पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
S.210(1)(c) BNSS| न्यायालय को गवाह का बयान दर्ज करने या अपराध का संज्ञान लेने के लिए पीड़ित पक्ष को बुलाने की बाध्यता नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 210(1)(सी) के तहत मजिस्ट्रेट को किसी अपराध का संज्ञान लेने या प्रक्रिया जारी करने से पहले किसी गवाह का बयान दर्ज करने या पीड़ित पक्ष को बुलाने की बाध्यता नहीं है।बता दें, BNSS की धारा 210(सी) में कहा गया है कि मजिस्ट्रेट पुलिस अधिकारी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से प्राप्त सूचना पर या अपने स्वयं के ज्ञान पर अपराध का संज्ञान ले सकता है कि ऐसा अपराध किया गया।जस्टिस संजय वशिष्ठ ने अपने आदेश में स्पष्ट...
बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने अवैध गिरफ्तारी मामले में रिमांड आदेश को चुनौती देने के लिए उचित याचिका दायर नहीं की: पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया को उनकी कथित “अवैध गिरफ्तारी” और उनके चल रहे आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार मामले में बाद में रिमांड में कोई राहत देने से इनकार कर दिया।पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने 25 जून को मजीठिया को कथित रूप से 540 करोड़ रुपये के “ड्रग मनी” के शोधन से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार किया था। मोहाली कोर्ट ने 2 जुलाई को मजीठिया की रिमांड अवधि चार दिन के लिए बढ़ा दी थी।सुनवाई के दौरान, पंजाब के एडवोकेट जनरल (एजी)...
साइबर क्राइम से 'डिजिटल भारत' को खतरा, जमानत देने से पहले अपराध की गंभीरता जैसे कारकों का मूल्यांकन किया जाना चाहिए: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी से संबंधित मामलों में जमानत याचिकाओं पर निर्णय करते समय "कई महत्वपूर्ण कारकों का सावधानी पूर्वक मूल्यांकन" आवश्यक है और न्यायिक सतर्कता की उच्च डिग्री की आवश्यकता है।न्यायालय ने 25 लाख रुपये से जुड़े साइबर अपराध में उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला पाए जाने के बाद एक आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए ये टिप्पणियां कीं।जस्टिस सुमीत गोयल ने अपने आदेश में कहा,"जमानत याचिकाओं पर निर्णय करते समय विशेष रूप से साइबर अपराध और...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कोर्ट द्वारा भेजे वारंट ऑफिसर से दुर्व्यवहार के आरोप पर GST विभाग के ADG से जवाब मांगा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जीएसटी के अतिरिक्त महानिदेशक और एक खुफिया अधिकारी से जवाब मांगा है, जिसमें उनसे कारण बताने के लिए कहा गया है कि अवैध हिरासत के आरोपों के बाद कार्यालय का निरीक्षण करने के लिए अदालत द्वारा भेजे गए वारंट अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए।एक महिला ने अपने पति की बरामदगी के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर अपने पति की बरामदगी की मांग की थी, जिसे जीएसटी के अतिरिक्त महानिदेशक और एक खुफिया अधिकारी ने कथित...
NGT के गठन के बाद वायु या जल अधिनियम के तहत अपीलीय प्राधिकरण के पास विशेषज्ञ सदस्य है या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता: P&H हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि हरियाणा वायु एवं जल अधिनियम के तहत अपीलीय प्राधिकरण के अंग के रूप में विशेषज्ञ सदस्य की अनुपस्थिति से राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के लागू होने के बाद प्राधिकरण से संपर्क करने वाले पीड़ित व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं होता है। न्यायालय ने हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा (जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) नियम, 1978 (जल अधिनियम) और हरियाणा वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) नियम, 1983 (वायु अधिनियम) में संशोधन करते हुए जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका को...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने ट्रायल जज से जुड़े रिश्वत मामले में FIR रद्द करने की एम3एम निदेशक की याचिका से खुद को अलग किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू ने ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश को रिश्वत देने की कथित साजिश के लिए 2023 में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की एम3एम निदेशक की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। रूप बंसल पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7,8,11,13 और आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप हैं।सीजे नागू ने पहले (23 मई) एकल न्यायाधीश से मामला वापस ले लिया था, जिन्होंने कुछ शिकायतों के बाद मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। सीजे ने मामले को वापस लेने के अनुरोध को भी...
पत्नी और बच्चों का भरण-पोषण देने में असमर्थ होने पर पति पर अधिक कमाने की जिम्मेदारी: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि पति रखरखाव राशि अर्जित करने में सक्षम नहीं है, तो पत्नी और बच्चों को रखरखाव राशि का भुगतान करने के लिए अधिक कमाना उसका कर्तव्य है।अदालत ने अपनी पत्नी और दो नाबालिग बच्चों के लिए 24,700 रुपये के फैमिली कोर्ट के रखरखाव आदेश को चुनौती देने वाली पति की याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया कि उसकी अन्य देनदारियां थीं, जिसके कारण वह इसे वहन करने में असमर्थ था। जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी ने कहा, "यदि याचिकाकर्ता उपरोक्त राशि अर्जित करने में सक्षम नहीं है, तो...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पतंग उड़ाने के लिए 'चीनी डोर' के इस्तेमाल के खिलाफ जनहित याचिका बंद की
यह देखते हुए कि पंजाब सरकार के अधिकारियों ने प्रतिबंधित चीनी डोर के इस्तेमाल से होने वाली मौतों की सूचना देने वालों के लिए दंड और अवार्ड सहित पहले ही कदम उठाए हैं, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इस खतरे पर लगाम लगाने के लिए दायर दूसरी जनहित याचिका का निपटारा कर दिया।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस सुमित गोयल की खंडपीठ ने कहा,"यह स्पष्ट है कि संबंधित अधिकारियों ने चीनी डोर के इस्तेमाल से होने वाली चोट या मौत की घटना की सूचना देने वाले शिकायतकर्ता के लिए दंड निर्धारित करने के साथ-साथ 25,000/- रुपये...
महज ग्रेजुएट होने के कारण पत्नी को भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी को केवल इसलिए भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता, क्योंकि वह ग्रेजुएट है और कमाने में सक्षम है। खासकर तब जब वह लाभकारी नौकरी में न हो।जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी ने कहा,"केवल इस तथ्य से कि प्रतिवादी/पत्नी ग्रेजुएट है, इसका यह अर्थ नहीं है कि उसे भरण-पोषण के अधिकार से वंचित किया जा सकता है, जो उसे वैधानिक प्रावधान के माध्यम से प्रदान किया गया है, जब तक कि CrPC की धारा 125 के तहत उल्लिखित आधारों के तहत भरण-पोषण मांगने के अधिकार को कम नहीं किया जा सकता या...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सामुदायिक मध्यस्थता-खाप पंचायत को मध्यस्थता अधिनियम के तहत लागू करने पर केंद्र और राज्य सरकारों से मांगा जवाब
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को मध्यस्थता अधिनियम, 2023 के तहत सामुदायिक मध्यस्थता को लागू न करने के संबंध में स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका (PIL) पर पंजाब हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ से जवाब मांगा।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस सुमीत गोयल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 5 अगस्त तक के लिए स्थगित करते हुए कहा,"मध्यस्थता अधिनियम 2023 का अध्याय 10, जो सामुदायिक मध्यस्थता से संबंधित है...अब तक प्रभाव में नहीं लाया गया। रजिस्ट्री को निर्देशित किया जाता है कि वह भारत सरकार, पंजाब, हरियाणा और...
टिकट नंबर गलत होना अप्रासंगिक: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने रेल हादसे में मृत यात्री के परिजनों को 8 लाख मुआवज़ा देने का आदेश दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक रेल हादसे में मृत यात्री गौरव कुमार के परिजनों को ₹4 लाख मुआवजा व 7.5% वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि कुल राशि 8 लाख से कम होती है तो 8 लाख मुआवजे के रूप में दिया जाए, जो भी अधिक हो।जस्टिस पंकज जैन ने अपने फैसले में कहा,"जब यह प्रमाणित हो गया कि मृतक गौरव कुमार उस दिन वैध मासिक सीजनल टिकट (MST) धारक था, भले ही याचिका में उसका अंतिम अंक गलत लिखा गया हो तो ट्रिब्यूनल द्वारा उसे 'बोना फाइड' यात्री न मानना गलत था।...
मोरनी हिल्स में 40 वर्षों तक आरक्षित वन को अधिसूचित न करने पर हाईकोर्ट ने की हरियाणा सरकार की कड़ी आलोचना
चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस सुमित गोयल की खंडपीठ ने इस मामले में कोई कार्रवाई न करने के लिए राज्य सरकार की आलोचना की, जबकि यह प्रक्रिया 18 दिसंबर, 1987 की अधिसूचना के माध्यम से चार दशक पहले शुरू की गई थी।खंडपीठ ने कहा,"अधिनियम 1927 की धारा 4 के तहत अधिसूचना जारी करने के बाद राज्य सरकार द्वारा की गई टालमटोल यानी 18.12.1987 की अधिसूचना, प्रशासनिक सुस्ती का एक दुखद उदाहरण प्रस्तुत करती है। वैधानिक घोषणा से उत्पन्न किसी भी प्रत्यक्ष, ठोस कार्रवाई के बिना लगभग चार दशक बीत जाने देना, इसे हल्के ढंग...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रतियोगी परीक्षाओं के उत्तरों को चुनौती देने वाली आधारहीन याचिकाओं के खिलाफ दी चेतावनी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रतियोगी परीक्षाओं के उत्तरों या मूल्यांकन विधियों को चुनौती देने वाली योग्यताहीन याचिकाएं दायर करने के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की।यह घटनाक्रम हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जूनियर इंजीनियर (सिविल) के पद के लिए जारी उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान हुआ।जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज ने कहा कि याचिकाकर्ता ने सूचना के अधिकार अधिनियम (RTI Act) के तहत प्राप्त प्रतिक्रियाओं पर भरोसा करके और स्कॉलर्स के रिसर्च पेपर की सामग्री का गलत इस्तेमाल करके...
ऑनलाइन सट्टेबाजी पर प्रतिबंध की मांग खारिज, P&H हाईकोर्ट ने कहा-हरियाणा सार्वजनिक जुआ रोकथाम अधिनियम के तहत उपाय मौजूद
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार (20 जून) को एक जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें सभी ऑनलाइन ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, मोबाइल एप्लीकेशन, वेबसाइट और डिजिटल माध्यमों को विज्ञापन देने और/या सट्टेबाजी और दांव लगाने की गतिविधियों को बढ़ावा देने से रोकने की मांग की गई थी। याचिका में इन गतिविधियों को सार्वजनिक जुआ अधिनियम का उल्लंघन बताया गया था।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस सुमित गोयल ने कहा,"चूंकि याचिका में व्यक्त शिकायतों के निवारण के लिए पर्याप्त वैधानिक ढांचे मौजूद हैं,...
गिरफ्तारी से पहले कारण बताना जरूरी है या नहीं? पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा– सुप्रीम कोर्ट के फैसले का करेंगे इंतजार
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि जब सुप्रीम कोर्ट ने खुद गिरफ्तारी के आधार की आपूर्ति को अनिवार्य करने वाले फैसले के व्यावहारिक कार्यान्वयन के बारे में संदेह व्यक्त किया है, तो इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना उचित होगा।चीफ़ जस्टिस शील नागू ने कहा, "अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य (2014) 8 SCC 273 में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर संदेह किया गया है, क्योंकि मिहिर राजेश शाह बनाम महाराष्ट्र राज्य और अन्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जीवन की व्यावहारिकताओं के लिए...
राज्यों की ओर से तैयार SOP की अनदेखी के कारण भागे हुए जोड़ों की सुरक्षा के लिए अदालत में याचिकाओं की बाढ़ आ गई: P&H हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है कि काजल मामले में राज्य सरकारों द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की अनदेखी के कारण हाईकोर्ट में भगोड़े दम्पतियों द्वारा संरक्षण याचिकाओं की बाढ़ आ गई है। जस्टिस रोहित कपूर ने कहा कि काजल बनाम हरियाणा राज्य एवं अन्य के मामले में पंजाब, हरियाणा एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ द्वारा अधिसूचित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं किया गया है ओर इसकी अनदेखी के कारण न्यायालय में मुकदमेबाजी की बाढ़ आ गई है, "उक्त एसओपी के...
पति की मृत्यु के बाद नामित दूसरी पत्नी अनुकंपा नियुक्ति की हकदार: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि पति द्वारा नामिती के रूप में नियुक्त की गई दूसरी पत्नी भी सरकार द्वारा अनुकंपा नियुक्ति की हकदार होगी, भले ही पहली पत्नी का कानूनी रूप से तलाक न हुआ हो। वर्तमान मामले में संबंधित विभाग के विधि अधिकारी ने कहा था कि मृतक कर्मचारी की पहली शादी पंचायत द्वारा भंग कर दी गई थी, जिसकी कोई कानूनी वैधता नहीं थी, इसलिए दूसरी शादी वैध नहीं होगी। इस राय को ध्यान में रखते हुए दूसरी पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति देने से मना कर दिया गया।जस्टिस दीपिंदर सिंह नलवा ने...
पंजाब पुलिस नियम | भ्रष्टाचार के मामलों में पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए डीएम की सहमति अनिवार्य नहीं: हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस नियमावली (Punjab Police Rules - PPR) के तहत भ्रष्टाचार के मामलों में पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM) की सहमति आवश्यक नहीं है।जस्टिस जगमोहन बंसल ने नियम 16.40 का हवाला देते हुए कहा,“प्राधिकरणों को प्रत्येक मामले की परिस्थितियों के अनुसार न्यायिक अभियोजन या विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करनी होती है। नियम 16.40 के तहत जिला मजिस्ट्रेट की सहमति लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। अतः प्रतिवादी द्वारा विभागीय...
NEET-PG : हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ यूटी द्वारा यूटी कोटा को ऑल इंडिया कोटा में पुनः आवंटित करने के फैसले को मंजूरी दी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वह याचिका खारिज की, जिसमें चंडीगढ़ केंद्रशासित प्रदेश (UT) द्वारा पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स (PG Medical Courses) में Union Territory Pool quota के अंतर्गत आरक्षित सीटों को All India Quota (AIQ) में पुनः आवंटित (reallocate) किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई थी।कोर्ट ने इस निर्णय को बरकरार रखते हुए कहा कि सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, चंडीगढ़ (GMCH) में एमडी/एमएस एडमिशन के लिए निवास आधारित आरक्षण से जुड़ा विवाद पहले ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा 'श्रे गोयल बनाम यूनियन ऑफ...
पैरोल अवधि को केवल कुल सजा से घटाया जाना चाहिए, वास्तविक जेल अवधि से नहीं: हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार का फॉर्मूले अमान्य घोषित किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने समय से पहले रिहाई के मामले में सजा अवधि की गणना करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा जारी फॉर्मूले को अमान्य घोषित करते हुए कहा कि पैरोल अवधि को केवल कुल सजा से घटाया जाना चाहिए, न कि जेल में बिताए गए वास्तविक समय से।जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा,"यह निर्देश दिया जाता है कि पैरोल अवधि को केवल कुल सजा से घटाया जाना चाहिए, न कि वास्तविक सजा से। वास्तविक सजा का मतलब केवल कैदी द्वारा जेल परिसर में बिताया गया वास्तविक समय होगा।"न्यायालय दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था,...
















