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सरकार को सोशल मीडिया के उपयोग के लिए आयु सीमा निर्धारित करने पर विचार करना चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट
सरकार को सोशल मीडिया के उपयोग के लिए आयु सीमा निर्धारित करने पर विचार करना चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार को मौखिक रूप से सुझाव दिया कि उसे सोशल मीडिया के उपयोग के लिए एक आयु-सीमा निर्धारित करनी चाहिए।जस्टिस जी नरेंद्र और जस्टिस विजयकुमार ए पाटिल की खंडपीठ एक्स कॉर्प (पूर्व में ट्विटर) द्वारा केंद्र के अवरुद्ध आदेशों को दी गई चुनौती को खारिज करने के एकल पीठ के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी।सुनवाई के दौरान जस्टिस नरेंद्र ने मौखिक रूप से कहा,“सरकार को सोशल मीडिया के इस्तेमाल के लिए एक आयु सीमा लाने पर विचार करना चाहिए। जब कोई यूजर रजिस्ट्रेशन...

एनडीपीएस एक्ट की धारा 42 | बिना वारंट के सूर्यास्त के बाद तलाशी का कोई कारण नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 50 किलोग्राम गांजा रखने के आरोपी को जमानत दी
एनडीपीएस एक्ट की धारा 42 | बिना वारंट के सूर्यास्त के बाद तलाशी का कोई कारण नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 50 किलोग्राम गांजा रखने के आरोपी को जमानत दी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में उस 22 वर्षीय व्यक्ति को जमानत दे दी, जिस पर व्यावसायिक मात्रा में गांजा रखने का मामला दर्ज किया गया था। उक्त आरोपी पर एक अन्य आरोपी द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर उसके घर से सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच कथित तौर पर 50 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया था।जस्टिस अनुजा प्रभुदेसाई ने कहा कि जब्ती आकस्मिक बरामदगी नहीं थी और अधिकारी के उचित विश्वास को दिखाने के लिए कुछ भी नहीं था कि सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच तलाशी के लिए वारंट प्राप्त करने से अपराधी को भागने की अनुमति...

इलाहाबाद कैट बार एसोसिएशन ने उत्तराखंड के क्षेत्राधिकार को इलाहाबाद से नई दिल्ली स्थानांतरित करने की अधिसूचना के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की
इलाहाबाद कैट बार एसोसिएशन ने उत्तराखंड के क्षेत्राधिकार को इलाहाबाद से नई दिल्ली स्थानांतरित करने की अधिसूचना के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की

सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव बार एसोसिएशन, इलाहाबाद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की है, जिसमें उत्तराखंड के क्षेत्राधिकार को कैट की इलाहाबाद पीठ से नई दिल्ली स्थित प्रधान पीठ में स्थानांतरित करने को चुनौती दी गई है। 18 जुलाई, 2023 को कार्मिक (लोक शिकायत और पेंशन) मंत्रालय के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने एक अधिसूचना जारी कर उत्तराखंड राज्य के अधिकार क्षेत्र को नई दिल्ली में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण की प्रधान पीठ को स्थानांतरित कर दिया। यह दावा किया गया है कि उपरोक्त...

धारा 498ए आईपीसी | पत्नी ने पूजा करने के लिए पैसे देने से इनकार करने पर पति के खिलाफ की ‌थी आपराधिक शिकायत, कर्नाटक हाईकोर्ट ने रद्द की
धारा 498ए आईपीसी | पत्नी ने पूजा करने के लिए पैसे देने से इनकार करने पर पति के खिलाफ की ‌थी आपराधिक शिकायत, कर्नाटक हाईकोर्ट ने रद्द की

कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति के खिलाफ उसकी पत्नी द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए के तहत दर्ज की गई शिकायत को खारिज कर दिया। प‌‌ति ने पत्नी को पूजा के लिए जरूरी सामान खरीदने के लिए पैसे देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद ये शिकायत दर्ज की गई थी। अदालत ने पाया कि पत्नी के आरोप पति के खिलाफ धारा 498ए (क्रूरता) लागू करने के लिए आवश्यक सामग्री को पूरा नहीं करते हैं।कोर्ट ने कहा,“शिकायत इतनी अस्पष्ट है कि यह अस्पष्टता को ही जकड़ लेगी। जांच में बिना किसी तुक या कारण के आरोप पत्र दाखिल किया...

मुजफ्फरनगर थप्पड़ कांड: यूपी पुलिस ने टीचर के खिलाफ एनसीआर को एफआईआर में बदला, बाल क्रूरता के संबंध में जेजे एक्ट का प्रावधान जोड़ा
मुजफ्फरनगर थप्पड़ कांड: यूपी पुलिस ने टीचर के खिलाफ एनसीआर को एफआईआर में बदला, 'बाल क्रूरता' के संबंध में जेजे एक्ट का प्रावधान जोड़ा

मुजफ्फरनगर छात्र को थप्पड़ मारने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने महिला स्कूल शिक्षक के खिलाफ दर्ज एफआईआर में किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम की धारा 75 जोड़ा है। महिला टीचर ने अन्य छात्रों को एक मुस्लिम छात्र को थप्पड़ मारने के लिए कहा था, जिसका एक वीडियो पिछले महीने सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। गौरतलब है कि इस मामले में प्रारंभिक जांच के बाद पहले दर्ज एनसीआर को आईपीसी की धारा 323 (चोट पहुंचाना) और धारा 504 (शांति भंग करने के लिए जानबूझकर अपमान करना) के तहत परिवर्तित कर...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
स्थानांतरण आदेश प्रशासनिक आवश्यकता में पारित किया जा सकता है लेकिन सजा के रूप में नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में इंदौर स्थित पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड में सुपरीटेंडेंट इंजीनियर के पद पर कार्यरत एक व्यक्ति को जारी स्थानांतरण आदेश और कार्यमुक्ति आदेश को अमान्य करार दिया। कोर्ट ने आदेशों को दंडात्मक और दुर्भावनापूर्ण बताया। जस्टिस एस ए धर्माधिकारी और जस्टिस हिरदेश की खंडपीठ ने कहा, ''बेशक, विवादित स्थानांतरण आदेश और कार्यमुक्ति आदेश पारित करने से पहले प्रबंध निदेशक की मंजूरी होती है। जिन परिस्थितियों में स्थानांतरण किया गया है वह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि...

चार पुलिस स्टेशनों में बुनियादी सफाई का काम करें: दिल्ली हाईकोर्ट ने समझौते के आधार पर एफआईआर रद्द करते हुए पक्षकारों से कहा
चार पुलिस स्टेशनों में बुनियादी सफाई का काम करें: दिल्ली हाईकोर्ट ने समझौते के आधार पर एफआईआर रद्द करते हुए पक्षकारों से कहा

दिल्ली हाईकोर्टने पक्षकारों के बीच समझौते के बाद गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले को खारिज करते हुए मामले में शामिल सभी 24 व्यक्तियों को चार समूहों में विभाजित होकर चार पुलिस स्टेशनों में तीन दिनों के लिए "बुनियादी सफाई कार्य" करने का निर्देश दिया है।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने कहा,"उक्त 24 व्यक्ति 6 ​​व्यक्तियों के प्रत्येक समूह बनाने और पुलिस स्टेशन के बारे में आपस में निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होंगे, जहां प्रत्येक समूह उपरोक्त बुनियादी सफाई का काम करेगा।"अदालत ने जुलाई में भारतीय दंड संहिता,...

दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों, बम विस्फोटों की योजना बनाने के लिए यूएपीए के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को जमानत देने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों, बम विस्फोटों की योजना बनाने के लिए यूएपीए के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को जमानत देने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने देश में आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम, 1967 के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को जमानत देने से इनकार दिया।जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस अनीश दयाल की खंडपीठ ने कहा कि इस बात की उचित संभावना है कि आरोपी मुहम्मद आमिर जावेद उन लोगों के नेटवर्क में से एक है, जो बम और विस्फोटकों का उपयोग करके आतंकवादी गतिविधि शुरू करने और जानमाल का नुकसान करने की योजना से परिचित थे।अदालत ने कहा,“यह तथ्य कि वह सबसे कमजोर कड़ी या महत्वपूर्ण कड़ी थी, एक मुद्दा...

अडानी-हिंडनबर्ग केस | याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति के 3 सदस्यों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए, नई समिति के गठन की मांग की
अडानी-हिंडनबर्ग केस | याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति के 3 सदस्यों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए, नई समिति के गठन की मांग की

अडानी-हिंडनबर्ग मामले में एक और घटनाक्रम में अडानी समूह की कंपनियों के खिलाफ अदालत की निगरानी में जांच की मांग करने वाले याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में एक नया हलफनामा दायर किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति के खिलाफ आशंकाएं जताई गई हैं।याचिकाकर्ता अनामिका जयसवाल द्वारा दायर हलफनामे में आरोप लगाया गया है कि समिति के छह में से तीन सदस्य अपनी पृष्ठभूमि और अडानी के साथ संबंधों के कारण "देश के लोगों के बीच विश्वास पैदा करने में विफल रहे"।गौरतलब है कि 3 मार्च, 2023 को सुप्रीम...

मोटर दुर्घटना पीड़ित दुर्घटना में शामिल दो वाहनों में से किसी एक वाहन के मालिक से मुआवजे का दावा करना चुन सकता है: बॉम्बे हाईकोर्ट
मोटर दुर्घटना पीड़ित दुर्घटना में शामिल दो वाहनों में से किसी एक वाहन के मालिक से मुआवजे का दावा करना चुन सकता है: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि मोटर दुर्घटना मामले में एक दावेदार उस वाहन के मालिक से मुआवजे का दावा करने के लिए बाध्य नहीं है, जिसमें वह यात्रा कर रहा था। उसे केवल दुर्घटना में शामिल अन्य वाहन के मालिक से मुआवजे की मांग करने की अनुमति है।जस्टिस संदीप मार्ने ने कहा कि समग्र लापरवाही के मामलों में दावेदार को संयुक्त यातना देने वालों में से केवल एक पर मुकदमा करने का अधिकार है।अदालत ने कहा,“ऐसा प्रतीत होता है कि मोटर कार का स्वामित्व दावेदारों में से एक के पास है। यही प्रशंसनीय कारण है कि...

हापुड़ मामला - एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट में वकीलों को लगी चोटों का जिक्र नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जताया असंतोष
हापुड़ मामला - एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट में वकीलों को लगी चोटों का जिक्र नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जताया असंतोष

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को हापुड जिले में वकीलों पर पुलिस लाठीचार्ज की जांच के संबंध में राज्य द्वारा गठित विशेष जांच दल द्वारा सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत प्रारंभिक रिपोर्ट पर असंतोष व्यक्त किया।मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर और जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी की पीठ ने विशेष रूप से कहा कि घटना में वकीलों को लगी चोटों का कोई उल्लेख नहीं किया गया था।इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि जांच रिपोर्ट में किसी भी पीड़ित वकील के बयान का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट में केवल यह बताया...

जीवन साथी चुनने का अधिकार आस्था या धर्म से प्रभावित नहीं हो सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
जीवन साथी चुनने का अधिकार आस्था या धर्म से प्रभावित नहीं हो सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति का जीवन साथी चुनने का अधिकार आस्था और धर्म के मामलों से प्रभावित नहीं हो सकता है। विवाह करने का अधिकार मानवीय स्वतंत्रता की घटना है।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने कहा कि यह राज्य या समाज या यहां तक कि इसमें शामिल पक्षकारों के माता-पिता के लिए भी किसी भी तरह से जीवन साथी की पसंद को निर्देशित करने या किसी व्यक्ति के ऐसे अधिकारों को कम करने और सीमित करने के लिए नहीं है, जब इसमें दो सहमति वाले वयस्क शामिल हों।”अदालत ने कहा,"जब भारत का संविधान प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़की को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी व्यक्ति को राहत देने से इनकार किया, कहा- ऐसे मामले रद्द करने से न्याय की हानि होगी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़की को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी व्यक्ति को राहत देने से इनकार किया, कहा- ऐसे मामले रद्द करने से न्याय की हानि होगी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने उस व्यक्ति के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया है, जिस पर नाबालिग लड़की को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। उस व्यक्ति उक्त व्यक्ति प्यार करता था और कथित तौर पर उसे शारीरिक और मानसिक यातना देने के साथ-साथ उससे पैसे की मांग भी कर रहा था।आरोपी पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया गया।जस्टिस शंपा (दत्त) पॉल की एकल पीठ ने ट्रायल कोर्ट को आरोप तय करते समय आईपीसी की धारा 305 का ध्यान रखने का निर्देश दिया।कोर्ट ने...

सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना मामले में अयोग्यता याचिकाओं पर फैसले में देरी के लिए महाराष्ट्र स्पीकर की आलोचना की
सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना मामले में अयोग्यता याचिकाओं पर फैसले में देरी के लिए महाराष्ट्र स्पीकर की आलोचना की

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (18 सितंबर) को उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे समूहों के बीच शिवसेना पार्टी के भीतर दरार से उत्पन्न अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय लेने में महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर द्वारा की गई देरी पर अस्वीकृति व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि स्पीकर संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत कार्यवाही को अनिश्चित काल तक विलंबित नहीं कर सकते और कोर्ट द्वारा पारित निर्देशों के प्रति सम्मान की भावना होनी चाहिए।भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने स्पीकर का प्रतिनिधित्व कर रहे भारत के सॉलिसिटर जनरल...

झारखंड हाईकोर्ट ने बजरंग दल नेता के मर्डर के बाद विरोध कर रहे रिश्तेदारों पर हमले के लिए पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया
झारखंड हाईकोर्ट ने बजरंग दल नेता के मर्डर के बाद विरोध कर रहे रिश्तेदारों पर हमले के लिए पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया

झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस को बजरंग दल नेता कमलदेव गिरी, जिनकी पिछले साल चक्रधरपुर में हत्या कर दी गई थी, के रिश्तेदारों पर हमला करने के आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी ने कहा, “यह कोई एक मामला नहीं है। इस तरह के कई मामले हैं, जिनकी इस न्यायालय द्वारा कई रिट याचिकाओं में जांच की गई है और उचित निर्देश भी जारी किए गए हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक नागरिक को एफआईआर दर्ज करने के लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत इस न्यायालय...

सरकारी कर्मचारियों के वेतन में भारी वृद्धि के बावजूद भ्रष्टाचार बदस्तूर जारी, मानवीय लालच की कोई सीमा नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
सरकारी कर्मचारियों के वेतन में भारी वृद्धि के बावजूद भ्रष्टाचार बदस्तूर जारी, मानवीय लालच की कोई सीमा नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव विनय कुमार जंजुआ के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले के संबंध में शुक्रवार को राज्य सरकार को मुकदमा चलाने की मंजूरी के लिए सभी दस्तावेज केंद्र को भेजने का निर्देश दिया। मामला 2009 का है, जब जंजुआ उद्योग और वाणिज्य निदेशक के पद पर कार्यरत थे। उन पर कथित तौर पर 2 लाख रुपये की रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया गया।जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल ने कहा,"यह अदालत याचिकाकर्ता के खिलाफ गंभीर आरोपों पर अपनी आंखें बंद नहीं कर सकती। अगर यह अदालत इस स्तर पर मामले...

एनबीडीए और एनबीएफ के बीच प्रतिद्वंद्विता में नहीं पड़ सकते, टीवी समाचार चैनलों के लिए सेल्फ रेगुलेटरी सिस्टम को सख्त करना चाहते हैं : सुप्रीम कोर्ट
एनबीडीए और एनबीएफ के बीच प्रतिद्वंद्विता में नहीं पड़ सकते, टीवी समाचार चैनलों के लिए सेल्फ रेगुलेटरी सिस्टम को सख्त करना चाहते हैं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (18 सितंबर) को मौखिक रूप से कहा कि वह प्रतिद्वंद्वी समाचार मीडिया संगठनों के बीच प्रतिद्वंद्विता में नहीं फंसना चाहता और वह केवल टीवी चैनलों के लिए स्व-नियामक तंत्र (Self Regulatory Mechanism को कुछ अधिकार देने के बारे में चिंतित है।कोर्ट की यह प्रतिक्रिया तब आई जब न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन (एनबीएफ) ने इस मामले में न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (एनबीडीए) के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया। एनबीएफ की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी ने कहा कि एनबीएफ एकमात्र...

भारत के प्रधानमंत्री की डिग्री की डिटेल मांगना मानहानि नहीं: अरविंद केजरीवाल ने गुजरात हाईकोर्ट में समन को चुनौती दी
'भारत के प्रधानमंत्री की डिग्री की डिटेल मांगना मानहानि नहीं': अरविंद केजरीवाल ने गुजरात हाईकोर्ट में समन को चुनौती दी

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अपने खिलाफ मानहानि की शिकायत के मामले एक मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा समन जारी करने को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी है।उल्लेखनीय है कि दोनों नेताओं के खिलाफ प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री के मामले में गुजरात यूनिवर्सिटी के खिलाफ 'लक्षित' टिप्पणियों को लेकर मानहानि की शिकायत की गई है।गुजरात के अहमदाबाद में एक सत्र न्यायालय द्वारा दोनों के पुनरीक्षण आवेदन को खारिज करने के 4 दिन बाद अपील दायर की गई...

एसिड अटैक : केरल हाईकोर्ट ने कानूनी सेवा प्राधिकरण को पीड़ित मां, नाबालिग बेटे को दिए जाने वाले मुआवजे को बढ़ाने पर विचार करने का आदेश दिया
एसिड अटैक : केरल हाईकोर्ट ने कानूनी सेवा प्राधिकरण को पीड़ित मां, नाबालिग बेटे को दिए जाने वाले मुआवजे को बढ़ाने पर विचार करने का आदेश दिया

केरल हाईकोर्ट ने थालास्सेरी में जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण को दो एसिड अटैक पीड़ितों को क्षतिपूर्ति के कानून और उन्हें लगी चोटों की प्रकृति के आधार पर अधिक मुआवजा देने पर विचार करने का आदेश दिया है। जस्टिस देवन रामचन्द्रन ने इस प्रकार कहा,“ क्षतिपूर्ति से संबंधित कानून अब अच्छी तरह से व्यवस्थित हो गया है। यह पर्याप्त होना चाहिए और पार्टियों को होने वाले नुकसान के अनुरूप होना चाहिए। सभी आवश्यक और महत्वपूर्ण पहलुओं के आधार पर इस आशय की एक विशिष्ट खोज को लागू आदेशों में जगह मिलनी चाहिए, लेकिन उस...

हमारे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है: दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यायाधीश के लिए मौत की सजा की मांग करने वाले वादी के खिलाफ आपराधिक अवमानना ​​मामले में गैग ऑर्डर देने से इनकार किया
'हमारे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है': दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यायाधीश के लिए मौत की सजा की मांग करने वाले वादी के खिलाफ आपराधिक अवमानना ​​मामले में गैग ऑर्डर देने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को मुकदमेबाज के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक अवमानना ​​कार्यवाही में रोक लगाने का आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि उसकी याचिका खारिज करने वाले मौजूदा न्यायाधीश को मौत की सजा दी जाए।वहीं राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने अनुरोध किया कि मामले की सुनवाई बंद कमरे में की जाए और आदेशों को सार्वजनिक न किया जाए।जस्टिस मृदुल ने इस पर मौखिक रूप से टिप्पणी की,“न्यायपालिका संस्था उस स्तर पर पहुंच गई है, जहां कोर्ट रूम में होने वाली हर चीज का सीधा...