बॉम्बे हाईकोर्ट

AI पर आँख मूंदकर भरोसा न करें: बॉम्बे हाईकोर्ट ने असत्यापित AI-जनित केस कानूनों पर पारित आयकर निर्धारण रद्द किया
'AI पर आँख मूंदकर भरोसा न करें': बॉम्बे हाईकोर्ट ने असत्यापित AI-जनित केस कानूनों पर पारित आयकर निर्धारण रद्द किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह देखते हुए आयकर निर्धारण रद्द किया कि निर्धारण अधिकारी ने मूल्यांकन आदेश पारित करते समय गैर-मौजूद, AI-जनित केस कानूनों पर भरोसा किया था।अदालत ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के युग में कर अधिकारी ऐसे AI-जनित परिणामों पर आँख मूंदकर भरोसा नहीं कर सकते। अर्ध-न्यायिक कार्यों में AI-जनित केस कानूनों का उपयोग करने से पहले उनका क्रॉस-सत्यापन किया जाना चाहिए।जस्टिस बी.पी. कोलाबावाला और जस्टिस अमित एस. जामसांडेकर की खंडपीठ ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस युग में...

मोराटोरियम अवधि के दौरान कॉर्पोरेट डेब्टर के खिलाफ उपभोक्ता शिकायत योग्य नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
मोराटोरियम अवधि के दौरान कॉर्पोरेट डेब्टर के खिलाफ उपभोक्ता शिकायत योग्य नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट के नागपुर बेंच ने यह माना है कि यदि मोराटोरियम की अवधि के दौरान कॉर्पोरेट डेब्टर की दिवालियापन स्थिति को स्वीकार किया गया हो, तो जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में दायर उपभोक्ता शिकायत योग्य नहीं है।यह याचिका जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के आदेश के खिलाफ दायर की गई थी। विवादित आदेश में आयोग ने याचिकाकर्ता को उत्तरदाता को जेसीबी मशीन वापस करने का निर्देश दिया था। इससे पहले, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने याचिकाकर्ता कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को स्थगित करने का नोटिफिकेशन...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने झुग्गी पुनर्वास योजनाओं की सत्यापन प्रक्रिया में व्यापक बदलाव का आह्वान किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने झुग्गी पुनर्वास योजनाओं की सत्यापन प्रक्रिया में व्यापक बदलाव का आह्वान किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने झुग्गी पुनर्वास योजनाओं में दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया में व्यापक बदलाव का आह्वान किया। साथ ही लाभों का दावा करने के लिए झूठे और मनगढ़ंत दस्तावेजों के इस्तेमाल में आसानी पर चिंता व्यक्त की। अदालत ने तथ्यों को छिपाने और कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के लिए याचिकाकर्ता पर ₹5,00,000 का जुर्माना भी लगाया।जस्टिस ए.एस. गडकरी और जस्टिस कमल खता की खंडपीठ झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) योजना के तहत पुनर्वास आवास आवंटन के लिए याचिकाकर्ता का दावा खारिज करने वाले पहले के आदेश पर...

HMA के तहत तलाक की दूसरी याचिका उसी अदालत में स्थानांतरित की जानी चाहिए, जहां पहली याचिका दायर की गई थी: बॉम्बे हाईकोर्ट
'HMA के तहत तलाक की दूसरी याचिका उसी अदालत में स्थानांतरित की जानी चाहिए, जहां पहली याचिका दायर की गई थी': बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि जब एक ही पक्ष के बीच तलाक या न्यायिक पृथक्करण के लिए दो याचिकाएं अलग-अलग अदालतों में दायर की जाती हैं तो हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 21-ए के अनुसार, दूसरी याचिका उसी अदालत में स्थानांतरित की जानी चाहिए, जहां पहली याचिका दायर की गई थी।जस्टिस राजेश एस. पाटिल पति-पत्नी द्वारा दायर दो स्थानांतरण आवेदनों पर सुनवाई कर रहे थे। पत्नी ने अपने पति की तलाक याचिका को मुंबई के बांद्रा स्थित फैमिली कोर्ट से कल्याण के सीनियर कैटेगरी के सिविल जज के यहां ट्रांसफर करने का अनुरोध...

बड़ी कंपनियों को छोटे उद्यमों के खिलाफ उचित मुकदमेबाजी नीति अपनानी चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट
बड़ी कंपनियों को छोटे उद्यमों के खिलाफ उचित मुकदमेबाजी नीति अपनानी चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज फैसिलिटेशन काउंसिल (MSMEFC) द्वारा पारित एक मध्यस्थता अवार्ड को चुनौती देने वाली महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स लिमिटेड की अपील को खारिज कर दिया। यह अवार्ड रंजना इंडस्ट्रीज के पक्ष में सुनाया गया था।कोर्ट ने कहा कि अवार्ड तर्कसंगत, निष्पक्ष और विकृति से मुक्त था।जस्टिस सोमाशेखर सुंदरेसन ने डिस्ट्रिक्ट जज और काउंसिल के समवर्ती निष्कर्षों को बरकरार रखते हुए टिप्पणी की कि उद्योग जगत के नेताओं को छोटी कंपनियों को लंबी मुकदमेबाजी में घसीटने के बजाय...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने Deepfakes की वास्तविक प्रकृति पर चिंता जताई, अक्षय कुमार के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने Deepfakes की वास्तविक प्रकृति पर चिंता जताई, अक्षय कुमार के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके बनाई जा रही Deepfake तस्वीरों और वीडियो की "वास्तविक" प्रकृति पर चिंता व्यक्त की।सिंगल जज जस्टिस आरिफ एस. डॉक्टर ने अपने 15 अक्टूबर के आदेश में कहा कि व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग करने वाले मशहूर हस्तियों के ऐसे मामलों में यह देखना चिंताजनक है कि AI द्वारा बनाई गई सामग्री भ्रामक और इतनी परिष्कृत है कि किसी के लिए भी यह समझना संभव नहीं होगा कि यह नकली है या...

शिल्पा शेट्टी, राज कुंद्रा ने विदेश यात्रा की याचिका वापस ली, बॉम्बे हाईकोर्ट ने रखी थी राशि जमा कराने की शर्त
शिल्पा शेट्टी, राज कुंद्रा ने विदेश यात्रा की याचिका वापस ली, बॉम्बे हाईकोर्ट ने रखी थी राशि जमा कराने की शर्त

बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति, व्यवसायी राज कुंद्रा ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर अपनी अंतरिम याचिका आज वापस ले ली, जिसमें उन्होंने विदेश यात्रा की अनुमति मांगी थी।यह दंपति कथित 60 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में एक FIR का सामना कर रहा है। उन्होंने पहले अपने खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर (LOC) रद्द करने की मांग करते हुए कोर्ट का रुख किया था। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने उनकी विदेश यात्रा की अनुमति पर विचार करने से पहले उन्हें कथित धोखाधड़ी की राशि जमा करने के लिए कहा था।चीफ जस्टिस श्री...

अक्षय कुमार ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया
अक्षय कुमार ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया

बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है और अपनी पर्सनैलिटी राइट्स को अनधिकृत वाणिज्यिक शोषण से बचाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अज्ञात लोग डीपफेक इमेज, वीडियो, उनकी आवाज़ का दुरुपयोग, अश्लील ब्लॉग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा उत्पन्न सामग्री का प्रयोग कर उनके अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं।बुधवार सुबह सिंगल जज जस्टिस अरिफ डॉक्टर ने वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. बिरेन्द्र साराफ द्वारा पेश किए गए तर्क सुने, जो अक्षय कुमार का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, और मामले को आदेश के लिए...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अवैध एडमिशन देने वाले विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों के प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अवैध एडमिशन देने वाले विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों के प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के कई नर्सिंग कॉलेजों के खिलाफ सहायक नर्स मिडवाइफरी (ANM) और सामान्य नर्सिंग एवं मिडवाइफरी (GNM) पाठ्यक्रमों में निर्धारित आवश्यकताओं का उल्लंघन करते हुए अयोग्य स्टूडेंट्स को एडमिशन देने के लिए कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने प्रबंधन को स्टूडेंट्स से ली गई पूरी फीस वापस करने और उन्हें हुए शैक्षणिक नुकसान के लिए प्रत्येक को ₹1 लाख का मुआवजा देने का भी आदेश दिया।जस्टिस रवींद्र वी. घुगे और जस्टिस अश्विन डी. भोबे की खंडपीठ उन स्टूडेंट द्वारा दायर...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने राखी सावंत द्वारा पूर्व पति आदिल दुर्रानी के खिलाफ 498A और 377 IPC के तहत दर्ज FIR खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने राखी सावंत द्वारा पूर्व पति आदिल दुर्रानी के खिलाफ 498A और 377 IPC के तहत दर्ज FIR खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सेलेब्रिटी राखी सावंत द्वारा उनके पूर्व पति आदिल दुर्रानी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A (क्रूरता) और 377 (असामान्य यौन कृत्य) के तहत दर्ज एफआईआर को खारिज कर दिया।जस्टिस रेवती मोहित-डेर और सन्देश पाटिल की एक डिवीजन बेंच ने 2023 में सावंत द्वारा दुर्गानी के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को खारिज किया। उस समय यह मामला वैवाहिक विवादों से जुड़ा हुआ था। हालांकि, अब अलग हो चुके दंपति ने अपने विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कर लिया, और सावंत ने एफआईआर को खारिज करने पर “कोई...

पेट्रोलियम उत्पादों की अवैध हैंडलिंग जनता को प्रभावित करती है, यह निजी विवाद नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
पेट्रोलियम उत्पादों की अवैध हैंडलिंग जनता को प्रभावित करती है, यह निजी विवाद नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की अवैध हैंडलिंग और उनमें मिलावट से जुड़े अपराधों का सीधा असर सार्वजनिक सुरक्षा अर्थव्यवस्था और राज्य के राजस्व पर पड़ता है। इसलिए इन्हें पक्षों के बीच मात्र निजी विवाद के रूप में नहीं देखा जा सकता। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे अपराध सार्वजनिक जीवन के महत्वपूर्ण क्षेत्र को प्रभावित करते हैं और अग्रिम जमानत याचिकाओं पर विचार करते समय इन्हें अत्यंत गंभीरता से लिया जाना चाहिए।जस्टिस अमित बोरकर चेतन, राम गंगवानी और यश...

गड्ढों से मौत पर 6 लाख मुआवजा: बॉम्बे हाईकोर्ट ने नागरिक निकायों और ठेकेदारों को जवाबदेह ठहराया
गड्ढों से मौत पर 6 लाख मुआवजा: बॉम्बे हाईकोर्ट ने नागरिक निकायों और ठेकेदारों को जवाबदेह ठहराया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में सोमवार को यह स्पष्ट किया कि अब से यदि गड्ढों या खराब सड़कों के कारण किसी की मृत्यु होती है तो सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार और संबंधित नागरिक प्राधिकरण उस मौत के लिए जिम्मेदार होंगे और उन्हें पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा देना होगा।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस संदेश पाटिल की खंडपीठ ने जवाबदेही तय करते हुए गड्ढों या खराब सड़कों के कारण मरने वाले व्यक्तियों के परिवारों को 6 लाख और गंभीर रूप से घायल होने वालों को 50 हजार से 2.50 लाख तक मुआवजा देने...

संपत्तियों की बिक्री के लिए नियुक्त रिसीवर को साझेदारी फर्म चलाने के लिए नियोक्ता नहीं माना जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
'संपत्तियों की बिक्री के लिए नियुक्त रिसीवर को साझेदारी फर्म चलाने के लिए नियोक्ता नहीं माना जा सकता': बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि किसी विघटित साझेदारी फर्म की संपत्ति बेचने के लिए नियुक्त कोर्ट रिसीवर को औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 25-O के तहत व्यवसाय चलाने या बंद करने के लिए आवेदन करने के उद्देश्य से "नियोक्ता" नहीं माना जा सकता। न्यायालय ने कहा कि एक बार जब रिसीवर को संपत्ति बेचने के लिए नियुक्त कर दिया जाता है तो फर्म का व्यवसाय बंद हो जाता है। फ़ैक्टरी को फिर से खोलने या श्रमिकों को वेतन देने के निर्देश कानूनी रूप से अस्थिर होते हैं।जस्टिस संदीप वी. मार्ने बॉम्बे हाईकोर्ट के कोर्ट...

स्थायी पदों का सृजन न कर पाना, अस्थायी कर्मचारियों को अनुचित रूप से लंबे समय तक नियोजित करने का कोई आधार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
'स्थायी पदों का सृजन न कर पाना, अस्थायी कर्मचारियों को अनुचित रूप से लंबे समय तक नियोजित करने का कोई आधार नहीं': बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि स्थायी पदों का सृजन न कर पाना या वित्तीय सीमाएं, स्थायी और आवश्यक कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले कर्मचारियों को वर्षों तक अस्थायी आधार पर नियोजित करने का औचित्य नहीं सिद्ध कर सकतीं। कोर्ट ने कहा कि ऐसे कर्मचारियों को अल्पकालिक या संविदा नियुक्तियों पर बनाए रखना अनुचित श्रम व्यवहार है और रोजगार में समानता एवं सम्मान के संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन है।जस्टिस मिलिंद एन. जाधव मालेगांव नगर निगम के ड्राइवरों और दमकलकर्मियों द्वारा दायर रिट याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे...

सोसायटी पुनर्विकास के लिए डेवलपर नियुक्ति हेतु टेंडर अनिवार्य नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने शासकीय प्रस्ताव को निर्देशात्मक बताया
सोसायटी पुनर्विकास के लिए डेवलपर नियुक्ति हेतु टेंडर अनिवार्य नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने शासकीय प्रस्ताव को निर्देशात्मक बताया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि 4 जुलाई, 2019 को जारी शासकीय प्रस्ताव (Government Resolution - GR) जिसमें सोसायटी के पुनर्विकास के लिए डेवलपर को अंतिम रूप देने हेतु टेंडर जारी करना अनिवार्य किया गया, वह अनिवार्य नहीं बल्कि निर्देशात्मक प्रकृति का है।जस्टिस श्याम सुमन और जस्टिस मंजुषा देशपांडे की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि डेवलपर नियुक्त करने के लिए केवल टेंडर जारी न करना ही यह मतलब नहीं होगा कि किसी कानून के उद्देश्य का उल्लंघन हुआ है।हाईकोर्ट के इस मुद्दे पर दिए गए विभिन्न फैसलों का...

भाई और पूर्व पत्नी के खिलाफ नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का 100 करोड़ का मानहानि मुकदमा खारिज
भाई और पूर्व पत्नी के खिलाफ नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का 100 करोड़ का मानहानि मुकदमा खारिज

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक्टर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी को बड़ा झटका देते हुए उनके भाई शमसुद्दीन सिद्दीकी और पूर्व पत्नी अंजना पांडे के खिलाफ दायर किए गए 100 करोड़ के मानहानि और प्रतिष्ठा की हानि के दावे वाले दीवानी मुकदमा खारिज किया।जस्टिस जितेंद्र जैन की सिंगल बेंच ने गैर-अभियोजन के आधार पर इस मुकदमा खारिज कर दिया।नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने यह मुकदमा 2008 से शुरू हुए घटनाक्रमों के आधार पर दायर किया था। मुकदमे के अनुसार, नवाज़ुद्दीन ने अपने भाई शम्सुद्दीन को उसकी बेरोज़गारी के कारण अपना प्रबंधक नियुक्त किया था।...

एजेंसी ने सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले में फैसला स्वीकार किया: CBI ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बताया
एजेंसी ने सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले में फैसला स्वीकार किया: CBI ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बताया

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि उसने 13 दिसंबर, 2018 को स्पेशल कोर्ट का फैसला "स्वीकार" कर लिया है, जिसमें सोहराबुद्दीन शेख, उसकी पत्नी कौसर बी और सहयोगी तुलसीराम प्रजापति के कथित "फर्जी" मुठभेड़ मामले में 22 पुलिसकर्मियों को बरी कर दिया गया।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड़ की खंडपीठ से पूछे जाने पर बताया गया कि एजेंसी ने अभी तक उक्त फैसले को चुनौती देने का कोई फैसला नहीं लिया।एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) अनिल सिंह ने जजों को बताया कि केंद्रीय...