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पंजाब सीएम हाउस रोड के 1980 में आतंकवाद के दौरान से बंद होने पर हाईकोर्ट ने उठाया सवाल, कहा- कथित संरक्षित व्यक्ति के कारण नागरिकों को असुविधा नहीं हो सकती
पंजाब सीएम हाउस रोड के 1980 में आतंकवाद के दौरान से बंद होने पर हाईकोर्ट ने उठाया सवाल, कहा- कथित संरक्षित व्यक्ति के कारण नागरिकों को असुविधा नहीं हो सकती

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि कथित संरक्षित व्यक्ति के कारण नागरिकों को कोई असुविधा नहीं हो सकती, पंजाब के मुख्यमंत्री (सीएम) के घर के सामने सड़क को बंद करने पर सवाल उठाया। उक्त सड़क को 1980 के आतंकवाद के दौरान सुरक्षा उद्देश्यों के लिए बंद कर दिया गया था।जस्टिस जी.एस. संधावालिया और जस्टिस लपीता बनर्जी की खंडपीठ ने कहा,"जाहिर तौर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री के आवास की ओर जाने वाली सड़क खुली है, लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री के सामने की सड़क इस तथ्य के बावजूद बंद है कि सड़क और...

सीआरपीसी के तहत गवाह को केवल बुलाए जाने पर ही उपस्थित होने का कोई आदेश नहीं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने दो व्यक्तियों की दोषसिद्धि खारिज की
सीआरपीसी के तहत गवाह को केवल बुलाए जाने पर ही उपस्थित होने का कोई आदेश नहीं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने दो व्यक्तियों की दोषसिद्धि खारिज की

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने एपी निषेध अधिनियम, 1995 के तहत आरोपी दो व्यक्तियों की दोषसिद्धि यह कहते हुए रद्द कर दी कि जब किसी आपराधिक मामले में दो दृष्टिकोण संभव हों तो अभियुक्त का पक्ष लेने वाले को अपनाया जाना चाहिए।न्यायालय ने आगे इस बात पर जोर दिया कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के तहत ऐसा कोई आदेश नहीं है कि गवाह को केवल समन प्राप्त होने पर साक्ष्य देने के लिए अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा, जब उसे बताया जाएगा कि निचली अदालत ने बचाव साक्ष्य खारिज कर दिया था, जिसने अभियोजन पक्ष के मामले को...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने जिला न्यायाधीश पद के लिए आवेदन करते समय आपराधिक मामलों का खुलासा करने में विफलता के लिए वकील के खिलाफ मामला रद्द करने से इनकार किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने जिला न्यायाधीश पद के लिए आवेदन करते समय आपराधिक मामलों का खुलासा करने में विफलता के लिए वकील के खिलाफ मामला रद्द करने से इनकार किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने वकील के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला रद्द करने से इनकार कर दिया है, जिसने हाईकोर्ट में जिला न्यायाधीश के पद पर चयन के लिए अपना आवेदन जमा करते समय और उसके खिलाफ दर्ज पिछले आपराधिक मामलों की जानकारी कथित तौर पर छिपाई थी।जस्टिस एम नागाप्रसन्ना की एकल न्यायाधीश पीठ ने पलाक्ष एसएस द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए कहा,“प्रथम दृष्टया, याचिकाकर्ता दूसरे प्रतिवादी द्वारा जारी अधिसूचना से ठीक पहले नौ मामलों में शामिल होने के तथ्य को दबाने का दोषी है, भले ही उन्हें बंद कर दिया गया हो, अपराध...

कर्मचारी की हत्या कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के तहत मुआवजे का दावा करने से कानूनी उत्तराधिकारियों को वंचित नहीं करती: दिल्ली हाईकोर्ट
कर्मचारी की हत्या कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के तहत मुआवजे का दावा करने से कानूनी उत्तराधिकारियों को वंचित नहीं करती: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कर्मचारी मुआवजा (ईसी) अधिनियम की धारा 30 के तहत दायर एक अपील में दोहराया कि रोजगार के दौरान किसी कर्मचारी की हत्या का तथ्य उसके कानूनी उत्तराधिकारियों को अधिनियम के तहत मुआवजा मांगने से वंचित नहीं करता है। “…आयुक्त का यह निष्कर्ष कि अपने कर्तव्यों के पालन के दौरान किसी कर्मचारी की हत्या मामले को ईसी अधिनियम की धारा 2(1)(एन) के दायरे में नहीं लाएगी, त्रुटिपूर्ण है, जिसके लिए रीता देवी बनाम न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के फैसले और नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड बनाम...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने नाबालिग मेल स्टूडेंट्स के यौन उत्पीड़न के आरोपी कुश्ती ‌शिक्षक को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने नाबालिग मेल स्टूडेंट्स के यौन उत्पीड़न के आरोपी कुश्ती ‌शिक्षक को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में पुणे में अपने नाबालिग मेल स्टूडेंट्स के यौन उत्पीड़न के आरोपी एक कुश्ती शिक्षक को 29 नवंबर, 2023 तक अग्रिम जमानत दे दी। पीठ ने आवेदन पर निर्णय लेने से पहले शिकायतकर्ताओं का पक्ष सुनने की मांग की।जस्टिस एमएम सथाये की अवकाश पीठ ने पुणे के विश्राम बाग पुलिस स्टेशन में पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 और 12 के तहत दर्ज एक एफआईआर में शिक्षक को अंतरिम सुरक्षा प्रदान की।सितंबर 2023 में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जून 2020 और सितंबर 2022 के बीच आवेदक ने 20 से 25 स्टूडेंट्स को...

सीपीसी | मालिकाना प्रतिष्ठान मुकदमा दायर कर सकते हैं, बशर्ते मालिक का पूरा विवरण वादपत्र में दिया गया हो: जेएंड के एंड एल हाईकोर्ट
सीपीसी | मालिकाना प्रतिष्ठान मुकदमा दायर कर सकते हैं, बशर्ते मालिक का पूरा विवरण वादपत्र में दिया गया हो: जेएंड के एंड एल हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा, स्वाम्य प्रतिष्ठान, जिसका एक मात्र मालिक हो, की ओर से किया गया मुकदमा या अनुमानित बिजनेस नाम के तहत दायरमुकदमा सुनवाई योग्य हो सकता है, बशर्ते मालिक के पूरा विवरण का वादपत्र में खुलासा किया गया हो।स्वाम्य प्रतिष्ठान (Proprietry Conderns) की ओर से दायर मुकदमों के विषय पर कानून को स्पष्ट करते हुए जस्टिस जावेद इकबाल वानी ने कहा,“....एकमात्र मालिक की मा‌लिकाना वाली कंपनी की ओर से या किसी व्यक्ति के अनुमानित बिजनेस नाम या शैली द्वारा किया गया...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने भाजपा की रैली को ऑटो जनरेटेड ई-मेल से अनुमति देने से इनकार करने पर कोलकाता पुलिस को फटकार लगाई
कलकत्ता हाईकोर्ट ने भाजपा की रैली को "ऑटो जनरेटेड ई-मेल' से अनुमति देने से इनकार करने पर कोलकाता पुलिस को फटकार लगाई

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में बीजेपी को "ऑटो-जनरेटेड ई-मेल" के जर‌िए से दो अलग-अलग मौकों पर कोलकाता में रैली आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार करने पर कोलकाता पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाई है।याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि उनके प्रारंभिक आवेदन को एक ऑटो-जनरेटेड ईमेल के जरिए खारिज कर दिया गया, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने प्रासंगिक समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं किया। इसके बाद जब याचिकाकर्ताओं ने अपनी रैली की तारीखें बदल दीं और पुलिस अधिकारियों को ऑनलाइन और साथ ही फिजिकल आवेदन दिया, तो उन्हें...

हाईकोर्ट ने दिल्ली के मुख्य सचिव को अंतरिम राहत देते हुए द वायर को बामनोली भूमि अधिग्रहण पर कथित मानहानिकारक लेख हटाने का निर्देश दिया
हाईकोर्ट ने दिल्ली के मुख्य सचिव को अंतरिम राहत देते हुए 'द वायर' को बामनोली भूमि अधिग्रहण पर कथित मानहानिकारक लेख हटाने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को समाचार पोर्टल 'द वायर' को शहर के मुख्य सचिव नरेश कुमार पर कथित भूमि अधिग्रहण मामले में उनकी संलिप्तता के संबंध में आक्षेप लगाने वाले अपने लेख (Article) को हटाने का निर्देश दिया।जस्टिस सचिन दत्ता ने समाचार पोर्टल के खिलाफ कुमार के मुकदमे में उनके पक्ष में अंतरिम निषेधाज्ञा दी।जस्टिस दत्ता ने आदेश सुनाते हुए कहा,"मैंने अंतरिम निषेधाज्ञा दी है। प्रतिवादी नंबर 1 और 2 (द वायर और संबंधित रिपोर्टर) को आर्टिकल हटाने का निर्देश दिया जाता है...।"अदालत ने इससे पहले अंतरिम...

पंजाब विधानसभा का लाइव ब्रॉडकास्ट कौन करता है? पक्षपातपूर्ण कवरेज का आरोप लगाने के बाद हाईकोर्ट ने विपक्षी नेता से पूछा
पंजाब विधानसभा का लाइव ब्रॉडकास्ट कौन करता है? पक्षपातपूर्ण कवरेज का आरोप लगाने के बाद हाईकोर्ट ने विपक्षी नेता से पूछा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आज पंजाब में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा से यह पता लगाने के लिए आरटीआई आवेदन दायर करने को कहा कि राज्य विधानसभा का लाइव ब्रॉडकास्ट कौन करता है। बाजवा ने विधानसभा सदस्यों के भाषणों की पक्षपातपूर्ण कवरेज का आरोप लगाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।एक्टिंग चीफ जस्टिस रितु बाहरी और जस्टिस निधि गुप्ता की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से मौखिक रूप से सवाल किया कि लाइव प्रसारण चलाने के लिए कौन जिम्मेदार है।खंडपीठ ने कहा,"सीधा प्रसारण कौन चला रहा है, क्या यह प्राइवेट कंपनी है...

राज्यव्यापी प्रतिबंध के बावजूद बढ़ रही हैं गोहत्या की घटनाएं, यूपी पुलिस ऐसे मामलों की जांच में गंभीर नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
राज्यव्यापी प्रतिबंध के बावजूद बढ़ रही हैं गोहत्या की घटनाएं, यूपी पुलिस ऐसे मामलों की जांच में गंभीर नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह यूपी गोहत्या निवारण अधिनियम, 1955 (U.P. Prevention of Cow Slaughter Act, 1955) के तहत दर्ज एफआईआर की जांच में राज्य पुलिस की ढिलाई पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।कोर्ट ने यह भी कहा कि गोहत्या पर राज्यव्यापी प्रतिबंध के बावजूद ऐसे मामले बढ़ रहे हैं और जब भी ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज की जाती है तो यूपी पुलिस इसे लेकर लचीला रवैया अपनाती है।जस्टिस शेखर कुमार यादव की पीठ ने ये टिप्पणियां सैफ अली खान नामक व्यक्ति द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कीं,...

PMLA Act की धारा 8 | अभियुक्त को स्वयं दावेदार नहीं माना जा सकता, जिसने अच्छे विश्वास से काम किया और पर्याप्त नुकसान उठाया: एमपी हाईकोर्ट
PMLA Act की धारा 8 | अभियुक्त को स्वयं 'दावेदार' नहीं माना जा सकता, जिसने 'अच्छे विश्वास से काम किया और पर्याप्त नुकसान उठाया': एमपी हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी व्यक्ति पीएमएलए नियम, 2016 के नियम 2 (बी) और पीएमएलए, 2002 की धारा 8 (8) में उल्लिखित 'दावेदार' की परिभाषा में नहीं आते हैं।जस्टिस प्रेम नारायण सिंह ने विशेष न्यायाधीश (पीएमएलए की धारा 8(8)) के आदेश रद्द करते हुए अभियुक्तों से संबंधित संपत्तियों को जारी किया, जो कथित तौर पर 'अपराध की आय' है। उन्होंने ने कहा कि इस तरह का आदेश स्पष्ट रूप से क़ानून में संबंधित प्रावधान का उल्लंघन करके पारित किया गया था।इंदौर में बैठी पीठ ने...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी के 15 साल तक फरार रहने पर आश्चर्य जताया, कहा- सीआरपीसी की धारा 83 के तहत संपत्ति की कुर्की महत्वपूर्ण घटक
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी के 15 साल तक फरार रहने पर आश्चर्य जताया, कहा- सीआरपीसी की धारा 83 के तहत संपत्ति की कुर्की महत्वपूर्ण घटक

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी से बचने पर सख्त रुख अपनाया, यह देखते हुए कि मुकदमे के दौरान आरोपी की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए संपत्ति की कुर्की महत्वपूर्ण घटक है। साथ ही यह उन मामलों में भी प्रासंगिक है, जहां आरोपी को दोषी पाया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पीड़ित या राज्य को जुर्माना या मुआवजा देने का आदेश दिया गया।इस मामले में एक आरोपी पिछले 15 वर्षों से फरार था और उसने 2008 में पारित आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उसे घोषित अपराधी घोषित किया गया था।यह देखते हुए कि मामले के...

2018 में कॉलेजियम द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में मेरा ट्रांसफर मुझे परेशान करने के इरादे से किया गया था: रिटायर्ड चीफ जस्टिस प्रितिंकर दिवाकर
2018 में कॉलेजियम द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में मेरा ट्रांसफर मुझे परेशान करने के इरादे से किया गया था: रिटायर्ड चीफ जस्टिस प्रितिंकर दिवाकर

इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस जज प्रीतिंकर दिवाकर ने मंगलवार को कहा कि 2018 में तत्कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाले कॉलेजियम द्वारा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट में उनका ट्रांसफर "गलत इरादे" से किया गया था और इसका उद्देश्य उन्हें "परेशान" करना था।जस्टिस दिवाकर ने कहा,"ऐसा लगता है कि मेरा ट्रांसफर ऑर्डर मुझे परेशान करने के गलत इरादे से जारी किया गया था। हालांकि, जैसा कि भाग्य ने चाहा, यह अभिशाप मेरे लिए वरदान में बदल गया, क्योंकि मुझे न्यायाधीशों के साथ-साथ बार के...

धारा 69 साक्ष्य अधिनियम के अनुसार एक रैंडम गवाह द्वारा यह साबित नहीं किया जा सकता है कि उसने प्रमाणित गवाह को इस पर हस्ताक्षर करते हुए देखा था: सुप्रीम कोर्ट
धारा 69 साक्ष्य अधिनियम के अनुसार एक रैंडम गवाह द्वारा यह साबित नहीं किया जा सकता है कि उसने प्रमाणित गवाह को इस पर हस्ताक्षर करते हुए देखा था: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (20.11.2023) को माना कि वसीयत की वास्तविकता साबित करने के लिए, एक रैंडम गवाह की जांच करना पर्याप्त नहीं है, जो दावा करता है कि उसने प्रमाणित गवाह को वसीयत में अपने हस्ताक्षर करते देखा है।साक्ष्य अधिनियम की धारा 69 उन मामलों में दस्तावेज़ की प्रामाणिकता साबित करने से संबंधित है, जहां कोई प्रमाणित गवाह नहीं मिलता है। उक्त प्रावधान के तहत, यह साबित किया जाना चाहिए कि साक्ष्य देने वाले एक गवाह का सत्यापन कम से कम उसकी लिखावट में है, और दस्तावेज़ को निष्पादित करने वाले व्यक्ति...

भ्रामक विज्ञापन बंद करें, झूठे इलाज का दावा करने वाले हर उत्पाद पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा: सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद से कहा
भ्रामक विज्ञापन बंद करें, झूठे इलाज का दावा करने वाले हर उत्पाद पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा: सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद से कहा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (21 नवंबर) को आधुनिक चिकित्सा प्रणालियों के खिलाफ भ्रामक दावे और विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए पतंजलि आयुर्वेद को फटकार लगाई।भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका पर विचार करते हुए जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने बाबा रामदेव द्वारा सह-स्थापित कंपनी को कड़ी चेतावनी जारी की।जस्टिस अमानुल्लाह ने मौखिक रूप से कहा,“पतंजलि आयुर्वेद के ऐसे सभी झूठे और भ्रामक विज्ञापनों को तुरंत बंद करना होगा। न्यायालय ऐसे...

धारा 196 सीआरपीसी | मंजूरी के लिए आवेदन करने में अत्यधिक देरी को सीमा की गणना करते समय धारा 470 के तहत बाहर नहीं किया जा सकता: केरल हाईकोर्ट
धारा 196 सीआरपीसी | मंजूरी के लिए आवेदन करने में अत्यधिक देरी को सीमा की गणना करते समय धारा 470 के तहत बाहर नहीं किया जा सकता: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि आईपीसी की धारा 153 (ए) (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत अपराध का संज्ञान लेने के लिए मंजूरी प्राप्त करने के लिए अनुरोध को दोबारा प्रस्तुत करने में लगभग पांच साल की देरी को स्वीकार नहीं किया जा सकता.जस्टिस पीजी अजितकुमार ने कहा, यह भी माना गया कि अभियोजन पक्ष यह तर्क नहीं दे सकता कि उस अवधि को सीआरपीसी की धारा 470(3) के तहत बाहर रखा जा सकता है।पुनरीक्षण याचिकाकर्ताओं पर धारा 143 (गैरकानूनी सभा के...

कानूनी औचित्य के बिना यूएपीए गिरफ्तारी अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन, धारा 43डी(5) के बावजूद ऐसे मामलों में आरोपी जमानत का हकदार: जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट
कानूनी औचित्य के बिना यूएपीए गिरफ्तारी अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन, धारा 43डी(5) के बावजूद ऐसे मामलों में आरोपी जमानत का हकदार: जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पत्रकार फहद शाह को जमानत देते हुए कहा कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत 'कानूनी औचित्य' के बिना गिरफ्तारी संविधान के तहत समानता और स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन होगी।अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि भले ही जांच एजेंसी के पास आतंकवाद विरोधी कानून के तहत गिरफ्तारी करने की विवेकाधीन शक्तियां हैं, फिर भी गिरफ्तारी के बाद एक ठोस तर्क दिया जाना चाहिए, जिसमें आरोपी को जमानत पर रिहा करने पर समाज को होने वाले खतरे की...

दिल्ली दंगे: अदालत ने 22 शिकायतों को एक एफआईआर में जोड़ने के अवैध और अड़ियल रवैये के लिए दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई
दिल्ली दंगे: अदालत ने 22 शिकायतों को एक एफआईआर में जोड़ने के 'अवैध और अड़ियल रवैये' के लिए दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई

दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली दंगों के एक मामले में अवैध रूप से 22 शिकायतों को एक एफआईआर में जोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस की खिंचाई की और कहा कि वह जांच एजेंसी के ऐसे "अवैध दृष्टिकोण" में पक्ष नहीं बन सकती।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने कहा,“वर्तमान मानसिकता कानून के आदेश की अनदेखी करते हुए इन सभी अतिरिक्त शिकायतों की जांच एक ही एफआईआर के तहत करने के लिए अड़ियल दृष्टिकोण दिखाती है, वह भी इन सभी शिकायतों में आरोपी व्यक्तियों की मिलीभगत के बारे में आरोप पत्र के माध्यम से जांच के...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने आरोपी द्वारा पीड़िता से शादी करने के आरोप में बलात्कार का मामला रद्द किया, कहा- वे आपसी सहमति से रिलेशनशिप में थे
कर्नाटक हाईकोर्ट ने आरोपी द्वारा पीड़िता से शादी करने के आरोप में बलात्कार का मामला रद्द किया, कहा- वे आपसी सहमति से रिलेशनशिप में थे

कर्नाटक हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ बलात्कार का मामला रद्द कर दिया, बशर्ते उसने पीड़िता के साथ विवाह किया हो, जिसने दावा किया कि जब वह नाबालिग थी तब वे सहमति से रिलेशनशिप में थे। अब वयस्क होने के बाद एक-दूसरे से शादी करने का इरादा रखते हैं।जस्टिस हेमंत चंदनगौदर की एकल न्यायाधीश पीठ ने चिक्कारेडप्पा द्वारा दायर याचिका स्वीकार कर ली और उन्हें एक महीने के भीतर पीड़िता से शादी करने और सक्षम प्राधिकारी के समक्ष रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा...

गुजरात हाईकोर्ट ने जाली पासपोर्ट घोटाले में शामिल आरोपी को जमानत से इनकार किया, कहा वो फरार होने के लिए अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का फायदा उठा सकता है
गुजरात हाईकोर्ट ने जाली पासपोर्ट घोटाले में शामिल आरोपी को जमानत से इनकार किया, कहा वो फरार होने के लिए अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का फायदा उठा सकता है

हाल के एक फैसले में गुजरात हाईकोर्ट ने विभिन्न विदेशी देशों के लिए जाली पासपोर्ट और फर्जी वीज़ा स्टिकर बनाने से संबंधित आरोपों का सामना कर रहे एक व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया।साथ ही इस संभावना पर बल दिया कि यदि जमानत पर रिहा किया जाता है, तो आरोपी कानूनी परिणामों से बचने के लिए इन संपर्कों का लाभ उठा सकता है। जस्टिस निर्जर एस देसाई ने कहा, "वर्तमान आवेदक के दुनिया भर में संपर्क हैं और इसलिए, अवैध रूप से लोगों को विदेश भेजने और उन्हें सफलतापूर्वक सीमा पार करने की अनुमति देने के बारे...