मुख्य सुर्खियां
राशन नहीं मिलने पर दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की जनहित याचिका कहा, ई-कूपन सिस्टम के बावजूद नहीं मिला राशन
दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में कहा गया है कि दिल्ली सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत ई-कूपन मिलने के बावजूद हज़ारों लोगों को राशन नहीं मिल रहा है। लॉकडाउन की घोषणा के तुरंत बाद दिल्ली सरकार ने घोषणा की थी कि जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उनको भी राशन दिया जाएगा और इसके लिए योजना की घोषणा की थी। इसके लिए ई-कूपन जारी किए गए और कई स्थानों पर उन केंद्रों की पहचान की गई जहां से राशन प्राप्त किए जा सकते थे। याचिकाकर्ता क़ानून का छात्र है और वह दिल्ली के सुल्तानपुरी...
पुलिस द्वारा लगाए गए जंज़ीरों वाले बैरिकेड के कारण बाइक सवार गिरकर हुआ था बुरी तरह घायल, दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया 75 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश
दिल्ली हाइकोर्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए जंजीरों वालेेे बैरिकेड्स की वजह से हुए हादसे के कारण दिमाग पर चोट आने के बाद भारी डिसेबिलिटी झेल रहे एक व्यक्ति को 75 लाख रुपये का मुआवजा अवार्ड किया है।न्यायमूर्ति नवीन चावला की एकल पीठ ने 26 वर्षीय पीड़ित व्यक्ति को मुआवजा देते समय कहा कि, " हालांकि सुरक्षा के वैध कारणों के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे, लेकिन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना था कि इसके रखरखाव न करने से ये दुर्घटनाओं का कारण न बनें।"यह था मामला दिसंबर 2015 में, याचिकाकर्ता अपनी...
राज्य को मानहानि के मामलों में साधारण नागरिक की तरह आवेगात्मक नहीं होना चाहिएः मद्रास हाईकोर्ट ने रद्द किए एन राम और अन्य के खिलाफ दायर मानहानि के मामले
प्रेस की स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित करते हुए एक महत्वपूर्ण फैसले में मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को संपादक-पत्रकार एन राम,एडिटर-इन-चीफ, दि हिंदू, सिद्धार्थ वरदराजन, नक्कीरन गोपाल आदि के खिलाफ दायर आपराधिक शिकायतों को खारिज कर दिया। इन सभी के खिलाफ 2012 में तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री जे जयललिता के खिलाफ कुछ रिपोर्टों के मामले में "राज्य के खिलाफ आपराधिक मानहानि" का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायत में कहा गया था कि रिपोर्ट राज्य सरकार के एक पदाधिकारी की मानहानि के बराबर है।...
मध्यप्रदेश में वकील की पिटाई करने के बाद पुलिस ने बनाया दबाव कहा, मामला वापस ले लो, मुस्लिम होने की गलतफहमी के कारण चलाई थी लाठी
मध्यप्रदेश के बैतूल में पुलिस की ज़्यादतियों का शिकार स्थानीय अधिवक्ता दीपक बुंदेले पर पुलिस मामला वापस लेने का दबाव बना रही है।अधिवक्ता दीपक बुंदेले की पुलिस ने 23 मार्च को निर्ममता से सरे आम पिटाई की थी, जिसके बाद उन्होंने विभिन्न फोरम पर इसकी शिकायत की थी। अब पुलिस मामला वापस लेने के लिए दबाव बना रही है।पुलिस ने मौखिक रूप से माफी मांगी जिसमें उसने बुंदेले से कहा कि उसकी दाढ़ी देख उसे मुस्लिम समुदाय का समझकर पीटा गया। यह थी घटनाअधिवक्ता दीपक बुंदेले 23 मार्च 2020 को नगर के लल्ली चौक पर...
मद्रास हाईकोर्ट ने कहा, प्रवासी श्रमिक रेलवे स्टेशनों तक पहुंचने के लिए परेशान, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं कर रहे; राज्य सरकार को SOP पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा
मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा, "प्रवासी मजदूर सड़कों पर परेशान हैं। वे न सामाजिक / शारीरिक दूरी बरत रहे हैं और न उनके पास पर्याप्त सुरक्षात्मक उपाय हैं, इसलिए, राज्य सरकार उन्हें तत्काल आश्रय घरों / चिन्हित स्थानों में रखने की व्यवस्था करे।" हाईकोर्ट ने कहा है कि उपरोक्त तथ्यों का जूडिशल नोटिस लिया जा सकता है, इसलिए आज ही अपेक्षित जानकारियों को "सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाए"। जस्टिस एम सत्यनारायणन और डॉ अनीता सुमंत की डिवीजन बेंच ने निर्देश दिया कि "गैर-सरकारी संगठन ...समान...
दिल्ली हाईकोर्ट की सभी बेंच अब सभी कार्य दिवस में करेंगी सुनवाई, सभी तरह के अर्जेंट मामलों पर होगी सुनवाई
दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने सभी डिवीजन और सिंगल बेंचों के साथ सभी कार्य दिवसों में सुनवाई करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय 22 मई से लागू होगा, सभी बेंचें अदालत के निलंबित कामकाज के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रकार के तत्काल मामलों को सुनेंगी। अब तक, 2 डिवीजन बेंच और 10 सिंगल बेंच द्वारा तत्काल मामलों को सुना जा रहा था। रोस्टर बेंच उन मामलों को भी सुनेगी जो अंतिम दलीलों के चरण में हैं और जिसमें दोनों पक्षों से सहमति प्राप्त हुई है और केवल लिखित प्रस्तुतियाँ के आधार पर मामले...
वित्तीय सहायता लेने के लिए 22 हज़ार वकीलों ने आवेदन किया, BCI ने राशि वितरित करने की अनुमति देने के पत्र का जवाब नहीं दिया: पश्चिम बंगाल बार काउंसिल ने HC में कहा
पश्चिम बंगाल बार काउंसिल ने कलकत्ता हाईकोर्ट को मंगलवार को सूचित किया कि लॉकडाउन के बीच, अधिवक्ताओं से वित्तीय सहायता के लिए लगभग 22000 आवेदन प्राप्त हुए हैं और उसी पर कार्यवाही की जा रही है। मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व वाली पीठ को बताया गया कि राज्य बार काउंसिल को अधिवक्ताओं को इस तरह की वित्तीय सहायता के संवितरण शुरू करने से पहले बार काउंसिल ऑफ इंडिया से अनुमति लेने की आवश्यकता है। वेस्ट बंगाल बार काउंसिल ने कहा, "बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा बार काउंसिल ऑफ वेस्ट बंगाल को इस तरह की अनुमति के...
ईद की नमाज अदा करने के लिए मस्जिद/ईदगाह खोलने की मांग वाली याचिका का इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया निपटारा कहा, राज्य सरकार से संपर्क करें
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मंगलवार को ईद की नमाज अदा करने हेतु मस्जिद/ईदगाह खोलने की मांग को लेकर दायर याचिका को यह कहते हुए निपटा दिया कि इस मांग के लिए याचिकाकर्ता को पहले सरकार से संपर्क करना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति गोविन्द माथुर एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की पीठ ने यह आदेश, उस जनहित याचिका पर दिया, जिसमे अदालत से यह अनुरोध किया गया था कि ईद की नमाज अदा करने के मद्देनजर, उत्तर प्रदेश में मस्जिदों व ईदगाहों को एक घंटे के लिए खोलने के निर्देश राज्य सरकार को दिए जाएँ। ...
'प्रवासी मजदूरों सहित अन्य लोगों को उत्तराखंड लौटने का हक है, बॉर्डर पर हो रैपिड एंटीबाडी टेस्ट', उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य-सरकार को दिए निर्देश
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बुधवार (20-मई-2020) को प्रवासियों की दुर्दशा और अन्य जरूरतमंद लोगों द्वारा लॉकडाउन में सहे जा रहे कष्ट को लेकर दाखिल जनहित याचिकाओं के सम्बन्ध में यह आदेश दिया कि राज्य सरकार, उत्तराखंड राज्य की सीमाओं पर कार्यात्मक करन्तीन (Quarantine) केंद्रों को स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैथानी एवं न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने यह आदेश जारी करते हुए यह भी कहा कि इन क्वारन्टीन केंद्रों में मौजूद व्यक्तियों में से, जिनमे आईसीएमआर के दिशानिर्देशों...
लोकतांत्रिक समाज में नागरिक समाज की अनदेखी नहीं की जा सकती हैः पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार से कहा, COVID 19 राहत कार्यों में गैर-सरकारी संगठनों की मदद नहीं लेने की नीति पर पुनर्विचार करें
पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार से आग्रह किया है कि सरकार COVID-19 संकट के निस्तारण में सिविल सोसायटी के सदस्यों की मदद नहीं लेने की नीति पर पुनर्विचार करे। चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ ने कहा कि "लोकतांत्रिक समाज में, सिविल सोसायटी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है, विशेष कर आपदा के समय में"। पीठ एओआर पारुल प्रसाद की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्हें अनुसंधान सहयोगी अक्षत अग्रवाल (अंतिम वर्ष, जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल) ने सहायता की थी। याचिका में जिला...
क्या लॉकडाउन के नए दिशानिर्देश के साथ ही पूरा वेतन देने के बारे में एमएचए का आदेश अब लागू नहीं रहा?
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन के चौथे चरण (18 से 31 मई ) की घोषणा करते हुए नए दिशानिर्देश जारी किए, जिसने 29 मार्च को जारी मंत्रालाय के पूर्व दिशानिर्देशों को समाप्त कर दिया है जिसमें कंपनियों से अपने कर्मचारियों को लॉकडाउन के दौरान पूरा वेतन देने को कहा गया था। मई 17 को जारी आदेश में कहा गया है, "उनको छोड़कर जिनके बारे में इसमें अलग से बताया गया है, एनईसी ने आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 10(2)(i) के तहत जितने भी आदेश जारी हुए हैं वे सब 18 मई 2020 से लागू नहीं होंगे।" यह ग़ौर करना...
विधायक खाना बांटने के एजेंट नहीं हैं, मणिपुर हाईकोर्ट ने पीडीएस को प्रभावी बनाने के लिए निर्देश जारी किए
एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मणिपुर हाईकोर्ट ने आवश्यक वस्तुओं का व्यापक वितरण सुनिश्चित करने के लिए कई निर्देश जारी किए हैं। न्यायमूर्ति लनुसुंग्कुम ज़मीर और न्यायमूर्ति नोबिन सिंह की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत जो योग्य हैं ,जिसमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनके पास कार्ड नहीं है, उन्हें लॉकडाउन के दौरान पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम (पीडीएस) के माध्यम से खाद्यान्नों की आपूर्ति राज्य सरकार आवश्यक रूप से करे। अदालत ने इस मामले में विधायकों के...
केरल हाईकोर्ट ने अपने और अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा जारी अंतरिम आदेशों की अवधि 30 जून तक बढ़ाई
केरल हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने राष्टव्यापी लॉकडाउन के 31 मई तक विस्तार होने के बाद हाईकोर्ट और इसके अधीनस्थ न्यायालयों के द्वारा पारित सभी अंतरिम आदेशों की अवधि को 30 जून, 2020 तक बढ़ा दिया है।यह आदेश मुख्य न्यायाधीश एस मणिकुमार, न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार और न्यायमूर्ति शाजी पी चैली की खंडपीठ ने WP (C) 9400/2020 जमानत मामलों, अग्रिम जमानत आदि पर अपनी प्रयोज्यता का विवरण देते हुए पारित किया है। न्यायालय ने सूचित किया है कि न्यायालयों / न्यायाधिकरणों द्वारा पारित आदेशों के संबंध में दिए गए सभी...
NCR में रहने वाले अधिवक्ताओं को दिल्ली आने जाने के लिए ऑनलाइन पास उपलब्ध करवाए जाएंगे: हरियाणा सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा
एनसीआर क्षेत्र में रहने वाले वकीलों के एक राज्य से दूसरे राज्य आने जाने की मांग करने वाली एक याचिका मे हरियाणा सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया है कि उसने अधिवक्ताओं को एक ऐसी श्रेणी के रूप में शामिल किया है, जिसे दिल्ली से बाहर और बाहर जाने के लिए साप्ताहिक मूवमेंट पास जारी किए जाएंगे।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की खंडपीठ को हरियाणा सरकार ने सूचित किया कि www.saralharyana.gov.in पर आवेदन करने के 30 मिनट के भीतर ऑनलाइन पास जारी किए जाएंगे। 'चेक प्वाइंट पर...
कोर्ट फीस स्टाम्प चिपकाने के लिए सलाइवा का इस्तेमाल न करें : दिल्ली ज़िला और सत्र जज (HQ)
COVID19 संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए, जिला और सत्र न्यायाधीश (मुख्यालय) के कार्यालय ने याचिका या आवेदन पर कोर्ट फीस स्टाम्प चिपकाने/लगाने के लिए सलाइवा (लार) का उपयोग नहीं करने के निर्देश जारी किये हैं। उक्त दिशा में ये निर्देश COVID19 महामारी को देखते हुए और जिला अदालतों में वायरस के प्रसार को कम करने के लिए जारी किये गये हैं। सर्कुलर में कहा गया है, "वकील / मुंशी / वादी / नायब / कोर्ट / पुलिस अधिकारियों को अदालत के कर्मचारियों के माध्यम से कहा जा सकता है कि वे आवेदन / याचिका और समन /...
COVID -19 वॉरियर बन आपदा प्रबंधन का काम करें' मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कई मामलों में जमानत देते समय रखी शर्त
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने सोमवार (18-मई-2020) को लगभग 5 जमानत आवेदन एवं 2 अग्रिम जमानत आवेदन के मामलों में जेल में बंद/गिरफ्तारी के प्रति आशंकित आरोपियों/व्यक्तियों को इस शर्त पर जमानत दे दी कि वे संबंधित जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष खुद को "COVID -19 वॉरियर्स" के रूप में पंजीकृत करेंगे। इसके पश्च्यात, उन्हें COVID -19 आपदा प्रबंधन का काम सौंपा जायेगा। उल्लेखनीय है कि अदालत ने इन मामलों में याचिकाकर्ताओं की जमानत पर लगायी गयी इस शर्त को (COVID -19 वॉरियर के तौर पर कोरोना आपदा...
"चार्जशीट दायर करने में हुई देरी के कारण POCSO मामलों में अभियुक्त को जमानत मिलना गंभीर चिंता का विषय", कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिया धारा 164 के तहत तत्काल बयान दर्ज करने का निर्देश
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि यह ''एक गंभीर चिंता का विषय'' है कि लाॅकडाउन के चलते सीआरपीसी की धारा 164 के तहत न्यायिक बयान दर्ज नहीं करवाया जा सका और POCSO से संबंधित केस में आरोप पत्र दायर करने में देरी हो गई, जिसके परिणामस्वरूप मामले के आरोपी को जमानत मिल गई।न्यायालय ने जिला न्यायाधीश को निर्देश दिया है कि वह यह सुनिश्चित करें कि बिना किसी देरी के POCSO से संबंधित मामलों में आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कर लिए जाएं।पीठ इस मामले में वेस्ट बंगाल कमीशन फाॅर...
सऊदी, कुवैत में फंसी 56 गर्भवती नर्सों को तत्काल भारत लाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
देश के बाहर फंसी 56 गर्भवती नर्सों को भारत तत्काल लाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। कहा गया है कि ये सभी महिलाएं गंभीर तनाव में हैं और इनको तत्काल मेडिकल और सामाजिक-मानसिक मदद की ज़रूरत है। यह याचिका युनाइटेड नर्सेस एसोसिएशन (यूएनए) ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि 7 मई 2020 को भारत ने वंदे भारत मिशन की शुरुआत की ताकि विदेशों में फंसे भारतीयों को कोरोना महामारी को देखते हुए देश वापस लाया जा सके। विमानन मंत्रालय, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय की घोषणाओं के अनुसार यह...

















