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" उचित फोरम में जाएं " : सुप्रीम कोर्ट ने नेटफ्लिक्स की सुब्रत रॉय के नाम का इस्तेमाल न करने के बिहार की अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आगामी श्रृंखला 'बैड बॉय बिलियनेयर्स' में सुब्रत रॉय के नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाने वाले बिहार की एक निचली अदालत के आदेश के खिलाफ OTT प्लेटफॉर्म ज की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। सीजेआई एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच ने नेटफ्लिक्स को राहत के लिए उपयुक्त फोरम का रुख करने के लिए कहा और कहा कि सुप्रीम कोर्ट वह फोरम नहीं है। नेटफ्लिक्स के लिए अपील करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने अदालत को सूचित किया कि श्रृंखला आज रिलीज होने वाली है, जिसकी...
' सुप्रीम कोर्ट इस स्तर पर आ गया है जहां न्यायाधीश बार से डरते हैं' : SCBA अध्यक्ष दुष्यंत दवे ने CJI को पत्र लिखा और जस्टिस अरुण मिश्रा की विदाई समारोह पर न बोलने देने का आरोप लगाया
न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा के वर्चुअल विदाई समारोह में बोलने के अवसर से वंचित होने से परेशान सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दुष्यंत दवे ने कहा है कि वह इस साल दिसंबर में अपने कार्यकाल के अंत तक सुप्रीम कोर्ट द्वारा आयोजित किसी भी समारोह में भाग नहीं लेंगे।इस घटना से दुखी होकर,दवे ने सीजेआई को एक पत्र लिखा है जिसमें इस पर अपनी "तीव्र निराशा और निंदा" व्यक्त की है।दवे ने सीजेआई को लिखा, "मुझे स्वीकार करना चाहिए, सर्वोच्च न्यायालय ऐसे स्तर पर आ गया है जहां न्यायाधीश बार से डरते हैं।...
जस्टिस अरुण मिश्रा ने विदाई समारोह में कहा, मैंने अपनी अंतरात्मा से हर मामले को निपटा है
न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में अपने अंतिम कार्य दिवस पर अदालत और बार को विदाई दी जब वो भारत के मुख्य न्यायाधीश के साथ पीठ साझा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने हर मामले को अपनी अंतरात्मा से निपटाया है और अपने सहयोगियों और समर्थन के लिए बार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, "मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज से हर मामले को निपटाया है और दृढता से फैसला लिया है।" उन्होंने कहा कि उनके निर्णयों का विश्लेषण किया जा सकता है लेकिन आग्रह किया कि उन्हें कोई...
एक्सक्यूशन प्रोसिडिंग्स के तहत एनसीडीआरसी द्वारा जारी आदेश के खिलाफ अपील उपभोक्ता संरक्षण कानून की धारा 23 के तहत सुनवाई योग्य नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आदेश पर अमल कराने संबंधी न्यायिक कार्यवाही (एक्सक्यूशन प्रोसिडिंग्स) के तहत राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटारा आयोग (एनसीडीआरसी) द्वारा जारी आदेश के खिलाफ उसके समक्ष दायर अपील सुनवाई योग्य नहीं है। एनसीडीआरसी ने मेसर्स एम्बिएंश इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को आदेश दिया था कि वह शिकायतकर्ता को नवम्बर 2002 से रखरखाव शुल्क का 70 प्रतिशत हिस्सा नौ प्रतिशत सालाना ब्याज दर के साथ जोड़कर 90 दिन के भीतर भुगतान करे या 12 प्रतिशत सालाना की बढ़ी हुई दर पर भुगतान करे।...
सुप्रीम कोर्ट ने उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में शिवलिंग के संरक्षण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में शिवलिंग के संरक्षण के लिए मंदिर प्रबंधन समिति को निर्देश जारी किए हैं क्योंकि वहां शिवलिंग का क्षरण हो रहा है।न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह कलेक्टर को आवश्यक मरम्मत, रखरखाव और सुधार की व्यापक योजना के लिए एक फंड स्वीकृत करे।"अधीक्षण अभियंता और उपलब्ध वास्तुकार की मदद से कलेक्टर इस उद्देश्य के लिए एक व्यापक योजना तैयार करेंगे। राज्य सरकार तुरंत निधि मंजूर करेगी। एक उपयुक्त योजना और अनुमान चार सप्ताह के भीतर तैयार...
विदेशी तब्लीगी जमात : सुप्रीम कोर्ट ने जल्द निपटारे के लिए बिहार में दर्ज सभी FIR को एक साथ करने और एक ही अदालत में ट्रायल चलाने के आदेश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तब्लीगी जमात की गतिविधियों में कथित संलिप्तता के लिए विदेशी नागरिकों के खिलाफ बिहार में दर्ज कई एफआईआर को एक साथ करने (Consolidate) करने की अनुमति दी और एक अदालत के समक्ष सभी मामलों को स्थानांतरित करने का आदेश दिया। जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने पटना उच्च न्यायालय को निर्देश दिया कि वह एक सप्ताह के भीतर एक विशिष्ट अदालत की पहचान करे जहां सभी मामलों को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सके।पीठ ने आगे कहा कि मामले की सुनवाई...
सुप्रीम कोर्ट ने AGR बकाया भुगतान के लिए टेलीकॉम कंपनियों को 10 साल का समय दिया, दस फीसदी 31 मार्च, 2021 तक देने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जो टेलीकॉम कंपनियां AGR बकाया का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी हैं, वे 31 मार्च, 2021 तक बकाया का 10% भुगतान करेंगी। जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने दूरसंचार विभाग की 20 साल की अवधि में दूरसंचार कंपनियों द्वारा भुगतान की प्रार्थना को खारिज कर दिया और इसके बजाय 10 साल की अवधि में टेलीकॉम को भुगतान करने की अनुमति दी। अदालत ने भुगतान के लिए निर्देश पारित किए हैं जो निम्नानुसार हैं: - AGR बकाया के संबंध में, कोई पुनर्मूल्यांकन नहीं होगा। - टेलीकॉम...
" लोन पर मोहलत की अवधि दो साल तक बढ़ाई जा सकती है" : केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि लोन पर मोहलत की अवधि दो साल तक बढ़ाई जा सकती है। पिछली सुनवाई में अदालत ने केंद्र को एक सप्ताह के भीतर ब्याज भुगतान के मुद्दे पर अपना पक्ष रखते हुए एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था और मामले को 1 सितंबर को आगे विचार के लिए सूचीबद्ध किया था। इसके प्रकाश में, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एमआर शाह की पीठ को बताया कि एक हलफनामा रिकॉर्ड पर रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिस्थगन अवधि...
[हाशिए के वर्गों के लिए सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं ] सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्यों व UT को विधायी व कार्यकारी जन स्वास्थ्य मास्टर प्लान लाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों / सचिवों की एक सप्ताह के भीतर बैठक बुलाने का निर्देश दिया, जो दो सप्ताह के भीतर समाज में हाशिए के वर्गों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य पर एक विधायी और कार्यकारी मास्टर प्लान बनाने के लिए तैयारी करेंगे।मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यन की पीठ ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से प्राप्त सभी सूचनाओं के संकलन के साथ एक व्यापक रिपोर्ट दाखिल करने के लिए संघ को...
देश के सभी नागरिकों के लिए गोद लेने और संरक्षकता के लिए एक समान दिशा निर्देशों के लिए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल
सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें देश भर के सभी नागरिकों के लिए गोद लेने और संरक्षकता के लिए एक समान दिशा निर्देशों का निर्धारण करने के निर्देश मांगे गए हैं।अधिवक्ता और भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिका में शीर्ष अदालत से अपील की गई है कि वह केंद्र को गोद लेने और संरक्षकता के आधार से संबंधित विसंगतियों को दूर करने और उन्हें भेदभाव के बिना सभी के लिए एक समान बनाने का निर्देश दे। यह स्वीकार करते हुए कि गोद लेने और संरक्षकता 'के वर्तमान आधार भेदभावपूर्ण...
यह केस बोलने की स्वतंत्रता के लिए ऐतिहासिक पल, पुनर्विचार के अधिकार को सुरक्षित रखते हुए मैं आदरपूर्वक जुर्माना अदा करूंगा : प्रशांत भूषण
सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवमानना मामले में सजा के ऐलान के बाद एडवोकेट प्रशांत भूषण ने सोमवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने कहा कि वह पुनर्विचार की मांग के अधिकार को सुरक्षित रखते अदालत द्वारा लगाए गए एक रुपये के जुर्माने का भुगतान करेंगे। प्रशांत भूषण ने कहा, "भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने मेरे खिलाफ अवमानना मामले पर अपना फैसला सुनाया है। इसने मुझे अदालत की अवमानना का दोषी माना है और एक रुपए का जुर्माना लगाने का फैसला किया है, और जुर्माना न भरने पर तीन महीने की...
MCI के पास PG मेडिकल कोर्स में इन-सर्विस उम्मीदवारों के लिए आरक्षण देने की शक्ति नहीं, यह शक्ति राज्यों के पास : SC संविधान पीठ
सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने माना है कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के पास किसी विशेष राज्य में पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में इन-सर्विस उम्मीदवारों के लिए कोई आरक्षण देने की शक्ति नहीं है। जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस इंदिरा बनर्जी, विनीत सरन, जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया एक्ट की शक्ति प्रविष्टि 66, सूची 1 के संदर्भ में है, जो मानकों को पूरा करने के लिए सीमित शक्ति है। यह माना गया है कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के पीजी मेडिकल...
सुप्रीम कोर्ट ने विजय माल्या की अदालत की अवमानना के दोषी ठहराए जाने के 2017 के फैसले पर पुनर्विचार याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या द्वारा मई 2017 के आदेश के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्हें अदालत के आदेश का उल्लंघन करने पर अपने बच्चों को पैसे ट्रांसफर करने के लिए अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया गया था। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति विनीत सरन की पीठ ने सोमवार को फैसला सुनाया।दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने चार करोड़ अमेरिकी डॉलर की रकम माल्या के बच्चों के खातों में स्थानांतरित किए जाने के मामले में शराब कारोबारी को अवमानना का दोषी ठहराया...
सिर्फ इसलिए कि NDPS मामले में शिकायतकर्ता और जांच अधिकारी एक ही है, ट्रायल भंग नहीं होगा और आरोपी को बरी करने का आधार नहीं बनेगा : सुप्रीम कोर्ट संविधान पीठ
सुप्रीम कोर्ट की एक संविधान पीठ ने माना है कि इसे सामान्य नियम के रूप में नहीं रखा जा सकता है कि NDPS अधिनियम के तहत एक अभियुक्त केवल इसलिए बरी करने का हकदार है क्योंकि शिकायतकर्ता जांच अधिकारी एक ही है। "केवल इसलिए कि मुखबिर और जांच अधिकारी एक ही है, यह नहीं कहा जा सकता है कि जांच पक्षपातपूर्ण है और मुकदमा भंग हो गया है।" संविधान पीठ ने स्पष्ट किया कि यह प्रत्येक मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करता है कि जांच दागी हो गई है क्योंकि मुखबिर और जांच अधिकारी एक ही है। इसे एक...
न्यायपालिका की आलोचना करना आसान है, एक बदलाव के लिए हम सकारात्मकता पर बात करें: जस्टिस चंद्रचूड़
लॉकडाउन के दरमियान न्यायपालिका द्वारा निस्तारित मामलों के आंकड़ों को साझा करते हुए, सुप्रीम कोर्ट के जज, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा है कि महामारी के दौर में भारत की अदालतों में वर्चुअल कामकाज एक "अद्वितीय उपलब्धि" रहा। 24 मार्च से 28 अगस्त के बीच जिला अदालतों में 28.66 लाख मामले दर्ज किए गए और 12.69 लाख मामलों को निस्तारित किया गया। उन्होंने कहा, "जब अंतरराष्ट्रीय अदालतें एकल अंकों में आंकड़ों की बात कर रही हैं, तब हमने सैकड़ों हजारों मामलों निस्तारण किया है।" सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी के...









![[हाशिए के वर्गों के लिए सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं ] सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्यों व UT को विधायी व कार्यकारी जन स्वास्थ्य मास्टर प्लान लाने को कहा [हाशिए के वर्गों के लिए सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं ] सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्यों व UT को विधायी व कार्यकारी जन स्वास्थ्य मास्टर प्लान लाने को कहा](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2019/07/30/500x300_362668-362599-supreme-court-of-india-1212.jpg)








