ताज़ा खबरें

निर्भया केस : दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र की दोषियों को अलग- अलग फांसी देने की मांग ठुकराई
निर्भया केस : दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र की दोषियों को अलग- अलग फांसी देने की मांग ठुकराई

निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि दोषियों को अलग- अलग फांसी नहीं जी जा सकती। हाईकोर्ट ने केंद्र की मांग ठुकराते हुए बुधवार को निर्देश दिया कि दोषी अपने सारे विकल्प एक सप्ताह के भीतर आजमा लें। इसके बाद उनकी मौत की सजा के लिए कार्रवाई शुरू होगी। जस्टिस कैत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट तक उनकी मौत की सजा एक आदेश से आई है, इसलिए हमारी राय में अलग- अलग- अलग फांसी नहीं हो सकती। हालांकि पीठ ने दोषियों द्वारा खेले जा रहे...

शारीरिक सीमाओं और घरेलू दायित्वों के कारण महिलाओं को सेना में कमांड नियुक्ति नहीं : केंद्र ने  सुप्रीम कोर्ट को बताया
"शारीरिक सीमाओं" और घरेलू दायित्वों के कारण महिलाओं को सेना में कमांड नियुक्ति नहीं : केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

सेना में महिलाओं को कमांड नियुक्तियां देने के खिलाफ दलील हुए केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि महिलाएं अपनी "शारीरिक सीमाओं" और घरेलू दायित्वों के कारण सैन्य सेवा की चुनौतियों और खतरों को पूरा करने में सक्षम नहीं हो सकती हैं।केंद्र ने मुख्य रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि से खींची गई पुरुष टुकड़ियों की इकाइयों की कमांड महिलाओं को देने पर संभावित अनिच्छा के बारे में बात की है। केंद्र द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दिए गए नोट में कहा गया है : "इकाइयों की कमांड व्यक्तिगत उदाहरण स्थापित करने की ओर ले...

सबरीमला संदर्भ : 9 जजों की संविधान पीठ तय करेगी कि क्या पुनर्विचार याचिका में बड़ी बेंच को संदर्भ भेजा जा सकता है 
सबरीमला संदर्भ : 9 जजों की संविधान पीठ तय करेगी कि क्या पुनर्विचार याचिका में बड़ी बेंच को संदर्भ भेजा जा सकता है 

सबरीमला पुनर्विचार आदेश में उल्लिखित प्रश्नों का उत्तर देने के लिए गठित सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ इस प्रारंभिक मुद्दे पर विचार करेगी कि क्या पुनर्विचार याचिका में कोई संदर्भ संभव है ? "क्या यह अदालत एक पुनर्विचार याचिका में कानून के सवालों को एक बड़ी पीठ के पास भेज सकती है?" - इस मुद्दे पर 6 फरवरी को पीठ द्वारा विचार किया जाएगा, सुप्रीम कोर्ट के नोटिस में कहा गया है। दरअसल सोमवार को हुई सुनवाई में वरिष्ठ वकील फली नरीमन ने सबरीमला पुनर्विचार मामले में पीठ की कार्यवाही पर...

अयोग्यता पर फैसला देने के लिए स्पीकर का समय निर्धारण करने के SC के फैसले पर वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने संदेह जताया 
अयोग्यता पर फैसला देने के लिए स्पीकर का समय निर्धारण करने के SC के फैसले पर वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने संदेह जताया 

वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के तीन न्यायाधीशों के बेंच के हालिया फैसले के बारे में संदेह व्यक्त किया जिसमें स्पीकर को संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत विधायकों की अयोग्यता पर निर्णय लेने के लिए समय-सीमा निर्धारित की है। यह मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष हुआ जो DMK की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष को 2017 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी के विश्वास प्रस्ताव में विरोध में वोट करने वाले ओ...

मध्यस्थता: धारा 29ए के तहत बढ़ायी गयी समय सीमा 2019 के संशोधन की तारीख को लंबित मुकदमे पर लागू होगी : दिल्ली हाईकोर्ट
मध्यस्थता: धारा 29ए के तहत बढ़ायी गयी समय सीमा 2019 के संशोधन की तारीख को लंबित मुकदमे पर लागू होगी : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी है कि मध्यस्थल एवं सुलह अधिनियम 1996 की धारा 29(ए)(1) में 2019 के जरिये किये गये संशोधन के तहत मध्यस्थता प्रक्रिया पूरी करने के लिए बढ़ायी गयी समय सीमा संशोधन के दिन लंबित मध्यस्थता पर भी लागू होती है।न्यायमूर्ति जे आर मिधा ने कहा :"इस कोर्ट का मानना है कि प्रक्रियागत कानून होने के नाते मध्यस्थता और सुलह कानून की संशोधित धाराएं 23(4) और 29(ए)(1) संशोधान की तारीख को लंबित मध्यस्थता प्रक्रियाओं पर भी लागू होंगी।"मध्यस्थता एवं सुलह कानून, 1996 की असंशोधित धारा...

सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार के सीएए को चुनौती देने वाले सूट पर केंद्र सरकार को समन जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार के सीएए को चुनौती देने वाले सूट पर केंद्र सरकार को समन जारी किया

सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने मंगलवार को केरल राज्य द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 की वैधता को चुनौती देते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ दाखिल वाद पर मंगलवार को भारत संघ को समन जारी किया। केंद्र सरकार को यह समन अटॉर्नी जनरल के माध्यम से सर्व किया गया है। 13 जनवरी को केरल ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत एक अभूतपूर्व कदम में केंद्रीय कानून को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक सूट दाखिल किया था। केरल राज्य ने विवादास्पद नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 की वैधता को चुनौती देते हुए भारत के...

सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाही की लाइव स्ट्रीमिंग : सुप्रीम कोर्ट ने मामले को CJI के पास भेजा
सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाही की लाइव स्ट्रीमिंग : सुप्रीम कोर्ट ने मामले को CJI के पास भेजा

सुप्रीम कोर्ट ने अदालती कार्रवाही की लाइव स्ट्रीमिंग के मामले को उस समय मुख्य न्यायाधीश ( CJI) के पास प्रशासनिक तौर पर फैसला लेने के लिए भेज दिया जब सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल ने बताया कि लाइव स्ट्रीमिंग के लिए बुनियादी ढांचे की स्थापना की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और पायलट प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है।मंगलवार वो वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह की अर्जी पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ ने कहा कि अदालत इस संबंध में कोई न्यायिक आदेश जारी नहीं कर सकती। पीठ ने कहा कि भारत के मुख्य...

पीड़ित/ शिकायतकर्ता को विरोध याचिका दाखिल करने का अधिकार, सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले की पुष्टि की
पीड़ित/ शिकायतकर्ता को विरोध याचिका दाखिल करने का अधिकार, सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले की पुष्टि की

सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास उच्च न्यायालय के उस फैसले की पुष्टि की है जिसमें यह कहा गया था कि कोई याचिकाकर्ता, पीड़ित होने के नाते, पुलिस की अंतिम रिपोर्ट की स्वीकृति से पहले नोटिस के लिए अनिवार्य रूप से हकदार है और यदि ऐसा कोई नोटिस नहीं दिया गया है तो विरोध याचिका दायर करना उसका अधिकार है। दरअसल मद्रास हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति एडी जगदीश चंदीरा की पीठ ने पिछले साल संबंधित मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया था कि शिकायतकर्ता (उत्तरदाता) के उच्च मूल्य वाली भूमि के संबंध में किए गए घोटाले से संबंधित मामले...

ओपेन डिस्टेंस लर्न‌िंग और पारंपरिक संस्‍थानों के जरिए प्राप्त बीसीए डिग्र‌ियों के बीच अंतर करना अनुच्छेद 14 का उल्लंघनः दिल्ली हाईकोर्ट
ओपेन डिस्टेंस लर्न‌िंग और पारंपरिक संस्‍थानों के जरिए प्राप्त बीसीए डिग्र‌ियों के बीच अंतर करना अनुच्छेद 14 का उल्लंघनः दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि बीसीए की डिग्री, ओपन डिस्टेंस लर्निंग इंस्टीट्यूशन से प्राप्त की गई हो या पारंपरिक संस्थान/ कॉलेज से, एक ही बराबर मानी जाएगी। 30 जनवरी को दिए आदेश में जस्टिस राजीव शकधर ने कहा,"उन छात्रों के बीच वर्गीकरण, जिन्होंने ओडीएल संस्थानों से बीसीए ‌ड‌िग्री प्राप्त की है और जिन्होंने पारंपरिक विश्वविद्यालयों से ड‌िग्री प्राप्त की है, किसी भी समझदार भिन्नता पर आधारित नहीं है। ऐसा वर्गीकरण स्पष्‍ट रूप से भेदभावपूर्ण है। यह अनुचित रूप से उन छात्रों को उच्च शिक्षा से बाहर करता...

शाहीन बाग : सार्वजनिक स्थानों पर धरने को लेकर दिशा- निर्देशों पर जल्द सुनवाई का आग्रह,  CJI ने कहा रजिस्ट्रार के पास जाएं 
शाहीन बाग : सार्वजनिक स्थानों पर धरने को लेकर दिशा- निर्देशों पर जल्द सुनवाई का आग्रह, CJI ने कहा रजिस्ट्रार के पास जाएं 

दिल्ली के शाहीन बाग में सीएए-एनपीआर-एनआरसी के खिलाफ 15 दिसंबर से चल रहे धरना- प्रदर्शन के मद्देनज़र सार्वजनिक स्थानों पर विरोध और आंदोलनों को लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की गई। मंगलवार को याचिकाकर्ता के वकील शशांक देव सुधी ने मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे से मामले की जल्द सुनवाई का आग्रह किया। लेकिन CJI ने कहा कि इस मामले में मेंशनिंग रजिस्ट्रार के सामने जाकर अनुरोध करें। दरअसल सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर इस मामले में व्यापक...

2002 गुजरात दंगे : मोदी को क्लीन चिट देने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 14 अप्रैल को करेगा सुनवाई
2002 गुजरात दंगे : मोदी को क्लीन चिट देने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 14 अप्रैल को करेगा सुनवाई

गुजरात में 2002 गोधरा कांड के बाद हुए दंगों की जांच करने वाली SIT के गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी व अन्य को क्लीन चिट देने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई को 14 अप्रैल के लिए टाल दिया है। हालांकि मंगलवार को जस्टिस ए एम खानविलकर की पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की अनुपस्थित रहने पर सुनवाई टालने के आग्रह को मान लिया और कहा, " इस केस में 6 बार सुनवाई टल चुकी है। हम इसे कितने लंबे समय तक ऐसे ही रखेंगे। आप हमें एक तारीख बताएं जिसमें दोनों पक्ष उपस्थित...

ब्लड बैंक और संशोधित एनबीटीसी दिशानिर्देशों के विनियमन की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
ब्लड बैंक और संशोधित एनबीटीसी दिशानिर्देशों के विनियमन की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन और न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट की खंडपीठ ने देश में ब्लड बैंकों और रक्त भंडारण इकाइयों को मज़बूत बनाने और इनको विनियमित करने से संबंधित जनहित याचिका (पीआईएल) पर नोटिस जारी किया है। यह याचिका एसोसिएशन ऑफ रुरल सर्जन्स ऑफ़ इंडिया, जन स्वास्थ्य सहयोग शहीद हॉस्पिटल ने दायर किया है। याचिका में श्रेणी A, B और C के तहत वरीयता वाले जिलों में ब्लड बैंकों के विनियमन का आदेश देने की मांग की गई है। श्रेणियों का यह वर्गीकरण नेशनल एड्ज़ कंट्रोल प्रोग्राम- III ने नेशनल एड्ज़ कंट्रोल...

शाहीन बाग : सार्वजनिक स्थानों पर धरने को लेकर दिशा- निर्देशों की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका
शाहीन बाग : सार्वजनिक स्थानों पर धरने को लेकर दिशा- निर्देशों की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका

दिल्ली के शाहीन बाग में सीएए-एनपीआर-एनआरसी के खिलाफ 15 दिसंबर से चल रहे धरना- प्रदर्शन के मद्देनज़र सार्वजनिक स्थानों पर विरोध और आंदोलनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर इस मामले में व्यापक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है। याचिकाकर्ता डॉक्टर नंदकिशोर गर्ग ने कहा है कि इसमें कोई शक नहीं है कि शाहीन बाग का विरोध संविधान के पैरामीटर के भीतर है और इसे गैरकानूनी नहीं कहा जा सकता। हालांकि, पूरे विरोध ने उस समय अपनी वैधता को खो दिया, जब दूसरों को संविधान से मिले संरक्षण...

परिवीक्षाधीन जज के निष्कासन का सामान्य आदेश जारी करने से पहले प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करना आवश्यक नहींः बॉम्‍बे हाईकोर्ट
परिवीक्षाधीन जज के निष्कासन का सामान्य आदेश जारी करने से पहले प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करना आवश्यक नहींः बॉम्‍बे हाईकोर्ट

एक महत्वपूर्ण फैसले में, बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि परिवीक्षाधीन जज के निष्कासन का आदेश सरलीकृत निष्कासन है। ऐसे निष्कासन आदेश जारी करने से पहले प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करना या किसी भी प्रकार की जांच कराना आवश्यक नहीं है। ज‌स्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एनबी सूर्यवंशी की खंडपीठ ने अजय दिनोद द्वारा दायर की गई रिट याचिका को खारिज कर दिया। अजय दिनोद को 2014 में अकोला में जिला न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था और बाद में 2015 में उन्हें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश का अधिकार दिया...

खुले बोरवेल में बच्चों की मौत का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से जवाब मांगा
खुले बोरवेल में बच्चों की मौत का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा कि वे देश भर में बच्चों को खुले बोरवेल में गिरने और मरने से रोकने में नाकाम रहने के लिए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली याचिका पर जवाब दाखिल करें।जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस एम आर शाह की पीठ ने वकील जी एस मणि द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की है जिन्होंने 2010 में शीर्ष अदालत द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दिशा-निर्देश भी...

केरल हाईकोर्ट का फैसला, बच्चों के भरण-पोषण के लिए प‌िता की पेंशन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है
केरल हाईकोर्ट का फैसला, बच्चों के भरण-पोषण के लिए प‌िता की पेंशन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है

केरल हाईकोर्ट ने माना है कि बच्चों के भरण-पोषण के भुगतान के लिए प‌िता की पेंशन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। जस्टिस के हरिलाल और जस्टिस सीएस डायस की एक खंडपीठ इस सवाल पर विचार कर रही थी कि क्या पिता के पेंशन संबंधी लाभों से बच्चों को देय रखरखाव के बकाये का भुगतान करने से छूट दी गई है। यह सवाल संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत दायर मूल याचिका में था, जिसमें एक एक्स‌क्यूशन कोर्ट के आदेशों को चुनौती दी गई ‌थी, जिसने याचिकाकर्ता के नियोक्ता- केएसआरटीसी- को कोर्ट में रखरखाव के बकाया को जमा करने का...