एक्टर शाहरुख खान के सामने झुकते PM Modi की मॉर्फ्ड तस्वीर पोस्ट करने के आरोपी को मिली जमानत

Shahadat

2 April 2026 10:32 AM IST

  • एक्टर शाहरुख खान के सामने झुकते PM Modi की मॉर्फ्ड तस्वीर पोस्ट करने के आरोपी को मिली जमानत

    दिल्ली कोर्ट ने ऐसे व्यक्ति को ज़मानत दी, जिस पर अपने X (पहले ट्विटर) अकाउंट पर एक AI-जनरेटेड मॉर्फ्ड तस्वीर पोस्ट करने का आरोप था। इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिल्म एक्टर शाहरुख खान के सामने झुकते हुए दिखाया गया था।

    पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशन जज सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने मुजाहिद जमाल शेख को ज़मानत देते हुए कहा कि उसके खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि पुलिस हिरासत रिमांड ली गई थी, लेकिन कोई बरामदगी नहीं हुई।

    जज ने यह भी कहा कि आरोपी ने 14 मार्च को पहले जांच अधिकारी (IO) के कहने पर खुद ही अपना X अकाउंट बंद या डीएक्टिवेट कर दिया था। बाद में जब जांच के लिए इस मामले में दूसरा IO नियुक्त हुआ तो उसके अनुरोध पर ही आरोपी ने अपना अकाउंट फिर से एक्टिवेट किया।

    कोर्ट ने कहा,

    "उपरोक्त बातों को ध्यान में रखते हुए और अर्नेश कुमार (supra), सतेंद्र कुमार अंतिल (supra), दाताराम सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (2018) 3 SCC 22 मामलों में तय किए गए सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए—साथ ही इस तथ्य को देखते हुए कि आवेदक के समाज में गहरे जुड़ाव हैं, वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला है, और उसके भागने या सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोई संभावना नहीं है—यह कोर्ट इस सुविचारित राय पर पहुंचा है कि आवेदक नियमित ज़मानत पर रिहा होने का हकदार है।"

    FIR भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धारा 336(4) (जालसाजी), 356(2) (मानहानि) और 353(2) (सार्वजनिक उपद्रव) के तहत अपराधों के लिए दर्ज की गई। इसके साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66 भी लगाई गई।

    आरोप लगाया गया कि X पर की गई वह पोस्ट आपत्तिजनक थी और उससे समाज में वैमनस्य (आपसी मनमुटाव) फैलने की संभावना थी।

    आरोपी को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया और 20 मार्च को उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। JMFC कोर्ट में दायर उसकी ज़मानत याचिका 25 मार्च को खारिज कर दी गई थी।

    शुरुआत में ही जज ने यह बात नोट की कि आरोपी की पुलिस हिरासत रिमांड 20 मार्च को ली गई। उसके बाद उससे कोई बरामदगी नहीं हुई। इसमें यह भी दर्ज किया गया कि आरोपी का पहले किसी भी आपराधिक मामले में कोई हाथ नहीं था और उस पर जो अपराध का आरोप था, वह सिर्फ़ प्रधानमंत्री की एक AI-मॉर्फ़्ड फ़ोटो को एक फ़िल्म स्टार के साथ आपत्तिजनक तरीके से पोस्ट करने तक ही सीमित था।

    जज ने यह भी नोट किया कि आरोपी ने रिकॉर्ड पर एक दस्तावेज़ पेश किया, जिसे "गिरफ़्तारी के आधार" बताया गया; इस पर 12 मार्च की तारीख़ थी और एक SI के हस्ताक्षर थे, जिसे कथित तौर पर 11 मार्च को उसके भाई को दिया गया।

    हालांकि, IO ने कोर्ट को बताया कि उक्त दस्तावेज़ आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं था और संबंधित SI ने इसे एक जाली दस्तावेज़ बताया।

    तदनुसार, जज ने दस्तावेज़ की प्रामाणिकता पर कोई अंतिम राय व्यक्त किए बिना डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस, स्पेशल सेल को निर्देश दिया कि वे इस बात की प्रारंभिक जांच करें कि दस्तावेज़ असली है या जाली। कोर्ट ने कहा कि यदि आवश्यक हो तो लिखावट विशेषज्ञ की राय ली जा सकती है।

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