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BREAKING| मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला स्थल को घोषित किया मंदिर, नमाज़ पढ़ने की अनुमति वाला सर्कुलर रद्द किया
BREAKING| मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला स्थल को घोषित किया मंदिर, नमाज़ पढ़ने की अनुमति वाला सर्कुलर रद्द किया

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने घोषणा की कि भोजशाला का विवादित ऐतिहासिक स्थल देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर है।'हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस' और अन्य लोगों द्वारा दायर रिट याचिकाओं को स्वीकार करते हुए जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने कहा:"हमने इस स्थल पर हिंदू पूजा-अर्चना की निरंतरता को नोट किया। हालांकि समय के साथ इसे विनियमित किया गया... हम यह निष्कर्ष दर्ज करते हैं कि इस जगह का ऐतिहासिक साहित्य इसे राजा भोज से जुड़े संस्कृत सीखने के केंद्र के रूप में स्थापित करता है... यह धार...

सिर्फ़ अपराध की गंभीरता ही माफ़ी से इनकार का आधार नहीं हो सकती: सुप्रीम कोर्ट ने मधुमिता हत्याकांड के दोषी को 22 साल बाद रिहा करने का आदेश दिया
'सिर्फ़ अपराध की गंभीरता ही माफ़ी से इनकार का आधार नहीं हो सकती': सुप्रीम कोर्ट ने मधुमिता हत्याकांड के दोषी को 22 साल बाद रिहा करने का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (15 मई) को यह फ़ैसला दिया कि किसी दोषी की सज़ा माफ़ी की अर्ज़ी को सिर्फ़ अपराध की गंभीरता के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता। इसके बजाय, सज़ा माफ़ी का फ़ैसला कैदी के रिहा होने के अधिकार के समग्र मूल्यांकन पर आधारित होना चाहिए, जो निष्पक्ष और उचित मानदंडों पर आधारित हो।कोर्ट ने यह टिप्पणी तब की, जब उसने गृह मंत्रालय (MHA) के उस फ़ैसले को रद्द किया, जिसमें 2003 के मधुमिता हत्याकांड के दोषी रोहित चतुर्वेदी को समय से पहले रिहा करने की अनुमति देने से इनकार किया था।जस्टिस...

सुप्रीम कोर्ट ने ईंधन बचाने के उपाय शुरू किए: सिर्फ़ VC से सुनवाई, जज करेंगे कार-पूलिंग, स्टाफ़ के लिए WFH
सुप्रीम कोर्ट ने ईंधन बचाने के उपाय शुरू किए: सिर्फ़ VC से सुनवाई, जज करेंगे कार-पूलिंग, स्टाफ़ के लिए WFH

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के ईंधन बचाने के उपायों के तहत तुरंत कई प्रशासनिक कदम उठाए। इनमें कुछ खास तरह के मामलों के लिए वर्चुअल सुनवाई ज़रूरी करना, जजों का कार-पूलिंग करना, और रजिस्ट्री स्टाफ़ के लिए कुछ हद तक 'वर्क-फ़्रॉम-होम' (WFH) की व्यवस्था करना शामिल है।15 मई, 2026 को जारी एक सर्कुलर में सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल भरत पराशर ने बताया कि ये कदम कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा 12 मई, 2026 को जारी ऑफ़िस मेमोरेंडम के आधार पर लागू किए जा रहे हैं। यह मेमोरेंडम अमेरिका-ईरान संघर्ष के...

शिवसेना विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने UBT गुट को चेतावनी दी - फैसले में देरी के लिए कोर्ट पर आरोप न लगाएं
शिवसेना विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने UBT गुट को चेतावनी दी - फैसले में देरी के लिए कोर्ट पर आरोप न लगाएं

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उद्धव बालासाहेब ठाकरे (UBT) गुट को सार्वजनिक बयान देने से मना किया। ये बयान ऐसे थे, जिनसे यह संकेत मिलता था कि कोर्ट शिवसेना में विभाजन के लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर फैसला नहीं ले रहा है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने कोर्ट को निशाना बनाने वाले "गैर-जिम्मेदाराना बयानों" के खिलाफ चेतावनी दी।CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ उद्धव ठाकरे द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने भारत के चुनाव आयोग (ECI) के उस फैसले को चुनौती दी थी,...

“दिल्ली में हजारों फर्जी वकील”: CJI सूर्यकांत बोले- LLB डिग्रियों की CBI जांच कराने पर विचार कर रहा सुप्रीम कोर्ट
“दिल्ली में हजारों फर्जी वकील”: CJI सूर्यकांत बोले- LLB डिग्रियों की CBI जांच कराने पर विचार कर रहा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने शुक्रवार (15 मई) को दिल्ली में बड़ी संख्या में फर्जी वकीलों की मौजूदगी पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही कई वकीलों की एलएलबी डिग्रियों की सत्यता की जांच के लिए CBI जांच के आदेश देने पर विचार कर रहे हैं।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच एक वकील की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट में सीनियर एडवोकेट पदनाम को लेकर शिकायत की गई थी। सुनवाई के दौरान CJI ने कुछ वकीलों के सोशल मीडिया व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए...

सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन को लेकर बार-बार याचिका दाखिल करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI बोले- “आप इस सम्मान के योग्य नहीं”
सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन को लेकर बार-बार याचिका दाखिल करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI बोले- “आप इस सम्मान के योग्य नहीं”

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (15 मई) को दिल्ली हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate) पदनाम को लेकर बार-बार याचिकाएं दाखिल करने वाले एक वकील को कड़ी फटकार लगाई। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने वकील के पेशेवर आचरण पर गंभीर टिप्पणी की।वकील ने व्यक्तिगत रूप से पेश होकर कहा कि यह तीसरी बार है जब उन्हें सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है, क्योंकि दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ पदनाम से संबंधित उनकी याचिका पर समयबद्ध तरीके से विचार नहीं किया। इस पर...

उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सेंगर की सजा निलंबित करने का आदेश किया रद्द, नए सिरे से सुनवाई के निर्देश
उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सेंगर की सजा निलंबित करने का आदेश किया रद्द, नए सिरे से सुनवाई के निर्देश

उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (15 मई) को बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित करने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया। शीर्ष अदालत ने मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए वापस दिल्ली हाईकोर्ट भेज दिया है।चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने CBI की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट से कहा कि या तो सेंगर की दोषसिद्धि के खिलाफ दायर अपील पर तीन महीने के भीतर फैसला किया जाए या फिर सजा निलंबन की...

मान्यता खोने के बाद दूसरे प्राइवेट कॉलेजों में ट्रांसफर हुए स्टूडेंट सरकारी फीस का दावा नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट
मान्यता खोने के बाद दूसरे प्राइवेट कॉलेजों में ट्रांसफर हुए स्टूडेंट सरकारी फीस का दावा नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि ओडिशा के बंद हो चुके सरदार राजास मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (SRMCH) से दूसरे प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में ट्रांसफर हुए स्टूडेंट, जिनकी मूल संस्था की मान्यता खत्म हो गई, सिर्फ़ रियायती सरकारी मेडिकल कॉलेज फीस देकर "अचानक मिलने वाले फ़ायदे" (Windfall) का दावा नहीं कर सकते। कोर्ट ने SRMCH में लागू फीस दरों पर उनसे बकाया फीस वसूलने की अनुमति दी।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने निर्देश दिया कि SRMCH का प्रबंधन करने वाले सेल्वम एजुकेशनल एंड चैरिटेबल...

Canara Bank Regulations | जब एक ही मामले में कई अधिकारी शामिल हों तो संयुक्त अनुशासनात्मक कार्यवाही ज़रूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट
Canara Bank Regulations | जब एक ही मामले में कई अधिकारी शामिल हों तो संयुक्त अनुशासनात्मक कार्यवाही ज़रूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि केनरा बैंक अधिकारी कर्मचारियों (अनुशासन और अपील) विनियम, 1976 के विनियम 10 के अनुसार, किसी दोषी बैंक कर्मचारी के खिलाफ अलग से अनुशासनात्मक कार्यवाही करना स्वीकार्य है, भले ही किसी दोषी कृत्य में कई अधिकारी शामिल हों; क्योंकि जहां एक से ज़्यादा अधिकारी शामिल हों, वहाँ संयुक्त अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का कोई अनिवार्य नियम नहीं है।जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी और जस्टिस विजय बिश्नोई की खंडपीठ ने कर्नाटक हाईकोर्ट की डिवीज़न बेंच के आदेश के उस हिस्से को रद्द किया, जिसमें...

चुनाव आयुक्तों के चयन पैनल में कैबिनेट मंत्री क्यों शामिल होना चाहिए? तीसरा व्यक्ति निष्पक्ष होना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
चुनाव आयुक्तों के चयन पैनल में कैबिनेट मंत्री क्यों शामिल होना चाहिए? तीसरा व्यक्ति निष्पक्ष होना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए बनी चयन समिति में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को शामिल करने के पीछे के तर्क पर सवाल उठाया। यह सवाल कोर्ट ने 'चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023' को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई के दौरान उठाया।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच 2023 के इस कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इस कानून में यह प्रावधान है कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए बनी चयन समिति में प्रधानमंत्री,...

ज़रूरी धार्मिक प्रथा का सिद्धांत अभिजात्यवादी: सबरीमाला मामले में सुप्रीम कोर्ट
'ज़रूरी धार्मिक प्रथा' का सिद्धांत अभिजात्यवादी: सबरीमाला मामले में सुप्रीम कोर्ट

सबरीमाला मामले की सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि 'ज़रूरी धार्मिक प्रथा' (ERP) का सिद्धांत इस मायने में अभिजात्यवादी है कि यह उन संप्रदायों को बाहर करने की प्रवृत्ति रखता है, जो धार्मिक प्रथाओं का पालन किसी संगठित या परिभाषित तरीके से नहीं करते।यह बात जस्टिस एम.एम. सुंदरेश ने तब कही, जब सीनियर एडवोकेट और एमिक्स क्यूरी (अदालत के सलाहकार) के. परमेश्वर अपनी दलीलें पेश कर रहे थे। परमेश्वर ने कहा था कि ERP सिद्धांत को लागू नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह कुछ प्रथाओं को...

कर्नाटक सरकार ने वापस लिया 2022 का हिजाब बैन आदेश, यूनिफॉर्म के साथ धार्मिक प्रतीक पहनने की इजाज़त
कर्नाटक सरकार ने वापस लिया 2022 का 'हिजाब बैन' आदेश, यूनिफॉर्म के साथ धार्मिक प्रतीक पहनने की इजाज़त

कर्नाटक सरकार ने बुधवार [13 मई] को अहम सरकारी आदेश जारी किया, जिसमें फ़रवरी 2022 के अपने विवादित आदेश तुरंत रद्द किया गया। उस आदेश में सरकारी मदद पाने वाले और प्राइवेट स्कूलों और प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों में हिजाब और दूसरे धार्मिक प्रतीकों को पहनने पर रोक लगाई गई।स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा जारी नए सर्कुलर ने पिछले आदेश को प्रभावी ढंग से वापस ले लिया है। अब स्टूडेंट्स को तय यूनिफ़ॉर्म के साथ कुछ पारंपरिक और धार्मिक प्रतीक, जैसे हिजाब, पगड़ी (पेटे), पवित्र धागा (जनेऊ), शिवधारा,...

होस्टाइल गवाह की गवाही का इस्तेमाल बरी करने के लिए भी किया जा सकता है, सिर्फ़ दोषी ठहराने के लिए नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने हत्या की सज़ा रद्द की
'होस्टाइल गवाह की गवाही का इस्तेमाल बरी करने के लिए भी किया जा सकता है, सिर्फ़ दोषी ठहराने के लिए नहीं': सुप्रीम कोर्ट ने हत्या की सज़ा रद्द की

यह देखते हुए कि होस्टाइल गवाहों के सबूतों का इस्तेमाल न सिर्फ़ दोषी ठहराने के लिए, बल्कि अभियोजन पक्ष के मामले को कमज़ोर करने और बरी करने में मदद के लिए भी किया जा सकता है, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (13 मई) को SC/ST श्रेणी के एक व्यक्ति की हत्या के आरोपी एक व्यक्ति को बरी किया।कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष के मामले की नींव ही अभियोजन पक्ष के गवाहों ने कमज़ोर कर दी थी, क्योंकि उन्होंने अपराध की जगह के बारे में अभियोजन पक्ष के रुख का समर्थन नहीं किया।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एनवी...

नियमित पद के विज्ञापन के बदले संविदा पर नियुक्ति स्पष्ट रूप से अवैध: सुप्रीम कोर्ट
नियमित पद के विज्ञापन के बदले संविदा पर नियुक्ति 'स्पष्ट रूप से अवैध': सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (13 मई) को फैसला सुनाया कि नियमित रिक्तियों के लिए जारी विज्ञापन के बदले किसी उम्मीदवार को संविदा के आधार पर नियुक्त करना "स्पष्ट रूप से अवैध और असंवैधानिक" है, खासकर तब जब इस तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार के लिए कोई कारण दर्ज न किया गया हो।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी की पीठ ने असिस्टेंट प्रोफेसर द्वारा दायर अपील स्वीकार की। इस प्रोफेसर को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इलाहाबाद में शिक्षण पदों के लिए नियमित नौकरी के विज्ञापन के बदले संविदा पर...

अगर अटेंडेंस ज़रूरी नहीं हुई तो लॉ कॉलेज के हॉस्टल सिर्फ़ रहने-खाने की जगह बनकर रह जाएंगे: सुप्रीम कोर्ट
अगर अटेंडेंस ज़रूरी नहीं हुई तो लॉ कॉलेज के हॉस्टल सिर्फ़ रहने-खाने की जगह बनकर रह जाएंगे: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने 2025 के दिल्ली हाईकोर्ट के फ़ैसले पर अपनी चिंता ज़ाहिर की। उस फ़ैसले में कहा गया था कि लॉ स्टूडेंट्स को सिर्फ़ अटेंडेंस कम होने की वजह से परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो लॉ कॉलेज के हॉस्टल सिर्फ़ रहने-खाने की जगह बनकर रह जाएंगे।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने दिल्ली हाईकोर्ट के फ़ैसले को चुनौती देने वाली, नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज़ (NMIMS) की एक याचिका पर नोटिस जारी...

Land Acquisition | आवासीय प्लॉट की सेल डीड का उपयोग औद्योगिक भूमि के मुआवजे को निर्धारित करने के लिए नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
Land Acquisition | आवासीय प्लॉट की सेल डीड का उपयोग औद्योगिक भूमि के मुआवजे को निर्धारित करने के लिए नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि राजमार्ग विस्तार के लिए अधिग्रहित औद्योगिक भूमि के मुआवजे को निर्धारित करने के लिए पास के किसी गांव के आवासीय बिक्री विलेख का उपयोग नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि 'भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013' की धारा 26(1)(b) के तहत 'समान प्रकार की भूमि' की शर्त अनिवार्य है और भूमि अधिग्रहण मुआवजे को निर्धारित करने के लिए इसे सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की...

यूपी में स्पिरिचुअल रीजेनरेशन मूवमेंट फाउंडेशन की ज़मीनों की बिक्री जांच करे SIT: सुप्रीम कोर्ट
यूपी में 'स्पिरिचुअल रीजेनरेशन मूवमेंट फाउंडेशन' की ज़मीनों की बिक्री जांच करे SIT: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की देखरेख में विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का आदेश दिया। यह SIT 'स्पिरिचुअल रीजेनरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया' से जुड़ी ज़मीनों की कथित धोखाधड़ी वाली बिक्री की जांच करेगी। इसके साथ ही कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस अंतरिम निर्देश को भी रद्द किया, जिसमें पुलिस को इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने से रोका गया।जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की खंडपीठ ने यह माना कि हालांकि कोई भी कोर्ट कार्यवाही के दौरान आरोपी को दंडात्मक कदमों से...

ट्रैकिंग डिवाइस और इमरजेंसी पैनिक बटन के बिना पब्लिक सर्विस गाड़ियों को कोई फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट नहीं: सुप्रीम कोर्ट
ट्रैकिंग डिवाइस और इमरजेंसी पैनिक बटन के बिना पब्लिक सर्विस गाड़ियों को कोई फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट नहीं: सुप्रीम कोर्ट

यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को निर्देश दिया कि किसी भी पब्लिक सर्विस गाड़ी को तब तक फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट नहीं दिया जाएगा, जब तक उसमें व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTDs) और इमरजेंसी पैनिक बटन लगे न हों, उनकी जांच न हो गई हो, और वे 'वाहन' डेटाबेस में दर्ज न हों।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने 'एस राजशेखरन बनाम भारत संघ' मामले की सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए। यह मामला पूरे देश में सड़क दुर्घटनाओं में...