नांदेड़ में तेलंगाना MLC राजासिंह के साथ सशर्त सभा की अनुमति, हाईकोर्ट ने कहा- हेट स्पीच न देने का वचन दिया जाए

Shahadat

1 April 2026 9:06 PM IST

  • नांदेड़ में तेलंगाना MLC राजासिंह के साथ सशर्त सभा की अनुमति, हाईकोर्ट ने कहा- हेट स्पीच न देने का वचन दिया जाए

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में महाराष्ट्र की नांदेड़ पुलिस द्वारा पारित आदेश रद्द किया। इस आदेश में विवादित दक्षिणपंथी नेता टी. राजासिंह ठाकुर को एक सभा में शामिल होने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया। इसका आधार यह था कि उनके 'भड़काऊ' हेट स्पीच (नफ़रत भरे भाषण) हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच मतभेद पैदा करते हैं।

    ठाकुर को आम तौर पर टी. राजा के नाम से जाना जाता है। वह वर्तमान में तेलंगाना से एक निर्दलय विधायक के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सदस्य थे। रैलियों के दौरान अपने 'विवादित बयानों' के कारण टी. राजा को कई बार अनुमति देने से इनकार किया गया। सबसे हालिया मामला नांदेड़ पुलिस का है, जिसने नांदेड़ ज़िले के बिलोली गाँव में 4 अप्रैल को होने वाली एक 'सभा' के आयोजकों को अनुमति देने से मना किया था।

    जस्टिस संदीपकुमार मोरे और जस्टिस आबासाहेब शिंदे की एक खंडपीठ ने यह टिप्पणी की कि राज्य ने टी. राजा को इस कार्यक्रम में शामिल होने से इसलिए रोका "क्योंकि वे अपने उन हेट स्पीच के लिए जाने जाते हैं, जो हिंदू-मुस्लिम धर्मों के बीच मतभेद पैदा करते हैं।"

    जजों ने आगे कहा,

    "इसके अलावा, ऐसी सभा के कारण नांदेड़ ज़िले में क़ानून-व्यवस्था का सवाल खड़ा हो सकता है। साथ ही संबंधित आदेश में यह भी कहा गया है कि चूंकि विधायक टी. राजासिंह ठाकुर हेट स्पीच के लिए जाने जाते हैं, इसलिए रामनवमी के त्योहार के मौसम में क़ानून-व्यवस्था बिगड़ने की किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।"

    खंडपीठ ने कार्यक्रम के आयोजकों की इस दलील पर गौर किया कि अतीत में भी टी. राजा को महाराष्ट्र भर में विभिन्न स्थानों पर बोलने की अनुमति देने से मना किया गया था। हालांकि, मुंबई स्थित मुख्य पीठ और नागपुर तथा औरंगाबाद स्थित अन्य पीठों की समन्वय पीठों ने इस दक्षिणपंथी नेता को ऐसी रैलियों में शामिल होने और भाषण देने की अनुमति दी थी। लेकिन यह अनुमति एक शर्त के साथ दी गई: कि वे किसी भी धार्मिक भावना को ठेस न पहुँचाएँ और यह भी सुनिश्चित करें कि उनके भाषण के कारण क़ानून-व्यवस्था की कोई स्थिति न बिगड़े।

    इन तर्कों पर विचार करते हुए जजों ने कहा कि यह ध्यान रखना 'बेहद महत्वपूर्ण' है कि जालना, मीरा-भायंदर आदि स्थानों पर, जहाँ टी. राजा को सभा को संबोधित करने की अनुमति दी गईं, वहां एक भी अप्रिय घटना नहीं घटी थी।

    जजों ने 27 मार्च के आदेश में दर्ज किया,

    "याचिकाकर्ता ने इस संबंध में इस अदालत के सामने एक हलफनामा भी दायर किया। आज, याचिकाकर्ता ने एक लिखित वचन दिया कि 4 अप्रैल, 2026 को होने वाली सभा में कोई भी भड़काऊ या उत्तेजक भाषण नहीं दिया जाएगा, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द या सार्वजनिक शांति भंग हो सकती हो। उन्होंने यह भी वचन दिया है कि ऐसी सभा आयोजित करने के लिए पुलिस द्वारा लगाई गई सभी शर्तों का वे सख्ती से पालन करेंगे।"

    इसलिए सभी पहलुओं पर विचार करते हुए जजों ने नांदेड़ पुलिस के 17 मार्च के आदेशों को रद्द कर दिया और टी. राजा को नांदेड़ के बिलोली गांव में होने वाली सभा में शामिल होने की अनुमति दी।

    नांदेड़ पुलिस को आदेश दिया गया कि वह टी. राजा पर उचित शर्तें लगाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके भाषणों के कारण कानून-व्यवस्था की कोई स्थिति उत्पन्न न हो।

    Case Title: Maroti Raosaheb Jadhav vs State of Maharashtra (Criminal Writ Petition 401 of 2026)

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