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कारण बताओ नोटिस को असाधारण मामलों में रिट अधिकार क्षेत्र में चुनौती दी जा सकती है: सुप्रीम कोर्ट
कारण बताओ नोटिस को असाधारण मामलों में रिट अधिकार क्षेत्र में चुनौती दी जा सकती है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि यद्यपि अदालतें आमतौर पर कारण बताओ नोटिस (SCN) को चुनौती देने वाली रिट याचिकाओं पर विचार नहीं करती हैं। फिर भी यह सिद्धांत पूर्ण नहीं है और असाधारण परिस्थितियों में नोटिस के चरण पर हस्तक्षेप की अनुमति है।अदालत ने टिप्पणी की कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत न्यायिक समीक्षा का सहारा तब लिया जा सकता है, जब कारण बताओ नोटिस में ऐसी मौलिक कानूनी कमियां हों, जिनके परिणामस्वरूप स्पष्ट अन्याय हो सकता है।अदालत ने कहा कि यद्यपि सामान्य नियम कारण बताओ नोटिसों को चुनौती देने को...

सुप्रीम कोर्ट ने चंबल अभयारण्य के कुछ इलाकों को संरक्षित क्षेत्र से हटाने के राजस्थान सरकार के फैसले पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने चंबल अभयारण्य के कुछ इलाकों को संरक्षित क्षेत्र से हटाने के राजस्थान सरकार के फैसले पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार की उस अधिसूचना पर रोक लगाई, जिसके तहत कोर्ट की पहले से मंज़ूरी लिए बिना राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के 732 हेक्टेयर इलाके को संरक्षित क्षेत्र से हटा दिया गया था। बेंच ने कहा कि राज्य सरकार "यह फैसला अपने आप नहीं ले सकती थी।"जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध रेत खनन और घड़ियालों समेत संकटग्रस्त जलीय जीवों पर मंडरा रहे खतरे को लेकर खुद से संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए इस मामले की सुनवाई कर रही थी।इससे पहले बेंच ने राजस्थान,...

FEMA | S.37A के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा ज़ब्ती की पुष्टि न होना, निर्णय प्रक्रिया पर असर डालता है: सुप्रीम कोर्ट
FEMA | S.37A के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा ज़ब्ती की पुष्टि न होना, निर्णय प्रक्रिया पर असर डालता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल को फैसला सुनाया कि विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (FEMA Act) की धारा 37A के तहत ज़ब्ती आदेश की पुष्टि न होने का बाद की निर्णय प्रक्रियाओं पर महत्वपूर्ण असर पड़ सकता है। साथ ही अधिकारी इस तरह से आगे नहीं बढ़ सकते, जिससे लंबित वैधानिक अपील प्रभावी रूप से रद्द हो जाए या उस पर पहले से ही फैसला सुना दिया जाए।हालांकि, कोर्ट ने ऐसे हर मामले में निर्णय प्रक्रियाओं को अपने आप 'अमान्य' (non est) घोषित करने से परहेज़ किया, लेकिन उसने फैसला दिया कि ज़ब्ती की पुष्टि करने से...

BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने SIR ड्यूटी के दौरान जजों पर हमले को लेकर पश्चिम बंगाल के अधिकारियों को फटकारा, केंद्रीय बलों के इस्तेमाल का निर्देश दिया
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने SIR ड्यूटी के दौरान जजों पर हमले को लेकर पश्चिम बंगाल के अधिकारियों को फटकारा, केंद्रीय बलों के इस्तेमाल का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में हुए विरोध प्रदर्शन का गंभीर संज्ञान लिया। इस प्रदर्शन के दौरान, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के काम में लगे न्यायिक अधिकारियों को बुधवार दोपहर से आधी रात तक प्रदर्शनकारियों ने बंधक बनाकर रखा और आधी रात के बाद जब उन्हें वहां से निकाला जा रहा था, तो उनके वाहनों पर पत्थरों और लाठियों से हमला किया गया।कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से मिले उस पत्र का हवाला दिया, जिसमें मालदा जिले के एक गांव में हुई घटना का ज़िक्र था। इस घटना में सरकारी ड्यूटी...

WB SIR: न्यायिक अधिकारियों पर हमले से नाराज़ सुप्रीम कोर्ट, कहा- इतना ध्रुवीकृत राज्य कभी नहीं देखा
WB SIR: न्यायिक अधिकारियों पर हमले से नाराज़ सुप्रीम कोर्ट, कहा- इतना ध्रुवीकृत राज्य कभी नहीं देखा

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ड्यूटी कर रहे न्यायिक अधिकारियों पर हुए हमले को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि राज्य में अत्यधिक राजनीतिक ध्रुवीकरण है और हर कोई राजनीतिक भाषा में बात करता है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने इस मामले की तत्काल सुनवाई की जबकि यह सूचीबद्ध नहीं था। यह कदम कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पत्र के बाद उठाया गया।मामला मालदा जिले के एक गांव का है, जहां सात न्यायिक...

NDTV की होल्डिंग कंपनी के खिलाफ री-असेसमेंट नोटिस रद्द करने को लेकर IT विभाग की चुनौती खारिज
NDTV की होल्डिंग कंपनी के खिलाफ री-असेसमेंट नोटिस रद्द करने को लेकर IT विभाग की चुनौती खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ इनकम टैक्स (IT) डिपार्टमेंट की अपील खारिज की, जिसमें NDTV के प्रमोटर राधिका रॉय और प्रणय रॉय की कंपनी RRPR होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ री-असेसमेंट की कार्रवाई रद्द कर दी गई।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने देरी के आधार पर उक्त अपील खारिज की।साल 2009 में RRPR होल्डिंग्स ने विश्व प्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड से लोन लिया था। कंपनी ने दावा किया था कि लोन की रकम का इस्तेमाल ICICI बैंक के बकाया लोन चुकाने के लिए किया...

क्या ट्रेनिंग के दौरान चोट लगने से बाहर किए गए कैडेट्स को नौकरी में आरक्षण के लिए पूर्व सैनिक माना जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा
क्या ट्रेनिंग के दौरान चोट लगने से बाहर किए गए कैडेट्स को नौकरी में आरक्षण के लिए पूर्व सैनिक माना जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से पूछा कि क्या ट्रेनिंग के दौरान चोट या दिव्यांगता के कारण बाहर किए गए सैन्य कैडेट्स को सरकारी और अर्ध-सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ उठाने के उद्देश्य से पूर्व सैनिक माना जा सकता है।कोर्ट ने कहा,"बहस के दौरान, जिन पहलुओं पर चर्चा हुई, उनमें से एक यह था कि क्या बाहर किए गए कैडेट्स को भी विभिन्न सरकारी और अर्ध-सरकारी नौकरियों और पदों में ऐसे व्यक्तियों के लिए आरक्षण का लाभ पाने के उद्देश्य से पूर्व सैनिक या पूर्व सैन्य कर्मी माना जा सकता है। माननीय ASG...

हत्यारे को सुधारा जा सकता है, लेकिन साइबर अपराधी को नहीं बख्शा जाना चाहिए: CJI सूर्यकांत
हत्यारे को सुधारा जा सकता है, लेकिन साइबर अपराधी को नहीं बख्शा जाना चाहिए: CJI सूर्यकांत

एक साइबर अपराध मामले की सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि हो सकता है कि किसी हत्यारे को रिहा करके सुधारा जा सके, लेकिन साइबर अपराधियों को बिल्कुल भी नहीं बख्शा जाना चाहिए।अदालत के सामने मौजूद आरोपी का ज़िक्र करते हुए—जिसका कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी का इतिहास रहा है—CJI ने कहा कि उसके जैसे साइबर अपराधी को एक अलग कोठरी में रखा जाना चाहिए, जहां उसे किसी भी तरह के मोबाइल फ़ोन आदि के इस्तेमाल की कोई गुंजाइश न हो।CJI ने टिप्पणी की, "इससे निपटने का यही एकमात्र...

जजों के रिहायशी बंगलों में बंदरों का आतंक: सुप्रीम कोर्ट ने बंदर भगाने वालों को रखने के लिए टेंडर जारी किया
जजों के रिहायशी बंगलों में बंदरों का आतंक: सुप्रीम कोर्ट ने 'बंदर भगाने वालों' को रखने के लिए टेंडर जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने टेंडर नोटिस जारी किया, जिसमें एजेंसियों से अपने जजों के रिहायशी बंगलों में बंदरों के आतंक को रोकने के लिए मैनपावर (कर्मचारी) उपलब्ध कराने के लिए बोलियां आमंत्रित की गईं।गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के ज़रिए जारी एक नोटिस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसका इरादा खुले बाज़ार से वेंडरों और एजेंसियों से ऑनलाइन बोलियां आमंत्रित करने का है। ये बोलियां ऐसे कर्मचारियों को उपलब्ध कराने के लिए मांगी गईं, जिन्हें "बंदर भगाने वाले/पकड़ने वाले/दूर हटाने वाले (Monkey Scarers)" के तौर...

West Bengal SIR | सुप्रीम कोर्ट ने INC उम्मीदवार से कहा - इलेक्टोरल रोल से नाम हटने पर अपीलीय ट्रिब्यूनल जाएं
West Bengal SIR | सुप्रीम कोर्ट ने INC उम्मीदवार से कहा - इलेक्टोरल रोल से नाम हटने पर अपीलीय ट्रिब्यूनल जाएं

सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन नेशनल कांग्रेस के टिकट पर आने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार महताब शेख को SIR प्रक्रिया के बाद इलेक्टोरल रोल से अपना नाम हटाए जाने के खिलाफ कोलकाता में हाल ही में बने अपीलीय ट्रिब्यूनल में जाने की इजाज़त दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की।संक्षेप में मामलायाचिकाकर्ता ने कोर्ट का दरवाज़ा इसलिए खटखटाया था, क्योंकि उसे 'एडजुडिकेशन डिलीशन लिस्ट' में डाल दिया गया, जिसके...

चुनाव याचिका का फैसला रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर ही होना चाहिए, सबूतों की कमी पूरी करने के लिए इसे वापस नहीं भेजा जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
चुनाव याचिका का फैसला रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर ही होना चाहिए, सबूतों की कमी पूरी करने के लिए इसे वापस नहीं भेजा जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि चुनाव याचिका का फैसला रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर ही किया जाना चाहिए। अपीलीय अदालत के लिए यह स्वीकार्य नहीं है कि वह चुनाव याचिकाओं को दोबारा विचार के लिए वापस भेज दे, सिर्फ इसलिए कि नए सबूत पेश किए जा सकें या गवाहों को बुलाकर विशेषज्ञों से जांच कराई जा सके, जबकि ये मुद्दे चुनाव ट्रिब्यूनल के सामने उठाए ही नहीं गए।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने अपीलकर्ता के 'दोहरे मतदान' (Double...

गडचिरोली आगजनी मामले में सुनवाई से जस्टिस चंदुरकर अलग, सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत याचिका पर टली सुनवाई
गडचिरोली आगजनी मामले में सुनवाई से जस्टिस चंदुरकर अलग, सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत याचिका पर टली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में गडचिरोली आगजनी मामले से जुड़े एडवोकेट सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस अतुल चंदुरकर ने खुद को मामले से अलग कर लिया।यह मामला जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदुरकर की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था। इससे पहले जस्टिस एमएम सुंदरश भी इस मामले की सुनवाई से अलग हो चुके हैं।मामला वर्ष 2016 के गडचिरोली आगजनी कांड से जुड़ा है, जिसमें सुरेंद्र गाडलिंग ने बॉम्बे हाइकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार किया गया था।गाडलिंग पर आरोप है...

ग्रैंड वेनिस प्रोजेक्ट में खरीदारों के दावे न सुलझाने पर सतिंदर सिंह भसीन की जमानत रद्द: सुप्रीम कोर्ट
ग्रैंड वेनिस प्रोजेक्ट में खरीदारों के दावे न सुलझाने पर सतिंदर सिंह भसीन की जमानत रद्द: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कारोबारी सतिंदर सिंह भसीन की जमानत रद्द करते हुए उन्हें एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह निर्णय जमानत की शर्तों के उल्लंघन और फ्लैट खरीदारों के साथ धोखाधड़ी के आरोपों के मद्देनज़र लिया।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन.के. सिंह की पीठ ने पाया कि भसीन ने न केवल फ्लैट खरीदारों के दावों के निपटारे की शर्त का पालन नहीं किया, बल्कि जमानत के लिए निर्धारित ₹50 करोड़ की राशि भी अपने व्यक्तिगत खाते से जमा करने के बजाय अपनी कंपनी Bhasin Infotech and...

West Bengal SIR | क्वालिफ़ाइंग तारीख के बाद फ़ॉर्म 6 से शामिल हुए नए वोटरों को वोट देने का अधिकार नहीं मिलेगा: जस्टिस बागची
West Bengal SIR | क्वालिफ़ाइंग तारीख के बाद फ़ॉर्म 6 से शामिल हुए नए वोटरों को वोट देने का अधिकार नहीं मिलेगा: जस्टिस बागची

पश्चिम बंगाल स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) मामले की सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि किसी व्यक्ति को फ़ॉर्म 6 (नए वोटर के लिए रजिस्ट्रेशन फ़ॉर्म) के ज़रिए वोटर लिस्ट में शामिल करने से उसे मौजूदा विधानसभा चुनाव में वोट देने का अधिकार नहीं मिलेगा, अगर उसे चुनाव आयोग द्वारा नोटिफ़ाई की गई 'क्वालिफ़ाइंग तारीख' के बाद शामिल किया गया।जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 14(b) के अनुसार, वोटर लिस्ट तैयार करने या उसमें बदलाव करने के लिए क्वालिफ़ाइंग...

विभागीय जांच में कर्मचारी द्वारा स्वीकार न किए गए दस्तावेज़ों को गवाह के ज़रिए साबित करना ज़रूरी: सुप्रीम कोर्ट
विभागीय जांच में कर्मचारी द्वारा स्वीकार न किए गए दस्तावेज़ों को गवाह के ज़रिए साबित करना ज़रूरी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (1 अप्रैल) को यह टिप्पणी की कि जब कोई कर्मचारी अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार नहीं करता है तो उसे नियोक्ता के बिना साबित हुए दस्तावेज़ी सबूतों के आधार पर नौकरी से नहीं निकाला जा सकता। कोर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि नियोक्ता को ऐसे दस्तावेज़ी सबूतों को गवाहों के ज़रिए साबित करना होगा ताकि कर्मचारी को गवाह से जिरह करने का मौका मिल सके।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने यह टिप्पणी तब की, जब वे यूपी कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड के कर्मचारी की बर्खास्तगी रद्द कर रहे थे।...

S. 197 CrPC | मंजूरी की ज़रूरत का बाद में विस्तार उस समय लिए गए संज्ञान को अमान्य नहीं करेगा, जब कोई रोक नहीं थी: सुप्रीम कोर्ट
S. 197 CrPC | मंजूरी की ज़रूरत का बाद में विस्तार उस समय लिए गए संज्ञान को अमान्य नहीं करेगा, जब कोई रोक नहीं थी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (1 अप्रैल) को कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 197 के तहत मंजूरी सुरक्षा का बाद में किया गया विस्तार, उन कार्यवाहियों को रोकने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, जो उस समय शुरू की गई थीं, जब ऐसी कोई रोक मौजूद नहीं थी।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने कलकत्ता पुलिस बल के अधीनस्थ अधिकारी के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को सही ठहराया। इस अधिकारी के खिलाफ अपराध का संज्ञान उस समय लिया गया था, जब कलकत्ता पुलिस के सभी अधीनस्थ अधिकारियों को CrPC...

Karnataka Stamp Act | कोर्ट के पास कम पड़ी ड्यूटी के दस गुना से कम जुर्माना लगाने का कोई विवेकाधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
Karnataka Stamp Act | कोर्ट के पास कम पड़ी ड्यूटी के दस गुना से कम जुर्माना लगाने का कोई विवेकाधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि जब अदालतें 'कर्नाटक स्टाम्प अधिनियम, 1957' के तहत स्टाम्प ड्यूटी में किसी कमी का निर्धारण करती हैं तो उनके पास कम पड़ी ड्यूटी के दस गुना से कम जुर्माना लगाने का कोई विवेकाधिकार नहीं होता है।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने यह टिप्पणी की, “जब किसी दस्तावेज़ को डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर के पास भेजे बिना कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश करने की कोशिश की जाती है, तो जुर्माने की रकम तय करने में कोई छूट नहीं होती।” बेंच ने कर्नाटक हाईकोर्ट के उस...

बाद में मिलने वाली EC अपने-आप नहीं मिलती, गलत प्रोजेक्ट्स को गिराया जा सकता है: केंद्र सरकार ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा
बाद में मिलने वाली EC अपने-आप नहीं मिलती, गलत प्रोजेक्ट्स को गिराया जा सकता है: केंद्र सरकार ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को 'वनशक्ति' की उस याचिका पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें बाद में पर्यावरण मंज़ूरी देने वाली व्यवस्था को चुनौती दी गई।चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच उन कई रिट याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें बाद में पर्यावरण मंज़ूरी देने को चुनौती दी गई। यह मामला कोर्ट के पिछले फ़ैसले से जुड़ा है, जिसमें कोर्ट ने अपने ही उस आदेश को वापस ले लिया था, जिसने पिछली तारीख से पर्यावरण मंज़ूरी देने पर रोक लगाई।पिछली...