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गंगा इफ़्तार विवाद | 'पहली नज़र में यह सद्भाव बिगाड़ने की साज़िश लगती है': सेशंस कोर्ट ने सभी 14 आरोपियों की ज़मानत अर्ज़ी खारिज की
वाराणसी सेशंस कोर्ट ने बुधवार को उन सभी 14 मुस्लिम पुरुषों की ज़मानत अर्ज़ियां खारिज कीं, जिन पर गंगा नदी में एक नाव पर इफ़्तार पार्टी करने, मांसाहारी खाना खाने और खाने की हड्डियां व जूठन नदी में फेंकने का आरोप है।कोर्ट ने कहा कि इस घटना को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहली नज़र में यह साबित होता है कि यह सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने के इरादे से किया गया।सेशंस जज आलोक कुमार ने आगे कहा कि धार्मिक भावनाओं को भड़काना और उन्हें सोशल मीडिया के ज़रिए फैलाना, इस अपराध की गंभीरता को और बढ़ा देता है।ये 14...
लोकसभा में FCRA संशोधन बिल पर स्थगित हुई बहस, मंत्री रिजिजू ने कहा - विपक्ष केरल के लोगों को गुमराह कर रहा है
विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन बिल, 2026 बुधवार को लोकसभा में पेश किया गया, लेकिन इस पर चर्चा नहीं हुई। ऐसा माना जा रहा है कि इसकी वजह केरल में होने वाले आगामी चुनाव हैं। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित की।विपक्ष के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि केरल के सांसदों को गुमराह किया गया। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने कांग्रेस सदस्यों को पहले ही बता...
तेलंगाना विधानसभा ने पास किया एडवोकेट्स प्रोटेक्शन बिल 2026
तेलंगाना विधानसभा ने सोमवार (30 मार्च) को तेलंगाना एडवोकेट्स प्रोटेक्शन बिल 2026 को मंज़ूरी दी। इस बिल का मकसद राज्य में वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।इस घटनाक्रम पर बात करते हुए वकील और तेलंगाना सरकार में सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार, उद्योग और वाणिज्य और विधायी मामलों के मंत्री श्रीधर बाबू दुद्डिल्ला ने X (पहले Twitter) पर एक पोस्ट में कहा:"वकीलों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम – अब यह कानून लागू हो गया।हमारी सरकार ने तेलंगाना बार काउंसिल के प्रस्ताव और हाईकोर्ट बार...
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश हुआ रद्द, राज्यसभा में पारित हुआ CAPF संशोधन बिल
बुधवार को राज्यसभा ने विपक्ष के वॉकआउट के बीच ध्वनि मत से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) बिल, 2026 (CAPF) पास कर दिया। विपक्ष चाहता था कि बिल को आगे की चर्चा के लिए एक चयन समिति (Select Committee) के पास भेजा जाए।इस बिल में यह प्रावधान है कि इंस्पेक्टर जनरल रैंक के कुल पदों में से 50%, एडिशनल डायरेक्टर जनरल रैंक के पदों में से कम से कम 67% और स्पेशल डायरेक्टर जनरल तथा डायरेक्टर जनरल रैंक के सभी पद डेपुटेशन पर आए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों द्वारा भरे जाएंगे।यह बिल पिछले साल...
निर्मला सीतारमण के खिलाफ मानहानि मामला खारिज, दिल्ली कोर्ट ने नहीं लिया संज्ञान
दिल्ली कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सोमनाथ भारती की पत्नी द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले को खारिज कर दिया।अदालत ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार किया।राउज एवेन्यू अदालत के ACJM पारस दलाल ने स्पष्ट कहा,“इस मामले में आगे बढ़ने जैसा कुछ नहीं दिखता इसलिए संज्ञान लेने से इनकार किया जाता है।”शिकायतकर्ता लिपिका मित्रा ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं 356(1) और 356(2) के तहत मानहानि का मामला दायर किया था।आरोप था कि निर्मला सीतारमण ने एक...
अमरावती को होगी आंध्र प्रदेश की राजधानी, लोकसभा में पारित हुआ विधेयक
लोकसभा ने बुधवार को आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए अमरावती को राज्य की आधिकारिक राजधानी घोषित करने वाला विधेयक पारित कर दिया।यह विधेयक आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 नित्यानंद राय द्वारा पेश किया गया, जो गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं।इस संशोधन के जरिए आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 की धारा 5 में बदलाव किया गया। मूल अधिनियम के तहत हैदराबाद को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की संयुक्त राजधानी के रूप में अधिकतम 10 वर्षों के लिए घोषित किया गया।धारा 5(2) के अनुसार,...
गोवा नाइटक्लब आग कांड में लूथरा बंधुओं को जमानत, NOC जालसाजी मामले में अभी जेल में रहेंगे
गोवा के चर्चित नाइटक्लब आग हादसे में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मेरसेस स्थित सेशन कोर्ट ने बुधवार को बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को जमानत दी। बता दें, इस भीषण हादसे में 25 लोगों की मौत हुई थी।लूथरा बंधुओं की ओर से पेश एडवोकेट तुषाण रावल ने जानकारी देते हुए कहा,“सेशन कोर्ट ने नाइटक्लब आग मामले में नियमित जमानत दी लेकिन फिलहाल उनकी रिहाई नहीं होगी, क्योंकि मापुसा पुलिस ने उन्हें NOC जालसाजी मामले में हिरासत में लिया हुआ है।” गौरतलब है कि उत्तरी गोवा के अर्पोरा...
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा और कई मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को उनके सोशल मीडिया पोस्ट के लिए फटकारा
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में पत्रकार, एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा और कई मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को उनके सोशल मीडिया पोस्ट के लिए फटकारा। इन पोस्ट में एक व्यक्ति पर फ़्लाइट के अंदर हुई घटना के दौरान यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए उसे "छेड़छाड़ करने वाला" (Molester) बताया गया।जस्टिस विकास महाजन ने कहा कि मीडिया हाउस और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म द्वारा बनाई गई कहानियों ने साफ़ तौर पर FIR की सीमाओं का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा कि इन प्रकाशनों ने न केवल FIR में लगाए गए आरोपों की रिपोर्ट की, बल्कि मामले पर समय से पहले...
बच्चे के भरण-पोषण के दावे में पिता के खिलाफ कमाने वाली माँ को पक्षकार बनाना ज़रूरी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि किसी बच्चे द्वारा अपने पिता के खिलाफ दायर भरण-पोषण की याचिका में कमाने वाली माँ को औपचारिक रूप से एक पक्षकार के तौर पर शामिल करना ज़रूरी नहीं है।हालांकि, जस्टिस मदन पाल सिंह की बेंच ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में ट्रायल कोर्ट को 'साझी माता-पिता की ज़िम्मेदारी' के सिद्धांत के आधार पर भरण-पोषण की अंतिम राशि तय करते समय, कमाने वाले दोनों माता-पिता की आर्थिक क्षमता पर विचार करना चाहिए।सिंगल जज ने यह आदेश तब पारित किया, जब वह पिता द्वारा दायर एक आपराधिक...
तलाक उसी तारीख से लागू होता है, जिस दिन उसका ऐलान किया जाता है; कोर्ट का बाद का आदेश सिर्फ़ ऐलानिया होता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि मोहम्मदिया कानून के तहत, तलाक उसी तारीख से लागू होता है, जिस दिन पति तलाक का ऐलान करता है। बाद में कोर्ट का जो आदेश इसकी पुष्टि करता है, वह सिर्फ़ ऐलानिया प्रकृति का होता है।जस्टिस मदन पाल सिंह की बेंच ने यह साफ़ किया कि कोर्ट का ऐसा आदेश फ़ैसले की तारीख से कोई नया तलाक नहीं बनाता, बल्कि यह तलाक के ऐलान की मूल तारीख से ही जुड़ा माना जाता है।बेंच ने साफ़ किया,"यह भी तय है कि जहाँ कोई पति तलाक का ऐलान करता है। बाद में उसी के संबंध में आदेश लेने के लिए कोर्ट...
भरण-पोषण तय करते समय पत्नी की पेशेवर काबिलियत और कमाने की क्षमता को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि भरण-पोषण देते समय पत्नी की पेशेवर काबिलियत और उसकी कमाने की क्षमता को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।जस्टिस मदन पाल सिंह की बेंच ने पत्नी की पेशेवर योग्यताओं और रेडियोलॉजिस्ट के तौर पर उसके पिछले काम को ध्यान में रखते हुए CrPC की धारा 125 के तहत पत्नी को दिए जाने वाले मासिक भरण-पोषण की रकम कम की।सिंगल जज ने फैमिली कोर्ट के आदेश में बदलाव करते हुए भरण-पोषण की रकम 18,000 रुपये से घटाकर 12,000 रुपये प्रति माह की थी।संक्षेप में कहें तो यह क्रिमिनल रिवीजन याचिका...
कोर्ट मार्शल प्रक्रिया में फाइनल ऑर्डर से पहले रिट याचिका स्वीकार्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि अनुशासनात्मक और कोर्ट मार्शल की कार्यवाही को चुनौती देने वाली रिट याचिका, अंतिम आदेश पारित होने से पहले स्वीकार्य नहीं है।जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की एक डिवीज़न बेंच ने यह टिप्पणी की,“यह कानून की एक स्थापित स्थिति है कि जब तक इस तरह की कार्यवाही में कोई अंतिम आदेश पारित नहीं हो जाता, तब तक हाई कोर्ट द्वारा रिट याचिका में कार्यवाही पर अंतिम निर्णय का इंतज़ार किए बिना कोई भी हस्तक्षेप अनुचित है।”इसके लिए 'यूनियन ऑफ़ इंडिया बनाम...
दिल्ली कोर्ट ने याचिका के AI जैसे 'बेमतलब' ड्राफ़्ट पर कड़ी फटकार लगाई, शिकायतकर्ता पर ₹20 हज़ार का जुर्माना लगाया
दिल्ली कोर्ट ने हाल ही में शिकायतकर्ता को FIR दर्ज करने की मांग वाली अर्जी दाखिल करने पर कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने टिप्पणी की कि याचिका का ड्राफ़्ट देखकर ऐसा लगता है कि इसमें "इंसानी दिमाग के योगदान से ज़्यादा तकनीकी दखल" है। इससे कोर्ट का कीमती समय भी बर्बाद हुआ।राउज़ एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की ACJM नेहा मित्तल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 175(3) के तहत दायर अर्जी खारिज की। इस अर्जी में सैयद शाहनवाज़ हुसैन और कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश देने की...
स्त्रीधन पर पत्नी का पूर्ण अधिकार, इसे लेने पर नहीं बनता आपराधिक मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि 'स्त्रीधन' पर महिला का पूर्ण अधिकार होता है और उसे लेने के लिए पत्नी के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात (धारा 406 आईपीसी) का मामला नहीं चलाया जा सकता।जस्टिस चावन प्रकाश ने कहा कि विवाह से पहले, विवाह के समय या उसके बाद महिला को जो भी संपत्ति दी जाती है, वह उसका 'स्त्रीधन' होती है और उस पर केवल उसी का अधिकार रहता है।अदालत ने कहा कि पत्नी को अपने स्त्रीधन का उपयोग या निपटान अपनी इच्छा से करने का पूरा अधिकार है।अदालत ने स्पष्ट किया,“पति आवश्यकता...
12 अकाउंट्स ब्लॉक करने का आदेश 'अत्यधिक' और असंतुलित: X ने केंद्र सरकार से की पुनर्विचार की मांग
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) ने केंद्र सरकार से 12 यूजर्स अकाउंट्स ब्लॉक करने के आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की।कंपनी ने सरकार के इस आदेश को असंगत और अनुपातहीन बताते हुए कहा कि यह कानून के अनुरूप नहीं है।यह मामला उस याचिका से जुड़ा है, जिस पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव के समक्ष दायर हलफनामे में एक्स ने बताया कि उसने 19 मार्च को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को आपत्ति पत्र भेजा था।कंपनी के अनुसार 18 मार्च को जारी...
बंगाल को निशाना नहीं बना रहा ECI, चुनाव वाले दूसरे राज्यों में ज़्यादा अधिकारियों का तबादला हुआ: हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
कलकत्ता हाईकोर्ट ने वकील अर्का कुमार नाग की दायर जनहित याचिका (PIL) खारिज की। इस याचिका में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा 15 मार्च को चुनाव की घोषणा के बाद IAS और IPS अधिकारियों के बड़े पैमाने पर किए गए तबादलों को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने माना कि यह चुनौती मूल रूप से ही गलत है, क्योंकि याचिका में खुद इस बात पर कभी विवाद नहीं उठाया गया कि "स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद अधिकारियों का तबादला/स्थानांतरण करने की शक्ति ECI के पास है।"बेंच की ओर से...
न्यूज़ कंटेंट पोस्ट करने वाले यूजर्स भी आएंगे IT Rules के दायरे में, केंद्र सरकार ने दिया प्रस्ताव
केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 (IT Rules) में संशोधनों का प्रस्ताव दिया। इन संशोधनों का उद्देश्य मध्यस्थों के लिए सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की बाध्यताओं का विस्तार करना और ऑनलाइन सामग्री पर नियामक निगरानी के दायरे को बढ़ाना है - जिसमें ऐसे यूज़र्स द्वारा साझा की गई समाचार और समसामयिक मामलों की सामग्री भी शामिल है जो प्रकाशक के तौर पर पंजीकृत नहीं हैं।मंत्रालय ने प्रस्तावित संशोधनों पर हितधारकों से प्रतिक्रिया...
CJI ने नए कारगिल कोर्ट कॉम्प्लेक्स का किया उद्घाटन, दिया शांति का संदेश
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने रविवार को कारगिल में नए ज़िला कोर्ट कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस क्षेत्र को शांति के समय में न्याय की संस्थाओं के ज़रिए मज़बूत बनाया जाना चाहिए, न कि सिर्फ़ युद्ध के समय दिए गए बलिदानों के लिए याद किया जाना चाहिए।उद्घाटन भाषण देते हुए चीफ जस्टिस ने कहा कि 1999 के युद्ध के दौरान दिए गए बलिदानों की वजह से कारगिल का राष्ट्रीय चेतना में खास स्थान है, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि राष्ट्र की ज़िम्मेदारी...
सहमति से बने किशोर रिश्तों में POCSO केस जरूरत पड़ने पर रद्द हो सकते हैं: मेघालय हाईकोर्ट
मेघालय हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि यद्यपि सहमति की वैधानिक आयु 18 वर्ष है, फिर भी अदालतों को किशोरों के बीच सहमति से बने संबंधों में “ग्राउंड रियलिटी” को ध्यान में रखना चाहिए और उपयुक्त मामलों में POCSO अधिनियम के तहत दर्ज मामलों को रद्द किया जा सकता है।यह टिप्पणी चीफ़ जस्टिस रेवती मोहिटे डेरे और जस्टिस एच.एस. थांगखिएव की खंडपीठ ने एक संदर्भ का उत्तर देते हुए की। प्रश्न यह था कि क्या BNSS की धारा 528 के तहत सहमति के आधार पर POCSO मामलों को समाप्त किया जा सकता है।अदालत ने कहा कि...
सोशल मीडिया पोस्ट फॉरवर्ड करना BNS के तहत अपराध नहीं, मंशा जरूरी: तेलंगाना हाईकोर्ट
तेलंगाना हाईकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि केवल सोशल मीडिया पर किसी सामग्री को आगे बढ़ा देना (फॉरवर्ड करना) अपने आप में अपराध नहीं है, जब तक उसमें गलत मंशा या दुष्प्रेरणा (इरादा) साबित न हो। अदालत ने इसी आधार पर फेक न्यूज फैलाने के आरोप में दर्ज FIR रद्द की।जस्टिस के. सुजना की सिंगल बेंच ने कहा,“मान भी लिया जाए कि याचिकाकर्ताओं ने सामग्री प्रसारित या फॉरवर्ड की तब भी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के आवश्यक तत्व पूरे नहीं होते। ऐसे में कार्यवाही जारी रखना कानून की प्रक्रिया का...




















