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नॉन-टीचिंग स्टाफ की नियुक्ति में UGC की कोई भूमिका नहीं: हाईकोर्ट ने 18 साल बाद लाइब्रेरियन को नौकरी से निकालने का फैसला रद्द किया
'नॉन-टीचिंग स्टाफ की नियुक्ति में UGC की कोई भूमिका नहीं': हाईकोर्ट ने 18 साल बाद लाइब्रेरियन को नौकरी से निकालने का फैसला रद्द किया

गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात विद्यापीठ की अपील खारिज की, जिसमें सिंगल जज के आदेश को चुनौती दी गई। इस आदेश में लंबे समय से काम कर रहे असिस्टेंट लाइब्रेरियन को नौकरी से निकालने का फैसला रद्द कर दिया गया और बकाया वेतन और रिटायरमेंट बेनिफिट्स देने का निर्देश दिया गया।जस्टिस भार्गव डी. करिया और जस्टिस एल.एस. पीरज़ादा की डिवीजन बेंच गुजरात विद्यापीठ के पूर्व कर्मचारी द्वारा दायर रिट याचिका में पारित आदेश से उत्पन्न एक लेटर्स पेटेंट अपील पर सुनवाई कर रही थी।शुरू में, बेंच ने यह स्पष्ट कर दिया कि UGC के...

ह्यूमन राइट्स कमीशन प्राइवेट प्रॉपर्टी के झगड़ों पर सुनवाई नहीं कर सकता: गुजरात हाईकोर्ट जारी किए निर्देश
ह्यूमन राइट्स कमीशन प्राइवेट प्रॉपर्टी के झगड़ों पर सुनवाई नहीं कर सकता: गुजरात हाईकोर्ट जारी किए निर्देश

यह देखते हुए कि प्रॉपर्टी में हिस्सेदारी से जुड़ी शिकायत को “किसी भी तरह से ह्यूमन राइट्स का उल्लंघन नहीं माना जा सकता,” गुजरात हाईकोर्ट ने पारिवारिक प्रॉपर्टी विवाद में स्टेट ह्यूमन राइट्स कमीशन द्वारा शुरू की गई कार्रवाई रद्द की।ऐसा करते हुए कोर्ट ने ह्यूमन राइट्स उल्लंघन के मामलों पर विचार करते समय कमीशन के अधिकार क्षेत्र के इस्तेमाल को रेगुलेट करने के लिए डिटेल्ड निर्देश भी जारी किए।जस्टिस निरल आर. मेहता ने कहा कि यह मामला एक “साफ उदाहरण” है, जहां स्टेट ह्यूमन राइट्स कमीशन ने उन शक्तियों का...

जज पर सरकारी दबाव में काम करने का आरोप लगाने वाले वकील पर चलेगा क्रिमिनल कंटेम्प्ट का मामला
जज पर 'सरकारी दबाव में काम करने' का आरोप लगाने वाले वकील पर चलेगा क्रिमिनल कंटेम्प्ट का मामला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते वकील के खिलाफ क्रिमिनल कंटेम्प्ट की कार्रवाई शुरू करने के लिए अलग रेफरेंस दिया, जिसने ओपन कोर्ट में कोर्ट पर "सरकार के दबाव में काम करने" और पुलिस से सफाई मांगने की 'हिम्मत' न होने का आरोप लगाया।जस्टिस संतोष राय की बेंच ने वकील (आशुतोष कुमार मिश्रा) के व्यवहार को "बहुत आपत्तिजनक, बदनाम करने वाला और अपमानजनक" पाया और कहा कि यह पहली नज़र में कंटेम्प्ट ऑफ़ कोर्ट्स एक्ट, 1971 की धारा 2(c) के तहत 'क्रिमिनल कंटेम्प्ट' के दायरे में आता है।संक्षेप में मामला12 फरवरी,...

अपराधी को प्रोबेशन पर रिहा किया जाता है तो सरकारी नौकरी के लिए अयोग्यता खत्म हो जाती है: दिल्ली हाईकोर्ट
अपराधी को प्रोबेशन पर रिहा किया जाता है तो सरकारी नौकरी के लिए अयोग्यता खत्म हो जाती है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने कहा कि प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट की धारा 12 के तहत प्रोबेशन पर रिहा करने से सरकारी नौकरी के लिए सज़ा से जुड़ी अयोग्यता खत्म हो जाती है, भले ही सज़ा खुद खत्म न हो।पृष्ठभूमि के तथ्यप्रतिवादी को उसकी पत्नी द्वारा फाइल किए गए केस में IPC की धारा 498A और 406 के तहत दोषी ठहराया गया। उसने सज़ा के खिलाफ अपील फाइल की। ​​हालांकि, अपील के पेंडिंग रहने के दौरान आपसी सहमति से शादी खत्म हो गई। अपील कोर्ट ने सज़ा...

टॉप सरकारी मेडिकल कॉलेज ने ज़हर के मरीज़ को बेड नहीं कहकर लौटाया, मरीज की मौत: हाईकोर्ट हैरान
टॉप सरकारी मेडिकल कॉलेज ने ज़हर के मरीज़ को 'बेड नहीं' कहकर लौटाया, मरीज की मौत: हाईकोर्ट 'हैरान'

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में रिकॉर्ड किया कि वह यह देखकर 'हैरान' है कि लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), जो उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा मेडिकल कॉलेज है, उसने आधी रात को एक गंभीर मरीज़ को बेड न होने का हवाला देकर भर्ती करने से मना कर दिया। पीड़ित, जिसे कथित तौर पर ज़हर दिया गया था, इलाज के अभाव में अगले दिन मर गया।जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस बबीता रानी की बेंच ने कहा,"जब राज्य की राजधानी का सबसे बड़ा मेडिकल इंस्टीट्यूट खुद एक मरीज़ को बेड न होने का हवाला देकर वापस भेज रहा है तो पहली...

यू.पी. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने 74 जिलों में न्याय रथ मोबाइल कानूनी सहायता वाहन लॉन्च किए
यू.पी. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने 74 जिलों में न्याय रथ मोबाइल कानूनी सहायता वाहन लॉन्च किए

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (UPSLSA) ने 14 फरवरी 2026 को दोपहर 3:15 बजे चीफ जस्टिस पोर्टिको, हाईकोर्ट, लखनऊ बेंच में कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के 74 जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के लिए मल्टी-यूटिलिटी वाहनों के फ्लैग-ऑफ समारोह और राज्य मध्यस्थता हेल्पलाइन के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित किया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन जस्टिस विक्रम नाथ, जज, सुप्रीम कोर्ट और कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली ने किया। इस कार्यक्रम में जस्टिस पंकज...

हौसला तोड़ने वाला: इलाहाबाद हाईकोर्ट जज ने की सुप्रीम कोर्ट की अपने आदेश की आलोचना के बाद बेल रोस्टर से हटाने की प्रार्थना
'हौसला तोड़ने वाला': इलाहाबाद हाईकोर्ट जज ने की सुप्रीम कोर्ट की अपने आदेश की आलोचना के बाद बेल रोस्टर से हटाने की प्रार्थना

इलाहाबाद हाईकोर्ट जज जस्टिस पंकज भाटिया ने एक आदेश पास किया, जिसमें चीफ जस्टिस से प्रार्थना की गई कि उन्हें भविष्य में बेल रोस्टर न दिया जाए। यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके जमानत आदेश (दहेज हत्या के मामले में) को "सबसे चौंकाने वाला और निराशाजनक" बताए जाने के ठीक 4 दिन बाद आया।एक मर्डर आरोपी की दूसरी जमानत अर्जी को अपने रोस्टर से हटाते हुए जस्टिस भाटिया ने रिक्वेस्ट की कि उन्हें भविष्य में जमानत रोस्टर न दिया जाए।बता दें, जिस ऑर्डर की बात हो रही है, वह सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को पास किया,...

केंद्र धोखाधड़ी से मिले एम्प्लॉयमेंट वीज़ा पर रह रहे विदेशी नागरिक को लीव इंडिया नोटिस जारी कर सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट
केंद्र धोखाधड़ी से मिले एम्प्लॉयमेंट वीज़ा पर रह रहे विदेशी नागरिक को 'लीव इंडिया नोटिस' जारी कर सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने ऑस्ट्रेलियाई नागरिक को जारी 'लीव इंडिया' नोटिस को सही ठहराया, जो एम्प्लॉयमेंट वीज़ा पर रह रहा था। कोर्ट ने कहा कि वीज़ा गलत जानकारी देकर हासिल किया गया था, क्योंकि पोस्ट के लिए लोकल टैलेंट को भर्ती करने का कोई प्रोसेस नहीं किया गया।कोर्ट ने माना कि लीव इंडिया नोटिस नेचुरल जस्टिस के सिद्धांतों का उल्लंघन नहीं है और याचिकाकर्ता गलत जानकारी देकर मिले कॉन्ट्रैक्ट वाले वीज़ा पर रह रहा एक विदेशी नागरिक है। उसे नागरिकता चाहने वाले नागरिक या लंबे समय से रहने वाले नागरिक जैसा प्रोसेस...

Indian Succession Act | पत्नी और बच्चों के जीवित रहने पर मां को विरासत में हिस्सा नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
Indian Succession Act | पत्नी और बच्चों के जीवित रहने पर मां को विरासत में हिस्सा नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि यदि कोई पुत्र बिना वसीयत (इंटेस्टेट) के मृत्यु को प्राप्त होता है और उसके पीछे पत्नी व बच्चे (प्रत्यक्ष वंशज) जीवित हैं, तो उसकी मां को भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के तहत संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलेगा।जस्टिस ज्योति एम ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें मृतक की पत्नी और बच्चों द्वारा दायर उत्तराधिकार प्रमाणपत्र (Succession Certificate) की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी गई थी कि मृतक की मां भी कानूनी उत्तराधिकारी है।मामला क्या...

भारत लौट आओ वरना हम FEO Act के खिलाफ तुम्हारी चुनौती नहीं सुनेंगे: बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या से कहा
'भारत लौट आओ वरना हम FEO Act के खिलाफ तुम्हारी चुनौती नहीं सुनेंगे': बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या से कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को पूर्व शराब कारोबारी विजय माल्या को यह बताने का आखिरी मौका दिया कि वह भारत कब लौटने का प्लान बना रहे हैं ताकि भगोड़े आर्थिक अपराधी (FEO) एक्ट की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई हो सके।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड की डिवीजन बेंच ने कहा कि पिछली सुनवाई में माल्या को यह साफ किया गया कि वह एक एफिडेविट फाइल करें, जिसमें बताएं कि वह भारत कब लौटने का प्रस्ताव रखते हैं और कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आएं। हालांकि, जब गुरुवार सुबह इस...

कांग्रेस नेताओं पर असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने पर लगी रोक
कांग्रेस नेताओं पर असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने पर लगी रोक

एक हाई-प्रोफाइल बदनामी के विवाद में अहम इंटरलोक्यूटरी ऑर्डर में गुवाहाटी में सिविल कोर्ट, जिसकी अध्यक्षता सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नंबर 1, नयनज्योति सरमा कर रहे थे, ने 12 फरवरी 2026 को सीनियर कांग्रेस नेताओं गौरव गोगोई, भूपेश बघेल और जितेंद्र सिंह को मामले में आगे की सुनवाई तक असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ कोई भी “बदनाम करने वाला बयान” देने से रोक दिया।यह ऑर्डर मुख्यमंत्री सरमा के ₹500 करोड़ के सिविल मानहानि केस के जवाब में दिया गया। इस केस में आरोप लगाया गया कि डिफेंडेंट्स ने...

सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट परिसर में गुटखा, पान चबाने और थूकने के खिलाफ सर्कुलर जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट परिसर में गुटखा, पान चबाने और थूकने के खिलाफ सर्कुलर जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने सर्कुलर जारी किया, जिसमें सभी बिल्डिंग यूज़र्स को कोर्ट परिसर में पान मसाला, गुटखा, तंबाकू और इसी तरह की चीज़ें चबाने और उनके बचे हुए हिस्से को थूकने से बचने का निर्देश दिया गया।11 फरवरी, 2026 का यह सर्कुलर कोर्ट की एडमिनिस्ट्रेटिव जनरल ब्रांच ने जारी किया। इसमें कहा गया कि यह देखा गया कि बिल्डिंग के कुछ यूज़र्स को पान मसाला, गुटखा और तंबाकू चबाने और उनके बचे हुए हिस्से को दीवार के कोनों, वॉशबेसिन और पीने के पानी की जगहों पर थूकने की आदत है।सर्कुलर के अनुसार, इस तरह के काम से...

आपने मुंबई को सरेंडर कर दिया: हाईकोर्ट ने अतिक्रमण करने वालों को खुश करने के लिए BMC की आलोचना की, अवमानना ​​की चेतावनी दी
'आपने मुंबई को सरेंडर कर दिया': हाईकोर्ट ने अतिक्रमण करने वालों को खुश करने के लिए BMC की आलोचना की, अवमानना ​​की चेतावनी दी

यह सोचते हुए कि क्या बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के अधिकारी शहर के पवई में आलीशान हीरानंदानी इलाके में अतिक्रमण करने वालों के साथ 'टॉम एंड जेरी' खेल रहे हैं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को सवाल किया कि क्या सिविक बॉडी 'पावरलेस' हो गई है। उसने शहर को अतिक्रमण करने वालों के सामने 'सरेंडर' कर दिया है, क्योंकि ऐसा लगता है कि वह सिर्फ 'भावनाओं और धार्मिक अधिकारों' की रक्षा कर रही है।बता दें, बेंच एक ब्यूमोंट HFSI प्री-प्राइमरी स्कूल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोप लगाया...

सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाली याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने दी जुर्माने की चेतावनी
सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाली याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने दी जुर्माने की चेतावनी

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने और क्रिमिनल केस दर्ज करने की मांग वाली याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि पिटीशनर ने हर उस व्यक्ति को जोड़ा है, जो पद पर है और अगर याचिका को मंजूरी दी जाती है तो यह कानून का गलत इस्तेमाल होगा।कोर्ट भ्रष्टाचार विरोधी पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट और कर्नाटक पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एक पूर्व कर्मचारी की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। याचिका में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, डिप्टी सीएम डीके...

IPL सट्टेबाजी मामला: एमएस धोनी को सीडी के अनुवाद के लिए 10 लाख रुपये जमा करने का निर्देश
IPL सट्टेबाजी मामला: एमएस धोनी को सीडी के अनुवाद के लिए 10 लाख रुपये जमा करने का निर्देश

मद्रास हाइकोर्ट ने भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी को 10 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया। यह राशि उन पुरानी सीडी के अनुवाद और लिप्यंतरण (ट्रांसक्रिप्शन) के खर्च के रूप में तय की गई, जो उनके द्वारा दायर 100 करोड़ रुपये के मानहानि वाद से संबंधित हैं।जस्टिस आर.एन. मंजुला ने कहा कि सीडी में मौजूद सामग्री का अनुवाद और टंकण करना एक बहुत बड़ा कार्य है, जिसमें दुभाषिया और टाइपिस्ट का लगभग तीन से चार महीने का पूरा समय लग सकता है। ऐसे में इस पूरी प्रक्रिया का खर्च वादी होने के नाते धोनी को ही वहन...

समन से गैरहाज़िरी के मामलों में अरविंद केजरीवाल की बरी के खिलाफ अपील करेंगे: दिल्ली हाईकोर्ट में बोली ED
समन से गैरहाज़िरी के मामलों में अरविंद केजरीवाल की बरी के खिलाफ अपील करेंगे: दिल्ली हाईकोर्ट में बोली ED

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया कि वह कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े समन के अनुपालन न करने के मामलों में पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को मिली बरी (acquittal) के खिलाफ चुनौती दायर करेगा।यह बयान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एस.वी. राजू ने चीफ़ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ के समक्ष दिया।यह घटनाक्रम तब सामने आया जब केजरीवाल के वकील ने ED द्वारा जारी समन को चुनौती देने वाली याचिका...