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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सुप्रीम कोर्ट के लिए नए जजों के नामों पर चर्चा की
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बोबडे की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के लिए हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के नामों पर विचार-विमर्श किया।सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए केंद्र से सिफारिश किए जाने वाले नामों को तय करने के लिए पांच सदस्यीय कॉलेजियम की बैठक की अध्यक्षता सीजेआई कर रहे हैं। हालांकि इस विचार-विमर्श से किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँचा जा सका। इसलिए कॉलेजियम की अगली बैठक अब 23 अप्रैल, 2021 को होगी।इस बैठक में CJI के अलावा, कॉलेजियम में चार अन्य...
यौन उत्पीड़न के आरोपी को पीड़िता से राखी बंधवाने का निर्देश देने वाले एमपी हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया है,जिसमें अदालत ने आरोपी व्यक्ति (अपनी पड़ोसी की शालीनता को अपमानित करने का आरोपी) पर जमानत की शर्त लगाते हुए कहा था कि वह पीड़िता से अनुरोध करे कि वह उसकी कलाई पर राखी बांध दे। जस्टिस एएम खानविल्कर और जस्टिस रवींद्र भट की बेंच ने लिंग संवेदनशीलता पर जजों और वकीलों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अपर्णा भट और आठ अन्य महिला वकीलों ने (शीर्ष न्यायालय के समक्ष) 30 जुलाई को मध्य प्रदेश...
एडवोकेट आजीविका तभी कमा सकते हैं, जब लोगों के संपर्क में आएंः सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों को प्राथमिकता के आधार पर कोरोना वैक्सीन दिए जाने की मांग पर कहा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मौखिक रूप से कहा कि COVID-19 वैक्सीनेशन के लिए प्राथमिकता के बारे में कानूनी बिरादरी की चिंता वास्तविक है, जिस पर विचार करने की आवश्यकता है। भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा,"अधिवक्ता केवल तभी आजीविका कमा सकते हैं जब वे लोगों के संपर्क में आते हैं। उन्हें आश्वासन की आवश्यकता है कि अगर वे लोगों के संपर्क में आते हैं तो वे मरेंगे नहीं।"पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यम भी शामिल है, दिल्ली हाईकोर्ट...
सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 वैक्सीन के लिए कानूनी बिरादरी को प्राथमिकता सूची में रखने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट की स्वत: संज्ञान सुनवाई पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को COVID-19 वैक्सीन के लिए कानूनी बिरादरी को प्राथमिकता सूची में रखने पर विचार करने के लिए शुरू की गई स्वत: संज्ञान सुनवाई पर आगे बढ़ने से रोक दिया।भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने वैक्सीन निर्माता भारत बायोटेक लिमिटेड और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा दायर याचिकाओं पर नोटिस जारी किया और जिमसें दिल्ली उच्च न्यायालय के मामले को शीर्ष अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की गई है।"चूंकि इस अदालत के समक्ष लंबित मुद्दा दिल्ली उच्च...
चुनावी बॉन्ड पर रोक लगाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 24 मार्च को सुनवाई के लिए तैयार
केरल, पश्चिम बंगाल, पुड्डुचेरी और असम में विधानसभा चुनावों से पहले, चुनावी बॉन्ड के नए सेट को जारी करने पर रोक की मांग के आवेदन पर सुप्रीम कोर्ट ने 24 मार्च को सुनवाई करने पर सहमति व्यक्त की।एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के वकील एडवोकेट प्रशांत भूषण ने तत्काल सुनवाई के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष आवेदन का उल्लेख किया।"मैं चुनावी बॉन्ड मामले का उल्लेख करना चाहता हूं। जो 2017 से यहां लंबित है। अंतिम सुनवाई दो साल पहले हुई थी। जब भी चुनावी बॉन्ड जारी किए जाते हैं, तो हम रोक के लिए...
बीमाकर्ता एमएसीटी द्वारा बनाए गए बैंक खाते में अवार्ड राशि आरटीजीएस/ एनईएफटी के जरिए जमा कराएं : सुप्रीम कोर्ट ने मोटर दुर्घटना में मुआवजे के लिए समान दिशा-निर्देश जारी किए
सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में एमएसीटी के समक्ष मामलों के शीघ्र निपटारे के साथ-साथ मुआवजा देने की प्रक्रिया के संबंध में कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, क्षेत्राधिकार पुलिस स्टेशन को दुर्घटना के बारे में ट्रिब्यूनल और बीमाकर्ता को पहले 48 घंटे के भीतर ईमेल या एक समर्पित वेबसाइट पर दुर्घटना सूचना रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। वे तीन महीने के भीतर उन्हें एक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट भी सौंपेंगे। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी की पीठ द्वारा जारी किए गए...
निजी स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए अंतरिम राहत, कठोर कदम उठाने पर रोक की हाईकोर्ट की शक्ति को दिशानिर्देशों के अधीन संरक्षित किया जाना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने बुधवार को कहा कि, "जब बॉम्बे हाई कोर्ट (अर्नब गोस्वामी के मामले में) ने दरवाजा बंद कर दिया (आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के लिए याचिका के लंबित रहने के दौरान अंतरिम जमानत पर विचार करने से इनकार करने पर), हमने इसे खोला और हमने कहा कि यह पूरी तरह से बंद नहीं हो सकता है। हालांकि शक्ति का इस्तेमाल संयम से करना चाहिए, लेकिन न्यायिक विवेक का होना जरूरी है, " जस्टिस चंद्रचूड़, जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच धारा 482, सीआरपीसी के तहत रद्द करने की शक्ति और...
"ई-फाइलिंग के रूप में हमने जो हासिल किया, वह सदा के लिए है; यह एक बहुत बड़ी सुविधा है": जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़
न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ ने बुधवार को कहा कि ई-फाइलिंग के रूप में हमने जो हासिल किया है, वह सदा के लिए है। यह एक बहुत बड़ी सुविधा है।जस्टिस चंद्रचूड़ ने आगे कहा कि,"इस खतरनाक महामारी के बाद हम निश्चित रूप से फिर से शारीरिक रूप से (फिजिकल) सुनवाई शुरू करेंगे।"पीठ ने कहा कि,"शारीरिक रूप से (फिजिकल) सुनवाई फिर से शुरू होने के बाद भी अधिकांश वकील अपने साथ लैपटॉप लेकर आएंगे। ई-फाइलिंग ने ज्यादातर मामलों में बड़ी फाइलिंग में मदद की है।"जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि,"बेशक, इस...
" ये बहुत गंभीर मामला है " : सुप्रीम कोर्ट ने आधार से गैर-लिंकिंग के कारण 3 करोड़ राशन कार्ड रद्द करने और भुखमरी से मौत की याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार द्वारा आधार कार्ड के साथ गैर-लिंकिंग के कारण 3 करोड़ राशन कार्ड रद्द करने और इससे होने वाली भुखमरी से मौतें होने का आरोप लगाने वाली याचिका पर केंद्र की प्रतिक्रिया मांगी है। सीजेआई बोबड़े की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सभी को भोजन सुनिश्चित करने के लिए शिकायत निवारण तंत्र के कार्यान्वयन के मुद्दे पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया।याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन...
" ये एक अच्छा विचार है, हम देखेंगे " : सुप्रीम कोर्ट ने राजमार्ग और अन्य रोडवेज़ की निर्माण योजना में सामान्य उपयोगिता नलिका बनाने की याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राजमार्ग और अन्य रोडवेज की निर्माण योजना में सभी सार्वजनिक उपयोगिताओं के लिए सरकार को अनिवार्य रूप से सामान्य उपयोगिता नलिका उपलब्ध कराने के लिए सरकार को निर्देश देने के लिए दायर याचिका में नोटिस जारी किया है।सीजेआई बोबडे, न्यायमूर्ति बोपन्ना और न्यायमूर्ति रामासुब्रमण्यम की तीन-न्यायाधीश पीठ ने चार सप्ताह में नोटिस का जवाब देने का आदेश जारी किया है, जिसमें याचिका में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी 2016 के दिशानिर्देशों को लागू करने के बारे में भी...
"स्वतंत्रता बहुत कीमती है लेकिन हमें उच्च न्यायालयों को जिम्मेदारी की भावना देनी चाहिए": सुप्रीम कोर्ट ने सीआरपीसी 482 में ' आम' स्टे आदेशों पर कहा
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को देश भर में उच्च न्यायालयों में बढ़ती प्रवृत्ति के बारे में चिंता व्यक्त की, जो अंतरिम राहत देने के लिए एक रिट याचिका या आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के लिएसीआरपीसी की धारा 482 के तहत एक लंबित याचिका पर रोक के तौर पर अंतरिम राहत या कठोर कार्यवाही ना करने के आदेश दे रहे हैं। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एम आर शाह और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ एक एसएलपी पर विचार कर रही थी, जो एक रिट याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट के सितंबर, 2020 के आदेश से उत्पन्न हुई थी। अतिरिक्त...
"फाइलिंग कम हुई, वर्चुअल सुनवाई वकीलों को प्रभावित कर रही है" : सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) की ओर से हाइब्रिड सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री द्वारा जारी एसओपी को खारिज करने की मांग करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने (मंगलवार) वकीलों और लीगल कम्युनिटी के बीच COVID 19 महामारी के चलते आने वाली विभिन्न परेशानी को उजागर किया।न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति सुभाष रेड्डी की खंडपीठ के समक्ष एडवोकेट सिंह ने वर्चुअल कामकाज को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि,"असफल और संघर्ष करने वाले वकील आज असली पीड़ित हैं। एक व्यक्ति के रूप में मुझे कठिनाई नहीं है,...
डिफ़ॉल्ट जमानत : राज्य पहले एक चार्जशीट दाखिल करके पूरक चार्जशीट दाखिल करने के लिए धारा 167 (2) समय मांगकर फायदा नहीं ले सकता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 के तहत निर्दिष्ट जांच की समय अवधि को यूएपीए अपराधों के लिए पूरक आरोप पत्र दायर करने की मांग करके बढ़ाया नहीं जा सकता है। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने, फखरे आलम को जो यूएपीए अधिनियम की धारा 18 के तहत आरोपी था, डिफ़ॉल्ट जमानत देते हुए दोहराया कि सीआरपीसी की धारा 167 (2) के पहले प्रोविज़ो के तहत डिफ़ॉल्ट जमानत एक मौलिक अधिकार है और ये केवल एक वैधानिक अधिकार नहीं है।अदालत ने कहा कि इस मामले में, 180...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लेबर एक्टिविस्ट शिव कुमार की अवैध हिरासत और कस्टोडियल टॉर्चर के आरोपों की जांच का आदेश दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार (16 मार्च) को जिला और सत्र न्यायाधीश, फरीदाबाद को निर्देश दिया कि वे लेबर एक्टिविस्ट शिव कुमार की अवैध हिरासत और कस्टोडियल टॉर्चर के आरोपों के संबंध में जांच करें।न्यायमूर्ति अवनीश झिंगन की खंडपीठ ने सभी संबंधित पक्षों को सत्र न्यायाधीश को अपना पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया है, ताकि जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।कोर्ट के समक्ष मामलाकोर्ट एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जो लेबर एक्टिविस्ट शिव कुमार के पिता द्वारा सीआरपीसी की धारा 482 के तहत...
सुप्रीम कोर्ट ने हाईब्रिड सुनवाई की एसओपी पर मतभेद सुलझाने के लिए जजों की समिति और एससीबीए के बीच बैठक की आवश्यकता जताई
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि हाइब्रिड सुनवाई के लिए तैयार की गई विवादास्पद एसओपी पर जजों की समिति और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच एक बैठक होनी चाहिए।आदेश में न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और आर सुभाष रेड्डी की एक पीठ ने कहा,"सार्थक परामर्श केवल न्यायाधीशों की समिति के साथ हो सकता है।"पीठ ने आदेश दिया,"हम मानते हैं कि यह उन चीजों की फिटनेस में होगा कि बार के सदस्य एसओपी की धारणा में अपने मतभेदों को दूर करें, जिसके लिए उपयुक्त पाठ्यक्रम बार के...
जमानत देने पर विचार करते समय अपराध की गंभीरता प्रासंगिक विचारों में से एक है: सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया
जमानत देने पर विचार करते समय अपराध की गंभीरता प्रासंगिक विचारों में से एक है, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पारित एक फैसले में दोहराया।इस मामले में, आरोपियों ने कोर्ट रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा किया था। यह आरोप लगाया गया था कि आईपीसी की धारा 307, 504 और 506, क्राइम केस नंबर -152 / 2000, पुलिस स्टेशन माखी, जिला उन्नाव, के तहत सेशन ट्रायल नंबर 9 ए / 01, राज्य बनाम महेश में व्हाइटनर का उपयोग करके कोर्ट रिकॉर्ड को गढ़ा गया था। अदालत के रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की गई और 'महेश' के बजाय 'रमेश' लिखा गया।इससे...
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का संरक्षण: सुप्रीम कोर्ट ने कम वोल्टेज वाले ट्रांसमिशन लाइनों को अंडर-ग्राउंड करने का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने (सोमवार) निर्देश दिया कि गोडावणा ( ग्रेट इंडियन बस्टर्ड; वैज्ञानिक नाम: Ardeotis nigriceps) के संरक्षण के लिए राजस्थान और गुजरात राज्यों में कम वोल्टेज वाली ट्रांसमिशन लाइनों को भूमिगत (अंडर ग्राउंडिंग) करने और उच्च वोल्टेज वाली ट्रांसमिशन लाइनों के मामले में बर्ड डायवर्टर लगाने पर विचार किया जाना चाहिए।सीजेआई एसए बोबड़े, न्यायमूर्ति बोपन्ना और न्यायमूर्ति रामसुब्रमण्यम की तीन सदस्य न्यायाधीश पीठ ने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड और खरमोर (लेसर फ्लोरिकन; वैज्ञानिक नाम: Sypheotides...
कंज्यूमर प्रोटेक्टशन एक्ट, 2019 से पहले दायर की गई सभी उपभोक्ता शिकायतों को सीपीए 1986 के तहत विशेष न्यायिक क्षेत्र के अनुसार फोरम द्वारा सुना जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (सीपीए) 2019 के प्रभाव में आने से पहले दायर की गई उपभोक्ता शिकायतों की सुनवाई उन फोरम पर जारी रहनी चाहिए, जिनमें उन्हें पूर्ववर्ती उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत विशेष अधिकार क्षेत्र के अनुसार दायर किया गया था।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की खंडपीठ ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के निर्देशों को पलट दिया, जिसमें कहा गया था कि अधिनियम, 1986 के अनुसार पहले से स्थापित मामलों को अधिनियम,...
अनुच्छेद 226 के तहत राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग द्वारा पारित आदेशों पर रिट याचिका सुनवाई योग्य नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग द्वारा पारित निर्णय और आदेशों को चुनौती देने वाली रिट याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।इस मामले में, एम.पी. राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग [जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम के आदेश को बरकरार रखते हुए एक संशोधन याचिका को खारिज करते हुए] के आदेश को एक रिट याचिका दायर करके उच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दी गई थी।रजिस्ट्री ने आपत्ति जताई और कहा कि सिसिली कल्लारकाल बनाम वाहन कारखाना [(2012) 8 SCC [ 524] में सुप्रीम...
सीआरपीसी 319 के तहत मुख्य गवाह के परीक्षण के आधार पर भी आरोपी को समन जारी किया जा सकता है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यहां तक कि मुख्य गवाह के परीक्षण के आधार पर भी एक अभियुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत समन जारी किया जा सकता है और अदालत को उसके साथ जिरह तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है।न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने कहा कि यदि मुख्य गवाह के परीक्षण के आधार पर न्यायालय संतुष्ट है कि प्रस्तावित अभियुक्त के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला है, तो न्यायालय धारा 319 सीआरपीसी के तहत शक्तियों का प्रयोग कर सकता है और ऐसे व्यक्ति को आरोपी के रूप में...




















