ताज़ा खबरे
फेयरवेल स्पीच में बोले जस्टिस ओक- सुप्रीम कोर्ट को चीफ जस्टिस-केंद्रित नहीं होना चाहिए
जस्टिस अभय ओक ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) द्वारा आयोजित अपने विदाई भाषण में अपनी न्यायिक यात्रा पर विचार किया और न्यायपालिका में सुधार के लिए विभिन्न सुझाव दिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में मामलों की सूचीकरण प्रथाओं के बारे में चिंता जताई और पारदर्शिता और निष्पक्षता में सुधार के लिए सुधारों का सुझाव दिया।उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को चीफ जस्टिस-केंद्रित संस्था होने से दूर जाना चाहिए। इसके बजाय हाईकोर्ट की तरह अधिक लोकतांत्रिक तरीके से काम करना चाहिए, जो समितियों और प्रशासनिक निकायों के...
Consumer Protection Act में डिस्ट्रिक्ट फोरम का Jurisdiction
इस एक्ट के अंतर्गत चले एक मुक़दमे में यह दलील पेश की गयी कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के परिप्रेक्ष्य में क्षेत्राधिकार वाले न्यायालयों को जिला मंच एवं राज्य आयोग में लम्बित मुकदमों से संबंधित सुनने का अधिकार नहीं है।इस तरह की दलील की विधि तथा उसका स्पष्टीकरण इस बात पर आधारित था, कि यह अधिनियम पर्याप्त बैंक लिपिक उपचार प्रदाय करता है इसी कारण रिट दाखिल नहीं की जा सकती है। यह अभिनिर्धारित किया गया कि सुप्रीम कोर्ट के तमाम निर्णयों को पर्यात वैकल्पिक उपचार होने के कारण अनुच्छेद 226 के अन्तर्गत उपचार...
Consumer Protection Act में डिस्ट्रिक्ट फोरम के संबंध में प्रावधान
इस एक्ट की धारा 34 में डिस्ट्रिक्ट फोरम के संबंध में इस प्रकार प्रावधान किये गए हैं-(1) इस अधिनियम अन्य उपबंधों के अधीन रहते हुए जिला आयोग को वहां परिवादों को स्वीकार करने की अधिकारिता होगी जहां वस्तुओं या सेवाओं के प्रतिफल के रूप में संदत्त मूल्य का (एक करोड़) से अधिक नहीं होता है :परंतु जहां केन्द्रीय सरकार ऐसा करना आवश्यक समझती है, तो वह ऐसा अन्य विहित कर सकेगी, जो वह ठीक समझे।(2) किसी जिला आयोग की स्थानीय सीमाओं में कोई परिवाद संस्थित किया जाएगा, जिसकी अधिकारिता में,-(क) परिवाद आरंभ करने के...
मैटरनिटी लीव प्रजनन अधिकारों का हिस्सा: सुप्रीम कोर्ट ने तीसरे बच्चे के लिए मैटरनिटी लीव देने से इनकार करने का फैसला किया खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट की खंडपीठ का आदेश खारिज कर दिया, जिसमें सरकारी शिक्षिका को उसके तीसरे बच्चे के जन्म के लिए मैटरनिटी लीव (Maternity Leave) देने से इनकार कर दिया गया था। इसमें राज्य की नीति के अनुसार दो बच्चों तक ही लाभ सीमित करने का हवाला दिया गया था।जस्टिस अभय ओक और जस्टिस उज्जल भुयान की खंडपीठ ने कहा कि मैटरनिटी बैनिफिट प्रजनन अधिकारों का हिस्सा हैं और मैटरनिटी लीव उन लाभों का अभिन्न अंग है।सुप्रीम कोर्ट ने कहा,“हमने प्रजनन अधिकारों की अवधारणा पर गहनता से विचार किया और माना कि...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने CAA-NRC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले 8 लोगों के खिलाफ दंगा और गैरकानूनी सभा का मामला खारिज किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में CAA-NRC के कार्यान्वयन के विरोध में 2019 में दंगा करने और गैरकानूनी सभा में भाग लेने के आरोपी आठ लोगों के खिलाफ शुरू किए गए अभियोजन को खारिज कर दिया।अभियोजन पक्ष के अनुसार सभी आरोपियों ने CAA-NRC के कार्यान्वयन के खिलाफ विरोध करने की साजिश रची और प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद मौके पर गैरकानूनी सभा बनाकर इकट्ठा हुए और सार्वजनिक संपत्तियों पर पत्थर, सोडा की बोतलें आदि फेंकी।एकल जज जस्टिस मोहम्मद नवाज ने अथौला जोकाटे और अन्य द्वारा दायर याचिका को अनुमति दी और उनके...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69,000 सहायक शिक्षकों को EWS आरक्षण देने से इनकार करने का फैसला बरकरार रखा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2020 में आयोजित सहायक अध्यापकों के पद पर भर्ती के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग श्रेणी के तहत आरक्षण का लाभ देने से इनकार करने वाले एकल जज का आदेश बरकरार रखा है। एकल जज ने 2020 में आयोजित भर्ती के उम्मीदवारों को लाभ देने से इनकार कर दिया था, क्योंकि यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश लोक सेवा (EWS के लिए आरक्षण) अधिनियम, 2020 के अधिनियमन से पहले शुरू की गई।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी ने माना था कि यद्यपि भर्ती की प्रक्रिया 103वें संविधान संशोधन के बाद शुरू हुई थी, लेकिन उत्तर प्रदेश लोक...
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 477 : विशेष मामलों में राज्य सरकार को केंद्र सरकार की सहमति
परिचयभारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023) की धारा 477 एक महत्वपूर्ण प्रावधान है जो केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करता है। यह धारा विशेष रूप से उन मामलों से संबंधित है जहाँ सजा को क्षमादान (remission), निलंबन (suspension) या रूपांतरण (commutation) देने की शक्तियाँ राज्य सरकार को तो प्राप्त हैं, परंतु उन्हें कुछ मामलों में केंद्र सरकार की सहमति के बाद ही प्रयोग किया जा सकता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केंद्र सरकार...
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 14, 15 और 16 के अंतर्गत सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख और सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 का उद्देश्य भारत में इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स और डिजिटल हस्ताक्षरों को वैधानिक मान्यता प्रदान करना है। इस अधिनियम के अध्याय पाँच में सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख (Secure Electronic Record) और सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर (Secure Electronic Signature) की परिभाषा और उनकी वैधता से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधान दिए गए हैं। इस अध्याय की धारा 14, 15 और 16, डिजिटल दुनिया में होने वाले लेन-देन, संविदाओं और दस्तावेजों की प्रामाणिकता को सुनिश्चित करने की दृष्टि से अत्यंत...
हाईकोर्ट में लंबित मामलों और जजों की कमी का संकट: न्याय में देरी, अन्याय के बराबर
भारत का संविधान न्याय को मौलिक अधिकार मानता है। हर नागरिक को त्वरित, सुलभ और निष्पक्ष न्याय मिलना चाहिए। लेकिन जब हम देश की न्याय प्रणाली की वास्तविक स्थिति को देखते हैं, खासकर हाईकोर्ट की स्थिति को, तो यह स्पष्ट होता है कि न्याय केवल कागज़ों पर तेज़ी से चलता है।न्यायालयों में मामलों की अत्यधिक संख्या और न्यायाधीशों की कमी के कारण न्याय की प्रक्रिया में बहुत अधिक देरी होती है। यह देरी न केवल न्याय को निरर्थक बनाती है, बल्कि लोगों के संवैधानिक अधिकारों का हनन भी करती है। भारत में हाईकोर्ट की...
राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 99 से 102-A : गांवों में भवन निर्माण को नियंत्रित करने का अधिकार
प्रस्तावनाराजस्थान भूमि राजस्व अधिनियम, 1956 एक ऐसा महत्वपूर्ण कानून है जो भूमि के प्रबंधन, उपयोग और आवंटन से जुड़े नियमों को नियंत्रित करता है। इस अधिनियम के तहत कई धाराएं बनाई गई हैं जो विशेष रूप से ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में भूमि के निर्माण, बिक्री, आवंटन और उपयोग के विषय में सरकार को अधिकार प्रदान करती हैं। इस लेख में हम विशेष रूप से धाराएं 99, 100, 101, 102 और 102-A की व्याख्या सरल भाषा में करेंगे और इनके अंतर्गत दिए गए प्रावधानों को उदाहरणों के माध्यम से समझने का प्रयास करेंगे। धारा...
HPPCL इंजीनियर की 'रहस्यमयी' मौत | हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मामला CBI को सौंपा, DGP ने SIT जांच पर जताई चिंता
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPPCL) के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की 'रहस्यमयी' मौत की जांच को 'असाधारण' स्थिति मानते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया।जस्टिस अजय मोहन गोयल की पीठ ने नेगी की पत्नी द्वारा जांच ट्रांसफर करने की मांग वाली याचिका स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किया। एकल जज ने केंद्रीय एजेंसी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि राज्य कैडर का कोई भी अधिकारी उसके द्वारा गठित SIT का हिस्सा न हो।अपने 71-पृष्ठ के आदेश में न्यायालय...
बिना सोचे-समझे एक ही तरह के आदेश पारित करने वाले DRT अधिकारी को 'ट्रेनिंग देने पर विचार करे' वित्त मंत्रालय: इलाहाबाद हाईकोर्ट
ऋण वसूली न्यायाधिकरण, (DRT) लखनऊ द्वारा बिना सोचे-समझे मामलों में पारित किए जा रहे इसी तरह के आदेशों को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि वित्त मंत्रालय को अधिकारियों को ट्रेनिंग देने पर विचार करना चाहिए, जिससे DRT सुचारू रूप से काम कर सके।याचिकाकर्ताओं ने अंतरिम राहत के लिए उनका आवेदन खारिज करने वाले DRT के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हालांकि आदेश के खिलाफ अपील स्वीकार्य थी, लेकिन यह तर्क दिया गया कि हालांकि अंतरिम राहत देने के समर्थन में कारण दिए गए, लेकिन उन्हें गलत तरीके से...
जज के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद हाईकोर्ट चीफ जस्टिस ने सूचीबद्ध मामला वापस लिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जज के विरुद्ध शिकायत मिलने के पश्चात चीफ जस्टिस शील नागू ने भ्रष्टाचार के मामले में FIR रद्द करने की याचिका उसी दिन वापस ले ली, जिस दिन इसे निर्णय के लिए सूचीबद्ध किया गया था। चीफ जस्टिस ने इस निर्णय को "संस्था के हित में" तथा न्यायाधीश की "प्रतिष्ठा की रक्षा" के लिए बताया।ऐसा करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चीफ जस्टिस की "किसी विशेष मामले को किसी स्पेशल बेंच को आवंटित करने अथवा किसी विशेष मामले को किसी स्पेशल बेंच से वापस लेकर किसी अन्य जज को आवंटित करने की...
'क्रिकेट के भगवान भी ऐसे ऐप्स का समर्थन कर रहे हैं': सट्टेबाजी ऐप्स और उनके सेलिब्रिटी विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने आज केंद्र सरकार से एक जनहित याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी ऐप को इस आधार पर प्रतिबंधित/विनियमित करने की मांग की गई है कि वे 'जुआ' के समान हैं। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने इवेंजलिस्ट डॉ केए पॉल (याचिकाकर्ता) की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया, जिन्होंने तर्क दिया कि ऑनलाइन/ऑफलाइन प्लेटफॉर्म पर सट्टेबाजी के कारण कई लोगों ने आत्महत्या की है।इस बात की ओर इशारा करते हुए कि इस तरह के ऐप के समर्थन को लेकर मशहूर हस्तियों और प्रभावशाली...
एक बार घरेलू हिंसा और CrPC की नई कार्यवाही शुरू हो जाए तो उन्हीं दावों के लिए लोक अदालत का अवार्ड अमल में नहीं लाया जा सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि यदि किसी पक्ष ने समझौते के आधार पर लोक अदालत से अवार्ड प्राप्त कर लिया तो वह फिर से उसी विषय पर मुकदमा शुरू कर और साथ ही उस अवार्ड को लागू करने की कोशिश नहीं कर सकता।जस्टिस संजय धर ने कहा,“एक बार जब घरेलू हिंसा अधिनियम (DV Act) और धारा 125 CrPC के तहत नई कार्यवाहियां शुरू कर दी जाती हैं और उसमें अंतरिम भरण-पोषण स्वीकृत हो जाता है तो पहले वाला अवार्ड उन्हीं दावों के लिए अमल योग्य नहीं रहता। उपाय या तो अवार्ड को लागू कराना है या पहले की...
सार्वजनिक स्थल पर महिला की मर्यादा भंग करना गंभीर अपराध, चाहे IPC की धारा 354 के तहत सजा का प्रावधान कुछ भी हो: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी महिला की सार्वजनिक स्थल पर मर्यादा भंग करने का अपराध समझौते के आधार पर समाप्त नहीं किया जा सकता। यह एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, भले ही भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 के तहत दी जाने वाली सजा एक वर्ष से पांच वर्ष तक की हो।जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी ने कहा,"इस तरह के मामलों में जैसे कि वर्तमान मामला है, जहां आरोप है कि दशहरा कार्यक्रम में सार्वजनिक स्थल पर 8-10 युवकों के समूह जिनमें तीन याचिकाकर्ता भी शामिल थे, ने शिकायतकर्ता...
सुप्रीम कोर्ट ने प्रसारण पर दोहरे कराधान को बरकरार रखा, कहा- राज्य केंद्र के सेवा कर के साथ-साथ मनोरंजन कर भी लगा सकते हैं
केबल टीवी, डिजिटल स्ट्रीमिंग और ओटीटी प्लेटफॉर्म जैसी प्रसारण सेवाओं पर मनोरंजन कर लगाने के राज्य के अधिकार को बरकरार रखते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने माना कि केंद्र और राज्य दोनों को केबल ऑपरेटरों और मनोरंजन सेवा प्रदाताओं जैसे करदाताओं पर क्रमशः सेवा कर और मनोरंजन कर लगाने का अधिकार है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने माना कि प्रसारण संचार का एक रूप है, जबकि मनोरंजन सूची II की प्रविष्टि 62 में उल्लिखित विलासिता की श्रेणी में आता है। Doctrine of Pith and Substance को लागू...
'सस्ता प्रचार': सुप्रीम कोर्ट ने CJI के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल की अनदेखी के लिए महाराष्ट्र के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (23 मई) को एक याचिकाकर्ता को कड़ी फटकार लगाई, जिसने पिछले सप्ताह की चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की मुंबई यात्रा के दरमियान प्रोटोकॉल में चूक के लिए महाराष्ट्र के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एक जनहित याचिका दायर की थी। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि यह "सस्ते प्रचार" के लिए दायर एक "प्रचार हित याचिका" थी।पीठ ने आदेश में कहा, "हम इस तरह की प्रथा की कड़ी निंदा...
ऑनलाइन जुए को नियंत्रित करने के लिए कड़े कानून की मांग वाली याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा
ऑनलाइन जुए के मुद्दे और युवाओं पर इसके प्रभाव से संबंधित जनहित याचिका में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और उन्हें चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।निवर्तमान चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ ने कहा,"नोटिस जारी किया गया। अमित सेठ, एडिशनल एडवोकेट जनरल प्रतिवादी/राज्य की ओर से नोटिस स्वीकार करते हैं। जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगते हैं। जवाब चार सप्ताह के भीतर दाखिल किया जाए।"अदालत ऑनलाइन जुए को नियंत्रित करने के लिए सख्त कानून...
वैधानिक बंदरगाह बकाया को सुरक्षित लेनदारों सहित अन्य दावों पर वितरण में प्राथमिकता मिलनी चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि प्रमुख बंदरगाह ट्रस्ट अधिनियम, 1963 की धारा 64 के तहत बनाए गए सर्वोच्च ग्रहणाधिकार के आधार पर वैधानिक बंदरगाह शुल्क सुरक्षित लेनदारों सहित अन्य सभी दावों पर वरीयता प्राप्त करते हैं और ऐसे दावों को सुरक्षित दावों के रूप में माना जाना चाहिए, क्योंकि उन्हें सुरक्षित लेनदारों से पहले भी प्राथमिकता के आधार पर भुगतान किया जाना चाहिए। जस्टिस अभय आहूजा की पीठ ने मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण द्वारा दायर कई आवेदनों को स्वीकार कर लिया, जिसमें कहा गया कि जीओएल ऑफशोर लिमिटेड (परिसमापन...




















