मुख्य सुर्खियां
केजरीवाल-सिसोदिया की अनुपस्थिति मामले की पैरवी करेंगे एमिक्स क्यूरी, CBI की याचिका पर अब उनके माध्यम से होगी सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वह आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक की ओर से तीन सीनियर एडवोकेट को एमिक्स क्यूरी नियुक्त करेगा, क्योंकि इन नेताओं ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई की याचिका की सुनवाई का बहिष्कार किया है।जस्टिस स्वराणा कांता शर्मा ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कहा कि संबंधित प्रतिवादी अदालत में उपस्थित नहीं हैं और न ही उनकी ओर से कोई वकील पेश हो रहा है।अदालत ने कहा, “प्रतिवादी नंबर 8, 18 और 19 के लिए सीनियर...
2013 की हिस्ट्रीशीट: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद POCSO मामले के शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज ने मामला रद्द कराने पहुंचे हाइकोर्ट
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज POCSO मामले के प्रथम सूचना दाता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने वर्ष 2013 में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा खोली गई अपनी हिस्ट्रीशीट को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने पुलिस निगरानी रजिस्टर से अपना नाम हटाने की भी मांग की।आशुतोष महाराज ने स्वयं अदालत में पेश होकर कहा कि उनके खिलाफ शामली जिले के कांधला थाने में हिस्ट्रीशीट खोली गई। याचिका में उनका कहना है कि जिन आपराधिक मामलों का हवाला देकर यह कार्रवाई की गई, उनमें कई मामलों...
धुरंधर स्क्रिप्ट विवाद: संतोष कुमार के माफ़ी मांगने के बाद हाईकोर्ट ने बंद किया डायरेक्टर आदित्य धर का मानहानि मुकदमा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में रिलीज़ हुई बॉलीवुड फ़िल्म 'धुरंधर' के डायरेक्टर आदित्य धर द्वारा फ़िल्ममेकर संतोष कुमार के ख़िलाफ़ दायर मानहानि का मुकदमा निपटा दिया। संतोष कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि इस फ़िल्म की स्क्रिप्ट उनके ओरिजिनल काम 'D Saheb' से 'कॉपी' की गई।सिंगल-जज जस्टिस आरिफ़ डॉक्टर ने 30 अप्रैल को यह मुकदमा निपटा दिया, जब कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में धर के ख़िलाफ़ कही गई बातों के लिए माफ़ी मांग ली।जस्टिस डॉक्टर ने अपने आदेश में लिखा,"मिस्टर भूरा संतोष कुमार (जो...
जम्मू-कश्मीर डेवलपमेंट एक्ट और पंचायती राज एक्ट में बिल्डिंग रेगुलेशन को लेकर कोई टकराव नहीं: हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि जम्मू-कश्मीर डेवलपमेंट एक्ट, 1970 और जम्मू-कश्मीर पंचायती राज एक्ट, 1989, के बीच बिल्डिंग बनाने की परमिशन और उनके उल्लंघन के मामले में कोई टकराव नहीं है।कोर्ट ने फैसला दिया कि अगर कोई इलाका किसी ऐसे 'नोटिफाइड एरिया' का हिस्सा है, जिसके लिए जम्मू-कश्मीर लेक्स कंज़र्वेशन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (LCMA) बनाई गई तो सिर्फ़ LCMA के पास ही बिल्डिंग बनाने की परमिशन देने और यह पक्का करने का अधिकार क्षेत्र है कि ऐसी परमिशन के बिना या उसके उल्लंघन में कोई...
धार्मिक धर्मांतरण के लिए "व्यवस्थित ब्रेनवाशिंग": TCS नासिक मामले में निदा खान को अग्रिम ज़मानत देने से किया इनकार
टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (TCS) नासिक मामले में आरोपी निदा खान को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार करते हुए—जिसमें ज़बरन धार्मिक धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोप शामिल हैं—सेशन कोर्ट ने कहा कि खान ने पीड़िता को "बुर्का" दिया और उसे "नमाज़" पढ़ने का प्रशिक्षण दिया, जिससे पीड़िता की "व्यवस्थित ब्रेनवाशिंग" का पता चलता है।एडिशनल सेशन जज केदार जोशी ने 2 मई के अपने आदेश में कहा कि कंपनी की एचआर निदा खान ने मामले में शामिल अन्य पुरुष आरोपियों की मदद की ताकि पीड़िता की ब्रेनवाशिंग की जा सके और उसे यह सिखाने...
Bhima-Koregaon Case: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 8 साल जेल में बिताने के बाद सुरेंद्र गाडलिंग को ज़मानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को वकील-कार्यकर्ता सुरेंद्र गाडलिंग को ज़मानत दी। गाडलिंग भीमा-कोरेगांव - एल्गार परिषद मामले में 6 जून, 2018 से जेल में बंद हैं। कोर्ट ने उनकी लंबी कैद को देखते हुए यह फ़ैसला सुनाया। इस मामले में नामज़द 16 लोगों में से वह आख़िरी व्यक्ति हैं जो अभी भी जेल में हैं।जस्टिस अजय गाडकरी और जस्टिस कमल खाटा की डिवीज़न बेंच ने ओपन कोर्ट में आदेश सुनाते हुए गाडलिंग को सामान्य शर्तों पर ज़मानत दी। ये वही शर्तें हैं जो स्पेशल कोर्ट ने हनी बाबू जैसे अन्य सह-आरोपियों पर लगाई थीं।बेंच...
भोजशाला विवाद में केंद्र का बड़ा दावा: नमाज़ की अनुमति वाला 1935 का नोटिफिकेशन वैध नहीं
भोजशाला मंदिर–कमाल मौला मस्जिद विवाद में केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को बताया कि वर्ष 1935 में धार रियासत द्वारा जारी वह अधिसूचना, जिसके आधार पर मुस्लिम पक्ष नमाज़ के अधिकार का दावा करता है विधिक रूप से वैध नहीं है।मामले की सुनवाई जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ के समक्ष हुई।केंद्र और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन ने दलील दी कि भोजशाला को वर्ष 1904 में ही संरक्षित स्मारक घोषित किया जा चुका है, इसलिए उसके बाद धार...
लॉरेंस ऑफ पंजाब ट्रेलर ब्लॉक होने के बाद पंजाब के एडवोकेट जरनल को धमकी, बिश्नोई गैंग पर आरोप
गैंगस्टर संस्कृति का महिमामंडन करने वाली सामग्री पर पंजाब सरकार की कार्रवाई के बाद राज्य के एडवोकेट जरनल मनिंदरजीत सिंह बेदी को कथित तौर पर जान से मारने की धमकियां मिली हैं।अधिकारियों के अनुसार, धमकी भरे संदेश लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से भेजे जाने का संदेह है।सूत्रों के मुताबिक यह दूसरी बार है, जब एडवोकेट जनरल को धमकी मिली है। ताज़ा धमकी उस कार्रवाई के बाद आई, जिसमें राज्य की आपत्ति पर ओटीटी मंच पर जारी लॉरेंस ऑफ पंजाब वेब श्रृंखला के ट्रेलर को अवरुद्ध कराया गया।इससे पहले भी ट्रेलर ब्लॉक करने...
एक्टर अर्जुन कपूर को बड़ी राहत: हाईकोर्ट ने लगाई AI डीपफेक और अश्लील सामग्री पर रोक
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर अर्जुन कपूर के पक्ष में अंतरिम आदेश पारित करते हुए उनके पर्सनैलिटी और प्रचार अधिकारों के अनधिकृत उपयोग पर रोक लगाई। अदालत ने AI से तैयार डीपफेक वीडियो, अश्लील सामग्री और अभिनेता की पहचान के व्यावसायिक दुरुपयोग को अवैध ठहराते हुए संबंधित पक्षों के खिलाफ सख्त निर्देश जारी किए।जस्टिस तुषार राव गेडेला ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि एक्टर की अनुमति या लाइसेंस के बिना कई पक्ष उनके नाम, तस्वीर, व्यक्तित्व और पहचान का व्यावसायिक लाभ के लिए दुरुपयोग कर रहे हैं।अदालत ने...
मनीषा पांडे के खिलाफ पोस्ट मामले में अभिजीत अय्यर मित्रा को राहत, FIR आदेश पर रोक
दिल्ली कोर्ट ने सोमवार को टिप्पणीकार अभिजीत अय्यर मित्रा के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश पर रोक लगाई। यह आदेश डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म न्यूज़लॉन्ड्री की संपादकीय निदेशक मनीषा पांडे की शिकायत पर दिया गया, जिसमें उन्होंने मित्रा पर सोशल मीडिया पर उनके और अन्य महिला कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करने का आरोप लगाया।साकेत कोर्ट के एडिशनल सेशन जज पुरुषोत्तम पाठक ने 23 अप्रैल को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी द्वारा पारित आदेश पर रोक लगाई।यह आदेश मित्रा की उस याचिका पर पारित किया गया, जिसमें उन्होंने...
पैंगोलिन तस्करी की आरोपी महिला को हाईकोर्ट ने ज़मानत देने से किया इनकार
मध्य प्रदेशहाई कोर्ट ने महिला की ज़मानत अर्ज़ी खारिज की। इस महिला पर पैंगोलिन जैसे जंगली जानवरों का शिकार करने और उनकी तस्करी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का सदस्य होने का आरोप है।जस्टिस रामकुमार चौबे की बेंच ने निर्देश दिया:"दरअसल, इस मामले में पैंगोलिन जैसे जंगली जानवरों का शिकार करने और उनकी तस्करी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हाथ है। रिकॉर्ड से पहली नज़र में ऐसा लगता है कि इस अपराध में अर्ज़ी देने वाली महिला भी शामिल है। इसके अलावा, राज्य सरकार को यह आशंका है कि अर्ज़ी देने वाली...
UAPA के तहत ज़मानत देने से मना करने का आधार सिर्फ़ इस्लामिक सेमिनार में हिस्सा लेना नहीं हो सकता: हाईकोर्ट ने तीन लोगों को किया रिहा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आरोपी तीन लोगों को ज़मानत दी। कोर्ट ने कहा कि इस्लामिक साहित्य पर किसी सेमिनार में सिर्फ़ हिस्सा लेना ही, UAPA के तहत ज़मानत पर रोक लगाने वाले प्रावधानों के तहत अपने आप में कोई अपराध नहीं है।जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की डिवीज़न बेंच ने कहा कि सेमिनार में हिस्सा लेने के अलावा, अभियोजन पक्ष आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोपों के समर्थन में कोई भी प्रथम दृष्टया सबूत पेश नहीं कर...
30 वर्षीय दिल्ली के एक जज ने आत्महत्या की
दिल्ली पुलिस ने बताया कि दिल्ली के एक जज अमन कुमार शर्मा (उम्र 30 वर्ष) ने रविवार को आत्महत्या कर ली।वह कड़कड़डूमा कोर्ट में डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DLSA), उत्तर-पूर्वी जिले के सचिव के तौर पर कार्यरत थे।समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, शर्मा 19 जून, 2021 को दिल्ली न्यायिक सेवा में शामिल हुए थे। उन्होंने पुणे के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से ग्रेजुएशन किया था और 2018 में अपनी BA LLB की पढ़ाई पूरी की थी।
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (27 अप्रैल, 2026 से 01 मई, 2026) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।चार्जशीट के बिना पेंडिंग जांच के आधार पर प्रमोशन से इनकार नहीं किया जा सकता: गुवाहाटी हाईकोर्ट गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे महिला सब-इंस्पेक्टर के मामले पर फिर से विचार करें ताकि उन्हें सब-इंस्पेक्टर (UB) के पद पर स्थायी किया जा सके और इंस्पेक्टर (UB) के पद पर प्रमोट...
सावरकर ने अंग्रेजों के सामने 5 बार दायर कीं दया याचिकाएं, गाय को नहीं माना 'भगवान': परपोते की कोर्ट में दलील
पुणे की स्पेशल MP/MLA कोर्ट को हाल ही में बताया गया कि दक्षिणपंथी विचारक विनायक सावरकर ने तत्कालीन ब्रिटिश सरकार के सामने पांच बार दया याचिकाएं दायर की थीं और दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सरकार में भर्ती के लिए भी अपील की थी।यह बात सावरकर के परपोते सत्यकी सावरकर की गवाही में सामने आई। सत्यकी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने लंदन में एक भाषण देकर सावरकर को बदनाम किया।सत्यकी ने यह भी स्वीकार किया कि सावरकर ने...
TCS Nashik Case: सेशन कोर्ट ने खारिज की निदा खान की अग्रिम ज़मानत अर्जी
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) नासिक BPO में यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव के मामले में नासिक सेशन कोर्ट ने शनिवार (2 मई) को आरोपी निदा खान को गिरफ्तारी से पहले सुरक्षा देने से इनकार किया। निदा खान ने अपनी प्रेग्नेंसी का हवाला देते हुए अग्रिम ज़मानत की अर्जी दी थी।एडिशनल सेशन जज केजी जोशी ने खान के वकील बाबा सैयद और स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की दलीलें सुनीं। स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने 27 अप्रैल को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की ओर से पेश होकर खान की अग्रिम ज़मानत की अर्जी का विरोध किया।इस...
2002 दंगों के बाद वडोदरा हत्याकांड में 5 आरोपियों की बरी बरकरार, गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य की अपील खारिज की
गुजरात हाईकोर्ट ने 2002 गोधरा ट्रेन कांड के बाद हुए दंगों से जुड़े वडोदरा हत्याकांड मामले में पांच आरोपियों को बरी किए जाने का फैसला बरकरार रखा। अदालत ने कहा कि गवाह आरोपियों की स्पष्ट पहचान नहीं कर सके और यह साबित नहीं हुआ कि वही लोग कथित अपराध में शामिल थे।जस्टिस निर्जर एस. देसाई और जस्टिस डी.एन. रे की खंडपीठ ने राज्य सरकार की अपील खारिज करते हुए कहा कि घटना लगभग 400 से 500 लोगों की भीड़ द्वारा अंजाम दी गई और गवाहों ने लगातार यही कहा कि वे हमलावरों की पहचान नहीं कर सके।अदालत ने कहा कि मृतक की...
UAPA की वैधता बरकरार: बॉम्बे हाइकोर्ट ने पुनर्विचार याचिका खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखने वाले अपने पूर्व निर्णय के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका खारिज की। अदालत ने कहा कि फैसले में कोई प्रत्यक्ष विधिक त्रुटि नहीं है और याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए आधार अपील के लिए उपयुक्त हैं पुनर्विचार के लिए नहीं।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने यह आदेश भीमा-कोरेगांव एल्गार परिषद मामले के कथित गवाह अनिल बाबुराव बैले की पुनर्विचार याचिका पर पारित किया।बैले ने वर्ष 2021 में UAPA की...
सामाजिक संतुलन को बिगाड़ने वाली धार्मिक प्रथाओं की शुरुआत या विस्तार अनुच्छेद 25 और 26 के तहत संरक्षित नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि किसी ऐसी धार्मिक प्रथा या उपयोग की शुरुआत या विस्तार, जो पहले से प्रचलित नहीं थी—विशेष रूप से यदि वह मौजूदा सामाजिक संतुलन को बिगाड़ती है—तो उसे संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत संरक्षण प्राप्त नहीं है।पीठ ने आगे कहा कि राज्य के लिए यह ज़रूरी नहीं है कि वह किसी वास्तविक व्यवधान का इंतज़ार करे; बल्कि, जहां ऐसी गतिविधि से सार्वजनिक जीवन प्रभावित होने की आशंका हो, वहां राज्य उचित निवारक उपाय कर सकता है।इन टिप्पणियों के साथ जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस गरिमा...
निजी ज़मीन पर नियमित सामूहिक धार्मिक गतिविधियां सरकारी नियमों से मुक्त नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि निजी संपत्ति पर धार्मिक प्रार्थनाएं आयोजित की जा सकती हैं, बशर्ते वे कभी-कभार और बिना किसी बाधा के हों; लेकिन जब संपत्ति का इस्तेमाल नियमित या संगठित सामूहिक गतिविधियों के लिए किया जाता है तो उस पर सरकारी नियम लागू हो सकते हैं।जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने आगे कहा कि अगर निजी संपत्ति पर ऐसी गतिविधि नियमित, संगठित या बड़े पैमाने पर होने लगती है तो इसे परिसर के इस्तेमाल के तरीके में बदलाव माना जा सकता है। यह योजना और स्थानीय नियमों...




















