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इंटरफेथ रिलेशनशिप में रही लड़की को माता-पिता द्वारा कथित तौर पर बंधक बनाने के मामले में दायर हैबियस कार्पस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को याचिकाकर्ता के साथ इंटर-फेथ संबंध बनाने वाली लड़की की सुरक्षा की मांग करते हुए दायर की गई हैबियस कार्पस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कथित रूप से लड़की के माता-पिता ने उसे अवैध रूप से बंधक बना रखा है और उसकी जबरदस्ती शादी करवा रहे हैं। सीजेआई बोबडे, न्यायमूर्ति बोपन्ना और न्यायमूर्ति रामसुब्रमण्यन की तीन-न्यायाधीश वाली पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट की बजाय इस मामले के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाए। ...
सीरम इंस्टीट्यूट, भारत बायोटेक ने कानूनी बिरादरी को COVID-19 वैक्सीन दिए जाने की मांग करने वाली याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की अपील की
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कानूनी बिरादरी (जज वकील और कोर्ट स्टाफ) को अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता के रूप में COVID-19 वैक्सीन दिए जाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई को स्थगित कर दिया है।अब इस याचिका पर सुनवाई 18 मार्च, 2021 को होगी।इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट कानूनी बिरादरी COVID-19 को अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता के रूप में वैक्सीनेशन दिए जाने की मांग को लेकर देश के विभिन्न हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में स्थानातरित करने मांग करने वाली सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक द्वारा...
आईबीसी 29 ए के तहत प्रस्ताव योजना प्रस्तुत करने के लिए अयोग्य व्यक्ति कंपनी अधिनियम की धारा 230 के तहत समझौता और व्यवस्था की योजना का प्रस्ताव नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक व्यक्ति जो दिवाला दिवालियापन संहिता की धारा 29 ए के तहत प्रस्ताव योजना प्रस्तुत करने के लिए अयोग्य है, कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 230 के तहत समझौता और व्यवस्था की योजना का प्रस्ताव नहीं कर सकता है।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया (लिक्विडेशन प्रोसेस) रेगुलेशंस, 2016 की संवैधानिक वैधता को भी बरकरार रखा है, जिसमें कहा गया है कि वह व्यक्ति जो आईबीसी के तहत कॉरपोरेट देनदार के लिए प्रस्ताव योजना प्रस्तुत...
पीजी आयुर्वेद योग्य व्यक्तियों को आधुनिक सर्जरी का अभ्यास करने की अनुमति के नियम को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन (सीसीआईएम) द्वारा तय विनियमों को चुनौती देने वाली याचिका में नोटिस जारी किया है जिसमें पीजी आयुर्वेद योग्य व्यक्तियों को आधुनिक सर्जरी का अभ्यास करने के लिए अनुमति देने की मांग की गई है।सीजेआई एसए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यम की तीन जजों की पीठ ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया है, जिसमें सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन (सीसीआईएम) द्वारा PG...
क्या गैरकानूनी हिरासत की अवधि को डिफ़ॉल्ट जमानत की अवधि में शामिल किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट गौतम नवलखा की याचिका पर 22 मार्च को सुनवाई करेगा
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह एक्टिविस्ट गौतम नवलखा की याचिका पर 22 मार्च सुनवाई करेगा।गौतम नवलखा ने सुप्रीम कोर्ट में बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें गौतम नवलखा को 2018 में उनके हाउस अरेस्ट की 34 दिनों की अवधि को गिनती में लाते हुए उन्हें डिफ़ॉल्ट जमानत देने से इनकार कर दिया था।जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस केएम जोसेफ की एक खंडपीठ ने सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अनुरोध पर नवलाखा की याचिका पर जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए सुनवाई स्थगित कर दी।नवलखा की ओर से पेश...
"जब आप एमिकस क्यूरी के रूप में पेश होते हैं, तो फीस न मांगें, इसे संस्थान की सेवा के रूप में करें" : सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 32 के तहत फीस वसूली की याचिका पर वकील से कहा
न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने सोमवार को एक वकील से कहा,"जब आप एमिकस क्यूरी के रूप में पेश होते हैं, तो अपनी फीस न मांगें। इसे संस्थान की सेवा के रूप में करें।"न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने याचिकाकर्ता-अधिवक्ता द्वारा अनुच्छेद 32 के तहत एक रिट याचिका पर विचार किया, जिसमें एमिक्स के रूप में उत्तर प्रदेश और झारखंड राज्यों से क्रमश: 10 हजार रुपये और 14 हजार रुपये की फीस के अलावा मुआवजे के माध्यम से प्रत्येक से 5 लाख रुपये भी मांगे थे।शुरुआत में जस्टिस चंद्रचूड़ ने...
'अस्वीकार करने का अधिकार' : सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर नोटिस जारी किया जिसमें कहा गया कि यदि NOTA को अधिकतम मत मिलें तो चुनाव अमान्य हों
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका पर नोटिस जारी किया है जिसमें भारतीय चुनाव आयोग को निर्देश देने को कहा गया कि वो अनुच्छेद 324 के तहत अपनी विशेष शक्ति का इस्तेमाल कर उस चुनाव को शून्य घोषित करे जहां यदि किसी विशेष निर्वाचन क्षेत्र में NOTA के पक्ष में अधिकतम वोट पड़े हैं, और नए सिरे से चुनाव कराए। साथ ही उन उम्मीदवारों को नए चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करें जिन्होंने इस अमान्य चुनाव में हिस्सा लिया था।सुप्रीम कोर्ट के वकील और भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय की याचिका में विकल्प में, अदालत से केंद्र...
"युवा वकील हमेशा नया दृष्टिकोण लाते हैं, जो कानून और कानूनी धारणाओं के विकास में मदद करता हैः जस्टिस इंदु मल्होत्रा
जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने शनिवार को अपने विदाई भाषण में कहा, "बार में सफल करियर का सफर लंबा और कठिन होता है। हालांकि, यह पूर्ण और संतोषजनक होता है।"बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट से जाने वाली एकमात्र महिला जस्टिस मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट यंग लॉयर्स फोरम की ओर से आयोजित आभासी विदाई में बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि भले ही वह कानूनी पृष्ठभूमि से आई हों, लेकिन उन्हें प्रैक्टिस विरासत में नहीं मिला और उन्होंने पेशे में अपनी जगह नहीं बनाई है।उन्होंने कहा, "मैंने अपने तरीके से काम किया है और मैं पूरी तरह...
धारा 195 (1) (b)(i) CrPC जांच एजेंसी को, जांच के चरण में धारा 193 IPC के तहत किए गए अपराध के खिलाफ मुकदमा चलाने से रोकती नहींः सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि जांच एजेंसी द्वारा धारा 193 आईपीसी [झूठे साक्ष्य गढ़ने के लिए] के तहत दंडनीय अपराध, जिसे जांच के चरण में किया गया है, के लिए मुकदमा चलाने पर, धारा 195 (1) (b) (i) के तहत प्रतिबंध नहीं होगा, यदि जांच एजेंसी ने मुकदमे की कार्यवाही शुरू करने और ट्रायल कोर्ट के समक्ष सबूत पेश करने से पहले मामला या शिकायत दर्ज किया है।जस्टिस मोहन एम शांतनगौदार और जस्टिस विनीत सरण की खंडपीठ ने कहा, ऐसी परिस्थिति में, उक्त अपराधों को धारा 195 (1) (b)(i)के उद्देश्य से किसी भी न्यायालय में...
'20 साल बाद बलात्कार में मामले में बरी हुए अभियुक्त को मुआवजा दिया जाए': भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने झूठे आपराधिक मामलों से निपटने के लिए सिस्टम बनाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
भारतीय जनता पार्टी के नेता कपिल मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर करते हुए मांग की है कि बीस साल जेल में बिताने के बाद बलात्कार के मामले में बरी हुए विष्णु तिवारी को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए। हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तिवारी को बलात्कार के मामले में बरी किया था। अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे के माध्यम से दायर की गई मिश्रा की याचिका में यह भी मांग की गई है कि केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह इस संबंध में गाइडलाइन बनाए और झूठी शिकायत दायर करने वालों के खिलाफ सख्त...
"वर्चुअल कोर्ट को एक विकल्प के रूप में जारी रखने की अनुमति दें": ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ ज्यूरिस्ट्स ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
सुप्रीम कोर्ट में ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ जुरिस्ट्स ने एक विकल्प के रूप में कोर्ट में वर्चुअल मोड में सुनवाई करने और बार में विविधता बढ़ाने की अनुमति मांगी है।कोर्ट में याचिका के माध्यम से आग्रह किया गया है कि विशेष रूप से बार के सदस्य जो विभिन्न बीमारियों, वृद्धावस्था और अन्य शारीरिक विकृति के कारण COVID19 के पूर्व टीकाकरण के परिदृश्य में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष शारीरिक (फिजिकल मोड) रूप से पेश होने में असक्षम हो गए हैं, कोर्ट द्वारा ऐसे लोगों के लीगल प्रैक्टिस के अधिकार की रक्षा की...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : जानिए सुप्रीम कोर्ट में कैसा रहा पिछला सप्ताह
08 मार्च 2021 से 12 मार्च 2021 तक सुप्रीम कोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़रस्थानांतरण याचिका की सुनवाई कर रही सिंगल बेंच सहमति से विवाह विच्छेद करने की डिक्री पारित करने के लिए अनुच्छेद 142 के तहत शक्ति का उपयोग नहीं कर सकतीः सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने केस कि सुनवाई के दौरान कहा कि स्थानांतरण याचिका पर सुनवाई करते हुए उसकी सिंगल बेंच आपसी सहमति से विवाह विच्छेद करने की डिक्री पारित करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत शक्ति का उपयोग नहीं कर सकती। इस मामले में, एक स्थानांतरण...
'समाज को तभी फायदा होगा, जब लैंगिक विविधता होगी': जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने विदाई समारोह में कहा
सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने (शुक्रवार) अपने विदाई समारोह में कहा कि जब समाज में लैंगिक विविधता (Gender Diversity) पाई जाती है तभी समाज को फायदा होता है।न्यायमूर्ति मल्होत्रा, जो बार से सीधे सर्वोच्च न्यायालय में पहुंचने वाली एकमात्र महिला ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित विदाई समारोह में कहा कि,"न्यायपालिका में पर्याप्त महिलाएं होंगी जब पुरुष और महिला जजों के बीच भेद नहीं किया जाएगा। यह तभी हो पाएगा जब अधिक से अधिक महिलाएं सक्रिय रूप से प्रैक्टिस करें और योग्यता और...
सुप्रीम कोर्ट मंथली डाइजेस्ट : जानिए सुप्रीम कोर्ट में कैसा रहा फ़रवरी माह
01 फरवरी 2021 से 28 फरवरी 2021 तक सुप्रीम कोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़रवादकर्ता इस आधार पर जज को मामले की सुनवाई से हटाने की मांग नहीं कर सकता कि उसे पसंद का निर्णय नहीं मिलेगाः सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नाम पर आपत्ति जाहिर करने पर एक याचिका को रद्द करते हुए कहा कि एक वादकारी को अपनी पसंद की बेंच की मांग करते हुए अदालत को धमकाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने देखा कि एक वादकारी किसी जज के नाम पर, उसके मामले की सुनवाई करने से इस आधार पर...
हाइब्रिड सुनवाई के लिए एसओपी के खिलाफ SCBA की याचिका: सुप्रीम कोर्ट ने एससी रजिस्ट्री से मिनट्स ऑफ मीटिंग (विवरण) मांगे
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री द्वारा जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) द्वारा याचिका पर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से मिनट्स ऑफ मीटिंग (विवरण) मांगा है। एससीबीए द्वारा दायर इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट में 15 मार्च से हाइब्रिड फिजिकल हियरिंग शुरू करने के लिए जारी एसओपी रद्द करने की मांंग की गई है।न्यायमूर्ति एसके कौल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के सामने पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता और एससीबीए के अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि हाइब्रिड...
स्थानांतरण याचिका की सुनवाई कर रही सिंगल बेंच सहमति से विवाह विच्छेद करने की डिक्री पारित करने के लिए अनुच्छेद 142 के तहत शक्ति का उपयोग नहीं कर सकतीः सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि स्थानांतरण याचिका पर सुनवाई करते हुए उसकी सिंगल बेंच आपसी सहमति से विवाह विच्छेद करने की डिक्री पारित करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत शक्ति का उपयोग नहीं कर सकती।इस मामले में, एक स्थानांतरण याचिका की पार्टियों (पति और पत्नी) ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष आपसी सहमति से तलाक के लिए एक संयुक्त आवेदन दायर किया था।उन्होंने अदालत से संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अधिकार क्षेत्र का उपयोग करने, और हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 बी में विचार की गई कुछ प्रक्रियात्मक...
"मैं इस न्यायालय को पूर्णता की भावना के साथ छोड़ रही हूं", जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में अपने अंतिम कार्य दिवस पर कहा
"मैं खुश हूं और न्यायालय को पूर्णता की भावना के साथ छोड़ रही हूं", जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में अपने अंतिम कार्य दिवस पर यह टिप्पणी की।परंपरा के अनुरूप, जस्टिस मल्होत्रा जज के रूप में अंतिम कार्य दिवस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश के साथ पीठ साझा की। सुनवाई के बाद, CJI बोबडे और बार के सदस्यों ने जस्टिस मल्होत्रा के रिटायरमेंट पर मेंअपने विचार व्यक्त किए।सेरेमोनियल बेंच द्वारा मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद, CJI बोबडे ने कहा कि बेंच तब तक नहीं उठेगी, जब तक बार को...
"वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आपकी सुनवाई फिजिकल कोर्ट से अधिक धैर्य से होती हैं": जस्टिस एसके कौल
"वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आपकी सुनवाई फिजिकल कोर्ट से अधिक धैर्य से होती हैं," जस्टिस एस.के. कौल ने गुरुवार को एससीबीए के अध्यक्ष और सीनियर वकील विकास सिंह से कहा।जस्टिस कौल और जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी की पीठ ने यह टिप्पणी उस समय की जब सीनियर एडवोकेट विकास सिंह पीठ के समक्ष पेश हो रहे थे और ऐसा लगा जैसे वह थोड़ी देर के लिए अनम्यूट हो गए।बेंच ने कहा,"हम आपको सुन नहीं सकते, मि. सिंह।"एडवोकेट सिंह ने अनम्यूटिड होने पर कहा,"वर्चुअल सुनवाई में यही हो रहा है! सुनवाई अधिवक्ताओं के बिना भी तय की जा...
"मुझे टाइगर बाम का इस्तेमाल करना पड़ा"; जस्टिस एमआर शाह ने हाईकोर्ट के समझ से परे जजमेंट पर टिप्पणी की
सुप्रीम कोर्ट ने (शुक्रवार) उन अनुचित तरीकों पर अपनी नाराजगी जाहिर की, जिस तरह से उच्च न्यायालयों के समझ से परे लिखित निर्णय (जजमेंट) आ रहे हैं।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर एक याचिका में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की खंडपीठ द्वारा पारित एक आदेश के खिलाफ दायर एक विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई कर रही थी, जो केंद्र सरकार के औद्योगिक न्यायाधिकरण के अवार्ड के मामले से संबंधित है। उच्च न्यायालय ने एक कर्मचारी के खिलाफ कदाचार...
ऐसा सरकारी अधिकारी जो राज्य सरकार की सेवा में है, उसे चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त नहीं कर सकते : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि सरकार की सेवा करने वाले एक सरकारी अधिकारी को उस राज्य के चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त नहीं किया जा सकता है। राज्य चुनाव आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए न्यायालय ने यह महत्वपूर्ण निर्देश पारित किया।न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत निर्देश जारी किया कि भारत के सभी राज्य और क्षेत्र इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि इसके पास संविधान के अनुच्छेद 243 (4) के तहत उनके यहां...
















