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गुजरात हाईकोर्ट ने जाली पासपोर्ट घोटाले में शामिल आरोपी को जमानत से इनकार किया, कहा वो फरार होने के लिए अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का फायदा उठा सकता है
गुजरात हाईकोर्ट ने जाली पासपोर्ट घोटाले में शामिल आरोपी को जमानत से इनकार किया, कहा वो फरार होने के लिए अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का फायदा उठा सकता है

हाल के एक फैसले में गुजरात हाईकोर्ट ने विभिन्न विदेशी देशों के लिए जाली पासपोर्ट और फर्जी वीज़ा स्टिकर बनाने से संबंधित आरोपों का सामना कर रहे एक व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया।साथ ही इस संभावना पर बल दिया कि यदि जमानत पर रिहा किया जाता है, तो आरोपी कानूनी परिणामों से बचने के लिए इन संपर्कों का लाभ उठा सकता है। जस्टिस निर्जर एस देसाई ने कहा, "वर्तमान आवेदक के दुनिया भर में संपर्क हैं और इसलिए, अवैध रूप से लोगों को विदेश भेजने और उन्हें सफलतापूर्वक सीमा पार करने की अनुमति देने के बारे...

जब तक कि वैधानिक उल्लंघन प्रदर्शित न हो, नियोक्ता-कर्मचारी के बीच निजी विवाद रिट क्षेत्राधिकार के अधीन नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जब तक कि वैधानिक उल्लंघन प्रदर्शित न हो, नियोक्ता-कर्मचारी के बीच निजी विवाद रिट क्षेत्राधिकार के अधीन नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने रोज़गार से संबंधित विवादों में रिट क्षेत्राधिकार की सीमाओं पर प्रकाश डालते हुए हाल ही में देखा कि नियोक्ता और कर्मचारियों के बीच सभी विवाद रिट क्षेत्राधिकार के अधीन नहीं हैं।जस्टिस रजनेश ओसवाल की पीठ ने स्पष्ट किया कि नियोक्ता और कर्मचारी के बीच निजी विवाद नियोक्ता द्वारा किसी वैधानिक उल्लंघन का प्रदर्शन किए बिना सेवा के अनुबंध के लिए न्यायालय द्वारा रियायत की गारंटी नहीं देता है।ये टिप्पणियां ऐसे मामले में की गईं, जिसमें गैर-सरकारी संगठन/सोसाइटी द्वारा...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला के खिलाफ 23 साल पुराने संवासिनी मामला रद्द करने से इनकार किया, कहा- वह ट्रायल को लम्बा खींच रहे हैं
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला के खिलाफ 23 साल पुराने संवासिनी मामला रद्द करने से इनकार किया, कहा- वह ट्रायल को लम्बा खींच रहे हैं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें कथित राजनीतिक आंदोलन, दंगा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के 23 साल पुराने मामले में आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की मांग की गई थी, जब सुरजेवाला युवा कांग्रेस नेता के रूप में कार्यरत थे।संदर्भ के लिए सुरजेवाला ने इस आधार पर अदालत का रुख किया कि मामले में एफआईआर वर्ष 2000 में दर्ज की गई थी, लेकिन मामला वर्ष 2022 में सत्र न्यायालय को सौंप दिया गया। इस प्रकार, मुकदमे में लंबी...

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कौशल विकास घोटाला मामले में टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू को नियमित जमानत दी
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कौशल विकास घोटाला मामले में टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू को नियमित जमानत दी

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने करोड़ों रुपये के कौशल विकास मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और टीडीपी (तेलुगु देशम पार्टी) प्रमुख चंद्रबाबू नायडू को नियमित जमानत दे दी।जस्टिस टी मल्लिकार्जुन राव ने कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री से यह निश्चित रूप से निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता है कि गलत तरीके से की गई रकम तेलुगु देशम पार्टी के बैंक अकाउंट्स में भेज दी गई थी।कोर्ट ने कहा,"याचिकाकर्ता ए.37 को 9 सितंबर, 2023 को गिरफ्तार किया गया था और अदालत के आदेशों के बाद 31 अक्टूबर, 2023 को स्वास्थ्य के आधार पर अंतरिम...

नागरिकों की निजता और मौलिक अधिकारों के सम्मान के लिए पुलिस निगरानी रजिस्टर प्रविष्टियों को सीमित करे : जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट
नागरिकों की निजता और मौलिक अधिकारों के सम्मान के लिए पुलिस निगरानी रजिस्टर प्रविष्टियों को सीमित करे : जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों से नागरिकों की मौलिक स्वतंत्रता का सम्मान करने, सतर्क और वैध निगरानी सुनिश्चित करने के लिए निगरानी रजिस्टर प्रविष्टियों की सख्ती से व्याख्या करने और उन्हें सीमित करने का आग्रह किया है।जस्टिस जावेद इकबाल वानी ने कहा कि निगरानी को व्यक्तिगत गरिमा से समझौता नहीं करना चाहिए और निगरानी रजिस्टर प्रविष्टियों और निगरानी कानूनों को नियंत्रित करने वाले नियमों को इन प्रक्रियाओं में पुलिस अधिकारियों द्वारा आवश्यक सावधानी और देखभाल को स्वीकार करना...

सरकार के आलोचकों को हिरासत में लेने की प्रवृत्ति प्रिवेंटिव डिटेंशन कानून का दुरुपयोग: हाईकोर्ट ने कश्मीर पत्रकार की हिरासत रद्द की
'सरकार के आलोचकों को हिरासत में लेने की प्रवृत्ति प्रिवेंटिव डिटेंशन कानून का दुरुपयोग': हाईकोर्ट ने कश्मीर पत्रकार की हिरासत रद्द की

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कश्मीरी पत्रकार सज्जाद अहमद डार की हिरासत रद्द करते हुए केवल सरकार के आलोचक होने के कारण व्यक्तियों को हिरासत में लेने की अधिकारियों की प्रवृत्ति की आलोचना की और इसे निवारक हिरासत कानून का दुरुपयोग बताया।सज्जाद गुल के नाम से लिखने वाले डार को हिरासत में लेने वाले अधिकारियों के आरोपों के आधार पर 16 जनवरी, 2022 से जम्मू-कश्मीर सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया कि उनके ट्वीट और बयान दुश्मनी को बढ़ावा देते हैं और राज्य की व्यवस्था और सुरक्षा के...

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कथित तौर पर आरोपी को हिरासत से भागने में मदद करने वाले बर्खास्त पुलिसकर्मी को अंतरिम जमानत दी
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कथित तौर पर आरोपी को हिरासत से भागने में मदद करने वाले बर्खास्त पुलिसकर्मी को अंतरिम जमानत दी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बर्खास्त सिपाही प्रीतपाल सिंह को अंतरिम जमानत दी, जिसने कथित तौर पर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के आरोपी गैंगस्टर दीपक टीनू को पुलिस हिरासत से भागने में मदद की थी। टीनू लॉरेंस बिश्नोई का कथित सहयोगी है जिसने हत्या के लिए शार्प शूटरों की व्यवस्था करने में मदद की थी। आरोप है कि सीआईए की हिरासत में रहने के दौरान दीपक तत्कालीन सीआईए सब-इंस्पेक्टर प्रीतपाल सिंह की मदद से फरार हो गया था।इस प्रकार सिंह पर अक्टूबर 2022 में जिला मानसा में आईपीसी की धारा 222, 224, 225-ए, 212,...

वसीयत पर तभी संदेह किया जा सकता है जब कटिंग और ओवरराइटिंग द्वारा महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएं: दिल्ली हाईकोर्ट
वसीयत पर तभी संदेह किया जा सकता है जब कटिंग और ओवरराइटिंग द्वारा महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि केवल जहां यह पाया जाता है कि वसीयत में कुछ काट-छांट और ओवरराइटिंग करके महत्वपूर्ण बदलाव किए जाने की मांग की गई है, तभी अदालत यह निष्कर्ष निकाल सकती है कि वसीयत संदिग्ध है और उसे खारिज कर दिया जाना चाहिए।जस्टिस रेखा पल्ली ने कहा कि वसीयत में कटिंग और ओवरराइटिंग का प्रभाव हमेशा प्रत्येक मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।अदालत ने कहा कि वसीयत में ऐसी काट-छांट और ओवरराइटिंग के मामलों में प्रभाव की जांच की जानी चाहिए, भले ही ऐसे बदलाव उत्तराधिकार अधिनियम की...

सीआरपीसी की धारा 164 के तहत पीड़िता का बयान पुष्टि के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, दोषसिद्धि का एकमात्र आधार नहीं हो सकता: पटना हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी को बरी किया
सीआरपीसी की धारा 164 के तहत पीड़िता का बयान पुष्टि के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, दोषसिद्धि का एकमात्र आधार नहीं हो सकता: पटना हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी को बरी किया

पटना हाईकोर्ट ने हाल ही में बलात्कार के आरोपी को यह कहते हुए बरी कर दिया कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत दर्ज पीड़िता का बयान सजा का एकमात्र आधार नहीं हो सकता।जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह और जस्टिस गुन्नू अनुपमा चक्रवर्ती की खंडपीठ ने कहा,“हालांकि, आरोपी यौन कार्य करने में सक्षम है, लेकिन वह अपने आप में आरोपित अपराधों के लिए अपराध साबित नहीं कर सकता है। मेडिकल साक्ष्य के साथ पुष्टि किए गए ठोस मौखिक साक्ष्य के अभाव में यह माना जा सकता है कि अपीलकर्ता को आरोपित अपराधों के लिए...

किरायेदार को नया बिजली कनेक्शन देने के लिए मालिक से एनओसी की आवश्यकता नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
किरायेदार को नया बिजली कनेक्शन देने के लिए मालिक से एनओसी की आवश्यकता नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने हाल ही में दोहराया कि किरायेदार को नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए परिसर के मालिक से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की आवश्यकता नहीं है। जस्टिस एएस चंदुरकर और जस्टिस अभय जे मंत्री की खंडपीठ ने महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के उस संचार को रद्द कर दिया, जिसमें याचिकाकर्ता को नया कनेक्शन प्रदान करने के लिए मालिक से एनओसी की आवश्यकता है।अदालत ने कहा," पक्षों के विद्वान वकील को सुनने के बाद और दिलीप (मृत) के मामले के माध्यम से निर्णय का अध्ययन करने के बाद...

हिंदू उत्तराधिकार | बेटियों को इस आधार पर घरेलू संपत्ति में दावा छोड़ने वाला नहीं माना जा सकता, क्योंकि अन्य हिस्सेदारी पर उनका कब्जा है : कर्नाटक हाईकोर्ट
हिंदू उत्तराधिकार | बेटियों को इस आधार पर घरेलू संपत्ति में दावा छोड़ने वाला नहीं माना जा सकता, क्योंकि अन्य हिस्सेदारी पर उनका कब्जा है : कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मान कि यदि बेटियां केवल संयुक्त परिवार की कृषि संपत्तियों में अपना हिस्सा छोड़ती हैं, जिसका बंटवारा प्रस्तावक के बेटों के बीच होता है तो यह नहीं माना जा सकता कि उन्होंने अन्य संयुक्त परिवार की संपत्तियों में अपना हिस्सा छोड़ दिया है। इस तरह वे संपत्ति के बंटवारे की मांग कर सकती हैं।जस्टिस श्रीनिवास हरीश कुमार और जस्टिस रामचंद्र डी हुद्दार की खंडपीठ ने पार्टिशन के मुकदमे से जुड़ी अपीलों को खारिज कर दिया।प्रतिवादियों का प्राथमिक तर्क यह था कि जब वादी ने दिनांक 05.04.2000 के...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने समझौते के आधार पर बलात्कार का मामला रद्द किया; आरोपी अनादरित चेक के लिए शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर सहमत
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने समझौते के आधार पर बलात्कार का मामला रद्द किया; आरोपी अनादरित चेक के लिए शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर सहमत

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में शिकायतकर्ता महिला और आरोपी के बीच समझौते के आधार पर बलात्कार का मामला रद्द कर दिया। आरोपी व्यक्ति शिकायतकर्ता की इस मांग पर सहमत हो गए कि वे उसके द्वारा जारी किए गए अस्वीकृत चेक के लिए उससे 10 लाख रुपये का दावा नहीं करेंगे। महिला की सहमति से कोर्ट ने केस रद्द कर दिया।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने यह भी कहा कि हालांकि यह घटना कथित तौर पर पहली बार तब हुई थी, जब पीड़िता नाबालिग थी, लेकिन एफआईआर नौ साल बाद दर्ज की गई जब वह लगभग 26 साल की थी।इसलिए पक्षकारों द्वारा किए गए...

विज्ञापन में ऐसे प्रावधान के बावजूद सार्वजनिक रोजगार के लिए रोजगार कार्यालय में लाइव रजिस्ट्रेशन आवश्यक नहीं है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
विज्ञापन में ऐसे प्रावधान के बावजूद सार्वजनिक रोजगार के लिए रोजगार कार्यालय में लाइव रजिस्ट्रेशन आवश्यक नहीं है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि सार्वजनिक रोजगार के लिए रोजगार कार्यालय में लाइव रजिस्ट्रेशन आवश्यक नहीं है, भले ही ऐसा प्रतिबंध संबंधित विज्ञापन में स्पष्ट रूप से दिया गया हो।जस्टिस गुरप्रीत सिंह अहलूवालिया की एकल-न्यायाधीश पीठ ने कहा कि राम सिंह धुर्वे बनाम मध्य प्रदेश राज्य एवं अन्य (2021) मामले में फैसले के बाद इस मामले में विवादास्पद प्रश्न अब एकीकृत नहीं रह गया।जबलपुर की पीठ ने एमपी व्यावसायिक परीक्षा बोर्ड को याचिकाकर्ता की 'जेल प्रहरी' के रूप में नियुक्ति पर निर्णय लेने का...

Delhi Riots
दिल्ली दंगे: अफवाह के आधार पर 39 शिकायतों को दो एफआईआर में जोड़ने पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई, अलग से जांच के आदेश दिए

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को दिल्ली दंगों के दो मामलों में तीन आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ 39 शिकायतों को "सुने-सुनाए सबूतों" के आधार पर जोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई। इसके साथ ही अदालत ने पुलिस शिकायतों में अलग से आगे की जांच करने का आदेश दिया।एडिशनल सेशन जज पुलस्त्य प्रमाचला ने पाया कि अतिरिक्त 39 शिकायतकर्ताओं में उल्लिखित कथित घटनाओं की तारीख और समय की पुष्टि करने के लिए भी रिकॉर्ड पर कोई सबूत नहीं है।अदालत ने यह भी कहा कि दोनों मामलों में तीन आरोपी व्यक्तियों की पहचान के लिए...

हाईकोर्ट ने यारियां-2 फिल्म निर्माताओं के खिलाफ कथित रूप से भावनाएं आहत करने का आरोप लगाने वाली एफआईआर की कारवाई पर रोक लगाई
हाईकोर्ट ने 'यारियां-2' फिल्म निर्माताओं के खिलाफ कथित रूप से भावनाएं आहत करने का आरोप लगाने वाली एफआईआर की कारवाई पर रोक लगाई

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सिख समुदाय के खिलाफ कथित तौर पर बेअदबी करने के आरोप में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295-ए के तहत टी-सीरीज़ के निर्माता और एमडी भूषण कुमार और निर्देशकों राधिका राव, विनय सप्रू और एक्टर मिजान जाफरी के खिलाफ दर्ज एफआईआर से संबंधित कार्यवाही पर रोक लगा दी।यह मामला "यारियां 2" नामक फिल्म में "सौरे घर" नामक गीत में एक्टर को कृपाण पहने हुए चित्रित करने से संबंधित है।जस्टिस पंकज जैन ने मामले में नोटिस जारी करते हुए कहा,"मिस्टर तरूण अग्रवाल, सीनियर डीएजी, पंजाब...

प्रिवेंटिव डिटेंशन का उपयोग दंडात्मक उपाय के रूप में नहीं, बल्कि समाज के व्यापक हित में सार्वजनिक व्यवस्था सुरक्षित करने के लिए किया जाना चाहिए: केरल हाईकोर्ट
प्रिवेंटिव डिटेंशन का उपयोग दंडात्मक उपाय के रूप में नहीं, बल्कि समाज के व्यापक हित में सार्वजनिक व्यवस्था सुरक्षित करने के लिए किया जाना चाहिए: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को याद दिलाया कि व्यक्तियों को हिरासत में लेने की शक्ति का उपयोग दंडात्मक उपाय के रूप में नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि समाज के व्यापक हित में सार्वजनिक व्यवस्था को सुरक्षित करने के लिए किया जाना चाहिए।जस्टिस ए. मुहम्मद मुस्ताक और जस्टिस शोबा अनम्मा इपेन की खंडपीठ ने कहा,"निरोध आदेश नागरिकों की स्वतंत्रता को वंचित करने वाला गंभीर मामला है। इसका मतलब है कि वैध आधारों को छोड़कर किसी व्यक्ति को उसकी स्वतंत्रता से वंचित नहीं किया जा सकता। इसलिए निरोध आदेश में यह दर्शाया जाना...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने निजी क्षेत्र में हरियाणा के स्थानीय लोगों के लिए 75% डोमीसाइल रिजर्वेशन को असंवैधानिक घोषित किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने निजी क्षेत्र में हरियाणा के स्थानीय लोगों के लिए 75% डोमीसाइल रिजर्वेशन को असंवैधानिक घोषित किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने निजी क्षेत्र की उन नौकरियों में जिसमें 30,000 रुपये से कम का मासिक वेतन है, हर‌ियाणा के‌ स्‍थानीय निवासियो के लिए 75% अधिवास आरक्षण घोषित करने को असंवैधानिक घोषित कर दिया है। जस्टिस जीएस संधवालिया और जस्टिस हरप्रीत कौर जीवान की पीठ ने कहा कि "स्थानीय उम्मीदवारों का हरियाणा राज्य रोजगार अधिनियम, 2020 संविधान के भाग- III का उल्लंघन करता है और असंवैधानिक है।"स्थानीय लोगों को 75% आरक्षण प्रदान करने वाले कानून को चुनौती देने वाले याचिकाओं के बैच की अनुमति देते हुए,...