पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा कोर्ट ने हत्या कर दिए गए व्यक्ति के सिर पर मैं चोर हूं लिखने के आरोपी को अग्रिम जमानत देने से किया इनकार

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ऐसे मामले में आरोपी आदमी को अग्रिम जमानत देने से मना किया, जिसमें एक व्यक्ति की कथित तौर पर मौत हो गई, जब आरोपियों ने उसका आधा सिर ज़बरदस्ती मुंडवा दिया था और उसे छत पर ले जाकर बेइज्जत किया। कोर्ट ने माना कि आरोपों की प्रकृति और जांच के स्टेज को देखते हुए कस्टडी में पूछताछ ज़रूरी है।जस्टिस सुमीत गोयल ने आरोपी शशि कांत द्विवेदी की याचिका खारिज करते हुए यह आदेश दिया, जिसमें कहा गया,"इस स्टेज पर रिकॉर्ड पर ऐसा कोई मटीरियल नहीं है, जिससे यह माना जा सके कि याचिकाकर्ता के...

प्रॉपर्टी डील में सिविल स्कोर सेटल करने के लिए क्रिमिनल प्रोसीडिंग्स का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने FIR रद्द की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक लैंड एग्रीमेंट विवाद से जुड़ी धोखाधड़ी और जालसाजी की FIR यह मानते हुए रद्द की कि क्रिमिनल केस सिविल लायबिलिटी से बचने के लिए दर्ज किया गया और यह क्रिमिनल प्रोसेस का गलत इस्तेमाल था।जस्टिस एच.एस. ग्रेवाल ने कहा,"पहली नज़र में पिटीशनर्स के खिलाफ आरोप नहीं बनते, क्योंकि जिस एग्रीमेंट टू सेल की बात हो रही है, वह एक असली डॉक्यूमेंट है, जो एक रजिस्टर्ड एग्रीमेंट है। कटिंग या ओवरराइटिंग का कोई आरोप नहीं है, जो रिकॉर्ड में साफ दिख सकता है और यह आरोप कि "Rs.1.25 करोड़" के...

जज पर झूठे आरोप लगाने के आरोपी के खिलाफ केस रद्द, हाईकोर्ट ने DGP से BNSS की धारा 215 पर पुलिस अवेयरनेस प्रोग्राम चलाने को कहा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ज्यूडिशियल ऑफिसर के खिलाफ झूठे आरोप लगाने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ शुरू की गई क्रिमिनल कार्रवाई यह मानते हुए रद्द की कि मुकदमा कोड ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीजर (CrPC) की धारा 195 के तहत ज़रूरी प्रोसीजरल सेफगार्ड्स का उल्लंघन करके शुरू किया गया।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा कि स्टेशन हाउस ऑफिसर द्वारा फाइल किया गया कलंद्रा मेंटेनेबल नहीं था, जहां ओरिजिनल कंप्लेंट एक बड़े पुलिस अथॉरिटी को की गई। कार्रवाई रद्द करते हुए कोर्ट ने पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस को भारतीय नागरिक...

नो वर्क नो पे तब लागू नहीं होता, जब अधिकारी कर्मचारी को उसकी गलती के बिना काम से दूर रखते हैं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी कर्मचारी को पहले गलत तरीके से प्रमोशन न मिलने के बाद रेट्रोस्पेक्टिव या डीम्ड प्रमोशन दिया जाता है तो एम्प्लॉयर “नो वर्क नो पे” के सिद्धांत का इस्तेमाल करके उसे होने वाले पैसे के फायदे देने से मना नहीं कर सकता।कोर्ट ने एक सरकारी कर्मचारी की उस याचिका को मंज़ूरी दी, जिसमें उसने डिपार्टमेंट के आदेशों के उन क्लॉज़ को चुनौती दी थी, जिनमें उसे रेट्रोस्पेक्टिव प्रमोशन देने के बावजूद सैलरी का बकाया देने से मना कर दिया गया।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा,"'नो...

दिव्यांग कर्मचारी की सुलभ आवास की मांग पर पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने याचिका को जनहित याचिका माना

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति द्वारा दायर याचिका को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार की। याचिकाकर्ता ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधानों के अनुरूप संरचनात्मक रूप से उपयुक्त और आवश्यक सुलभता संशोधनों वाले आवास के आवंटन की मांग की।याचिकाकर्ता स्वयं अदालत में उपस्थित हुए। उन्हें दाहिने पैर में स्थायी दिव्यांगता है, जिसमें अंग का क्षीण होना और छोटा होना दाहिनी ओर की मांसपेशियों का पक्षाघात तथा कूल्हे और घुटने के जोड़ों में विकृति शामिल है। उन्हें दाहिने पैर...

किसी महिला को देखकर गली में आज चांद निकला कहना अश्लील या सेक्शुअली नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने FIR रद्द की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुग्राम के एक रहने वाले के खिलाफ हाउसिंग सोसाइटी ग्रुप में किए गए WhatsApp कमेंट को लेकर दर्ज FIR रद्द की। कोर्ट ने कहा कि यह कमेंट, हालांकि "अच्छे टेस्ट में नहीं" है, लेकिन इंडियन पैनल कोड (IPC) के तहत अश्लीलता, सेक्शुअल हैरेसमेंट या शर्मिंदगी का अपमान नहीं है।कमेंट किया गया था,"जाने कितने दिनों के बाद सोसाइटी में अब चांद निकला।" जस्टिस शालिनी सिंह नागपाल ने कहा,"IPC की धारा 294 के तहत दोषी ठहराने के लिए इस्तेमाल किए गए शब्द ऐसे होने चाहिए, जो उस व्यक्ति के मन...

स्क्रीनिंग स्टेज पर छूट लेने वाला रिज़र्व कैंडिडेट जनरल कैटेगरी में माइग्रेशन का दावा नहीं कर सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि मल्टी-टियर सिलेक्शन प्रोसेस के स्क्रीनिंग स्टेज पर छूट लेने वाला रिज़र्व कैटेगरी का कैंडिडेट बाद में फ़ाइनल मेरिट में मिले ज़्यादा मार्क्स के आधार पर जनरल कैटेगरी में माइग्रेशन का दावा नहीं कर सकता।याचिका खारिज करते हुए जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा,"कोई रिज़र्व कैटेगरी का कैंडिडेट जो एग्जाम प्रोसेस के किसी भी स्टेज पर, जिसमें प्रीलिमिनरी/स्क्रीनिंग स्टेज भी शामिल है, छूट लेता है, उसके बाद अनरिज़र्व्ड वैकेंसी के लिए अलॉटमेंट का दावा नहीं कर सकता।" ...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रायल में देरी पर जज से जवाब मांगा, पब्लिक प्रॉसिक्यूटर, डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी को समन भेजा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने क्रिमिनल केस में चार्ज फ्रेम होने में पांच साल की देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट और प्रॉसिक्यूटर दोनों ही अपनी ड्यूटी निभाने में “बहुत लापरवाह” लग रहे हैं।कोर्ट को बहस के दौरान बताया गया कि केस में चालान 31.07.2021 को पेश किया गया और तब से मामला चार्ज फ्रेम होने के स्टेज पर पेंडिंग है।जस्टिस एन.एस. शेखावत ने कहा,"आज बहस के दौरान कोर्ट को बताया गया कि इस केस में चालान 31.07.2021 को पेश किया गया और तब से केस चार्ज फ्रेम होने के लिए लिस्टेड है।...

लीगल प्रोफेशन सर्विस ओरिएंटेड, धर्म में निहित: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्टेट लॉ ऑफिसर्स के अधिकारों पर कहा

यह देखते हुए कि लीगल प्रोफेशन स्वाभाविक रूप से सर्विस-ओरिएंटेड है और ऐतिहासिक रूप से धर्म के कॉन्सेप्ट में निहित है, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में स्टेट लॉ ऑफिसर्स के संवैधानिक रुतबे पर ज़ोर दिया। साथ ही यह भी कहा कि सिर्फ़ उनके काम को "कॉन्ट्रैक्टुअल" बताकर उनके अधिकारों को कम नहीं किया जा सकता।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा,"लीगल प्रोफेशन असल में एक सर्विस-ओरिएंटेड प्रोफेशन है। लीगल प्रोफेशन का इतिहास खुद न्याय के इतिहास से जुड़ा हुआ है। वकील अधिकारों के प्रवक्ता, झगड़ों के मीडिएटर और...

पूर्णकालिक दायित्व निभाने वाले विधि अधिकारियों को केवल संविदा नहीं कहा जा सकता, वे मेडिकल लाभ व अर्जित अवकाश के हकदार: पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा नियुक्त सहायक एडवोकेट जनरल (AAG) और डिप्टी एडवोकेट जनरल (DAG) को केवल संविदा नियुक्ति का नाम देकर मूल सेवा लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता।अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे अधिकारियों को अवकाश यात्रा रियायत, मेडिकल प्रतिपूर्ति और अर्जित अवकाश सहित अन्य लाभ दिए जाने चाहिए।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा,“याचिकाकर्ता AAG/DAG के रूप में राज्य सरकार के अन्य विधि अधिकारियों की तुलना में अधिक दायित्व और कार्यभार निभा रहे हैं। वे...

कब्र की खामोशी को वारिसों के साइन से नहीं बदला जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने समझौते पर लापरवाही से मौत का मामला रद्द करने से किया इनकार

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने माना कि IPC की धारा 304-A के तहत इंसानी जान के नुकसान से जुड़ी क्रिमिनल कार्रवाई सिर्फ़ आरोपी और मृतक के रिश्तेदारों के बीच समझौते के आधार पर रद्द नहीं की जा सकती, यह देखते हुए कि “कब्र की खामोशी को समझौते के डीड पर वारिसों के साइन से नहीं बदला जा सकता।”जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा,"समझौते के आधार पर क्रिमिनल कार्रवाई को रद्द करने का ज़रूरी आधार पीड़ित की आरोपी के खिलाफ़ कोई मौजूदा शिकायत न होने पर टिका है। हालांकि, हत्या की लापरवाही के मामलों में, मृतक ही मुख्य पीड़ित...

अर्नेश कुमार गाइडलाइंस का उल्लंघन: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका में दोनों राज्यों के चीफ सेक्रेटरी और DGP को नोटिस जारी किया

अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का लगातार पालन न करने पर प्रकाश डालते हुए महत्वपूर्ण आदेश में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब और हरियाणा राज्यों के चीफ सेक्रेटरी और डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) को नोटिस जारी कर पूछा कि उनके खिलाफ कंटेम्प्ट की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा,“02.07.2014 के फैसले की कॉपी सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के चीफ सेक्रेटरी और डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस और सभी हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को आगे...

अनुशासनात्मक दंड अपराध के अनुरूप होना चाहिए: पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने रिटायर के बाद दी गई सजा में किया संशोधन

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि विभागीय कार्रवाई में लगाया गया दंड सिद्ध कदाचार की गंभीरता के अनुरूप होना चाहिए। अदालत ने रिटायरमेंट के बाद वेतनमान में 21 चरणों की कटौती के दंड को अत्यधिक मानते हुए उसमें संशोधन किया।जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा,“अनुशासनात्मक कार्यवाही में हस्तक्षेप का दायरा अत्यंत सीमित है। यह स्थापित विधि है कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत यह हाइकोर्ट तभी हस्तक्षेप कर सकता है जब निष्कर्ष मनमाने, असंगत, प्रक्रियात्मक त्रुटि से ग्रस्त या स्पष्ट पूर्वाग्रह से प्रभावित...

दिव्यांग लाइनमैन को प्रमोशन नहीं मिला, जबकि जूनियर को प्रमोशन दिया गया: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नोशनल रेगुलराइजेशन दिया

दिव्यांगता के अधिकारों और सर्विस में बराबरी पर अहम फैसले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि सर्विस के दौरान परमानेंट डिसेबिलिटी झेलने वाले कर्मचारी को भेदभाव वाले तरीके से प्रमोशन देने से मना नहीं किया जा सकता, जबकि उसी तरह के जूनियर को प्रमोशन दिया गया हो।जस्टिस नमित कुमार ने कहा,"वादी के साथ भेदभाव करने वाला रेस्पोंडेंट-डिपार्टमेंट का ऐसा बेबुनियाद काम पूरी तरह से गलत है। इसे किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता। इसलिए इस कोर्ट का मानना ​​है कि रेस्पोंडेंट-डिपार्टमेंट का वादी के साथ...

NI Act | चेक बाउंस मामलों में 20% डिपॉज़िट का नियम, माफ़ी सिर्फ़ विशेष स्थिति में: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

यह देखते हुए कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (NI Act) की धारा 148 के तहत कानूनी डिपॉज़िट माफ़ी मांगने के लिए खास या मजबूर करने वाले हालात दिखाने की ज़िम्मेदारी दोषी की है, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि मुआवज़े की रकम का कम से कम 20% डिपॉज़िट करने का निर्देश अपील स्टेज पर आम नियम है।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा,"दोषी की यह ज़िम्मेदारी है कि वह अपील कोर्ट को NI Act की धारा 148 के तहत डिपॉज़िट की कानूनी ज़रूरत को माफ करने या उसमें ढील देने के लिए मनाने के लिए खास, असाधारण या मजबूर करने वाले...

पेंशन के लिए पूर्व सेवा की गणना पर कोई टकराव नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट की पूर्ण पीठ का स्पष्ट निर्णय

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट की पूर्ण पीठ ने पेंशन संबंधी लाभ के लिए पूर्व सेवा की गणना को लेकर दो खंडपीठ के निर्णयों में कथित विरोधाभास के प्रश्न पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।अदालत ने कहा कि दोनों निर्णय अलग-अलग तथ्यात्मक और वैधानिक परिस्थितियों में दिए गए, इसलिए उनमें किसी प्रकार का वास्तविक टकराव नहीं है।चीफ जस्टिस शील नागू, जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज और जस्टिस जगमोहन बंसल की पीठ ने कहा,“किसी भी निर्णयों के बीच कथित टकराव वास्तविक, प्रत्यक्ष और अपूरणीय होना चाहिए, जो समान तथ्यों और समान विधिक...

वर्जन, क्रॉस-वर्जन का मामला: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वकील पर हमला करने के आरोपी व्यक्ति को अंतरिम अग्रिम जमानत दी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सोनीपत में पड़ोस के झगड़े के कारण वकील पर हमला करने के मामले में मुख्य आरोपी सौरव उर्फ ​​सौरव धैया को अंतरिम अग्रिम जमानत दी।आरोप है कि वकील पर जान से मारने के इरादे से हमला किया गया और उसकी कार का शीशा तोड़ दिया गया। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने भी सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए एक दिन की हड़ताल की।जस्टिस सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि यह मामला वर्जन और क्रॉस-वर्जन का मामला लगता है और शिकायतकर्ता को लगी चोटों को गंभीर नहीं बताया गया।"शिकायत करने वाले की मेडिको-लीगल...

एक ही FIR में दो अग्रिम जमानत याचिकाएं दायर करने पर हाईकोर्ट ने वकील को लगाई फटकार, 50 हजार रुपये जुर्माना

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने चावल व्यापार से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में वकील की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि एक ही FIR में अलग-अलग वकीलों के माध्यम से दो अग्रिम जमानत याचिकाएं दायर करना और दोनों में समान कार्यवाही लंबित न होने का हलफनामा देना फोरम शॉपिंग है और न्यायिक पवित्रता के विरुद्ध है।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा कि याचिकाकर्ता ने एक ही FIR के आधार पर दो अलग-अलग याचिकाओं के माध्यम से विवेकाधीन राहत मांगी। दोनों याचिकाओं के साथ यह शपथपत्र संलग्न था कि...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 5,700 किलो साइकोट्रोपिक ड्रग्स केस में ज़मानत देने से मना किया, कहा- कॉर्पोरेट लाइसेंस NDPS उल्लंघन को नहीं बचा सकते

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 1.37 करोड़ से ज़्यादा साइकोट्रोपिक टैबलेट की बड़ी ज़ब्ती से जुड़ी आठ स्थायी ज़मानत याचिकाओं को यह कहते हुए खारिज किया कि NDPS Act की धारा 37 की सख़्ती साफ़ तौर पर लागू होती है और लाइसेंस वाले फ़ार्मास्यूटिकल ऑपरेशन इस स्टेज पर ऑर्गनाइज़्ड डायवर्जन के आरोपों की गंभीरता को कम नहीं कर सकते।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा,"ज़मानत देना, हालांकि अपनी मर्ज़ी से होता है, लेकिन इसका दायरा छोटा होता है, जहां आरोप कानूनी बिज़नेस ऑपरेशन की आड़ में रेगुलेटेड फार्मास्यूटिकल चीज़ों को...