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अनिल अंबानी ने निजी गारंटर से संबंधित आईबीसी के प्रावधानों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की
अनिल अंबानी ने निजी गारंटर से संबंधित आईबीसी के प्रावधानों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की

भारतीय बाजार में एक प्रमुख चेहरे अनिल अंबानी ने कॉरपोरेट देनदार के व्यक्तिगत गारंटरों से संबंधित दिवाला और दिवालियापन संहिता, 2016 के भाग III (व्यक्तियों और साझेदारी फर्मों के लिए दिवाला समाधान और दिवालियापन) के कुछ प्रावधानों की वैधता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।याचिका में विशेष रूप से आईबीसी की धारा 95 (दिवालापन रिज़ॉल्यूशन प्रक्रिया शुरू करने के लिए लेनदार द्वारा आवेदन), 96 (अंतरिम-स्थगन), 97 (रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल की नियुक्ति), 99 (रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल द्वारा रिपोर्ट जमा...

सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक ट्विन टॉवर गिराने के खिलाफ दायर याचिका खारिज की, याचिकाकर्ता पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक ट्विन टॉवर गिराने के खिलाफ दायर याचिका खारिज की, याचिकाकर्ता पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सुपरटेक ट्विन टॉवर (Supertech Twin Tower) गिराने के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज की। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।31.08.2021 को, एक विस्तृत निर्णय द्वारा सुप्रीम कोर्ट ने भवन नियमों के गंभीर उल्लंघन के आधार पर, सेक्टर 93ए नोएडा में स्थित अवैध ट्विन टावरों को गिराने का निर्देश दिया था।जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस सुधांशु धूलिया ने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत किसी भी याचिका...

ललित मोदी पारिवारिक विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने दूसरे दौर की मध्यस्थता की इजाजत दी, जस्टिस आरवी रवींद्रन को मध्यस्थ नियुक्त किया
ललित मोदी पारिवारिक विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने दूसरे दौर की मध्यस्थता की इजाजत दी, जस्टिस आरवी रवींद्रन को मध्यस्थ नियुक्त किया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बिजनेसमैन ललित मोदी, उनकी मां बीना मोदी और उनके भाई-बहनों के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस आरवी रवींद्रन को मध्यस्थ नियुक्त किया।भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने पक्षों से मध्यस्थता की कार्यवाही के दौरान गोपनीयता बनाए रखने और मामले के संबंध में सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करने को कहा।पिछले मध्यस्थता प्रयास की विफलता के बाद मामले में मध्यस्थता का ये दूसरा दौर है। इससे पहले, कोर्ट ने...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
"न्याय के मानवीय पक्ष को देखें": सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को शराब पर निर्भरता के कारण सर्विस से डिस्चार्ज कारगिल युद्ध के सैनिक को विकलांगता पेंशन देने का सुझाव दिया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्र सरकार को एक सैनिक को देय विकलांगता पेंशन में हस्तक्षेप नहीं करने का सुझाव दिया, जिसे शराब पर निर्भरता के कारण अनुशासनात्मक आधार पर सर्विस से डिस्चार्ज कर दिया गया था। कोर्ट ने सरकार से व्यक्ति के लिए छूट को कम करने का आग्रह किया।जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस सुधांशु धूलिया ने उल्लेख किया कि यदि सशस्त्र बल न्यायाधिकरण द्वारा अनुभवी को पेंशन नहीं दी गई और वह सुप्रीम कोर्ट के सामने आकर उसी की मांग कर रहे थे, तो कोर्ट उसे 'दरवाजा दिखा सकता था'। लेकिन इस...

मैंने पहले याचिका दायर की, इसलिए मुझे प्रमुख याचिकाकर्ता बनना चाहिए: एमएल शर्मा ने ईडी डायरेक्टर के कार्यकाल के खिलाफ जनहित याचिकाओं के आदेश पर आपत्ति जताई
"मैंने पहले याचिका दायर की, इसलिए मुझे प्रमुख याचिकाकर्ता बनना चाहिए": एमएल शर्मा ने ईडी डायरेक्टर के कार्यकाल के खिलाफ जनहित याचिकाओं के आदेश पर आपत्ति जताई

सुप्रीम कोर्ट में एक अप्रत्याशित विवाद तब पैदा हो गया जब कोर्ट प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के डायरेक्टर के कार्यकाल के विस्तार के खिलाफ दायर जनहित याचिकाओं के बैच पर विचार कर रहा था। इस दौरान विवाद खड़ा हुआ कि मामले में मुख्य याचिकाकर्ता कौन होना चाहिए?चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) की अगुवाई वाली पीठ प्रवर्तन निदेशालय के मौजूदा निदेशक संजय कुमार मिश्रा को दिए गए विस्तार को चुनौती देने वाली सात याचिकाओं पर विचार कर रही थी। याचिकाकर्ताओं में कांग्रेस नेता डॉ जया ठाकुर, रणदीप सिंह सुरजेवाला,...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए उनके नामांकन स्वीकार करने के लिए चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग वाली डॉ मंदाती थिरुपति की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भारत के उपराष्ट्रपति (Vice President of India) पद के लिए उनके नामांकन को स्वीकार करने के लिए भारत के चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग करने वाली डॉ मंदाती थिरुपति रेड्डी (Dr Mandati Thirupari Reddy) की याचिका को खारिज कर दिया।जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस एस रवींद्र भट की खंडपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा,"भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर वर्तमान याचिका में जिस तरह की राहत की प्रार्थना की गई है, हमारे विचार में उस पर विचार नहीं किया जा सकता है और न...

प्रक्रिया सजा न बन जाए, ये सोचकर कि आरोपी की दोषसिद्धि नहीं हो पाएगी, जमानत से इनकार न करें : जस्टिस कौल की ट्रायल जजों को सलाह
'प्रक्रिया सजा न बन जाए, ये सोचकर कि आरोपी की दोषसिद्धि नहीं हो पाएगी, जमानत से इनकार न करें' : जस्टिस कौल की ट्रायल जजों को सलाह

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संजय किशन कौल ने रविवार को प्रथम अखिल भारतीय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैठक के समापन समारोह में अपना भाषण देते हुए, सभी उपस्थित लोगों, विशेष रूप से अधीनस्थ न्यायपालिका के सदस्यों को पहले पारंपरिक कानूनी प्रणाली के भीतर उपलब्ध साधनों का उपयोग करते हुए 'आउट ऑफ द बॉक्स थिंकिंग' का सहारा लेकर मुकदमेबाजी को समाप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया अन्यथा, उन्होंने चिंता व्यक्त की कि 500 वर्ष भी लंबित मामलों के मुद्दे को समाप्त करने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे।"मेरे दिमाग में...

न्यायिक संस्थानों को प्रौद्योगिकी के नए साधनों को अपनाना आवश्यक: जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़
न्यायिक संस्थानों को प्रौद्योगिकी के नए साधनों को अपनाना आवश्यक: जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़

जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ (Justice DY Chandrachud) ने पहली अखिल भारतीय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैठक के समापन समारोह में न्यायिक प्रणाली में प्रौद्योगिकी के महत्व पर भाषण दिया।न्यायिक प्रक्रियाओं में प्रौद्योगिकी को अपनाने के महत्व पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट्स और जिला अदालतें ट्विटर और टेलीग्राम चैनल सहित संचार के आधुनिक साधनों के उपयोग पर बहुत मितभाषी रही हैं।इसे बदलने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा,"संचार के साधनों का उपयोग करने के लिए हमारे इस प्रतिरोध...

लीगल सिस्टम में लोगों का विश्वास बढ़ाने के लिए युवा और प्रतिभावान वकीलों की सेवाएं ली जानी चाहिए : जस्टिस यूयू ललित
लीगल सिस्टम में लोगों का विश्वास बढ़ाने के लिए युवा और प्रतिभावान वकीलों की सेवाएं ली जानी चाहिए : जस्टिस यूयू ललित

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यूयू ललित ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (National Legal Services Authority) के कार्यकारी अध्यक्ष, प्रथम अखिल भारतीय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैठक के समापन सत्र के मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त किये। जस्टिस ललित ने शुरुआत में कानूनी सहायता प्रणाली के भविष्य पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि पहला मुद्दा भारत में कानूनी सहायता के संबंध में स्पष्टता लाना है, दूसरा इसके लिए रणनीति तैयार करना है और तीसरा उक्त रणनीति को लागू करने के साधनों और...

संविधान के बारे में जानकारी जनसंख्या के छोटे वर्ग तक सीमित : सीजेआई ने लॉ ग्रेजुएट्स से जागरूकता फैलाने का आग्रह किया
'संविधान के बारे में जानकारी जनसंख्या के छोटे वर्ग तक सीमित ': सीजेआई ने लॉ ग्रेजुएट्स से जागरूकता फैलाने का आग्रह किया

भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने संविधान के बारे में ज्ञान भारतीय आबादी के एक छोटे से हिस्से तक सीमित होने पर अफसोस जताते हुए कानून स्नातकों (Law Graduates) से आम लोगों के बीच "संविधान" के बारे में जागरूकता फैलाने के मिशन को अपनाने का आग्रह किया। हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, रायपुर में दीक्षांत समारोह में बोलते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने ग्रेजुएट्स से कहा कि संवैधानिक प्रावधानों को सरल शब्दों में समझाने और लोगों के मन में इसके लोकाचार को आत्मसात करने का उनका प्रयास होना चाहिए।उन्होंने...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
विमानवहन अधिनियम लिमिटेशन एक्ट के प्रावधानों को 'स्पष्ट रूप से बाहर' रखता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि 'विमानवहन अधिनियम', 1972 की दूसरी अनुसूची का नियम 30 स्पष्ट रूप से लिमिटेशन एक्ट, 1963 की प्रयोज्यता को बाहर रखता है।जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि ब्रिटिश एयरवेज के खिलाफ एक मालिकाना फर्म द्वारा दायर एक मुकदमा लिमिटेशन द्वारा वर्जित है।नियम 30विमानवहन अधिनियम का नियम 30 कहता है: (1) क्षतिपूर्ति लेने का अधिकार समाप्त हो जाएगा यदि दो साल के भीतर कोई...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
अगर वाहन मालिक ड्राइविंग कौशल से संतुष्ट है तो उससे ड्राइवर के लाइसेंस की असलियत सत्यापित करने की उम्मीद नहीं की जा सकती : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी वाहन के मालिक से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह अपने ड्राइवर के ड्राइविंग लाइसेंस की असलियत को सत्यापित करेगा जबकि वह अपने ड्राइविंग कौशल से संतुष्ट है।जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने कहा कि वाहन के मालिक से ड्राइविंग कौशल को सत्यापित करने की उम्मीद होती है ना कि ड्राइवर को नियुक्त करने से पहले ड्राइविंग लाइसेंस की असलियत को सत्यापित करने के लिए लाइसेंसिंग प्राधिकरण के पास जाने की की। इस मामले में एक ट्रक का एक्सीडेंट हो गया। मोटर दुर्घटना दावा...

धारा 482 सीआरपीसी : हाईकोर्ट को ऐसे निर्णय / आदेश को वापस लेने की शक्ति   है जो इससे प्रभावित व्यक्ति को सुने बिना पारित किया गया था : सुप्रीम कोर्ट
धारा 482 सीआरपीसी : हाईकोर्ट को ऐसे निर्णय / आदेश को वापस लेने की शक्ति है जो इससे प्रभावित व्यक्ति को सुने बिना पारित किया गया था : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाईकोर्ट के पास सीआरपीसी की धारा 482 के तहत निहित शक्ति है कि वह उस निर्णय / आदेश को वापस ले सकता है जो इससे प्रभावित व्यक्ति को सुने बिना पारित किया गया था।इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप था कि उन्होंने मृतक से 2,35,73,200/- रुपये की ठगी की थी और इस प्रकार मृतक, जो गंभीर आर्थिक संकट में था, अपनी जान लेने के लिए विवश हो गया था। आरोपी द्वारा धारा 482 सीआरपीसी के तहत दायर याचिका में, गुजरात हाईकोर्ट ने प्राथमिकी में नामित आरोपी और शिकायतकर्ता- मृतक के चचेरे भाई के...

1.78 करोड़ मामले वर्चुअल कोर्ट ने निपटाए, 19.2 मिलियन मामले हाईकोर्ट और जिला अदालतों ने वीसी के माध्यम से सुने : जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़
1.78 करोड़ मामले वर्चुअल कोर्ट ने निपटाए, 19.2 मिलियन मामले हाईकोर्ट और जिला अदालतों ने वीसी के माध्यम से सुने : जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़

प्रथम अखिल भारतीय जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण बैठक (All India District Legal Services Authorities Meet) के उद्घाटन समारोह में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने भारत के नागरिकों के लिए न्याय तक पहुंच को आगे बढ़ाने पर टैक्नोलॉजी के प्रभाव पर प्रकाश डाला।न्यायपालिका की तकनीकी प्रगति पर जोर देते हुए जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि-" इस वर्ष के दौरान 28 जुलाई 2022 तक हमारी eTaal (इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन एग्रीगेशन एंड एनालिसिस लेयर) वेबसाइट ने 250 करोड़ ई-लेन-देन दर्ज किए हैं। 30...

विचाराधीन कैदियों को शीघ्र रिहा करने के लिए उन्हें कानूनी सहायता प्रदान करें : प्रधानमंत्री मोदी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों से आग्रह किया
विचाराधीन कैदियों को शीघ्र रिहा करने के लिए उन्हें कानूनी सहायता प्रदान करें : प्रधानमंत्री मोदी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों से आग्रह किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानूनी सहायता के अभाव में जेल में बंद विचाराधीन कैदियों के मुद्दे को रेखांकित करते हुए शनिवार को जिला कानूनी सेवा प्राधिकरणों (District Legal Services Authorities) से जिला स्तरीय विचाराधीन समीक्षा समितियों में अपनी स्थिति का उपयोग करके विचाराधीन कैदियों की रिहाई में तेजी लाने का आग्रह किया।नालसा ( National Legal Services Authority) द्वारा आयोजित अखिल भारतीय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की पहली पहली बैठक में बोलते हुए पीएम ने कहा कि इस बैठक के उद्घाटन के लिए जो...

बच्चे की इच्छा/ चाह, बच्चे का सर्वोत्तम हित क्या होगा के सवाल से अलग है: सुप्रीम कोर्ट ने पिता की बच्चे की कस्टडी की याचिका मंज़ूर की
बच्चे की 'इच्छा/ चाह,' 'बच्चे का सर्वोत्तम हित क्या होगा' के सवाल से अलग है: सुप्रीम कोर्ट ने पिता की बच्चे की कस्टडी की याचिका मंज़ूर की

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बच्चे की 'इच्छा/ चाह क्या है' का सवाल 'बच्चे का सबसे अच्छा हित क्या होगा' सवाल से अलग और भिन्न है।जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने कहा, "प्रश्न 'बच्चे की इच्छा/ चाह क्या है' को बातचीत के माध्यम से पता लगाया जा सकता है, लेकिन फिर, 'बच्चे का सबसे अच्छा हित क्या होगा' का सवाल सभी प्रासंगिक परिस्थितियों को देखते हुए अदालत द्वारा तय किया जाना है। "पीठ एक 'पिता' द्वारा दायर अपील पर विचार कर रही थी, जिसकी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को कर्नाटक हाईकोर्ट ने...