पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

मजिस्ट्रेट/सेशन कोर्ट डिफ़ॉल्ट बेल देने में सक्षम, भले ही नियमित जमानत याचिका हाईकोर्ट में लंबित हो: P&H हाईकोर्ट
मजिस्ट्रेट/सेशन कोर्ट डिफ़ॉल्ट बेल देने में सक्षम, भले ही नियमित जमानत याचिका हाईकोर्ट में लंबित हो: P&H हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि मजिस्ट्रेट या सत्र न्यायालय, जैसा भी मामला हो, किसी अभियुक्त को डिफ़ॉल्ट ज़मानत देने का अधिकार रखता है, भले ही नियमित ज़मानत आवेदन सत्र न्यायालय या उच्च न्यायालय में लंबित हो। यह घटनाक्रम एक नियमित ज़मानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसमें आवेदन के लंबित रहने के दौरान, अभियुक्त ने 3 महीने पूरे कर लिए थे और मजिस्ट्रेट ने सीआरपीसी की धारा 167(2) के तहत डिफ़ॉल्ट ज़मानत दे दी थी, जो धारा 187(3) बीएनएसएस के अनुरूप...

हरियाणा SSC प्रथम दृष्टया अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन न करने के लिए अवमानना का दोषी: हाईकोर्ट ने परीक्षा परिणाम वापस लेने का निर्देश दिया
हरियाणा SSC प्रथम दृष्टया अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन न करने के लिए अवमानना का दोषी: हाईकोर्ट ने परीक्षा परिणाम वापस लेने का निर्देश दिया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक सत्यापन के निर्देश देने वाले अपने आदेश का पालन न करने पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) को प्रथम दृष्टया अवमानना का दोषी ठहराया है। अनुपालन न करने को गंभीरता से लेते हुए, न्यायालय ने आयोग से जूनियर इंजीनियर (सिविल) के पद के लिए अनिवार्य सत्यापन किए बिना घोषित परिणाम वापस लेने को कहा है।जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज ने कहा, "प्रथम दृष्टया, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अधिकारी इस न्यायालय की अवमानना...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश न मानने पर जांच अधिकारी पर 10,000 जुर्माना लगाया, वेतन से वसूली के निर्देश
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश न मानने पर जांच अधिकारी पर 10,000 जुर्माना लगाया, वेतन से वसूली के निर्देश

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी (IO) पर 10,000 का जुर्माना लगाया, क्योंकि उन्होंने अदालत के इस निर्देश का पालन नहीं किया कि वह केस डायरी के साथ स्वयं उपस्थित हों।मामला एक सुरक्षा याचिका से संबंधित है, जिसमें याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने उनके खाते से 6.4 लाख से अधिक राशि निकाल ली और साइबर क्राइम मामले में बिना उचित प्रक्रिया अपनाए, उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पिछली सुनवाई में अदालत ने केस के जांच अधिकारी को तलब किया था।जस्टिस सुमीत गोयल ने नोट किया कि राज्य के वकील की...

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व अकाली दल सदस्य रणजीत सिंह गिल की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार किया
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व अकाली दल सदस्य रणजीत सिंह गिल की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने शिरोमणि अकाली दल के पूर्व सदस्य रंजीत सिंह गिल की गिरफ्तारी पर रोक की अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया है।यह आरोप लगाया गया था कि गिल को पंजाब सतर्कता ब्यूरो द्वारा दुर्भावनापूर्ण रूप से निशाना बनाया गया है, पूरी तरह से उनकी राजनीतिक संबद्धता के कारण, 01 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद। उन्होंने दलील दी कि सतर्कता ब्यूरो आप से प्रभावित है और उनकी संपत्तियों पर कई छापे मारे गए और किसी प्राथमिकी में नाम लिए बिना मनमाने तरीके से उन्हें समन...

S.223 BNSS, जो संज्ञान से पहले अभियुक्त को सुनवाई का अधिकार देता है, एक जुलाई 2024 से पहले दायर शिकायत पर लागू हो सकता है: P&H हाईकोर्ट
S.223 BNSS, जो संज्ञान से पहले अभियुक्त को सुनवाई का अधिकार देता है, एक जुलाई 2024 से पहले दायर शिकायत पर लागू हो सकता है: P&H हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने माना है कि भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 223, जो शिकायत मामलों में संज्ञान लेने से पहले अभियुक्त को सुनवाई का अधिकार देती है, 1 जुलाई, 2024 से पहले दर्ज मामलों पर भी लागू हो सकती है - जिस दिन से बीएनएसएस लागू हुआ था। धारा 223 बीएनएसएस पूर्ववर्ती सीआरपीसी की धारा 200 के समरूप है, सिवाय इसके कि धारा 200 के पहले प्रावधान में अभियुक्त को सुनवाई का अवसर देने के बाद ही संज्ञान लेने की एक नई प्रक्रिया बनाई गई है।जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने क़ानून के 'लाभकारी...

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने महंगी गाड़ियों की खरीद में गड़बड़ी के आरोप लगाने वाले RTI एक्टिविस्ट के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी मांगी
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने महंगी गाड़ियों की खरीद में गड़बड़ी के आरोप लगाने वाले 'RTI एक्टिविस्ट' के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी मांगी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने RTI एक्टिविस्ट याचिकाकर्ता के आपराधिक पृष्ठभूमि का विवरण मांगा। इस व्यक्ति ने पंजाब सरकार द्वारा महंगी यूटिलिटी गाड़ियों की खरीद में वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल मनिंदरजीत सिंह बेदी ने दलील दी कि पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन रूल्स, 2010 के तहत जनहित याचिका दाखिल करने से पहले याचिकाकर्ता को अपने परिचय और पृष्ठभूमि का खुलासा करना जरूरी है और रजिस्ट्री को उनके रिकॉर्ड की जांच करने का अधिकार है।चीफ जस्टिस शील नागू और...

ठेका कर्मचारी को मातृत्व अवकाश न देना अनुच्छेद 14 का उल्लंघन: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
ठेका कर्मचारी को मातृत्व अवकाश न देना अनुच्छेद 14 का उल्लंघन: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत किसी अनुबंधित कर्मचारी को मातृत्व अवकाश नहीं देना उनके रोजगार की प्रकृति के आधार पर भेदभाव होगा और इस तरह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन होगा जो कानून के समान संरक्षण की गारंटी देता है।जस्टिस अमन चौधरी ने कहा, "मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961, भारत के संविधान के अनुच्छेद 39 और 42 के अनुरूप अधिनियमित गर्भावस्था और मातृत्व के दौरान कामकाजी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाया गया कानून का एक लाभकारी हिस्सा है। उनके बीच भेदभाव...

पंजाब सरकार ने भाखड़ा बांध प्रबंधन द्वारा हरियाणा को कथित अतिरिक्त जल आवंटन के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया
पंजाब सरकार ने भाखड़ा बांध प्रबंधन द्वारा हरियाणा को कथित अतिरिक्त जल आवंटन के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया

पंजाब सरकार ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) द्वारा हरियाणा को कथित अतिरिक्त जल आवंटन के अप्रैल में लिए गए फैसले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी।पंजाब के अटॉर्नी जनरल मनिंदरजीत सिंह बेदी ने 23 अप्रैल को हुई तकनीकी समिति की बैठक और 30 अप्रैल व 3 मई को हुई बोर्ड बैठक के निर्णयों के विवरण को रद्द करने की मांग की। याचिका में सभी सहयोगी राज्यों की भागीदारी वाली निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से BBMB के एक...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कृपाण धारण करने के लिए समान दिशानिर्देश बनाने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कृपाण धारण करने के लिए समान दिशानिर्देश बनाने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कृपाण धारण करने के लिए समान दिशानिर्देश बनाने की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब मांगा। बता दें कृपाण एक छोटी तलवार या चाकू होता है, जिसके किनारे घुमावदार होते हैं और जिसे सिख खालसा के पाँच विशिष्ट चिन्हों में से एक माना जाता है।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ बेरी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) और एक महिला एडवोकेट द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस जनहित याचिका में संविधान में निहित सिख धर्म में...

क्या पंजाब लैंड पूलिंग पॉलिसी में भूमिहीन मज़दूरों के पुनर्वास का कोई प्रावधान है? हाईकोर्ट ने राज्य से पूछा
क्या पंजाब लैंड पूलिंग पॉलिसी में भूमिहीन मज़दूरों के पुनर्वास का कोई प्रावधान है? हाईकोर्ट ने राज्य से पूछा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में पंजाब सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या राज्य की लैंड पूलिंग पॉलिस में शहरी विकास परियोजनाओं से प्रभावित लैंडहीन मज़दूरों के पुनर्वास का कोई प्रावधान शामिल है। राज्य सरकार ने न्यायालय को यह भी सूचित किया कि नीति को स्थगित रखा जाएगा और अगली सुनवाई (7 अगस्त) तक कोई और कदम नहीं उठाया जाएगा।भगवंत मान सरकार द्वारा स्वीकृत पंजाब लैंड पूलिंग पॉलिसी 2025 का उद्देश्य राज्य भर में नियोजित और सतत शहरी विकास को बढ़ावा देना है, विशेष रूप से...

अभियुक्त के दोषसिद्धि के बाद आत्मसमर्पण न करने पर भी सजा के निलंबन की याचिका सुनवाई योग्य: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
अभियुक्त के दोषसिद्धि के बाद आत्मसमर्पण न करने पर भी सजा के निलंबन की याचिका सुनवाई योग्य: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी आपराधिक मामले में दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली आपराधिक पुनर्विचार याचिका के साथ दायर की गई सजा के निलंबन की याचिका हाईकोर्ट के समक्ष सुनवाई योग्य है भले ही दोषी ने दोषसिद्धि के बाद आत्मसमर्पण न किया हो।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा,"दोषसिद्धि के निर्णयों के विरुद्ध आपराधिक पुनर्विचार याचिका (साथ ही सजा के निलंबन के लिए आवेदन आदि) इस हाईकोर्ट के समक्ष विचारणीय है, बशर्ते याचिकाकर्ता अभियुक्त ने आत्मसमर्पण न किया हो या हिरासत में न रहा हो, क्योंकि...

तुच्छ अवमानना याचिका और फोरम शॉपिंग पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पर लगाया ₹50,000 जुर्माना
तुच्छ अवमानना याचिका और फोरम शॉपिंग पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पर लगाया ₹50,000 जुर्माना

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक वादी पर फोरम शॉपिंग में संलग्न होने और एक नागरिक विवाद में एक योग्य अवमानना याचिका दायर करने के लिए 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।यह विकास एक अवमानना याचिका में आता है जिसमें आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों ने याचिकाकर्ता की पानी की आपूर्ति काटकर राजीब कलिता बनाम भारत संघ और अन्य में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवहेलना की है। राजीब कलिता मामले में, यह माना गया था कि उचित स्वच्छता तक पहुंच को अनुच्छेद 21 के तहत एक मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता प्राप्त है। ...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने IT पार्क स्थित लालित होटल को मिली पर्यावरण मंजूरी की मांगी जानकारी, नए कोर्ट भवन पर यूटी प्रशासन की आपत्ति के बाद उठाए सवाल
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने IT पार्क स्थित लालित होटल को मिली पर्यावरण मंजूरी की मांगी जानकारी, नए कोर्ट भवन पर यूटी प्रशासन की आपत्ति के बाद उठाए सवाल

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के आईटी पार्क क्षेत्र में स्थित The Lalit Hotel को दी गई पर्यावरण मंजूरी से जुड़े दस्तावेज मांगे। यह निर्देश उस वक्त आया, जब यूटी प्रशासन ने उसी क्षेत्र में नए हाईकोर्ट भवन के निर्माण पर पर्यावरणीय आधार पर आपत्ति जताई।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की पीठ ने कहा,"आईटी पार्क क्षेत्र से जुड़ी पर्यावरणीय आपत्तियों का दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत किया जाए।"कोर्ट ने चंडीगढ़ यूटी प्रशासन को एक हलफनामा दायर करने को कहा, जिसमें उन्हें निम्नलिखित सवालों के...

मां या बच्चे की जान को छोड़ बाकी मामलों में गर्भपात को असंवैधानिक घोषित करने की याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा
मां या बच्चे की जान को छोड़ बाकी मामलों में गर्भपात को असंवैधानिक घोषित करने की याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक जनहित याचिका (PIL) पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है, जिसमें यह घोषित करने की मांग की गई है कि गर्भवती महिला या अजन्मे बच्चे की जान को गंभीर और तात्कालिक खतरा छोड़कर अन्य सभी परिस्थितियों में गर्भपात (medical termination of pregnancy) असंवैधानिक है क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन करता है।यह याचिका हरियाणा निवासी दीपक कुमार द्वारा दायर की गई है, जिसमें मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 की धारा 3(2) के साथ उसमें दी गई व्याख्या-1...

एक हाईकोर्ट से दूसरे हाईकोर्ट में मामला ट्रांसफर करने का अधिकार नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
एक हाईकोर्ट से दूसरे हाईकोर्ट में मामला ट्रांसफर करने का अधिकार नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने माना कि उसे किसी मामले को एक हाईकोर्ट से दूसरे हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने का अधिकार नहीं है।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने कहा,"जहां तक उपरोक्त तीनों मामलों को किसी अन्य हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने की प्रार्थना का संबंध है, उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि इस उद्देश्य के लिए इस न्यायालय को ऐसी कोई शक्ति प्राप्त नहीं है। याचिकाकर्ता उपयुक्त मंच से संपर्क करने के लिए स्वतंत्र है।"यह याचिका एक वकील द्वारा दायर की गई, जिसमें हाईकोर्ट के जज के...

MP-MLA से जुड़े लंबित मामलों की स्थिति बताएं: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने जिला जजों से कहा
MP-MLA से जुड़े लंबित मामलों की स्थिति बताएं: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने जिला जजों से कहा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के जिला और सत्र न्यायाधीशों को निर्देश दिया है कि वे वर्तमान और पूर्व सांसदों और विधायकों से जुड़े सभी लंबित आपराधिक मामलों पर स्थिति अपडेट प्रस्तुत करें।चीफ़ जस्टिस शील नागू और जस्टिस यशवीर सिंह राठौड़ 2023 में जारी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद संसद सदस्यों और विधान सभाओं के सदस्यों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों के शीघ्र निपटान की निगरानी के लिए एक स्वत: संज्ञान सुन रहे थे। सुनवाई के दौरान, हरियाणा सरकार की ओर से...

साइबर ठगी मामले में ट्रायल कोर्ट की अनुचित नरमी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट सख्त, कहा- सीनियर सिटीजन की फरियाद को अनदेखा करना चिंता का विषय
साइबर ठगी मामले में ट्रायल कोर्ट की अनुचित नरमी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट सख्त, कहा- सीनियर सिटीजन की फरियाद को अनदेखा करना चिंता का विषय

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने साइबर ठगी के मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यशैली पर सख्त नाराज़गी जताते हुए कहा कि गंभीर आपराधिक मामलों में इस तरह की ढिलाई न्यायिक प्रक्रिया को कमजोर करती है। हाईकोर्ट ने विशेष रूप से उस परिस्थिति पर चिंता जताई, जिसमें एक 76 वर्षीय रिटायर सेना अधिकारी को चार वर्षों से न्याय के लिए अमृतसर से मोहाली की अदालतों में चक्कर लगाने पड़ रहे हैं लेकिन अब तक केवल दो ही गवाहों की गवाही हो पाई।जस्टिस एन.एस. शेखावत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट का रवैया न केवल अभियुक्तों के प्रति...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मस्जिद पर राष्ट्रीय ध्वज की जगह भगवा ध्वज फहराने वाले व्यक्ति को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मस्जिद पर राष्ट्रीय ध्वज की जगह भगवा ध्वज फहराने वाले व्यक्ति को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मस्जिद पर राष्ट्रीय ध्वज की जगह भगवा ध्वज फहराने के आरोपी व्यक्ति को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार किया।गुरुग्राम के एक पुलिस स्टेशन में भारतीय राष्ट्रीय गौरव अधिनियम की धारा 299, 3(5), 61(2) 196, 238 और राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 2 के तहत FIR दर्ज की गई थी।जस्टिस मनीषा बत्रा ने कहा,"इस स्तर पर अपराध की गंभीरता और सार्वजनिक व्यवस्था एवं सांप्रदायिक शांति पर इसके संभावित प्रभाव को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। याचिकाकर्ता द्वारा कोई असाधारण या...

यह मानना अपमानजनक है कि झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों की अपराधियों से जुड़ने की संभावना अधिक होती है: P&H हाईकोर्ट ने ड्रग्स मामले में किशोर को जमानत दी
यह मानना 'अपमानजनक' है कि झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों की अपराधियों से जुड़ने की संभावना अधिक होती है: P&H हाईकोर्ट ने ड्रग्स मामले में किशोर को जमानत दी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाशिए पर पड़े समुदायों के बारे में रूढ़िबद्ध धारणा के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि यह मान लेना मनमाना है कि झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के अपराधियों के संपर्क में आने की संभावना अधिक होती है। न्यायालय ने यह टिप्पणी एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में विधि-संघर्षरत बालक (CICL) को ज़मानत देते हुए की, जिसमें 39.7 किलोग्राम गांजा (व्यावसायिक मात्रा) शामिल था। इस मामले में अधिकतम तीन साल की सज़ा में से उसने दो साल हिरासत में बिताए थे।अतिरिक्त सत्र...

PCS Rules| सेवा से असंबंधित आपराधिक कार्यवाही ग्रेच्युटी रोकने का आधार नहीं हो सकती: पी एंड एच हाईकोर्ट
PCS Rules| सेवा से असंबंधित आपराधिक कार्यवाही ग्रेच्युटी रोकने का आधार नहीं हो सकती: पी एंड एच हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में पंजाब सिविल सेवा नियमों व्याख्या की और कहा कि किसी कर्मचारी के आधिकारिक कर्तव्यों से अलग आपराधिक कार्यवाही को ग्रेच्युटी रोकने का आधार नहीं बनाया जा सकता। मृतक कर्मचारी के परिवार को ग्रेच्युटी देने से इसलिए इनकार कर दिया गया क्योंकि एक आपराधिक मामले में बरी किए जाने के खिलाफ अपील सुप्रीम कोर्ट में लंबित थी। न्यायालय ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे याचिका दायर करने की तिथि से 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ तीन महीने के भीतर मृतक कर्मचारी की...