मुख्य सुर्खियां
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 वर्षीय लड़के के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपी 'पुजारी' को जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में पुजारी को जमानत देने से इनकार किया। उक्त पुजारी पर इस वर्ष फरवरी में मंदिर के पास 12 वर्षीय अनाथ बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के आरोप में धारा 377 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया था।अपराध की गंभीरता और पीड़ित के बयानों पर विचार करते हुए कि आरोपी ने कथित कृत्य कैसे किया, जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने आरोपी-आवेदक (जमुना गिरी) को जमानत देने से इनकार किया।न्यायालय ने अपने आदेश में कहा,“पीड़ित, जो लगभग 12 वर्ष का नाबालिग है, उसके बयान के अवलोकन से यह...
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य को जेलों में मजदूरी करने वाले कैदियों को समान मजदूरी देने पर विचार करने का निर्देश दिया
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने जनहित याचिका (PIL) के जवाब में राज्य को जेलों में मजदूरी करने वाले कैदियों को समान मजदूरी देने के मुद्दे पर विचार करने का निर्देश दिया।कठोर परिस्थितियों में काम करने वाले कैदियों को मुआवजे की कमी को संबोधित करने के लिए दायर की गई जनहित याचिका में राज्य भर की कई जेलों में मजदूरी करने वाले कैदियों को मजदूरी का भुगतान न किए जाने का मामला सामने आया, जिसमें सितारगंज जेल भी शामिल है, जहां कैदी बिना पारिश्रमिक के 450 एकड़ के खेत में काम करते हैं।चीफ जस्टिस रितु बाहरी और जस्टिस...
ध्रुव राठी ने BJP प्रवक्ता द्वारा मानहानि के मुकदमे का विरोध किया, कहा- नेता का अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने का इतिहास रहा है
ध्रुव राठी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुंबई प्रवक्ता द्वारा मानहानि के मुकदमे का विरोध किया। राठी ने कहा कि नेता का इतिहास अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का रहा है। ध्रुव राठी ने दिल्ली की अदालत के समक्ष BJP मुंबई प्रवक्ता सुरेश करमशी नखुआ द्वारा यूट्यूबर के खिलाफ मानहानि के मुकदमे में दायर अंतरिम निषेधाज्ञा आवेदन का विरोध किया।राठी ने आरोप लगाया कि नखुआ का इतिहास सार्वजनिक मंचों पर बेतरतीब सार्वजनिक हस्तियों, संवैधानिक पदों पर आसीन राजनेताओं और सरकारी कर्मचारियों को अपशब्द कहने का रहा है। जवाब...
MUDA घोटाले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ चलेगा मुकदमा, राज्यपाल ने दी मंजूरी
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने वाल्मीकि निगम और मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) से संबंधित करोड़ों रुपये के घोटाले में उनकी कथित भूमिका के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है।गहलोत ने कहा कि मामले में गैर-पक्षपाती जांच की आवश्यकता है, क्योंकि प्रथम दृष्टया आरोप और सहायक सामग्री अपराध किए जाने का खुलासा करती है।"राज्यपाल के आदेश में कहा गया,"मैं संतुष्ट हूं कि टी.जे. अब्राहम, प्रदीप कुमार एसपी और स्नेहमयी कृष्णा...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (12 जुलाई, 2024 से 16 अगस्त, 2024) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि पत्नी, बेटा और बेटी (प्रथम श्रेणी वारिस) के जीवित रहने पर बहनें कानूनी प्रतिनिधि बन सकें: राजस्थान हाईकोर्ट राजस्थान हाइकोर्ट एक फैसले में कहा कि बहनों को मृतक व्यक्ति का कानूनी प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता, खासकर तब जब मृतक की पत्नी, बेटा और बेटी सहित प्रथम श्रेणी...
डाउनग्रेडेड मूल्यांकन को हटाने के बावजूद अधिकारी की पदोन्नति पर पुनर्विचार करने से इनकार करना अवैध: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने पाया कि केंद्र सरकार द्वारा भारतीय सेना के अधिकारी की पदोन्नति पर पुनर्विचार करने से इनकार करना, यह पता लगाने के बावजूद कि अधिकारी की गोपनीय रिपोर्ट (सीआर) को आरंभिक अधिकारी (आईओ) द्वारा गलत तरीके से डाउनग्रेड किया गया, मनमाना और अवैध है।न्यायालय ने आगे कहा कि केंद्र सरकार की राहत के बावजूद, नई रिक्ति उपलब्ध होने तक अधिकारी को पदोन्नति से इनकार करने का सशस्त्र बल न्यायाधिकरण का आदेश अस्थिर था।मामले की पृष्ठभूमि:जस्टिस रेखा पल्ली और जस्टिस शालिंदर कौर की खंडपीठ याचिकाकर्ता...
मतदाता पहचान पत्र/मतदाता सूची जन्म तिथि का निर्णायक प्रमाण नहीं: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि मतदाता सूची/मतदाता पहचान पत्र में दी गई जन्म तिथि, भले ही साक्ष्य अधिनियम की धारा 35 के तहत सार्वजनिक दस्तावेज के रूप में प्रासंगिक हो लेकिन वास्तविक जन्म तिथि का निर्णायक प्रमाण नहीं है।मतदाता पहचान पत्र में दी गई जन्म तिथि के आधार पर बीमा दावा खारिज करते हुए डॉ. जस्टिस संजीव कुमार पाणिग्रही की एकल पीठ ने कहा,“यह आम तौर पर भारतीय न्यायालयों द्वारा स्वीकार किया जाता है कि मतदाता पहचान पत्र/मतदाता सूची में दर्ज जन्म तिथि पर किसी व्यक्ति की आयु निर्धारित करने...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बिना अनुमोदन के चल रहे स्कूलों में "गुरुजी" शिक्षकों की बहाली से इनकार किया, हालांकि सेवा के समय के लिए मानदेय का भुगतान करने का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बिना चल रहे स्कूलों में "गुरुजी" की नियुक्ति को 'अवैध' माना। यह आदेश मध्य प्रदेश शिक्षा गारंटी योजना के तहत नियुक्त कई शिक्षकों द्वारा दायर रिट याचिका पर आया है, जिसमें सिंगरौली के कलेक्टर द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें नियुक्तियों की वैधता पर सवाल उठाया गया था और उन्हें सेवा में बने रहने से मना कर दिया गया था।कलेक्टर ने अपने आदेश में पाया कि हालांकि स्कूल बिना किसी पूर्व स्वीकृति के चल रहे थे, लेकिन याचिकाकर्ताओं...
जमानत बांड प्रस्तुत करने में असमर्थ विचाराधीन कैदियों की रिहाई में सहायता के लिए वकील नियुक्त करें: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को निर्देश दिया
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य के जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों (DLSA) को निर्देश दिया कि वे जमानत पर रिहा होने के लिए व्यक्तिगत बांड प्रस्तुत करने में असमर्थता के कारण जेल में बंद विचाराधीन कैदियों के लिए वकील नियुक्त करें।उल्लेखनीय है कि दिनांक 10.04.2024 के आदेश के तहत प्राधिकरण को निर्देश दिया गया कि वे उन विचाराधीन कैदियों की हिरासत के संबंध में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करें, जिन्हें जमानत बांड न भरने के कारण रिहा नहीं किया गया।जब यह पता चला कि 27 विचाराधीन कैदियों को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सका,...
आपके मुवक्किल की वजह से ज़्यादातर उधारकर्ताओं को LOC का सामना करना पड़ रहा: आर्थिक अपराधी अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने विजय माल्या के वकील से कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि पूर्व शराब कारोबारी विजय माल्या देश में कई उधारकर्ताओं के खिलाफ़ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी करने का पहला कारण बन गए हैं।जस्टिस कल्पना श्रीराम और जस्टिस जितेंद्र जैन की खंडपीठ ने यह टिप्पणी माल्या द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की जिसमें भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम 2018 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई। याचिका में मुंबई की विशेष अदालत के 5 जनवरी 2019 के आदेश को भी चुनौती दी गई, जिसके तहत माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया।भूमि प्रबंधन में...
यदि व्यावसायिक परिसर में किए गए सर्वेक्षण के दौरान अतिरिक्त स्टॉक पाया जाता है तो GST Act की धारा 130 के तहत कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
दिनेश कुमार प्रदीप कुमार बनाम अपर आयुक्त के मामले में निर्णय का हवाला देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोहराया कि यदि निर्माता के व्यावसायिक परिसर में अतिरिक्त स्टॉक पाया जाता है तो भी UPGST Act की धारा 130 के तहत कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती।UPGST Act की धारा 130 के अनुसार सरकार निर्दिष्ट राशि से अधिक मूल्य के माल की किसी भी खेप को ले जाने वाले वाहन के प्रभारी व्यक्ति से ऐसे दस्तावेज और ऐसे उपकरण ले जाने की मांग कर सकती है जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है। यह प्रावधान माल या वाहन की जब्ती और...
मुंबई केवल गगनचुंबी इमारतों के साथ कंक्रीट का जंगल नहीं बन सकता: हाईकोर्ट ने खुले हरे-भरे स्थानों के साथ झुग्गी-झोपड़ी मुक्त शहर बनाने का आह्वान किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार और अन्य अधिकारियों से मुंबई को झुग्गी-झोपड़ी मुक्त शहर बनाने के लिए दृष्टिकोण रखने को कहा, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय' शहर है और डेवलपर्स के हाथों झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की है।कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि आने वाली पीढ़ियों में शहर के कंक्रीट जंगल में केवल गगनचुंबी इमारतें नहीं हो सकतीं। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में खुले और हरे-भरे स्थान भी होने चाहिए। हाईकोर्ट ने आगे कहा कि शहर में भूमि प्रबंधन उचित हाथों में...
S.7(1) Immoral Trafficking (Prevention) Act | वेश्यावृत्ति करने वाले व्यक्ति और ग्राहक बनने वाले दोनों ही जिम्मेदार: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ऐसे व्यक्ति के खिलाफ अनैतिक तस्करी रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज की गई एफआईआर रद्द करने से इनकार किया, जो कथित तौर पर वेश्यावृत्ति चलाने वाले स्पा में महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पाया गया था।जस्टिस निधि गुप्ता ने कहा,"यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि याचिकाकर्ता के खिलाफ उपरोक्त आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। अनैतिक तस्करी (रोकथाम) अधिनियम 1956 की धारा 7(1) प्रावधानों को पढ़ने से ही यह स्पष्ट हो जाता है कि वेश्यावृत्ति करने वाला व्यक्ति और जिसके साथ वेश्यावृत्ति की...
कोलकाता अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के बलात्कार-हत्या मामले में PUCL ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL) ने कोलकाता में आरजी कर कॉलेज और अस्पताल परिसर में सेकेंड ईयर की पीजी मेडिकल स्टूडेंट के साथ क्रूर बलात्कार और हत्या की घटना को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।वकील झूमा सेन द्वारा दायर याचिका में क्रूर बलात्कार और हत्या की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई और ऑरेलियानो फर्नांडीस बनाम गोवा राज्य और अन्य में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 (POSH Act) के...
दिल्ली हाईकोर्ट ने अमित मालवीय के खिलाफ यौन दुराचार का आरोप लगाने वाले SP मीडिया सेल का ट्वीट हटाने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (SP) के मीडिया सेल द्वारा एक्स कॉर्प (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किए गए ट्वीट को हटाने का आदेश दिया, जिसमें BJP IT सेल के प्रमुख अमित मालवीय पर यौन दुराचार का आरोप लगाया गया था।यह आदेश जस्टिस विकास महाजन ने पारित किया।मालवीय का प्रतिनिधित्व सीनियर एडवोकेट अरविंद नायर ने किया, जिन्होंने विवादित सामग्री को हटाने का निर्देश देने वाले अंतरिम आदेश के लिए दबाव डाला।यह मुकदमा एडवोकेट सुरजेंदु शंकर दास के माध्यम से दायर किया गया।यह विवाद पिछले महीने अयोध्या...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कुश्ती महासंघ के कामकाज को चलाने के लिए IOA द्वारा नियुक्त एड- हॉक समिति बहाल की
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की सभी गतिविधियों और प्रबंधन की देखरेख और उसे अपने हाथ में लेने के लिए पिछले साल 27 दिसंबर को भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) द्वारा नियुक्त एड- हॉक समिति के अधिकार क्षेत्र को बहाल कर दिया।फरवरी में यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग द्वारा WFI पर प्रतिबंध हटाए जाने के बाद IOA ने 18 मार्च को एड–हॉक समिति को भंग कर दिया था।जस्टिस सचिन दत्ता ने कहा कि एड–हॉक समिति भंग करना अनुचित था।हालांकि न्यायालय ने कहा कि IOA को एड- हॉक समिति का पुनर्गठन करने की छूट होगी,...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुरान की आयतों वाला तिरंगा लेकर चलने के आरोपी 6 मुस्लिम पुरुषों को राहत देने से किया इनकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में 6 मुस्लिम पुरुषों के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने से इनकार किया। उन पर कथित तौर पर धार्मिक जुलूस में अपने हाथों में तिरंगा लेकर चलने का आरोप लगाया था, जिस पर कुरान की आयतें (आयत और कलमा) लिखी थीं।जस्टिस विनोद दिवाकर की पीठ ने प्रथम दृष्टया टिप्पणी करते हुए कहा कि आवेदकों का कृत्य भारतीय ध्वज संहिता, 2002 के तहत दंडनीय है। आवेदकों द्वारा राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम 1971 की धारा 2 का उल्लंघन किया गया।इस बात पर जोर देते हुए कि भारत...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 2017 के शुल्क विनियमन नियमों का उल्लंघन करते हुए कथित रूप से अत्यधिक फीस वसूले जाने के आदेश वाले प्राइवेट स्कूलों को अंतरिम राहत प्रदान की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर ने हाल ही में एक निर्णय में शैक्षणिक वर्ष 2017-18 से प्राइवेट स्कूलों द्वारा एकत्रित स्कूल फीस की वापसी के आदेश पर अंतरिम रोक लगाई।यह मामला सेंट एलॉयसियस सीनियर सेकेंडरी स्कूल की अपील से संबंधित है, जिसमें जिला अधिकारियों के उन आदेशों को चुनौती दी गई। इसमें उन्हें मध्य प्रदेश प्राइवेट स्कूलों (फीस तथा संबंध विषयों का विनियमन) अधिनियम, 2017 (अधिनियम) के तहत अनुमेय सीमा से अधिक वसूले गए फीस को वापस करने का निर्देश दिया गया।जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ ने...
अनुचित, दागी जांच: राजस्थान हाईकोर्ट ने 22 वर्षीय युवक की हत्या का मामला CBI को सौंपा
बाजरी (रेत) माफिया से जुड़े हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने यह देखते हुए मामला CBI को सौंप दिया कि राज्य पुलिस और CID द्वारा की गई जांच इतनी "अनुचित, दागी और अधूरी" थी कि इसने न्यायालय की "न्यायिक अंतरात्मा को झकझोर दिया।"जस्टिस समीर जैन की एकल पीठ आईपीसी और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) के विभिन्न प्रावधानों के तहत दर्ज मामले में दो व्यक्तियों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह मामला "हाशिये पर पड़े एससी/एसटी समुदाय" से...
एक महिला द्वारा दूसरी महिला के साथ कथित यौन उत्पीड़न पर आईपीसी की धारा 354ए लागू नहीं होती: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने आईपीसी की धारा 354ए के तहत महिला द्वारा अपनी ननद और सास द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शुरू की गई कार्यवाही रद्द कर दी।वास्तविक शिकायतकर्ता की ननद (तीसरी आरोपी) और सास (चौथी आरोपी) ने आईपीसी की धारा 498ए, 354ए और 34 के तहत उनके खिलाफ लगाए गए अपराधों को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने फैसला सुनाया कि जब विधायिका ने आईपीसी की धारा 354ए के तहत 'कोई भी व्यक्ति' के बजाय 'कोई भी पुरुष' शब्द का इस्तेमाल किया तो महिलाओं द्वारा किए गए...




















