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सुप्रीम कोर्ट ने जजों के मामले से अलग होने के लिए दिशा-निर्देश मांगने वाली रिट याचिका की खारिज, कहा- यह जजों के विवेक का मामला
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (16 मई) को जजों के मामले से अलग होने के लिए दिशा-निर्देश मांगने वाली रिट याचिका खारिज कर दिया।जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस उज्जल भुयान की खंडपीठ ने कहा,"जजों के मामले से अलग होना जज के विवेक का मामला है। जजों के मामले से अलग होने के लिए दिशा-निर्देश तय करने के लिए अनुच्छेद 142 के तहत अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसलिए रिट याचिका खारिज की जाती है।"पिछले साल कोर्ट ने उसी याचिकाकर्ता की इसी तरह की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था, जिसमें कर्नाटक...
BCI ने SCBA और SCAORA से जस्टिस बेला त्रिवेदी को विदाई देने का किया आग्रह
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) और सुप्रीम कोर्ट एओआर एसोसिएशन (SCAORA) से अनुरोध किया कि वे जस्टिस बेला त्रिवेदी के लिए आधिकारिक विदाई समारोह आयोजित करें, जिनका 16 मई को अंतिम कार्यदिवस था।SCBA के अध्यक्ष कपिल सिब्बल और SCAORA के अध्यक्ष विपुल नायर को संबोधित अपने पत्र में BCI ने कहा:"ऐसे कद के जज को विदाई न देना संस्थागत मूल्यों पर सवाल उठाता है, जिसके लिए हम कानूनी पेशेवरों के सामूहिक निकाय के रूप में खड़े हैं। उनके योगदान को नज़रअंदाज़ करना और उन्हें वह...
सुप्रीम कोर्ट ने AI डीपफेक को नियंत्रित करने वाली याचिका खारिज की, याचिकाकर्ता को दिल्ली हाईकोर्ट जाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने उस जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार किया, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-जनरेटेड डीपफेक (AI-Generated Deepfakes) से निपटने में अधिकारियों की विफलता की आलोचना की गई और मॉडल AI विनियमन कानून का मसौदा तैयार करने के लिए कोर्ट की निगरानी में विशेषज्ञ समिति के गठन की मांग की गई।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की और याचिकाकर्ता वकील को दिल्ली हाईकोर्ट में भेज दिया, जो इन मुद्दों से निपट रहा है और समय-समय पर आदेश पारित करता रहा है।न्यायालय ने...
सैन्य नर्सिंग सेवा अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद 'भूतपूर्व सैनिक' के रूप में अधिकार दिए जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर कर मांग की गई कि रिटायरमेंट के बाद सैन्य नर्सरी सेवा (MMS) अधिकारियों को "भूतपूर्व सैनिक" के रूप में अधिकार दिए जाने के साथ-साथ सभी परिणामी लाभों की मांग की गई।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ के समक्ष यह मामला सूचीबद्ध किया गया था, जिसने सीनियर एडवोकेट डॉ. आदिश अग्रवाल (याचिकाकर्ताओं के लिए) से कहा कि इस मामले की सुनवाई एक अन्य लंबित मामले यानी भारत संघ बनाम मेजर जनरल (श्रीमती) उषा सिकदर के साथ की जाएगी।संक्षेप में कहें तो याचिकाकर्ता यह...
सुप्रीम कोर्ट ने 26 मई से 13 जुलाई तक आंशिक अवकाश अवधि में बैठने वाली पीठों की सूची जारी की
सुप्रीम कोर्ट ने उन पीठों को अधिसूचित किया है जो 26 मई, 2025 से 13 जुलाई, 2025 तक "आंशिक न्यायालय कार्य दिवसों" के दौरान कार्य करेंगी।26.05.2025 से 01.06.2025 तक चीफ़ जस्टिस और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संजय कुमार जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अरविंद कुमार जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा 02.06.2025 से 08.06.2025 तक जस्टिस संजय करोल और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस...
हौज खास हिरण पार्क से स्थानांतरित हिरणों की जांच के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के अधिकारियों को राजस्थान के उन स्थानों का दौरा करने का निर्देश दिया जहां 261 हिरणों को दिल्ली के हौज खास स्थित हिरण उद्यान से स्थानांतरित किया गया है।जस्टिस अभय ओक और जस्टिस उज्जल भुइयां की खंडपीठ को सूचित किया गया कि हौज खास डियर पार्क से 600 हिरणों के प्रस्तावित स्थानांतरण से संबंधित मामले में 600 हिरणों में से 261 को पहले ही पार्क से स्थानांतरित किया जा चुका है। अदालत ने कहा, "हम केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश...
सुप्रीम कोर्ट ने रोहिंग्या को समुद्र में फेंके जाने के दावे पर उठाए सवाल, निर्वासन पर रोक से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस रिट याचिका पर सवाल किया और अविश्वास व्यक्त किया जिसमें आरोप लगाया गया है कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों तथा कैंसर जैसी गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों वाले व्यक्तियों सहित 43 रोहिंग्याओं को भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में फेंककर जबरन म्यांमार भेज दिया।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने भारत से रोहिंग्याओं के भविष्य में निर्वासन पर रोक लगाने वाला अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार करते हुए कहा कि तीन जजों की खंडपीठ (जस्टिस कांत की...
POCSO मामलों में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: केंद्र और राज्यों को विशेष कोर्ट बनाने का निर्देश, समयसीमा का पालन अनिवार्य
सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में बच्चों से यौन अपराधों के बढ़ते मामलों पर स्वतः संज्ञान लेकर शुरू की गई कार्यवाही को बंद करते हुए केंद्र और सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि वे POCSO कानून के तहत मामलों की सुनवाई के लिए शीर्ष प्राथमिकता पर विशेष कोर्ट (स्पेशल POCSO कोर्ट) बनाएं।जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने यह निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी जांच अधिकारियों को POCSO मामलों की गंभीरता के प्रति संवेदनशील बनाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जांच से लेकर ट्रायल तक सभी चरण...
गैंगस्टर एक्ट मामला: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी विधायक अब्बास अंसारी को दी राहत, संसदीय क्षेत्र दौरे के दौरान गाज़ीपुर घर में रुकने की मिली अनुमति
उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर एक्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को विधायक अब्बास अंसारी की अंतरिम ज़मानत की शर्तों में बदलाव करते हुए उन्हें संसदीय क्षेत्र (मऊ) दौरे के दौरान गाज़ीपुर स्थित आवास पर अधिकतम 3 रातें रुकने की अनुमति दे दी है।सुप्रीम कोर्ट ने कहा,“याचिकाकर्ता को अपने संसदीय क्षेत्र मऊ में जाने में हो रही कठिनाइयों को देखते हुए 7 मार्च के आदेश के पैरा 6 की शर्त 2 को सीमित रूप से संशोधित किया जाता है। याचिकाकर्ता जब अपने संसदीय क्षेत्र मऊ जाएं तो वे गाज़ीपुर स्थित अपने आवास पर रात...
CLAT UG 2025 संशोधित रिजल्ट आज शाम जारी करने को तैयार: सुप्रीम कोर्ट को NLU कंसोर्टियम ने दी जानकारी
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ (NLU) के कंसोर्टियम ने आज (16 मई) सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि वे CLAT-UG 2025 के संशोधित परिणाम आज शाम तक जारी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।वे 7 मई को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित अंतिम आदेश के अपलोड होने का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें उत्तर कुंजी में हुई कुछ गलतियों को सुधारने का निर्देश दिया गया। चीफ जस्टिस बी.आर. गवई ने जब कहा कि 7 मई का आदेश आज ही अपलोड कर दिया जाएगा तो कंसोर्टियम के वकील ने कहा कि आदेश अपलोड होते ही दो घंटे के भीतर परिणाम जारी किए जा सकते...
SCBA ने जस्टिस बेला त्रिवेदी को फेयरवेल देने से इनकार किया, CJI बीआर गवई ने फैसले की आलोचना की
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बीआर गवई ने आज जस्टिस बेला एम त्रिवेदी को विदाई समारोह न देने के सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के रुख की आलोचना की। जस्टिस बेला त्रिवेदी, जिन्होंने अपने अंतिम कार्य दिवस के रूप में 16 मई की तारीख का चुनाव किया है, जबकि उनकी आधिकारिक सेवानिवृत्ति की तिथि 9 जून, 2025 है। उन्हें सम्मानित करने के लिए आयोजित औपचारिक पीठ की अध्यक्षता करते हुए, CJI गवई ने कहा, "मैं सीधे तौर पर कहता हूं कि एसोसिएशन को ऐसा रुख नहीं अपनाना चाहिए था।"हालांकि, CJI गवई ने औपचारिक पीठ की कार्यवाही में SCBA...
20.08.2022 से पहले के प्री-इंस्टिट्यूशन मीडिएशन के बिना दायर किए गए कॉमर्शियल मामलों को मध्यस्थता की संभावना तलाशने के लिए स्थगित रखा जाएगा: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को (15 मई) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पुष्टि की कि वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015 की धारा 12ए के तहत पूर्व-संस्था मध्यस्थता अनिवार्य है, जैसा कि पाटिल ऑटोमेशन के मामले (2022) में कहा गया था, हालांकि स्पष्ट किया कि लंबित मामलों को बाधित होने से बचाने के लिए यह आवश्यकता 20.08.2022 से लागू होगी। पाटिल ऑटोमेशन प्राइवेट लिमिटेड बनाम रखेजा इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड, (2022) 10 एससीसी 1 में, यह माना गया था कि धारा 12ए अनिवार्य है और गैर-अनुपालन के परिणामस्वरूप आदेश VII नियम...
BREAKING| भविष्य में पूर्वव्यापी पर्यावरणीय मंजूरी न दें केंद्र: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा; पिछली अधिसूचनाएं रद्द कीं
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (16 मई) को केंद्र सरकार को भविष्य में "पूर्वव्यापी" पर्यावरणीय मंजूरी (EC) देने से रोक दिया और पिछले कार्यालय ज्ञापन और अधिसूचनाओं को रद्द कर दिया, जो खनन परियोजनाओं के लिए पूर्वव्यापी पर्यावरणीय मंजूरी देने की अनुमति देते थे।इसका मतलब है कि अनिवार्य पूर्व पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त किए बिना शुरू की गई परियोजनाओं को भविष्य में EC देकर नियमित नहीं किया जा सकता।जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की खंडपीठ ने फैसला सुनाया।जस्टिस ओक ने इस प्रकार से ऑपरेटिव भाग...
1976 और 2006 के बीच किए गए खाद्य अपमिश्रण अपराधों के लिए परिवीक्षा नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (15 मई) को स्पष्ट किया कि खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 (PoFA Act) के तहत 1976 से लेकर 2006 में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (FSS Act) द्वारा इसके निरस्त होने के बीच किए गए अपराधों के लिए अपराधियों की परिवीक्षा अधिनियम के प्रावधानों को लागू नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने कहा,"यदि अपराध 1976 में धारा 20एए की शुरूआत और 2006 में FSS Act द्वारा इसके निरस्त होने के बीच किया गया तो परिवीक्षा अधिनियम द्वारा परिकल्पित लाभ PoFA Act के तहत किए गए अपराध पर लागू नहीं...
JEE-Main: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्कोर कार्ड में हेराफेरी का आरोप लगाने के मामले में दिए जांच के आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने दो अभ्यर्थियों द्वारा दायर याचिका में केंद्रीय फोरेंसिक साइंस लैब (CFSL), CBI को जांच के आदेश दिए, जिसमें JEE (Main)-2025 में उनके स्कोर कार्ड में हेराफेरी का आरोप लगाया गया।जस्टिस विकास महाजन ने अभ्यर्थियों को निर्देश दिया कि वे CFSL द्वारा सत्यापन के लिए रजिस्ट्री को अपने-अपने रजिस्टर्ड ई-मेल आईडी प्रस्तुत करें।न्यायालय ने CFSL के निदेशक से अनुरोध किया कि वे जांच में तेजी लाएं और 22 मई या उससे पहले सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट प्रस्तुत करें, क्योंकि JEE (Advanced)-2025 का...
सुप्रीम कोर्ट ने ताज ट्रेपेज़ियम ज़ोन में अवैध कटाई के लिए प्रति पेड़ 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया
सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए ताज ट्रेपेज़ियम ज़ोन (TTZ) के भीतर अवैध रूप से पेड़ों की कटाई के लिए प्रति पेड़ 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया।जिन किसानों ने अवैध रूप से छूट प्राप्त प्रजातियों के निजी पेड़ों को काटा है, उन पर प्रति पेड़ 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही लकड़ी उन्हें वापस कर दी जाएगी। गैर-किसानों द्वारा प्रतिबंधित प्रजातियों या छूट प्राप्त प्रजातियों को काटे जाने के मामलों में प्रति पेड़ 10,000 रुपये का शुल्क लगाया...
NEET 2025: सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में महाराष्ट्र की सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक प्रवेशों में 10% मराठा आरक्षण कोटा को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार किया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ ने NEET UG और NEET PG 2025 परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों द्वारा दायर रिट याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।परीक्षाओं की तारीख नजदीक आने (NEET PG के लिए 15 जून, NEET UG 4 मई को आयोजित की गई) को देखते हुए कोर्ट ने हाईकोर्ट से अंतरिम राहत की संभावना पर विचार...
ट्रिब्यूनल के समक्ष समय पर आपत्ति नहीं उठाई गई तो केवल अधिकार क्षेत्र की कमी के कारण आर्बिट्रल अवार्ड रद्द नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने 15 मई को दोहराया कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 (A&C Act) के तहत किए गए आर्बिट्रल अवार्ड केवल इसलिए रद्द नहीं किया जा सकता, क्योंकि विवादों का निपटारा मध्य प्रदेश मध्यस्थता अधिकरण अधिनियम, 1983 (MP Act) के तहत किया जाना चाहिए था और कार्यवाही के उचित चरण में कोई अधिकार क्षेत्र संबंधी आपत्ति नहीं उठाई गई।कोर्ट ने कहा कि मध्य प्रदेश अधिनियम के तहत उत्पन्न होने वाले विवादों पर आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल के अधिकार क्षेत्र को चुनौती देने वाली कोई भी चुनौती ट्रिब्यूनल के समक्ष ही...
पक्षकारों के शादी करने पर सहमत होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने शादी के झूठे पर बलात्कार के दोषी को दी अंतरिम जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसे व्यक्ति की सजा निलंबित की, जिसे शादी के झूठे वादे पर बलात्कार के लिए दोषी ठहराया गया था। कोर्ट ने उक्त सजा यह देखते हुए निलंबित की कि वह और शिकायतकर्ता-महिला एक-दूसरे से शादी करने के लिए सहमत हो गए।कोर्ट ने व्यक्ति को महिला से शादी करने के लिए अंतरिम जमानत दी।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस एससी शर्मा की खंडपीठ उस मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें याचिकाकर्ता को भारतीय दंड संहिता की (IPC) धारा 376(2)(एन) और 417 के तहत एक ट्रायल कोर्ट द्वारा दोषी ठहराया गया और कथित तौर पर...
Student Suicide: सुप्रीम कोर्ट ने IIT खड़गपुर से FIR दर्ज करने में देरी पर उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा
एक स्टूडेंट की आत्महत्या की घटना में IIT खड़गपुर के अधिकारियों द्वारा FIR दर्ज करने में देरी को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 13 मई को IIT के संबंधित अधिकारी और क्षेत्र के पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को अगली सुनवाई में उपस्थित होकर इस तरह की चूक के कारणों के बारे में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ उस मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने उच्च शिक्षण संस्थानों में स्टूडेंट्स की आत्महत्या के मामलों को संबोधित करने के लिए पहले कई...




















