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कब्जे या आधिपत्य की बहाली के लिए शीर्षक का दावा करने वाला व्यक्ति कर सकता है केस दायर, सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पढ़ें
कब्जे या आधिपत्य की बहाली के लिए शीर्षक का दावा करने वाला व्यक्ति कर सकता है केस दायर, सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि कोई भी व्यक्ति जिसके पास प्रतिकूल आधिपत्य के आधार पर पूर्णकालिक शीर्षक है,वह निर्वासन या बेदखली की स्थिति में कब्जे या आधिपत्य की बहाली के लिए सूट या केस दायर कर सकता है। जस्टिस अरूण मिश्रा ,जस्टिस एस.अब्दुल नजीर और जस्टिस एम.आर शाह की पीठ ने कहा कि प्रतिकूल आधिपत्य के आधार पर शीर्षक के अधिग्रहण की दलील वादी द्वारा सीमा अधिनियम के अनुच्छेद 65 के तहत ली जा सकती है और एक वादी पर किसी भी अधिकार के उल्लंघन के मामले में परिसीमा अधिनियम 1963 के तहत वाद चलाने के लिए कोई...

BCI चेयरमैन ने आर्टिकल 370 खत्म करने पर मोदी सरकार की थी तारीफ, BCI सदस्य ने कहा, यह उनकी निजी राय
BCI चेयरमैन ने आर्टिकल 370 खत्म करने पर मोदी सरकार की थी तारीफ, BCI सदस्य ने कहा, यह उनकी निजी राय

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 खत्म करने और उसे केंद्र शासित प्रदेश बनाने पर बार की ओर से प्रेस रिलीज़ जारी करके केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की तारीफ की थी। लेकिन इसके बाद बार के सदस्य एन मनोज कुमार ने मनन कुमार के लेटर हैड पर जारी उक्त प्रेस रिलीज़ को उनके निजी विचार बताए और कहा कि बार का इस बयान से कोई लेना देना नहीं है। सोमवार को राज्य सभा में गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के लिए सरकार की ओर से प्रस्ताव...

न्यायिक मजिस्ट्रेट किसी अभियुक्त को उसकी सहमति के बिना भी जांच के लिए उसकी आवाज के नमूने देने का आदेश दे सकता है : SC
न्यायिक मजिस्ट्रेट किसी अभियुक्त को उसकी सहमति के बिना भी जांच के लिए उसकी आवाज के नमूने देने का आदेश दे सकता है : SC

एक महत्वपूर्ण फैसले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि एक न्यायिक मजिस्ट्रेट किसी अभियुक्त को उसकी सहमति के बिना भी जांच के लिए उसकी आवाज के नमूने प्रदान करने का निर्देश दे सकता है। CJI की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने शुक्रवार को उस भ्रम की स्थिति को सुलझा दिया जो 2012 के यूपी के रितेश सिन्हा बनाम राज्य में दो जजों की बेंच द्वारा दिए गए अलग- अलग फैसले से उत्पन्न हुई थी। CJI के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता में विशिष्ट शक्तियों की अनुपस्थिति में संविधान की धारा 142 के तहत...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने  रिकार्ड रूम में बिना अनुमति आने वालों के ख़िलाफ़ जांच के दिए निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रिकार्ड रूम में बिना अनुमति आने वालों के ख़िलाफ़ जांच के दिए निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को अदालत के वरिष्ठ रजिस्ट्रार को इस बात की नियमित जाँच करने का निर्देश दिया कि कितने ग़ैर-कर्मचारी/अनधिकृत लोग अदालत के विभिन्न विभागों, रिकार्ड रूमों में जाते हैं और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने को कहा। यह मुद्दा न्यायमूर्ति अजय लांबा और नरेंद्र कुमार जोहरी की खंडपीठ के समक्ष उस समय उठा जब रिट याचिका संबंधी अदालत की एक फ़ाइल गुम कर दी गई ताकि मामले को स्थगित किया जा सके। रिकार्ड रूम की सीसीटीवी फ़ुटेज देखने के बाद पता चला कि मनोज कुमार नामक एक व्यक्ति मिसलेनियस...

आयातित संशोधित  भाव के उपयोग से निर्मित विदेशी शराब(आईएमएफएल) पर शुल्क लगाने का अधिकार है राज्य के पास-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
आयातित संशोधित भाव के उपयोग से निर्मित विदेशी शराब(आईएमएफएल) पर शुल्क लगाने का अधिकार है राज्य के पास-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने यह माना है कि बिहार राज्य के पास इसका अधिकार है कि वह उस विदेशी शराब (आईएमएफएल) पर शुल्क लगा सके, जो आयातित संशोधित या परिशोधित भाव के उपयोग से बनाई गई है।जस्टिस ए. एम. खानविलकर और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ ने पटना हाईकोर्ट के एक फैसले को दरकिनार करते हुए यह माना है कि संशोधित नियम 106 (टीएचए) को दी गई चुनौती निराधार है और गलत धारणा पर आधारित है, जो राज्य को आयातित परिशोधित या संशोधित भाव पर शुल्क वसूलने के लिए अधिकृत करता है।कोर्ट ने यह कहा कि अगर राज्य विधान को आयातित संशोधित...

सरकार द्वारा एक्जिम पाॅलिसी के तहत दिए जाने वाला प्रोत्साहन का अनुदान,नहीं है उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के दायरे में आने वाली सेवा-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
सरकार द्वारा एक्जिम पाॅलिसी के तहत दिए जाने वाला प्रोत्साहन का अनुदान,नहीं है उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के दायरे में आने वाली 'सेवा'-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक निर्यातक को आयात और निर्यात नीति (एक्जिम पाॅलिसी) के संदर्भ में प्रोत्साहन प्रदान करते समय,केंद्र सरकार द्वारा कोई भी प्रदान नहीं की जाती है,जिससे वह उपभोक्ता फोरमों के अधिकार क्षेत्र के लिए एक 'सेवा प्रदाता' बन जाए।जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हेमंत गुप्ता की पीठ ने इस मुद्दे पर विचार किया कि क्या वह व्यक्ति जिसने आयात और निर्यात नीति के संदर्भ में जारी किए गए आरईपी लाइसेंस के तहत दावा किया है, वह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 2(1)(डी) की परिभाषा...

आपराधिक मामलों में सजा सुनाते समय पीड़ित और समाज के हित को भी ध्यान में रखें अदालत : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
आपराधिक मामलों में सजा सुनाते समय पीड़ित और समाज के हित को भी ध्यान में रखें अदालत : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने यह माना है कि अदालतों को आपराधिक मामलों में सजा सुनाते समय पीड़ित और समाज के हित को भी ध्यान में रखना चाहिए।दरअसल सूर्यकांत बाबूराव @ रामराव चरण बनाम महाराष्ट्र राज्य के मामले में उच्च न्यायालय ने कारावास की सजा को 7 साल से घटाकर 5 साल कर दिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति आर. बानुमति और न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना की पीठ इस दृष्टिकोण से असहमत रही पीठ ने कहा : "अदालतों को न केवल अभियुक्तों के अधिकार को ध्यान में रखना चाहिए, बल्कि बड़े पैमाने पर पीड़ित और समाज के...

NDPS : सिर्फ प्रयोगशाला की रिपोर्ट पेश करना कि परीक्षण किया गया नमूना मादक पदार्थों है,  निर्णायक प्रमाण नहीं हो सकता : SC [निर्णय पढ़े]
NDPS : सिर्फ प्रयोगशाला की रिपोर्ट पेश करना कि परीक्षण किया गया नमूना मादक पदार्थों है, निर्णायक प्रमाण नहीं हो सकता : SC [निर्णय पढ़े]

सर्वोच्च न्यायालय ने यह कहा है कि सिर्फ प्रयोगशाला रिपोर्ट प्रस्तुत करना कि परीक्षण किया गया नमूना ड्रग्स है, नारकोटिक्स ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत एक मामले में निर्णायक सबूत नहीं हो सकता है।विजय पांडे बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के मामले में अभियुक्तों द्वारा दी गई दलील यह थी कि एनडीपीएस अधिनियम की धारा 50 इससे संबंधित नहीं है क्योंकि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा है कि अदालत में पेश नमूना आरोपी से ही जब्त किया गया था। राज्य का तर्क यह था कि ट्रायल कोर्ट ने अपनी...