'दिल्ली बच्चों की तस्करी का अड्डा बन गई है': रेलवे स्टेशनों पर घटनाओं में बढ़ोतरी को लेकर PIL पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
Shahadat
1 April 2026 8:53 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों से बच्चों की तस्करी की घटनाओं में बढ़ोतरी को लेकर दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर नोटिस जारी किया।
चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) से जवाब मांगा।
यह याचिका 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस' की ओर से एडवोकेट प्रभसहाय कौर के ज़रिए दायर की गई।
कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा,
"दिल्ली अब बच्चों की तस्करी का अड्डा बन गई। इस बात का पता लगाने के लिए आपको याचिका पढ़ने की ज़रूरत नहीं है। बस दो घंटे रेलवे स्टेशनों के आस-पास घूम लीजिए।"
बेंच ने कहा कि कोर्ट के कई आदेशों के बावजूद बच्चों की तस्करी का खतरा "लगातार जारी" है। इसलिए उसने NCPCR से इस मुद्दे पर ज़रूरी डेटा और अपने सुझाव देने को कहा।
कोर्ट ने कहा कि यह आम जानकारी है कि कम उम्र के बच्चों की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है। इस कोर्ट ने बार-बार इस पर चिंता जताई है और निर्देश जारी किए हैं। हालांकि, कोर्ट ने पाया कि यह खतरा अभी भी जारी है।
याचिका में कहा गया कि रेलवे परिसर और ट्रेनों के अंदर बच्चों की तस्करी और बच्चों के खिलाफ होने वाले दूसरे अपराधों की घटनाओं में "खतरनाक बढ़ोतरी" को देखते हुए केंद्रीय रेल मंत्रालय ने एक SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी की थी।
याचिका में आरोप लगाया गया कि अधिकारी SOP का पालन नहीं कर रहे हैं। इसलिए SOP का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसमें यह भी प्रार्थना की गई कि बचाए गए बच्चों की दोबारा तस्करी न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए जाएं।

