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सांसद पप्पू यादव की सुरक्षा का मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से PSO देने को कहा
दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह सांसद पप्पू यादव को बिना किसी देरी के एक अतिरिक्त पर्सनल सिक्योरिटी ऑफ़िसर (PSO) दें।जस्टिस मनोज जैन ने कहा कि यह अस्थायी इंतज़ाम तब तक लागू रहेगा, जब तक केंद्र सरकार ज़्यादा सुरक्षा कवर के लिए यादव की अर्ज़ी पर फ़ैसला नहीं ले लेती।बता दें, बिहार के पूर्णिया निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सांसद यादव ने दावा किया था कि NEET पेपर लीक विवाद और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ख़िलाफ़ संसद में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद...

NEET-UG 2026: दिल्ली हाईकोर्ट ने बायोलॉजी के सवाल के लिए NTA की फ़ाइनल आंसर की में दखल देने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को NEET-UG परीक्षा, 2026 की फ़ाइनल आंसर की में दखल देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि जब तक जवाब साफ़ तौर पर गलत न हो, तब तक कोर्ट विषय के विशेषज्ञों के आकलन की जगह अपना आकलन नहीं रख सकता।जस्टिस जसमीत सिंह ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपने जवाब में बताया कि सभी उम्मीदवारों से प्रोविज़नल आंसर की में दिए गए जवाबों के बारे में जो आपत्तियां मिली थीं, उन्हें विचार और समाधान के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख संस्थानों के जाने-माने विषय विशेषज्ञों के एक पैनल के...

याचिकाओं में फ़ॉन्ट, स्पेसिंग और मार्जिन के लिए क्या नियम हैं? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल से रिपोर्ट मांगी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन नियमों या निर्देशों का विवरण मांगा, (यदि कोई हों) जो कोर्ट में पेश की जाने वाली याचिका का मसौदा तैयार करते समय टाइपिंग फ़ॉन्ट, स्पेसिंग, संकेतों और मार्जिन के इस्तेमाल को नियंत्रित करते हैं।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने एक याचिका पर शुरुआती आपत्ति जताने के बाद यह विवरण मांगा, जिसके 'रिलीफ क्लॉज़' (राहत की मांग वाले हिस्से) को इटैलिक फ़ॉन्ट में लिखा गया। कोर्ट ने पाया कि कोर्ट के नियमों और चीफ जस्टिस के आदेशों के तहत इस तरह की फ़ॉर्मेटिंग की अनुमति...

Fair Compensation Act | राज्य सरकार के पास कानूनी अधिकार के बिना ज़मीन अधिग्रहण रद्द होने पर DM के अर्ध-न्यायिक आदेश पर रोक लगाने की शक्ति नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि 'उचित मुआवज़ा और पारदर्शिता का अधिकार, पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013' की धारा 24 के तहत अधिग्रहण के रद्द होने (lapse) के दावे पर ज़िला मजिस्ट्रेट (DM) का फ़ैसला अर्ध-न्यायिक प्रकृति का होता है, और राज्य सरकार किसी कार्यकारी आदेश से उस पर रोक नहीं लगा सकती या उसे रद्द नहीं कर सकती। कोर्ट ने कहा कि धारा 24 राज्य सरकार को समीक्षा (review) की कोई शक्ति नहीं देती है।जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस कुणाल रवि सिंह की बेंच ने कहा,"एक बार ऐसा अर्ध-न्यायिक आदेश...

'गोद लिए गए दामाद' का कोई कानूनी दर्जा नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने अनुकंपा आधार पर नौकरी की अर्ज़ी खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि गोद लेने से केवल गोद लेने वाले माता-पिता और गोद लिए गए बेटे या बेटी के बीच कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त रिश्ता बनता है, और "गोद लिए गए दामाद" जैसी कोई कानूनी श्रेणी नहीं है।एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने एक व्यक्ति की विशेष अपील खारिज की। उसने अपने ससुर द्वारा बनाए गए गोद लेने के दस्तावेज़ (एडॉप्शन डीड) के आधार पर सहानुभूति के आधार पर नौकरी की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि "गोद लिए गए दामाद" का दर्जा बनाने वाला गोद लेने का...

अमेरिकी कोर्ट ने गौतम अडानी के खिलाफ खारिज किया आपराधिक मामला
अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा रिश्वत और धोखाधड़ी के आरोपों पर मुकदमा वापस लेने के फैसले के बाद एक अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने भारतीय अरबपति गौतम अडानी के खिलाफ आपराधिक मामला खारिज कर दिया है। हालांकि, रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जज ने उस तरीके पर चिंता जताई जिससे जस्टिस डिपार्टमेंट ने मामला छोड़ने का फैसला किया।ब्रुकलिन में अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज निकोलस गैराफिस ने सोमवार को फेडरल प्रॉसिक्यूटर की आरोप खारिज करने की अपील को मंजूरी दी। यह फैसला तब आया, जब जज ने जस्टिस डिपार्टमेंट से इस...

दिल्ली हाईकोर्ट ने सागर धनखड़ मर्डर केस में ओलंपियन रेसलर सुशील कुमार की ज़मानत याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने मई 2021 में 27 साल के पूर्व जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियन सागर धनखड़ की हत्या के मामले में ज़मानत के लिए ओलंपिक रेसलर सुशील कुमार की याचिका खारिज की।जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई छूट के दायरे में या रेगुलर ज़मानत देने के लिए परिस्थितियों में कोई वास्तविक बदलाव नहीं आया।कुमार को दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में धनखड़ की हत्या के मामले में मई 2021 में गिरफ्तार किया गया।बता दें, पिछले साल मार्च में दिल्ली हाई कोर्ट ने कुमार को रेगुलर ज़मानत दी थी।...

गुज़ारा-भत्ता न देने से पत्नी का जीवन बदहाल हो जाता है, जो आर्टिकल 21 के तहत सम्मान के साथ जीने के अधिकार का उल्लंघन है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते कहा कि गुज़ारा-भत्ता न देने से पत्नी की हालत बदतर हो जाती है, जो आर्टिकल 21 के तहत मिली संवैधानिक गारंटी का उल्लंघन है। इस गारंटी में सम्मान के साथ जीने का अधिकार भी शामिल है।कोर्ट ने आगे कहा कि गुज़ारा-भत्ता यह पक्का करता है कि पत्नी को तंगहाली या बदहाली की ज़िंदगी जीने के लिए मजबूर न होना पड़े, क्योंकि ऐसी स्थिति आर्टिकल 21 के तहत मिले सम्मान के अधिकार के ख़िलाफ़ होगी।जस्टिस अचल सचदेव की बेंच ने ये बातें तब कहीं जब वे पति की एक क्रिमिनल रिविज़न याचिका को खारिज...

'मुकदमेबाज़ सुनवाई टलवाते हैं, फिर सोशल मीडिया पर कोर्ट की देरी की आलोचना करते हैं': इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उन मुकदमेबाज़ों की आलोचना की, जो कोर्ट की कार्यवाही में सुनवाई टलवाने की मांग करते हैं और बाद में देरी के लिए सोशल मीडिया पर कोर्ट की आलोचना करते हैं।जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की बेंच ने कहा,"कम से कम इस राज्य की अदालतों में हर दूसरे मामले की यही कहानी है, जहाँ मुकदमेबाज़ बिना किसी झिझक के सुनवाई टलवाते हैं और तुरंत बाद सोशल मीडिया साइटों पर बैठकर देरी के लिए कोर्ट की आलोचना करते हैं। न्यायिक प्रक्रिया में ज़्यादातर देरी उन मुकदमेबाज़ों की वजह से...

मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के विरोध में जमीयत-ए-उलेमा की रैली को मंज़ूरी दी, हाईकोर्ट ने कहा- लोगों की संख्या 750 रहेगी
कलकत्ता हाई कोर्ट ने सोमवार को जमीयत-ए-उलेमा को कोलकाता में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के विरोध में एक विरोध रैली करने की इजाज़त दी।जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने 11 अगस्त को सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच राजाबाज़ार से मौलाली तक रैली करने की इजाज़त दी। हालांकि, कोर्ट ने इसमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या 750 तक सीमित की।कोलकाता पुलिस द्वारा रैली की इजाज़त न दिए जाने के बाद जमीयत-ए-उलेमा ने कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था। संगठन ने अपने राष्ट्रीय सचिव के ज़रिए 3 अगस्त को पुलिस से 11 अगस्त को...

पुरुष की पहले से शादीशुदा होने की बात छिपाकर अंतरिम सुरक्षा हासिल की: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जोड़े पर लगाया ₹1 लाख का जुर्माना
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने पिछले हफ़्ते एक जोड़े पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने पाया कि उन्होंने यह बात छिपाई थी कि पुरुष पहले से शादीशुदा था, ताकि पुलिस की प्रताड़ना और ज़बरदस्ती की कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा मिल सके।उनकी याचिका खारिज करते हुए जस्टिस रजनीश कुमार और जस्टिस बबीता रानी की बेंच ने कहा कि जोड़े ने झूठा हलफनामा देकर और ज़रूरी जानकारी छिपाकर कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने "तथ्य छिपाकर और कोर्ट के साथ धोखाधड़ी करके" पहले अंतरिम सुरक्षा भी हासिल कर ली थी।संक्षेप में...

'ट्रायल कोर्ट की लापरवाही': किसी दूसरे केस से जुड़ी थी FSL रिपोर्ट, एमपी हाईकोर्ट ने रद्द की 2009 की हत्या की सज़ा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 2009 में हत्या के दोषी ठहराए गए दो लोगों को बरी किया। कोर्ट ने पाया कि ट्रायल कोर्ट ने जिस FSL रिपोर्ट पर भरोसा किया था, वह किसी दूसरे केस से जुड़ी थी। कोर्ट ने इस दस्तावेज़ पर भरोसा करने में ट्रायल कोर्ट की लापरवाही पर हैरानी जताई। [2026 LiveLaw (MP) 320]सबूतों की मेरिट के आधार पर जांच करते हुए जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की डिवीज़न बेंच ने आगे कहा कि इस बात पर एक अहम विवाद था कि क्या FIR दर्ज होने के समय मृतक जीवित था या क्या कुछ पुलिस अधिकारियों...

इस्लाम अपनाने के बाद पिता ने गैर-कानूनी रूप से कैद की 2 बहनें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया ₹25 लाख का मुआवज़ा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते दो बालिग बहनों के पिता और उत्तर प्रदेश सरकार को संयुक्त रूप से ₹25 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश दिया। कोर्ट ने माना कि हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने के फ़ैसले के बाद महिलाओं को उनके पैतृक घर में गैर-कानूनी रूप से कैद करके रखा गया था।जस्टिस संदीप जैन की बेंच ने दिया भाटिया उर्फ़ ज़ोया दिया भाटिया (20) और अंशु भाटिया उर्फ़ अमीना अंशु भाटिया (35) से जुड़ी 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका को मंज़ूरी देते हुए यह आदेश पारित किया।यह आदेश तब दिया गया, जब...

गन लाइसेंस पाना मौलिक अधिकार नहीं, नौकरी की ज़रूरत से लाइसेंस रिन्यूअल का हक नहीं मिलता: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा कि गन लाइसेंस पाने या उसे रिन्यू कराने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है। कोर्ट ने माना कि आर्म्स एक्ट, 1959 के तहत लाइसेंस मिलना सिर्फ़ एक कानूनी सुविधा है।जस्टिस संजय कुमार मेधी की सिंगल बेंच ने तीन लोगों की याचिका खारिज करते हुए यह बात कही। इन लोगों का दावा था कि गन लाइसेंस की मियाद खत्म होने से वे बेरोजगार हो गए, क्योंकि उनके काम के लिए लाइसेंस की ज़रूरत थी।याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वे पहले नागालैंड और असम के बाहर दूसरी जगहों पर प्राइवेट कंपनियों में काम करते थे और गन...

Wrestlers' Molestation Case | शिकायतकर्ता सालों तक चुप रहीं, बृजभूषण से अच्छे संबंध रखें; बयानों में विरोधाभास: कोर्ट
दिल्ली कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ के आरोपों से जुड़े मामले में बीजेपी नेता और रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया। कोर्ट ने उनके लंबे समय तक चुप रहने, आरोपी के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने और बयानों में विरोधाभास को ऐसे हालात माना, जिनसे अभियोजन पक्ष के मामले पर उचित संदेह पैदा होता है।राउज एवेन्यू कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसी कई तस्वीरें थीं, जिनसे पता चलता है कि...

बिना बहस लोकसभा में पारित हुआ ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल, 2026
विपक्ष के सांसदों के कई मुद्दों पर भारी विरोध के बीच लोकसभा ने सोमवार को ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल, 2026 को बिना किसी बहस के पास किया।बिल पेश करने वाले केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि संबंधित मूल कानूनों के तहत किसी भी ट्रिब्यूनल के अधिकार क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इस बिल का मकसद नियुक्तियों, ट्रिब्यूनल की आज़ादी और पारदर्शिता को मज़बूत करना है।इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।इस बिल में ट्रिब्यूनल की नियुक्ति,...

20 साल तक बाकी रकम जमा न करने के बाद प्रॉपर्टी खरीदने वाला सेल डीड लागू करने की मांग नहीं कर सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि प्रॉपर्टी खरीदने वाला व्यक्ति 20 साल तक बिक्री की बाकी रकम जमा न करने के बाद सेल डीड को लागू करने की मांग नहीं कर सकता।ऐसा करते हुए कोर्ट ने उस खरीदार को बाकी रकम जमा करने के लिए समय देने वाला आदेश रद्द किया, जिसके पक्ष में 'स्पेसिफिक परफॉर्मेंस' (अनुबंध का पालन) का मुकदमा तय हुआ था। कोर्ट ने देखा कि उसने बकाया रकम जमा करने के लिए समय बढ़ाने की अर्जी देने में 20 साल का इंतज़ार किया।राम लाल बनाम जरनैल सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए जस्टिस रोहित...

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित सदस्य को डबल मर्डर केस में 4 साल जेल में रहने के बाद हाईकोर्ट से मिली ज़मानत
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित सदस्य को डबल मर्डर केस में रेगुलर ज़मानत दी। कोर्ट ने कहा कि उस पर जो आरोप हैं - जैसे हथियार का इंतज़ाम करना और हमलावरों को पनाह देना - वे IPC की धारा 302 के तहत अपराध को सीधे अंजाम देने से अलग और दूर की बात हैं। [2026 LL (PH) 263]कोर्ट ने कहा कि उसके खिलाफ़ मामला एक सह-आरोपी के बयान पर आधारित है।जस्टिस मनीषा बत्रा ने देखा कि याचिकाकर्ता पहले ही लगभग चार साल और चार महीने जेल में बिता चुका है, जबकि अभियोजन पक्ष के 91 गवाहों में से केवल 38...

मजिस्ट्रेट कस्टडी में हुई मौत के लिए ज़िम्मेदार लोगों का नाम बता सकते हैं, CrPC की धारा 176(1A) के तहत FIR दर्ज करने का निर्देश दे सकते हैं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि कस्टडी में हुई मौत की जांच CrPC की धारा 176(1A) के तहत करने वाले ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट का काम सिर्फ़ मौत का कारण पता करना ही नहीं है, बल्कि वे उन लोगों की पहचान करने के लिए भी अधिकृत हैं, जो पहली नज़र में कस्टडी में हुई मौत के लिए ज़िम्मेदार हैं और उनके ख़िलाफ़ FIR दर्ज करने का निर्देश भी दे सकते हैं। [2026 LiveLaw (MP) 319]जस्टिस जय कुमार पिल्लई ने धार ज़िला जेल के सुपरिटेंडेंट और डॉक्टरों की एक टीम द्वारा दायर रिट याचिकाओं को खारिज करते हुए ये टिप्पणियां कीं। इन...

किसी खास समय के लिए खराब रिकॉर्ड होने पर भी बाद की बेदाग़ सर्विस के आधार पर सिलेक्शन ग्रेड मिल सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ़ खराब रिकॉर्ड (एडवर्स एंट्री) किसी खास समय तक ही सीमित है तो उस समय के बाद की गई सर्विस को सिलेक्शन ग्रेड देने के लिए ज़रूरी 10 साल की संतोषजनक सर्विस में गिना जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि रिटायरमेंट के ठीक अगले दिन मिलने वाला सिलेक्शन ग्रेड भी उसे पाने का हक है।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की बेंच ने कहा,“04.12.2004 के आदेश के अनुसार खराब टिप्पणी 1977 से 1994-95 तक के खास समय के लिए थी, जिसका मतलब है कि 01.07.1995 से...
