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जब आरोपी जेल में हो तो कोर्ट और प्रॉसिक्यूशन की ज़िम्मेदारी है कि वे ट्रायल में तेज़ी लाएं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब कोई आरोपी कस्टडी में हो तो कोर्ट और प्रॉसिक्यूशन एजेंसी दोनों की यह ज़िम्मेदारी है कि वे जल्द से जल्द ट्रायल पूरा करें। कोर्ट ने हत्या के एक आरोपी को ज़मानत दे दी जो नौ साल से ज़्यादा समय से जेल में था। कोर्ट ने कहा कि इतनी लंबी देरी ने "हमारी न्यायिक अंतरात्मा को झकझोर दिया।"जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने संविधान के आर्टिकल 32 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए लियाकत अली को ज़मानत दी। वह रणबीर पीनल कोड की धारा 302, 382, 201 और...
सिर्फ़ गाली-गलौज या अभद्र भाषा का इस्तेमाल अश्लीलता नहीं है: सुप्रीम कोर्ट ने IPC की धारा 294(b) का दायरा समझाया
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि "सिर्फ़ गाली-गलौज, अपशब्द और अभद्र भाषा का इस्तेमाल - चाहे वे कितने भी बुरे या असभ्य क्यों न हों - उन्हें अश्लीलता नहीं माना जा सकता।" कोर्ट ने फैसला सुनाया कि गाली-गलौज या अभद्र भाषा का इस्तेमाल अपने आप में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 294 के तहत अश्लीलता का अपराध नहीं है। कोर्ट ने साफ़ किया कि कानून की नज़र में अश्लीलता, अभद्रता, गाली-गलौज या अपशब्दों से अलग है। इसके लिए यह साबित करना ज़रूरी है कि शब्द कामुक हों, कामुक इच्छाओं को भड़काने वाले हों और कमज़ोर...
'फंड की कमी कोई बहाना नहीं': सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से कोर्ट्स में चालू हालत वाले वॉशरूम की सुविधा सुनिश्चित करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी अदालतों - जिनमें ज़िला और तालुका स्तर की अदालतें भी शामिल हैं - में वॉशरूम की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं।कोर्ट ने कहा कि वॉशरूम तक पहुंच एक बुनियादी मानवाधिकार है और किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में राजस्व की कमी इसे उपलब्ध न करा पाने का कोई बहाना नहीं हो सकता।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने सभी राज्यों/केंद्र...
टाउन पंचायत के नॉमिनेटेड सदस्य लेजिस्लेटिव काउंसिल चुनाव में वोट नहीं डाल सकते: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि टाउन पंचायतों के नॉमिनेटेड सदस्य कर्नाटक लेजिस्लेटिव काउंसिल के लिए लोकल अथॉरिटीज़ निर्वाचन क्षेत्रों से होने वाले चुनावों में वोट नहीं डाल सकते। कोर्ट ने कहा कि वोटर लिस्ट में उन्हें शामिल करना संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेशों को चुनौती देने वाली कई अपीलों को खारिज किया। हाईकोर्ट ने कहा था कि नॉमिनेटेड सदस्य चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकते...
SIR | वोटर लिस्ट से नाम हटने का मतलब नागरिकता जाना नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फिर से कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रोसेस के बाद वोटर लिस्ट से नाम हटने का मतलब अपने आप नागरिकता का दर्जा खोना नहीं है।कोर्ट ने बताया कि उसने बिहार SIR फैसले में यह साफ कर दिया था कि नागरिकता तय करने का आखिरी अधिकार भारत के चुनाव आयोग (ECI) के पास नहीं है, और वोटर लिस्ट से नाम हटने से ही किसी की नागरिकता नहीं छीनी जा सकती।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच प्रसेनजीत बोस की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस...
'ओनर रिस्क' पर बुक किए गए सामान की कम डिलीवरी के लिए रेलवे तब तक ज़िम्मेदार नहीं, जब तक उसने खुद सामान की गिनती या वज़न न किया हो: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि "ओनर रिस्क" (मालिक के जोखिम) रेट पर बुक किए गए सामान की कम डिलीवरी के लिए रेलवे को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, जब तक कि उसने ट्रांसपोर्ट से पहले खुद सामान की गिनती या वज़न न किया हो और इस तरह उसे सौंपी गई मात्रा की देखभाल की ज़िम्मेदारी न ली हो।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने M/s बजाज ट्रेडिंग कंपनी की अपील खारिज कr। कंपनी ने गुजरात से असम भेजे गए नमक के 1,742 बोरे कम होने के लिए मुआवज़े की मांग की थी। कोर्ट ने रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल और गुवाहाटी...
सतनाथ उपाध्याय के चुनाव को चुनौती देने वाली सोमनाथ भारती की अपील पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सोमनाथ भारती की उस अपील पर सुनवाई के लिए सहमति दी, जिसमें उन्होंने वर्ष 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में मालवीय नगर सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सतीश उपाध्याय के निर्वाचन को चुनौती दी है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल और सीनियर एडवोकेट मनींदर सिंह की संक्षिप्त दलीलें सुनने के बाद अपील स्वीकार की।सोमनाथ भारती की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने दलील दी कि दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी चुनाव...
रथ यात्रा खत्म होने तक 'महाप्रभु जगन्नाथ' फिल्म रिलीज नहीं होगी
सुप्रीम कोर्ट ने एनिमेटेड फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' की निर्धारित रिलीज़ (17 जुलाई) पर रोक बरकरार रखते हुए फिल्म निर्माताओं को निर्देश दिया कि वे फिल्म को 27 जुलाई को पुरी की भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा समाप्त होने के बाद ही रिलीज़ करें।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने फिल्म निर्माता एले एनिमेशंस प्राइवेट लिमिटेड की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें ओडिशा हाईकोर्ट के 15 जुलाई के आदेश को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने फिल्म की देशभर में रिलीज़ पर अस्थायी रोक लगा दी थी।सुनवाई के...
कोर्टरूम में हंगामे से सबक: ख़ुद पेश होने वाले लोगों से वीडियो रिकॉर्डिंग/लाइव स्ट्रीमिंग न करने के लिए कहेगा सुप्रीम कोर्ट
हाल ही में खुद पेश होने वाले कुछ लोगों (लिटिगेंट्स) के खराब व्यवहार की घटनाओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया है कि जो लोग खुद कोर्ट में पेश होना चुनते हैं, उन्हें अपनी पेशी की लाइव-स्ट्रीमिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं करने दी जाएगी।यह फैसला 15 जुलाई को हुई फुल कोर्ट की बैठक में लिया गया, जिसमें बिना वकील के पेश होने वाले लोगों से जुड़ी प्रक्रिया में बदलाव को मंज़ूरी दी गई।मौजूदा नियमों के तहत सुप्रीम कोर्ट रूल्स, 2013 के ऑर्डर IV रूल 1(c) में यह ज़रूरी है कि खुद पेश होने वाला व्यक्ति...
क्या वसीयत के प्रोबेट के लिए आवेदन वसीयतकर्ता की मौत के 3 साल के अंदर न करने पर समय-सीमा खत्म हो जाती है? सुप्रीम कोर्ट ने दिया जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वसीयत के प्रोबेट के लिए आवेदन वसीयतकर्ता की मौत के तीन साल के अंदर ही करना ज़रूरी नहीं है। कोर्ट ने कहा कि प्रोबेट के लिए आवेदन करने का अधिकार तब मिलता है जब ऐसा करना ज़रूरी हो जाता है, यानी जब वसीयत से बनी स्थिति के खिलाफ कोई कदम उठाया जाता है।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा,"इसलिए आवेदन करने का अधिकार उस तारीख से मिलता है, जब आवेदन करना ज़रूरी हो जाता है। ज़ाहिर है, यह वसीयतकर्ता की मौत के तीन साल के अंदर होना ज़रूरी नहीं है।" बेंच ने ट्रायल...
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से एसिड अटैक पीड़ितों के लिए रेल किराए में छूट और इमरजेंसी कोटा पर विचार करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह एसिड अटैक पीड़ितों को 'दिव्यांगजन' (PwD) की उस श्रेणी में शामिल करने पर विचार करे, जिन्हें रेलवे इलाज या समय-समय पर जांच के लिए किराए में छूट और/या इमरजेंसी कोटा देता है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने याचिकाकर्ता 'अतिजीवन सोसाइटी' की ओर से वकील आनंद वेंकटरमणी की दलीलें सुनने के बाद एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अर्चना पाठक दवे से इस मामले में निर्देश लेने को कहा।यह जनहित याचिका एसिड अटैक पीड़ितों के...
9वीं क्लास में तीसरी भाषा न लाएं, इससे स्टूडेंट्स पर तनाव बढ़ता है: जस्टिस बीवी नागरत्ना ने केंद्र से कहा
सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना ने गुरुवार को CBSE करिकुलम के तहत 9वीं क्लास में तीसरी भाषा शुरू करने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स पर बेवजह तनाव पड़ता है।ये टिप्पणियां तमिलनाडु सरकार की उस अपील पर सुनवाई के दौरान की गईं, जिसमें मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें राज्य के हर जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) खोलने की बात कही गई। तमिलनाडु लगातार JNV खोलने का विरोध करता रहा है, क्योंकि उसे स्कूलों में अपनाई जाने वाली...
उपभोक्ता आयोग का मारुति सुजुकी और डीलर को आदेश: ई-20 ईंधन के अनुकूल नई कार दें
छत्तीसगढ़ के रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और उसके अधिकृत डीलर को एक उपभोक्ता की कार वापस लेकर उसी मॉडल की ई-20 ईंधन के अनुकूल नई कार देने का निर्देश दिया। आयोग ने माना कि वाहन ई-20 पेट्रोल के अनुकूल नहीं होने की जानकारी खरीदार को नहीं दी गई और स्थायी समाधान भी उपलब्ध नहीं कराया गया, जो सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार है।आयोग ने 14 जुलाई को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 35 के तहत डॉ. प्रेमराज देवता की शिकायत पर यह आदेश पारित...
सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक विवादों के दौरान पतियों के एम्प्लॉयर से शिकायत करने की पत्नियों की आदत पर नाराज़गी जताई
सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक मुकदमों के दौरान पत्नियों द्वारा पति के एम्प्लॉयर को पत्र लिखने पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि ऐसी शिकायतों से पति की नौकरी जा सकती है। अंततः गुज़ारा-भत्ता (मेंटेनेंस) पर भी असर पड़ सकता है।यह टिप्पणी जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच द्वारा महिला की ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई। महिला ने अपने पति के दोस्त (प्रतिवादी) द्वारा उसके खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे को असम से गाजियाबाद (यूपी) ट्रांसफर करने की मांग की। महिला ने यह मांग इस आधार पर की...
बुलडोजर कार्रवाई के आदेश उल्लंघन के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई से पीछे हटा, सभी मामले संबंधित हाईकोर्ट भेजे
सुप्रीम कोर्ट ने अपने नवंबर 2024 के ऐतिहासिक फैसले में तय दिशा-निर्देशों के कथित उल्लंघन कर की गई बुलडोजर कार्रवाई से जुड़े अवमानना मामलों पर सुनवाई करने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में अलग-अलग तथ्यात्मक विवाद हैं जिनका फैसला संबंधित हाईकोर्ट ही करेगा।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की खंडपीठ ने कहा कि प्रत्येक मामले में अलग-अलग तथ्य हैं और सुप्रीम कोर्ट अवमानना अधिकार क्षेत्र में हर मामले के तथ्यात्मक विवाद की जांच नहीं कर सकता। इसलिए...
वकील पर हमले में हत्या के प्रयास की धारा क्यों नहीं लगाई? सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को फटकारा, जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी
सुप्रीम कोर्ट ने एक वकील पर कथित हमले के मामले में हत्या के प्रयास का आरोप न जोड़ने पर दिल्ली पुलिस की कड़ी आलोचना की। अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि पीड़ित के सिर जैसे शरीर के महत्वपूर्ण हिस्से पर गंभीर चोट पहुंचाई गई, इसलिए हत्या के प्रयास का अपराध दर्ज किया जाना चाहिए था। कोर्ट ने मामले की जांच स्थानीय पुलिस से लेकर अपराध शाखा को सौंपने का भी निर्देश दिया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की खंडपीठ ने कहा,"शरीर के महत्वपूर्ण हिस्से पर लगी चोट की...
बुजुर्ग और असाध्य रोगों से पीड़ित कैदियों की समयपूर्व रिहाई के लिए 3 महीने में नीति बनाएं राज्य: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे तीन महीने के भीतर बुजुर्ग और असाध्य रोगों से पीड़ित कैदियों की समयपूर्व या समय से पहले रिहाई के लिए स्पष्ट नीति तैयार कर उसे अधिसूचित करें। अदालत ने ऐसे मामलों के निस्तारण के लिए तकनीक आधारित एक समान व्यवस्था लागू करने का भी निर्देश दिया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने यह आदेश राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याचिका में 70 वर्ष से अधिक आयु के...
'लोकतंत्र में हर कोई नारेबाज़ी करता है': सुप्रीम कोर्ट ने भगवंत मान के खिलाफ़ विरोध मार्च से जुड़े मामले को फिर से शुरू करने में इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि वह चंडीगढ़ प्रशासन की उस याचिका पर विचार करने का इच्छुक नहीं है, जिसमें AAP नेताओं (जिनमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी शामिल हैं) के खिलाफ़ दंगा करने का मामला रद्द करने के फैसले को चुनौती दी गई थी। यह मामला 2020 में बिजली की दरें बढ़ने के खिलाफ़ किए गए विरोध मार्च से जुड़ा था।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ़ चंडीगढ़ प्रशासन की चुनौती पर सुनवाई कर रही...
ट्रायल जज को ट्रेनिंग भेजने का हाईकोर्ट का आदेश रद्द, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अपीलीय अदालतें 'मार्गदर्शक' बनें, डराने वाली नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें त्रिशूर के प्रधान सब जज को वसीयत (Will) विवाद से जुड़े मामले में उनके फैसले की आलोचना करते हुए केरल ज्यूडिशियल एकेडमी में प्रशिक्षण (Training) के लिए भेजने का निर्देश दिया गया था। शीर्ष अदालत ने कहा कि अपीलीय अदालतों का काम अधीनस्थ न्यायालयों का मार्गदर्शन करना है, न कि उच्च पद का रौब दिखाते हुए उन्हें कठोर टिप्पणियों का निशाना बनाना।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की खंडपीठ ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा ट्रायल जज के खिलाफ...
'महाप्रभु जगन्नाथ' फिल्म पर रोक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे निर्माता, तत्काल सुनवाई से CJI का इनकार
देशभर में रिलीज से एक दिन पहले एनिमेशन फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' के निर्माता ओडिशा हाईकोर्ट द्वारा फिल्म की रिलीज पर लगाई गई रोक को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की उसी दिन तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया और कहा कि याचिका पर अगले दिन सुनवाई की जाएगी।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत के समक्ष सीनियर एडवोकेट देवदत्त कामत ने मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि फिल्म बच्चों के लिए भगवान जगन्नाथ पर आधारित एक एनिमेशन फिल्म है और इसकी रिलीज अगले दिन निर्धारित है। उन्होंने बताया...




















