पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने अनधिकृत कोर्स में एडमिशन की अनुमति देने पर हरियाणा के अधिकारियों की खिंचाई की, जांच के निर्देश दिए
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) से अनिवार्य अनुमोदन के बिना दो राज्य अध्यापक शिक्षा उन्नत अध्ययन संस्थानों (SIASTE) में चार वर्षीय बी.ए./बी.एड. प्रोग्राम में स्टूडेंट को एडमिशन देने के लिए हरियाणा सरकार की कड़ी आलोचना की।जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने कहा,"हमें यह हरियाणा राज्य के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से प्रथम दृष्टया कर्तव्यहीनता का मामला लगता है, जिन्होंने एक अनधिकृत डिग्री कोर्स शुरू करने की अनुमति दी और सैकड़ों...
हरियाणा ADA भर्ती: हाईकोर्ट ने लॉ ग्रेजुएट की याचिका स्वीकार की, सिलेबस में मनमाने बदलाव को पलटा
पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए हरियाणा सहायक जिला अटॉर्नी (ADA) भर्ती परीक्षा के सिलेबस में किए गए अचानक बदलाव को चुनौती देने वाली याचिका स्वीकार कर ली है। यह बदलाव परीक्षा के फोकस को कानून-केंद्रित विषयों से हटाकर पूरी तरह सामान्य ज्ञान पर केंद्रित कर रहा था।जस्टिस संदीप मौदगिल की पीठ ने याचिका अनुमति देते हुए हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) को विज्ञापन वापस लेने और स्क्रीनिंग टेस्ट के सिलेबस को संशोधित करने का निर्देश दिया है। इस मामले में विस्तृत निर्णय आना अभी...
वॉलंटियर के नाम पर नागरिकों का शोषण कर रहे अधिकारी': पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने तीन दशकों से सेवारत होमगार्ड को नियमित करने का निर्देश दिया
लंबे समय से सेवारत कर्मियों के शोषण के विरुद्ध कड़ी टिप्पणी करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लगभग तीन दशकों से सेवारत एक होमगार्ड को नियमित करने का निर्देश दिया।जस्टिस जगमोहन बंसल ने कहा,"जो सदस्य दिन के कुछ भाग, महीने के कुछ भाग या वर्ष के कुछ भाग में काम करता है और अपनी आजीविका के लिए कोई अन्य कार्य करता है, उसे वॉलंटियर कहा जा सकता है। हालांकि, जो व्यक्ति तीन दशकों से बिना किसी रुकावट के पूरे दिन काम कर रहा है, उसे स्वयंसेवक नहीं कहा जा सकता।"अदालत ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह अनुचित और...
आरोपी का केवल मृतका को परेशान करना आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी के खिलाफ केवल उत्पीड़न का आरोप भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।अदालत ने मृतका की सास को बरी कर दिया, जिसे आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में दोषी ठहराया गया। आरोप लगाया गया कि सास और ननद दहेज के अभाव और बच्चे न होने के कारण उसे परेशान कर रही थीं और ट्रायल कोर्ट ने उसे IPC की धारा 306 के तहत दोषी ठहराया था।जस्टिस कीर्ति सिंह ने कहा,"चूंकि आत्महत्या का कारण विशेष रूप से...
रिटायरमेंट के बाद वेतन का पुनर्निर्धारण नहीं किया जा सकता, इसलिए रिटायर कर्मचारी से अतिरिक्त भुगतान की वसूली अनुचित: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस विकास सूरी की खंडपीठ ने कहा कि किसी कर्मचारी की रिटायरमेंट के बाद वेतन का पुनर्निर्धारण, जिसके परिणामस्वरूप कर्मचारी द्वारा बिना किसी गलत बयानी या धोखाधड़ी के किए गए अतिरिक्त भुगतान की वसूली होती है, कानूनन अनुचित है।पृष्ठभूमि तथ्ययाचिकाकर्ता सरकारी कर्मचारी था। वह 31.07.2016 को रिटायरमेंट की आयु प्राप्त करने पर रिटायर हुआ। उसकी रिटायरमेंट के बाद प्रतिवादियों के लेखा विभाग ने उसके वेतन निर्धारण में एक विसंगति पाई। याचिकाकर्ता का...
पिछड़ा वर्ग श्रेणी के अंतर्गत आरक्षण का दावा केवल मूल राज्य में ही किया जा सकता है, जन्म या निवास स्थान में नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि पिछड़ा वर्ग (बीसी) श्रेणी के अंतर्गत आरक्षण का लाभ केवल मूल राज्य में ही लिया जा सकता है, जन्म या उसके बाद के निवास स्थान में नहीं।यह निर्णय पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में पिछड़ा वर्ग कोटे के तहत भर्ती के लिए इच्छुक अभ्यर्थी की याचिका खारिज करते हुए लिया गया। इस अभ्यर्थी ने कहा था कि वह हिमाचल प्रदेश में आरक्षण का दावा कर सकता है, जो अधिसूचना के समय उसका स्थायी निवास है, न कि पंजाब में।जस्टिस हरप्रीत सिंह बरार ने स्पष्ट किया,"जाति या समुदाय...
हेडमास्टर नहीं, सिर्फ एक टीचर, शर्मनाक स्थिति: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूल की खस्ता हालत पर केंद्र को भी फंड देने का निर्देश दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अमृतसर के टापियाला स्थित सरकारी स्कूल की दयनीय स्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई। कोर्ट ने पाया कि स्कूल में न तो कोई हेडमास्टर है, न पर्याप्त बुनियादी ढांचा और केवल एक शिक्षक है, जो सभी स्टूडेंट्स को पढ़ाता है। स्टाफ के लिए अलग शौचालय की सुविधा नहीं है। तीन कक्षाओं (छठी से आठवीं) के लिए केवल एक कमरा उपलब्ध है।जस्टिस एन.एस. शेखावत ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए बाध्य हैं। कोर्ट ने इस आदेश को चीफ जस्टिस...
हरियाणा ADA परीक्षा पैटर्न नहीं बदला जा सकता: हाईकोर्ट में बोला HPSC
हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट को सूचित किया कि सहायक जिला अटॉर्नी (ADA) पद के लिए परीक्षा पैटर्न में इस समय कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। हाल ही में पाठ्यक्रम में कानून-आधारित विषयों से सामान्य ज्ञान में बदलाव को चुनौती देने वाली याचिका का जवाब देते हुए आयोग ने कहा कि ऐसा बदलाव संभव नहीं है।यह याचिका पारंपरिक कानून-केंद्रित पैटर्न से विचलन को चुनौती देते हुए दायर की गई, जिसमें तर्क दिया गया कि यह परीक्षा की व्यावसायिक प्रासंगिकता को कमज़ोर करता है।हरियाणा एडीए...
50,000 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय न मिलने पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से मांगा जवाब
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लगभग 50,000 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को छह महीने से कथित मानदेय न मिलने पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा।पंजाब सरकार ने दलील दी कि बैंक विवरण को लेकर कुछ समस्या है। हालांकि, अब मानदेय का भुगतान कर दिया गया।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने राज्य के वकील से हलफनामा दाखिल करने को कहा।2 अक्टूबर को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब भर के लगभग 27,000 केंद्रों में कार्यरत 50,000 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और...
कोई कर्मचारी पात्र होने के बाद मर जाता है तो नियमितीकरण का अधिकार उसकी मृत्यु के बाद भी बना रहता है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि यदि कोई कर्मचारी नियमितीकरण के लिए पात्र होने के बाद मर जाता है तो यह लाभ उसके कानूनी उत्तराधिकारियों के माध्यम से निहित माना जाना चाहिए और बना रहेगा।हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि "न्याय, भले ही विलंबित हो, न केवल वैधानिक रूप से बल्कि सैद्धांतिक रूप से भी, जो टूटा है उसे ठीक करता हुआ दिखना चाहिए," कहा कि सेवा के नियमितीकरण का अधिकार एक बार अर्जित हो जाने पर कर्मचारी की मृत्यु पर समाप्त नहीं होता।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा,"कोर्ट प्रक्रियागत कठोरता के कारण न्याय...
व्यवसाय सीमित हो सकता है लेकिन पर्यावरण को नुकसान नहीं होना चाहिए: ग्रीन पटाखों की बिक्री पर रोक के खिलाफ याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की टिप्पणी
ग्रीन पटाखों की बिक्री और खरीद पर लगे प्रतिबंधों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि व्यवसाय को सीमित किया जा सकता है लेकिन पर्यावरण को नुकसान नहीं होना चाहिए।कोर्ट 2017 में हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए हाईकोर्ट ने 2017 में निर्देश दिया था कि केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा राज्य पिछले वर्ष यानी 2016 में जारी किए गए अस्थायी लाइसेंसों की कुल...
सीनियरिटी का पुनर्मूल्यांकन किए बिना आरक्षित वर्ग को लगातार पदोन्नति का लाभ देना समानता के अधिकार का उल्लंघन: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 में निहित समानता का सिद्धांत निष्पक्ष एवं न्यायपूर्ण शासन की आधारशिला है।अदालत ने कहा कि सेवा पदोन्नति के संदर्भ में यह सिद्धांत यह अनिवार्य करता है कि किसी भी कर्मचारी को - चाहे वह आरक्षित वर्ग का हो या सामान्य वर्ग का - पद में समानता प्राप्त होने के बाद स्थायी रूप से लाभ या हानि की स्थिति में नहीं रखा जाना चाहिए।वर्तमान मामले में एक कर्मचारी 13 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद रिटायर हुआ। अदालत ने हरियाणा सरकार को उसके वेतन में...
जिंदल यूनिवर्सिटी ने तीन वर्षीय LLB कोर्स को ऑनर्स डिग्री के रूप में गलत तरीके से किया पेश, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और अन्य प्राधिकारियों से उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें आरोप लगाया गया कि ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने अपने तीन वर्षीय LLB प्रोग्राम को कथित तौर पर "ऑनर्स" डिग्री के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत किया।ओ.पी. जिंदल यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट निपुण गुप्ता द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि यूनिवर्सिटी ने हमेशा इस कोर्स को LLB (ऑनर्स) डिग्री प्रोग्राम बताया, जबकि याचिकाकर्ता को दी गई डिग्री केवल LLB की है।गुप्ता की ओर से पेश...
FIR दर्ज करने में 2 महीने की अस्पष्ट देरी, पीड़िता की गवाही सच्ची नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बलात्कार मामले में बरी करने का फैसला बरकरार रखा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बलात्कार के मामले में पीड़िता को बरी करने का फैसला बरकरार रखते हुए कहा कि कथित पीड़िता का बयान विश्वसनीय नहीं है और FIR दर्ज करने में 2 महीने की अस्पष्ट देरी हुई।अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने क्रॉस एक्जामिनेशन के दौरान यह भी कहा कि आरोपी एक हाथ में पिस्तौल और दूसरे हाथ में मोबाइल फोन पकड़े हुए था और उसने उसे पीछे से पकड़ लिया।अदालत ने कहा,"यह पूरी तरह से असंभव है कि कोई व्यक्ति एक हाथ में पिस्तौल और दूसरे हाथ में मोबाइल फोन पकड़े और उसे पीछे से पकड़कर यौन क्रिया...
बिना उचित कारण के अनुशासनात्मक कार्यवाही को लंबा खींचना दंड के समान, देरी से कर्मचारी को मानसिक पीड़ा होती है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि प्रत्येक दोषी कर्मचारी को ऐसी कार्यवाही शीघ्रता से पूरी करवाने का वैध अधिकार है। अदालत ने कहा कि अनुचित और अस्पष्टीकृत देरी मानसिक पीड़ा, आर्थिक कठिनाई और सामाजिक कलंक का कारण बनती है, जो दोष सिद्ध होने से पहले ही दंड के समान है।जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा,"प्रत्येक दोषी कर्मचारी को अनुशासनात्मक कार्यवाही को शीघ्रता से पूरी करवाने का वैध अधिकार है। अनुचित देरी से आरोप सिद्ध होने से पहले ही मानसिक पीड़ा, आर्थिक कठिनाई और सामाजिक कलंक का कारण बनता है। इसे...
भारत-पाक सीमा से नशीले पदार्थों की तस्करी पर गंभीर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट, आरोपी को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भारत-पाकिस्तान सीमा के माध्यम से विशेष रूप से ड्रोन के ज़रिए अवैध नशीले पदार्थों की बढ़ती तस्करी पर गंभीर चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि यह न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बल्कि देश के युवाओं के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गया। इन टिप्पणियों के साथ हाईकोर्ट ने NDPS Act के तहत आरोपी को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार कर दिया।जस्टिस रूपिंदरजीत चहल की पीठ ने कहा, "इन दिनों ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी में लगातार वृद्धि हुई।...
कोर्ट समन में जालसाज़ी न्यायपालिका में जनता के विश्वास को कम करती है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने समझौते के बावजूद अग्रिम ज़मानत देने से किया इनकार
न्यायिक दस्तावेज़ों में जालसाज़ी की गंभीरता पर ज़ोर देते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कोर्ट समन में जालसाज़ी करने की आरोपी महिला को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के कृत्यों से "न्यायपालिका में जनता के विश्वास पर गंभीर प्रभाव पड़ता है और जनता के विश्वास को कमज़ोर करता है।"याचिकाकर्ता पर एक सह-अभियुक्त के प्रकटीकरण बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया, जिसने कथित तौर पर हिसार के एडिशनल सेशन जज की कोर्ट द्वारा जारी किए गए न्यायिक समन में जालसाज़ी की, जिसमें फर्जी UID...
नौकरशाही की चूक के लिए कोई क्षमादान नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य द्वारा अपील दायर करने में 992 दिनों की देरी खारिज की
यह दोहराते हुए कि पर्याप्त न्याय की आड़ में समय-सीमा के कानून को पराजित नहीं किया जा सकता, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अपील दायर करने में 992 दिनों की देरी के लिए क्षमादान की मांग करने वाली राज्य की याचिका खारिज की।जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा,"अब यह एक सुस्थापित सिद्धांत बन गया कि न्यायालय पर्याप्त न्याय के पक्ष में तो झुकते हैं। हालांकि, वे समय-सीमा के कानून को पराजित करके या विरोधी पक्ष को गंभीर नुकसान पहुंचाकर ऐसा नहीं कर सकते। समय-सीमा का कानून सार्वजनिक नीति पर आधारित होने के कारण...
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अनिवार्य हाईकोर्ट नियमों की अवहेलना करने पर पुलिसकर्मी के खिलाफ चालान दाखिल करने का आदेश रद्द किया
प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों की अनिवार्य प्रकृति को दोहराते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें हाईकोर्ट नियमों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ चालान दाखिल करने का निर्देश दिया गया।अदालत ने कहा कि किसी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कोई भी कार्रवाई या आलोचना हाईकोर्ट नियमों के अध्याय 1, भाग H, नियम 6 का कड़ाई से पालन करना चाहिए, जिसके अनुसार निर्णय की कॉपी जिला मजिस्ट्रेट को भेजनी होती है, जिन्हें इसे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को...
राज्य संविधान का उल्लंघन करते हुए कर्मचारियों को वैध लाभ देने से इनकार करने के लिए वचनबद्धता की मांग नहीं कर सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने माना कि कर्मचारियों से वचनबद्धता मांगना - जिसमें उन्हें उनके वैध सेवा लाभों से वंचित किया जाता है - न केवल शोषणकारी है, बल्कि असंवैधानिक भी है।यह याचिका राज्य प्राधिकारियों द्वारा एक नगरपालिका कर्मचारी को सेवा लाभ देने से इनकार करने के आदेश को चुनौती देते हुए इस आधार पर दायर की गई कि उसने थकाऊ मुकदमेबाजी के बाद अपनी बहाली के बाद बकाया वेतन के किसी भी दावे को त्यागने के लिए एक वचनबद्धता पर हस्ताक्षर किए।यह देखते हुए कि इस तरह के शोषणकारी वचनबद्धताएं शुरू से ही अमान्य...
















