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देय मुआवज़े का निर्धारण उस दिन से होता है जिस दिन दुर्घटना हुई : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कर्मचारी मुआवज़ा अधिनियम 1923 के तहत देय मुआवज़े का निर्धारण उस दिन से होता है जिस दिन दुर्घटना हुई। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की पीठ ने कहा कि अधिनियम में 2009 में हुआ संशोधन (जिसने कर्मचारी के वेतन को ₹4000 तक सीमित किया गया था उसे हटा दिया) का प्रावधान उन दुर्घटनाओं पर लागू नहीं होता जो इस क़ानून के लागू होने के पहले हो चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ एक अपील पर सुनवाई कर रहा था जिसने 2009 के संशोधन का लाभ...
विदेशी आदेशों को लागू करना : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, मध्यस्थता क़ानून की धारा 48 में हस्तक्षेप का मौक़ा न्यूनतम
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी विदेशी आदेश को निरस्त करने के आधार पर ग़ौर करते हुए अदालत को न्यूनतम हस्तक्षेप करना चाहिए। न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमणन की पीठ ने ज़ोर देकर कहा कि मध्यस्थता और सुलह क़ानून, 1996 की धारा 48(1) को विस्तृत अर्थ नहीं दिया जा सकता है। बेंच ने कहा कि "…कोई पक्ष अपने मामले को पेश नहीं कर पाया है, इसके निर्धारण की अच्छी पड़ताल यह है कि बाहरी कारक जो पक्ष के नियंत्रण के बाहर हैं, उसने पार्टी को उचित सुनवाई से रोका...
अज़ान के लिए लाउड स्पीकर बैन करने पर याचिका : दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रशासन से स्टेटस रिपोर्ट मांगी
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को एक अवमानना याचिका पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत का यह निर्देश उसके पहले के आदेश के अनुपालन के संबंध में है, जिसमें अदालत ने रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच लाउड स्पीकरों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था। वर्तमान अवमानना याचिका संजीव कुमार ने लगाई है, जिसमें दावा किया गया है कि अदालत के उक्त आदेश के बाद भी दिल्ली में लगभग सभी मस्जिदें लाउड स्पीकर का उपयोग कर रही हैं, जो 2005 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा और 2019...
बिदर एंटी सीएए प्ले : हेडमिस्ट्रेस और छात्र की मां को सत्र न्यायालय से मिली ज़मानत
कर्नाटक के बिदर में एक सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को शाहीन प्राइमरी और हाई स्कूल की हेडमिस्ट्रेस फरीदा बेगम और एक छात्र की मां नाजबुनिसा को ज़मानत दे दी। इन्हें सीएए के विरोध में स्कूल में एक नाटक आयोजित करने के लिए राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 30 जनवरी को गिरफ्तारी के बाद से वे हिरासत में थे। इन्हें एक लाख रुपए के व्यक्तिगत बांड पर ज़मानत दी गई। उन्हें जांच में सहयोग करने और जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए भी कहा गया है। शाहीन एजुकेशन सोसायटी ने 4,5 और 6 कक्षा के छात्रों ने...
बॉम्बे हाईकोर्ट के दूसरे सबसे सीनियर जज जस्टिस धर्माधिकारी ने इस्तीफा दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति सत्यरंजन धर्माधिकारी ने अपना इस्तीफा दे दिया है। न्यायमूर्ति धर्माधिकारी ने शुक्रवार को अपने कोर्ट में एक वकील से कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, उन्होंने अपने इस्तीफे का कारण नहीं बताया। उन्होंने अपने इस्तीफी की बात वकील से उस समय की जब वकील मैथ्यू नेदुम्परा ने एक याचिका का उल्लेख किया जिसमें अदालत से अगले सप्ताह इस पर सुनवाई करने की मांग की। न्यायमूर्ति धर्माधिकारी ने अदालत में कहा, "मैंने इस्तीफा दे दिया है। आज...
आवासीय संपत्ति में वकील का चैंबर नहीं है व्यावसायिक स्थान : कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने माना है कि कानूनी पेशा एक व्यावसायिक गतिविधि नहीं है और इसलिए एक आवासीय संपत्ति में एक वकील के चैंबर को संपत्ति के व्यावसायिक उपयोग के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति शेखर बी.सराफ ने स्पष्ट किया कि- ''... एक पेशेवर गतिविधि में व्यावसायिक गतिविधि के मुकाबले एक निश्चित मात्रा में कौशल या स्किल शामिल होता है जो कि व्यवसाय के मामले में सर्वोपरि है। इन दोनों को अलग-अलग अवधारणा के रूप में रखा गया है, क्योंकि व्यावसायिक गतिविधि में कोई मुनाफे या लाभ के लिए...
सुबोध गुप्ता मामला : इंस्टाग्राम पेज पर 'मी टू' पोस्ट का मामला आपसी सुलह से सुलझा
आर्टिस्ट सुबोध गुप्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट में इंस्टाग्राम पेज 'Herdsceneand' के ख़िलाफ़ मानहानि का के मामला दर्ज किया था, जिसमें उनके ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। अब कहा गया है कि इस मामले को संबंधित पक्षों ने सुलझा लिया है। इंस्टाग्राम अकाउंट धारक ने सुबोध गुप्ता से संबंधित पोस्ट को हटा लेने का वादा किया है। मामले को सुलझा लेने की बात पर ग़ौर करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले पर फ़ैसला सुनाया। सुबोध गुप्ता ने गत वर्ष 'Herdsceneand' के ख़िलाफ़ मामला दायर किया था जिसके कुछ...
सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों से सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई करने के यूपी सरकार के नोटिस पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर के एक याचिकाकर्ता को सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के नोटिस से अंतरिम संरक्षण दिया है। याचिकाकर्ता को एंटी-सीएए विरोध प्रदर्शन के दौरान यूपी सरकार द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए वसूली नोटिस दिया गया था। न्यायमूर्ति पंकज नकवी और न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की खंडपीठ ने सरकार के वसूली नोटिस पर रोक लगा दी है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इस तरह के नोटिस की वैधता को पहले ही चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने प्रस्तुत किया था कि...
सार्वजनिक भूमि पर कब्जे के मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया
सार्वजनिक भूमि के अतिक्रमण के मुद्दे पर मद्रास हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। जस्टिस एन किरुबाकरन और जस्टिस आर पोंगिअप्पन की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि निजी पार्टिंया, राजनीतिक प्रभाव, धन बल और बाहुबल के जरिए और सरकारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर सरकारी भूमि पर कब्जा कर रही हैं। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी संपत्ति विवाद के एक मामले की सुनवाई में की है। मामले में याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि विचाराधीन भूमि का सरकारी है और जिला न्यायालय के समक्ष विवाद का विषय है। याचिकाकर्ता ने बताया उस मुकदमे...
2008 मालेगांव धमाकाः मृतक के पिता ने बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखा पत्र, पीठासीन न्यायाधीश का कार्यकाल बढ़ाने की मांग
मालेगांव निवासी 60 वर्षीय, निसार अहमद सैय्यद बिलाल ने बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर न्यायाधीश वीएस पाडलकर के कार्यकाल को बढ़ाने की मांग की है, जो 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में मुकदमे की अध्यक्षता कर रहे हैं। जज पाडलकर 28 फरवरी को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। 29 सितंबर, 2008 को मालेगांव के भिक्कू चौक पर रमजान महीने में हुए बम धमाके में निसार ने अपने बेटे सैय्यद अजहर निसार अहमद को खो दिया था। धमाके में 6 लोगों की मौत हो गई थी और सौ से अधिक घायल हो गए थे। निसार ने अपने...
सतर्कता अधिकारियों को पुलिस अधिकारी माना जाए, वे भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामले दर्ज कर सकते हैं, जांच कर सकते हैंः केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने माना है कि सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (VACB) एक विशेष पुलिस बल है, जिसका गठन राज्य सरकार की विधायी शक्तियों के जरिए किया गया है, जबकि पूर्ववर्ती सतर्कता विभाग में काम करने वाले अधिकारियों की शक्ति और अधिकार का स्रोत केरल पुलिस अधिनियम, 1960 था। जस्टिस ए हरिप्रसाद और जस्टिस एन अनिल कुमार की पीठ ने कहा कि वीएसीबी के अधिकारियों को पुलिस अधिकारी माना जाता है और उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज करने, जांच करने, अंतिम रिपोर्ट दायर करने और अपराधियों पर...
दिल्ली विश्वविद्यालय के अनुदेशकों को 'शिक्षकों' की सेवा निवृत्ति की उम्र में वृद्धि का लाभ नहीं मिल सकता : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि दिल्ली विश्वविद्यालय में जिन लोगों की नियुक्ति 'Instructor'(अनुदेशक) के रूप में हुई है, उन्हें सेवा निवृत्ति के लाभ कि लिए शिक्षक नहीं माना जा सकता। न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ ने कहा कि सेवा निवृत्ति की अवधि को बढ़ाने से बजट की ज़रूरतों को पूरा करने का काम सरकार का है और सरकार ने जो सुझाव दिए हैं उन्हीं के अनुरूप 'शिक्षक' के अर्थ पर अदालत ग़ौर करेगी। अदालत का यह आदेश एकल जज के फ़ैसले के ख़िलाफ़ दायर अपील पर आया है, जिसमें...
भारत में पहली बार कोर्ट रूम से लाइव स्ट्रीमिंग, कलकत्ता हाईकोर्ट ने दी अनुमति
भारत के इतिहास में पहली बार कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को पारसी महिलाओं और गैर-पारसी पुरुषों से पैदा हुए बच्चों को अग्नि मंदिर में पूजा स्थल में प्रवेश करने की अनुमति देने के एक मामले की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग की मंज़ूरी दी। कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग की अनुमति लेने के लिए कलकत्ता के पारसी जोरास्ट्रियन एसोसिएशन (PZAC) के वकील फिरोज एडुल्जी ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया कि इस मामले की सुनवाई देश के सभी पारसियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और वे इसके परिणाम से लाभान्वित होंगे। ...
दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यायिक सेवा परीक्षा 2019 के इंटरव्यू स्थगित किए
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा, २०१९ में शॉर्टलिस्ट किए गए 255 उम्मीदवारों की वाइवा प्रोग्राम (इंटरव्यू) को उसके निर्धारित शेड्यूल से स्थगित कर दिया है। इस संबंध में परिपत्र जारी किया गया है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित डीजेएस परीक्षा के परिणामों को चुनौती दी गई है। यह आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया मनमानी है और दिल्ली न्यायिक सेवा नियम, 1970 का उल्लंघन है। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ के समक्ष कल सुनवाई हुई। यह मामला अब 25...
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की स्वीकार्यता और सबूत ट्रायल कोर्ट द्वारा अंतिम निर्णय के वक्त निर्धारित किये जायेंगे : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि साक्ष्य अधिनियम की धारा 65बी के तहत दायर शपथ पत्र दस्तावेज के तौर पर व्यवहार लायक नहीं माना जाता है और उसे 'एक्जामिनेशन-इन चीफ' की गवाहों की जांच के साथ पेश किया जा सकता है।न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह की एकल पीठ ने कहा है कि इस बात का निर्धारण ट्रायल कोर्ट मुकदमे के अंतिम चरण में करेगा कि क्या धारा 65बी के तहत शपथ पत्र (जो इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य है) कानून के दायरे में सही है या नही।मौजूदा मामले में याचिकाकर्ता ने ट्रायल कोर्ट के 19 जुलाई 2018 के आदेश को चुनौती दी थी,...
कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका, 'एंटी-सीएए प्ले' पर नाबालिग छात्रों से पूछताछ करने के मामले में पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग
कर्नाटक हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर नागरिकता संशोधन अधिनियम से संबंधित एक नाटक के संबंध में शाहीन एजुकेशन सोसायटी, बीदर के नाबालिग छात्रों से अवैध रूप से पूछताछ करने के मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका वकील नयना ज्योति झावर और दक्षिण इंडिया सेल फॉर ह्यूमन राइट्स एजुकेशन एंड मॉनिटरिंग ने दायर की है और कहा है कि लगभग 85 बच्चे, जिनमें से कुछ 9 वर्ष से कम उम्र के हैं, उनसे पुलिस ने पूछताछ की थी। इससे बच्चों के लिए माहौल बहुत प्रतिकूल हो गया है और बच्चों...
पांच साल बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने 22 वकीलों को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 10 फरवरी, 2020 को एक अधिसूचना जारी की, जिसमें 22 अधिवक्ताओं को उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया। पिछली बार हाईकोर्ट में पांच साल पहले 2015 में सात अधिवक्ताओं को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया था। हाईकोर्ट में वकीलों से 57 आवेदन आए थे, जिन्हें सीनियर के रूप में नामित करने की मांग की गई थी। उच्च न्यायालय ने प्रस्ताव पर हितधारकों से सुझाव और विचार आमंत्रित करने वाले नामों को सार्वजनिक करते हुए एक नोटिस प्रकाशित किया था। यह बॉम्बे...
इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव: कोर्ट परिसर में बैनर और पोस्टर लगाने पर रोक
कोर्ट परिसर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनावों में कोर्ट परिसर में बैनर और पोस्टर लगाने पर रोक लगा दी है। उत्तर प्रदेश के सभी अदालती परिसरों की सुरक्षा और संरक्षण से संबंधित सूओ मोटो कार्यवाही में रजिस्ट्रार (प्रोटोकॉल) ने अदालत के ध्यान में यह मुद्दा लाया था। इस संबंध में दायर रिपोर्ट में बताया गया है कि चुनाव के दौरान लगाए गए बैनर, चाहे वह अधिवक्ताओं के हों या हाईकोर्ट के कर्मचारियों के, सीसीटीवी कैमरों को बाधित करते हैं, विजुअल...



















