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विचाराधीन कैदियों को शीघ्र रिहा करने के लिए उन्हें कानूनी सहायता प्रदान करें : प्रधानमंत्री मोदी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों से आग्रह किया
विचाराधीन कैदियों को शीघ्र रिहा करने के लिए उन्हें कानूनी सहायता प्रदान करें : प्रधानमंत्री मोदी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों से आग्रह किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानूनी सहायता के अभाव में जेल में बंद विचाराधीन कैदियों के मुद्दे को रेखांकित करते हुए शनिवार को जिला कानूनी सेवा प्राधिकरणों (District Legal Services Authorities) से जिला स्तरीय विचाराधीन समीक्षा समितियों में अपनी स्थिति का उपयोग करके विचाराधीन कैदियों की रिहाई में तेजी लाने का आग्रह किया।नालसा ( National Legal Services Authority) द्वारा आयोजित अखिल भारतीय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की पहली पहली बैठक में बोलते हुए पीएम ने कहा कि इस बैठक के उद्घाटन के लिए जो...

बच्चे की इच्छा/ चाह, बच्चे का सर्वोत्तम हित क्या होगा के सवाल से अलग है: सुप्रीम कोर्ट ने पिता की बच्चे की कस्टडी की याचिका मंज़ूर की
बच्चे की 'इच्छा/ चाह,' 'बच्चे का सर्वोत्तम हित क्या होगा' के सवाल से अलग है: सुप्रीम कोर्ट ने पिता की बच्चे की कस्टडी की याचिका मंज़ूर की

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बच्चे की 'इच्छा/ चाह क्या है' का सवाल 'बच्चे का सबसे अच्छा हित क्या होगा' सवाल से अलग और भिन्न है।जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने कहा, "प्रश्न 'बच्चे की इच्छा/ चाह क्या है' को बातचीत के माध्यम से पता लगाया जा सकता है, लेकिन फिर, 'बच्चे का सबसे अच्छा हित क्या होगा' का सवाल सभी प्रासंगिक परिस्थितियों को देखते हुए अदालत द्वारा तय किया जाना है। "पीठ एक 'पिता' द्वारा दायर अपील पर विचार कर रही थी, जिसकी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को कर्नाटक हाईकोर्ट ने...

एक ही धार्मिक संप्रदाय के विवाद में पूजा स्थल अधिनियम को लागू करने के लिए अनुच्छेद 32 लागू नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट ने जैन संप्रदाय से कहा
एक ही धार्मिक संप्रदाय के विवाद में पूजा स्थल अधिनियम को लागू करने के लिए अनुच्छेद 32 लागू नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट ने जैन संप्रदाय से कहा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को श्वेतांबर मूर्तिपुजक जैन धर्म के तपगछ संप्रदाय के मोहिजीत समुदाय के सदस्यों द्वारा संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। इस याचिका में उसी संप्रदाय के दूसरे वर्ग द्वारा पूजा स्थलों का कथित रूपांतरण पर पूजा के स्थान (विशेष प्रावधान) अधिनियम 1991 को लागू करने की मांग की गई थी।याचिकाकर्ताओं ने अन्य बातों के साथ-साथ जबरदस्ती और बड़े पैमाने पर धर्मांतरण को रोकना; पूजा स्थल के परिवर्तन को उलटने के लिए कदम उठाना के लिए पूजा स्थल (विशेष...

अग्रिम जमानत आदेश में तीसरे पक्ष को प्रभावित करने वाले अनुल्लंघनीय निर्देश जारी नहीं किए जा सकते: सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा
अग्रिम जमानत आदेश में तीसरे पक्ष को प्रभावित करने वाले अनुल्लंघनीय निर्देश जारी नहीं किए जा सकते: सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा

सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा है कि अग्रिम जमानत आदेश में किसी तीसरे पक्ष को प्रभावित करने वाले अनुल्लंघनीय (अनिवार्य रूप से पालनीय) निर्देश जारी नहीं किये जा सकते हैं।अभी हाल ही में, एक अन्य मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने माना था कि हाईकोर्ट को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 438 के तहत शक्तियों के इस्तेमाल में तीसरे पक्ष को पक्षकार बनाने की आजादी नहीं है।इस मामले में, कथित रूप से धोखाधड़ी के मामले में शामिल एक आरोपी को अग्रिम जमानत देते हुए, पटना हाईकोर्ट ने बेंगलुरु के वरिष्ठ डाक...

जस्टिस बी एस चौहान आयोग ने विकास दुबे के मामलों के रिकॉर्ड खोने के लिए लोक सेवकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने की सिफारिश की
जस्टिस बी एस चौहान आयोग ने विकास दुबे के मामलों के रिकॉर्ड खोने के लिए लोक सेवकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने की सिफारिश की

गैंगस्टर विकास दुबे की मुठभेड़ की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) बी एस चौहान की अध्यक्षता में जांच आयोग ने गैंगस्टर विकास दुबे से संबंधित मामलों के रिकॉर्ड खोने के लिए दोषी लोक सेवकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने की सिफारिश की है । विकास दुबे 2020 में यूपी पुलिस द्वारा एक मुठभेड़ में मारा गया था।रिपोर्ट में की गई सिफारिशों को पुलिस सुधार, ट्रासंफर / पोस्टिंग, सीआरपीसी, अन्य कानूनी सुधार, सरकारी वकील / लोक अभियोजक, समन की सर्विस, हथकड़ी, विकास दुबे के...

धारा 306 आईपीसी : आत्महत्या के लिए उकसाना एक जघन्य अपराध; समझौते के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
धारा 306 आईपीसी : आत्महत्या के लिए उकसाना एक जघन्य अपराध; समझौते के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट

 सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि धारा 306 आईपीसी (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत प्राथमिकी को समझौते के आधार पर धारा 482 सीआरपीसी के तहत रद्द नहीं किया जा सकता है।जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की पीठ ने कहा कि 'आत्महत्या के लिए उकसाना' भी जघन्य और गंभीर अपराधों की श्रेणी में आता है और इसे समाज के खिलाफ अपराध के रूप में माना जाना चाहिए न कि केवल व्यक्ति के खिलाफ।पीठ ने कहा, "जघन्य या गंभीर अपराध, जो प्रकृति में निजी नहीं हैं और समाज पर गंभीर प्रभाव डालते हैं, उन्हें अपराधी और...

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख में स्टेट बार काउंसिल के गठन की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख में स्टेट बार काउंसिल के गठन की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख (Jammu-Kashmir & Ladakh) में बार काउंसिल (Bar Council) के गठन की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।जम्मू स्थित वकील सुप्रिया पंडित ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया।याचिका में तर्क दिया गया कि जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख में पूरी कानूनी बिरादरी के पास कोई सरकारी संस्था नहीं है जहां वे अपना नामांकन करा सकें। वे अन्य...

मेहनती और अनुशासित जज: सीजेआई रमना ने जस्टिस खानविलकर के विदाई समारोह में उनकी प्रशंसा की
"मेहनती और अनुशासित जज": सीजेआई रमना ने जस्टिस खानविलकर के विदाई समारोह में उनकी प्रशंसा की

भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने अपने सहयोगी जस्टिस एएम खानविलकर के विदाई समारोह के अवसर पर उन्हें "मेहनती और अनुशासित न्यायाधीश" कहा। सीजेआई ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा सुप्रीम कोर्ट के नंबर 3 जज के लिए आयोजित विदाई समारोह में कहा,"भाई जस्टिस खानविलकर हमेशा एक बहुत मेहनती और अनुशासित न्यायाधीश रहे हैं। उनकी कार्य नीति सभी के लिए स्पष्ट है। उन्होंने 187 से अधिक निर्णय लिखे हैं और सुप्रीम कोर्ट में लगभग 8446 मामलों का निपटारा किया है।"जस्टिस खानविलकर को 13 मई, 2016 को सुप्रीम कोर्ट...

सुप्रीम कोर्ट ने 4 दिनों के ट्रायल में POCSO के दोषी को मौत की सजा सुनाने वाले सेशन जज के फैसले पर आपत्ति जताई
सुप्रीम कोर्ट ने 4 दिनों के ट्रायल में POCSO के दोषी को मौत की सजा सुनाने वाले सेशन जज के फैसले पर आपत्ति जताई

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक पॉक्सो मामले में एक दोषी को 4 दिनों के भीतर पूरे किए गए मुकदमे में मौत की सजा देने और एक ही दिन में पूरे हुए मुकदमे में एक अन्य पोक्सो दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने पर आपत्ति जताई। जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ बिहार के एक निलंबित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा दायर एक रिट याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पटना हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामलों में कुछ दिनों के भीतर तय करने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की गई थी।जज...

IIT-JEE मेन्स तकनीकी कठिनाइयां: सुप्रीम कोर्ट ने 15 उम्मीदवारों को कल अतिरिक्त सत्र में भाग लेने की अनुमति दी
IIT-JEE मेन्स तकनीकी कठिनाइयां: सुप्रीम कोर्ट ने 15 उम्मीदवारों को कल अतिरिक्त सत्र में भाग लेने की अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आदेश पारित किया, जिसमें 15 आईआईटी उम्मीदवारों को शनिवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षा के अतिरिक्त सत्र में भाग लेने के लिए ( 30 जुलाई)अनुमति दी गई। उक्त उम्मीदवारों को जून, 2022 में आयोजित आईटीटी जेईई-मेन्स 2022 परीक्षा के पहले सत्र के दौरान तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।IIT-JEE मेन्स एग्जाम के सूचना बुलेटिन के अनुसार, प्रवेश परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जाएगी और उम्मीदवारों के पास किसी भी सत्र में भाग लेने का विकल्प होगा। यदि कोई...

केंद्रीय कानून के प्रतिकूल नहीं : सुप्रीम कोर्ट ने केरल मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 1976 की धारा 4(7), 4(8) और 15 को बरकरार रखा
'केंद्रीय कानून के प्रतिकूल नहीं' : सुप्रीम कोर्ट ने केरल मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 1976 की धारा 4(7), 4(8) और 15 को बरकरार रखा

सुप्रीम कोर्ट ने केरल मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 1976 की धारा 4(7), 4(8) और 15 और केरल मोटर परिवहन श्रमिक कल्याण कोष अधिनियम, 1985 की धारा 8ए की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा।केरल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपीलों को खारिज करते हुए जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने कहा कि ये प्रावधान मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के विरोध में नहीं हैं।पीठ ने कहा, "राज्य अधिनियम 1988 अधिनियम (केंद्रीय कानून) के तहत जारी किए गए परमिट के संबंध में कोई नया दायित्व या बाध्यता नहीं...

सुप्रीम कोर्ट ने रोड रेज मामले में जमानत देते हुए ओडिशा विधायक को एक साल तक किसी भी सार्वजनिक रैली को संबोधित करने से रोका
सुप्रीम कोर्ट ने रोड रेज मामले में जमानत देते हुए ओडिशा विधायक को 'एक साल तक किसी भी सार्वजनिक रैली को संबोधित करने से रोका'

सुप्रीम कोर्ट ने रोड रेज के मामले में ओडिशा के आरोपी विधायक को जमानत देते हुए उन्हें एक साल के लिए किसी भी सार्वजनिक रैली को संबोधित करने से रोक दिया।जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने उन्हें जिला कलेक्टर से अनुमति लिए बिना एक वर्ष की अवधि के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र (चिलिका) में जाने से भी रोक दिया।विधायक प्रशांत कुमार जगदेव पर आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों की भीड़ पर अपनी सफेद रंग की डिस्कवरी कार चलाई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। आरोप लगाया गया कि 20 घायल पीड़ितों में से...

नागालैंड स्थानीय निकाय चुनाव: सुप्रीम कोर्ट ने नागालैंड चुनाव आयोग को जनवरी, 2023 तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया
नागालैंड स्थानीय निकाय चुनाव: सुप्रीम कोर्ट ने नागालैंड चुनाव आयोग को जनवरी, 2023 तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने नागालैंड सरकार और नागालैंड राज्य चुनाव आयोग को स्थानीय निकायों के चुनावों को पूरा करने और जनवरी, 2023 के अंत तक परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया।जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की डिवीजन बेंच ने आदेश दिया,"हमने उन्हें स्पष्ट रूप से बताया कि चुनाव प्रक्रिया को पूरा किया जाना है और परिणाम जनवरी, 2023 के अंत से पहले घोषित किए गए हैं। तदनुसार, कार्यक्रम तैयार किया जाना है।"कोर्ट पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) और महिला अधिकार कार्यकर्ता...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
हाईकोर्ट जजों की पेंशन में समानता : सुप्रीम कोर्ट ने विशेष पीठ का गठन किया

सुप्रीम कोर्ट ने बार और सेवा से पदोन्नत हाईकोर्ट के न्यायाधीशों द्वारा प्राप्त पेंशन के बीच समानता से संबंधित मुद्दों पर विचार करने के लिए गुरुवार को जस्टिस एसके कौल, जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम और जस्टिस एसआर भट की एक विशेष पीठ का गठन किया।पीठ का गठन भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने ऑल इंडिया जजेज एसोसिएशन द्वारा जिला न्यायपालिका में जजों की सेवा शर्तों पर अखिल भारतीय न्यायिक आयोग के गठन की याचिका पर सुनवाई करते हुए किया था।सुप्रीम कोर्ट में...

समाधान के साथ आओ: सुप्रीम कोर्ट ने ललित मोदी और उनकी मां बीना मोदी के बीच चल रहे पारिवारिक संपत्ति विवाद मामले में कहा
"समाधान के साथ आओ": सुप्रीम कोर्ट ने ललित मोदी और उनकी मां बीना मोदी के बीच चल रहे पारिवारिक संपत्ति विवाद मामले में कहा

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने व्यवसायी ललित मोदी (Lalit Modi), उनकी मां बीना मोदी (Bina Modi) और उनके भाई-बहनों के बीच चल रहे पारिवारिक संपत्ति विवाद मामले को 1 अगस्त, 2022 तक के लिए स्थगित कर दिया।भारत के चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हेमा कोहली की पीठ ने पक्षों से विवाद को सुलझाने के लिए एक समाधान के साथ आने को कहा।CJI ने कहा,"पिछली बार हमने मध्यस्थ नियुक्त किए थे, लेकिन आप फैसला नहीं कर सके। दोनों पक्षों को निष्पक्ष होना चाहिए, आप फायदा नहीं उठा सकते या अन्य पक्ष...

वह राहत जिसके लिए कोई प्रार्थना या याचना नहीं की गई, नहीं दी जानी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
वह राहत जिसके लिए कोई प्रार्थना या याचना नहीं की गई, नहीं दी जानी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह राहत जिसके लिए कोई प्रार्थना या याचना नहीं की गई थी, उसे नहीं दिया जाना चाहिए।जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने कहा कि यदि कोई न्यायालय प्रतिवादी को ऐसी राहत का विरोध करने के अवसर से वंचित कर ऐसी राहत पर विचार करता है या अनुदान देता है जिसके लिए कोई प्रार्थना या निवेदन नहीं किया गया था, तो यह न्याय का पतन होगा।अदालत ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले को खारिज करते हुए इस प्रकार कहा, जिसमें एक मां को अपने बच्चे का सरनेम बदलने और अपने नए पति...

FIFA को अंडर-17 महिला विश्व कप की देखरेख के लिए डेमोक्रेटिक रूप से निर्वाचित AIFF की आवश्यकता है: सुप्रीम कोर्ट AIFF चुनावी मसले पर 3 अगस्त को सुनवाई करेगा
FIFA को अंडर-17 महिला विश्व कप की देखरेख के लिए डेमोक्रेटिक रूप से निर्वाचित AIFF की आवश्यकता है: सुप्रीम कोर्ट AIFF चुनावी मसले पर 3 अगस्त को सुनवाई करेगा

ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) के गठन से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि वह 3 अगस्त, 2022 को मतदाता सूची और ऑल इंडिया बॉडी के चुनाव के तरीके जैसे मुद्दों पर सुनवाई करेगा।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्य कांत की एक डिवीजन बेंच ने कहा,"फीफा (FIFA) को फीफा अंडर -17 महिला विश्व कप की देखरेख के लिए एआईएफएफ के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित निकाय की आवश्यकता है।"महिला विश्व कप टूर्नामेंट 11 अक्टूबर 2022 से शुरू होगा और इसकी मेजबानी भारत करेगा।आज सुनवाई...

मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को शतरंज ओलंपियाड 2022 के सभी विज्ञापनों में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की तस्वीरें शामिल करने का निर्देश दिया
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को शतरंज ओलंपियाड 2022 के सभी विज्ञापनों में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की तस्वीरें शामिल करने का निर्देश दिया

फेडरेशन इंटरनेशनेल डेस एचेक्स [FIDE] द्वारा आयोजित 44 वें शतरंज ओलंपियाड के विज्ञापनों में प्रधानमंत्री और भारत के राष्ट्रपति की तस्वीरों को शामिल करने की मांग करने वाली एक याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी विज्ञापनों में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति शामिल हों। मुख्य न्यायाधीश मुनीश्वर नाथ भंडारी और जस्टिस एस अनंती की खंडपीठ ने सरकार को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि भविष्य में भी इन निर्देशों का पालन किया जाए।अदालत ने कहा,हम राज्य...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
जैविक पिता की मौत के बाद मां द्वारा अपने बच्चे को दूसरे पति का सरनेम देने में कुछ भी असामान्य नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जैविक पिता की मृत्यु के बाद पुनर्विवाह करने वाली मां बच्चे का उपनाम (surname ) तय कर सकती है और उसे अपने नए परिवार में शामिल कर सकती है।जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया है जिसमें एक मां को अपने बच्चे का उपनाम बदलने और अपने नए पति का नाम केवल 'सौतेले पिता' के रूप में रिकॉर्ड में दिखाने का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा कि इस तरह का निर्देश लगभग ''क्रूर और इस बात से बेखबर है कि यह बच्चे के मानसिक...