मुख्य सुर्खियां
हैबियस कॉर्पस का इस्तेमाल पति को पेश कराने के लिए नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि मेंटेनेंस (भरण-पोषण) के मामले में वारंट से बच रहे पति को कोर्ट में पेश कराने के लिए हैबियस कॉर्पस याचिका का उपयोग नहीं किया जा सकता।जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में संबंधित फैमिली कोर्ट को ही आवश्यक कठोर (coercive) कदम उठाने का अधिकार है।मामला क्या था?आजमगढ़ की फैमिली कोर्ट ने जनवरी 2021 में पति को पत्नी और बेटी को भरण-पोषण देने का आदेश दिया था। लेकिन पति भुगतान से बच रहा था और उसके खिलाफ वारंट जारी होने के...
चुनावी कार्य में लगे अधिकारी का बिना अनुमति ट्रांसफर अवैध: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में लगे अधिकारी का Election Commission of India की पूर्व अनुमति के बिना किया गया तबादला अवैध और मनमाना है।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की पीठ ने कहा कि Representation of the People Act, 1950 की धारा 13CC के तहत चुनावी कार्य में लगे अधिकारी उस अवधि में चुनाव आयोग के नियंत्रण में होते हैं, इसलिए उनका ट्रांसफर बिना अनुमति नहीं किया जा सकता।क्या था...
शराब नीति मामले से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने के लिए फिर से हाईकोर्ट पहुंचे अरविंद केजरीवाल
आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट में नई अर्जी दाखिल की। इस अर्जी में उन्होंने मांग की कि कथित शराब नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में उनकी रिहाई को चुनौती देने वाली सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की याचिका पर सुनवाई से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटा दिया जाए।इस अर्जी पर जस्टिस शर्मा द्वारा सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है। CBI द्वारा दाखिल मुख्य याचिका भी जज के सामने आइटम नंबर 50 पर लिस्टेड है।खास बात यह है कि यह अर्जी केजरीवाल ने खुद दाखिल...
यूपी ज़मींदारी उन्मूलन अधिनियम की धारा 122-B (4-F) की शर्तें पूरी होने पर भी भूमिधर का दर्जा नहीं बदला जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिर से दोहराया कि अगर यूपी ज़मींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम की धारा 122-B (4-F) के तहत दी गई शर्तें पूरी होती हैं तो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति (जैसा भी मामला हो) से संबंधित मज़दूर को उस ज़मीन का भूमिधर माना जाएगा, और किसी भी अधिकारी द्वारा इस भूमिधरी की समीक्षा नहीं की जा सकती।यूपी ज़मींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम की धारा 122-B(4-F) में यह प्रावधान है कि जहां कोई भी कृषि मज़दूर, जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से संबंधित है, 13.05.2007 से पहले से ही...
दीवानी मामलों के लिए पुलिस के पास जाने की प्रवृत्ति कानून के शासन को कमज़ोर करती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'दिखावटी' FIRs की कड़ी आलोचना की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में इस बात को 'परेशान करने वाला' बताया कि जनता दीवानी मामलों के समाधान के लिए पुलिस और कलेक्टरों के पास जाती है, क्योंकि यह प्रवृत्ति कानून के शासन की बुनियाद को कमज़ोर करती है। ऐसे मामलों में समाधान के लिए उन गैर-कानूनी एजेंसियों को बढ़ावा देती है, जिनका उन मामलों पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं होता।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने दलजीत सिंह और एक अन्य व्यक्ति द्वारा दायर एक आपराधिक रिट याचिका की सुनवाई करते हुए ये टिप्पणियां कीं।उनकी याचिका में...
जज की कुर्सी पर बैठकर गाना बजाते हुए दिया पोज़: राजस्थान हाईकोर्ट ने वायरल वीडियो पर भेजा अवमानना का नोटिस, कहा- कोर्टरूम या क्लब?
राजस्थान हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो का कड़ा संज्ञान लिया। इस वीडियो में बीकानेर के एक ग्राम न्यायालय के अंदर दो लोग जज की कुर्सी पर बैठे हुए और गाने बजाते हुए दिखाई दे रहे हैं।जस्टिस संदीप शाह की बेंच ने तीन लोगों के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए नोटिस जारी किया।यह मामला तब सामने आया, जब बीकानेर के ग्राम न्यायालय के जज ने हाईकोर्ट को औपचारिक पत्र (10 मार्च, 2026 का) भेजा।इस पत्र में हाईकोर्ट को बताया गया कि जब स्थानीय अदालत बंद थी, तब दो लोग तीसरे...
CPF विकल्प चुनने के बाद CCS नियमों के तहत पेंशन का दावा करने के लिए इसे बदला नहीं जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
जस्टिस संजीव नरूला की अध्यक्षता वाली दिल्ली हाईकोर्ट की बेंच ने फैसला सुनाया कि कोई भी कर्मचारी जिसने CPF योजना के तहत बने रहने का विकल्प चुना है, वह बाद में CCS पेंशन नियमों के तहत पेंशन लाभों का दावा नहीं कर सकता, क्योंकि 'मानित रूपांतरण' (Deemed Conversion) केवल वहीं लागू होता है जहाँ कोई विकल्प नहीं चुना गया।पृष्ठभूमि के तथ्ययाचिकाकर्ता एक्सपोर्ट इंस्पेक्शन काउंसिल (EIC) और एक्सपोर्ट इंस्पेक्शन एजेंसियों (EIAs) के पूर्व कर्मचारियों का एक समूह हैं। उन्होंने केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम,...
पदोन्नति के लिए कर्मचारियों से सीधे संवाद की जगह सार्वजनिक विज्ञापन नहीं ले सकता: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट की चीफ़ जस्टिस एम. एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की डिवीज़न बेंच ने यह फ़ैसला दिया कि विभागीय ज़रूरतों के लिए कर्मचारियों से सीधे संवाद की जगह सार्वजनिक विज्ञापन नहीं ले सकते, और बिना उचित सूचना के योग्य कर्मचारियों को पदोन्नति से वंचित करना मनमाना है। आगे यह भी कहा गया कि प्रभावित कर्मचारी उस तारीख से पिछली तारीख से पदोन्नति के हकदार हैं, जिस तारीख को उनके जूनियर कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई।पृष्ठभूमि के तथ्यये कर्मचारी झारखंड सरकार के सड़क निर्माण विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर...
BSF के कॉम्बैट पदों पर तैनात जवान 57 साल की उम्र में रिटायर होंगे, 60 साल की सिविलियन रिटायरमेंट उम्र का दावा नहीं कर सकते - दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस अनिल क्षेतर्पाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीज़न बेंच ने फैसला सुनाया कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) में किसी कॉम्बैट पद पर दोबारा नियुक्त किया गया कोई पूर्व सैनिक, जो उस कॉम्बैट कैडर के लाभों का आनंद लेता है, BSF की 57 साल की वैधानिक रिटायरमेंट उम्र के अधीन होगा, न कि सिविलियन पदों पर लागू 60 साल की रिटायरमेंट उम्र के।पृष्ठभूमि के तथ्यप्रतिवादी को 31 अगस्त, 1990 को भारतीय वायु सेना से सेवामुक्त कर दिया गया। इसके बाद 13 दिसंबर, 1991 को उसे BSF की एयर विंग में सब-इंस्पेक्टर...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (30 मार्च, 2026 से 03 अप्रैल, 2026) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।पार्टियां सिंगल जज के सामने यह मान लेने के बाद कि मामला किसी बाध्यकारी मिसाल के दायरे में आता है, इंट्रा-कोर्ट अपील में उन मुद्दों को दोबारा नहीं उठा सकतीं: पटना हाईकोर्ट पटना हाईकोर्ट ने यह फैसला दिया कि एक बार जब पार्टियाँ सिंगल जज के सामने यह मान लेती हैं कि कोई मुद्दा किसी बाध्यकारी मिसाल से पहले...
एपस्टीन फाइल्स केस: हरदीप पुरी की बेटी के मानहानि केस में रोक के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा एक्टिविस्ट
रायपुर के सोशल एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला ने दिल्ली हाईकोर्ट में रोक लगाने वाले आदेश को चुनौती दी। इस आदेश में उन्हें और कई अन्य लोगों को उन पोस्ट को हटाने का निर्देश दिया गया, जिनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी हिमायनी पुरी को अमेरिकी फाइनेंसर और बच्चों के यौन शोषण के दोषी जेफरी एपस्टीन से जोड़ा गया।इस मामले की सुनवाई सोमवार को जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की डिवीज़न बेंच करेगी।इसे "मुकदमे से पहले का एकतरफ़ा रोक आदेश" बताते हुए शुक्ला ने अपनी अपील में कहा कि उन्होंने जो जानकारी...
S. 35 BNSS | पेशी का नोटिस फिजिकली ही दिया जाना चाहिए, WhatsApp या ईमेल मान्य तरीके नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में यह टिप्पणी की कि धारा 35(3) पुलिस को यह अधिकार नहीं देती कि वह WhatsApp या ईमेल के ज़रिए गिरफ्तारी से पहले का नोटिस या FIR की कॉपी भेजे। कोर्ट ने साफ किया कि गिरफ्तारी से पहले के चरण में नोटिस को फिजिकली (व्यक्तिगत रूप से) देना अनिवार्य है, जैसा कि विधायिका का इरादा था।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की सिंगल बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर भरोसा करते हुए यह माना कि BNSS की धारा 35 [CrPC की धारा 41A] के तहत नोटिस का इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजा जाना अमान्य है, जैसा कि...
NBW पर IO को सस्पेंड करना भारी पड़ा: हाईकोर्ट ने बस्ती SP को दी अवमानना की चेतावनी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बस्ती के पुलिस अधीक्षक द्वारा एक जांच अधिकारी को निलंबित किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे प्रथम दृष्टया अदालत की अवमानना करार दिया।बता दें, यह मामला उस समय सामने आया, जब जांच अधिकारी ने आरोपियों की पेशी सुनिश्चित कराने के लिए गैर-जमानती वारंट प्राप्त किया था।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने कहा कि एसपी द्वारा जारी निलंबन आदेश अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-2, बस्ती के आदेश की अवहेलना जैसा प्रतीत होता है। मजिस्ट्रेट ने जांच अधिकारी के आवेदन पर...
LPG सिलेंडर कालाबाजारी मामला: दिल्ली कोर्ट ने अग्रिम जमानत ठुकराई, बढ़ती कीमतों के बीच अपराध को बताया गंभीर
दिल्ली कोर्ट ने LPG सिलेंडरों की कथित अवैध खरीद-फरोख्त और कालाबाजारी के मामले में आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया।अदालत ने कहा कि बढ़ती कीमतों और आम लोगों की बढ़ती निर्भरता के दौर में ऐसे अपराध और भी गंभीर हो जाते हैं।साकेत कोर्ट के एडिशनल सेशन जज विनोद कुमार गौतम ने आरोपी मुकेश कुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया। आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज है।अभियोजन के अनुसार, मामला LPG...
पीएम के खिलाफ कथित अपशब्द कहने पर हिमाचल कांग्रेस नेता के खिलाफ दर्ज FIR रद्द
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चुनावी रैली में प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में कांग्रेस नेता के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की। अदालत ने स्पष्ट कहा कि केवल अपशब्दों के इस्तेमाल से यह साबित नहीं होता कि आरोपी ने समाज के विभिन्न वर्गों के बीच वैमनस्य या नफरत फैलाने की कोशिश की।जस्टिस संदीप शर्मा ने अपने फैसले में कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई आरोप नहीं है, जिससे यह साबित हो कि याचिकाकर्ता ने प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए धर्म, जाति, समुदाय...
30 जून को रिटायरमेंट, 1 जुलाई के सालाना इंक्रीमेंट में रुकावट नहीं- दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीज़न बेंच ने फैसला सुनाया कि 30 जून को रिटायर होने वाला सरकारी कर्मचारी 1 जुलाई को मिलने वाले इंक्रीमेंट का हकदार है, क्योंकि यह इंक्रीमेंट रिटायरमेंट से पहले पूरी की गई सेवा के साल के लिए अर्जित किया जाता है। इसे सिर्फ इसलिए नकारा नहीं जा सकता कि यह रिटायरमेंट के बाद देय होता है।पृष्ठभूमि के तथ्यकर्मचारी (प्रतिवादी) नॉर्दर्न रेलवे, नई दिल्ली में A.F.A. के तौर पर काम कर रहा था। वह 30 जून 2021 को सेवा से रिटायर हो गया। उसका सालाना...
बालीग बेटों की कमाने की क्षमता पत्नी के 'स्वतंत्र' और स्थायी गुज़ारा भत्ता के अधिकार को खत्म नहीं करती: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में यह टिप्पणी की कि तलाकशुदा पत्नी का स्थायी गुज़ारा भत्ता पाने का अधिकार एक 'स्वतंत्र' और 'अलग' अधिकार है, जिसे सिर्फ़ इसलिए कम या खत्म नहीं किया जा सकता कि उसके बेटे बालीग हैं और कमाते हैं।यह साफ़ करते हुए कि ये बातें ज़्यादा से ज़्यादा गुज़ारा भत्ते की रकम पर असर डाल सकती हैं, लेकिन पत्नी के बुनियादी अधिकार को खत्म नहीं कर सकतीं, कोर्ट ने कहा:"...बेटों का बालीग होना और उनकी कमाने की क्षमता, भले ही कानूनी तौर पर मायने रखती हो, लेकिन हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 25...
हरियाणा में कोर्ट की अनुमति के बिना पेड़ काटने पर हाईकोर्ट ने लगाई अस्थायी रोक
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अधिकारियों द्वारा ज़ीरकपुर-पंचकूला बाईपास के लिए काटे जाने वाले पेड़ों के बदले वनीकरण के लिए ज़मीन की उपलब्धता के बारे में कोर्ट के सवाल का जवाब न देने पर नाराज़गी ज़ाहिर की। कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों की निष्क्रियता से पता चलता है कि वे पर्यावरण संबंधी चिंताओं को लेकर गंभीर नहीं हैं और इस पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने की ज़रूरत है।चीफ़ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की डिवीज़न बेंच ज़ीरकपुर-पंचकूला बाईपास के निर्माण के लिए लगभग 5000 पेड़ों को काटे जाने के...
पंजाब सीएम की तस्वीरें इस्तेमाल करने पर AAP ने की कॉपीराइट स्ट्राइक, हाईकोर्ट पहुंचा पत्रकार, नोटिस जारी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुवार (2 अप्रैल) को पत्रकार की याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में पत्रकार ने अपने Facebook पेजों के खिलाफ की गई कार्रवाई और अपने अकाउंट पर लगाए गए कॉपीराइट स्ट्राइक को चुनौती दी। आरोप है कि पत्रकार ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीरें या उनसे जुड़ी खबरें इस्तेमाल की थीं।ऐसा करते हुए कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता रत्तंदीप सिंह धालीवाल के पास यह आज़ादी है कि वह इंटरमीडियरी (Facebook) के शिकायत निवारण सेल और साथ ही अपीलीय प्राधिकरण से संपर्क कर...
अवैध खनन मामले में जज को प्रभावित करने का आरोप: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने BJP MLA के खिलाफ शुरू की आपराधिक अवमानना की कार्रवाई
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार (02 अप्रैल) को अपनी रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक संजय पाठक के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करे। विधायक पर अवैध खनन से जुड़े एक मामले में मौजूदा जज से अनुचित तरीके से संपर्क करने का आरोप है।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने निर्देश दिया,"रजिस्ट्री मिस्टर संजय सत्येंद्र पाठक के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए आपराधिक अवमानना याचिका दर्ज करे और इस आपराधिक अवमानना...



















