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पुलिस अधिकारी ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के अध्याय IV के तहत संज्ञेय अपराध के संबंध में एफआईआर दर्ज नहीं कर सकते, गिरफ्तारी, मुकदमा या जांच नहीं कर सकते हैं:सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिए एक फैसले में कहा है कि पुलिस अधिकारी ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के अध्याय IV के तहत संज्ञेय अपराध के संबंध में एफआईआर दर्ज नहीं कर सकते, गिरफ्तारी, मुकदमा या जांच नहीं कर सकते हैं। जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ ने कहा कि ड्रग्स इंस्पेक्टर द्वारा बिना किसी वारंट के एक्ट के अध्याय IV के तहत आने वाले संज्ञेय अपराधों के संबंध में गिरफ्तारी की जा सकती है और अन्यथा इसे संज्ञेय अपराध माना जा सकता है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार...
गृह मंत्रालय ने अनलॉक 4 गाइडलाइन जारी की : स्कूल, कॉलेज, सिनेमा, 30 सितंबर तक बंद रहेंगे, मेट्रो रेल 7 सितंबर से चलाई जाएगी, राज्यों में आवाजाही पर रोक नहीं
केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने कंटेंमेंट ज़ोन के बाहर के क्षेत्रों में अधिक गतिविधियों को खोलने के लिए अनलॉक 4.0 के दिशानिर्देश जारी किए हैं। कंटेंमेंट ज़ोन में लॉकडाउन 30 सितंबर 2020 तक बढ़ाया गया है। हालांकि, 30 सितंबर 2020 तक छात्रों और नियमित कक्षा गतिविधि के लिए स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक और कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। दिशानिर्देश यह स्पष्ट करते हैं कि व्यक्तियों और वस्तुओं के एक ही राज्य और एक राज्य से दूसरे राज्य आने जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। यह कहा गया है कि इस तरह की आवाजाही के...
सुप्रीम कोर्ट ने चार सप्ताह बाद याचिका सूचीबद्ध करने संबंधी सितम्बर 2019 के आदेश पर अमल नहीं किये जाने को लेकर रजिस्ट्री से मांगा स्पष्टीकरण
सुप्रीम कोर्ट ने एक प्रार्थी की अग्रिम जमानत याचिका चार सप्ताह के भीतर सूचीबद्ध करने के अपने सितंबर 2019 के आदेश पर अमल न किये जाने को लेकर रजिस्ट्री से स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने यह स्पष्टीकरण उस वक्त मांगा जब उसे पता चला कि याचिका को चार सप्ताह के भीतर सूचीबद्ध करने के उसके सितम्बर 2019 के आदेश पर रजिस्ट्री द्वारा अमल नहीं किया गया। अर्जी लंबित रहने के कारण याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी भी हो गयी और इस प्रकार सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उसकी अग्रिम जमानत याचिका निष्प्रभावी हो गयी। न्यायमूर्ति...
सुप्रीम कोर्ट ने विधि सदस्य की नियुक्ति न होने तक सीईआरसी के दो सदस्यों को छुट्टी पर जाने का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग (सीईआरसी) के दो सदस्यों को तब तक छुट्टी पर जाने का आदेश दिया जब तक कि आयोग में एक विधि सदस्य की नियुक्ति नहीं हो जाती। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की खंडपीठ ने यह आदेश आयोग में विधि क्षेत्र के एक सदस्य की नियुक्ति न होने को लेकर के. के. अग्रवाल द्वारा दायर अवमानना याचिका पर जारी किया। यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के 2018 के उस फैसले पर अमल की मांग को लेकर दायर की गयी थी, जिसके तहत आयोग...
(सीआरपीसी की धारा 372) पीड़ित की तरफ से सजा बढ़ाने के लिए दायर अपील सुनवाई योग्य नहीं :सुप्रीम कोर्ट
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि अपर्याप्त सजा के आधार पर दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 372 के तहत पीड़ित की तरफ से दायर अपील सुनवाई योग्य नहीं है।न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी की खंडपीठ ने इस मामले में यह टिप्पणी करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले को बरकरार रखा है। हाईकोर्ट ने एक पीड़ित की तरफ से सीआरपीसी की धारा 372 के तहत दायर अपील को खारिज कर दिया था। इस अपील के तहत पीड़ित ने मांग की थी कि ट्रायल कोर्ट द्वारा दोषी को दी गई सजा को बढ़ाया जाए। इस मामले में आरोपी को...
सुप्रीम कोर्ट ने सुदर्शन टीवी के कथित सांप्रदायिक कार्यक्रम पर प्रसारण-पूर्व निषेधाज्ञा आदेश देने से मना किया, कार्यक्रम में मुसलमानों के यूपीएससी पास करने को बताया गया है जिहादी एजेंडा
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुदर्शन टीवी के एक शो के प्रसारण को रोकने के लिए प्रसारण-पूर्व निषेधाज्ञा आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। शो में कथित रूप से यूपीएससी में मुसलमानों के चयन को सांप्रदायिक रूप दिया जा रहा था। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और केएम जोसेफ की पीठ ने फिरोज इकबाल खान द्वारा दायर एक याचिका में कहा कि कोर्ट को "49 सेकंड की क्लिप के असत्यापित प्रतिलेख" के आधार पर प्रसारण-पूर्व निषेधाज्ञा लागू करने से बचना होगा। पीठ ने कहा, "इस स्तर पर, हम 49 सेकंड की एक क्लिप के असत्यापित...
दिल्ली हाईकोर्ट ने सुदर्शन टीवी के शो पर रोक लगाई, यूपीएससी में मुस्लिमों की भर्ती को बताया है जिहादी एजेंडा
दिल्ली हाईकोर्ट ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों द्वारा दायर याचिका पर सिविल सर्विसेज में कथित रूप से "मुस्लिमों की घुसपैठ" पर आधारित सुदर्शन न्यूज चैनल के ट्रेलर के प्रसारण पर रोक लगा दी है। जस्टिस नवीन चावला की एकल पीठ ने तत्काल सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया है। याचिकाकर्ताओं ने सुदर्शन न्यूज पर "बिंदास बोल" नामक कार्यक्रम के प्रस्तावित प्रसारण को प्रतिबंधित करने की मांग की थी, जिसे आज रात 8 बजे प्रसारित किया जाना है, जिसमें कथित तौर पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया, इसके पूर्व...
COVID-19 चुनाव स्थगित करने का आधार नहीं हो सकता : सुप्रीम कोर्ट ने बिहार विधान सभा चुनाव स्थगित करने की मांग करने वाली याचिकाएं खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को COVID-19 महामारी और बिहार में बाढ़ से हुई तबाही के कारण राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों को स्थगित करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को निर्देश देने की मांग करने वाली दो याचिकाओं को खारिज कर दिया।न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एमआर शाह की खंडपीठ ने इस मामले को सुना और देखा कि याचिका असामयिक है, क्योंकि भारत के चुनाव आयोग ने राज्य में चुनावों की घोषणा करने के लिए अब तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। याचिकाकर्ता ने न्यायालय के समक्ष...
प्रशांत भूषण के खिलाफ अवमानना मामले से नागरिकों को जजों को आईना दिखने से रुकना नहीं चाहिएःसीनियर एडवोकेट दुष्यंत दवे
सीनियर एडवोकेट दुष्यंत दवे बुधवार को मंथन इंडिया द्वारा आयोजित एक वेबिनार में शामिल हुए, जिसका विषय था-"द कॉन्स्टीट्यूशन, रूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस इन COVID19"। सत्र के आरंभ में एतिफ़ेत याहयागा को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा, "लोकतंत्र को खुले समाजों के माध्यम से निर्मित किया जाना चाहिए जो जानकारी साझा करते हैं। जब जानकारी होती है, तो ज्ञान होता है। जब बहस होती है, तो समाधान होते हैं। जब सत्ता का कोई साझाकरण नहीं होता है, कोई नियम कानून नहीं होता है, कोई जवाबदेही नहीं होती है, तो दुर्व्यवहार,...
'राज्य स्तर' पर अल्पसंख्यकों की पहचान, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थान अधिनियम की धारा 2 ( F ) को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राज्य स्तर पर" अल्पसंख्यकों की पहचान के लिए दिशा-निर्देश देने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने इस मामले में 6 सप्ताह में जवाब मांगा है। याचिका में अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थान अधिनियम, 2004 के लिए राष्ट्रीय आयोग की धारा 2 (एफ) को भी चुनौती दी गई है कि यह अल्पसंख्यकों की घोषणा करने के लिए "बेलगाम शक्ति" प्रदान करता है और इसे संविधान...
'मानवीय एवं यथोचित' : सुप्रीम कोर्ट ने दो से अधिक बच्चों वाले न्यायिक कर्मचारियों पर लगाये गये अर्थदंड में छूट संबंधी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का आदेश बरकरार रखा
सुप्रीम कोर्ट ने दो से अधिक बच्चे होने के कारण जिला अदालत के कई कर्मचारियों पर लगाये गये जुर्माने में छूट संबंधी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है। सिविल सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स, 1965 के नियम 22 के उपखंड (4) के अनुसार, यदि किसी सरकारी सेवक के दो से अधिक बच्चे होते हैं और यदि उनमें से किसी एक बच्चे का जन्म 26 जनवरी 2001 के बाद हुआ हो तो उसे कदाचार माना जायेगा। मध्य प्रदेश जिला अदालत प्रतिष्ठान (भर्ती एवं सेवा शर्तें) रूल्स, 2016 का उपरोक्त प्रावधान राज्य के सरकारी कर्मचारियों पर...
(छात्र बनाम UGC) छात्र बिना परीक्षा के पास नहीं किए जा सकते, लेकिन राज्य परीक्षा टालने के लिए UGC से संपर्क कर सकते हैं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के निर्देश को चुनौती देते हुए याचिकाओं का निस्तारण करते हुए 30 सितंबर तक अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को करने के लिए आगे आदेश जारी किए हैं। 1. पीठ ने परीक्षा आयोजित करने के लिए यूजीसी के दिशानिर्देशों को रद्द करने की प्रार्थना से इनकार कर दिया है। 2. विशेष राज्यों में परीक्षा रद्द करने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश यूजीसी के निर्देशों पर लागू होंगे। 3. हालांकि पिछले प्रदर्शन के आधार पर छात्रों को पास करने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का...
कमजोर वर्गों के छात्रों में भेदभाव और डिजिटल विभाजन को खत्म करने के लिए यूनिफॉर्म एजुकेशन पॉलिसी बनाने की मांग संंबंंधित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें मांग की गई है कि केंद्र को निर्देश दिया जाए कि COVID19 महामारी के दौरान अपनाई जाने वाली भेदभावपूर्ण प्रथाओं को रोकने और प्रारंभिक शिक्षा में कमजोर वर्ग के बच्चों की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए वह हर राज्य के लिए एक समान शिक्षा नीति या यूनिफाॅर्म एजुकेशन पाॅलिसी बनाए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले को सुनने के बाद नोटिस जारी किया है। मामले में याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने...
'प्रमुख समाचार चैनल सुशांत सिंह राजपूत की मौत को सनसनीखेज बना रहे हैं' :'मीडिया ट्रायल' को रोकने की मांग करते हुए बाॅम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर
बॉम्बे हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर मांग की गई है कि अभिनेता सुशांत सिंह की मौत के मामले में मीडिया द्वारा प्रसारित खबरों को अस्थाई रूप से स्थगित कर दिया जाए या रोक दिया जाए क्योंकि ''मीडिया ट्रायल'' या ''समानांतर जांच'' सीधे तौर पर या अप्रत्यक्ष रूप से अभिनेता की मौत के मामले में सीबीआई द्वारा की जा रही जांच को प्रभावित करेगी। यह याचिका फिल्म निर्माता नीलेश नवलखा, एक क्षेत्रीय समाचार पत्र के संपादक महिबूब डी शेख और सेवानिवृत्त सिविल सेवक सुभाष चंदर चाबा ने दायर की है। याचिका में मांग...
पेंशन देने का मूल आधार सेवानिवृत्त कर्मचारी को वृद्धावस्था में सम्मानित जीवन जीने का साधन उपलबध कराना है : सुप्रीम कोर्ट
“इस बात को हमेशा ध्यान में रखा जाना चाहिए कि इस तरह के पेंशन देने का मूल आधार सेवानिवृत्त कर्मचारी को वृद्धावस्था में सम्मानित जिन्दगी जीने का साधन उपलबध कराना है तथा इस प्रकार के लाभ से किसी कर्मचारी को अनुचित तरीके से, खासकर बारीकियों के आधार पर वंचित नहीं किया जाना चाहिए।”
स्वामित्व और प्रतिकूल कब्जे की याचिकाओं को एक साथ और उसी तारीख से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि स्वामित्व और प्रतिकूल कब्जे की याचिका को एक साथ और एक ही तारीख से उन्नत नहीं किया जा सकता है। इस मामले में, वादी ने यह दावा करते हुए मुकदमा दायर किया था कि वह शेड्यूल प्रॉपर्टी का पूर्ण और एक मात्र मालिक है और प्रतिवादी द्वारा शेड्यूल प्रॉपर्टी पर बनाए गए अस्थायी निर्माण को हटाने का निर्देश मांगा था। बचाव पक्ष ने दावा किया था कि उक्त संपत्ति वादी के भाई द्वारा उसकी पत्नी को बेची गई थी और उसे पूर्ण मालिक बना दिया गया था। हालांकि, सेल डीड पंजीकृत नहीं की गई, क्योंकि वहा...
"वायरस फैलाने के लिए एक विशेष समुदाय को टारगेट किया जा सकता है" : सुप्रीम कोर्ट ने मुहर्रम जुलूस की अनुमति देने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को COVID 19 महामारी के बीच मुहर्रम जुलूस को अनुमति देने से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यन की पीठ ने कहा कि देश भर में जुलूस निकालने के लिए सामान्य निर्देश देने से अराजकता पैदा होगी और एक विशेष समुदाय को फिर वायरस फैलाने के लिए टारगेट किया जा सकता है। याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत के उदाहरणों का हवाला दिया कि पुरी की रथयात्रा जुलूस को निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं के तहत आयोजित करने की अनुमति दी...
पतंजलि आयुर्वेद ट्रेडमार्क 'कोरोनिल' : सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के आदेश को चुनौती देने वाली अरुद्र इंजीनियर्स द्वारा दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने पतंजलि आयुर्वेद को ट्रेडमार्क 'कोरोनिल' का उपयोग करने से रोकने वाले एकल पीठ के निर्देश पर रोक लगाई थी। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यन की पीठ ने याचिकाकर्ता को मद्रास उच्च न्यायालय के समक्ष मामले को आगे बढ़ाने की स्वतंत्रता के साथ याचिका वापस लेने की अनुमति दी।...
क्या एससी-एसटी आरक्षण के भीतर उप-वर्गीकरण स्वीकार्य है? सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की बेंच ने मामला बड़ी बेंच को भेजा, कहा- 'ईवी चिन्नैया' पर पुनर्विचार की आवश्यकता
सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने गुरुवार को कहा कि ईवी चिन्नैया बनाम आंध्र प्रदेश राज्य में एक समन्वित पीठ के फैसले पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है और मामले को बड़ी पीठ के समक्ष रखने के लिए मुख्य न्यायाधीश के पास भेजा जाए। पीठ ने कहा कि अगर राज्य सरकार के पास आरक्षण देने की शक्ति होती है, वह उप-वर्गीकरण बनाने की भी शक्ति रखती है और इस प्रकार के उप-वर्गीकरण आरक्षण सूची के साथ छेड़छाड़ करने के बराबर नहीं होते हैं।फैसले के संचालक हिस्से को पढ़ते हुए जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा, "संघीय ढांचे...
















