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CAA के विरोध में नाटक पर बीदर में दर्ज FIR रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
एक मानवाधिकार कार्यकर्ता ने CAA-NPR-NRC की आलोचना करते हुए कर्नाटक के बीदर में शाहीन स्कूल में आयोजित एक नाटक के संबंध में 26 जनवरी को दर्ज देशद्रोह की FIR को रद्द करने के निर्देश के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।याचिका में पुलिस की कार्रवाही का विरोध किया गया है जिसमें एक शिक्षक और एक विधवा मां की गिरफ्तारी की गई।बच्चों से पूछताछ करना इस प्रक्रिया का दुरुपयोग था और नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता, योगिता भयाना ने अपने वकील उत्सव सिंह बैंस के...
सुप्रीम कोर्ट ने आयुष स्नातक कोर्स में नीट को लागू करने को सही ठहराया
सुप्रीम कोर्ट ने आयुष के अंडर ग्रेजुएट कोर्स जैसे बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएसएमएस और बीएचएमएस में प्रवेश के लिए अखिल भारतीय राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET)को सही ठहराया है। न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा है कि आयुष पाठ्यक्रमों के लिए भी न्यूनतम स्तर को नीचा नहीं किया जा सकता। भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (भारतीय चिकित्सा शिक्षा में न्यूनतम मानदंड) विनियमन, 1986 को 2018 में संशोधित किया गया। विनियमन 2(d), 2018 यह कहता है कि सभी चिकित्सा संस्थानों...
ज़मानत आवेदनों को तेजी से निपटाना चाहिए, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में ज़मानत आवेदनों के लंबे समय से लंबित रहने पर नाराज़गी जताई
कलकत्ता हाईकोर्ट के समक्ष अगस्त 2018 में दायर ज़मानत आवेदन के लंबित रहने के मामले में अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि ज़मानत के आवेदनों को तेजी और आखिरकार तत्परता से निपटाए जाने चाहिए। हाईकोर्ट ने एक आरोपी द्वारा दायर ज़मानत अर्जी पर फैसला करने के बजाय उस पर अंतरिम आदेश जारी कर दिए। अंतरिम आदेश में संशोधन के लिए उसके आवेदन की अस्वीकृति के खिलाफ दायर अपील पर विचार करते हुए न्यायामूर्ति एएम खानविलकर और न्यायामूर्ति दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने कहा, "उक्त जमानत अर्जी को...
आठ राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यक घोषित करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने उस जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया जिसमें जम्मू-कश्मीर समेत आठ राज्यों में हिन्दुओं को अल्पसंख्यक के तौर पर शामिल कर नई अधिसूचना जारी करने की मांग की गई थी। गुरुवार को जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन की पीठ ने याचिकाकर्ता को संबंधित उच्च न्यायालय जाने की स्वतंत्रता दे दी। याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका को वापस ले लिया। ये याचिका बीजेपी नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने दाखिल की थी। याचिका में लक्षद्वीप, मिजोरम, नगालैंड, मेघालय, जम्मू कश्मीर, अरुणाचल...
सुप्रीम कोर्ट ने DGP के खिलाफ जारी NBW के कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस उपाधीक्षक के तबादले से जुड़े एक मामले में राज्य के DGPऔर IGP के खिलाफ गैर जमानती वारंट ( NBW) जारी करने के कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी है।मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे, जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कर्नाटक सरकार और पुलिस प्रमुख, प्रवीण सूद की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा दलीलें देने के बाद यह आदेश पारित किया।अदालत ने सूचीबद्ध मामलों की समाप्ति के बाद इस मुद्दे पर सुनवाई करने फैसला किया क्योंकि मेहता ने तत्काल सुनवाई की मांग की...
तुगलकाबाद रविदास मंदिर : ट्रस्ट का गठन ना करने पर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल
दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित रविदास मंदिर के निर्माण को लेकर पूर्व लोकसभा सांसद अशोक तंवर ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। अपनी अवमानना याचिका में तंवर ने कहा है कि उनकी रिट याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2019 में गुरु रविदास मंदिर के पुनर्निर्माण और मूर्तियों और समाधि की बहाली का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को एक समिति गठित करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया था जो गुरु रविदास मंदिर का निर्माण करेगी लेकिन आज तक ऐसी कोई समिति नहीं बनाई गई है।अवमानना याचिका में यह भी...
LLM छात्रा से बलात्कार: चिन्मयानंद को मिली जमानत के खिलाफ पीड़िता पहुंची सुप्रीम कोर्ट, 24 फरवरी को सुनवाई
LLM की छात्रा से बलात्कार के आरोपी भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा जमानत देने के खिलाफ पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की 24 फरवरी को सुनवाई करने पर सहमति जताई है। गुरुवार को वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे के समक्ष इस याचिका पर जल्द सुनवाई का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चिन्मयानंद की वजह से पीड़िता को खतरा भी है। CJI बोबडे ने सहमति जताते हुए कहा कि 24 फरवरी को मामले को सूचीबद्ध...
सूरत में बच्ची से रेप और हत्या : सुप्रीम कोर्ट ने दोषी को फांसी के लिए 29 फरवरी के डेथ वारंट पर रोक लगाई
गुजरात के सूरत में तीन साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या के दोषी की फांसी के लिए 29 फरवरी के लिए जारी डेथ वारंट पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की पीठ ने सूरत की पोक्सो अदालत द्वारा जारी डेथ वारंट पर रोक लगा दी।सुनवाई के दौरान दोषी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अपराजिता सिंह ने पीठ को बताया कि हाईकोर्ट द्वारा मौत की सजा की पुष्टि करने के बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए 60 दिनों का समय था लेकिन इससे पहले ही डेथ वारंट जारी कर दिया।इस पर मुख्य...
1997 उपहार त्रासदी : अंसल बंधुओं की सजा बढ़ाने की पीड़ितों की क्यूरेटिव खारिज, मामले को फिर से खोलने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार किया
1997 उपहार त्रासदी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अंसल बंधुओं को राहत देते हुए पीड़ितों की क्यूरेटिव याचिका को खारिज कर दिया है और मामले को फिर से खोलने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे, जस्टिस एन वी रमना और जस्टिस अरुण मिश्रा ने चेंबर में विचार कर सुशील अंसल और गोपाल अंसल की जेल की सजा बढ़ाने की मांग भी ठुकरा दी। 13 फरवरी को दिए गए इस क्यूरेटिव याचिका के फैसले में खुली अदालत में मांग भी ठुकरा दी गई है। फैसले में कहा गया है कि इस याचिका में कोई मेरिट नहीं है।दरअसल उपहार पीड़ित...
बार में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता न्यायिक शाखा में ताजा दृष्टिकोण लाते हैं : सुप्रीम कोर्ट
न्यायिक अधिकारियों पर यह निर्णय देते हुए कि वो जिला जजों के पद पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन करने के लिए योग्य नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बार में एक सफल वकील के अनुभव को न्यायिक अधिकारियों से कम महत्वपूर्ण नहीं माना जा सकता है। पी रामकृष्णम राजू बनाम भारत संघ और अन्य (2014) में SC के फैसले का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि "बार में एक सफल वकील द्वारा प्राप्त अनुभव और ज्ञान को कभी भी किसी भी दृष्टिकोण से एक न्यायिक अधिकारी द्वारा प्राप्त अनुभव को देखते हुए कम महत्वपूर्ण नहीं माना जा...
कोल घोटाला : सुप्रीम कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट के लिए CBI को 4 हफ्ते दिए, आरएस चीमा स्पेशल PP बने रहेंगे
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सीबीआई को 'कोल-गेट' घोटाले के संबंध में नए सिरे से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने पिछले साल दिसंबर में दावा किया था कि कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले में जांच में हेरफेर के लिए सीबीआई के पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा के खिलाफ जांच लगभग पूरी हो चुकी है। बुधवार को वकील और याचिकाकर्ता एम एल शर्मा ने मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष आग्रह किया कि "जिंदल स्टील कोल ब्लॉक आवंटन का सबसे बड़ा लाभार्थी था और...
मतदाता पहचान पत्र नागरिकता का पर्याप्त सबूत, मुंबई की अदालत ने दो लोगों को बांग्लादेश से भारत में अवैध घुसपैठ करने के आरोप से किया बरी
मुंबई में अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने हाल ही में मुंबई पुलिस द्वारा बांग्लादेश से यहां घुसपैठ करने के आरोप में पकड़े गए दो लोगों को बरी कर दिया। इस मामले में न्यायालय ने माना कि एक निर्वाचन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र नागरिकता का पर्याप्त प्रमाण है, क्योंकि किसी व्यक्ति को जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रपत्र 6 के मद्देनजर संबंधित प्राधिकारी के समक्ष घोषणा पत्र दाखिल करना होता है कि वह भारत का नागरिक है और यदि घोषणा मिथ्या पाई जाती है तो उस व्यक्ति को दंड मिलना चाहिए। एसीएमएम...
अवैध रेत खनन : राजस्थान में अवैध रेत खनन गतिविधियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिए जांच के निर्देश
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एसए बोबड़े के नेतृत्व वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने बुधवार को राजस्थान में अवैध रेत खनन के मामले में कड़ी नाराजगी जाहिर की। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय सशक्तिकरण समिति (सीईसी) को निर्देश दिया है कि वह राजस्थान राज्य में अवैध रेत खनन गतिविधियों की जांच करे और 6 सप्ताह के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ एक रिपोर्ट प्रस्तुत करे। राजस्थान के हर जिले के कलेक्टर और एसपी को भी राज्य में अवैध रेत खनन पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। रेत खनन से संबंधित...
तथ्यों के विवादित प्रश्न होने पर भी हाईकोर्ट को रिट याचिकाएं सुनने से मनाही नहीं : सु्प्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाईकोर्ट को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका सुनने से मनाही नहीं है, भले ही तथ्यों के विवादित प्रश्न विचार के लिए क्यों न हों, लेकिन यदि उन्हें निष्कर्ष के लिए व्यापक साक्ष्य की आवश्यकता नहीं है। मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील पर विचार कर रही थी, जिसमें एक रिट याचिका को इस आधार पर सुनने से इन्कार कर दिया गया था कि उसमें तथ्यों का सवाल शामिल था। रिट...
(मेघालय): जिला परिषद न्यायालयों के पास उन आपराधिक मामलों की सुनवाई करने का अधिकार, जिसमें पीड़ित और आरोपी दोनों अनुसूचित जनजाति के हों : SC
सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि मेघालय में जिला परिषद न्यायालयों के पास उन आपराधिक मामलों की सुनवाई करने का अधिकारक्षेत्र है जिसमें पीड़ित और आरोपी दोनों अनुसूचित जनजाति के हों।अदालत मेघालय उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ राज्य द्वारा दायर अपील पर विचार कर रही थी, जिसमें सत्र न्यायाधीश, नोंगस्टोइन, पश्चिम खासी हिल्स डिस्ट्रिक्ट ऑफ जज से शिलांग स्थित खासी हिल्स स्वायत्त जिला परिषद के न्यायालय में अभियुक्त के खिलाफ एक आपराधिक मामला स्थानांतरित किया गया था।अपील में दिया गया तर्क यह था कि संविधान की 6...
बीदर स्कूल मामलाः बच्चों से पूछताछ के मामले में किसी नियम का उल्लंघन नहीं, कर्नाटक हाईकोर्ट में पुलिस का बयान
कर्नाटक सरकार ने बुधवार को कर्नाटक हाईकोर्ट को बताया कि राजद्रोह के मामले की जांच कर रहे अधिकारी बीदर स्कूल मामले में बच्चों से आगे पूछताछ/परामर्श नहीं करेंगे। उल्लेखनीय है कि शाहीन एजुकेशन सोसाइटी, बीदर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ एक नाटक खेले जाने के बाद पुलिस ने स्कूल प्रबंधन और दो महिलाओं औरके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया है। नाबालिग छात्रों से अवैध रूप से पूछताछ किए जाने के मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग के लिए दायर याचिका का विरोध करते हुए महाधिवक्ता...
कसूरवार के खिलाफ साक्ष्य में विसंगतियां अनुशासनात्मक जांच के निष्कर्षों में हस्तक्षेप का आधार नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अनुशासनात्मक जांच के निष्कर्षों में केवल इस आधार पर हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता कि कसूरवार के खिलाफ सबूतों में विसंगतियां हैं। न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नज़ीर और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की खंडपीठ ने कहा है कि एक बारगी विभागीय अधिकारी द्वारा साक्ष्य स्वीकार कर लेने के बाद न्यायिक समीक्षा के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते वक्त ट्रिब्यूनल या हाईकोर्ट साक्ष्य के पुनर्मूल्यांकन के माध्यम से प्राप्त निष्कर्षों के साथ हस्तक्षेप नहीं कर सकता। इस मामले में, एक पुलिस निरीक्षक...
ब्रेकिंगः SC कॉलेजियम ने दिल्ली HC से जस्टिस मुरलीधर और बॉम्बे HC से जस्टिस रंजीत मोरे के ट्रांसफर की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मुरलीधर को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने की सिफारिश की है।कॉलेजियम ने बॉम्बे हाईकोर्ट के जज जस्टिस रंजीत मोरे को मेघालय हाईकोर्ट और कर्नाटक हाई कोर्ट के जज जस्टिस रवि विजयकुमार मलीमठ को उत्तराखंड हाईकोर्ट ट्रांसफर करने की भी सिफारिश की है। न्यायमूर्ति मुरलीधर वर्तमान में दिल्ली उच्च न्यायालय के तीसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश हैं, जबकि जस्टिस मोरे दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति धर्माधिकारी के इस्तीफे...
















