बॉम्बे हाईकोर्ट

BCI नियम वकीलों को अपने परिवार के सदस्यों की पैरवी करने से नहीं रोकते: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के नियम किसी अधिवक्ता को अपने परिवार के सदस्यों की ओर से अदालत में पेश होने से नहीं रोकते। अदालत ने कहा कि BCI Rules के Rule 6 का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि कोई अधिवक्ता उस अदालत, न्यायाधिकरण या प्राधिकरण के समक्ष पेश न हो, जहां उसका कोई निर्दिष्ट रिश्तेदार न्यायनिर्णायक (Adjudicatory Body) का सदस्य हो।जस्टिस राजेश एस. पाटिल ने यह टिप्पणी एक बेदखली (Eviction) विवाद से संबंधित याचिका की सुनवाई के दौरान की। सुनवाई के दौरान...

महज अवैध गिरफ्तारी का आरोप पुलिस पर अवमानना की कार्रवाई का आधार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल यह आरोप लगा देने से कि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी अरनेश कुमार बनाम बिहार राज्य, जोगिंदर कुमार बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य मामलों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के उल्लंघन में हुई है पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकती।जस्टिस सुमन श्याम और जस्टिस अद्वैत सेठना की खंडपीठ ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के एक मामले में मुंबई पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने से इनकार करते...

E-20 पेट्रोल नीति से जुड़े कथित डीपफेक मामले में नितिन गडकरी के 11 करोड़ रुपये के मानहानि वाद पर 5 अगस्त को होगी सुनवाई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री और सीनियर भाजपा नेता नितिन गडकरी की ओर से दायर 11 करोड़ रुपये के मानहानि वाद की सुनवाई 5 अगस्त तक स्थगित की।इस वाद में गडकरी ने सोशल मीडिया और इंटरनेट से E-20 पेट्रोल नीति से जोड़ने वाली कथित मानहानिकारक और डीपफेक सामग्री हटाने की मांग की। गडकरी का कहना है कि सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित इस सामग्री से उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इसी आधार पर उन्होंने 11 करोड़ रुपये हर्जाने की भी मांग की।गडकरी की ओर से एडवोकेट संदीप एस. लड्डा ने यह वाद...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पीएम आवास योजना के तहत 25,000 घरों के अलॉटमेंट पर लगी रोक हटाने से किया इनकार, अमीर आवेदकों की पात्रता पर उठाए सवाल
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार (27 जुलाई) को नवी मुंबई में CIDCO द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) (PMAYU-2.0) के तहत बनाए गए लगभग 25,000 फ्लैटों के अलॉटमेंट पर लगी रोक हटाने से इनकार किया। ये फ्लैट कम आय वाले वर्ग (LIG) के लिए थे।बता दें, इस साल मार्च में हाईकोर्ट ने अलॉटमेंट पर रोक लगाई। कोर्ट ने यह देखकर हैरानी जताई कि CIDCO ने सालाना 6 लाख रुपये से ज़्यादा कमाने वाले लोगों को भी LIG फ्लैटों के लिए आवेदन करने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने इस फैसले को 'गरीबों का मज़ाक' बताया था, क्योंकि इसमें...

DEEPFAKE और मानहानिकारक पोस्ट के खिलाफ नितिन गडकरी को मुकदमा दायर करने की अनुमति, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी मंजूरी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता नितिन गडकरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इंटरनेट पर प्रसारित कथित DEEPFAKE, AI से तैयार तथा मानहानिकारक सामग्री के खिलाफ दीवानी मुकदमा दायर करने की अनुमति दी। यह सामग्री उन्हें इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E-20) नीति से जोड़ते हुए प्रसारित किए जाने का आरोप है।जस्टिस अभय आहूजा की एकल पीठ ने गडकरी को X, मेटा, गूगल और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दीवानी वाद दायर करने तथा कथित मानहानिकारक सामग्री हटाने सहित उचित राहत मांगने की अनुमति प्रदान...

RBI कर्मचारी की याचिका की सुनवाई से जज को सिर्फ़ इसलिए अलग होने की ज़रूरत नहीं, क्योंकि वे पहले RBI के वकील रह चुके हैं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक याचिकाकर्ता की मांग खारिज की, जिसमें कहा गया कि जज को मामले की सुनवाई से अलग हो जाना चाहिए, सिर्फ़ इसलिए क्योंकि वकालत के दौरान वे रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के वकील रह चुके थे। कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसी दलील को सामान्य सिद्धांत के तौर पर मान लिया जाए तो ऐसे किसी भी जज के लिए, जिसने अपनी कानूनी प्रैक्टिस के दौरान सरकार या सार्वजनिक संस्थाओं का प्रतिनिधित्व किया हो, बेंच में आने के बाद उनसे जुड़े मामलों की सुनवाई करना असंभव हो जाएगा; यह बात कानून के स्थापित सिद्धांतों के...

मोटर दुर्घटना मुआवजा घटाने के लिए आयकर कानून के 'समायोजन' नियम लागू नहीं किए जा सकते : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि मोटर दुर्घटना में मुआवजा तय करते समय आयकर कानून के तहत आय और हानि के समायोजन (सेट-ऑफ) के नियम लागू नहीं किए जा सकते।अदालत ने स्पष्ट किया कि आयकर कानून और मोटर वाहन अधिनियम अलग-अलग उद्देश्यों के लिए बनाए गए, इसलिए आयकर कानून के प्रावधानों का उपयोग कर दुर्घटना पीड़ितों के आश्रितों को मिलने वाला मुआवजा कम नहीं किया जा सकता।जस्टिस जितेंद्र जैन एक चिकित्सक की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद उनकी पत्नी और बच्चों की ओर से दायर अपील पर सुनवाई कर रहे...

NEET-UG 2026 : बॉम्बे हाईकोर्ट ने NTA को नतीजों में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाले उम्मीदवारों की ओरिजिनल आंसर शीट पेश करने का आदेश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (23 जुलाई) को सेंट्रल गवर्नमेंट और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को नोटिस जारी किए। ये नोटिस तीन NEET-UG उम्मीदवारों की याचिकाओं पर जारी किए गए, जिन्होंने 16 जुलाई को घोषित नतीजों में गड़बड़ी की ओर इशारा किया। उनका कहना था कि उन्हें अपनी OMR शीट और ऑफिशियल आंसर की से कैलकुलेट किए गए मार्क्स से कम मार्क्स मिले हैं।औरंगाबाद बेंच में जस्टिस नितिन सूर्यवंशी और जस्टिस अबासाहेब शिंदे की डिवीजन बेंच ने ऋचा देशपांडे, सोहम गवते और अथर्व जगताप की याचिकाओं पर नोटिस जारी किए और NTA...

मुंबई पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ 141 वकीलों का बयान, शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर रोक हटाने की मांग
बॉम्बे हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले 141 अधिवक्ताओं ने मुंबई पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई और पूरे शहर में लागू निषेधाज्ञा (Prohibitory Orders) की आलोचना करते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि ये आदेश नागरिकों के शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने के संवैधानिक अधिकार का अनुचित हनन करते हैं।संयुक्त बयान में कहा गया है कि 20 जुलाई को शिवाजी पार्क के आसपास शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे 300 से अधिक लोगों, जिनमें नाबालिग भी शामिल थे, को पुलिस ने...

बॉम्बे हाईकोर्ट में दलील: सरकार को भक्तों को बताना चाहिए कि PoP मूर्तियों पर रोक का आस्था से कोई लेना-देना नहीं है, 'प्रदूषण के कारण धरती माता रो रही हैं'
प्राकृतिक जल स्रोतों में प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) की मूर्तियों के विसर्जन पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग वाली PIL पर अंतिम बहस के चौथे दिन बुधवार (22 जुलाई) को बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया गया कि देश में प्रदूषण का स्तर सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया और प्रदूषण के कारण 'धरती माता' रो रही हैं।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की डिवीजन बेंच एक्टिविस्ट रोहित जोशी द्वारा दायर PIL पर अंतिम बहस सुन रही है। जोशी ने महाराष्ट्र सरकार की उस पॉलिसी को भी चुनौती दी है, जो 6 फीट से ऊंची PoP मूर्तियों को प्राकृतिक...

पति से अधिक कमाने वाली पत्नी 'विदेश में रहने का खर्चा अधिक' होने का दावा कर भरण-पोषण नहीं मांग सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट
एक महिला जो अपने पति से 'काफी हद तक' अधिक कमाती है और विदेश में रहती है, वह केवल इस आधार पर उससे गुजारा भत्ता नहीं मांग सकती कि विदेश में रहने की लागत 'अत्यधिक' है, हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अमेरिका में रहने वाली एक महिला की उस याचिका को खारिज किया, जिसमें उसने अपने पति से 1 लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ता की मांग की।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने महिला के अंतरिम आवेदन खारिज की, जिसके द्वारा उसने फैमिली कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, जिसके द्वारा अदालत ने जोड़े की...

अपनी पहली शादी छिपाने वाली महिला दूसरे पति से गुज़ारा-भत्ता पाने की हकदार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि जो महिला अपनी पहली शादी छिपाकर दूसरी शादी कर लेती है (जबकि पहली शादी अभी भी कायम है), वह CrPC की धारा 125 के तहत अपने दूसरे पति से गुज़ारा-भत्ता नहीं मांग सकती।सिंगल-जज जस्टिस मिलिंद साथये ने 16 जुलाई को एक आदेश में उस महिला की अपील खारिज की, जिसने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसके 'दूसरे पति' को उनकी अमान्य शादी से हुए बेटे के लिए केवल 1,000 रुपये का मासिक गुज़ारा-भत्ता देने का निर्देश दिया गया, लेकिन महिला के लिए कोई अलग भत्ता नहीं दिया...

डॉक्टरों से मारपीट मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिंदे सेना पार्षद रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द की, डॉक्टरों से हड़ताल टालने की अपील
बॉम्बे हाईकोर्ट ने नगर निगम अस्पताल के तीन डॉक्टरों से मारपीट के मामले में शिंदे सेना के पार्षद रमेश म्हात्रे को निचली अदालत से मिली जमानत रद्द की।अदालत ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट ने आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और घटना की गंभीरता पर पर्याप्त विचार नहीं किया। एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखाड़ की खंडपीठ ने कल्याण की मजिस्ट्रेट अदालत के जमानत आदेश पर स्वतः संज्ञान लेकर उसे स्थगित करते हुए रमेश म्हात्रे और उनके चार सहयोगियों की जमानत भी रद्द की।अदालत...

केस ट्रांसफर से पहले हाईकोर्ट से मंज़ूरी मिलने के बावजूद सिविल कोर्ट टेरिटोरियल ज्यूरिस्डिक्शन की नए सिरे से जांच कर सकता है: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि केस ट्रांसफर करने से पहले हाईकोर्ट द्वारा 'लेटर्स पेटेंट' के क्लॉज़ XII के तहत मंज़ूरी देने का मतलब यह नहीं है कि बॉम्बे सिटी सिविल कोर्ट, केस ट्रांसफर होने के बाद टेरिटोरियल ज्यूरिस्डिक्शन के मुद्दे की नए सिरे से जांच नहीं कर सकता।कोर्ट ने कहा कि बॉम्बे सिटी सिविल कोर्ट एक्ट, 1948 की धारा 4A(2) के तहत सिटी सिविल कोर्ट को ट्रांसफर किए गए केस को ऐसे देखना होता है जैसे वह मूल रूप से उसी के सामने दायर किया गया हो। अगर उसे लगता है कि उसके पास टेरिटोरियल ज्यूरिस्डिक्शन नहीं...

बॉम्बे हाईकोर्ट का PoP गणेश मूर्ति बनाने वालों से सवाल- क्या आपके कमर्शियल फ़ायदे पर्यावरण की सुरक्षा से ज़्यादा ज़रूरी हैं?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (16 जुलाई) को प्लास्टर ऑफ़ पेरिस (PoP) से गणेश मूर्तियां बनाने वालों से पूछा कि क्या उनके कमर्शियल फ़ायदे पर्यावरण की सुरक्षा और समाज के व्यापक हितों से ज़्यादा ज़रूरी हो सकते हैं।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की डिवीज़न बेंच ने यह बात जनहित याचिका (PIL) पर अंतिम बहस के दौरान कही। इस याचिका में प्राकृतिक जल निकायों में PoP मूर्तियों के विसर्जन पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की गई, चाहे उनकी ऊंचाई कुछ भी हो।PoP मूर्ति बनाने वालों के संगठनों का प्रतिनिधित्व करने...

सहयोग पोर्टल और सामग्री हटाने के नियमों को चुनौती: बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्र से 29 जुलाई तक मांगा जवाब
बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा की याचिका पर केंद्र सरकार को 29 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। याचिका में 'सहयोग पोर्टल' और सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 3(1)(डी) में वर्ष 2025 में किए गए संशोधन की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई। कामरा का दावा है कि यह व्यवस्था पर्याप्त कानूनी सुरक्षा के बिना ऑनलाइन सामग्री हटाने का रास्ता खोलती है।एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र गूगे और जस्टिस गौतम अंखाड़ की खंडपीठ ने मामले की...

NDPS मामला: मजिस्ट्रेट के समक्ष तलाशी के अधिकार का लिखित त्याग न होने पर आरोपी को जमानत
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि धारा 50 के तहत आरोपी को प्राप्त अधिकार का केवल मौखिक (Oral) त्याग पर्याप्त नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी मजिस्ट्रेट या राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) की मौजूदगी में तलाशी लेने के अपने अधिकार का इस्तेमाल नहीं करना चाहता, तो उसका यह त्याग लिखित रूप में दर्ज होना चाहिए और उस पर आरोपी के हस्ताक्षर भी होने चाहिए।जस्टिस श्याम सी. चंदक की एकलपीठ एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 8(c), 22(b) और 22(c) के...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सभी पुलिस स्टेशनों में CCTV के काम करने और फुटेज को सुरक्षित रखने की स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार (15 जुलाई) को राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया। इस रिपोर्ट में यह बताना होगा कि क्या महाराष्ट्र के सभी पुलिस स्टेशनों में CCTV कैमरे काम कर रहे हैं और संबंधित पुलिस स्टेशन उनके डेटा को कितने समय तक सुरक्षित रखते हैं।एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखाड की खंडपीठ ने DGP से 10 अगस्त को अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा।आदेश में कहा गया,"हम पुलिस महानिदेशक से कहते हैं कि वे परमवीर सिंह मामले में आए फैसले को ध्यान में रखते हुए...

पिता द्वारा ज़बरदस्ती ले जाए गए बच्चे को वापस पाने के लिए मजिस्ट्रेट BNSS के तहत तलाशी का प्रावधान लागू कर सकते हैं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत तलाशी के प्रावधानों का इस्तेमाल करके उस बच्चे को वापस ला सकते हैं जिसे कथित तौर पर उसके पिता ने माँ की कस्टडी से ज़बरदस्ती ले लिया था।मालेगाँव में मजिस्ट्रेट के उन आदेशों को सही ठहराते हुए, जिनमें पुलिस को पिता के घर की तलाशी लेने और फिर तीन साल के बच्चे की कस्टडी माँ को सौंपने का निर्देश दिया गया, कोर्ट ने पाया कि सेशंस कोर्ट ने उन निर्देशों में दखल देकर गलती की थी।सिंगल-जज जस्टिस माधव जामदार ने मालेगाँव, नासिक की...

आरोप बदलने के बाद गवाहों को दोबारा बुलाने की अर्जी सुनने से इनकार, निष्पक्ष सुनवाई के खिलाफ: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि ट्रायल के दौरान आरोप (Charges) में बदलाव किया जाता है, तो आरोपी को पहले से जांचे जा चुके गवाहों को दोबारा बुलाकर उनसे जिरह करने का अवसर देना निष्पक्ष सुनवाई (Fair Trial) का अहम हिस्सा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि धारा 217 सीआरपीसी के तहत दायर ऐसी अर्जी को सुनने से ही इनकार करना प्रक्रियागत निष्पक्षता (Procedural Fairness) के मूल सिद्धांत के विपरीत होगा।जस्टिस विक्टोरिया गौरी ने कहा कि धारा 217 सीआरपीसी अदालत को यह विवेकाधिकार जरूर देती है कि यदि गवाहों को दोबारा...
