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TMC के 20 बागी सांसदों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अभिषेक बनर्जी, अयोग्यता पर जल्द फैसले की मांग की
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा में पार्टी के नेता अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से पार्टी से अलग हुए 20 बागी TMC सांसदों की अयोग्यता की याचिकाओं पर जल्द फैसला लेने की मांग की।अनुच्छेद 32 के तहत दायर इस रिट याचिका पर 25 अगस्त को सुनवाई होनी है। यह सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने होगी, जिसमें जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल हैं।याचिका में बागी सांसदों के खिलाफ अयोग्यता की...

सुप्रीम कोर्ट ने रेप केस में सरेंडर से छूट की मांग करने वाली तरुण तेजपाल की अर्ज़ी पर आदेश सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह 'तहलका' के पूर्व एडिटर तरुण तेजपाल की उस अर्ज़ी पर आदेश देगा, जिसमें उन्होंने सरेंडर से छूट मांगी गई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2013 के रेप केस में उन्हें दोषी ठहराते हुए 10 साल की कड़ी सज़ा सुनाई थी।इस मामले की सुनवाई जस्टिस आलोक अराधे की सिंगल बेंच ने की।शुरुआत में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (गोवा सरकार की ओर से) ने दलील दी कि स्पेशल लीव पिटीशन स्वीकार करने लायक नहीं है, क्योंकि दोषी ने सरेंडर से छूट के लिए कोई अलग अर्ज़ी नहीं दी है और न ही ऐसा कोई सर्टिफ़िकेट दिखाया कि...

क्या पूर्व एचसी जजों को बार काउंसिल में महिला सदस्य के तौर पर शामिल करने से आर्टिकल 220 के तहत रोक लागू होती है? सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह इस बात पर विचार करेगा कि क्या पूर्व हाईकोर्ट जजों को स्टेट बार काउंसिल में महिला सदस्य के तौर पर शामिल करने से संविधान के आर्टिकल 220 के तहत रोक लागू होती है। यह आर्टिकल किसी पूर्व हाई कोर्ट जज को उसी कोर्ट में प्रैक्टिस करने से रोकता है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की अध्यक्षता वाली बेंच ने सीनियर एडवोकेट संजय पारिख की दलीलें सुनीं, जिन्होंने पूर्व हाईकोर्ट जज को शामिल करने का विरोध किया।मौखिक रूप से अपनी बात रखते हुए छह काउंसिलों का प्रतिनिधित्व कर रहे पारिख...

सरकारी आदेशों में बदलाव का मतलब समझदारी से निकाला जाना चाहिए ताकि लोगों को परेशानी न हो: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकारी आदेशों में किए गए ऐसे बदलाव, जो पहले के सर्विस नियमों को बदलते या उनमें संशोधन करते हैं, उनका मतलब समझदारी से निकाला जाना चाहिए। ऐसा इसलिए ताकि उन लोगों को बेवजह परेशानी न हो जिनका उस मामले पर कोई कंट्रोल नहीं था।कोर्ट ने कहा कि योग्यता के नियमों में बाद में किए गए किसी बदलाव से उस कर्मचारी का प्रमोशन नहीं रुकेगा जिसने उस समय लागू नियमों के अनुसार ज़रूरी योग्यता हासिल की थी।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने एक मामले की सुनवाई की। इसमें तमिलनाडु...

सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस: 22 पुलिसकर्मियों को बरी करने के फ़ैसले को चुनौती देते हुए भाई ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई। इसमें बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसके तहत 2005 के सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और उनके साथी तुलसीराम प्रजापति के एनकाउंटर केस में 22 आरोपियों (जिनमें गुजरात, राजस्थान और आंध्र प्रदेश के 21 पुलिसकर्मी शामिल हैं) को बरी कर दिया गया।यह याचिका मृतक सोहराबुद्दीन शेख के छोटे भाई नयाबुद्दीन शेख ने दायर की। उन्होंने हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को चुनौती दी, जिसमें चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अश्विन अंखाड की बेंच ने सभी आरोपियों के...

सुप्रीम कोर्ट ने MCOCA मामले में AAP के पूर्व विधायक नरेश बाल्यान की ज़मानत अर्ज़ी पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत दर्ज मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व विधायक नरेश बाल्यान की ज़मानत अर्ज़ी पर नोटिस जारी किया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने दिल्ली सरकार को अपना जवाब (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने के लिए चार हफ़्ते का समय दिया।अभियोजन पक्ष का मामला कथित तौर पर गैंगस्टर कपिल सांगवान द्वारा चलाए जा रहे एक संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, सांगवान और उसके साथी जबरन वसूली, धमकी देने, गोलीबारी और...

जोजरी नदी पर 100 मीटर के दायरे में निर्माण पर रोक, प्रदूषणकारी गतिविधियों पर 500 मीटर तक प्रतिबंध
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान की जोजरी नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को और नुकसान से बचाने के लिए नदी के किनारे से 100 मीटर के दायरे में किसी भी निर्माण या विकास गतिविधि पर अंतरिम रोक लगा दी है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा कि यह रोक तब तक लागू रहेगी, जब तक वैज्ञानिक अध्ययन के जरिए नदी की हाई फ्लड लाइन और आवश्यक इकोलॉजिकल बफर जोन का निर्धारण और सीमांकन नहीं हो जाता।कोर्ट ने अतिरिक्त सुरक्षा उपाय के तौर पर निर्देश दिया कि जहां हाई फ्लड लाइन निर्धारित है, वहां उसके दोनों ओर 500...

झारखंड सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी: CBI जांच की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का राज्य सरकार और JPSC को नोटिस
झारखंड संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को झारखंड सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) को नोटिस जारी किया। याचिका में मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराने की मांग की गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सोशल एक्टिविस्ट हरीशरण देवगन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की।याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि परीक्षा...

लखनऊ में वकीलों के चैंबरों पर बुलडोजर कार्रवाई का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, 30 अगस्त के नोटिस का दिया हवाला
लखनऊ में कथित अतिक्रमण कर बनाए गए वकीलों के चैंबरों को ध्वस्त करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। सोमवार को मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की गई। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए बताया कि चैंबरों को ध्वस्त करने के लिए 30 अगस्त की तारीख से संबंधित नोटिस जारी किए गए।मामले का उल्लेख सुनने के दौरान चीफ जस्टिस ने पहले पूछा कि याचिकाकर्ता इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख क्यों नहीं कर रहे हैं। इस पर वकील...

सर्किट हाउस खाली कराने के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं महुआ मोइत्रा, याचिका पर सुनवाई के लिए इच्छुक नहीं CJI
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल के नदिया स्थित सर्किट हाउस खाली कराने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।सोमवार को मामले का उल्लेख करते हुए उनके वकील ने तत्काल सुनवाई की मांग की। हालांकि, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने इस स्तर पर याचिका पर सुनवाई करने को लेकर अनिच्छा जताई।महुआ मोइत्रा की ओर से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि स्थानीय प्रशासन ने देर रात उन्हें सर्किट हाउस खाली करने का आदेश जारी किया, जबकि कलकत्ता हाईकोर्ट की ओर से उन्हें...

जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन: महिला प्रदर्शनकारियों के यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर प्राथमिकता से जांच करेगा पैनल
सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार को स्पष्ट किया कि छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस हिंसा के आरोपों की जांच के लिए गठित हाई-पावर्ड एन्क्वायरी कमेटी महिला प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के आरोपों की प्राथमिकता के आधार पर जांच करेगी।CJI ने कहा कि 18 अगस्त के आदेश के अनुसार, कमेटी को महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित यौन हिंसा, उत्पीड़न, छेड़छाड़ और अन्य प्रकार की हिंसा की शिकायतों पर प्राथमिकता से विचार कर जल्द से जल्द अंतरिम रिपोर्ट दाखिल करनी है।यह...

राम मंदिर दान मामले की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट कल करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की उस याचिका पर कल सुनवाई के लिए सहमति जताई है, जिसमें उन्होंने गाजियाबाद में दर्ज कथित रोड-रेज मामले की FIR रद्द करने और गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग की है। उपाध्याय अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित दान घोटाले और अनियमितताओं की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों में शामिल रहे हैं।चीफ़ जस्टिस जस्टिस सूर्यकांत ने पत्रकार के वकील द्वारा तत्काल सुनवाई की मांग किए जाने के बाद मामले को कल सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।वकील ने कोर्ट को बताया कि राम मंदिर दान में...

'Industry' Definition : स्पष्ट बहुमत के बिना आया सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला, 9 में से सिर्फ़ 4 जजों ने किया नए टेस्ट का समर्थन
इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट, 1947 के तहत "इंडस्ट्री" (उद्योग) के मतलब पर सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की बेंच का बहुप्रतीक्षित फ़ैसला, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत द्वारा बनाए गए नए टेस्ट के पक्ष में साफ़ बहुमत नहीं दिखाता है।चीफ जस्टिस के फ़ॉर्मूले का समर्थन तीन अन्य जजों (जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा, जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस विपुल पंचोली) ने किया, जबकि चार जजों [जस्टिस बी.वी. नागरत्ना, जस्टिस दीपांकर दत्ता, जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जॉयमाल्य बागची] ने खास तौर पर 'बैंगलोर वॉटर सप्लाई एंड...

'मनरेगा ने बहुत अच्छा काम किया': सुप्रीम कोर्ट ने दी VB-GRAM G Act को चुनौती देने की इजाज़त
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 2015 की एक जनहित याचिका (PIL) का निपटारा किया। यह याचिका महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (MNREGA) के तहत मज़दूरों को देर से भुगतान के लिए मुआवज़ा देने से जुड़ी थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने पाया कि PIL में उठाए गए मुद्दे 'स्वराज अभियान' मामले के फ़ैसले के दायरे में आते थे। फिर भी याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण की दलीलों पर विचार करते हुए कोर्ट ने उन्हें 'विकसित...

राम मंदिर चंदे में चोरी का खुलासा करने वाले पत्रकार के खिलाफ FIR: रोड-रेज मामले में UP Police की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चंदे में चोरी और गड़बड़ी के आरोपों की सबसे पहले रिपोर्ट करने वाले पत्रकारों में शामिल अभिषेक उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने गाजियाबाद में सड़क पर हुई एक कथित घटना (रोड-रेज) को लेकर अपने खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती दी।उपाध्याय का आरोप है कि यह FIR झूठे और मनगढ़ंत आरोपों पर आधारित है और यह उनकी स्वतंत्र खोजी पत्रकारिता के कारण उन्हें परेशान करने की कोशिश है। उन्होंने FIR रद्द करने और गिरफ्तारी व अन्य कठोर कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की।यह FIR...

एग्जीक्यूशन कोर्ट आदेश से आगे बढ़कर ऐसी राहत नहीं दे सकता, जो उसमें शामिल न हो: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने फिर से कहा कि एग्जीक्यूशन कोर्ट (आदेश लागू करने वाली अदालत) के लिए उस आदेश या डिक्री से आगे बढ़कर ऐसी राहत देना सही नहीं है, जिसका आदेश में कोई ज़िक्र न हो या जिसका इरादा न हो।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने कहा,"एग्जीक्यूशन कोर्ट उस आदेश से आगे नहीं बढ़ सकता जिसे लागू किया जाना है, और न ही उसकी व्याख्या (Interpretation) में गहराई से जा सकता है, खासकर तब जब आदेश में किसी और या खास व्याख्या की ज़रूरत न हो।" बेंच ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस...

Order 7 Rule 11 CPC | अर्ज़ी से ही मामला समय-सीमा के दायरे से बाहर लगे तो उसे शुरुआती स्टेज पर ही खारिज किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर अर्ज़ी (Plaint) में दी गई बातों से यह साफ़ हो जाए कि मामला समय-सीमा (Limitation) के दायरे से बाहर है, तो अर्ज़ी को शुरुआती स्टेज पर ही खारिज किया जा सकता है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा,"...जब अर्ज़ी में दी गई बातों से ही यह साफ़ हो, तो कोर्ट अर्ज़ी खारिज करने की राहत देने में हिचकिचा नहीं सकता।" कोर्ट ने कहा कि हालांकि समय-सीमा का मुद्दा आम तौर पर तथ्य और कानून का मिला-जुला सवाल होता है, जिस पर ट्रायल के दौरान फैसला करना होता है,...

सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (17 अगस्त, 2026 से 21 अगस्त, 2026 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।आपराधिक मामला लंबित होने पर सरकारी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई सरकारी नियोक्ता किसी कर्मचारी को सिर्फ़ इसलिए नौकरी से नहीं निकाल सकता कि उसके ख़िलाफ़ कोई आपराधिक मामला लंबित है, खासकर तब जब कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का मौका न दिया गया...

विदाई भाषण में बोले जस्टिस संजय करोल: जज भगवान नहीं होते, हर फ़ैसला सही नहीं हो सकता
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संजय करोल ने अपने काम के आखिरी दिन कहा कि जज भगवान नहीं होते और उन्हें अपने फ़ैसले की सीमाओं को समझना चाहिए। साथ ही उन्हें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वे हर केस के पीछे के इंसान को देखें, न कि सिर्फ़ अपने सामने रखी याचिका को।जस्टिस करोल ने सुप्रीम कोर्ट में अपने सम्मान में आयोजित सेरेमोनियल बेंच के दौरान कहा,"जज के तौर पर हम भगवान नहीं हैं। मैं सिर्फ़ अपनी बात कर रहा हूं। हमारे सभी फ़ैसले सही नहीं होंगे। जो चीज़ हमेशा हमारे हाथ में थी, वह आसान थी – इंसान को देखना, न...

झारखंड हाईकोर्ट में आपराधिक अपीलों का 'चौंकाने वाला पेंडिंग मामला': सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में 44 साल की देरी पर चिंता जताई
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के सामने आपराधिक अपीलों के "चौंकाने वाले पेंडिंग मामलों" की ओर ध्यान दिलाया, क्योंकि 1981 की घटना से जुड़े हत्या के एक मामले में न्यायिक प्रक्रिया लगभग 44 साल तक चलती रही।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने साइमन सोरेन की अपील पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। सोरेन को झारखंड हाईकोर्ट ने 2024 के फैसले में 1981 के दोहरे हत्याकांड मामले में दोषी ठहराया था। बेंच ने गौर किया कि ट्रायल में ही 22 साल लग गए, जबकि सजा के खिलाफ अपील हाई कोर्ट में अगले...
