मुख्य सुर्खियां
हापुड़ मामला - एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट में वकीलों को लगी चोटों का जिक्र नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जताया असंतोष
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को हापुड जिले में वकीलों पर पुलिस लाठीचार्ज की जांच के संबंध में राज्य द्वारा गठित विशेष जांच दल द्वारा सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत प्रारंभिक रिपोर्ट पर असंतोष व्यक्त किया।मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर और जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी की पीठ ने विशेष रूप से कहा कि घटना में वकीलों को लगी चोटों का कोई उल्लेख नहीं किया गया था।इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि जांच रिपोर्ट में किसी भी पीड़ित वकील के बयान का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट में केवल यह बताया...
जीवन साथी चुनने का अधिकार आस्था या धर्म से प्रभावित नहीं हो सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति का जीवन साथी चुनने का अधिकार आस्था और धर्म के मामलों से प्रभावित नहीं हो सकता है। विवाह करने का अधिकार मानवीय स्वतंत्रता की घटना है।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने कहा कि यह राज्य या समाज या यहां तक कि इसमें शामिल पक्षकारों के माता-पिता के लिए भी किसी भी तरह से जीवन साथी की पसंद को निर्देशित करने या किसी व्यक्ति के ऐसे अधिकारों को कम करने और सीमित करने के लिए नहीं है, जब इसमें दो सहमति वाले वयस्क शामिल हों।”अदालत ने कहा,"जब भारत का संविधान प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़की को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी व्यक्ति को राहत देने से इनकार किया, कहा- ऐसे मामले रद्द करने से न्याय की हानि होगी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने उस व्यक्ति के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया है, जिस पर नाबालिग लड़की को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। उस व्यक्ति उक्त व्यक्ति प्यार करता था और कथित तौर पर उसे शारीरिक और मानसिक यातना देने के साथ-साथ उससे पैसे की मांग भी कर रहा था।आरोपी पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया गया।जस्टिस शंपा (दत्त) पॉल की एकल पीठ ने ट्रायल कोर्ट को आरोप तय करते समय आईपीसी की धारा 305 का ध्यान रखने का निर्देश दिया।कोर्ट ने...
सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना मामले में अयोग्यता याचिकाओं पर फैसले में देरी के लिए महाराष्ट्र स्पीकर की आलोचना की
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (18 सितंबर) को उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे समूहों के बीच शिवसेना पार्टी के भीतर दरार से उत्पन्न अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय लेने में महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर द्वारा की गई देरी पर अस्वीकृति व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि स्पीकर संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत कार्यवाही को अनिश्चित काल तक विलंबित नहीं कर सकते और कोर्ट द्वारा पारित निर्देशों के प्रति सम्मान की भावना होनी चाहिए।भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने स्पीकर का प्रतिनिधित्व कर रहे भारत के सॉलिसिटर जनरल...
झारखंड हाईकोर्ट ने बजरंग दल नेता के मर्डर के बाद विरोध कर रहे रिश्तेदारों पर हमले के लिए पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया
झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस को बजरंग दल नेता कमलदेव गिरी, जिनकी पिछले साल चक्रधरपुर में हत्या कर दी गई थी, के रिश्तेदारों पर हमला करने के आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी ने कहा, “यह कोई एक मामला नहीं है। इस तरह के कई मामले हैं, जिनकी इस न्यायालय द्वारा कई रिट याचिकाओं में जांच की गई है और उचित निर्देश भी जारी किए गए हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक नागरिक को एफआईआर दर्ज करने के लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत इस न्यायालय...
सरकारी कर्मचारियों के वेतन में भारी वृद्धि के बावजूद भ्रष्टाचार बदस्तूर जारी, मानवीय लालच की कोई सीमा नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव विनय कुमार जंजुआ के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले के संबंध में शुक्रवार को राज्य सरकार को मुकदमा चलाने की मंजूरी के लिए सभी दस्तावेज केंद्र को भेजने का निर्देश दिया। मामला 2009 का है, जब जंजुआ उद्योग और वाणिज्य निदेशक के पद पर कार्यरत थे। उन पर कथित तौर पर 2 लाख रुपये की रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया गया।जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल ने कहा,"यह अदालत याचिकाकर्ता के खिलाफ गंभीर आरोपों पर अपनी आंखें बंद नहीं कर सकती। अगर यह अदालत इस स्तर पर मामले...
एनबीडीए और एनबीएफ के बीच प्रतिद्वंद्विता में नहीं पड़ सकते, टीवी समाचार चैनलों के लिए सेल्फ रेगुलेटरी सिस्टम को सख्त करना चाहते हैं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (18 सितंबर) को मौखिक रूप से कहा कि वह प्रतिद्वंद्वी समाचार मीडिया संगठनों के बीच प्रतिद्वंद्विता में नहीं फंसना चाहता और वह केवल टीवी चैनलों के लिए स्व-नियामक तंत्र (Self Regulatory Mechanism को कुछ अधिकार देने के बारे में चिंतित है।कोर्ट की यह प्रतिक्रिया तब आई जब न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन (एनबीएफ) ने इस मामले में न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (एनबीडीए) के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया। एनबीएफ की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी ने कहा कि एनबीएफ एकमात्र...
'भारत के प्रधानमंत्री की डिग्री की डिटेल मांगना मानहानि नहीं': अरविंद केजरीवाल ने गुजरात हाईकोर्ट में समन को चुनौती दी
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अपने खिलाफ मानहानि की शिकायत के मामले एक मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा समन जारी करने को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी है।उल्लेखनीय है कि दोनों नेताओं के खिलाफ प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री के मामले में गुजरात यूनिवर्सिटी के खिलाफ 'लक्षित' टिप्पणियों को लेकर मानहानि की शिकायत की गई है।गुजरात के अहमदाबाद में एक सत्र न्यायालय द्वारा दोनों के पुनरीक्षण आवेदन को खारिज करने के 4 दिन बाद अपील दायर की गई...
एसिड अटैक : केरल हाईकोर्ट ने कानूनी सेवा प्राधिकरण को पीड़ित मां, नाबालिग बेटे को दिए जाने वाले मुआवजे को बढ़ाने पर विचार करने का आदेश दिया
केरल हाईकोर्ट ने थालास्सेरी में जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण को दो एसिड अटैक पीड़ितों को क्षतिपूर्ति के कानून और उन्हें लगी चोटों की प्रकृति के आधार पर अधिक मुआवजा देने पर विचार करने का आदेश दिया है। जस्टिस देवन रामचन्द्रन ने इस प्रकार कहा,“ क्षतिपूर्ति से संबंधित कानून अब अच्छी तरह से व्यवस्थित हो गया है। यह पर्याप्त होना चाहिए और पार्टियों को होने वाले नुकसान के अनुरूप होना चाहिए। सभी आवश्यक और महत्वपूर्ण पहलुओं के आधार पर इस आशय की एक विशिष्ट खोज को लागू आदेशों में जगह मिलनी चाहिए, लेकिन उस...
'हमारे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है': दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यायाधीश के लिए मौत की सजा की मांग करने वाले वादी के खिलाफ आपराधिक अवमानना मामले में गैग ऑर्डर देने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को मुकदमेबाज के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक अवमानना कार्यवाही में रोक लगाने का आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि उसकी याचिका खारिज करने वाले मौजूदा न्यायाधीश को मौत की सजा दी जाए।वहीं राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने अनुरोध किया कि मामले की सुनवाई बंद कमरे में की जाए और आदेशों को सार्वजनिक न किया जाए।जस्टिस मृदुल ने इस पर मौखिक रूप से टिप्पणी की,“न्यायपालिका संस्था उस स्तर पर पहुंच गई है, जहां कोर्ट रूम में होने वाली हर चीज का सीधा...
विवाहित महिला शादी से बाहर शारीरिक संबंध स्थापित करने के लिए शादी के झूठे वादे पर ली गई सहमति का दावा नहीं कर सकती: झारखंड हाईकोर्ट ने बलात्कार की एफआईआर रद्द की
झारखंड हाईकोर्ट ने विवाहित वयस्क महिला द्वारा दायर बलात्कार के मामले को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वह किसी अन्य व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाने के संभावित परिणामों से पूरी तरह वाकिफ थी।अदालत ने फैसला सुनाया कि आरोपी को झूठे बहाने के तहत उसकी सहमति प्राप्त करने वाला नहीं माना जा सकता, इस प्रकार शादी के कथित वादे पर आधारित आरोपों को खारिज कर दिया गया।जस्टिस सुभाष चंद ने कहा,“...पीड़िता उसी समय से बालिग थी जब वह आरोपी के संपर्क में आई थी और कॉलेज के समय में आरोपी अभिषेक कुमार पाल के साथ...
सीनियर सिटीजन एक्ट | सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट को शक्ति का प्रत्यायोजन वैध आवेदन को सुनवाई योग्य न होने के कारण खारिज नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माता-पिता और सीनियर सिटीजन के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 की धारा 22(1) सपठित उत्तर प्रदेश माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण नियमावली, 2014 नियम 22(2)(i) के तहत जिला मजिस्ट्रेट द्वारा सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट को शक्तियों के प्रत्यायोजन को बरकरार रखा है।जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस राजेंद्र कुमार-IV की खंडपीठ ने कहा,“प्रधान विधायिका के अधिनियम द्वारा शक्ति जिला मजिस्ट्रेट में निहित की जा रही है और उस शक्ति को सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट को सौंपने की...
सुप्रीम कोर्ट उस पक्ष के बचाव में आया, जिसने गलत कानूनी सलाह मिलने के बाद गलत अदालत में चेक बाउंस का मामला दायर किया था
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक उल्लेखनीय मामले में एक पक्ष को राहत दी, जिसकी चेक डिसऑनर की शिकायत को मजिस्ट्रेट ने क्षेत्राधिकार की कमी के आधार पर अंतिम सुनवाई चरण में खारिज कर दिया था। यह देखने के बाद कि पक्ष को उचित कानूनी सहायता नहीं मिली, सुप्रीम कोर्ट ने मामले को उचित न्यायालय में स्थानांतरित करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया।अपने आदेश में, सुप्रीम कोर्ट ने संहिता (सीआरपीसी) की प्राथमिक प्रक्रियात्मक प्रकृति पर जोर दिया और इस बात पर प्रकाश...
कर्मचारी मुआवजा अधिनियम | दुर्घटना में शामिल वाहन का बीमाकर्ता दायित्व से नहीं बच सकता: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि मुआवजे की गणना दुर्घटना की तारीख से की जानी चाहिए और ब्याज की गणना उसी तारीख से शुरू होनी चाहिए। हाईकोर्ट कर्मचारी मुआवजा अधिनियम, 1923 की धारा 30 के तहत एक अपील से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहा था, जिसमें श्रम न्यायालय के फैसले का विरोध किया गया था जिसमें अधिनियम की धारा 4 (ए) द्वारा अनिवार्य ब्याज शामिल नहीं था। अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि दुर्घटनाओं में शामिल मोटर वाहनों के बीमाकर्ता, जिसके कारण कर्मचारियों की मृत्यु या चोट लगी है,...
जब पति विलासितापूर्ण जीवन जीता है, तो पत्नी को बेसहारा नहीं छोड़ा जा सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट ने पूर्व जज की बेटी का भरण-पोषण को 1.5 लाख प्रति माह किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में हाईकोर्ट के एक पूर्व जज की बेटी गुजाराभत्ता से जुड़े एक मामले में राहत दी। हाईकोर्ट ने महिल को पति की ओर से दिए जाने वाले मासिक गुजारा भत्ते को बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दिया। शीर्ष अदालत के फैसले पर भरोसा करते हुए जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने कहा कि जब पति विलासितापूर्ण जीवन शैली जीता हो तो पत्नी और उनके बेटे को बेसहारा नहीं छोड़ा जा सकता है।अदालत ने पति की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उसने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसे अपनी पत्नी...
[एनडीपीएस एक्ट] केवल आरोप पत्र के साथ एफएसएल रिपोर्ट दाखिल करना डिफ़ॉल्ट जमानत रद्द करने का आधार नहीं, विशेष कारण दिखाना होगा: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि एनडीपीएस मामले में आरोप पत्र के साथ एफएसएल रिपोर्ट दाखिल करना किसी आरोपी को दी गई डिफ़ॉल्ट जमानत रद्द करने का आधार नहीं होगा।जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा,"...यह स्पष्ट किया जाता है कि केवल चालान के साथ एफएसएल रिपोर्ट दाखिल करना ही डिफॉल्ट जमानत रद्द करने का कारण नहीं माना जाएगा।"हालांकि, पीठ ने कहा कि चूंकि डिफॉल्ट जमानत योग्यता के आधार पर नहीं दी जाती, इसलिए अगर आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती अपराध का मजबूत मामला बनता है तो आरोपपत्र दाखिल होने के बाद इसे...
जब यूएपीए लागू होता है तो लोग कम या बिना सबूत के भी सालों तक सलाखों के पीछे रहते हैं, यही असली त्रासदी है: रेबेका जॉन
गौतम भाटिया द्वारा लिखित पुस्तक 'अनसील्ड कवर्स: ए डिकेड ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन, द कोर्ट्स एंड द स्टेट' के लॉन्च के अवसर पर आयोजित पैनल डिस्कशन के दौरान सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (यूएपीए एक्ट) के बारे में कड़ी टिप्पणियां कीं।उन्होंने कहा,“यूएपीए में समस्या क्या है? मेरा मतलब है, कई समस्याएं हैं... पूरा अधिनियम समस्याग्रस्त है, लेकिन अनिवार्य रूप से हम दो वैधानिक प्रावधानों में शून्य कर सकते हैं। एक्ट की धारा 43 आरोप पत्र दायर करने से पहले किसी व्यक्ति...
मद्रास हाईकोर्ट ने रविवार को विशेष सुनवाई में प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी गणेश मूर्तियों की बिक्री की अनुमति देने वाले एकल न्यायाधीश के आदेश पर रोक लगाई
मद्रास हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने रविवार की विशेष सुनवाई में खंडपीठ ने प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनाई गई गणेश मूर्तियों की बिक्री की अनुमति देने वाले एकल न्यायाधीश के आदेश पर रोक लगा दी।जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने शनिवार को कहा था कि प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी विनायक मूर्तियों की बिक्री को प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता, लेकिन जल निकायों में उनके विसर्जन को प्रतिबंधित किया जा सकता है। इस प्रकार एकल न्यायाधीश ने कारीगरों को प्लास्टर ऑफ पेरिस का उपयोग करके बनाई गई गणेश मूर्तियों को रजिस्टर में रखकर बेचने की...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (11 सितंबर 2023 से 15 सितंबर 2023) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।दहेज की मांग को पूरा करने के लिए पत्नी को उचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं कराना आईपीसी की धारा 498ए के तहत क्रूरता: झारखंड हाईकोर्टझारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि दहेज की मांग को पूरा करने के लिए किसी की पत्नी को उचित चिकित्सा सहायता प्रदान नहीं करना भारतीय दंड संहिता की धारा 498 ए के तहत...
विवाहित व्यक्तियों का लिव-इन रिलेशनशिप में रहना 'अवैध': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस सुरक्षा से इनकार किया, जुर्माना लगाया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले पहले से शादीशुदा व्यक्तियों पर 2,500 रुपये का जुर्माना लगाया. जिन्होंने पुलिस सुरक्षा की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। जस्टिस आलोक जैन ने इसे 'अवैध संबंध का क्लासिक मामला' कहा और दोहराया कि विवाहित व्यक्ति अपनी शादी के दौरान दूसरों के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में नहीं रह सकते।बेंच ने कहा,"विवाह से बाहर रहने की किसी की पसंद का मतलब यह नहीं है कि विवाहित व्यक्ति विवाह के दौरान दूसरों के साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने...
















![[एनडीपीएस एक्ट] केवल आरोप पत्र के साथ एफएसएल रिपोर्ट दाखिल करना डिफ़ॉल्ट जमानत रद्द करने का आधार नहीं, विशेष कारण दिखाना होगा: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट [एनडीपीएस एक्ट] केवल आरोप पत्र के साथ एफएसएल रिपोर्ट दाखिल करना डिफ़ॉल्ट जमानत रद्द करने का आधार नहीं, विशेष कारण दिखाना होगा: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2023/02/11/500x300_458424-427230-ndps-act.jpg)



