ताज़ा खबरें
[सेंट्रल विस्टा] सुप्रीम कोर्ट में श्याम दीवान और तुषार मेहता में हुई तीखी नोकझोंक, मेहता ने कहा-सरकार के लिए 'शर्मनाक' जैसे शब्द न इस्तेमाल करें, दीवान बोले-अपने पास रखें अपनी सलाह
सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सेंट्रल विस्टा के मामले पर हुई सुनवाई में सीनियर एडवोकेट श्याम दीवान और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के बीच उस समय तीखी बहस हो गई, जब श्याम दीवान ने इस मामले पर सरकार के रुख को "शर्मनाक" बताया।जस्टिस एएम खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और संजीव खन्ना की पीठ के समक्ष सुनवाई में श्री दीवान याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए थे।गुरुवार को, श्री दीवान ने ध्यान दिलाया कि मूल एनआईटी मूलतः केवल सेंट्रल विस्टा के लिए थी और इसे बाद में प्रधानमंत्री के निवास और अन्य कार्यालयों को शामिल करने...
ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किये; 'इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस' का दर्जा मिला
ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं और उसे इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस (आईओई) का दर्जा दिया गया है। इसके साथ, जेजीयू (JGU) ने देश के शीर्ष 10 निजी संस्थानों के एक प्रतिष्ठित समूह में प्रवेश किया है, जिसे विनियामक नियंत्रण से हटाकर पूर्ण स्वायत्तता दी गई है।इस अवसर पर, ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के संस्थापक चांसलर और लाभार्थी, श्री नवीन जिंदल ने कहा,"मुझे बेहद खुशी है कि जेजीयू (JGU) को इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस की उपाधि से...
NDPS की धारा 53 के तहत नियुक्त अधिकारी CrPC के तहत चार्जशीट दाखिल करने समेत सारी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकता है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सीआरपीसी के तहत एक पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी में निहित सभी जांच शक्तियां, जिसमें चार्जशीट दाखिल करने की शक्ति भी शामिल है,एनडीपीएस अधिनियम की धारा 53 के तहत नामित अधिकारियों में भी निहित होती हैं जब उन्हें एनडीपीएस अधिनियम के तहत अपराध निपटना होता है। अदालत (2: 1) ने, इस संबंध में राज कुमार करवाल बनाम भारत संघ (1990) 2 एससीसी 409 में व्यक्त किए गए विपरीत विचार को खारिज करते हुए तूफान सिंह बनाम तमिलनाडु राज्य के संदर्भ में जवाब दिया।राज कुमार करवाल निर्णयराज कुमार...
अंतरराष्ट्रीय कस्टडी के मामले में विदेशी अदालत का 'मिरर ऑर्डर' नाबालिग बच्चे की भलाई सुनिश्चित करता है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक बच्चे की अंतरराष्ट्रीय कस्टडी से जुड़े मामले में 'मिरर ऑर्डर' की अवधारणा को लागू किया। जब एक अदालत किसी बच्चे को किसी विदेशी देश में स्थानांतरित करने की अनुमति देती है, तो यह एक शर्त लगा सकती है कि विदेशी अधिकार क्षेत्र में माता-पिता को भी वहां सक्षम अदालत से बच्चे के लिए हिरासत का समान आदेश प्राप्त करना चाहिए। इस तरह के आदेश को 'मिरर ऑर्डर' कहा जाता है। ये शर्त यह सुनिश्चित करने के लिए लगाई जाती है ताकि विदेशी क्षेत्राधिकार की अदालतों को मामले के संबंध में नोटिस दिया जाए और...
'बरी होना विभागीय जांच का निष्कर्ष नहीं': सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में बरी सिपाही की बर्खास्तगी को बरकरार रखा
सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस सिपाही की बर्खास्तगी को बरकरार रखते हुए दोहराया कि भले ही अपराधी अधिकारी को आपराधिक आरोप से बरी कर दिया गया हो, बर्खास्तगी के आदेश को पारित किया जा सकता है। हेम सिंह को 1992 में राजस्थान की पुलिस सेवा में एक कांस्टेबल के रूप में नियुक्त किया गया था। अगस्त 2002 में, उसे हत्या के मामले में एक एफआईआर में नामित किया गया था और बाद में धारा 302, 201 और 120 बी के तहत एक आरोप पत्र दायर किया गया था। आपराधिक ट्रायल के लंबित के दौरान, एक आरोप-पत्र जारी किया गया, जिसके बाद राजस्थान...
"विशेषज्ञों का कहना है कि आपकी खूबसूरत कारें भी वायु प्रदूषण में योगदान करती हैं", सीजेआई बोबडे ने पराली जलाने की समस्या की सुनवाई में कहा
सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी दिल्ली में बिगड़ते वायु प्रदूषण के मुद्दे पर आज मौखिक टिप्पणियां की हैं। इससे पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के मुद्दे का निस्तारण करने के लिए आज कानून लागू किया गया है।भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा कि वे उन विशेषज्ञों के साथ बातचीत कर रहे हैं, जिन्होंने कहा है कि पराली जलाना राजधानी में वायु प्रदूषण का एकमात्र कारण नहीं है, वाहनों प्रदूषण का भी बड़ा योगदान है। सीजेआई बोबडे ने कहा, अपनी साइकिल बाहर निकालने का...
केंद्र ने एनसीएलएटी( NCLAT) के कार्यपालक अध्यक्ष के रूप में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बंसीलाल भट का कार्यकाल बढ़ाया
केंद्र सरकार ने एक बार फिर न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बंसी लाल भट का कार्यकाल राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय अधिकरण (NCLAT) के कार्यपालक अध्यक्ष के रूप में 31 दिसंबर, या नियमित अध्यक्ष नियुक्त होने तक या अगले आदेश तक, जो भी जल्द हो, बढ़ा दिया है । इससे पहले सरकार ने उनका कार्यकाल 16 अक्टूबर 2020 तक बढ़ा दिया था।उन्हें पहले 12 मार्च 2020 को उक्त कार्यालय में नियुक्त किया गया और तीन माह की अवधि के लिए 15 मार्च को कार्यभार संभाला। इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा उनके कार्यकाल को 15 जून, 2020 से तीन...
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र ने स्थायी आयोग गठित करने के लिए अध्यादेश पारित किया
भारत के राष्ट्रपति ने बुधवार रात को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर ) और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक स्थायी आयोग के गठन के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश पर हस्ताक्षर किए। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग और आसपास के क्षेत्र अध्यादेश (Commission for Air Quality Management in National Capital Region and Adjoining Areas Ordinance 2020) केंद्र सरकार द्वारा उच्चतम न्यायालय में यह कहे जाने के दो दिन बाद आया है कि वह इस तरह की...
सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ CBI जांच के उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच के निर्देश देने के उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने कहा कि इस मुद्दे पर विचार जाएगा और नोटिस जारी कर प्रतिवादियों से जवाब मांगा गया है।दरअसल उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक खोजी पत्रकार उमेश शर्मा द्वारा उत्तराखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ लगाए गए...
सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्तिगत गारंटियों के मुद्दों से संबंधित इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिकाओं को अपने पास ट्रांसफर किया
सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्तिगत गारंटियों के मुद्दों से संबंधित इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के प्रावधानों को चुनौती देने वाली उच्च न्यायालयों में लंबित याचिकाओं को ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ ने मामले की सुनवाई की।आईबीबीआई द्वारा कार्यवाही की बहुलता के आधार पर स्थानांतरण और उच्च न्यायालय में समान मुद्दों के लंबित के कारण परस्पर विरोधी निर्णयों से बचने के लिए याचिका दायर की गई थी। वरिष्ठ अधिवक्ता माधवी दीवान ने अदालत को...
NDPS मामलों की जांच करने वाले अधिकारी 'पुलिस अधिकारी' हैं और उनके सामने इकबालिया बयान मान्य नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट (2: 1), ने कहा है कि नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत नियुक्त केंद्र और राज्य एजेंसियों के अधिकारी पुलिस अधिकारी हैं और इसलिए धारा 67 के तहत उनके द्वारा दर्ज किए गए 'स्वीकारोक्ति' बयान स्वीकार्य नहीं हैं। जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन और जस्टिस नवीन सिन्हा ने इस तरह का फैसला दिया जबकि जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने असहमति व्यक्त की। पीठ 2013 में न्यायमूर्ति एके पटनायक और न्यायमूर्ति एके सीकरी की पीठ के इन मुद्दों का जवाब दे रही थी :• क्या NDPS अधिनियम के तहत...
'41 ए CrPC के तहत शक्ति का उपयोग धमकाने, प्रताड़ित करने और परेशान करने के लिए नहीं किया जा सकता' : सुप्रीम कोर्ट ने WB सरकार के खिलाफ पोस्ट करने पर दिल्ली निवासी को जारी समन पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की एक निवासी को पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ 'आपत्तिजनक' फेसबुक पोस्ट करने के आरोपी के रूप में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41 ए के तहत जारी नोटिस के जवाब में पश्चिम बंगाल में जांच अधिकारी के सामने पेश होने के दिशा-निर्देश पर रोक लगा दी है।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की पीठ ने कहा,"न्यायालय के रूप में संज्ञान अंतर्निहित सिद्धांतों का होता है जो पुलिस जांच के मामले में न्यायिक समीक्षा के अभ्यास को रोकता है, समान रूप से, अदालत को संविधान के अनुच्छेद 19...
(सीपीसी ऑर्डर 8 रूल 1 ए 3) अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने की बचाव पक्ष की अर्जी पर विचार करते वक्त कोर्ट को नरम रुख अख्तियार करना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अदालतों को उस वक़्त नरम रुख अख्तियार करना चाहिए जब बचाव पक्ष उस दस्तावेज को पेश करने की अर्जी देता है जो वह लिखित बयान के साथ नहीं दे पाया था। कोर्ट मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील पर विचार कर रहा था। हाईकोर्ट ने बचाव पक्षों की ओर से दायर उस पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें नागरिक प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के ऑर्डर 8 रूल 1(ए)(3) के तहत दायर याचिका को सुनने से इनकार कर दिया गया था। बचाव पक्ष ने अपनी पुनर्विचार याचिका में अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने...
[ उपभोक्ता संरक्षण ] निष्पादन कार्यवाही में एससीडीआरसी के आदेश के खिलाफ एनसीडीआरसी के समक्ष पुनर्विचार याचिका सुनवाई योग्य नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा है कि डिक्री के निष्पादन मामले में एक अपील पर राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एससीडीआरसी) के फैसले के खिलाफ राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के समक्ष उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 21 के तहत पुनर्विचार याचिका सुनवाई योग्य नहीं होती। इस मामले में, एनसीडीआरसी ने निष्पादन मामले में जिला उपभोक्ता फोरम के आदेश के खिलाफ अपील पर महाराष्ट्र राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग द्वारा जारी आदेश को चुनौती देने वाली पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी।...
इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय, एनआईसी और एनईजीडी को जानकारी नहीं कि आरोग्य सेतु ऐप किसने बनाया और कैसे बनाया : सीआईसी ने सीपीआईओ को समन जारी किया
केंद्रीय सूचना आयोग ने मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक मंत्रालय,नेशनल इन्फर्मैटिक्स सेंटर व एनईजीडी के सीपीआईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि क्यों न आरटीआई एक्ट की धारा 20 के तहत उन पर जुर्माना लगा दिया जाए क्योंकि उन्होंने प्रथम दृष्टया सूचनाएं प्रदान करने में बाधा ड़ाली हैं और आरोग्य सेतु ऐप से संबंधित एक आरटीआई आवेदन का स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। सीआईसी ने एनआईसी को यह बताने के लिए भी कहा है कि जब आरोग्य सेतु वेबसाइट में यह उल्लेख किया गया है कि प्लेटफॉर्म को उनके द्वारा डिजाइन, विकसित और होस्ट...
सुप्रीम कोर्ट ने निजी स्कूलों को फीस में 20 प्रतिशत तक कमी करने के कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों पर रोक लगाने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने निजी स्कूलों को फीस में कम से कम 20 प्रतिशत कमी करने के कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों पर रोक लगाने से इनकार कियासुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा पारित निर्देशों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसके तहत निजी स्कूलों को फीस में कम से कम 20 प्रतिशत की कमी करने और वित्तीय वर्ष 2020-21 में शुल्क वृद्धि नहीं करने का निर्देश दिया गया था।सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उन निर्देशों में भी हस्तक्षेप नहीं किया, जिनमें कहा गया था कि स्कूलों को गैर-आवश्यक सेवाओं (जैसे...
"वह कहीं भाग नहीं रही है": सुप्रीम कोर्ट ने देवांगना कलिता को जमानत देने के फैसले को चुनौती देने वाली दिल्ली पुलिस की याचिका खारिज की
दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में छात्र एक्टिविस्ट देवांगना कलिता को जमानत देने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली दिल्ली पुलिस द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दिया।जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एम आर शाह की पीठ ने कहा कि अदालत जमानत आदेश में हस्तक्षेप करने के लिए इच्छुक नहीं है।भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने दिल्ली पुलिस की ओर से पेश होकर कहा कि उच्च न्यायालय ने प्रासंगिक पहलुओं पर विचार करने के लिए...
'असंशोधनीय आचरण': सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को कानून विभाग में सुधार को कहा, देरी के लिए 35 हजार का जुर्माना लगाया
मध्य प्रदेश राज्य बार-बार एक ही काम करता है और ये असंशोधनीय आचरण लगता है!, सुप्रीम कोर्ट ने 588 दिनों की देरी के साथ राज्य द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका को खारिज करते हुए ये टिप्पणी की। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अगुवाई वाली पीठ ने मध्य प्रदेश राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे कानूनी विभाग को संशोधित करने के पहलू पर गौर करें। ऐसा प्रतीत होता है कि विभाग समय सीमा में किसी भी उचित अवधि के भीतर अपील दायर करने में असमर्थ है, अदालत ने कहा।अदालत ने इस प्रकार गौर किया कि एसएलपी दायर की...
आपराधिक ट्रायल प्रणाली में खामियां : सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालयों से क्रिमिनल प्रैक्टिस मसौदे पर प्रतिक्रिया मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आपराधिक ट्रायल प्रणाली में अपर्याप्तता और अक्षमताओं से संबंधित स्वत: संज्ञान कार्यवाही के दौरान, सभी उच्च न्यायालयों से एमिक्स क्यूरी द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट ऑफ क्रिमिनल प्रैक्टिस के कार्यान्वयन पर प्रतिक्रिया मांगी। स्वत: संज्ञान मामले में अदालत द्वारा नियुक्त किए गए एमिक्स क्यूरी में से एक, वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने सुझाव दिया कि उच्च न्यायालयों को प्रशासनिक पक्ष में मसौदा आपराधिक नियमों को अपनाना चाहिए।उन्होंने कहा, "हमने पूरे भारत में एक समकालीन...
अभियुक्त की 'डिफॉल्ट बेल' की माकूल स्थिति आ जाने पर कोर्ट को उसके इस अधिकार के बारे में बताना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
"मजिस्ट्रेट द्वारा इस तरह की जानकारी साझा करने से अभियोजन पक्ष का टालमटोल वाला रवैया विफल होगा" सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अभियुक्त की 'डिफॉल्ट जमानत' की माकूल स्थिति आ जाने पर कोर्ट को चाहिए कि वह अभियुक्त को उसके इस अपरिहार्य अधिकार की उपलब्धता के बारे में बताये।न्यायमूर्ति यू. यू. ललित, न्यायमूर्ति एम शांतनगौदर और न्यायमूर्ति विनीत सरन की खंडपीठ ने सोमवार को दिये गये अपने फैसले में कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 167(2) के प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उपलब्ध...

![[सेंट्रल विस्टा] सुप्रीम कोर्ट में श्याम दीवान और तुषार मेहता में हुई तीखी नोकझोंक, मेहता ने कहा-सरकार के लिए शर्मनाक जैसे शब्द न इस्तेमाल करें, दीवान बोले-अपने पास रखें अपनी सलाह [सेंट्रल विस्टा] सुप्रीम कोर्ट में श्याम दीवान और तुषार मेहता में हुई तीखी नोकझोंक, मेहता ने कहा-सरकार के लिए शर्मनाक जैसे शब्द न इस्तेमाल करें, दीवान बोले-अपने पास रखें अपनी सलाह](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2020/10/30/500x300_383873-383851-tushar-mehta-and-shyam-divan.jpg)












![[ उपभोक्ता संरक्षण ] निष्पादन कार्यवाही में एससीडीआरसी के आदेश के खिलाफ एनसीडीआरसी के समक्ष पुनर्विचार याचिका सुनवाई योग्य नहीं : सुप्रीम कोर्ट [ उपभोक्ता संरक्षण ] निष्पादन कार्यवाही में एससीडीआरसी के आदेश के खिलाफ एनसीडीआरसी के समक्ष पुनर्विचार याचिका सुनवाई योग्य नहीं : सुप्रीम कोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2019/11/29/500x300_367304-366949-supreme-court-of-india.jpg)



