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राहुल गांधी के वीडियो के साथ छेड़छाड़ मामला: सुप्रीम कोर्ट ने ज़ी न्यूज़ के प्रोड्यूसर के खिलाफ दर्ज एफआईआर में गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने ज़ी न्यूज़ (Zee News) के प्रोड्यूसर नरिंदर सिंह को राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के वीडियो के साथ छेड़छाड़ करके उसे प्रसारित करने के संबंध में दर्ज एफआईआऱ में गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की।सिंह की ओर से पेश हुए वकील ने जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस ए.एस. बोपन्ना के समक्ष कहा कि उनके खिलाफ तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं - एक जयपुर, राजस्थान में; दूसरा रायपुर, छत्तीसगढ़ में; और तीसरा नोएडा, यूपी में जी न्यूज द्वारा। कंपनी की ओर से दायर शिकायत में उसने...
'दक्ष न्यायाधीशों में खराब संदेश गया': सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट से पॉक्सो मामलों का कुछ ही दिनों में फैसला करने वाले जज के खिलाफ कार्यवाही वापस लेने का आग्रह किया
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पटना हाईकोर्ट से बिहार के एक निलंबित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के खिलाफ पॉक्सो मामलों का फैसला कुछ ही दिनों में करने के लिए शुरू की गई सभी अनुशासनात्मक कार्यवाही को वापस लेने का आग्रह किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा,"हमारी ईमानदारी से सलाह है कि सब कुछ छोड़ दें। अगर आप नहीं चाहते हैं तो हम इसकी तह तक जाएंगे। जब तक आप भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा रहे हैं, तब तक कुछ स्पष्ट होना चाहिए .....वह केवल अपने आदेशों का पालन कर रहे हैं, यह उनके खिलाफ बेहद अनुचित है।"यह सुनकर...
सीआरपीसी धारा 311 के तहत आवेदन को केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि इससे अभियोजन पक्ष के मामले की खामियों को भरने में मदद मिलेगी : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि धारा 311 सीआरपीसी के तहत एक आवेदन को केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता है कि इससे अभियोजन पक्ष के मामले की खामियों को भरने में मदद मिलेगी।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि जहां भी अदालत को लगता है कि मामले के न्यायसंगत निर्णय के लिए कोई सबूत आवश्यक है और सबूतों को बंद करने के लिए बाध्य नहीं है, वहां शक्ति का प्रयोग किया जाना चाहिए।दरअसल एक वकील की 18 नवंबर 2015 को उसके कार्यालय के बाहर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पांच आरोपियों को...
ज्ञानवापी परिसर में मिली संरचना की प्रकृति का अध्ययन करने की पीआईएल को खारिज करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल
इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस जनहित याचिका (पीआईएल) को खारिज करने के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है जिसमें ज्ञानवापी परिसर में मिली संरचना की प्रकृति का अध्ययन करने के लिए हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश (वर्तमान / सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में एक समिति / आयोग की नियुक्ति की मांग की गई थी।गौरतलब है कि जून 2022 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें यह पता लगाने के लिए एक पैनल का गठन करने निर्देश देने की मांग की गई थी कि क्या मस्जिद के...
सुप्रीम कोर्ट ने पैगंबर मुहम्मद पर नूपुर शर्मा की टिप्पणी मामले में टाइम्स नाउ की एंकर नविका कुमार के खिलाफ कठोर कार्रवाई न करने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को टाइम्स नाउ (Times Now) की एंकर नविका कुमार (Navika Kumar) को एक शो में पैगंबर मुहम्मद के बारे में नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर दर्ज एफआईआर/शिकायतों और भविष्य में एफआईआऱ/शिकायतों से अंतरिम सुरक्षा प्रदान किया।जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हेमा कोहली की पीठ ने 26 मई को प्रसारित चैनल शो में की गई टिप्पणी को लेकर विभिन्न राज्यों में दर्ज कई एफआईआर के खिलाफ नविका कुमार द्वारा दायर रिट याचिका पर नोटिस जारी करते हुए यह अंतरिम आदेश...
'क्या हम जज हैं या रजिस्ट्री?': सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने बोर्ड से मामला हटाया, जस्टिस चंद्रचूड़ ने नाराजगी जताई
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जज जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ (DY ChandraChud) ने इस बात से नाराजगी जताई कि सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने सोमवार बोर्ड से सूचीबद्ध एक मामले को हटा दिया।जैसे ही आइटम नंबर 2 की सुनवाई पूरी हुई, जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस ए.एस. बोपन्ना ने आइटम नंबर 3 को सुनवाई के लिए बुलाया तो कोर्ट मास्टर द्वारा सूचित किया गया कि मामला रजिस्ट्री द्वारा हटा दिया गया है।जस्टिस चंद्रचूड़ ने टिप्पणी की,"जज हम हैं या रजिस्ट्री? हद होती है! अगर डिलीट करें तो बताएं क्यों डिलीट कर...
[कुछ राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यक का दर्जा देने की मांग] अल्पसंख्यकों की पहचान केवल राज्य स्तर पर की जा सकती है जिला स्तर पर नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कुछ राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यक (Hindu Minority) का दर्जा देने की मांग वाली याचिका पर कहा कि अल्पसंख्यकों की पहचान केवल राज्य स्तर पर की जा सकती है, जिला स्तर पर नहीं।जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस रवींद्र भट की बेंच ने कहा,"आप प्रार्थना का दावा नहीं कर सकते कि यह कानून के विपरीत है। आप कह रहे हैं कि इसे जिला स्तर पर किया जाना चाहिए। हम इस पर विचार नहीं कर सकते। यह 11 जजों के विपरीत है।"ऐतिहासिक फैसले, टीएमए पाई एंड अन्य बनाम कर्नाटक राज्य में, सुप्रीम कोर्ट...
सुप्रीम कोर्ट से मुझे कोई उम्मीद नहीं : सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल
सुप्रीम कोर्ट के कुछ हालिया फैसलों पर नाराजगी जताते हुए सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्हें इस संस्था (सुप्रीम कोर्ट) से कोई उम्मीद नहीं बची है। सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल एक पीपुल्स ट्रिब्यूनल में बोल रहे थे जो 6 अगस्त 2022 को नई दिल्ली में न्यायिक जवाबदेही और सुधार अभियान (सीजेएआर), पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) एंड नेशनल अलायंस ऑफ पीपल्स मूवमेंट्स (एनएपीएम) द्वारा "नागरिक स्वतंत्रता के न्यायिक रोलबैक" पर आयोजित किया गया था। ट्रिब्यूनल का फोकस गुजरात दंगों (2002) और...
कानून को न्याय' के साथ भ्रमित न करें, जो सही है वह हमेशा कानूनी नहीं हो सकता : जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़
जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने गुजरात राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, गांधीनगर के 11वें दीक्षांत समारोह (11th Convocation ceremony of Gujarat National Law University, Gandhinagar) की अध्यक्षता की और दीक्षांत समारोह में भाषण दिया। जस्टिस चंद्रचूड़ शारीरिक रूप से समारोह में शामिल नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने छात्रों के लिए एक संदेश रिकॉर्ड किया। जस्टिस चंद्रचूड़ ने छात्रों को संबोधित करते हुए उनसे कहा कि वे 'कानून' को 'न्याय' के साथ भ्रमित न करें। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह सलाह प्रोफेसर डब्ल्यूपी...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (1 अगस्त, 2022 से 5 अगस्त, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।ईपीएफ पेंशनः ' पेंशन फंड में कोई घाटा नहीं ' , ईपीएफओ के वित्तीय बोझ के जवाब में पेंशनभोगियों ने सुप्रीम कोर्ट में कहाईपीएफ पेंशन मामले की सुनवाई के तीसरे दिन, गुरुवार (4 अगस्त) को केरल के पेंशनभोगियों के वकील ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा प्रस्तुत बीमांकिक रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों की...
सीजेआई रमना ने उस्मानिया विश्वविद्यालय से डॉक्टर ऑफ लॉ की डिग्री प्राप्त की
उस्मानिया यूनिवर्सिटी ने शुक्रवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना को डॉक्टर ऑफ लॉ (ऑनोरिस कौसा) की डिग्री से सम्मानित किया। सीजेआई रमना ने विश्वविद्यालय के चांसलर और तेलंगाना के राज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन और कुलपति प्रोफेसर डी रविंदर से डिग्री प्रमाणपत्र प्राप्त किया।सीजेआई रमना ने हैदराबाद में विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान भाषण भी दिया। अपने भाषण में, उन्होंने ने छात्रों में क्रिटिकल सोच विकसित करने पर जोर दिया और कहा कि शिक्षा को विविधता का पोषण करने में सक्षम होना चाहिए।यह...
ईपीएफ पेंशन मामला : कर्मियों की दलील, उन्हें 15,000 रुपये से अधिक वेतन के लिए 1.16 फीसदी योगदान करने के लिए नहीं कहा जा सकता [ सुप्रीम कोर्ट में चौथे दिन की सुनवाई]
ईपीएफ पेंशन मामले की सुनवाई के चौथे दिन (शुक्रवार को ) पेंशनभोगियों ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कर्मचारी पेंशन (संशोधन) योजना, 2014 के अनुसार कर्मचारियों को 15,000 रुपये से अधिक वेतन के लिए 1.16 प्रतिशत योगदान करने के लिए कहने की कोई वैधानिक मंज़ूरी नहीं है और ये मूल अधिनियम, कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के खिलाफ है।केरल के पेंशनभोगियों की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट आर बसंत ने तीन न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष यह दलील दी जिसमें जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस अनिरुद्ध बोस और...
आगामी एआईबीई के लिए कोर्स 15 दिनों में प्रकाशित होगा; तीन महीने के भीतर परीक्षा कराई जाएगी: सुप्रीम कोर्ट में बीसीआई ने बताया
सुप्रीम कोर्ट में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने मंगलवार को बताया कि आगामी अखिल भारतीय बार परीक्षा (एआईबीई) के लिए कोर्स 15 दिनों के भीतर प्रकाशित किया जाएगा और उसके बाद तीन महीने की अवधि के भीतर परीक्षा आयोजित की जाएगी।जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस एस. रवींद्र भट और जस्टिस एम.एम. सुंदरेश की पीठ गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को बार काउंसिल ऑफ इंडिया की चुनौती की सुनवाई कर रही थी, जिसने अन्य रोजगार वाले व्यक्तियों को अपनी नौकरी से इस्तीफा दिए बिना एडवोकेट के रूप में नामांकन करने की अनुमति दी।...
सॉफ्टवेयर का उपयोग करने का लाइसेंस "डीम्ड सेल"; इस आधार पर सेवा कर नहीं लगाया जा सकता कि ग्राहक को अपडेट प्रदान किए जा रहे हैं : सुप्रीम कोर्ट ने क्विक हील केस में कहा
सुप्रीम कोर्ट ने 2012-2014 की अवधि के दौरान एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर की बिक्री के लिए क्विक हील टेक्नोलॉजीज लिमिटेड पर 56 करोड़ रुपये से अधिक का सेवा कर लगाने की मांग को लेकर सेवा कर आयुक्त द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया है।कोर्ट ने माना कि सीडी/डीवीडी में सॉफ्टवेयर की बिक्री माल की बिक्री है और एक बार बिक्री पर बिक्री कर का भुगतान करने के बाद, उसी लेनदेन पर इस आधार पर सेवा कर नहीं लगाया जा सकता है कि ग्राहक को अपडेट प्रदान किए जा रहे हैं।सॉफ्टवेयर का उपयोग करने का एंड यूजर लाइसेंस देने वाला...
सुप्रीम कोर्ट ने एक वकील के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की याचिका पर सुनवाई से इनकार किया, याचिकाकर्ता को बार काउंसिल से संपर्क करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका को वापस लेने की छूट दे दी, जिसमें अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के तहत पेशेवर कदाचार के लिए एक सीनियर एडवोकेट के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया को निर्देश देने की मांग की गई थी।जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस रवींद्र भट और जस्टिस सुधांशु धूलिया की खंडपीठ ने मामले को वापस लेने की स्वतंत्रता दी।सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिकाकर्ताओं से पूछा,"इस मामले में अपीलीय प्राधिकरण में बार काउंसिल ऑफ इंडिया है। फिर आप अनुच्छेद 32 याचिका के माध्यम से...
अविवाहित महिला को भी गर्भपात कराने की मांग का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए 10 अगस्त तय की, केंद्र से विचार मांगे
25 वर्षीय एक अविवाहित महिला द्वारा 24 सप्ताह के गर्भ को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की मांग करने वाली याचिका में, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 की धारा 3 (2) (बी) के लाभ को अविवाहित महिलाओं तक बढ़ाने के तरीकों पर विचार किया ताकि वे गर्भावस्था की चिकित्सा समाप्ति की भी मांग कर सकें जो 20 सप्ताह की अवधि से अधिक है लेकिन 24 सप्ताह से अधिक नहीं है।कोर्ट ने 21 जुलाई को एक- पक्षीय अंतरिम आदेश पारित किया था, जिसमें कहा गया था कि गर्भपात से केवल इसलिए इनकार...
भारत में गोद लेने की प्रक्रिया कठिन, यह लोगों को बच्चे गोद लेने से रोकती है: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा
सुप्रीम कोर्ट ने भारत में गोद लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को स्थगित कर दी।जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने कहा कि उन्हें याचिका नहीं मिली है। पीठ ने याचिकाकर्ता से व्यक्तिगत रूप से उन्हें कॉपी सौंपने को कहा।प्रारंभिक आपत्ति के रूप में नटराज ने संकेत दिया कि रिट याचिका सुनवाई योग्य नहीं हो सकती, क्योंकि यह सोसायटी द्वारा दायर की गई है। पीठ ने कहा कि भारत में गोद लेने की प्रक्रिया वास्तव में बोझिल और...
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पूर्व सीजेआई दीपक मिश्रा की नियुक्ति को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ता पर लगाए गए 10 लाख रुपये के जुर्माने की वसूली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि मुकेश जैन नामक व्यक्ति पर लगाए गए 10 लाख रुपये का जुर्माना की वसूली के लिए आवश्यक कदम उठाने जाएं। मुकेश जैन ने दिवंगत स्वामी ओम जी (स्वघोषित धर्मगुरु) के साथ मिलकर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) की नियुक्ति के लिए अपनाई गई मौजूदा प्रक्रिया पर हमला करते हुए तुच्छ मुकदमा दायर किया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जुर्माना की राशि को दिल्ली में उसकी अचल संपत्तियों से भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल किया जाए।कोर्ट ने...
क्या एक राज्य संघीय ढांचे में दूसरे राज्य से माल पर प्रतिबंध लगा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने लॉटरी प्रतिबंध मामले में केंद्र से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय राज्य द्वारा दायर मुकदमे की सुनवाई करते हुए मौखिक रूप से पूछा कि क्या एक राज्य दूसरे राज्य से माल पर प्रतिबंध लगाने की अनुमति संघीय ढांचे में है। इस मामले में मेघालय राज्य ने दूसरे राज्य में अपनी लॉटरी बेचने की मांग की है।मुकदमे का संदर्भ यह है कि लॉटरी (विनियमन) अधिनियम, 1998 (Lotteries (Regulation) Act 1998) की धारा 5 के अनुसार, केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को किसी अन्य राज्य द्वारा आयोजित, संचालित या प्रचारित लॉटरी के टिकटों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए अधिकृत किया...
आरे में कोई पेड़ नहीं काटा गया, केवल झाड़ियों और शाखाओं को हटाया गया, मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने सुप्रीम कोर्ट को बताया; मामला 10 अगस्त के लिए पोस्ट किया
मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRCL) ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को बताया कि मुंबई के आरे फॉरेस्ट (Aarey Forest) में कोई पेड़ नहीं काटा गया है।कोर्ट कार्यकर्ताओं और निवासियों द्वारा दायर आवेदनों के एक बैच पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अधिकारियों ने नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित यथास्थिति के आदेश के विपरीत आरे फॉरेस्ट में पेड़ काटने को फिर से शुरू कर दिया है।एमएमआरसीएल की ओर से भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस बात से इनकार किया कि...












![ईपीएफ पेंशन मामला : कर्मियों की दलील, उन्हें 15,000 रुपये से अधिक वेतन के लिए 1.16 फीसदी योगदान करने के लिए नहीं कहा जा सकता [ सुप्रीम कोर्ट में चौथे दिन की सुनवाई] ईपीएफ पेंशन मामला : कर्मियों की दलील, उन्हें 15,000 रुपये से अधिक वेतन के लिए 1.16 फीसदी योगदान करने के लिए नहीं कहा जा सकता [ सुप्रीम कोर्ट में चौथे दिन की सुनवाई]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2022/08/06/500x300_429345-epfpensioncasesupremecourt.jpg)





