मुख्य सुर्खियां

दिल्ली हाईकोर्ट ने सीएम एडवोकेट्स वेलफेयर स्कीम के बजट में योगदान करने के एकल न्यायाधीश के निर्देश के खिलाफ बीसीडी की अपील पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीएम एडवोकेट्स वेलफेयर स्कीम के बजट में योगदान करने के एकल न्यायाधीश के निर्देश के खिलाफ बीसीडी की अपील पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (बीसीडी) द्वारा सिंगल बेंच के निर्देशों के खिलाफ अपील पर नोटिस जारी किया, जिसमें मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण योजना (Chief Minister Advocates Welfare Scheme) के लिए दिल्ली सरकार द्वारा घोषित बजट में योगदान करने के लिए कहा गया था, जो वकीलों के लिए एक बीमा योजना है। अदालत ने 2021 के फैसले में कहा था कि दिल्ली सरकार को केवल बीमा प्रीमियम देने का भार वहन करने के लिए नहीं कहा जा सकता और बीसीडी को वार्षिक घाटे को पूरा करना चाहिए जो उत्पन्न हो सकता...

मतदान को अनिवार्य बनाने की मांग वाली याचिका पर कोर्ट का सुनवाई से इनकार,  कहा- अदालतें कानून निर्माता नहीं, जो कानून बनाएं (वीडियो)
मतदान को अनिवार्य बनाने की मांग वाली याचिका पर कोर्ट का सुनवाई से इनकार, कहा- अदालतें कानून निर्माता नहीं, जो कानून बनाएं (वीडियो)

चुनाव में मतदान को अनिर्वाय बनाने की मांग वाली जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि मतदान एक अधिकार है और ये लोगों का खुद का फैसला होना चाहिए कि उन्हें मतदान करना है या नहीं। चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की डिवीजन बेंच के समक्ष मामला रखा गया था। बेंच ने याचिकाकर्ता वकील और भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय से पूछा- भारतीय संविधान का कौन-सा आर्टिकल है जो मतदान को अनिवार्य बनाता है। हम भी जानना चाहते हैं। हम लॉ मेकर नहीं हैं।पूरी...

न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए रॉ रिपोर्ट केवल राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी असाधारण परिस्थितियों में मांगी जाती है: कानून मंत्रालय
न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए रॉ रिपोर्ट केवल राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी असाधारण परिस्थितियों में मांगी जाती है: कानून मंत्रालय

कानून मंत्रालय ने खुलासा किया है कि आम तौर पर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रस्तावों पर रॉ रिपोर्ट मांगने का चलन नहीं है। मंत्रालय की ओर से कहा गया कि यह केवल असाधारण परिस्थितियों में है जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दे शामिल हो, उनमें रॉ की रिपोर्ट मांगी जाती है।लॉ मिनिस्ट्री के बयान का महत्व है क्योंकि एससी कॉलेजियम ने हाल ही में समलैंगिक वकील सौरभ कृपाल को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के लिए केंद्र की आपत्ति को खारिज कर दिया था।...

‘आजम खान के ट्रस्ट द्वारा संचालित स्कूल की कक्षाएं परीक्षा के लिए खोली जाएंगी’: यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में कहा
‘आजम खान के ट्रस्ट द्वारा संचालित स्कूल की कक्षाएं परीक्षा के लिए खोली जाएंगी’: यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में कहा

उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि वो छात्रों की इंटरनल एग्जाम के लिए समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान के जौहर ट्रस्ट द्वारा संचालित रामपुर पब्लिक स्कूल (मंगलवार को राज्य सरकार द्वारा सील कर दिया गया था) की कक्षाओं को खोलेगी।जौहर ट्रस्ट की कार्यकारी समिति द्वारा दायर याचिका पर जस्टिस सूर्य प्रकाश केसरवानी और जस्टिस अनीश कुमार गुप्ता की पीठ के समक्ष ये दलील दी गई, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ स्कूल परिसर को सील करने के राज्य सरकार के कदम को चुनौती दी गई थी।राज्य सरकार ने 99 साल...

पुलिस एस्कॉर्ट चार्ज का मतलब जमानत पर छूटे व्यक्ति को फरार होने से रोकना है लेकिन यह वास्तव में राहत को कम करने के लिए नहीं हो सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पुलिस एस्कॉर्ट चार्ज का मतलब जमानत पर छूटे व्यक्ति को फरार होने से रोकना है लेकिन यह वास्तव में राहत को कम करने के लिए नहीं हो सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में हरियाणा सरकार से अंतरिम जमानत पर अपराधी को रिहा करते समय पुलिस अनुरक्षण के लिए अत्यधिक फीस नहीं लेने के लिए कहा।इस मामले में दोषी-अपीलकर्ता ने शुरू में चार सप्ताह की अवधि के लिए अस्थायी जमानत की मांग करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया, क्योंकि उसकी पत्नी 32 सप्ताह और 6 दिन की गर्भवती है और मार्च 2023 की शुरुआत में डिलीवरी की तारीख थी। याचिका में कहा गया कि उसके परिवार में कोई और नहीं है, जो उसकी आवश्यकताओं को पूरा कर सके।अदालत ने तब संबंधित जेल अधीक्षक को...

चुनाव में मतदान को अनिर्वाय बनाने की मांग वाली जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का सुनवाई से इनकार, कहा- हम लॉ मेकर नहीं हैं
चुनाव में मतदान को अनिर्वाय बनाने की मांग वाली जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का सुनवाई से इनकार, कहा- 'हम लॉ मेकर नहीं हैं

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को वकील और भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा संसद और राज्य विधानसभा चुनावों में मतदाता मतदान और राजनीतिक भागीदारी में वृद्धि के लिए मतदान के अनिवार्य बनाने किलए दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने कहा कि मतदान एक अधिकार और लोगों की पसंद है, और उपाध्याय से पूछा कि क्या भारत के संविधान में ऐसा कुछ है जो मतदान को अनिवार्य बनाता है।अदालत ने मौखिक रूप से टिप्पणी की,“मतदान लोगों का...

राजस्थान विधानसभा में एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल पेश, राज्य के वकीलों ने कुछ संशोधनों की मांग की
राजस्थान विधानसभा में एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल पेश, राज्य के वकीलों ने कुछ संशोधनों की मांग की

राजस्थान राज्य सरकार ने गुरुवार को विधानसभा में एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल पेश किया, जिसके बाद राज्य बार काउंसिल ने विधेयक में कुछ संशोधनों की मांग करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा।बिल का उद्देश्य वकीलों के खिलाफ हमले, गंभीर चोट, आपराधिक बल और आपराधिक धमकी के अपराधों और उनकी संपत्ति को नुकसान की रोकथाम के लिए प्रदान करना है।धारा 3 के तहत बिल अदालत परिसर में अपने कर्तव्यों के निर्वहन के संबंध में वकील के खिलाफ हमला, गंभीर चोट, आपराधिक बल और आपराधिक धमकी के कार्य को दंडित करता है।वकील को...

सुप्रीम कोर्ट ने भूमि घोटाले पर आपराधिक मामलों को रद्द करने की कार्डिनल जॉर्ज एलेनचेरी की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने भूमि घोटाले पर आपराधिक मामलों को रद्द करने की कार्डिनल जॉर्ज एलेनचेरी की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सिरो-मालाबार चर्च के प्रमुख आर्कबिशप, कार्डिनल जॉर्ज एलेनचेरी को झटका देते हुए एर्नाकुलम-अंगमाले महाधर्मप्रांत की संपत्तियों की बिक्री में कथित अनियमितताओं को लेकर उनके खिलाफ आपराधिक मामलों को रद्द करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने अगस्त 2021 में केरल हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ जॉर्ज एलेनचेरी द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें भूमि घोटाले को लेकर उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया गया था।सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही...

मजिस्ट्रेट के सीआरपीसी की धारा 156(3) के आवेदन में लगाए गए आरोपों पर प्रारंभिक रिपोर्ट मांगने के बाद पुलिस सीधे एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
मजिस्ट्रेट के सीआरपीसी की धारा 156(3) के आवेदन में लगाए गए आरोपों पर प्रारंभिक रिपोर्ट मांगने के बाद पुलिस सीधे एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में देखा कि जब मजिस्ट्रेट सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत प्रारंभिक जांच का निर्देश देता है और पुलिस मजिस्ट्रेट को वापस रिपोर्ट किए बिना सीधे बिना किसी निर्देश के एफआईआर दर्ज करती है तो यह मजिस्ट्रेट की शक्तियों का हड़पने के समान मात्रा में होती है।जस्टिस संजय धर ने उस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की, जिसके संदर्भ में याचिकाकर्ता ने उधमपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर को चुनौती दी थी।याचिकाकर्ता ने अन्य बातों के साथ-साथ इस आधार पर अपनी...

जिस व्यक्ति की पत्नी के प्रति क्रूरता के लिए सजा समझौते के कारण खारिज कर दी गई थी न कि योग्यता के कारण, वह सेवा से बर्खास्तगी की अवधि के दौरान 100 प्रतिशत पिछले वेतन का हकदार नहीं होगाः बॉम्बे हाईकोर्ट
जिस व्यक्ति की पत्नी के प्रति क्रूरता के लिए सजा समझौते के कारण खारिज कर दी गई थी न कि योग्यता के कारण, वह सेवा से बर्खास्तगी की अवधि के दौरान 100 प्रतिशत पिछले वेतन का हकदार नहीं होगाः बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि जिस व्यक्ति की पत्नी के प्रति क्रूरता के लिए सजा समझौते के कारण खारिज कर दी गई थी न कि योग्यता के कारण, वह सेवा से बर्खास्तगी की अवधि के दौरान 100 प्रतिशत पिछले वेतन का हकदार नहीं होगा।एक्टिंग चीफ जस्टिस एसवी गंगापुरवाला और जस्टिस संदीप वी मार्ने की खंडपीठ ने महाराष्ट्र प्रशासनिक न्यायाधिकरण के कांस्टेबल को 100 प्रतिशत पिछली मजदूरी देने के आदेश रद्द कर दिया, जिसे क्रूरता का दोषी ठहराया गया, लेकिन बाद में समझौते के कारण बरी कर दिया गया।अदालत ने कहा,“…...

सीआरपीसी की धारा 251 के तहत एग्जामिनेशन के चरण में अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक नहीं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 251 के तहत एग्जामिनेशन के चरण में अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक नहीं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले में दोहराया कि सीआरपीसी की धारा 251 के तहत एग्जामिनेशन के चरण में अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता नहीं है।जस्टिस के. श्रीनिवास रेड्डी की एकल पीठ ने कहा कि समन मामले में जब अभियुक्त को मजिस्ट्रेट के सामने लाया जाता है, तो सीआरपीसी की धारा 251 की आवश्यकता है कि अभियुक्त को अपराध के बारे में सूचित किया जाए और दोष स्वीकार करने या बचाव करने के लिए कहा जाए, लेकिन यह औपचारिक फीस आवश्यक नहीं है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अभियुक्त अपराध...

दिल्ली हाईकोर्ट ने अदालत की अवमानना के मामले में वकील को 6 महीने की जेल की सजा, बार काउंसिल से मांगी कार्रवाई की रिपोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने अदालत की अवमानना के मामले में वकील को 6 महीने की जेल की सजा, बार काउंसिल से मांगी कार्रवाई की रिपोर्ट

दिल्ली ‌हाईकोर्ट ने गुरुवार को किंग्सवे कैंप एरिया स्थित एक संपत्ति के संबंध में मकान मालिक को उपयोग और कब्जे के शुल्क का भुगतान करने के न्यायिक आदेशों का पालन नहीं करने के लिए अदालत की अवमानना ​​का दोषी पाते हुए एक वकील को छह महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई।यह देखते हुए कि यह एक उपयुक्त मामला है जहां अदालत द्वारा दिखाई गई किसी भी नरमी को कमजोरी के रूप में समझा जाएगा, जस्टिस मनमीत प्रीतम अरोड़ा ने भी वकील पर 2,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।अदालत ने कहा, "तथ्य यह है कि प्रतिवादी राज्य बार...

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुपरटेक होमबॉयर्स की याचिकाएं खारिज की, बैंकों को ईएमआई वसूलने से रोकने की थी मांग
दिल्ली हाईकोर्ट ने सुपरटेक होमबॉयर्स की याचिकाएं खारिज की, बैंकों को ईएमआई वसूलने से रोकने की थी मांग

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुपरटेक अर्बन होम बायर्स एसोसिएशन फाउंडेशन और अन्य घर खरीदारों की याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिसमें रियल एस्टेट डेवलपर सुपरटेक लिमिटेड द्वारा फ्लैटों के कब्जे की डिलीवरी तक वित्तीय संस्थानों से प्री-ईएमआई या पूर्ण ईएमआई चार्ज नहीं करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने कहा कि होमबॉयर्स, बिल्डर और बैंकों के बीच कई समझौते हैं जैसे, खरीदार-डेवलपर समझौता, ऋण समझौता या त्रिपक्षीय समझौता। होमबॉयर्स द्वारा दावा किए गए अधिकार अंततः संबंधित समझौतों...

पुलिस अधिकारी धारा 50 एनडीपीएस एक्‍ट के तहत एक व्यक्ति की तलाशी के लिए राजपत्रित अधिकारी है, जब तक वह जांच दल का हिस्सा न हो: केरल हाईकोर्ट
पुलिस अधिकारी धारा 50 एनडीपीएस एक्‍ट के तहत एक व्यक्ति की तलाशी के लिए राजपत्रित अधिकारी है, जब तक वह जांच दल का हिस्सा न हो: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि राजपत्रित अधिकारी होने के नाते कोई भी पुलिस अधिकारी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 की धारा 50 (ऐसी शर्तें जिनके तहत व्यक्तियों की तलाशी की जाएगी) के तहत तलाशी लेने के लिए सक्षम होगा।इसका एकमात्र अपवाद पता लगाने या जांच करने वाली टीम का एक पुलिस अधिकारी होगा, क्योंकि ऐसे अधिकारी को खोज के उद्देश्यों के लिए एक स्वतंत्र अधिकारी नहीं माना जा सकता है।कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी को राजपत्रित अधिकारी के पास ले जाने के बजाय तलाशी के स्थान...

संबद्धता जारी रखने के लिए हर पांच साल में स्कूलों को राज्य से औपचारिक पूर्व मान्यता पत्र प्राप्त करने की जरूरत नहीं: सीबीएसई ने केरल हाईकोर्ट को बताया
संबद्धता जारी रखने के लिए हर पांच साल में स्कूलों को राज्य से "औपचारिक पूर्व मान्यता पत्र" प्राप्त करने की जरूरत नहीं: सीबीएसई ने केरल हाईकोर्ट को बताया

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने हाल ही में केरल हाईकोर्ट को बताया कि राज्य सरकार द्वारा बच्चों के नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार नियम (आरटीई रूल्स) के तहत स्कूलों को जारी किया गया 'औपचारिक पूर्व मान्यता पत्र' किसी विशेष अवधि तक ही सीमित नहीं है, और यह कि बोर्ड को हर पांच साल बाद संबद्धता बढ़ाने के लिए ऐसा कोई मान्यता पत्र लेना आवश्यक नहीं है।सीबीएसई की ओर से पेश स्थायी वकील एस निर्मल ने बताया कि सीबीएसई की ओर से जारी नवीनतम हैंडबुक के अनुसार, स्कूलों के पास संबद्धता उप-नियमों...

सुप्रीम कोर्ट ने सेनेटरी पैड पर देवता की तस्वीर वाले पोस्टर पर मामले के खिलाफ फिल्म निर्माताओं की याचिका का निस्तारण किया
सुप्रीम कोर्ट ने सेनेटरी पैड पर देवता की तस्वीर वाले पोस्टर पर मामले के खिलाफ फिल्म निर्माताओं की याचिका का निस्तारण किया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में फिल्म "मासूम सवाल" के निर्माताओं द्वारा दायर एक रिट याचिका का निस्तारण किया, जिसमें सैनिटरी पैड पर एक देवता को दिखाने वाले पोस्टर को लेकर दायर शिकायतों को एक साथ जोड़ने की मांग की गई थी। नक्षत्र 27 मीडिया प्राइवेट लिमिटेड, रंजना उपाध्याय और संतोष उपाध्याय, क्रमशः फिल्म के निर्माता और निर्देशक ने यह कहते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था कि उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए कई शिकायतें दर्ज की गई हैं।यूपी सरकार ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ताओं के...

झूठी एफआईआर करने का चलन बनता जा रहा है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया
'झूठी एफआईआर करने का चलन बनता जा रहा है': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही के एक फैसले में उल्लेख किया कि कैसे किसी के अहंकार को खुश करने के लिए फर्जी एफआईआर दर्ज करके कानूनी व्यवस्था का दुरुपयोग करना एक आम बात हो गई है, जिसके परिणामस्वरूप शिकायतकर्ता की झूठी एफआईआर के कारण टैक्स देने वालों के धन की बर्बादी होती है। अदालत ने शिकायतकर्ता को एक माह के भीतर एक लाख रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया। मामले के विवरण के अनुसार शिकायतकर्ता ने पहले याचिकाकर्ता को सार्वजनिक स्थान पर थप्पड़ मारा, फिर केवल अपने अहंकार को पूरा करने के...

पुनरीक्षण न्यायालय निचली अदालत की ओर से दर्ज तथ्यों के नतीजों को रद्द कर, उसे अपने नतीजों से प्रतिस्थापित नहीं कर सकता: तेलंगाना हाईकोर्ट
पुनरीक्षण न्यायालय निचली अदालत की ओर से दर्ज तथ्यों के नतीजों को रद्द कर, उसे अपने नतीजों से प्रतिस्थापित नहीं कर सकता: तेलंगाना हाईकोर्ट

तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि पुनरीक्षण न्यायालय के पास अधीनस्थ न्यायालय की ओर से दर्ज किए गए तथ्यों के नतीजों को रद्द करने और अपने नतीजों को प्रतिस्थापित करने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।जस्टिस जुव्वादी श्रीदेवी की एकल पीठ ने कहा कि पुनरीक्षण न्यायालय को खुद को अधीनस्थ न्यायालय के निष्कर्षों की वैधता और औचित्य तक सीमित रखना होगा कि अधीनस्थ न्यायालय ने अपने अधिकार क्षेत्र के तहत काम किया है या नहीं।कोर्ट ने कहा,“सीआरपीसी की धारा 397 और 401 निचली अदालत की कार्यवाही या आदेशों की...

75 साल से सिर्फ ड्रामा चल रहा, बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने गांवों में कब्रिस्तान की कमी पर राज्य सरकार को फटकार लगाई
'75 साल से सिर्फ ड्रामा चल रहा, बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं': कर्नाटक हाईकोर्ट ने गांवों में कब्रिस्तान की कमी पर राज्य सरकार को फटकार लगाई

कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने गुरुवार को कुछ गांवों में कब्रिस्तान की कमी को लेकर राज्य सरकार को फटकार लगाई।जस्टिस बी वीरप्पा और जस्टिस वेंकटेश नाइक टी की खंडपीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की,"यह बुनियादी जरूरतें हैं, लोग कब्रिस्तान और सड़क और पानी चाहते हैं। इन बुनियादी सुविधाओं की पूर्ति करना आपका कर्तव्य है। आप ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं?”आगे कहा,“ 75 साल से सिर्फ ड्रामा चल रहा है। कृपया लोगों को बुनियादी सुविधाएं दें।“पीठ याचिकाकर्ता मोहम्मद इकबाल द्वारा दायर एक अवमानना याचिका पर...

पुरानी पेंशन योजना: महाराष्ट्र सरकार के कर्मचारियों की हड़ताल वापस लेने की मांग वाली याचिका बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर, शुक्रवार को होगी सुनवाई
पुरानी पेंशन योजना: महाराष्ट्र सरकार के कर्मचारियों की हड़ताल वापस लेने की मांग वाली याचिका बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर, शुक्रवार को होगी सुनवाई

पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लागू करने की मांग को लेकर राज्य सरकार के कर्मचारियों - पैरामेडिक्स, सफाई कर्मचारियों और शिक्षकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के खिलाफ एक वकील ने बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) का दरवाजा खटखटाया है।वकील गुणरतन सदावर्ते ने 2014 की जनहित याचिका में एक्टिंग चीफ जस्टिस एसवी गंगापुरवाला और जस्टिस संदीप मार्ने की पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया था। बेंच कल मामले की सुनवाई करने पर राजी हो गई है।आवेदन में हड़ताल तत्काल वापस लेने और हड़ताली सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ...