बॉम्बे हाईकोर्ट

“नाम में हुई क्लर्क की गलती कानूनी अधिकार को खत्म नहीं कर सकती”: बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेलवे दुर्घटना में मौत के मुआवज़े के दावे पर फिर से विचार करने का आदेश दिया
“नाम में हुई क्लर्क की गलती कानूनी अधिकार को खत्म नहीं कर सकती”: बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेलवे दुर्घटना में मौत के मुआवज़े के दावे पर फिर से विचार करने का आदेश दिया

बॉम्बे हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि रेलवे दुर्घटना से जुड़े मुआवज़े के दावे को सिर्फ़ इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता कि सीज़न टिकट पर यात्री के नाम में कोई छोटी-मोटी गलती है, जबकि टिकट पर लिखा पहचान पत्र (ID) नंबर यात्री की पहचान की पुष्टि करता हो। कोर्ट ने कहा कि अगर यात्री की पहचान रेलवे अधिकारियों द्वारा जारी पहचान पत्र जैसे भरोसेमंद सबूतों से साबित हो जाती है तो टिकट पर नाम में हुई क्लर्क की गलती या अधूरा नाम छपा होने से मुआवज़े का दावा करने का कानूनी अधिकार खत्म नहीं हो जाता।जस्टिस जितेंद्र...

75 साल पुराना पारिवारिक विवाद खत्म: बॉम्बे हाइकोर्ट ने यरवड़ा संपत्ति के बंटवारे का दिया आदेश
75 साल पुराना पारिवारिक विवाद खत्म: बॉम्बे हाइकोर्ट ने यरवड़ा संपत्ति के बंटवारे का दिया आदेश

बॉम्बे हाइकोर्ट ने पुणे के यरवड़ा क्षेत्र की एक संपत्ति के बंटवारे का आदेश देकर 75 साल पुराने पारिवारिक विवाद को आंशिक रूप से समाप्त कर दिया।जस्टिस फरहान पी. दबाश इस लंबे समय से लंबित दीवानी मामले की सुनवाई कर रहे थे, जो वर्ष 1950 में मिया मोहम्मद हाजी जनमोहम्मद छोटानी के वारिसों द्वारा दायर किया गया। याचिका में संपत्ति में हिस्सेदारी तय करने और बंटवारे की मांग की गई।मामले में शुरुआत में ही हाइकोर्ट ने संपत्ति के प्रबंधन के लिए कोर्ट रिसीवर नियुक्त किया था। बाद में वारिसों के हिस्से तय करते हुए...

वेतन को अफसरशाही की देरी का बंधक नहीं बनाया जा सकता: बॉम्बे हाइकोर्ट सख्त, 60 दिन की समयसीमा तय
वेतन को अफसरशाही की देरी का बंधक नहीं बनाया जा सकता: बॉम्बे हाइकोर्ट सख्त, 60 दिन की समयसीमा तय

बॉम्बे हाइकोर्ट ने शिक्षकों के वेतन में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण वेतन रोका नहीं जा सकता। अदालत ने शालार्थ प्रणाली से जुड़े मामलों में 60 दिनों की समयसीमा तय की।जस्टिस विभा कंकणवाड़ी और जस्टिस हितेन एस. वेनेगावकर की खंडपीठ सहायक शिक्षक विजय उत्तम चव्हाण की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने शालार्थ प्रणाली में नाम शामिल कर वेतन जारी करने की मांग की थी।अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता की नियुक्ति और सहायता प्राप्त पद पर स्थानांतरण पहले ही सक्षम...

LPG कमी पर बॉम्बे हाइकोर्ट ने याचिका बंद की, केंद्र के आश्वासन पर जताया भरोसा
LPG कमी पर बॉम्बे हाइकोर्ट ने याचिका बंद की, केंद्र के आश्वासन पर जताया भरोसा

बॉम्बे हाइकोर्ट ने एलपीजी सिलेंडरों की कथित कमी को लेकर दायर याचिका को बंद कर दिया है क्योंकि केंद्र सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया कि स्थिति को घरेलू और कूटनीतिक स्तर पर संभाला जा रहा है।जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस राज वाकोड़े की खंडपीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा दायर हलफनामे पर विचार करते हुए यह फैसला सुनाया।केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में हो रहे बदलावों के बावजूद नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।अदालत को...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने चमत्कारी इलाज के दावों पर ईसाई प्रार्थना कार्यक्रम को आधी रात में रद्द करने का आदेश रद्द किया, काला जादू एक्ट के पालन का निर्देश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 'चमत्कारी इलाज' के दावों पर ईसाई प्रार्थना कार्यक्रम को आधी रात में रद्द करने का आदेश रद्द किया, 'काला जादू एक्ट' के पालन का निर्देश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते आदेश रद्द किया, जिसके तहत सांगली पुलिस ने 'होप ऑफ़ ग्लोरी मिनिस्ट्री ट्रस्ट' को 13 मार्च से 15 मार्च तक 'महाराष्ट्र प्रार्थना महोत्सव' आयोजित करने के लिए दी गई अनुमति 'अचानक' रद्द कर दी थी। इस कार्यक्रम में मशहूर प्रचारक पॉल दिनाकरन ने 50,000 से ज़्यादा लोगों के सामने 'भविष्यवाणी वाले' संदेश दिए थे और रोज़ाना प्रार्थनाएं करवाई थीं।पुलिस ने कार्यक्रम के पहले दिन (13 मार्च) के बाद अनुमति रद्द करते हुए आरोप लगाया कि 'महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुराई और...

प्रथम दृष्टया सबूत दिखाते हैं कि भारतीयों की विदेश में तस्करी की गई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने नौकरी रैकेट मामले में कथित मास्टरमाइंड को ज़मानत देने से किया इनकार
'प्रथम दृष्टया सबूत दिखाते हैं कि भारतीयों की विदेश में तस्करी की गई': बॉम्बे हाईकोर्ट ने नौकरी रैकेट मामले में कथित 'मास्टरमाइंड' को ज़मानत देने से किया इनकार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में 46 वर्षीय एक व्यक्ति को ज़मानत पर रिहा करने से इनकार किया। इस व्यक्ति पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक अंतरराष्ट्रीय नौकरी रैकेट का 'मास्टरमाइंड' होने का आरोप लगाया। इस रैकेट के तहत भारत के शिक्षित युवाओं की विदेश में 'तस्करी' की जाती थी और फिर उन्हें लाओस में नकली कॉल सेंटरों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था, जहां वे अमेरिकियों और ब्रिटिश नागरिकों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के लिए मनाकर ठगी करते थे।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चंदक की खंडपीठ ने...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गैस वितरकों की घरेलू LPG सिलेंडर की सप्लाई बढ़ाने की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गैस वितरकों की घरेलू LPG सिलेंडर की सप्लाई बढ़ाने की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने गुरुवार को केंद्र सरकार, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड को छह LPG वितरकों द्वारा दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में आरोप लगाया गया कि घरेलू कुकिंग गैस सिलेंडरों की सप्लाई अपर्याप्त है।जस्टिस अनिल एस. किलोर और जस्टिस राज डी. वाकोडे की बेंच ने यह आदेश तब दिया, जब वे कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड से जुड़े छह वितरकों द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इस याचिका में घरेलू LPG सिलेंडरों की...

रिश्तेदार को घर से निकालने के लिए सीनियर सिटिज़न का आवेदन, बिना किसी आर्थिक मदद की मांग के भी मान्य: बॉम्बे हाईकोर्ट
'रिश्तेदार को घर से निकालने के लिए सीनियर सिटिज़न का आवेदन, बिना किसी आर्थिक मदद की मांग के भी मान्य': बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि किसी सीनियर सिटिज़न द्वारा अपने बच्चे या रिश्तेदार को उस प्रॉपर्टी से निकालने के लिए दायर किया गया आवेदन मान्य है, जिसमें सीनियर सिटिज़न का अधिकार है, भले ही उसने किसी आर्थिक मदद की मांग न की हो। कोर्ट ने कहा कि 'माता-पिता और सीनियर सिटिज़न के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007' के तहत "भरण-पोषण" की परिभाषा में सीनियर सिटिज़न के लिए एक सामान्य और गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए ज़रूरी रहने की जगह और सुरक्षा का प्रावधान भी शामिल है।जस्टिस एन. जे. जमादार भोलेनाथ मेवालाल...

यह दावा कि बेटी ने पढ़ाई बंद करने पर पिता पर बलात्कार का झूठा आरोप लगाया, दूर की कौड़ी: बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO सजा बरकरार रखी
यह दावा कि बेटी ने पढ़ाई बंद करने पर पिता पर बलात्कार का झूठा आरोप लगाया, 'दूर की कौड़ी': बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO सजा बरकरार रखी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि लड़की अपने पिता पर बलात्कार जैसा गंभीर आरोप सिर्फ इस आशंका पर नहीं लगाएगी कि वह उसकी पढ़ाई बंद कर देगा और उसकी शादी कर देगा, जबकि उसने अपनी ही नाबालिग बेटी से बलात्कार के लिए दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति द्वारा उठाए गए गलत फंसाने का सिद्धांत खारिज किया।जस्टिस मनीष पिटाले और जस्टिस श्रीराम शिरसाट की खंडपीठ ने मुंबई के स्पेशल कोर्ट का 12 मार्च, 2020 का आदेश बरकरार रखा, जिसमें एक व्यक्ति को अपनी नाबालिग बेटी के साथ लगातार बलात्कार करने का दोषी ठहराया गया और उसे उसके शेष...

वोटिंग के दिन स्टार कैंपेनर का सिर्फ़ रोडशो करना गलत असर नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिंदे सेना के नेता का चुनाव सही ठहराया
वोटिंग के दिन स्टार कैंपेनर का सिर्फ़ रोडशो करना 'गलत असर' नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिंदे सेना के नेता का चुनाव सही ठहराया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि वोटिंग के दिन किसी 'स्टार कैंपेनर' का किसी चुनाव क्षेत्र में सिर्फ़ जाना ही 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951' के तहत 'गलत असर' या 'भ्रष्ट आचरण' मानने के लिए काफ़ी नहीं होगा। हाईकोर्ट ने यह मानने से भी इनकार किया कि 2025 के राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान, मुंबई के चांदिवली इलाके में तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का वोटिंग के दिन सिर्फ़ जाना—जो बाद में एक 'रोडशो' में बदल गया था—चुनावों में दखल देने की कोशिश थी।सिंगल जज जस्टिस सोमशेखर सुंदरेशन ने मुंबई के...

बिना प्रथम दृष्टया अपराध के किसी आरोपी की तलाश में जांच जारी नहीं रखी जा सकती : बॉम्बे हाइकोर्ट
बिना प्रथम दृष्टया अपराध के किसी आरोपी की तलाश में जांच जारी नहीं रखी जा सकती : बॉम्बे हाइकोर्ट

बॉम्बे हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार का प्रथम दृष्टया अपराध सामने नहीं आता है तो केवल इस उम्मीद में कि आगे चलकर किसी आरोपी का पता लग सकता है। आपराधिक जांच को जारी नहीं रखा जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि आपराधिक कानून की प्रक्रिया को केवल रोविंग और फिशिंग इंक्वायरी के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।यह टिप्पणी चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम ए. अंखड़ की खंडपीठ ने याचिका की सुनवाई के दौरान की। यह याचिका जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड...

नई डीम्ड कन्वेयन्स याचिका मेरिट के आधार पर पहले खारिज होने के बाद सुनवाई योग्य नहीं, क्वासी-ज्यूडिशियल अथॉरिटीज़ रेस जुडिकाटा से बंधी हैं: बॉम्बे हाईकोर्ट
नई डीम्ड कन्वेयन्स याचिका मेरिट के आधार पर पहले खारिज होने के बाद सुनवाई योग्य नहीं, क्वासी-ज्यूडिशियल अथॉरिटीज़ रेस जुडिकाटा से बंधी हैं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि एक बार जब एक क्वासी-ज्यूडिशियल अथॉरिटी ने डीम्ड कन्वेयन्स के लिए किसी एप्लीकेशन पर मेरिट के आधार पर फैसला कर लिया और नई एप्लीकेशन फाइल करने की छूट दिए बिना उसे खारिज किया तो वह बाद में उसी मुद्दे पर सिर्फ इसलिए अलग राय नहीं ले सकती, क्योंकि नई एप्लीकेशन बदले हुए रूप में पेश की गई।कोर्ट ने कहा कि ऐसा करने से फाइनलिटी के सिद्धांत को नुकसान होगा, क्योंकि हर असफल एप्लीकेंट बस मेज़रमेंट बदल सकता है या राहत को फिर से तय कर सकता है और अथॉरिटी को उसी मुद्दे पर फिर से फैसला...

महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता में बाधा नहीं बन सकता राज्य: बॉम्बे हाईकोर्ट
महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता में बाधा नहीं बन सकता राज्य: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाइकोर्ट ने कहा कि आज जब अधिक से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए कार्यबल में शामिल हो रही हैं तब उन्हें मातृत्व लाभ से वंचित करना उनके देखभालकर्ता की भूमिका से समझौता करने जैसा होगा। अदालत ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका को निर्देश दिया कि केईएम अस्पताल में कार्यरत एक डॉक्टर को शीघ्र मातृत्व लाभ प्रदान किया जाए।जस्टिस रियाज छागला और जस्टिस अद्वैत सेठना की खंडपीठ ने अपने निर्णय में कहा कि मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 का उद्देश्य मातृत्व की गरिमा की रक्षा करना और महिला तथा उसके...

कम दंड और घटता भय कानून उल्लंघन की वजह: दंडात्मक प्रावधानों का सख्ती से पालन जरूरी- बॉम्बे हाइकोर्ट
कम दंड और घटता भय कानून उल्लंघन की वजह: दंडात्मक प्रावधानों का सख्ती से पालन जरूरी- बॉम्बे हाइकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि देश में कानूनों के बार-बार उल्लंघन का एक प्रमुख कारण उनका कम निवारक प्रभाव और कानून का घटता भय है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दंडात्मक प्रावधानों को केवल औपचारिकता के रूप में नहीं बल्कि प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए।सिंगल बेंच जज जस्टिस जितेंद्र जैन ने 17 फरवरी को पारित आदेश में कहा कि दंडात्मक प्रावधानों का दोहरा उद्देश्य होता है पहला, दोषी को दंडित करना और दूसरा, दूसरों को कानून तोड़ने से रोकना।अदालत ने कहा,“दंडात्मक प्रावधानों का दोहरा प्रभाव होता है एक, अपराधी या...

आत्महत्या की धमकी देकर साथ चलने को मजबूर करना अपहरण: बॉम्बे हाइकोर्ट की गोवा पीठ ने दोषसिद्धि बरकरार रखी
आत्महत्या की धमकी देकर साथ चलने को मजबूर करना अपहरण: बॉम्बे हाइकोर्ट की गोवा पीठ ने दोषसिद्धि बरकरार रखी

बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी नाबालिग लड़की को यह कहकर साथ चलने के लिए मजबूर करे कि अन्यथा वह आत्महत्या कर लेगा, तो यह प्रलोभन की श्रेणी में आएगा और ऐसे हालात में अपहरण का अपराध बनता है।सिंगल बेंच जज जस्टिस श्रीराम शिरसाट ने 16 फरवरी को दिए गए निर्णय में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 363 (अपहरण) और धारा 376 (बलात्कार) तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत आरोपी की दोषसिद्धि को बरकरार रखा।अदालत के समक्ष पीड़िता ने अपने बयान में...

मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम को मुकदमे का हथियार नहीं बनाया जा सकता: बॉम्बे हाइकोर्ट ने पिता की मानसिक जांच की मांग ठुकराई
मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम को मुकदमे का हथियार नहीं बनाया जा सकता: बॉम्बे हाइकोर्ट ने पिता की मानसिक जांच की मांग ठुकराई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 की धारा 105 का उपयोग किसी पक्षकार के विरुद्ध मुकदमेबाजी में रणनीतिक हथियार के रूप में नहीं किया जा सकता। अदालत ने एक याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह प्रावधान मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा के लिए है न कि प्रतिद्वंद्वी पक्ष को परेशान करने के लिए।सिंगल जज जस्टिस फरहान दुबाश ने 17 फरवरी को पारित आदेश में कहा कि यदि किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति को उसके विरोधी द्वारा चुनौती दिए जाने मात्र पर...

क्या शुरुआती पढ़ाई के दौरान फीस न देने पर किसी स्टूडेंट को स्कूल से निकाला जा सकता है? बॉम्बे हाईकोर्ट का जवाब
क्या शुरुआती पढ़ाई के दौरान फीस न देने पर किसी स्टूडेंट को स्कूल से निकाला जा सकता है? बॉम्बे हाईकोर्ट का जवाब

वर्तमान समय में पढ़ाई की अहमियत पर ज़ोर देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक 13 साल की लड़की की मदद की, जिसे फीस न देने पर उसके स्कूल से निकाल दिया गया था।नागपुर सीट पर बैठे जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस राज वाकोडे की डिवीजन बेंच ने बच्चों के फ्री और ज़रूरी शिक्षा के अधिकार एक्ट, 2009 के तहत स्कूल के काम को 'गैर-कानूनी और मनमाना' माना। इसलिए भंडारा ज़िले के फादर एग्नेल स्कूल को क्लास 7वीं में लड़की को फिर से एडमिशन देने का आदेश दिया और स्टूडेंट के माता-पिता को दो हफ़्ते के अंदर 23,900 रुपये...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने भारतीय ध्वज के उल्टे प्रदर्शन के लिए 85 वर्षीय बुजुर्ग के खिलाफ FIR रद्द की, नेशनल ऑनर एक्ट के तहत अपमान का इरादा ज़रूरी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भारतीय ध्वज के 'उल्टे' प्रदर्शन के लिए 85 वर्षीय बुजुर्ग के खिलाफ FIR रद्द की, नेशनल ऑनर एक्ट के तहत 'अपमान का इरादा' ज़रूरी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि 2017 में रिपब्लिक डे मनाते समय रेजिडेंशियल सोसाइटी की छत पर तिरंगा उल्टा दिखाकर उसका अपमान करने के लिए 85 साल के एक आदमी के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करते हुए भारतीय राष्ट्रीय झंडे को उल्टा दिखाकर - केसरिया नीचे - उसका अपमान करने का 'इरादा' होना ज़रूरी है।सिंगल-जज जस्टिस अश्विन भोबे ने सोमवार (23 फरवरी) को सुनाए अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता वीके नारायणन, जो तिलक नगर, चेंबूर के रहने वाले हैं, 2017 में रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन के दौरान छत पर बस मौजूद थे।प्रॉसिक्यूशन केस के...