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सुप्रीम कोर्ट ने ₹2500 की बिलिंग गलती को लेकर अस्पताल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला रद्द किया
सुप्रीम कोर्ट ने नारायण हेल्थ, कोलकाता में उसके अस्पताल और सीनियर अधिकारियों के खिलाफ ₹2,500 की बिलिंग में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही रद्द की। कोर्ट ने माना कि शिकायत में कोई आपराधिक अपराध सामने नहीं आया और यह मूल रूप से सेवा से जुड़ी एक शिकायत थी, जिसका समाधान दीवानी या वैधानिक उपायों के ज़रिए बेहतर ढंग से किया जा सकता था।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने यह फैसला सुनाया। खंडपीठ ने अस्पताल और उसके कर्मचारियों की अपील स्वीकार की, जो कलकत्ता...
Order XV Rule 5 CPC | किराया जमा करने में चूक जानबूझकर थी या नहीं, इसकी जांच किए बिना किरायेदार का बचाव खारिज नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के आदेश XV नियम 5 के तहत "सुनवाई की पहली तारीख" तय किए बिना और किरायेदार को उचित नोटिस मिला या नहीं और उसे सुनवाई का मौका दिया गया या नहीं, इन मुद्दों पर विचार किए बिना, शुरू में ही किरायेदार के बचाव को खारिज करना गलत है। ऐसा इसलिए ज़रूरी है ताकि यह जांचा जा सके कि किराये में चूक जानबूझकर की गई थी या अनजाने में।जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने कहा,"आदेश XV नियम 5 CPC के तहत बचाव को खारिज करने की शक्ति, भले ही...
'सरकारी कर्मचारी से सरकार के खिलाफ रुख अपनाने की उम्मीद नहीं की जा सकती': आदेश का पालन करने वाले अधिकारी पर लगा 25 लाख का जुर्माना रद्द
यह देखते हुए कि किसी सरकारी कर्मचारी पर सिर्फ इसलिए निजी जवाबदेही नहीं थोपी जा सकती कि उसने उस समय लागू सरकारी आदेश के अनुसार काम किया, सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की इस बात पर हैरानी जताई है कि उसने अपने कर्मचारी पर राज्य सरकार के आदेश को लागू करने के लिए लगाए गए जुर्माने पर चुप्पी क्यों साधे रखी।जस्टिस अहसानुद्दीन अमनुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच तमिलनाडु के पूर्व कॉलेज शिक्षा निदेशक द्वारा दायर एक अपील पर सुनवाई कर रही थी। यह अपील हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ थी, जिसमें कुल 50 लाख...
ग्रीन पार्क एक्सटेंशन इलाके में जलभराव से निपटने के लिए AIIMS के परिसर से होकर नई सीवर लाइन बिछाने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द
यह देखते हुए कि संवैधानिक अदालतें अधिकारियों की प्रशासनिक भूमिकाएं नहीं निभा सकतीं, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया। इस आदेश में राष्ट्रीय राजधानी के ग्रीन पार्क एक्सटेंशन और आस-पास के इलाकों में जलभराव को नियंत्रित करने के लिए AIIMS परिसर से होकर एक नई सीवर लाइन बिछाने के निर्देश दिए गए।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने यह आदेश पारित करते हुए कहा:"रिट याचिका अभी भी हाई कोर्ट में लंबित है, लेकिन हमारी राय है कि हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों की...
सार्वजनिक व्यवस्था के उल्लंघन का कोई सबूत न होने पर निवारक हिरासत बेवजह: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में MPDA Act 1981 के तहत जारी निवारक हिरासत आदेश रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि जब किसी व्यक्ति पर सामान्य कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती हो और सार्वजनिक व्यवस्था के उल्लंघन को दिखाने वाला कोई ठोस सबूत न हो, तो निवारक हिरासत कानून का इस्तेमाल करना बेवजह है।कोर्ट ने कहा,"हमारी राय में हिरासत में लेने वाले अधिकारी की यह संतुष्टि कि अपीलकर्ता की गतिविधियां सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए हानिकारक थीं, उसका कोई वास्तविक आधार नहीं है। इसके अलावा, जहां किसी व्यक्ति पर देश के...
MPID Act के तहत 'लोन' भी 'डिपॉजिट' माना जा सकता है; कोई प्राइवेट पर्सन भी 'फाइनेंशियल एस्टैब्लिशमेंट' हो सकता है: सुप्रीम कोर्ट
एक अहम घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (15 मई) को कहा कि महाराष्ट्र प्रोटेक्शन ऑफ़ इंटरेस्ट ऑफ़ डिपॉजिटर्स एक्ट (MPID Act) के तहत प्राइवेट व्यक्तियों को भी 'फाइनेंशियल एस्टैब्लिशमेंट' की श्रेणी में रखा जा सकता है। इसका मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति किसी देनदार को इस वादे के साथ पैसे देता है कि वह उसे ब्याज के साथ लौटाएगा, तो ऐसे पैसे को कानूनी तौर पर "डिपॉजिट" माना जा सकता है, भले ही दोनों पक्ष उसे "लोन" कहते हों।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने बॉम्बे हाईकोर्ट की...
Hindu Succession Act | 2005 का संशोधन बेटियों के पहले से मौजूद विरासत के अधिकारों को सीमित नहीं करता: सुप्रीम कोर्ट
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम पर एक महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (15 मई) को कहा कि 2005 का संशोधन, जो बेटियों को जन्म से ही सह-दायिक (coparcenary) अधिकार देता है, उनके मृत पिता की संपत्ति में 'प्रथम श्रेणी के वारिस' (Class I heirs) के तौर पर विरासत पाने के स्वतंत्र अधिकार को न तो छीनता है और न ही सीमित करता है - खासकर तब, जब पिता की मृत्यु बिना वसीयत किए हुई हो। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल बेटों के बीच किया गया संपत्ति का बंटवारा, पिता के हिस्से की संपत्ति में बेटियों के...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (11 मई, 2026 से 05 मई, 2026 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।मोटर दुर्घटना मुआवज़े से मेडिक्लेम रीइम्बर्समेंट नहीं काटा जा सकता: सुप्रीम कोर्ट एक अहम फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी दुर्घटना पीड़ित को मेडिक्लेम या मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत मिली रकम को मोटर वाहन अधिनियम के तहत दिए गए मुआवज़े से नहीं काटा जा सकता। कोर्ट ने कहा कि ये दोनों फ़ायदे...
मुकदमेबाज़ों के 'फ़ाइल कहां है' पूछने से लेकर 'लिंक भेज दीजिए' तक: न्यायपालिका के डिजिटल बदलाव पर CJI सूर्यकांत
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने हाल ही में याद किया कि एक समय था जब कोई मुकदमेबाज़ वकील के चैंबर में घुसते ही पूछता था, 'फ़ाइल कहां है?', लेकिन अब यह बदलकर 'लिंक भेज दीजिए' (मुझे लिंक भेज दीजिए) हो गया।उन्होंने कहा कि भाषा में इस छोटे से बदलाव के पीछे न्याय-वितरण प्रणाली का एक संस्थागत बदलाव छिपा है, जो कभी लाल कपड़े में बंधी फ़ाइलों के ऊंचे ढेर, कागज़ों से भरी ट्रॉलियाँ ढोते वकीलों और रिकॉर्ड से भरे कोर्टरूम से झलकता था।'डिजिटल बदलाव: कागज़-रहित कानूनी प्रणाली को आगे बढ़ाना' विषय पर...
वकीलों को अपने मामले के समर्थन में न होने वाले फैसले भी अदालत के संज्ञान में लाने होंगे: सुप्रीम कोर्ट
पेशेवर नैतिकता और न्यायिक अनुशासन पर महत्वपूर्ण टिप्पणी में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वकीलों का यह कर्तव्य है कि वे अदालत के संज्ञान में न केवल अपने मामले के समर्थन में आने वाले फैसले लाएं, बल्कि उनके खिलाफ जाने वाले फैसले भी लाएं। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि न्याय व्यवस्था में एकरूपता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी बार एसोसिएशन और बेंच दोनों की है।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने यह टिप्पणी मोटर वाहन अधिनियम के तहत दिए गए मुआवजे से मेडिक्लेम प्रतिपूर्ति की कटौती...
विधानसभा में उदयनिधि स्टालिन की सनातन धर्म के खिलाफ टिप्पणियों का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
वकील ने एक अर्जी दाखिल की, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के ध्यान में तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन की सनातन धर्म के खिलाफ हाल ही में की गई टिप्पणियों को लाया गया, जिसमें उन्होंने सनातन धर्म को खत्म करने की मांग की थी।बता दें, DMK के उदयनिधि तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे हैं। वह सितंबर 2023 में अपनी उन टिप्पणियों के कारण विवादों में घिर गए थे, जिनमें उन्होंने 'सनातन धर्म' की तुलना 'मलेरिया' और 'डेंगू' जैसी बीमारियों से की थी और इसे खत्म करने की वकालत की थी। उन्होंने...
राज्य, अंतिम आदेश के तहत मिलने वाले लाभों से सिर्फ इसलिए इनकार नहीं कर सकता कि कर्मचारियों ने इसे लागू करवाने में देरी की: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि राज्य किसी ऐसे न्यायिक आदेश को लागू करने से इनकार नहीं कर सकता, जो अंतिम रूप ले चुका हो, सिर्फ इसलिए कि लाभार्थियों ने इसे लागू करवाने के लिए अदालतों का दरवाज़ा देर से खटखटाया। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सरकार 'आदर्श नियोक्ता' (model employer) के तौर पर कानून का पालन करने में अपनी ही नाकामी का फायदा नहीं उठा सकती।जस्टिस अहसानुद्दीन अमनुल्लाह और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने ग्रेड-IV कर्मचारियों के एक समूह द्वारा आंध्र प्रदेश राज्य और विशाखापत्तनम नगर...
मोटर दुर्घटना मुआवज़े से मेडिक्लेम रीइम्बर्समेंट नहीं काटा जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
एक अहम फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी दुर्घटना पीड़ित को मेडिक्लेम या मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत मिली रकम को मोटर वाहन अधिनियम के तहत दिए गए मुआवज़े से नहीं काटा जा सकता। कोर्ट ने कहा कि ये दोनों फ़ायदे अलग-अलग कानूनी दायरे में आते हैं।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की अपील खारिज की। इस अपील में बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि मोटर दुर्घटना दावा अधिकरणों (MACTs) द्वारा दिए गए मुआवज़े...
NEET UG 2026 Cancellation : यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने NTA को भंग करने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की, जिसमें NEET-UG 2026 परीक्षा आयोजित करने में "प्रणालीगत विफलता" (systemic failure) के चलते नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने की मांग की गई।एडवोकेट रितु रेनीवाल के माध्यम से दायर इस याचिका में संसद द्वारा पारित कानून के ज़रिए एक वैधानिक राष्ट्रीय परीक्षण निकाय (statutory national testing body) के गठन की मांग की गई। इस निकाय के पास परिभाषित कानूनी अधिकार, पारदर्शिता के मानक और विधायिका के प्रति सीधी जवाबदेही होनी...
युवाओं पर की गई टिप्पणियों पर CJI की सफ़ाई: फ़र्ज़ी डिग्री लेकर पेशे में आने वालों को कहा था 'कॉकरोच'
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने शनिवार को अदालती सुनवाई के दौरान अपनी मौखिक टिप्पणियों पर सफ़ाई जारी करते हुए कहा कि मीडिया के एक हिस्से ने उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया और उनकी टिप्पणियों को देश के युवाओं की आलोचना के तौर पर गलत ढंग से दिखाया।ऑनलाइन विवाद खड़ा होने के बाद जारी एक बयान में CJI ने कहा कि उनकी टिप्पणियाँ केवल उन लोगों के ख़िलाफ़ थीं, जिन्होंने फ़र्ज़ी या नकली डिग्री का इस्तेमाल करके क़ानूनी क्षेत्र जैसे पेशों में प्रवेश किया है, न कि आम तौर पर युवाओं के ख़िलाफ़।CJI ने...
बॉम्बे किराया अधिनियम के तहत सह-मालिक 'मकान मालिक', बिना विशेष मालिकाना हक के भी बेदखली का मुकदमा चला सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि किसी संपत्ति का सह-मालिक, बॉम्बे किराया, होटल और लॉजिंग हाउस दर नियंत्रण अधिनियम, 1947 के तहत "मकान मालिक" की श्रेणी में आता है। इसलिए वह किराए पर दी गई जगह पर विशेष मालिकाना हक या औपचारिक बंटवारे के बिना भी बेदखली की कार्यवाही शुरू करने का हकदार है।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया, जिसने बेदखली के एक विवाद में ट्रायल कोर्ट और पहली अपीलीय अदालत के एक जैसे निष्कर्षों को पलट दिया था। इस मामले में अपीलकर्ता-वादी (जो...
सुप्रीम कोर्ट UGC स्टूडेंट शिकायत निवारण विनियम 2023 को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक याचिका पर नोटिस जारी करने से इनकार किया, जहां तक वह 2012 के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) विनियमों को चुनौती देती थी। कोर्ट ने याचिका पर नोटिस को केवल उस हद तक सीमित रखा, जहाँ तक वह UGC के 2023 के विनियमों के प्रावधानों को चुनौती देती है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने सीनियर एडवोकेट जे. साई दीपक (याचिकाकर्ताओं की ओर से) की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया। इस मामले को कोर्ट के समक्ष लंबित इसी तरह की अन्य याचिकाओं...
'उनकी ज़िंदगी दूसरों में ज़िंदा है': सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा के अंग दान करने के लिए उनके परिवार की तारीफ़ की
सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा के परिवार की तारीफ़ की, जिन्होंने उनकी मौत के बाद उनकी कॉर्निया और हार्ट वाल्व दान किए। यह तारीफ़ कोर्ट के उस फ़ैसले के कुछ हफ़्तों बाद आई, जिसमें कोर्ट ने 'गरिमा के साथ मरने के अधिकार' को मान्यता देने के बाद, देश के पहले 'पैसिव यूथेनेशिया' (इच्छा-मृत्यु) मामले में जीवन बचाने वाला इलाज हटाने की इजाज़त दी थी।कोर्ट ने कहा,"हरीश ने इस नश्वर दुनिया को अपनी शर्तों पर अलविदा कहा, उनके आस-पास प्यार और करुणा थी। अपने गहरे दुख के बावजूद, उनके परिवार ने निस्वार्थ भाव से उनकी...
'वे आतंकवादी नहीं हैं, सिर्फ़ बुनियादी मज़दूरी की मांग कर रहे हैं': सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा मज़दूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ़्तार लोगों को पेश करने का दिया आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह आदित्य आनंद और रूपेश रॉय को, जिन्हें हाल ही में नोएडा में मज़दूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ़्तार किया गया, 18 मई को दोपहर 2 बजे कोर्ट के सामने पेश करे।कोर्ट आदित्य आनंद के भाई केशव आनंद द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें आरोप लगाया गया कि यूपी पुलिस गिरफ़्तार किए गए लोगों को हिरासत में प्रताड़ित कर रही है।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और दोनों व्यक्तियों...
'लापरवाह रवैया': सुप्रीम कोर्ट ने चंबल में अवैध खनन के खिलाफ आदेशों का पालन न करने पर राजस्थान के शीर्ष अधिकारियों को तलब किया
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (14 मई) को राजस्थान सरकार पर नेशनल चंबल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध रेत खनन पर रोक लगाने के संबंध में कोर्ट के पिछले निर्देशों का पालन करने में विफल रहने के लिए कड़ी फटकार लगाई।कोर्ट ने राजस्थान के कई वरिष्ठ नौकरशाहों को, जिनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), और खनन, वित्त, वन तथा परिवहन विभागों के प्रधान सचिव शामिल हैं, निर्देश दिया कि वे 20 मई, 2026 को होने वाली अगली सुनवाई की तारीख पर विस्तृत अनुपालन हलफनामों के साथ व्यक्तिगत रूप से कोर्ट के समक्ष उपस्थित रहें।इसके अलावा,...




















