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"एओआर की भूमिका केवल वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने तक सीमित नहीं रह सकती": जस्टिस एमआर शाह ने एक मामले में एओआर की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की
जस्टिस एमआर शाह ने मंगलवार को एक मामले में एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड (एओआर) की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के बारे में पूछताछ की और मौखिक रूप से टिप्पणी की कि उनकी भूमिका केवल वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने तक सीमित नहीं हो सकती और यह नहीं हो सकता कि वे रजिस्ट्री में मामला फाइल करें और अदालत के सामने कभी पेश ही न हों।जस्टिस शाह और बीवी नागरत्ना की बेंच के सामने जब वर्तमान 'ताज़ा सिविल एसएलपी आया तो एक वकील ने मामला इस आधार पर स्थगित करने का अनुरोध...
कल्याणकारी योजनाएं "मुफ्त उपहार" नहीं हैं, केंद्र सरकार के टैक्स हॉलीडे, बैड लोन की छूट पर भी विचार किया जाना चाहिए : डीएमके ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
सुप्रीम कोर्ट में आम आदमी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) उस जनहित याचिका (पीआईएल) पर एक हस्तक्षेप आवेदन दायर किया है, जिसमें मुफ्त उपहारों को विनियमित करने के निर्देश देने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट में डीएमके ने मुफ्त उपहारों के मुद्दे कहा कि सामाजिक और आर्थिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए कल्याणकारी योजनाओं को मुफ्त उपहार नहीं कहा जा सकता।'इलेक्शन फ्रीबीज' मुद्दे पर भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने एक जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका दायर की है,...
ईसाइयों के उत्पीड़न की रिपोर्ट झूठी एवं भ्रामक : केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कैथोलिक पादरी और अन्य संगठनों की याचिका का विरोध किया
केंद्र सरकार ने उस जनहित याचिका का विरोध किया है जिसमें देश में ईसाइयों के खिलाफ कथित हमलों को रोकने के निर्देश देने की मांग की गई है। केंद्र ने कहा है कि याचिकाकर्ताओं ने 'झूठ और कुछ चुनिंदा एजेंडे वाले दस्तावेज' और सिर्फ अनुमानों का सहारा लिया है।नेशनल सॉलिडेरिटी फोरम, द इवेंजेलिकल फेलोशिप ऑफ इंडिया के साथ-साथ बैंगलोर डायोसीज के आर्कबिशप डॉ पीटर मचाडो द्वारा दायर जनहित याचिका के जवाब में गृह मंत्रालय के उप सचिव के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभिक आपत्ति दर्ज की गई है।भारत के सॉलिसिटर...
जस्टिस नागेश्वर राव ने कहा, पीएमएलए फैसले में एक अलग दृष्टिकोण रखता; चुनिंदा अभियोजन द्वारा असहमति को दबाने की रणनीति का मुद्दा उठाया
भारत के 76 वें स्वतंत्रता दिवस पर सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस नागेश्वर राव ने कहा कि उन्होंने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों को बरकरार रखने वाले फैसले में शायद एक अलग दृष्टिकोण लिया होता।मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 की वैधता को बरकरार रखने वाले सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले की शुद्धता और प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर जज ने कहा, "शुरुआत में, मुझे आपको यह बताना होगा कि मैं जजों या जजमेंट के पीछे के दर्शन की आलोचना नहीं करने जा रहा हूं। मुझे बहुत स्पष्ट होना चाहिए,...
उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट उन्नाव में दर्ज केस को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग वाली पीड़िता की याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई के लिए सहमत
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) नाबालिग याचिकाकर्ता के साथ सामूहिक बलात्कार (Gang Rape) मामले में नई दिल्ली में मुकदमे का सामना कर रहे शुभम सिंह के पिता द्वारा उसके खिलाफ दायर एक काउंटर केस को ट्रांसफर करने की मांग वाली पीड़िता की याचिका को अगले सप्ताह सूचीबद्ध करने पर सहमत हो गया।याचिका का उल्लेख भारत के चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ के समक्ष एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने किया।याचिकाकर्ता ने अंतरिम राहत के रूप में अपने खिलाफ अतिरिक्त मुख्य न्यायिक...
प्रथम दृष्टया तलाक-ए-हसन इतना भी अनुचित नहीं, महिलाओं के पास 'खुला' तलाक का विकल्प है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ प्रथा के माध्यम से तलाक की एक प्रथा तलाक-ए-हसन (Talaq-E-Hasan) प्रथम दृष्टया इतना भी अनुचित नहीं है।बता दें, तलाक-ए-हसन के तहत एक आदमी तीन महीने तक, हर महीने एक एक बार "तलाक" का उच्चारण करके अपनी पत्नी को तलाक दे सकता है।कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के पास 'खुला' तलाक के जरिए तलाक लेने का विकल्प है।जस्टिस संजय किशन कौल ने मौखिक रूप से टिप्पणी की,"प्रथम दृष्टया यह (तलाक ए हसन) इतना अनुचित नहीं है। महिलाओं के पास भी एक विकल्प है।...
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष फीफा द्वारा एआईएफएफ के निलंबन का उल्लेख किया; मामले की सुनवाई कल होगी
केंद्र सरकार ने फीफा (FIFA) द्वारा अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के निलंबन से संबंधित मामले का उल्लेख सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के समक्ष किया।भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया कि एआईएफएफ से संबंधित मामले में "कुछ विकास" हुआ है और अनुरोध किया कि मामले की सुनवाई कल ही हो।पीठ ने सॉलिसिटर जनरल को सूचित किया कि मामले को कल पहले आइटम के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। हालांकि एसजी ने एआईएफएफ के निलंबन का स्पष्ट रूप से...
किसी तीसरे पक्ष/वास्तविक शिकायतकर्ता द्वारा हाईकोर्ट में दायर पुनरीक्षण याचिका सुनवाई योग्य है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी तीसरे पक्ष/वास्तविक शिकायतकर्ता द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष दायर की गई पुनरीक्षण याचिका सुनवाई योग्य है।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा, चूंकि पुनरीक्षण की शक्ति का प्रयोग हाईकोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान लेकर भी किया जा सकता है, इसलिए किसी तीसरे पक्ष द्वारा पुनरीक्षण क्षेत्राधिकार को लागू करने और हाईकोर्ट का ये ध्यान आकर्षित करने पर कोई रोक नहीं हो सकती है कि शक्ति का प्रयोग करने का अवसर उत्पन्न हो गया है।इस मामले में, प्रथम सूचनाकर्ता (वास्तव...
हाईकोर्ट कॉलेजियम की प्रवृति सर्वश्रेष्ठ नामों के बजाए उन नामों की सिफारिश करने की है जिन लोगों को वे जानते हैं : एससीबीए प्रेसिडेंट विकास सिंह
सुप्रीम कोर्ट परिसर में सोमवार को 75वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में अपना संबोधन देते हुए सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के प्रेसिडेंट विकास सिंह ने एक बार फिर हाईकोर्ट कॉलेजियम द्वारा जज के नाम की सिफारिश करने में सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों के नाम पर विचार नहीं करने का मुद्दा उठाया। सिंह ने कहा कि वह शुरू में जजों की नियुक्ति की कॉलेजियम प्रणाली के प्रशंसक थे, लेकिन अब जिस तरह से यह काम किया है, उससे वह निराश हैं। सिंह ने यह दावा किया कि कॉलेजियम की...
सीजेआई रमना ने स्वतंत्रता दिवस भाषण में राष्ट्रीय ध्वज के डिजाइनर पिंगली वेंकय्या को याद किया
भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने सोमवार को स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में राष्ट्रीय ध्वज के डिजाइनर पिंगली वेंकैया को श्रद्धांजलि दी। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा,"आज मैं अपने ऊपर तिरंगा लहराता हुआ देख रहा हूं। मैं गर्व महसूस कर सकता हूं और श्री पिंगली वेंकय्या को याद कर सकता हूं, जो राष्ट्रीय ध्वज के वास्तुकार हैं, जो तेलुगु भूमि से हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय ध्वज को डिजाइन किया।" सीजेआई सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में बोल रहे थे। सीजेआई ने अगले...
हमारा सिस्टम सही मायनों में लोगों का तब होगा, जब हम अपनी विविधता का सम्मान करेंगे, इसे संजोकर रखेंगे : सीजेआई रमना
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) द्वारा सुप्रीम कोर्ट लॉन में आयोजित 75वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने न्यायपालिका के "भारतीयकरण" के अपने प्रयासों के बारे में बोलते हुए कहा कि भारतीय प्रणाली वास्तव में भारत के लोगों की होगी जब नागरिकों ने देश की विविधता को सम्मानित किया जाएगा और इसे संजोकर रखा जाएगा। सीजेआई ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा...
राजनीतिक दल सब्सिडी की पेशकश करके संवैधानिक जनादेश का निर्वहन करते हैं, इसे मुफ्त नहीं कहा जा सकता: कांग्रेस नेता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
सुप्रीम कोर्ट में उस जनहित याचिका (पीआईएल) पर एक हस्तक्षेप आवेदन दायर किया गया है, जिसमें मुफ्त उपहारों को विनियमित करने के निर्देश देने की मांग की गई है। मध्य प्रदेश की एक डॉक्टर और एम.पी. महिला कांग्रेस महासचिव ने उक्त हस्तक्षेप आवेदन दायर करते हुए सुप्रीम कोर्ट में पेश किया कि राजनीतिक दल (सही तरीके से) हमारे नागरिक को सब्सिडी और रियायत दे रहे हैं क्योंकि अंततः वे अपने संवैधानिक जनादेश का निर्वहन कर रहे हैं, जो हमारे देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए आवश्यक है।सुप्रीम कोर्ट में यह दलील डॉ. जया...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (8 अगस्त, 2022 से 12 अगस्त, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।धारा 156 (3) सीआरपीसी - जब प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाया जाए, विशेषकर यौन अपराधों में, तब मजिस्ट्रेट को पुलिस जांच का आदेश देना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में माना है कि एक न्यायिक मजिस्ट्रेट का कर्तव्य है कि वह दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत पुलिस जांच...
सुप्रीम कोर्ट की सलाह के बाद पटना हाईकोर्ट ने जज के खिलाफ विभागीय कार्यवाही रद्द की
सुप्रीम कोर्ट के हालिया सुझाव के अनुसार पटना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शशिकांत राय के खिलाफ सभी विभागीय कार्यवाही रद्द करते हुए निलंबन आदेश वापस ले लिया। न्यायाधीश राय को पहले उच्च न्यायालय ने यौन अपराधों के खिलाफ बच्चों की रोकथाम अधिनियम, 2012 (POCSO)से संबंधित मामलों में कुछ दिनों के भीतर निर्णय देने लिए निलंबित कर दिया था।इस आशय का पटना हाईकोर्ट के कानूनी प्रकोष्ठ द्वारा पारित प्रशासनिक आदेश इस प्रकार है," शशि कांत राय बनाम पटना हाईकोर्ट और अन्य W.P (C) 557/2022 में...
धारा 156 (3) सीआरपीसी - जब प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाया जाए, विशेषकर यौन अपराधों में, तब मजिस्ट्रेट को पुलिस जांच का आदेश देना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में माना है कि एक न्यायिक मजिस्ट्रेट का कर्तव्य है कि वह दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत पुलिस जांच का आदेश दे, जब शिकायत प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध को दर्शाती हो और तथ्य पुलिस जांच की आवश्यकता को इंगित करते हों। हालांकि सीआरपीसी की धारा 156(3) में "सकते हैं" शब्द का इस्तेमाल किया गया है, जो पुलिस जांच का आदेश देने के लिए मजिस्ट्रेट को विवेक देता है, कोर्ट ने कहा कि इस तरह के विवेक का इस्तेमाल विवेकपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए।कोर्ट ने कहा, "यह...
हाईकोर्ट कर्मचारियों की वेतन वृद्धि : सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के खिलाफ त्रिपुरा हाईकोर्ट की अवमानना कार्यवाही पर सुनवाई स्थगित की
सुप्रीम कोर्ट में त्रिपुरा राज्य ने एक याचिका दायर की है जिसमें त्रिपुरा हाईकोर्ट द्वारा पारित एक अंतरिम आदेश का विरोध किया गया है। इस आदेश में राज्य सरकार को छठे केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार हाईकोर्ट के कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि करने का निर्देश दिया गया है। राज्य के वकील सीनियर एडवोकेट रंजीत सिंह के आग्रह पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मामले पर सुनवाई स्थगित कर दी।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की एक बेंच ने पिछली सुनवाई पर नोटिस जारी करते हुए राज्य के मुख्य...
अनुकंपा नियुक्ति के लिए "उपयुक्त रोजगार" को मृतक कर्मचारी द्वारा धारित पद के संदर्भ में समझा जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति के लिए "उपयुक्त रोजगार" को मृतक कर्मचारी द्वारा धारित पद के संदर्भ में समझा जाना चाहिए।एक आश्रित द्वारा धारित श्रेष्ठ योग्यता "उपयुक्त रोजगार" शब्दों के दायरे को निर्धारित नहीं कर सकती है, जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस हृषिकेश रॉय की बेंच ने उत्तर प्रदेश में सेवाकाल में मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों की भर्ती नियमावली, 1974 के नियम 5 की व्याख्या करते हुए कहा।इस मामले में एक मृतक कर्मचारी के बेटे, जो कंप्यूटर साक्षरता के साथ स्नातक था, उसे...
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को राज्य हज कमेटी के गठन पर उठाए गए कदमों के बारे में सूचित करने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (12 अगस्त) को राज्य सरकारों को हलफनामे के माध्यम से अदालत को सूचित करने का निर्देश दिया कि क्या उनके संबंधित राज्यों में हज कमेटी गठित हैं। अदालत ने इसके साथ ही राज्यों को गठित हज कमेटी के सदस्यों के नामों सूची उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।यह मामला हज समिति अधिनियम, 2002 की धारा 4 सपठित धारा 3 के तहत निर्धारित सेंट्रल हज कमेटी के गठन से संबंधित है।याचिकाकर्ता के वकील सीनियर एडवोकेट संजय आर हेज ने मौखिक सुनवाई में प्रस्तुत किया कि कुछ राज्यों ने ही अपने-अपने राज्यों...
उन्नाव रेप पीड़िता ने उन्नाव में जारी केस को दिल्ली ट्रांसफर कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
उन्नाव बलात्कार पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में एक ट्रांसफर पिटिशन दायर की है। नाबालिग पीड़िता के बलात्कर के एक आरोपी शुभम सिंह के पिता ने उसके खिलाफ एक काउंटर केस दायर किया है। पीड़िता ने उस केस को दिल्ली ट्रांसफर कराने के लिए याचिका दायर की है। नाबलिग पीड़िता सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई थी।याचिकाकर्ता ने अंतरिम राहत के रूप में अपने खिलाफ अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, उन्नाव की ओर से जारी गैर जमानती वारंट पर रोक लगाने की मांग की है। नाबालिग याचिकाकर्ता, उसके चाचा और उसकी मां के खिलाफ...
बलात्कार के अलावा यौन उत्पीड़न के मामलों का इन- कैमरा ट्रायल हो, यौन इतिहास से जुड़े सवालों को अनुमति ना दें : सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को कहा
न्यायालयों के यौन अपराधों के पीड़ितों के साथ संवेदनशील तरीके से निपटने के महत्व को दोहराते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालतों को यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करने वाली महिलाओं के लिए पीड़ा और उत्पीड़न से बचने के लिए कई निर्देश जारी किए हैं।अदालत ने निर्देश दिया कि यौन उत्पीड़न से संबंधित सभी मामलों में बंद कमरे में सुनवाई की अनुमति दी जानी चाहिए। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 327 के अनुसार, केवल बलात्कार के मामलों में बंद कमरे में सुनवाई अनिवार्य है। कोर्ट ने इस दायरे का विस्तार किया है।इसके...



















