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होटलों के लिए उदयपुर की पहाड़ियों को बेरहमी से काटा गया, शहर की हालत दयनीय: हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने उदयपुर की पहाड़ियों के बड़े पैमाने पर विनाश पर दुख जताया। कोर्ट ने कहा कि शहर की पहाड़ियों और पर्वतों को "बेरहमी से काटा गया" और उनकी जगह होटल, रिसॉर्ट और कमर्शियल इमारतें बना दी गई हैं, जिससे शहर की हालत "दयनीय" हो गई।जस्टिस समीर जैन की सिंगल-जज बेंच ने बसंत होटल्स प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये बातें कहीं। कंपनी ने अपने होटल प्रोजेक्ट पर 2018 की हिल पॉलिसी लागू करने को चुनौती दी थी और अधिकारियों पर भेदभावपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया।24 जुलाई को सुनवाई के...

मरने से पहले WhatsApp मैसेज में आरोपियों का नाम लेना शुरुआती तौर पर मरते समय दिया गया बयान माना जाएगा: एमपी हाई कोर्ट ने ज़मानत देने से इनकार किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आत्महत्या करने से पहले मृतक द्वारा अपने पिता को भेजे गए WhatsApp मैसेज को, जिसमें आरोपी व्यक्तियों के नाम हैं, शुरुआती तौर पर 'मरते समय दिया गया बयान' (dying declaration) माना है। [2026 LiveLaw (MP) 304]जस्टिस जय कुमार पिल्लई की बेंच ने ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा, जिसमें अनुसूचित जाति के एक व्यक्ति को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी तीन लोगों को ज़मानत देने से इनकार कर दिया गया था।"अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किया गया एक अहम सबूत मृतक के मोबाइल फोन से संबंधित पंचनामा...

किसी दूसरे केस में पहले से ही कस्टडी में दोषी को पुराने केस में सज़ा का सस्पेंशन खत्म होने के बाद दोबारा औपचारिक रूप से सरेंडर करने की ज़रूरत नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि जो दोषी पहले से ही किसी दूसरे क्रिमिनल केस में ज्यूडिशियल कस्टडी में है, उसे किसी पुराने केस में सज़ा के अस्थायी सस्पेंशन की अवधि खत्म होने के बाद दोबारा औपचारिक रूप से सरेंडर करने की ज़रूरत नहीं है। [2026 LiveLaw (MP) 301]यह देखते हुए कि कानून "बेमतलब या बेकार की औपचारिकताओं" पर ज़ोर नहीं देता, जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की बेंच ने कहा कि जेल अधिकारियों द्वारा कस्टडी रिकॉर्ड रखने में हुई प्रशासनिक चूक के कारण किसी कैदी को जेल में बिताई गई असल अवधि का क्रेडिट नहीं...

दिल्ली हाईकोर्ट ने BTE से जुड़े प्राइवेट संस्थानों में फुल-टाइम डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन के लिए ज़रूरी CET की शर्त रद्द की

दिल्ली हाईकोर्ट ने बोर्ड ऑफ़ टेक्निकल एजुकेशन (BTE) से जुड़े प्राइवेट संस्थानों में डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) देने की अनिवार्य शर्त रद्द की, जबकि दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (DSEU) के तहत आने वाले संस्थानों को इस शर्त से छूट दी गई है। [2026 LiveLaw (Del) 710]जस्टिस जसमीत सिंह ने कहा कि DSEU और BTE से जुड़े संस्थानों के लिए एक जैसे डिप्लोमा कोर्स के संबंध में अलग-अलग मूल्यांकन प्रक्रिया लागू करने का कोई तार्किक आधार नहीं है।कोर्ट ने दिल्ली सरकार...

2021 प्रदर्शन मामले में SFI नेता आइशी घोष को राहत, दिल्ली कोर्ट ने रद्द किया गैर-जमानती वारंट

दिल्ली कोर्ट ने वर्ष 2021 में बंगला भवन के बाहर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की नेता आइशी घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट रद्द किया।पटियाला हाउस कोर्ट की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विजयश्री राठौर ने गुरुवार को आइशी घोष के अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के बाद गैर-जमानती वारंट रद्द करने का आदेश दिया।हालांकि, अदालत ने यह राहत 1,000 रुपये का जुर्माना जमा कराने की शर्त पर दी।गौरतलब है कि अदालत ने एक दिन पहले गैर-जमानती वारंट पर रोक लगाते हुए आइशी...

सुप्रीम कोर्ट में हंगामा करने वाले लॉ स्टूडेंट्स को जमानत, दिल्ली कोर्ट ने कहा- अदालत की गरिमा से समझौता स्वीकार नहीं

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हंगामा करने और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार लखनऊ यूनिवर्सिटी के दो लॉ स्टूडेंट्स को दिल्ली कोर्ट ने जमानत दी। हालांकि अदालत ने उनके आचरण की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अदालत की गरिमा और न्यायिक संस्थाओं का सम्मान बनाए रखना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।पटियाला हाउस कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रवि ने 24 वर्षीय थर्ड ईयर के लॉ स्टूडेंट प्रबल प्रताप सिंह और 23 वर्षीय सेकेंड ईयर स्टूडेंट चंदर भान को...

हिंदू देवी-देवताओं पर ध्रुव राठी का वीडियो: दिल्ली हाईकोर्ट में वकील ने कहा- आदेश के बावजूद YouTube ने नहीं की कार्रवाई

दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई। इसमें केंद्र सरकार की ग्रीवेंस अपीलेट कमेटी (GAC) के उस आदेश को तुरंत लागू करने की मांग की गई, जिसमें YouTuber ध्रुव राठी के हिंदू देवी-देवताओं पर अपलोड किए गए वीडियो को हटाने के लिए कहा गया था। आरोप है कि यह वीडियो मानहानि करने वाला है और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।यह मामला जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के सामने लिस्ट किया गया, जो आज (गुरुवार) छुट्टी पर थीं।अब इस याचिका पर 10 अगस्त को सुनवाई होगी।यह घटनाक्रम वकील अमिता सचदेवा की याचिका के दौरान...

National Highways Act | सक्षम अधिकारी मुआवज़े के हिस्से को लेकर विवाद का फ़ैसला नहीं कर सकते, मामला सिविल कोर्ट को भेजना होगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जब नेशनल हाईवे एक्ट, 1956 के तहत अधिग्रहित ज़मीन में अपने हिस्से को लेकर सह-हिस्सेदारों के बीच गंभीर मतभेद हों तो सक्षम अधिकारी को उनके बीच मुआवज़े का बंटवारा करने का अधिकार नहीं है और उन्हें यह विवाद मुख्य सिविल कोर्ट (ओरिजिनल ज्यूरिस्डिक्शन वाले) को भेजना होगा।नेशनल हाईवे एक्ट, 1956 की धारा 3H(3) सक्षम अधिकारी को यह तय करने की अनुमति देती है कि उनकी राय में जमा की गई राशि पाने का हकदार कौन है। धारा 3H(4) के तहत बंटवारे या उस व्यक्ति के बारे में किसी भी विवाद को,...

प्रॉपर्टी का इस्तेमाल करने के अधिकार में किसी खास सरकारी सड़क या हाईवे रूट से ज़मीन तक पहुँचने का अधिकार शामिल नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि भारत के संविधान के आर्टिकल 300A के तहत प्रॉपर्टी का इस्तेमाल करने के अधिकार में सरकारी सड़क या हाईवे का हिस्सा रहे रूट से ज़मीन तक पहुंचने का कोई पक्का अधिकार शामिल नहीं है।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा,"संविधान के आर्टिकल 300A के तहत प्रॉपर्टी रखने और उसका इस्तेमाल करने के अधिकार के साथ सरकार की किसी खास आस-पास की ज़मीन या सड़क से गाड़ियों के आने-जाने का रास्ता पाने का कोई स्वाभाविक या पक्का अधिकार नहीं मिलता है।" कोर्ट ने कहा कि ज़मीन का मालिक इस बात पर ज़ोर नहीं दे सकता...

गर्भवती उम्मीदवार का फिजिकल टेस्ट टालने से इनकार करना उसे माँ बनने और नौकरी में से किसी एक को चुनने पर मजबूर करता है, जो सही नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि गर्भावस्था के एडवांस स्टेज (अंतिम चरण) में चल रही महिला उम्मीदवार का फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (शारीरिक दक्षता परीक्षा) टालने से इनकार करना उसे बच्चा पैदा करने और नौकरी करने में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर करता है। साथ ही यह उसके प्रजनन के अधिकार और नौकरी के अधिकार में भी दखल देता है।कोर्ट ने कहा कि जहाँ भर्ती के नियम टेस्ट टालने के बारे में चुप हैं और ऐसा करने पर कोई रोक नहीं लगाते, वहां कमीशन के पास असाधारण परिस्थितियों में टेस्ट टालने का अधिकार है। कमीशन सिर्फ़...

S. 8 UP Anti-Conversion Law | डीएम को दिया गया आवेदन शेड्यूल-I फ़ॉर्मेट में धर्म-परिवर्तन से पहले की घोषणा का विकल्प नहीं हो सकता: हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ़ किया कि यूपी एंटी-कन्वर्ज़न लॉ (धर्म-परिवर्तन विरोधी कानून) के तहत धर्म बदलने के इच्छुक व्यक्ति के लिए धारा 8 के तहत तय 'शेड्यूल-I' फ़ॉर्मेट में धर्म-परिवर्तन से पहले की घोषणा जमा करना ज़रूरी है, और ज़िला मजिस्ट्रेट (DM) को दिया गया सामान्य आवेदन इसका विकल्प नहीं हो सकता।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने उस महिला की रिट याचिका खारिज की, जिसने डीएम को अपनी उस अर्ज़ी पर विचार करने का निर्देश देने की मांग की, जिसे उसने कथित तौर पर 'उत्तर प्रदेश गैर-कानूनी...

बच्चों की शिकायतों को नज़रअंदाज़ करने और आरोपी को घर में रहने देने वाली माँ POCSO अपराध में जानबूझकर मदद करती है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जो माँ अपने बच्चों की यौन शोषण की शिकायतों को नज़रअंदाज़ करती है और आरोपी को घर में रहने देती है, वह 'प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ़्रॉम सेक्सुअल ऑफ़ेंस' एक्ट (POCSO Act) की धारा 16(iii) के तहत गैर-कानूनी तरीके से काम न करके (Illegal Omission) अपराध में "जानबूझकर मदद" करती है।धारा 16(iii) के अनुसार, कोई व्यक्ति इस कानून के तहत अपराध में तब मदद करता है, जब वह किसी काम या गैर-कानूनी तरीके से काम न करके (Illegal Omission) उस अपराध को करने में जानबूझकर सहायता करता है।जस्टिस...

दिल्ली कोर्ट ने 2021 के विरोध प्रदर्शन मामले में SFI नेता आइशी घोष के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर लगाई रोक

दिल्ली कोर्ट ने बुधवार को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की नेता आइशी घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट के अमल पर रोक लगाई। यह वारंट 2021 में बांग्ला भवन के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में जारी किया गया।यह FIR 2021 में बांग्ला भवन के सामने आयोजित एक प्रदर्शन से संबंधित है। घोष पर सरकारी अधिकारी के आदेश की कथित अवहेलना (IPC की धारा 188) और आपराधिक अतिचार (IPC की धारा 447) जैसे अपराधों के आरोप लगाए गए। इस मामले में उनके खिलाफ चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है।पटियाला हाउस...

वंदे मातरम का अपमान अब माना जाएगा अपराध: राज्यसभा में पारित हुआ बिल, राष्ट्रगान के बराबर मिलेगी कानूनी सुरक्षा

राज्यसभा ने बुधवार को 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' पारित किया। इस विधेयक का मकसद 'वंदे मातरम' को भी राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है।यह विधेयक 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971' में संशोधन करता है और अधिनियम के तहत दंड के प्रावधानों का दायरा बढ़ाते हुए इसमें 'वंदे मातरम' के प्रति जानबूझकर किए गए अपमानजनक कार्यों को भी शामिल करता है।वर्तमान में 1971 का अधिनियम राष्ट्रगान गाने से जानबूझकर रोकने या इसे गाते समय सभा में...

विरोध प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल, बिजली के झटके का आरोप वाली शिकायत स्वीकार करेंगे: दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में बताया

दिल्ली पुलिस ने बुधवार को हाईकोर्ट को बताया कि वह जंतर-मंतर पर 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन और लाठियों सहित बल के कथित उपयोग पर वरिष्ठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत की प्राप्ति के संबंध में पावती देगी।दिल्ली पुलिस ने जस्टिस प्रतीक जालान को बताया कि सिस्टम में "अस्थायी तकनीकी खराबी के कारण" 23 जुलाई को जब शिकायत दर्ज की गई थी तो पावती पहले नहीं दी गई।अदालत ने पुलिस के रुख पर गौर करते हुए कहा,"डीडी नंबर के साथ पावती दिन के दौरान तैयार की जाएगी और दी जाएगी।" ...

केंद्र के कोई तुरंत नुकसान नहीं के आश्वासन के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने HPV वैक्सीनेशन ड्राइव पर रोक लगाने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को किशोरियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीन, गार्डसिल (Gardasil) देने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इससे कोई तुरंत नुकसान नहीं होता है।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए डेटा से पता चलता है कि कम उम्र की लड़कियों को यह वैक्सीन देने में कोई नुकसान नहीं है।कोर्ट ने कहा कि वह किशोरियों के लिए वैक्सीन शुरू करने के औचित्य के मुद्दे पर बाद में विचार करेगा, लेकिन अभी वैक्सीन देने पर रोक नहीं...

UP Tenancy Act | स्वतंत्र मालिकाना हक का दावा करने वाली तीसरी पार्टी बेदखली की कार्यवाही में ज़रूरी या उचित पार्टी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि मकान-मालिक के खिलाफ़ स्वतंत्र मालिकाना हक का दावा करने वाली तीसरी पार्टी, यूपी रेगुलेशन ऑफ़ अर्बन प्रेमिसेस टेनेंसी एक्ट, 2021 की धारा 21 के तहत कार्यवाही में न तो ज़रूरी पार्टी है और न ही उचित पार्टी।कोर्ट ने कहा कि मालिकाना हक से जुड़े सवालों को सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के ऑर्डर I नियम 10 के तहत पार्टी बनने के आवेदन के ज़रिए बेदखली की कार्यवाही में नहीं लाया जा सकता, क्योंकि इनका निपटारा करना रेंट अथॉरिटी के कानूनी अधिकार क्षेत्र से बाहर है।डॉ. जस्टिस योगेंद्र...

हाईकोर्ट ने मीडिया पर राजेश खन्ना के पुराने बंगले को शापित, भूतिया या अशुभ कहने पर लगाई रोक

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में मीडिया हाउस और कुछ YouTube चैनलों को बॉलीवुड सुपरस्टार राजेश खन्ना के मशहूर बंगले 'आशीर्वाद' के बारे में कोई भी अपमानजनक बात पोस्ट करने या "अशुभ, भूतिया, शापित या मनहूस" जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने से रोका।सिंगल-जज जस्टिस आरिफ डॉक्टर ने यह आदेश बिजनेसमैन शशि किरण शेट्टी द्वारा दायर मुकदमे की सुनवाई के दौरान दिया। शेट्टी अब मुंबई के पॉश इलाके बांद्रा के कार्टर रोड पर स्थित इस बंगले के मालिक हैं।शेट्टी, जिन्होंने पुराने बंगले को गिराकर नया ढांचा बनवाया था, का कहना है...

खरगोन रामनवमी हिंसा: सबूतों के अभाव में 11 आरोपी बरी, एमपी कोर्ट ने कहा- अभियोजन आरोप साबित नहीं कर सका

मध्य प्रदेश के खरगोन में वर्ष 2022 की रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े मामले में अदालत ने 11 आरोपियों को बरी कर दिया। चतुर्थ अपर सत्र जज मुकेश नाथ ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।अभियोजन के अनुसार, 10 अप्रैल 2022 को रामनवमी शोभायात्रा के दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने हिंदू परिवारों के घरों पर पथराव किया और पेट्रोल बम फेंके, जिससे मकानों को नुकसान पहुंचा। इस मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की...

लोकसभा ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया, परीक्षा में धांधली पर न्यूनतम 5 साल की जेल का प्रावधान

लोकसभा ने बुधवार को सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 (Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026) को ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक में परीक्षा में धांधली, पेपर लीक और संगठित नकल पर कड़े दंड, समयबद्ध जांच और सुनवाई तथा मामलों के निपटारे के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन का प्रावधान किया गया है।यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन करता है। केंद्र सरकार ने इसे देशभर में परीक्षा प्रश्नपत्र...