सुप्रीम कोर्ट

NEET-UG | डेटा एनालिटिक्स रिपोर्ट तैयार करने वाले IIT निदेशक की ओर से कोई हितों का टकराव नहीं : NTA ने सुप्रीम कोर्ट में बताया
NEET-UG | डेटा एनालिटिक्स रिपोर्ट तैयार करने वाले IIT निदेशक की ओर से कोई हितों का टकराव नहीं : NTA ने सुप्रीम कोर्ट में बताया

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सुप्रीम कोर्ट में अतिरिक्त हलफनामा पेश किया। उक्त हलफनामा में स्पष्ट किया गया कि IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी कामकोटी द्वारा कोई हितों का टकराव नहीं है, जिन्होंने चल रहे NEET-UG 2024 मामले में डेटा एनालिटिक्स रिपोर्ट तैयार की।गौरतलब है कि NEET-UG 2024 परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की मौजूदगी से इनकार करने में संघ ने रिपोर्ट पर भरोसा किया। याचिकाकर्ताओं ने पिछली सुनवाई में तर्क दिया कि IIT मद्रास के निदेशक NTA शासी निकाय का हिस्सा हैं और हितों का टकराव...

कांवड़ यात्रा विवाद | सुप्रीम कोर्ट पहुंचा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों के नेमप्लेट आदेश का मामला
कांवड़ यात्रा विवाद | सुप्रीम कोर्ट पहुंचा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों के 'नेमप्लेट' आदेश का मामला

जाने-माने राजनीतिक टिप्पणीकार और दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिक्षाविद अपूर्वानंद झा और स्तंभकार आकार पटेल ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों के उस निर्देश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित भोजनालयों के मालिकों को ऐसी दुकानों के बाहर अपना नाम प्रदर्शित करने के लिए कहा गया।झा और पटेल की याचिका में कहा गया,"उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य द्वारा जारी किए गए निर्देश असंगत हस्तक्षेप करते हैं और अनुच्छेद 14, 15 और 17 के तहत अधिकारों को प्रभावित करते...

Deceitful Property Deals: सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई, बेईमान विक्रेता और दूसरे क्रेता पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया
Deceitful Property Deals: सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई, बेईमान विक्रेता और दूसरे क्रेता पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया

संपत्ति के स्वामित्व विवाद से निपटने के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में विक्रेता पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया, जिसने विक्रेता के साथ सेल डीड निष्पादित करने के बाद संपत्ति को दूसरे क्रेता को हस्तांतरित कर दिया, जबकि पहला सेल डीड रजिस्ट्रेशन के लिए लंबित था। जुर्माने का भुगतान करने की देयता विक्रेता और दूसरे क्रेता द्वारा समान रूप से वहन करने का निर्देश दिया गया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की खंडपीठ ने कहा,"प्रतिवादी नंबर 2 (विक्रेता) बेईमान व्यक्ति प्रतीत होता है। हम...

जब पहली सेल डीड का पंजीकरण लंबित हो तो विक्रेता उसी प्लॉट पर दूसरी सेल डीड निष्पादित नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट
जब पहली सेल डीड का पंजीकरण लंबित हो तो विक्रेता उसी प्लॉट पर दूसरी सेल डीड निष्पादित नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक विक्रेता जिसने सेल डीड निष्पादित किया है, वह उसी प्लॉट के संबंध में दूसरी सेल डीड निष्पादित नहीं कर सकता, क्योंकि पहली सेल डीड का पंजीकरण लंबित है। कोर्ट ने कहा कि डीड निष्पादित होते ही विक्रेता संपत्ति पर सभी अधिकार खो देता है और वह केवल इसलिए किसी अधिकार का दावा नहीं कर सकता, क्योंकि डीड पंजीकृत नहीं हुई है।न्यायालय ने कहा कि पंजीकरण न कराने का एकमात्र परिणाम यह है कि क्रेता संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम, 1882 और पंजीकरण अधिनियम, 1908 के प्रावधानों के कारण साक्ष्य के रूप...

सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट रिकॉर्ड के ई-इंस्पेक्शन की अनुमति देने की याचिका पर हाईकोर्ट से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट रिकॉर्ड के ई-इंस्पेक्शन की अनुमति देने की याचिका पर हाईकोर्ट से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया। उक्त याचिका में वकीलों और वादियों को हाईकोर्ट और अन्य न्यायालयों के डिजिटल न्यायिक अभिलेखों का ऑनलाइन माध्यम से निरीक्षण करने की अनुमति देने की मांग की गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डी.वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने याचिका पर नोटिस जारी करते हुए केंद्र और सभी 25 हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरलों से भी जवाब मांगा था।पीठ ने कहा,"नोटिस जारी करें। सभी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को इलेक्ट्रॉनिक मोड...

क्या फोरेंसिक रिपोर्ट के बिना NDPS मामलों में चार्जशीट अधूरी है? क्या राज्यों के पास पर्याप्त फोरेंसिक लैब हैं? सुप्रीम कोर्ट करेगा जांच
क्या फोरेंसिक रिपोर्ट के बिना NDPS मामलों में चार्जशीट अधूरी है? क्या राज्यों के पास पर्याप्त फोरेंसिक लैब हैं? सुप्रीम कोर्ट करेगा जांच

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और सभी राज्यों को नोटिस जारी कर राज्य सरकारों द्वारा पर्याप्त फोरेंसिक साइंस लैब की स्थापना से संबंधित मुद्दे पर ध्यान देने को कहा, जिसमें ऐसी लैब को संचालित करने के लिए आवश्यक तकनीकी कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या हो।कोर्ट इस मुद्दे पर विचार कर रहा है कि क्या NDPS मामलों में फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) या जांचकर्ता की रिपोर्ट को शामिल किए बिना चार्जशीट को CRPC की धारा 173 (जांच पूरी होने पर पुलिस अधिकारी की रिपोर्ट) के तहत 'अधूरी रिपोर्ट' माना जा सकता है।जस्टिस...

पूर्व कार्यकारी निर्णय विधानमंडल को विपरीत दृष्टिकोण अपनाने से नहीं रोकता : सुप्रीम कोर्ट
पूर्व कार्यकारी निर्णय विधानमंडल को विपरीत दृष्टिकोण अपनाने से नहीं रोकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई व्यक्ति किसी कार्यकारी कार्रवाई के आधार पर किसी लागू करने योग्य कानूनी अधिकार का दावा नहीं कर सकता, जिसे बाद में राज्य विधानमंडल द्वारा व्यापक जनहित में संशोधित किया जाता है।न्यायालय ने कहा कि न तो वैध अपेक्षा का अधिकार और न ही वचनबद्ध रोक का दावा कार्यकारी कार्रवाइयों के आधार पर किया जा सकता है, जिसे विधानमंडल बाद में जनहित में बदलता है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की खंडपीठ ने कहा,“हमारे सामने जैसी स्थिति में यदि कोई पिछला कार्यकारी निर्णय...

पेड़ों की कटाई के संबंध में पारित आदेशों के अनुपालन की पुष्टि के लिए मशीनरी स्थापित करने की आवश्यकता: सुप्रीम कोर्ट
पेड़ों की कटाई के संबंध में पारित आदेशों के अनुपालन की पुष्टि के लिए मशीनरी स्थापित करने की आवश्यकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने पेड़ों की कटाई के संबंध में पारित आदेशों के अनुपालन की पुष्टि के लिए मशीनरी स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ के समक्ष यह मामला था, जिसने कहा कि यह सत्यापित करने की आवश्यकता है कि पेड़ों की कटाई की अनुमति देते समय न्यायालय द्वारा लगाई गई शर्तों का अनुपालन किया जा रहा है या नहीं, अन्यथा न्यायालयों का इस मुद्दे पर कोई नियंत्रण नहीं रह जाएगा।जस्टिस ओक ने कहा,"इस न्यायालय ने समय-समय पर पेड़ों की कटाई की अनुमति देने वाले आदेश पारित किए...

मोहाली-चंडीगढ़ विरोध प्रदर्शन के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ कौमी इंसाफ मोर्चा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
मोहाली-चंडीगढ़ विरोध प्रदर्शन के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ कौमी इंसाफ मोर्चा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया

सिख कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों द्वारा मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर सड़कों को अवरुद्ध करने से संबंधित पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ कौमी इंसाफ मोर्चा द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया।जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ के समक्ष यह मामला था, जिसने इसे इसी तरह के लंबित मामले के साथ जोड़ दिया।संक्षेप में मामलायाचिकाकर्ता-कौमी इंसाफ मोर्चा ने जनवरी, 2023 में पंजाब में विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इसमें फरीदकोट में...

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा में कुछ रुकी हुई परियोजनाओं के होमबॉयर्स के खिलाफ बैंकों/बिल्डरों द्वारा वसूली कार्रवाई पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा में कुछ रुकी हुई परियोजनाओं के होमबॉयर्स के खिलाफ बैंकों/बिल्डरों द्वारा वसूली कार्रवाई पर रोक लगाई

दिल्ली-नोएडा में कुछ आवास परियोजनाओं के लिए ऋण लेने वाले कई होमबॉयर्स को अंतरिम राहत देते हुए, जो अंततः रुक गए, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बैंकों/वित्तीय संस्थानों और बिल्डरों/डेवलपर्स द्वारा उनके खिलाफ वसूली के कदमों पर रोक लगा दी। स्थगन आदेश परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के अनुसार चेक अनादरण की कार्यवाही पर भी लागू होगा।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की खंडपीठ मकान खरीदारों की याचिकाओं पर विचार कर रही थी जिनमें बैंकों द्वारा ऋण वसूली न्यायाधिकरण और सरफेसी कानून के तहत शुरू की गई...

पंजाब एंड हरियाणा सुपीरियर न्यायिक सेवा परीक्षा 2024 को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
पंजाब एंड हरियाणा सुपीरियर न्यायिक सेवा परीक्षा 2024 को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा सुपीरियर न्यायिक सेवा परीक्षा 2023-24 के लिए अपनाई गई चयन एवं अंकन प्रक्रिया को चुनौती देने पर विचार करने पर सहमति जताई।याचिकाकर्ता ने 2023-24 के लिए मुख्य (लिखित) परीक्षा में अपनाई गई संपूर्ण चयन एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को चुनौती दी। याचिकाकर्ता ने अभ्यर्थियों के उत्तरों में मनमाने अंकन का आरोप लगाया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की अगुवाई वाली पीठ ने मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के...

सुप्रीम कोर्ट ने बार एसोसिएशन चुनाव विवाद पर रिट याचिका की सुनवाई योग्यता से संबंधित मामले में हस्तक्षेप से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने बार एसोसिएशन चुनाव विवाद पर रिट याचिका की सुनवाई योग्यता से संबंधित मामले में हस्तक्षेप से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार किया, जिसमें कहा गया कि बार एसोसिएशन के चुनाव संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत संवैधानिक न्यायालयों के रिट क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आते हैं या नहीं। कोर्ट ने कहा कि अगर बार एसोसिएशन के चुनाव से जुड़ा कोई मुद्दा है तो उसे संबंधित सिविल कोर्ट में जाना चाहिए।जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस एजी मसीह की बेंच अलीपुर बार एसोसिएशन के मामले पर विशेष रूप से विचार कर रही थी, जब उसने याचिका वापस ले ली और कानून के सवालों को खुला छोड़ दिया।गौरतलब है...

सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में NEET-SS परीक्षा आयोजित न करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और एनएमसी से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में NEET-SS परीक्षा आयोजित न करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और एनएमसी से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय मेडिकल आयोग (NMC) द्वारा 2024 में नीट-सुपर स्पेशियलिटी परीक्षा (NEET-SS) आयोजित न करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत तेरह डॉक्टरों द्वारा दायर की गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि NMC के इस फैसले के कारण इस साल स्टूडेंट के लिए NEET-SS परीक्षा बिल्कुल भी नहीं होगी। कोर्ट ने केंद्र सरकार, मेडिकल काउंसलिंग कमेटी और NMC को नोटिस जारी...

क्या अनुच्छेद 361 राज्यपाल के खिलाफ जांच पर रोक लगाता है? छेड़छाड़ मामले में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को मिली छूट पर सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल से मदद मांगी
क्या अनुच्छेद 361 राज्यपाल के खिलाफ जांच पर रोक लगाता है? छेड़छाड़ मामले में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को मिली छूट पर सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल से मदद मांगी

शुक्रवार (19 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल राजभवन की एक पूर्व महिला कर्मचारी द्वारा दायर याचिका में भारत के अटॉर्नी जनरल से मदद मांगी, जिसमें महिला द्वारा राज्यपाल के खिलाफ की गई छेड़छाड़ की शिकायत में जांच के खिलाफ राज्य के राज्यपाल सीवी आनंद बोस द्वारा दावा की गई छूट को चुनौती दी गई है।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि संविधान के अनुच्छेद 361 के अनुसार राज्यपालों को आपराधिक कार्यवाही से दी गई छूट जांच पर रोक नहीं लगा सकती।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला...

NI Act | चेक बाउंस के बड़ी संख्या में मामले गंभीर चिंता का विषय, यदि पक्षकार इच्छुक हों तो न्यायालयों को समझौता करने को प्रोत्साहित करना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
NI Act | चेक बाउंस के बड़ी संख्या में मामले गंभीर चिंता का विषय, यदि पक्षकार इच्छुक हों तो न्यायालयों को समझौता करने को प्रोत्साहित करना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि चेक बाउंस को अपराध बनाने का उद्देश्य चेक की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है। ऐसे मामलों में दंडात्मक पहलू की तुलना में परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (NI Act) के तहत प्रतिपूरक पहलू को प्राथमिकता दी जाती है।जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की खंडपीठ ने कहा कि न्यायालयों को चेक अनादर के मामलों में समझौते को प्रोत्साहित करना चाहिए।न्यायालय ने कहा,“यह याद रखना चाहिए कि चेक अनादर विनियामक अपराध है, जिसे केवल जनहित को ध्यान में रखते हुए अपराध...

Electoral Bond के क्विड प्रो क्वो की SIT जांच की मांग वाली याचिका पर   सोमवार को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
Electoral Bond के 'क्विड प्रो क्वो' की SIT जांच की मांग वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट चुनावी बॉन्ड (Electoral Bonds) योजना के तहत कथित 'क्विड-प्रो-क्वो' व्यवस्था की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की याचिका पर सोमवार को अन्य समान याचिकाओं के साथ विचार करेगा।सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष मामले को उठाया, जिसमें उल्लेख किया गया कि SIT जांच की मांग वाली याचिका सोमवार के लिए सूचीबद्ध है। हालांकि, उन्होंने मामले पर अन्य संबंधित याचिका को क्लब करने की मांग की, जिसे बहुत बाद में दायर किया...

Bilkis Bano Case: सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार की छूट खारिज करने के फैसले को चुनौती देने वाली दोषियों की याचिका पर विचार करने से किया इनकार
Bilkis Bano Case: सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार की छूट खारिज करने के फैसले को चुनौती देने वाली दोषियों की याचिका पर विचार करने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो बलात्कार मामले में दो दोषियों की याचिका पर विचार करने से इनकार किया, जिसमें 8 जनवरी के फैसले को चुनौती दी गई थी। इसमें गुजरात सरकार द्वारा दी गई उनकी छूट को खारिज कर दिया गया और उन्हें आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया।जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की और अंततः याचिका वापस ले ली गई मानते हुए खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि वह समन्वय पीठ द्वारा दिए गए फैसले पर अपील में नहीं बैठ सकते।जस्टिस खन्ना ने कहा,"अनुच्छेद 32 के तहत हम अपील...