बॉम्बे हाईकोर्ट

संपत्तियों की बिक्री के लिए नियुक्त रिसीवर को साझेदारी फर्म चलाने के लिए नियोक्ता नहीं माना जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
'संपत्तियों की बिक्री के लिए नियुक्त रिसीवर को साझेदारी फर्म चलाने के लिए नियोक्ता नहीं माना जा सकता': बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि किसी विघटित साझेदारी फर्म की संपत्ति बेचने के लिए नियुक्त कोर्ट रिसीवर को औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 25-O के तहत व्यवसाय चलाने या बंद करने के लिए आवेदन करने के उद्देश्य से "नियोक्ता" नहीं माना जा सकता। न्यायालय ने कहा कि एक बार जब रिसीवर को संपत्ति बेचने के लिए नियुक्त कर दिया जाता है तो फर्म का व्यवसाय बंद हो जाता है। फ़ैक्टरी को फिर से खोलने या श्रमिकों को वेतन देने के निर्देश कानूनी रूप से अस्थिर होते हैं।जस्टिस संदीप वी. मार्ने बॉम्बे हाईकोर्ट के कोर्ट...

स्थायी पदों का सृजन न कर पाना, अस्थायी कर्मचारियों को अनुचित रूप से लंबे समय तक नियोजित करने का कोई आधार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
'स्थायी पदों का सृजन न कर पाना, अस्थायी कर्मचारियों को अनुचित रूप से लंबे समय तक नियोजित करने का कोई आधार नहीं': बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि स्थायी पदों का सृजन न कर पाना या वित्तीय सीमाएं, स्थायी और आवश्यक कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले कर्मचारियों को वर्षों तक अस्थायी आधार पर नियोजित करने का औचित्य नहीं सिद्ध कर सकतीं। कोर्ट ने कहा कि ऐसे कर्मचारियों को अल्पकालिक या संविदा नियुक्तियों पर बनाए रखना अनुचित श्रम व्यवहार है और रोजगार में समानता एवं सम्मान के संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन है।जस्टिस मिलिंद एन. जाधव मालेगांव नगर निगम के ड्राइवरों और दमकलकर्मियों द्वारा दायर रिट याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे...

सोसायटी पुनर्विकास के लिए डेवलपर नियुक्ति हेतु टेंडर अनिवार्य नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने शासकीय प्रस्ताव को निर्देशात्मक बताया
सोसायटी पुनर्विकास के लिए डेवलपर नियुक्ति हेतु टेंडर अनिवार्य नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने शासकीय प्रस्ताव को निर्देशात्मक बताया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि 4 जुलाई, 2019 को जारी शासकीय प्रस्ताव (Government Resolution - GR) जिसमें सोसायटी के पुनर्विकास के लिए डेवलपर को अंतिम रूप देने हेतु टेंडर जारी करना अनिवार्य किया गया, वह अनिवार्य नहीं बल्कि निर्देशात्मक प्रकृति का है।जस्टिस श्याम सुमन और जस्टिस मंजुषा देशपांडे की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि डेवलपर नियुक्त करने के लिए केवल टेंडर जारी न करना ही यह मतलब नहीं होगा कि किसी कानून के उद्देश्य का उल्लंघन हुआ है।हाईकोर्ट के इस मुद्दे पर दिए गए विभिन्न फैसलों का...

भाई और पूर्व पत्नी के खिलाफ नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का 100 करोड़ का मानहानि मुकदमा खारिज
भाई और पूर्व पत्नी के खिलाफ नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का 100 करोड़ का मानहानि मुकदमा खारिज

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक्टर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी को बड़ा झटका देते हुए उनके भाई शमसुद्दीन सिद्दीकी और पूर्व पत्नी अंजना पांडे के खिलाफ दायर किए गए 100 करोड़ के मानहानि और प्रतिष्ठा की हानि के दावे वाले दीवानी मुकदमा खारिज किया।जस्टिस जितेंद्र जैन की सिंगल बेंच ने गैर-अभियोजन के आधार पर इस मुकदमा खारिज कर दिया।नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने यह मुकदमा 2008 से शुरू हुए घटनाक्रमों के आधार पर दायर किया था। मुकदमे के अनुसार, नवाज़ुद्दीन ने अपने भाई शम्सुद्दीन को उसकी बेरोज़गारी के कारण अपना प्रबंधक नियुक्त किया था।...

एजेंसी ने सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले में फैसला स्वीकार किया: CBI ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बताया
एजेंसी ने सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले में फैसला स्वीकार किया: CBI ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बताया

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि उसने 13 दिसंबर, 2018 को स्पेशल कोर्ट का फैसला "स्वीकार" कर लिया है, जिसमें सोहराबुद्दीन शेख, उसकी पत्नी कौसर बी और सहयोगी तुलसीराम प्रजापति के कथित "फर्जी" मुठभेड़ मामले में 22 पुलिसकर्मियों को बरी कर दिया गया।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड़ की खंडपीठ से पूछे जाने पर बताया गया कि एजेंसी ने अभी तक उक्त फैसले को चुनौती देने का कोई फैसला नहीं लिया।एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) अनिल सिंह ने जजों को बताया कि केंद्रीय...

नागरिकों का सार्वजनिक कार्यालयों में जाने का पूर्ण अधिकार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूर्व कर्मचारी पर WCL परिसर में प्रतिबंध को सही ठहराया
नागरिकों का सार्वजनिक कार्यालयों में जाने का पूर्ण अधिकार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूर्व कर्मचारी पर WCL परिसर में प्रतिबंध को सही ठहराया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि कोई भी नागरिक शिकायत दर्ज करने के नाम पर सार्वजनिक कार्यालयों में जाने का पूर्ण अधिकार नहीं जता सकता।नागपुर पीठ में कार्यरत जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस रजनीश व्यास की खंडपीठ ने वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) का फैसला बरकरार रखा, जिसमें पूर्व कर्मचारी किशोर चाकोले को "पर्सोना नॉन ग्राटा" (Persona Non Grata - अवांछित व्यक्ति) घोषित करते हुए उसके WCL परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी।कोर्ट ने गौर किया कि चाकोले जिसे 2004 में नौकरी से हटा दिया गया...

पोर्टल बंद होने पर नियुक्ति अस्वीकार करना असंवैधानिक: बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिक्षक के पक्ष में सुनाया फैसला
पोर्टल बंद होने पर नियुक्ति अस्वीकार करना असंवैधानिक: बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिक्षक के पक्ष में सुनाया फैसला

बॉम्बे हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने हाल ही में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी शिक्षक की नियुक्ति को केवल इस आधार पर अस्वीकार करना अवैध है कि भर्ती अनिवार्य पवित्रा पोर्टल के माध्यम से नहीं की गई यदि वह पोर्टल भर्ती के समय गैर-कार्यशील था। कोर्ट ने कहा कि शिक्षा अधिकारी द्वारा स्कूल के पूर्व संचारों का जवाब न देना भी अस्वीकृति का आधार नहीं हो सकता।जस्टिस एम.एस. कर्णिक और जस्टिस शर्मिला यू. देशमुख की खंडपीठ ने शिक्षा अधिकारी के आदेश को अटिकाऊ और मनमाना बताते हुए रद्द कर दिया।मामलायाचिकाकर्ता...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कुंबी-मराठा को OBC दर्जा देने वाले GR को रोके जाने से किया इनकार, राज्य से मांगा जवाब
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कुंबी-मराठा को OBC दर्जा देने वाले GR को रोके जाने से किया इनकार, राज्य से मांगा जवाब

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा 2 सितंबर को जारी सरकारी संकल्प (GR) को रोकने की याचिकाओं में अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया, जिसमें कुंबी, मराठा-कुंबी और कुंबी-मराठा को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में शामिल करने का निर्णय लिया गया था।चीफ़ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंकद की डिवीजन बेंच ने हालांकि राज्य के सामाजिक न्याय विभाग को आदेश दिया कि वह इस GR के खिलाफ दायर याचिकाओं का जवाब प्रस्तुत करे। अंतरिम राहत की तत्काल आवश्यकता के एक तर्क में कहा गया कि महाराष्ट्र में जल्द ही नगर...

फादर स्टेन स्वामी की स्वाभाविक मृत्यु हुई, उन्हें शीघ्र मेडिकल ट्रीटमेंट दिया गया: राज्य ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बताया
'फादर स्टेन स्वामी की स्वाभाविक मृत्यु हुई, उन्हें शीघ्र मेडिकल ट्रीटमेंट दिया गया': राज्य ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बताया

बॉम्बे हाईकोर्ट को सोमवार को सूचित किया गया कि फादर स्टेन स्वामी की मृत्यु पर अनिवार्य मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट मई की शुरुआत में महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग (MSHRC) के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिसमें निष्कर्ष निकाला गया कि उनकी मृत्यु 'स्वाभाविक' है।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस रंजीतसिंह भोंसले की खंडपीठ को राज्य द्वारा सूचित किया गया कि MSHRC के अध्यक्ष जस्टिस (रिटायर) अनंत बदर और सदस्य संजय कुमार की पीठ ने 2 मई, 2025 को मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट स्वीकार की थी, जिसमें निष्कर्ष निकाला गया कि स्वामी...

शराब लाइसेंस मामले में FIR के खिलाफ समीर वानखेड़े की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने नया नोटिस जारी किया
शराब लाइसेंस मामले में FIR के खिलाफ समीर वानखेड़े की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने नया नोटिस जारी किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को विवादास्पद IRS अधिकारी समीर वानखेड़े द्वारा 2022 में दायर याचिका पर नया नोटिस जारी किया। इस याचिका में नवी मुंबई में एक होटल शुरू करने के लिए शराब लाइसेंस प्राप्त करने हेतु अपनी उम्र कथित रूप से गलत बताने के आरोप में उनके खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग की गई। वानखेड़े ने नाबालिग रहते हुए नवी मुंबई में एक होटल शुरू करने के लिए शराब लाइसेंस प्राप्त किया।बता दें, ठाणे के कोपरी पुलिस स्टेशन ने वानखेड़े के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 181 (लोक सेवक को झूठा...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने घरेलू टूर्नामेंट खेलने के इच्छुक OCI क्रिकेटरों को अंतरिम राहत देने से इनकार किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने घरेलू टूर्नामेंट खेलने के इच्छुक OCI क्रिकेटरों को अंतरिम राहत देने से इनकार किया

यह देखते हुए कि OCI कार्डधारकों को भारत में घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंटों में खेलने की अनुमति देना भारतीय नागरिकों की कीमत पर होगा, बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में भारतीय प्रवासी नागरिकों (OCI) के एक समूह को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उस प्रस्ताव को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें ऐसे टूर्नामेंटों में भाग लेने से प्रतिबंधित किया गया।जस्टिस एम एस सोनक और जस्टिस अद्वैत एम सेठना की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने स्पष्ट मनमानी का मामला नहीं बनाया या...

सीलबंद संपत्ति से छेड़छाड़ और विलंब के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने 25 लाख का भारी जुर्माना लगाया
सीलबंद संपत्ति से छेड़छाड़ और विलंब के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने 25 लाख का भारी जुर्माना लगाया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में यह स्पष्ट किया कि कोई भी अधिभोगी (Occupant) जो कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त किरायेदार नहीं है। उसे मालिक की अनुमति के बिना परिसर में किसी भी तरह के तीसरे पक्ष के अधिकार बनाने या सौंपने का कोई हक़, शीर्षक या हित नहीं है।जस्टिस कमल खाता ने ऑटो क्रेडिट कॉर्पोरेशन और रेखा प्रकाश जैन के आचरण पर गंभीर संज्ञान लिया। इन दोनों ने सील की गई संपत्ति में हस्तक्षेप करने और वसीयत संबंधी कार्यवाही में देरी करने की कोशिश की। कोर्ट ने न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग के लिए...

केवल अनुबंध की जानकारी या उससे होने वाले आकस्मिक लाभों की संभावना, निजता स्थापित करने के लिए पर्याप्त नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
'केवल अनुबंध की जानकारी या उससे होने वाले आकस्मिक लाभों की संभावना, निजता स्थापित करने के लिए पर्याप्त नहीं': बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि किसी अनुबंध या उससे होने वाले आकस्मिक लाभों की जानकारी मात्र से अनुबंध की निजता स्थापित नहीं हो सकती या तीसरे पक्ष के विरुद्ध प्रवर्तनीय अधिकार प्रदान नहीं किए जा सकते। अदालत ने निर्णय दिया कि प्रत्यक्ष संविदात्मक संबंध के अभाव में, कोई वाद-कारण उत्पन्न नहीं होता।जस्टिस कमल खता अमेय रियल्टी एंड कंस्ट्रक्शन एलएलपी (प्रतिवादी नंबर 9) द्वारा दायर अंतरिम आवेदन पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें श्री कंस्ट्रक्शन कंपनी (वादी) द्वारा दायर वाद को खारिज करने का अनुरोध किया गया था।...