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भारत में दिव्यांगता, मेंटल हेल्थ और जेंडर आइडेंटिटी कानून: परिवर्तन का एक दशक
पिछले दशक में, भारत ने दिव्यांगता अधिकारों, मानसिक स्वास्थ्य और लिंग पहचान से संबंधित अपने कानूनी परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन देखा है। यह बदलाव सामाजिक दृष्टिकोण में व्यापक परिवर्तन को दर्शाता है - जो समावेश, सम्मान और स्वायत्तता की ओर बढ़ रहा है। मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम के पुराने प्रावधानों से लेकर अधिक प्रगतिशील मानसिक स्वास्थ्य सेवा अधिनियम, 2017 तक और कल्याण-आधारित दिव्यांगता कानूनों से दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत अधिकार-आधारित ढांचे तक, भारतीय कानून ने हाशिए...
हां, माई लार्ड्स सही कह रहे हैं। कुछ तो गलत है
न्यूनतम प्रैक्टिस की आवश्यकता का समर्थन करने वाले कई हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नए विधि स्नातक, जब सीधे बेंच में नियुक्त किए जाते हैं, तो अक्सर बार के प्रति असम्मानजनक व्यवहार करते हैं। यह तर्क दिया गया कि अनिवार्य प्रैक्टिस पेशेवर विनम्रता पैदा करेगी और न्यायिक आचरण में सुधार करेगी। तदनुसार सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को अपने संबंधित नियमों में संशोधन करने का निर्देश दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उम्मीदवारों को परीक्षा में बैठने से पहले कम से कम तीन साल की कानूनी...
क्या हाईकोर्ट आपराधिक मामलों में पूर्व में हुई जांच को निरस्त करके नई जांच का आदेश दे सकता है?
सुप्रीम कोर्ट ने वाई. बालाजी बनाम कार्तिक देसारी एवं अन्य (2023) मामले में एक अत्यंत गंभीर प्रश्न पर विचार किया कि क्या कोई हाईकोर्ट आपराधिक मामलों में पूर्व में हुई जांच को पूरी तरह निरस्त करके नई जांच (De Novo Investigation) का आदेश दे सकता है, वह भी तब जब जांच के दौरान कई चरण पूरे हो चुके हों, रिपोर्ट दाखिल हो चुकी हो और अदालतों द्वारा संज्ञान (Cognizance) भी लिया जा चुका हो।यह निर्णय न्यायिक शक्ति की सीमा, निष्पक्ष जांच (Fair Investigation), और सार्वजनिक सेवा में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों...
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के अध्याय X की धाराएं 48, 57 से 60 : अपीली अधिकरण
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act, 2000) भारत में साइबर कानून से संबंधित प्रमुख कानून है, जो डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन, साइबर अपराध, डेटा सुरक्षा और इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणन को कानूनी मान्यता देता है।इस अधिनियम के अध्याय X में "अपील अधिकरण" (Appellate Tribunal) की व्यवस्था की गई है। यह अधिकरण उन मामलों की सुनवाई करता है जिनमें कोई व्यक्ति नियंत्रक (Controller) या न्यायनिर्णय अधिकारी (Adjudicating Officer) के आदेश से असंतुष्ट होता है। धारा 48 - अपीली अधिकरण (Appellate...
राजस्थान भूमि राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 147 से 152 : किराया दरों का निर्धारण
धारा 147: नियम बनाने की शक्तिधारा 147 में राज्य सरकार को यह अधिकार दिया गया है कि वह अधिसूचना (Notification) द्वारा सरकारी राजपत्र (Official Gazette) में नियम बना सकती है, जो सेटलमेंट अधिकारियों की कार्यप्रणाली (Procedure) को नियंत्रित करेंगे। इसका उद्देश्य यह है कि सेटलमेंट प्रक्रिया एक समान और पारदर्शी तरीके से चले तथा सभी अधिकारी स्पष्ट दिशा-निर्देशों का पालन करें। जैसे मान लीजिए कि राज्य सरकार ने यह नियम बना दिया कि किसी भी आर्थिक सर्वेक्षण के बाद 30 दिनों के भीतर आकलन समूह (Assessment...
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धाराएं 498, 499 और 500: आपराधिक मामलों में संपत्ति के अंतिम निपटान और उससे जुड़ी अपील
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bhartiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023) के अध्याय 36 में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत संपत्ति के निपटान से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधान सम्मिलित किए गए हैं। इनमें धारा 498 आपराधिक मामले की जांच, पूछताछ या विचारण के पूर्ण हो जाने के बाद संपत्ति के अंतिम निपटान का अधिकार प्रदान करती है।धारा 499 निर्दोष खरीदार को राहत देने से संबंधित है, जबकि धारा 500 ऐसे निपटान आदेशों के विरुद्ध अपील की व्यवस्था प्रदान करती है। यह तीनों धाराएं आपस में गहराई से जुड़ी हैं और आपराधिक...
सेलेबी ने अडानी के अहमदाबाद एयरपोर्ट को उसकी सेवाएं बदलने पर अंतिम फैसला लेने से रोकने के लिए गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया
गुजरात हाईकोर्ट ने गुरुवार (5 जून) को सेलेबी ग्राउंड हैंडलिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर अपील पर नोटिस जारी किया, जिसमें वाणिज्यिक न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें अदानी समूह द्वारा संचालित अहमदाबाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ग्राउंड हैंडलिंग सेवाओं के लिए समझौते को समाप्त करने पर उसकी अंतरिम याचिका को खारिज कर दिया गया था। जस्टिस देवन एम देसाई की अवकाश पीठ ने मामले की कुछ देर तक सुनवाई करने के बाद अपने आदेश में कहा, "प्रतिवादी को 10 जून तक जवाब देने के लिए नोटिस जारी...
आपत्तिजनक वीडियो मामले में लॉ स्टूडेंट शर्मिष्ठा पनोली को मिली अंतरिम जमानत
कोलकाता हाईकोर्ट ने गुरुवार (6 जून) को लॉ स्टूडेंट शर्मिष्ठा पनोली को अंतरिम राहत देते हुए अंतरिम जमानत दी।पनोली को आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें मुसलमानों को लेकर 'ऑपरेशन सिंदूर' के संदर्भ में कथित रूप से आपत्तिजनक बातें कही गई थीं।इससे पहले की सुनवाई में अदालत ने पनोली को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है कि आप दूसरों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचा सकते हैं।शर्मिष्ठा पनोली लॉ स्टूडेंट हैं। उन...
सरकार द्वारा बुनियादी ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल रहने पर दिव्यांग कर्मचारी को दंडित नहीं किया जा सकता: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम के अनुसार यह सरकार का कर्तव्य है कि वह सुनिश्चित करे कि सार्वजनिक स्थान दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सुलभ हों और ऐसा करने में किसी भी तरह की विफलता दिव्यांग सरकारी कर्मचारी के लिए हानिकारक नहीं होनी चाहिए।जस्टिस ए. मुहम्मद मुस्ताक और जस्टिस जॉनसन जॉन की खंडपीठ ने टी. राजीव द्वारा दायर मामले में यह टिप्पणी की, जो पोलियो के बाद अवशिष्ट पक्षाघात के कारण 60% लोकोमोटर दिव्यांगता से पीड़ित हैं।वे मोटर वाहन विभाग में सीनियर ग्रेड...
सीजेआई बीआर गवई को अगर जादुई छड़ी दी जाए तो वे भारतीय मध्यस्थता व्यवस्था में चार बड़े बदलाव करेंगे
सीजेआई बीआर गवई ने हाल ही में बताया कि अगर उन्हें जादुई 'छड़ी' दी जाए तो वे भारत में मौजूदा मध्यस्थता व्यवस्था में चार बड़े बदलाव करेंगे।सीजेआई लंदन में एलसीआईए इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सिम्पोजियम में बोल रहे थे।जब उनसे पूछा गया,"अगर आप एक छड़ी घुमाकर भारत में आज की मध्यस्थता प्रथा में चीज़ बदल सकते हैं तो वह क्या होगी?"सीजेआई ने अपने जवाब में चार प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया:(1) लंबी मुकदमेबाजी के बिना मध्यस्थता अवार्ड कीअंतिमता (2) अनिवार्य विकल्प के रूप में संस्थागत मध्यस्थता (3)...
बिना आरोप पत्र के पासपोर्ट जब्त करना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन, केवल FIR दर्ज करना 'लंबित कार्यवाही' नहीं: J&K हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने संवैधानिक अधिकारों की पवित्रता की पुष्टि करते हुए, फैसला सुनाया कि केवल आपराधिक मामला दर्ज करना पासपोर्ट अधिनियम की धारा 10(3) के खंड (ई) के तहत निर्धारित कार्यवाही नहीं है।जस्टिस सिंधु शर्मा ने कहा कि आपराधिक न्यायालय के समक्ष कार्यवाही को लंबित मानने के लिए, केवल एफआईआर नहीं बल्कि आरोप पत्र दायर किया जाना चाहिए।ये टिप्पणियां सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सज्जाद अहमद खान द्वारा दायर एक रिट याचिका में आईं, जिसमें विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निरोधक (सीबीआई...
Child Custody | माता-पिता द्वारा नाबालिग को जबरन नए स्थान पर ले जाना, उन्हें संरक्षकता प्रदान करने के लिए 'सामान्य निवासी' नहीं बनाता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि जब किसी नाबालिग बच्चे को उसके माता या पिता में से कोई एक जबरन शिफ्ट करता है, जबकि वे उस बच्चे की कस्टडी के लिए एक दूसरे से संघर्षरत हैं, तो ऐसी शिफ्टिंग ऐसे अभिभावक को संरक्षकता प्रदान करने के लिए क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र प्रदान नहीं करेगा। संरक्षक एवं प्रतिपाल्य अधिनियम (Guardians & Wards Act) की धारा 9 में निर्धारित किया गया है कि जिस स्थान पर नाबालिग 'सामान्य रूप से रहता है', वहां अधिकार क्षेत्र रखने वाले जिला न्यायालय को नाबालिग की संरक्षकता...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ की मस्जिद के पास जबरन 'हनुमान चालीसा' पढ़ने के आरोपी दो युवकों का जमानत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा समिति के एक नेता सहित दो लोगों को जमानत दे दी, जिन्हें इस साल मार्च में यूपी के मेरठ में एक मस्जिद के पास जबरन 'हनुमान चालीसा' पढ़ने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। जस्टिस राजबीर सिंह की पीठ ने सचिन सिरोही और संजय समरवाल को जमानत दे दी, जिन पर मेरठ पुलिस ने धारा 191(2) [दंगा], 196 [विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना और सद्भाव बनाए रखने के लिए हानिकारक कार्य करना], 197 [राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक आरोप, दावे] बीएनएस के...
पूर्व सैनिकों के मामले में सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णयों का अनुपालन नहीं कर रहा केंद्र, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने की आलोचना
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भूतपूर्व सैनिकों के अधिकारों के प्रति असंवेदनशील रवैये के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की है। न्यायालय ने कहा कि सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का अनुपालन न करने के कारण सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी) पर मुकदमेबाजी का बोझ बढ़ रहा है।जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस एचएस ग्रेवाल ने कहा, "हम प्रतिदिन भूतपूर्व सैनिकों को अपने अधिकारों के लिए एएफटी के पास जाते हुए देख रहे हैं, जो सर्वोच्च न्यायालय के अंतिम निर्णयों द्वारा पहले ही स्पष्ट हो चुके हैं। सुप्रीम...
केरल हाईकोर्ट ने ट्रांसजेंडर माता-पिता को पिता या माता के बजाय 'माता-पिता' के रूप में दर्शाने की अनुमति दी
केरल हाईकोर्ट ने देश के पहले ट्रांसजेंडर माता-पिता जाहद और जिया द्वारा अपने बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में पिता और माता से माता-पिता के रूप में उनका विवरण बदलने के लिए दायर याचिका को अनुमति देते हुए कहा कि कानून को समाज में होने वाले परिवर्तनों के साथ विकसित होना चाहिए।कोर्ट ने कहा,“कानून स्थिर नहीं रह सकता है, लेकिन इसे समाज में होने वाले परिवर्तनों और समाज के सदस्यों की जीवन शैली के अनुसार विकसित होना चाहिए।”जाहद नामक ट्रांसमैन ने बच्चे को जन्म दिया था। जन्म प्रमाण पत्र में पिता का नाम जिया...
2016 से गोवा में लॉन्ग टर्म वीजा पर रहने वाले पाकिस्तानी नागरिक ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
2016 से गोवा में लॉन्ग टर्म वीजा पर रहने वाले पाकिस्तानी नागरिक ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।जस्टिस संजय करोल और सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया गया।सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना का हवाला दिया, जिसके अनुसार 27 अप्रैल से पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए वीजा रद्द कर दिए गए हैं।इसके जवाब में जस्टिस करोल ने कहा,"तो वापस चले जाओ।"वकील ने जवाब दिया कि याचिकाकर्ता वापस जाने का विरोध नहीं कर रहा है...
लगभग 2 साल बीत गए, एक भी गवाह से पूछताछ नहीं हुई: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने NDPS आरोपी को जमानत दी, मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार (3 जून) को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत एक आरोपी को जमानत दी। निर्णय में मुकदमे की कार्यवाही शुरू करने में अनुचित देरी का हवाला दिया गया।जस्टिस राकेश कैंथला की पीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता एक साल और नौ महीने से हिरासत में है। यह भी देखा गया कि इस अवधि के दौरान अभियोजन पक्ष एक भी गवाह की जांच करने में विफल रहा। इस प्रकार, अदालत ने इस तरह की देरी को याचिकाकर्ता के त्वरित सुनवाई के मौलिक अधिकार का उल्लंघन माना।अदालत ने कहा,"याचिकाकर्ता...
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से मकान मालिक-किराएदार विवादों के लंबित मामलों पर गौर करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से कहा कि वह विभिन्न अदालतों में मकान मालिक-किराएदार विवादों के लंबित मामलों पर गौर करें और यदि बहुत से मामले अत्यधिक विलंबित पाए जाते हैं तो समय पर निपटान के लिए उचित कार्रवाई करें।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस मनोज मिश्रा की खंडपीठ ने हाल ही में आदेश दिया,"हम बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से अनुरोध करते हैं कि वह इस मुद्दे को उठाएं और मकान मालिक-किराएदार विवादों के लंबित रहने की अवधि के बारे में संबंधित अदालतों से रिपोर्ट मांगें। यदि यह पाया जाता है...
सुप्रीम कोर्ट ने रणथंभौर टाइगर रिजर्व में भीड़ नियंत्रित करने तथा त्रिनेत्र मंदिर के भक्तों के हितों को संतुलित करने के लिए समिति गठित की
सुप्रीम कोर्ट ने 30 मई को रणथंभौर टाइगर रिजर्व के भीतर भीड़-भाड़ वाली सभाओं तथा वाहनों के आवागमन के मुद्दों के समाधान का प्रस्ताव देने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की।न्यायालय ने राजस्थान राज्य को रिजर्व के मुख्य क्षेत्र में होने वाली किसी भी अवैध खनन गतिविधि पर तत्काल प्रतिबंध लगाने का भी निर्देश दिया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस एजी मसीह तथा जस्टिस एएस चंदुरकर की खंडपीठ रणथंभौर टाइगर रिजर्व के महत्वपूर्ण बाघ आवास (CTH)/मुख्य क्षेत्र में सुधार के लिए दिशा-निर्देश मांगने वाली...
सुप्रीम कोर्ट ने तिरुचेंदूर मंदिर के अभिषेक के लिए कार्यक्रम तय करने के लिए गठित पैनल में हस्तक्षेप करने से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका में हस्तक्षेप करने से इनकार किया, जिसमें तिरुचेंदूर स्थित अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर के लिए कुंभाभिषेकम (अभिषेक समारोह) का कार्यक्रम तय करने के लिए एक समिति गठित की गई थी।हालांकि, न्यायालय ने विवादित आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने की स्वतंत्रता दी।जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ तिरुचेंदूर स्थित अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर के विधाहर की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।यह याचिका मद्रास हाईकोर्ट के...




















