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दिल्ली दंगों की साजिश मामले में उमर खालिद और अन्य की ज़मानत याचिकाओं पर फिर टली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों की व्यापक साजिश मामले में उमर खालिद, शरजील इमाम, मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा और शिफा उर रहमान द्वारा ज़मानत की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई सोमवार (21 सितंबर) तक के लिए स्थगित कर दी।ये याचिकाएं जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध हैं।यह मामला 12 सितंबर को जस्टिस कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध था। हालांकि, अदालत द्वारा इन मामलों पर सुनवाई में कठिनाई व्यक्त करने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। अदालत ने कहा कि पूरक...
हाईकोर्ट प्रारंभिक खारिज आदेश वापस लेकर अग्रिम ज़मानत नहीं दे सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के उस असामान्य आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत अग्रिम ज़मानत याचिका, जिसे शुरू में खारिज कर दिया गया था, बाद में वापस ले ली गई और अग्रिम ज़मानत दे दी गई।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस एसवीएन भट्टी की खंडपीठ के समक्ष शिकायतकर्ता ने तर्क दिया कि एक बार अग्रिम ज़मानत की याचिका खारिज करने वाला विस्तृत आदेश पारित हो जाने के बाद कार्यवाही पूरी तरह समाप्त हो गई और उसे वापस बुलाकर पुनर्जीवित नहीं किया जा सकता था, बहाल करना तो दूर की बात है।याचिकाकर्ता...
Customs Act | ज़ब्त की गई वस्तु की अस्थायी रिहाई से 2018 से पहले के मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी करने की समय-सीमा नहीं बढ़ेगी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश बरकरार रखा, जिसमें राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) द्वारा ज़ब्त की गई आयातित मासेराती कार को छोड़ने का निर्देश दिया गया। अदालत ने हाईकोर्ट के इस विचार को बरकरार रखा कि कस्टम एक्ट, 1962 के तहत निर्धारित समय के भीतर कारण बताओ नोटिस जारी न करने पर व्यक्ति ज़ब्त की गई वस्तु को छोड़ने का हकदार हो जाता है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने आगे कहा कि कस्टम एक्ट की धारा 110ए के तहत ज़ब्त की गई वस्तु की अस्थायी रिहाई धारा 110(2) के...
S. 482 CrPC/S. 528 BNSS | कुछ FIR रद्द करने वाली याचिकाओं में हाईकोर्ट को मामला दायर करने की पृष्ठभूमि भी समझना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (18 सितंबर) को हाईकोर्ट को केवल FIR की विषय-वस्तु के आधार पर याचिकाओं को यंत्रवत् खारिज करने के प्रति आगाह किया। इस बात पर ज़ोर दिया कि कुछ मामलों में FIR दायर करने के परिवेश और परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। न्यायालय ने आगे कहा कि हाईकोर्ट को यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि क्या FIR किसी जवाबी हमले का परिणाम थी या वादी को परेशान करने के किसी अप्रत्यक्ष उद्देश्य से प्रतिशोधात्मक कार्रवाई के रूप में दर्ज की गई।अदालत ने कहा,“हालांकि यह सच है कि इस स्तर पर...
धर्मांतरण के अधिकार से इंकार करने वाला सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुधारा जाए: जस्टिस आर.एफ. नरिमन
पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस आर.एफ. नरिमन ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट को 1977 के रेव. स्टेनिस्लॉस केस के फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। उस फैसले में कहा गया था कि अनुच्छेद 25 के तहत “धर्म का प्रचार” (propagate) करने का अधिकार, धर्मांतरण का अधिकार शामिल नहीं करता। नरिमन के अनुसार, प्रचार का अर्थ बिना दबाव किसी को अपने धर्म में शामिल करने के लिए राज़ी करना भी है, और 1977 का फैसला इस शब्द को लगभग संविधान से हटा देता है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों के एंटी-कन्वर्ज़न कानून इसी फैसले से समर्थित...
सुप्रीम कोर्ट गेट के बाहर मैनुअल सीवर सफाई पर दिल्ली PWD पर 5 लाख रुपये का जुर्माना
सुप्रीम कोर्ट ने आज (18 सितंबर) दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। कारण यह था कि विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के गेट-एफ के बाहर नाले की सफाई के लिए मैनुअल सीवर क्लीनर, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल था, को बिना सुरक्षा उपकरणों के काम पर लगाया। यह कोर्ट के उस फैसले का उल्लंघन है जिसमें मैनुअल सीवर सफाई पर रोक लगाई गई थी।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन.वी. अंजनिया की खंडपीठ ने कहा कि यदि भविष्य में ऐसी घटना दोहराई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी।...
तेल कंपनियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे बायोडीज़ल निर्माता
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में भारतीय बायोडीज़ल संघ द्वारा दायर याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। इस याचिका में सरकारी अधिसूचना को चुनौती दी गई, जिसमें बिना मिश्रित हाई-स्पीड डीज़ल की बिक्री पर उत्पाद शुल्क छूट को एक और वर्ष, 1 अप्रैल, 2025 से 31 मार्च, 2026 तक बढ़ा दिया गया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने एमसी मेहता बनाम भारत संघ मामले में याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए इस आवेदन पर नोटिस जारी किया।केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या...
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य-यूटी को 4 महीने में नियम बनाकर सिख विवाह दर्ज करने का दिया निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम आदेश में 17 राज्यों और 7 केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे आनंद विवाह अधिनियम, 1909 (Anand Marriage Act) के तहत सिख विवाहों (आनंद कारज) के पंजीकरण के लिए नियम चार माह में बनाएँ। कोर्ट ने कहा कि नियम न बनाने से सिख नागरिकों के साथ असमान व्यवहार हो रहा है और यह समानता के अधिकार का उल्लंघन है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा कि जब कानून आनंद कारज को मान्यता देता है तो पंजीकरण की व्यवस्था भी होनी चाहिए। जब तक राज्य अपने नियम नहीं बनाते, तब...
"मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं": विष्णु मूर्ति मामले में सीजेआई गवई ने दी सफाई
खजुराहो के एक मंदिर में भगवान विष्णु की जीर्ण-शीर्ण मूर्ति के पुनर्निर्माण की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए अपनी टिप्पणियों से उपजे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई ने कहा कि वह सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।सीजेआई ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी इस तथ्य के संदर्भ में थी कि मंदिर ASI के अधिकार क्षेत्र में है।सीजेआई बीआर गवई, जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ कर्नाटक में बड़े पैमाने पर अवैध लौह अयस्क खनन के मुद्दे पर सुनवाई कर रही थी, जिससे...
NEET-PG | ट्रांसजेंडर वर्ग के लिए कुछ सीटें खाली रखने की मांग, सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट अगले सप्ताह यह मुद्दा सुनेगा कि NEET-PG 2025 एडमिशन में ट्रांसजेंडर श्रेणी के लिए ऑल इंडिया कोटा में 2 सीटें और तमिलनाडु व आंध्रप्रदेश राज्य कोटा में 1-1 सीट आरक्षित की जाएं या नहीं।चीफ जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोदचंद्रन की खंडपीठ इस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए हॉरिजॉन्टल आरक्षण की मांग की गई है। परीक्षा अगस्त में हुई थी और नतीजे आने बाकी हैं।मई में नोटिस जारी हुआ था, जब सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंग ने दलील दी थी कि NALSA बनाम यूनियन ऑफ...
NLUJ में 25% डोमिसाइल आरक्षण के खिलाफ याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर (NLUJ) में 25% अधिवास-आधारित आरक्षण बरकरार रखने वाले राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज की।जस्टिस पमिदिघंतम श्री नरसिम्हा और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की खंडपीठ ने कहा,"हम भारत के संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते हुए इस आदेश में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं।"हाईकोर्ट के समक्ष दायर याचिका NLUJ की कार्यकारी परिषद द्वारा 2022 में पारित उस प्रस्ताव के खिलाफ थी,...
बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक को दशहरा उत्सव में आमंत्रित करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, कल होगी सुनवाई
कर्नाटक हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की गई, जिसमें मैसूर के चामुंडी मंदिर में दशहरा उत्सव के उद्घाटन समारोह में बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के राज्य सरकार के फैसले को मंजूरी दी गई थी।याचिकाकर्ता के वकील ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) के समक्ष मामले को तत्काल सुनवाई के लिए प्रस्तुत करते हुए कहा,"यह मैसूर में दशहरा के उद्घाटन के लिए चामुंडेश्वरी मंदिर में एक गैर-हिंदू को अग्र पूजा करने की अनुमति देने के कर्नाटक सरकार के फैसले के खिलाफ...
यूनिवर्सिटी ने वकील की डिग्री की प्रामाणिकता से किया इनकार, सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक वकील की बी.कॉम डिग्री की प्रामाणिकता सत्यापित करने का निर्देश दिया। संबंधित यूनिवर्सिटी ने इस डिग्री को 'जाली' घोषित किया है और इसे उसके द्वारा जारी नहीं किया गया।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्जल भुयान की खंडपीठ बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की अनुशासन समिति के उस फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें याचिकाकर्ता के पास मौजूद वाणिज्य स्नातक ("बी.कॉम") की डिग्री के जाली होने का सवाल था।सुनवाई की पिछली तारीख पर अदालत ने मगध यूनिवर्सिटी,...
"दैवीय या गौ-हस्तक्षेप" से निर्णय देने वाले जज संवैधानिक शपथ का उल्लंघन करते हैं: जस्टिस नरीमन
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन ने कहा कि जो जज कहते हैं कि उन्होंने कोई निर्णय सुनाते समय दैवीय हस्तक्षेप की मांग की, वे वास्तव में संविधान की शपथ का उल्लंघन कर रहे हैं।उन्होंने कहा,"चाहे दैवीय हस्तक्षेप हो या गौ-हस्तक्षेप, या किसी भी अन्य प्रकार का हस्तक्षेप, यदि कोई जज कोई निर्णय देता है तो वह संविधान की शपथ का उल्लंघन कर रहा होता है। आपको केवल संविधान और कानूनों की शपथ पर चलना है और जब आप संविधान और कानूनों की शपथ पर चलते हैं तो आप निश्चित रूप से अपनी नैतिकता भी लाते हैं।...
मूर्ति चोरी के मामलों की गुम फाइलों पर सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से सवाल किए, केंद्र से भी मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (16 सितंबर) को विदेश मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय को तमिलनाडु के विभिन्न मंदिरों से 1985 से चोरी हुई मूर्तियों की बरामदगी से संबंधित मामले में नोटिस जारी किया, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे विदेशी संग्रहालयों में हैं।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ ने यह आदेश वकील एलिफेंट जी राजेंद्रन द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें तमिलनाडु में प्राचीन मंदिरों की मूर्तियों, कलाकृतियों, आभूषणों और अन्य संपत्तियों की चोरी से जुड़ी 41 केस...
Judicial Service | युवा वकीलों की उदासीनता पर सुप्रीम कोर्ट पदोन्नति के अवसरों की कमी की करेगा जांच
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सेवा में प्रवेश स्तर के पदों पर पदोन्नति के अवसरों की कमी के मुद्दे की जांच करने का निर्णय लिया, जिसके कारण कई प्रतिभाशाली युवा वकील सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पद पर सेवा देने से कतरा रहे हैं।यह मुद्दा अखिल भारतीय न्यायाधीश संघ मामले में एमिक्स क्यूरी रहे सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ भटनागर ने उठाया। उन्होंने कई राज्यों में "विषम स्थिति" पर प्रकाश डाला, जहां न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) के रूप में भर्ती किए गए न्यायिक अधिकारी अक्सर हाईकोर्ट जज के पद तक पहुंचना तो...
लॉ स्कूल को प्रत्येक स्टूडेंट में संवैधानिक आदर्शों के प्रति गहरा सम्मान विकसित करना चाहिए: चीफ जस्टिस बीआर गवई
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई ने कहा कि लॉ एजुकेशन केवल बार और बेंच के लिए पेशेवर तैयार करने से कहीं अधिक है। इसे ऐसे नागरिक भी तैयार करने चाहिए, जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध हों।उन्होंने कहा,"मेरे विचार से लॉ एजुकेशन केवल बार और बेंच के लिए पेशेवर तैयार करने के बारे में नहीं है। यह ऐसे नागरिकों को तैयार करने के बारे में है, जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध हों।"उन्होंने कहा कि संवैधानिक विचारों के प्रति गहरे सम्मान के...
न्यायिक अधिकारियों ने वाहन लोन न देने का आरोप लगाते हुए अवमानना याचिका दायर की; सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अवमानना याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें न्यायिक अधिकारियों के वाहन/परिवहन भत्ते के संबंध में द्वितीय राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग (SNJPC) की सिफारिशों को स्वीकार करने और राज्य सरकारों को इसे लागू करने का निर्देश देने वाले अदात के आदेश का पालन न करने का आरोप लगाया गया।चीफ जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस के. विनोद चंद्रन, जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की खंडपीठ ने सीनियर एडवोकेट मीनाक्षी अरोड़ा की दलील सुनने के बाद यह आदेश पारित किया। मीनाक्षी अरोड़ा ने तर्क दिया कि इस मामले में...
सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग लड़की से बलात्कार के दोषी कैथोलिक पादरी की सज़ा निलंबित की
सुप्रीम कोर्ट ने रोमन कैथोलिक चर्च के पादरी फादर एडविन पिगारेज़ की आजीवन कारावास की सज़ा निलंबित की, जिन्हें एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के लिए दोषी ठहराया गया था।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने अपीलकर्ता की सज़ा निलंबित करते हुए हाईकोर्ट द्वारा दोषसिद्धि के आदेश के विरुद्ध उनकी अपीलों के लंबित रहने तक ज़मानत दी।फरवरी, 2024 में केरल हाईकोर्ट ने पादरी की अपने ही पल्ली में नाबालिग लड़की के साथ बार-बार बलात्कार और यौन उत्पीड़न के लिए दोषसिद्धि बरकरार...
बाघों के शिकार की CBI जांच मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब
भारत में बाघों के शिकार की CBI जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, CBI और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NCTA) से जवाब मांगा।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर विचार करने पर सहमति जताई और केंद्र सरकार, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, CBI और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NCTA) को नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ता गौरव कुमार बंसल ने व्यक्तिगत रूप से इस बात पर ज़ोर दिया कि देश में 35% से ज़्यादा बाघ बाघ अभयारण्यों...




















