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जेलों से कैदियों की भीड़ कम करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार, याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने के लिए कहा
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को COVID-19 महामारी के मद्देनजर कैदियों को रिहा कर जेलों से भीड़ कम करने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ ने याचिका का निपटारा इस निर्देश के साथ किया कि याचिकाकर्ता को इस मामले में राहत के लिए क्षेत्राधिकार के उच्च न्यायालयों से संपर्क करने की स्वतंत्रता है। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस सूर्यकांतकी बेंच ने 23 मार्च को स्वतः संज्ञान मामले में ...
निजामुद्दीन मरकज़ मुद्दे की CBI जांच की जरूरत नहीं, आनंद विहार में " गलत सूचना" के चलते इकट्ठा हुए प्रवासी: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया कि नई दिल्ली में निजामुद्दीन मरकज़ मुद्दे पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा कोई अलग से जांच शुरू करने की आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा, जवाबी हलफनामा बताता है कि " गलत सूचना " के प्रचलन के कारण 28 मार्च को आनंद विहार बस टर्मिनल पर हजारों लोग इकट्ठा हुए थे, न कि अधिकारियों की शिथिलता के कारण।सरकार की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया है कि उक्त मामले की जांच दिन-प्रतिदिन के हिसाब से की जा रही है। यह कानून के अनुसार सभी मामलों में...
COVID-19 रोगियों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों द्वारा शुल्क वसूलने की सीमा तय करने वाली याचिका पर SC ने केंद्र से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस जनहित याचिका में केंद्र की प्रतिक्रिया मांगी है जिसमें कोरोना के रोगियों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों द्वारा शुल्क वसूलने की सीमा तय करने और क्वारंटाइन व संक्रमण के बाद की सुविधाओं के लिए अस्पतालों में दाखिल के प्रयोजनों के लिए पारदर्शी तंत्र बनाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता अविषेक गोयनका ने अदालत को बताया कि निजी अस्पताल COVID रोगियों से अत्यधिक शुल्क वसूल रहे हैं, जिससे यह अधिकांश रोगियों के लिए दुर्गम हो जाता है, जिससे अनुच्छेद 14 और 21 प्रभावित...
' किसी अतिथि कामगार को भूखा नहीं रहने दिया ' : केरल सरकार ने स्वतः संज्ञान मामले में सुप्रीम कोर्ट के सामने तथ्य रखे
केरल सरकार ने प्रवासी मजदूरों के संकट से संबंधित स्वतः संज्ञान मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचार के लिए तथ्यों की रिपोर्ट दाखिल की है।केरल की राज्य सरकार ने कहा है कि उसने इस हानिकारक प्रभाव का जायजा लिया है कि प्रवासियों पर लॉकडाउन का प्रभाव पड़ा है और सार्वजनिक जीवन के कई क्षेत्रों में वो स्थिति से निपटने के लिए उपाय करने पर एक रोल मॉडल रहा है। इसलिए इसमें प्रवासी मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए उपयुक्त उपायों पर प्रकाश डाला गया है। " COVID -19 महामारी...
प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा पर सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान लेने के बाद अब मामले के मूल याचिकाकर्ताओं ने अदालत की सहायता करने के लिए हस्तक्षेप आवेदन दिया
पिछले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने COVIDलॉकडाउन के बाद देश भर में फंसे प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा पर स्वत संज्ञान लिया था,जिसके बाद एक्टिविस्ट अंजलि भारद्वाज और हर्ष मंदर के अलावा, आईआईएम-अहमदाबाद के पूर्व डीन जगदीप एस. छोकर ने इस मामले में न्यायालय की सहायता करने की अनुमति मांगी है। इस मामले में हस्तक्षेप करने के आवेदन दायर करते हुए मांग की गई है कि ''आवेदक उनके द्वारा दायर पूर्व में दायर की जनहित याचिकाओं को रिकॉर्ड पर रखकर इस मामले में अदालत की सहायता करना चाहते हैं।'' यह जनहित याचिकाएं...
प्रवासियों की मुंबई से यूपी की यात्रा के खर्च के लिए वकील की 25 लाख रुपए जमा करने की पेशकश सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार की
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मुंबई के एक वकील का प्रवासी मज़दूरों की यात्रा के लिए 25 लाख रुपये देने के अनुरोध स्वीकार कर लिया। अदालत ने एक सप्ताह की अवधि में ऐसा करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने अधिवक्ता सगीर अहमद को निर्देश दिया कि वे प्रवासी श्रमिकों के लिए मुंबई से उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर तक रेल खर्च का भुगतान करने की पेशकश के बाद सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में सेक्रेटरी जनरल के नाम से उक्त राशि जमा करें। वीडियो...
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने उसके चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की आलोचना करने वाले लेख के प्रकाशन पर LiveLaw और लेखक के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के कामों और फैसलों की आलोचना करने वाले एक लेख के LiveLaw पर प्रकाशन के बाद LiveLaw के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया है। बीसीआई ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा है कि "यह ध्यान देने योग्य है कि" लाइव लॉ "ने अपने मंच को बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ व्यक्तिगत आरोप लगाने के लिए उन्हें बदनाम करने के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दी है।" बीसीआई ने कहा, "श्री मनन कुमार...
यदि कामगारों को भुगतान किया जाएगा तो वे प्रवास नहीं करेंगे : कर्मियों को पूरा वेतन देने के MHA के आदेश पर अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अंतरिम आदेश पारित किया कि मजदूरी के पूर्ण भुगतान के लिए गृह मंत्रालय (एमएचए) के 29 मार्च के आदेश का पालन करने में विफलता के लिए नियोक्ताओं के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।कामगारों को पूरा वेतन न देने वाले नियोक्ताओं पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं : सुप्रीम कोर्टशीर्ष अदालत गृह मंत्रालय (एमएचए) के 29 मार्च के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक बैच पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें लॉकडाउन की अवधि के दौरान कटौती किए बिना नियोक्ताओं को अपने श्रमिकों को...
दिल्ली- NCR में यात्रा के लिए एक समान और सुसंगत नीति होनी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सभी तीन हितधारक राज्य सरकारों को एक साथ आने और केंद्र के साथ बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया ताकि एनसीआर के भीतर व्यक्तियों के आवागमन के लिए एक आम योजना तैयार की जा सके। यह मानते हुए कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली की सरकारों की विरोधाभासी नीतियों के कारण लोग पीड़ित हैं, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमआर शाह की पीठ का मानना था कि एनसीआर में नियमों के लिए केवल एक समेकित नीति होनी चाहिए ।शुरुआत में,...
COVID-19 संक्रमण से बचने के लिए आखिरी जिम्मेदारी हेल्थ केयर वर्कर की : स्वास्थ्य मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट मेंं बताया
COVID-19 रोगियों के इलाज में शामिल स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए आवास और क्वारंटीन सुविधाओं की मांग करने वाली एक याचिका पर जवाब दाखिल करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि स्वास्थ्य देखभाल कर्मी स्वयं को संक्रमण से बचाने के लिए जिम्मेदार हैं। मंत्रालय की ओर से दायर एक हलफनामे में कहा गया है, " हालांकि स्वास्थ्य सुविधा में अस्पताल संक्रमण नियंत्रण समिति (HICC) संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण (IPC) गतिविधियों को लागू करने और HCW के लिए IPC के नियमित...
अभियुक्त को सहअभियुक्त की गवाही के आधार पर दोषी ठहराना सुरक्षित नहींः सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी अभियुक्त को सहअभियुक्त की अपुष्ट गवाही के आधार पर दोषी ठहराना सुरक्षित नहीं है। जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन, केएम जोसेफ और वी रामासुब्रमण्यम की पीठ ने कहा कि एक सहअभियुक्त को अपनी गवाही के भौतिक विवरणों की पुष्टि करनी चाहिए। अदालत ने तमिलनाडु के पूर्व विधायक एमके बालन के अपहरण और हत्या के दोषियों का दोष बरकरार रखा। 2001 के इस मामले में एक डिवीजन बेंच के विभाजित फैसले के बाद 3 जजों की बेंच के पास भेजा गया था। इस मामले में, न्यायालय ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम के दो...
कामगारों को पूरा वेतन न देने वाले नियोक्ताओं पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अंतरिम आदेश पारित किया कि वेतन के पूर्ण भुगतान के लिए 29 मार्च की अधिसूचना के अनुपालन में विफलता के लिए नियोक्ताओं के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।29 मार्च को जारी आदेश के अनुसार किसी भी नियोक्ता के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी, 12 जून को आने वाले आदेश तक ये अंतरिम आदेश जारी किया गया है। सभी पक्षों को तीन दिनों के भीतर लिखित दलीलें दाखिल करने की स्वतंत्रता दी गई हैं।जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने ये आदेश दिया।...
सुप्रीम कोर्ट ने मोहलत की अवधि के दौरान EMI पर ब्याज लेने पर चिंता जताई, मामले को 12 जून के लिए सूचीबद्ध किया
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा मोहलत की अवधि के दौरान EMI पर ब्याज लेने की छूट देने की अनुमति देने पर चिंता व्यक्त करते हुए मौखिक टिप्पणियां कीं। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एस के कौल और जस्टिस एम आर शाह की पीठ ने गजेन्द्र शर्मा की 27 मार्च और 22 मई के RBI परिपत्रों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उन्होंने वित्तीय संस्थानों को 6 महीने की मोहलत के दौरान ऋण पर ब्याज लगाने की अनुमति को रद्द करने की मांग की है।जस्टिस भूषण ने कहा, "इसमें दो मुद्दे...
जब अपहरण के बाद हत्या होती है तो कोर्ट अपहरणकर्ता को हत्यारा मान सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट की तीन-सदस्यीय खंडपीठ ने तमिलनाडु के नेता एम के बालन को 2001 में हुए अपहरण और हत्या का दोषी करार दिया है। दो-सदस्यीय खंडपीठ के खंडित फैसले के कारण इस मामले को तीन-सदस्यीय पीठ को सौंपा गया था। न्यायमूर्ति (अब सेवानिवृत्त) वी. गोपाल गौड़ा और न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने 2016 में इस मामले में खंडित निर्णय दिया था। न्यायमूर्ति गौड़ा ने आरोपी को बरी कर दिया था, जबकि न्यायमूर्ति मिश्रा ने अभियुक्त को दोषी ठहराया था। (सोमासुन्दरम उर्फ सोमू बनाम पुलिस आयुक्त के माध्यम से राज्य सरकार, (2016)...
EMI की मोहलत पर ब्याज पर छूट से बैंकों की वित्तीय स्थिरता और स्वास्थ्य को खतरा होगा : RBI ने सुप्रीम कोर्ट में बताया
EMI चुकाने के लिए मोहलत के दौरान ब्याज के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने जवाबी हलफनामे में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा है कि टर्म लोन चुकाने पर रोक के दौरान ब्याज पर छूट से बैंकों की वित्तीय स्थिरता और स्वास्थ्य को खतरा होगा।RBI ने इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इसमें ब्याज की छूट नहीं हो सकती, क्योंकि इससे बैंकों के वित्तीय स्वास्थ्य और स्थिरता के साथ-साथ देनदारों के हितों को भी खतरा होगा। RBI ने कहा है कि इस कदम के पीछे का उद्देश्य COVID-19...
फंसे हुए छात्रों की समस्या को लेकर SFI ने प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा के संबंध में स्वत: संज्ञान के मामले में SC में हस्तक्षेप याचिका दाखिल की
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने एक आवेदन दायर किया है जिसमें लॉकडाउन के चलते देश भर के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिए गए स्वत: संज्ञान के मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की गई है।अपने आवेदन में, SFI ने बाहरी छात्रों द्वारा सामना की जा रही समस्याओं पर जोर दिया है, जिन्हें उनके मकान मालिकों द्वारा किराए का भुगतान करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।हालांकि कई छात्रों को महामारी के कारण घर लौटने के लिए मजबूर किया गया था, लेकिन मकान...
COVID 19 के बारे में चीन और WHO से पूरी जानकारी लेने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग : सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर COVID 19 के बारे में चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से सभी संगत जानकारियाँ हासिल करने के लिए भारत सरकार को निर्देश जारी करने की मांग की गई है। याचिका "Doctors For You" नामक संगठन ने Advocate On Record Abhishek Singh एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड अभिषेक के माध्यम से दायर की गई है। इसकी रूप रेखा वक़ील सिमर सूरी, आदित्य गिरी, दीपिका जय, शिवानी देवल्ला ने तैयार की है। इस याचिका के माध्यम से मांग की गई है कि भारत सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह चीन और...
मालेगांव ब्लास्ट: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल जज का कार्यकाल बढ़ाने की मांग कर रहे याचिकाकर्ता को बॉम्बे हाईकोर्ट जाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मालेगांव ब्लास्ट मामले की त्वरित सुनवाई की के लिए ट्रायल जज के कार्यकाल को बढ़ाने की मांग कर रहे परिजनों को बॉम्बे हाईकोर्ट जाने के लिए कहा है। मालेगांव ब्लास्ट की सुनवाई कर रहे मुम्बई की विशेष एनआईए कोर्ट के पीठासीन अधिकारी श्री पाडालकर, 29 फरवरी, 2020 को सेवानिवृत्ति चुके हैं। चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने धमाके के पीड़ित के पिता को त्वरित सुनवाई के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट समक्ष अपील करने को कहा। पीठ ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट...



















