्लफ्रेंड की कस्टडी मांगी गई, वो पहले से शादीशुदा है और अपने पति के साथ रह रही थी। मामले में जस्टिस विपुल एम. पंचोली और जस्टिस हेमंत एम. प्रच्छक की डिवीजन बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। याचिकाकर्ता की ओर से दायर हैबियस कॉर्पस की याचिका कोर्ट ने...

क्या आप हाउसिंग सोसायटी में आवारा कुत्तों को खाना खिला सकते हैं? केंद्र सरकार नियमों की अधिसूचना जारी की
क्या आप हाउसिंग सोसायटी में आवारा कुत्तों को खाना खिला सकते हैं? केंद्र सरकार नियमों की अधिसूचना जारी की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि 10 मार्च, 2023 को केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित पशु जन्म नियंत्रण नियम, 2023 हाउसिंग सोसाइटी के अंदर आवारा या सामुदायिक कुत्तों को खिलाने के सवाल का जवाब देता है, सीवुड्स एस्टेट लिमिटेड और डॉग लवर फ्रॉम द सोसाइटी की वॉर्निंग मैनेजमेंट से जुड़ी याचिका का निपटारा किया।केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा प्रकाशित नियमों के खंड 20 में कहा गया कि हाउसिंग सोसाइटी या क्षेत्र में सामुदायिक पशुओं को खिलाने की जिम्मेदारी अपार्टमेंट मालिक संघ या क्षेत्र...

गुजरात हाईकोर्ट ने नायरा रिफाइनरी के खिलाफ जनहित याचिका खारिज की, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दैनिक आधार पर उत्सर्जन की निगरानी करने को कहा
गुजरात हाईकोर्ट ने नायरा रिफाइनरी के खिलाफ जनहित याचिका खारिज की, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दैनिक आधार पर उत्सर्जन की निगरानी करने को कहा

गुजरात हाईकोर्ट ने तेल रिफाइनरी नायरा के खिलाफ देवभूमि द्वारका में वाडीनार गांव को कथित रूप से खतरनाक पदार्थ छोड़ने और प्रदूषित करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज कर दी।एक्टिंग चीफ जस्टिस ए.जे. देसाई और जस्टिस बीरेन वैष्णव की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत किसी भी ठोस सामग्री या गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रस्तुत मामले के बिना प्रार्थना को स्वीकार नहीं किया जा सकता कि OCEMS प्रणाली के माध्यम से निरंतर निगरानी की गई।कोर्ट को बताया गया कि बोर्ड द्वारा प्राप्त एसएमएस...

उन्होंने हड़ताल करने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर क्यों किए? कलकत्ता हाईकोर्ट ने बेरहामपुर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा
उन्होंने हड़ताल करने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर क्यों किए? कलकत्ता हाईकोर्ट ने बेरहामपुर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को बेरहामपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव से स्पष्टीकरण मांगा कि क्यों वे हड़ताल के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर रहे थे, जिसने बेरहामपुर में अदालतों को पंगु बना दिया और असंख्य वादियों को न्याय तक पहुंच से वंचित कर दिया।जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस अजय कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने कहा,“ऐसा प्रतीत होता है कि उक्त पदाधिकारी बेरहामपुर में काम पर हड़ताल करने और अदालतों को पंगु बनाने के पहले के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले थे। प्रथम दृष्टया, ऐसा प्रस्ताव हरीश...

केवल इसलिए कि पूर्वज वन में रहते थे, इससे कोई वन अधिकार नहीं बनता, वास्तविक आजीविका आवश्यकताओं के लिए वन पर एकमात्र निर्भरता स्थापित करनी चाहिए: मद्रास हाईकोर्ट
केवल इसलिए कि पूर्वज वन में रहते थे, इससे कोई वन अधिकार नहीं बनता, "वास्तविक आजीविका आवश्यकताओं" के लिए वन पर एकमात्र निर्भरता स्थापित करनी चाहिए: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 के तहत लाभ का दावा करने वाले व्यक्तियों के समूह को राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि अधिनियम के तहत अधिकारों का दावा केवल इस आधार पर नहीं किया जा सकता कि पूर्वज मूल रूप से जंगलों में रहते थे। अधिनियम के तहत अधिकारों का दावा करने के लिए यह स्थापित करना आवश्यक है कि व्यक्ति अपनी वास्तविक आजीविका के लिए पूरी तरह से जंगल पर निर्भर है।इस न्यायालय का विचार है कि मात्र इसलिए कि याचिकाकर्ताओं के पूर्वज...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेप के आरोपी द्वारा पीड़िता को जेल से धमकी देने पर जेल अधीक्षक से रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेप के आरोपी द्वारा पीड़िता को जेल से धमकी देने पर जेल अधीक्षक से रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह पता चलने पर कि सोशल मीडिया पर 14 से अधिक विभिन्न वैवाहिक प्रोफाइल वाला जेल में बंद कथित बलात्कार का आरोपी पीड़ितों पर उसके खिलाफ गवाही नहीं देने का दबाव बना रहा है, तलोजा जेल अधीक्षक से इस पर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा।शिकायतकर्ता, सोलापुर के वकील ने प्रस्तुत किया कि जेल अधिकारियों ने आरोपी के आरटीआई आवेदनों को पुलिस विभाग को भेज दिया, जिससे उन्होंने उसका (पीड़िता का) पता हासिल किया और उसे बदनाम करने की कोशिश भी की।अदालत ने अपने आदेश में कहा,"आवेदक ने कई पत्रों को संबोधित...

बड़े-बड़े दावों के बावजूद लोगों का एक बड़ा तबका अभी भी गरीबी रेखा से नीचे जी रहा है : सुप्रीम कोर्ट
बड़े-बड़े दावों के बावजूद लोगों का एक बड़ा तबका अभी भी गरीबी रेखा से नीचे जी रहा है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि बड़े-बड़े दावों के बावजूद लोगों का एक बड़ा वर्ग अभी भी गरीबी रेखा से नीचे रह रहा है। जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की खंडपीठ ने बताया कि कैसे देश में "पूर्ण बेरोजगारी" के कई मामले हैं। प्रतिवादी की ओर इशारा करते हुए अदालत ने मौखिक रूप से कहा,"हम आपको ऐसे मामले दे सकते हैं जहां पूर्ण बेरोजगारी है। आप जानते हैं कि हमारा देश क्या है! बड़े-बड़े दावों के बावजूद हमारे देश का एक बड़ा तबका है जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहा है।न्यायालय कर्नाटक...