बॉम्बे हाईकोर्ट

आरोप बदलने के बाद गवाहों को दोबारा बुलाने की अर्जी सुनने से इनकार, निष्पक्ष सुनवाई के खिलाफ: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि ट्रायल के दौरान आरोप (Charges) में बदलाव किया जाता है, तो आरोपी को पहले से जांचे जा चुके गवाहों को दोबारा बुलाकर उनसे जिरह करने का अवसर देना निष्पक्ष सुनवाई (Fair Trial) का अहम हिस्सा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि धारा 217 सीआरपीसी के तहत दायर ऐसी अर्जी को सुनने से ही इनकार करना प्रक्रियागत निष्पक्षता (Procedural Fairness) के मूल सिद्धांत के विपरीत होगा।जस्टिस विक्टोरिया गौरी ने कहा कि धारा 217 सीआरपीसी अदालत को यह विवेकाधिकार जरूर देती है कि यदि गवाहों को दोबारा...

महिला कॉन्स्टेबल के बिना महिला के बेडरूम में पुलिस का घुसना निजता का उल्लंघन: बॉम्बे हाई कोर्ट ने मोबाइल ज़ब्त करने को गैर-कानूनी बताया

बॉम्बे हाई कोर्ट (नागपुर बेंच) ने कहा कि पुलिस अधिकारी जांच के नाम पर कानूनी सुरक्षा उपायों की अनदेखी नहीं कर सकते। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि रात में महिला कॉन्स्टेबल के बिना किसी महिला के बेडरूम में घुसना और 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) के तहत तय प्रक्रिया का पालन किए बिना उसका मोबाइल फोन ज़ब्त करना, संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उसके निजता के अधिकार का उल्लंघन है।जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के और जस्टिस निवेदिता मेहता की बेंच ने कहा कि धारा 185 के तहत जांच अधिकारी के लिए यह ज़रूरी है कि वह...

Right To Be Forgotten: FIR रद्द होने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने ऑनलाइन कोर्ट रिकॉर्ड में याचिकाकर्ता का नाम छिपाने का निर्देश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया कि वह उस याचिकाकर्ता की पहचान छिपाएं (मास्क करें), जिसने अपने "भूल जाने के अधिकार" (right to be forgotten) का इस्तेमाल किया था। कोर्ट ने माना कि जब किसी व्यक्ति के कथित अपराध में शामिल होने से जुड़ी कानूनी कार्यवाही रद्द कर दी जाती है तो इंटरनेट पर उस जानकारी को बनाए रखने से कोई जनहित नहीं सधता।कोर्ट ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि निजता का अधिकार (Right to Privacy), जो संविधान के अनुच्छेद 21 का एक अहम हिस्सा है, उसमें 'भूल जाने का...

कस्टडी में मारपीट का मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- पुलिस अधिकारियों पर केस चलाने के लिए पहले से मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि कबूलनामा लेने के लिए किसी संदिग्ध के साथ मारपीट करना किसी भी पुलिस अधिकारी की सरकारी ड्यूटी का हिस्सा नहीं हो सकता। कोर्ट ने तीन पुलिसकर्मियों को बरी करने से इनकार किया, जिन पर एक व्यक्ति के साथ मारपीट करने का आरोप है—उसे हत्या का अपराध कबूल करने के लिए मजबूर किया गया। [2026 LiveLaw (Bom) 319]कोल्हापुर बेंच में सुनवाई करते हुए जस्टिस संदेश पाटिल ने कहा कि इस मामले में शिकायतकर्ता को 26 नवंबर 2008 को दोपहर 12 बजे इचलकरंजी शहर के शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में तैनात...

पैसे के लालच में आए युवा, न कि पेशेवर हत्यारे: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपहरण और हत्या के मामले में मौत की सज़ा बदली

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक लड़के के अपहरण और हत्या के मामले में दो लोगों की मौत की सज़ा को 30 साल की जेल में बदल दिया। कोर्ट ने कहा कि ये दोनों दोषी 'आम युवा' थे जो अमीर बनने का प्लान फेल होने पर 'परेशान' हो गए थे और 'तुरंत समाधान' के लिए उन्होंने लड़के की हत्या की थी।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की बेंच ने माना कि चेतन पगारे और अमन जाट का परिचित लड़के का अपहरण करना और उसे कई चोटें पहुँचाकर मार डालना 'घिनौना' और 'बेरहम' काम था, लेकिन यह 'दुर्लभतम से दुर्लभ' (rarest of...

Same Sex Marriage

इनकम टैक्स एक्ट (IT Act) की धारा 56(2)(x) के तहत 'छूट' का फ़ायदा पाने के लिए—जो विपरीत लिंग वाले जोड़ों (Heterosexual Couples) के बीच उपहारों पर टैक्स से छूट देती है—एक सेम-सेक्स कपल को पहले अपने रिश्ते को कानूनी रूप से 'शादी' या 'जीवनसाथी' (Spouse) आदि के तौर पर मान्यता दिलानी होगी। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट को यह बात बताई।इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक सेम-सेक्स कपल की याचिका का विरोध किया। इस याचिका में IT Act की धारा 56(2)(x) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई, जो...

अपनी मर्ज़ी से फ़ैसला लेने में कानूनी तौर पर सक्षम: बॉम्बे हाईकोर्ट ने ज़बरदस्ती शादी से बचने के लिए घर छोड़ने वाली बालिग़ महिला की मदद की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि 21 साल की बालिग़ महिला कानूनी तौर पर यह तय करने में सक्षम है कि वह कहां रहना चाहती है और किससे शादी करना चाहती है। इसलिए उसके माता-पिता और राज्य उसे उसकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ कोई फ़ैसला लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। कोर्ट ने मुंबई पुलिस को निर्देश दिया कि वह एक युवा मुस्लिम महिला के बारे में 'गुमशुदा व्यक्ति' की शिकायत पर कार्रवाई न करें, जिसने अपने माता-पिता की पसंद के अनुसार शादी से बचने के लिए हैदराबाद में अपना घर छोड़ दिया था।एक्टिंग चीफ़ जस्टिस रवींद्र घुगे और...

प्राइवेसी का उल्लंघन: बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस प्रीति जिंटा की AI से बनी तस्वीरें, डीपफेक और मॉर्फ्ड तस्वीरें हटाने का आदेश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार (8 जुलाई) को एक अंतरिम आदेश में एक्ट्रेस प्रीति जिंटा की डीपफेक इमेज, AI और सुपरइम्पोज़्ड विज़ुअल्स और मॉर्फ्ड तस्वीरों समेत आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया।सिंगल-जज जस्टिस माधव जामदार ने जिंटा की याचिका पर यह आदेश पारित किया।जज ने कहा कि एक्ट्रेस द्वारा बताई गई सामग्री, जैसे डीपफेक इमेज, AI और सुपरइम्पोज़्ड विज़ुअल्स और मॉर्फ्ड तस्वीरें, उनके नैतिक, पब्लिसिटी और पर्सनैलिटी अधिकारों का उल्लंघन करती हैं।जज ने माना कि उक्त कंटेंट उनकी प्राइवेसी के अधिकारों का भी...

भीमा कोरेगांव केस: आरोपी महेश राउत ने इलाज के लिए केरल जाने की इजाज़त के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में अर्ज़ी दी

भीमा कोरेगांव-एल्गार परिषद मामले के आरोपियों में से एक महेश राउत ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अर्ज़ी देकर केरल में आयुर्वेदिक इलाज के लिए जाने की इजाज़त मांगी। इससे पहले, इस साल जनवरी में एक स्पेशल NIA कोर्ट ने उनकी ऐसी ही अर्ज़ी खारिज की थी।राउत ने शहर की स्पेशल NIA कोर्ट के 21 जनवरी, 2026 के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें 29 जनवरी से 7 फरवरी तक केरल के पूनथोट्टम आयुर्वेदाश्रम जाने की उनकी अर्ज़ी खारिज कर दी गई। वह अपने रूमेटाइड आर्थराइटिस और सोग्रेन सिंड्रोम के इलाज के लिए आयुर्वेदिक आश्रम जाना चाहते...

गलत जानकारी देना ही मिथ्या प्रस्तुतीकरण नहीं: 45 साल पुरानी हाउसिंग सोसायटी का पंजीकरण रद्द करने से बॉम्बे हाईकोर्ट का इनकार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल गलत या अधूरी जानकारी देना अपने आप में 'मिथ्या प्रस्तुतीकरण' नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी सहकारी समिति का पंजीकरण तभी रद्द किया जा सकता है, जब यह साबित हो कि पंजीकरण जानबूझकर धोखा देकर, तथ्य छिपाकर या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त किया गया था। बाद की घटनाओं या पंजीकरण से जुड़े किसी कथित त्रुटिपूर्ण निर्णय के आधार पर पंजीकरण रद्द नहीं किया जा सकता।जस्टिस संदीप वी. मारणे ने यह फैसला एलीट डायग्नोस्टिक सेंटर प्राइवेट...

सरकारी नीतियों के विरोध पर नागरिक को शहर से बाहर नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित करना या असहमति जताना किसी नागरिक को शहर से बाहर (Extern) करने का आधार नहीं हो सकता। अदालत ने कहा कि ऐसी कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अनुच्छेद 21 के तहत गरिमा के साथ जीने के अधिकार का उल्लंघन है।जस्टिस माधव जे. जामदार ने सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के सचिव सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी के खिलाफ जारी एक्सटर्नमेंट आदेश और उसके खिलाफ पारित अपीलीय आदेश को रद्द कर दिया। अदालत...

पूरे महाराष्ट्र में नेताओं की खरीद-फरोख्त चल रही है; अगर आपके खिलाफ FIR हैं तो पाला बदल लीजिए, वहां एक वॉशिंग मशीन है: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (2 जुलाई) को मौखिक रूप से टिप्पणी की कि पूरे महाराष्ट्र राज्य में नेताओं की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) चल रही है। कोर्ट ने सत्ताधारी पार्टी की ओर इशारा करते हुए कहा कि कोई भी राजनीतिक नेता 'वॉशिंग मशीन' में शामिल होकर अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों को बंद करवा सकता है।जस्टिस माधव जामदार, सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के महासचिव सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी (49) की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। सईद ने केंद्र सरकार और BJP के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के कारण...

बॉम्बे हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: नागरिकों को भारत सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है, विरोध करने पर केस दर्ज किए जाते हैं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (2 जुलाई) को कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि कोई नागरिक केंद्र सरकार के कुछ फ़ैसलों का विरोध कर रहा है और उसके ख़िलाफ़ नारे लगा रहा है, उसे किसी इलाके से बाहर निकालने (एक्सटर्नमेंट) का आधार नहीं बनाया जा सकता। [2026 LiveLaw (Bom) 305]सिंगल-जज जस्टिस माधव जामदार ने मुंबई पुलिस द्वारा सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी (49) के ख़िलाफ़ एक्सटर्नमेंट ऑर्डर जारी करने पर कड़ी नाराज़गी जताई। सईद 'सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया' (SDPI) के जनरल सेक्रेटरी हैं और केंद्र सरकार के कई...

जस्टिस गौतम पटेल को मिली धमकियों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न हो, बॉम्बे हाईकोर्ट का महाराष्ट्र सरकार को निर्देश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि पूर्व जस्टिस गौतम पटेल को मिली धमकियों और हमलों की जांच से संबंधित मुंबई पुलिस तथा विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट किसी भी हालत में सार्वजनिक न की जाए।अदालत ने कहा कि जांच से जुड़ी जानकारी बाहर आने से जांच प्रभावित हो सकती है और आरोपियों को लाभ मिल सकता है। एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखाड की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान 26/11 मुंबई आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय लगातार प्रसारित हो रहे घटनाक्रम से हमलावरों को सुरक्षा...

सिखों को हेलमेट पहनने से छूट देना आर्टिकल 14 के तहत उचित वर्गीकरण, न कि धर्म पर आधारित: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि सिखों को हेलमेट पहनने से दी गई छूट धर्म या जाति पर आधारित नहीं है, बल्कि यह भारत के संविधान के आर्टिकल 14 के तहत 'उचित' वर्गीकरण है और इसलिए यह किसी भी मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं करता है। [2026 LiveLaw (Bom) 304]नागपुर बेंच में जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के और जस्टिस निवेदिता मेहता की डिवीजन बेंच ने लॉ स्टूडेंट की याचिका खारिज की। स्टूडेंट ने सिख समुदाय के लोगों को हेलमेट पहनने से मिली छूट को चुनौती दी थी, जबकि मोटर वाहन अधिनियम (MVA) की धारा 129 के तहत हर...

अगर पहली शादी अभी भी कायम है तो महिला अपने दूसरे पति के परिवार के खिलाफ IPC की धारा 498A के तहत मामला दर्ज नहीं करा सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक व्यक्ति के परिवार के सदस्यों और एक दोस्त के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला रद्द करते हुए कहा कि अगर किसी महिला की पहली शादी अभी भी कायम है, तो उसके दूसरे पति के परिवार के सदस्यों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A के तहत FIR कानूनी रूप से मान्य नहीं हो सकती। [2026 LiveLaw (Bom) 303]सिंगल-जज जस्टिस रंजीतसिंह भोंसले ने कहा कि दूसरे पति के परिवार के सदस्यों को IPC की धारा 498A में बताए गए 'रिश्तेदारों' की परिभाषा के दायरे में नहीं लाया जा सकता।जस्टिस भोंसले ने...

पति का अपनी भाभी से बातचीत करना और अपने हाथ पर उनके बेटे का नाम गुदवाना, बिना किसी गलत इरादे के क्रूरता नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि पति का अपनी भाभी से बातचीत करना और अपने हाथ पर उनके बेटे का नाम गुदवाना IPC की धारा 498A के दायरे में नहीं आता है, जो जीवनसाथी के प्रति क्रूरता के लिए सज़ा का प्रावधान करती है।कोर्ट ने एक व्यक्ति की भाभी के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की; पत्नी का आरोप था कि पति का भाभी के साथ 'एक्स्ट्रा-मैरिटल' अफेयर था।सिंगल-जज जस्टिस रंजीतसिंह भोंसले ने 10 जून को सुनाए गए आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता को 'शक' था कि उसके पति के संबंध याचिकाकर्ता (जो उसके चचेरे भाई की पत्नी थी) के साथ थे।FIR में...

RTE के तहत पड़ोस के स्कूल में एडमिशन के लिए निवास का प्रमाण अनिवार्य, औपचारिकता नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिक्षा का अधिकार अधिकार (RTE Act) के तहत पड़ोस के स्कूल आरक्षण श्रेणी में प्रवेश से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि निवास का प्रमाण केवल औपचारिकता नहीं बल्कि पात्रता की अनिवार्य शर्त है। यदि इसका संतोषजनक प्रमाण नहीं दिया जाता तो इससे वास्तव में पात्र और जरूरतमंद बच्चे का अधिकार प्रभावित हो सकता है।एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखड़ की खंडपीठ ने नाबालिग छात्र की ओर से दायर याचिका खारिज की। याचिका में पुणे के प्राइवेट स्कूल को शैक्षणिक...

अस्पताल पर लापरवाही के आरोपों की रिपोर्टिंग जारी रख सकता है गली न्यूज़, लेकिन अपमानजनक टिप्पणियों पर रोक: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में लोकप्रिय स्थानीय डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म 'गली न्यूज़' को कथित चिकित्सीय लापरवाही से जुड़े मामले की रिपोर्टिंग जारी रखने की अनुमति दी। हालांकि अदालत ने चैनल को अस्पताल के खिलाफ अपमानजनक और मानहानिकारक शब्दों या आरोपों के इस्तेमाल से रोक दिया।जस्टिस आरिफ डॉक्टर ने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया समाचार प्रसारण के कुछ हिस्से मानहानिकारक प्रतीत होते हैं। इसलिए चैनल को मामले की रिपोर्टिंग से नहीं रोका जाएगा, लेकिन वह अस्पताल के खिलाफ ऐसे आरोप, संकेत या टिप्पणियां...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक्टर सनी देओल के खिलाफ प्रोड्यूसर की अपील को फिर से शुरू किया, ₹15,000 का जुर्माना लगाया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (25 जून) को प्रोड्यूसर सुनील दर्शन पर ₹15,000 का जुर्माना लगाते हुए उनकी अपील को फिर से शुरू करने की इजाज़त दी। यह अपील 2015 में सिंगल-जज के फैसले के खिलाफ दायर की गई, जिसमें फिल्ममेकर और बॉलीवुड एक्टर सनी देओल द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ दायर दो आर्बिट्रेशन याचिकाओं को खारिज कर दिया गया।मामले की पृष्ठभूमि यह है कि दोनों सेलिब्रिटी एक दशक से भी ज़्यादा समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। यह विवाद 'गुड मॉर्निंग इंडिया' नाम की फिल्म से देओल के अलग होने को लेकर था, जिसे 2008...